महासमुंद/किफायती जन आवास नियम 2025 गरीब एवं मध्यम वर्ग के लिए सस्ती दर, सुरक्षित एवं वैध कॉलोनियों में आवास उपलब्ध कराया जाएगा
महासमुंद/ छत्तीसगढ़ शासन के आवास एवं पर्यावरण विभाग द्वारा किफायती जन आवास नियम 2025 को राज्यभर में लागू किया गया है। इस नियम का उद्देश्य गरीब एवं मध्यम वर्ग के लोगों को सस्ती दरों पर व्यवस्थित, सुरक्षित एवं वैध कॉलोनियों में आवास उपलब्ध कराना है।
सहायक संचालक नगर तथा ग्राम निवेश श्री संजू लाल सिंघ ने बताया कि इस योजना के अंतर्गत छोटे भू-स्वामी भी लाभान्वित होंगे। जिनकी भूमि अधिकतम 2 एकड़ तक है, वे किफायती आवास योजना के तहत कॉलोनी विकसित कर सकेंगे। इसके लिए भूमि का न्यूनतम क्षेत्रफल 2 एकड़ एवं अधिकतम 10 एकड़ निर्धारित किया गया है। वहीं कॉलोनियों में विकसित किए जाने वाले भू-खण्डों का आकार 90 वर्ग मीटर से 150 वर्ग मीटर तक रखा गया है, जिससे मध्यम एवं निम्न आय वर्ग के लोगों के लिए आवास सुलभ हो सके।
नियम के लागू होने से राज्य में अवैध प्लाटिंग पर प्रभावी नियंत्रण लगेगा तथा अवैध कॉलोनियों को वैध बनाने की प्रक्रिया भी सरल होगी। इससे आम नागरिकों को कानूनी सुरक्षा प्राप्त होगी और शासन को राजस्व हानि से भी बचाया जा सकेगा।
कॉलोनी विकास के नियमों में व्यावहारिक संशोधन करते हुए छोटे एवं मध्यम भूखण्डों के लिए मुख्य मार्ग की चौड़ाई 7.5 मीटर एवं आंतरिक मार्ग की चौड़ाई 6 मीटर निर्धारित की गई है। साथ ही कॉलोनियों में सामुदायिक भवन, उद्यान, व्यावसायिक क्षेत्र एवं खुले स्थान जैसी मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित की जाएंगी। पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए डेवलपर्स को नक्शा स्वीकृति के समय घोषित सभी सुविधाओं का निर्माण अनिवार्य रूप से करना होगा, जिससे आम नागरिकों को किसी प्रकार की धोखाधड़ी से बचाया जा सके।
किफायती जन आवास योजना के तहत अनुमोदन हेतु इच्छुक आवेदकों को निर्धारित प्रारूप में ऑफलाइन आवेदन आवश्यक दस्तावेजों एवं निर्धारित शुल्क के साथ कार्यालय, सहायक संचालक, नगर तथा ग्राम निवेश, महासमुंद में प्रस्तुत करना होगा। योजना से संबंधित विस्तृत जानकारी संबंधित कार्यालय में संपर्क कर प्राप्त किया जा सकता है।



