छत्तीसगढ़ के महासमुंद लोकसभा सीट से छत्तीसगढ़ के पूर्व गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू को कांग्रेस ने चुनावी मैदान में उतारा है, सारी अटकलों को विराम देते हुए 8 मार्च की देर शाम कांग्रेस ने लोकसभा चुनाव के लिए प्रत्याशियों की पहली लिस्ट जारी कर दी. इसमें छत्तीसगढ़ के बड़े कांग्रेसी नेता और पूर्व गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू को महासमुंद लोकसभा सीट से टिकट दिया है.
2023 के विधानसभा चुनाव में मिली थी हार
इससे पहले 2014 के लोकसभा चुनाव में ताम्रध्वज साहू को दुर्ग लोकसभा सीट से टिकट दिया गया था और इस चुनाव में उन्होंने जीत हासिल की थी, लेकिन छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव 2023 में दुर्ग ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र से मिली हार के बाद उन्हें महासमुंद लोकसभा सीट से टिकट दिया गया है.
महासमुंद सीट से उन्हें टिकट देने को लेकर यह भी कहा जा रहा है कि विधानसभा चुनाव में एंटी इनकंबेंसी उनके हार का कारण बनी, दुर्ग से लोकसभा चुनाव और फिर विधानसभा चुनाव में जीत हासिल करने के बाद इस सीट में सत्ता विरोधी लहर चली और इस लहर से ताम्रध्वज साहू को हार मिली. यही वजह है कि कांग्रेस के आलाकमान ने उन्हें महासमुंद लोकसभा सीट से चुनावी मैदान में उतारा है.
क्या जातिगत समीकरण के आधार पर मिला टिकट?
छत्तीसगढ़ की 11 लोकसभा सीटों में से 6 लोकसभा सीटों पर कांग्रेस के प्रत्याशियों की लिस्ट जारी कर दी गई है. एक नई रणनीति के तहत बड़े कांग्रेसी नेताओं को लोकसभा चुनाव का टिकट दिया गया है. पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के साथ पूर्व गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू भी लोकसभा चुनाव का टिकट मिला है. दरअसल ताम्रध्वज साहू चार बार विधायक और एक बार सांसद का चुनाव जीत चुके हैं, लेकिन 2023 के विधानसभा चुनाव में उन्हें दुर्ग के ग्रामीण विधानसभा से हार का सामना करना पड़ा, और अब कांग्रेस ने उन्हें महासमुंद लोकसभा सीट से प्रत्याशी बनाया है.
बीजेपी ने इस सीट से रूप कुमारी चौधरी को टिकट दिया है, जो कि ओबीसी वर्ग से है, इसी को ध्यान में रखते हुए कांग्रेस ने भी ओबीसी वर्ग के प्रत्याशी को टिकट दिया है ,
सामान्य सीट होने के बावजूद महासमुंद लोकसभा क्षेत्र में ओबीसी वर्ग की जनसंख्या ज्यादा है, यही वजह है कि भाजपा के साथ-साथ कांग्रेस ने भी जाति समीकरण को ध्यान में रखकर ताम्रध्वज साहू को टिकट दिया है जो की ओबीसी वर्ग से आते हैं और इस वर्ग के लोगो मे अपनी काफी अच्छी पकड़ रखते हैं.
ताम्रध्वज साहू का राजनीतिक जीवन
ताम्रध्वज साहू 1998 से 2013 तक लगातार 3 बार विधानसभा का चुनाव जीते, हालांकि उन्हें 2013 के विधानसभा चुनाव में हार मिली, इसके बाद कांग्रेस ने उन्हें 2014 के लोकसभा चुनाव में दुर्ग लोकसभा सीट से टिकट दिया और इस चुनाव में ताम्रध्वज साहू ने जीत हासिल की. इसके बाद सांसद रहते 2018 के विधानसभा चुनाव में उन्हें दुर्ग ग्रामीण विधानसभा सीट से टिकट मिला, और 2018 के चुनाव में ताम्रध्वज साहू ने भारी मतों से चुनाव जीता और कांग्रेस की सरकार में गृहमंत्री बनाए गए, हालांकि 2023 के विधानसभा में उन्हें हार का सामना करना पड़ा. इस हार की वजह एंटी इनकंबेंसी बनी.
इस वजह से लोकसभा चुनाव 2024 में उनकी सीट बदलते हुए महासमुंद से उन्हें टिकट दिया गया है. कांग्रेस के आलाकमान को उम्मीद है कि सीट में ओबीसी फैक्टर जरूर काम करेगा और ताम्रध्वज साहु चुनाव जीतेंगे, हालांकि बीजेपी ने भी इस सीट में ओबीसी फैक्टर का खेल खेला है, और रूप कुमारी चौधरी को प्रत्याशी बनाया है माना जा रहा है कि दोनों के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिलेगी.



