रायपुर/महासमुंद/कोरबा। छत्तीसगढ़ में नशे के खिलाफ बड़ी कार्यवाही करते हुए सरायपाली विशेष न्यायालय ने कफ सीरप तस्करी के दो आरोपियों को 20-20 वर्ष के सश्रम कारावास और 2-2 लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। साथ ही आदेश दिया गया है कि दोनों आरोपियों की नशे से अर्जित चल-अचल संपत्ति जब्त कर राजसात की जाएगी।
मामला दो जिलों से जुड़ा
मामले की शुरुआत 01 अप्रैल 2022 को हुई थी, जब महासमुंद जिले के सरसींवा रोड काशीपाली चौक के पास पुलिस ने दो आरोपियों –

ईश्वरी यादव, निवासी रामनगर चौकी मानिकपुर, थाना सिटी कोतवाली, जिला कोरबा

पंकज सिंह, निवासी आईटीआई रामपुर, थाना सिटी कोतवाली, जिला कोरबा
को 425 नग कफ सीरप (कुल 42.500 एमएल) के साथ पकड़ा था। आरोपी मोटरसाइकिल से ओडिशा की ओर से नशीली दवाओं का परिवहन कर रहे थे।
अदालत का कड़ा फैसला
विशेष न्यायाधीश सरायपाली श्रीमती वंदना दीपक देवांगन ने दोनों को एनडीपीएस एक्ट की धारा 21(ग) एवं 29 के तहत दोषी करार देते हुए 20-20 वर्ष की सजा सुनाई। अर्थदंड न भरने पर एक-एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
राजसात की कार्रवाई
नशा मुक्ति अभियान के तहत प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नशे के कारोबार से कमाई गई संपत्ति को भी बख्शा नहीं जाएगा। आरोपियों की चल-अचल संपत्ति जब्त कर राजसात की जाएगी, ताकि नशे का कारोबार करने वाले आर्थिक रूप से भी पूरी तरह टूट जाएँ।
राज्य स्तर पर संदेश
विशेष लोक अभियोजक (NDPS) देवेंद्र कुमार शर्मा ने कहा कि यह फैसला केवल महासमुंद या कोरबा जिले तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ में नशे के सौदागरों के लिए कड़ी चेतावनी है। शासन और पुलिस लगातार नशे के खिलाफ अभियान चला रहे हैं और ऐसे मामलों में कठोर सजा दिलाने का प्रयास किया जा रहा है।