बसना / बिना GST नंबर के बिल से कुछ पंचायत में भुगतान का खेल 14वें-15वें वित्त की राशि में अमानक बिलों से लाखों के भुगतान जनपद CEO बोले—, शिकायत पर होगी जांच कार्यवाही,!
बसना। महासमुंद जिले के बसना जनपद क्षेत्र की कुछ ग्राम पंचायतों में 14वें एवं 15वें वित्त आयोग की राशि से किए जा रहे भुगतानों को लेकर सवाल उठने लगे हैं। आरोप है कि कुछ पंचायतों में ऐसे बिलों के आधार पर भुगतान और आहरण किया जा रहा है, जिनमें GST नंबर का उल्लेख नहीं है। वहीं कुछ ऐसे बिल भी सामने आने की बात कही जा रही है, जिनसे संबंधित GST नंबर लंबे समय से gst नहीं भरने के कारण डीएक्टिवेट बताए जा रहे हैं।
सरकार पंचायतों में विकास कार्यों और वित्तीय भुगतान में पारदर्शिता की बात करती है, लेकिन यदि बिना आवश्यक GST विवरण वाले बिलों के आधार पर सरकारी राशि का भुगतान किया जा रहा है, तो यह व्यवस्था की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
GST नंबर नहीं, फिर भी भुगतान? महाजनपद न्यूज के पास उपलब्ध कुछ बिलों में GST नंबर स्पष्ट रूप से दिखाई नहीं दे रहा है। वहीं कुछ बिलों के संबंध में यह दावा किया जा रहा है कि उनमें दर्ज GST नंबर लंबे समय से डीएक्टिवेट हैं। ऐसे में सवाल यह उठता है कि क्या संबंधित पंचायतों में बिलों की जांच किए बिना ही भुगतान प्रक्रिया पूरी की जा रही है?
मामला केवल बसना जनपद तक सीमित होने का दावा नहीं है। जानकारी के अनुसार सरायपाली और पिथौरा क्षेत्र की कुछ ग्राम पंचायतों में भी ऐसे बिलों के उपयोग को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। हालांकि संबंधित पंचायतों में कितनी राशि का भुगतान इस प्रकार के बिलों के आधार पर हुआ है, यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
जनपद CEO ने कहा—GST जोड़ा है तो नंबर लिखना जरूरीमामले में बसना जनपद CEO पियूष सिंह ठाकुर से महाजनपद न्यूज ने चर्चा की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि इस तरह के बिल गलत हैं। उनका कहना था कि यदि बिल में GST जोड़ा गया है तो उस पर GST नंबर का उल्लेख होना जरूरी है।
जनपद CEO ने यह भी कहा कि लिखित शिकायत मिलने पर मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
जांच हुई तो सामने आ सकता है पूरा मामला
अब सवाल यह है कि जिन ग्राम पंचायतों में इस तरह के बिल लगाए गए हैं, वहां भुगतान से पहले बिलों की वैधता, GST पंजीयन और अन्य आवश्यक दस्तावेजों का सत्यापन किया गया था या नहीं? यदि GST नंबर डीएक्टिवेट होने के बावजूद भुगतान किया गया है, तो संबंधित बिलों की वैधता और भुगतान प्रक्रिया की भी जांच जरूरी होगी।
महाजनपद न्यूज के पास उपलब्ध बिलों और सामने आ रही शिकायतों की निष्पक्ष जांच होने पर ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि नियमों का उल्लंघन हुआ है या नहीं और यदि हुआ है तो इसके लिए जिम्मेदार कौन है।



