महासमुंद: सिंघोड़ा के चीवरा कूटा से शुरू हुआ अवैध LPG गैस का खेल, अब 2 खाद्य अधिकारियों और एजेंसी संचालक की गिरफ्तारी तक जा पहुंची 1.5 करोड़ की गैस बेचने के आरोप
सरायपाली/महासमुंद। महासमुंद जिले के सिंघोड़ा थाना क्षेत्र अंतर्गत चीवरा कूटा से शुरू हुआ एलपीजी गैस का खेल अब बड़े घोटाले में तब्दील हो गया है। बहुचर्चित LPG गैस मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो खाद्य अधिकारियों और एक गैस एजेंसी संचालक को गिरफ्तार किया है। मामला करीब 1.5 करोड़ रुपए की एलपीजी गैस के अवैध रूप से निकालकर बेचने से जुड़ा है।
अनुसार कुछ माह पूर्व सिंघोड़ा क्षेत्र के चीवरा कूटा में गैस को अवैध रूप से रिफिलिंग किए जाने की शिकायत पर अधिकारियों ने कार्रवाई की थी। उसी मामले की जांच आगे बढ़ने पर अब बड़े स्तर पर मिलीभगत और गैस हेराफेरी का खुलासा हुआ है।
पुलिस के मुताबिक दिसंबर 2025 में 90 मीट्रिक टन LPG गैस ले जा रही 6 गैस कैप्सूल गाड़ियों को दस्तावेजों की कमी के चलते जब्त किया गया था। सभी वाहनों को थाने में खड़ा कराया गया था। जांच के दौरान सामने आया कि जब्त गैस और कैप्सूलों को लेकर अंदरखाने बड़ा खेल चल रहा था।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार जांच में खुलासा हुआ कि खाद्य अधिकारी अजय यादव, तथा गौरव गैस एजेंसी संचालक पंकज चंद्राकर ने कथित रूप से सुनियोजित तरीके से गैस से भरे 6 बड़े कैप्सूल अभनपुर स्थित ठाकुर पेट्रोकेमिकल्स को सौंप दिए। बाजार में इस गैस की कीमत करीब 1.5 करोड़ रुपए आंकी गई है।
आज यादव खाद्य अधिकारी का फोटो
पुलिस ने मामले में तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और उनसे पूछताछ जारी है। वहीं ठाकुर पेट्रोकेमिकल्स के संचालक संतोष ठाकुर और सार्थक ठाकुर फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस की टीमें उनकी तलाश में संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं।
सूत्रों के अनुसार जब्त गैस कैप्सूल को प्लांट परिसर में रखने की अनुमति प्रशासन स्तर से दी गई थी, जिसके बाद पूरे मामले ने और तूल पकड़ लिया। अब पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि आखिर इतनी बड़ी मात्रा में गैस का अवैध उपयोग और बिक्री किस नेटवर्क के जरिए की गई और इसमें अन्य किन लोगों की भूमिका रही।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में आगे और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं तथा जांच लगातार जारी है।



