महासमुंद: जिला सीईओ ने फटकारा अधिकारियों को– “जांच पूरी हुई तो रिपोर्ट क्यों अटकी है?”/ करोड़ों के फर्जी मामले में डोंगरीपाली, ग्रामीणों ने उठाया जांच प्रतिवेदन में देरी का मुद्दा महासमुंद जिला सीईओ आज पिथोरा ब्लॉक के डोंगरीपाली में जिला सीईओ का आगमन हुआ, और स्कूलों में जाकर किस तरह से बच्चों को पढ़ाया जा रहा है जायजा लिया गया,
ग्रामीणों से मिली प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार इस बीच पंचायत के शिकायत को लेकर शिकायतकर्ता एम.डी. सागर, खिरोद पटेल, अमितेष बरिहा, और ग्रामीणों के द्वारा जिला सीईओ सर् से पंचायत में हुए जांच के, जांचप्रतिवेदन के लिए मांग किये, और बताए कि किस तरह से जनपद पंचायत पिथौरा और अधिकारियों द्वारा घुमाया जा रहा है, जिला सीईओ ने अधिकारियों को कहा कि जांच अगर पूर्ण हो गया है तो क्यों इतने दिन तक घूम रहे हो, आश्वासन दिया गया है कि जल्द ही जांच प्रतिवेदन मिल जाएगा,
आपको बता दे कि मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत पिथौरा के आदेश द्वारा जांच टीम दिनांक 09/09/2025 को पंचायत भवन डोंगरीपाली पहुँचे थे और लगातार तीन दिन तक जांच चलने पर पता चला कि लगभग 2 करोड़ 50 लाख रुपए सरकार द्वारा डोंगरीपाली पंचायत के विकास कार्य के लिए दिया गया था, जिसमें से पंचायत सचिव हजारीलाल केवर्त और पूर्व सरपंच अहिल्या बरिहा के द्वारा 50 से 60 लाख रुपए तक का ही बिल पेश किया गया, बाकी सारा पैसा साहू इंटरप्राइजेज को भुगतान कर दिया गया है और बिल एक भी नहीं, और ना ही एक भी कार्य कार्यस्थल पर दिखा पाए,
*अब सवाल यह उठता हैं कि जांच प्रतिवेदन के लिए इतना विलंब क्यों..* बता दे आपको जांच अधिकारी, श्री रामनारायण पटेल आ.वि.अ. ग्रा. यां. से. उपसंभाग पिथौरा, गुलाब प्रसाद सामल स.आ.ले.प.क.अ. जनपद पंचायत पिथौरा, डी.एल. बरिहा वि.वि.अधिकारी, जसवंत सिंह पैकरा उपअभियंता,
इनके द्वारा कहा गया था कि, 3 दिवस के भीतर जांच प्रतिवेदन मिल जाएगा, लेकिन आज 15 दिवस पूर्ण हो चुका अभी तक कोई जांच प्रतिवेदन शिकायत कर्ता को नही दिया गया है, आर. एन. पटेल जी को पूछे जाने पर कहा जाता है की, सचिव हमे कुछ कुछ दस्तावेज नहीं दे रहा है,
*सचिव* वहीं ग्राम पंचायत डोंगरीपाली में जांच अधिकारियों और ग्रामीणों की उपस्थिति में सचिव स्वयं बोला है कि मेरे पास सिर्फ ये 50 से 60 लाख रुपए का दस्तावेज ही है, बाकी सब साहू इंटरप्राइजेज को जो भुगतान हुआ है उसका एक भी बिल नही है,
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लेकिन अधिकारियों द्वारा जानबूझकर सरपंच सचिव और साहू इंटरप्राइजेज के मालिक को बचाने का प्रयास किया जा रहा है, और शिकायतकर्ता एंव ग्रामीणों को इधर-उधर की बाते करके गुमराह किया जा रहा है,
*जनपद पंचायत सीईओ* जनपद सीईओ का कहना है कि जो जांच अधिकारी बनकर गए थे, वही लोग देंगे मैं भी उनको बोल चुका हूं, जितना जल्दी हो सके जांच प्रतिवेदन दे दो, और जांचकर्ता अधिकारी कहते है सीईओ सर् आदेश करेंगे तभी दे पाएंगे, लेकिन पता नहीं इन जांच अधिकारियों पर किसका इतना दबाव है कि वह प्रतिवेदन नहीं दे पा रहे हैं…?
*शिकायतकर्ता एंव ग्रामीणों,-* शिकायतकर्ता और ग्रामीणों का जनपद पंचायत पिथौरा के अधिकारियों से कहना है कि, हमें जनपद पंचायत पिथौरा कार्यालय का घेराव या फिर अनशन में बैठने के लिए मजबूर ना करें, अगर जांच प्रतिवेदन शीघ्र नहीं दिया जाता, तो जनपद पंचायत पिथौरा का घेराव के लिए हम मजबूर हो जाएंगे,



