बसना के सरस्वती शिशु मंदिर में “शिशु नगरी” कार्यक्रम सम्पन्न, नन्हें बच्चों की झांकियों ने मोहा मन
बसना। सरस्वती शिशु मंदिर शिशु वाटिका, बसना में “शिशु नगरी” कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें नन्हे-मुन्ने विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा और संस्कारों की मनमोहक प्रस्तुति देकर सभी का दिल जीत लिया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वार्ड क्रमांक 12 की पार्षद श्रीमती विनीता अग्रवाल एवं विशिष्ट अतिथि मारवाड़ी युवा मंच की अध्यक्ष श्रीमती शालिनी अग्रवाल उपस्थित रहीं।
कार्यक्रम का शुभारंभ देव प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलन, दीप मंत्र एवं सरस्वती वंदना के साथ हुआ। विद्यालय के समन्वयक श्री रमेश कर ने शिशु वाटिका के 12 आयामों की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि विद्यालय में बच्चों के सर्वांगीण विकास के साथ संस्कार निर्माण पर विशेष ध्यान दिया जाता है।
मुख्य अतिथि श्रीमती विनीता अग्रवाल ने अपने उद्बोधन में कहा कि सरस्वती शिशु मंदिर केवल पढ़ाई का केंद्र नहीं, बल्कि संस्कारों की पाठशाला है। यहां बच्चों को बड़ों का सम्मान करना, प्रणाम करना तथा भारतीय संस्कृति से जुड़ना सिखाया जाता है। विशिष्ट अतिथि श्रीमती शालिनी अग्रवाल ने भी विद्यालय की कार्यप्रणाली और बच्चों की प्रस्तुतियों की सराहना की।
कक्षा अरुण से द्वितीय तक के भैया-बहनों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। विभिन्न आकर्षक झांकियों में “ऑपरेशन सिंदूर”, “श्री राम दरबार”, “श्री कृष्ण लीला” एवं “शिव-पार्वती” विशेष आकर्षण का केंद्र रहे, जिन्हें दर्शकों ने खूब सराहा।
इस अवसर पर नरसिंह शिक्षा समिति के अध्यक्ष श्री रामचंद्र अग्रवाल, सचिव श्री धनेश्वर साहू, शिशु वाटिका के संरक्षक श्री सुभाष शर्मा, सदस्य कुमारी पुष्पा साव, श्री सांवरमल अग्रवाल, श्री सुभाष कुमार प्रधान, डॉ. केशव साहू, प्राचार्य श्री धनुर्जय साहू, वरिष्ठ आचार्य श्री अभिमन्यु दास सहित विद्यालय के समस्त दीदी-आचार्य, भैया-बहन एवं लगभग 115 अभिभावक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ। पूरे आयोजन ने यह संदेश दिया कि शिक्षा के साथ संस्कारों का समन्वय ही बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला है।



