महासमुंद। छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में बोर्ड परीक्षा के दौरान परीक्षा केंद्र का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने से शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया। मामला भंवरपुर स्थित स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी/हिंदी माध्यम विद्यालय परीक्षा केंद्र का है, जहां एक छात्रा डिजिटल कैमरा लेकर परीक्षा हॉल में पहुंच गई और वीडियो रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया।
जांच में परीक्षा केंद्र पर तैनात कर्मचारियों की बड़ी लापरवाही सामने आने के बाद लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) ने केंद्र अध्यक्ष, सहायक केंद्र अध्यक्ष और पर्यवेक्षक समेत कुल 5 कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
परीक्षा हॉल में पहुंचा डिजिटल कैमरा
जानकारी के अनुसार परीक्षा केंद्र क्रमांक 171031, स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी/हिंदी माध्यम विद्यालय भंवरपुर में बोर्ड परीक्षा चल रही थी। इसी दौरान एक छात्रा नियमों को तोड़ते हुए डिजिटल कैमरा लेकर परीक्षा कक्ष में पहुंच गई।
हैरानी की बात यह रही कि परीक्षा केंद्र में मौजूद कर्मचारियों और अधिकारियों द्वारा छात्रा की जांच के दौरान कैमरे को नहीं पकड़ा गया। छात्रा ने परीक्षा हॉल के अंदर वीडियो और ऑडियो रिकॉर्डिंग की, जो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गई।
जांच में सामने आई गंभीर लापरवाही
वीडियो वायरल होने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) महासमुंद द्वारा मामले की जांच कराई गई। प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में परीक्षा केंद्र पर सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी में गंभीर लापरवाही सामने आई।
लोक शिक्षण संचालनालय ने मामले को गंभीर मानते हुए छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के तहत कार्रवाई की। विभाग का कहना है कि परीक्षा जैसी संवेदनशील प्रक्रिया में इस प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जा सकती।
इन कर्मचारियों पर हुई कार्रवाई
कार्रवाई के तहत केंद्र अध्यक्ष गंगा प्रसाद पटेल, सहायक केंद्र अध्यक्ष अनिरूद्ध भोई और दिनेश कुमार दास, पर्यवेक्षक दुर्गाप्रसाद पटेल तथा नियमित भृत्य विजिया बुड़ेक को निलंबित किया गया है।
जारी आदेश के अनुसार निलंबन अवधि के दौरान सभी कर्मचारियों का मुख्यालय जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय महासमुंद निर्धारित किया गया है। साथ ही उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा।
7 दिनों में मांगा आरोप पत्र
शिक्षा विभाग ने जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए हैं कि सात दिनों के भीतर संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ आरोप पत्र तैयार कर संचालनालय को भेजा जाए।
इस घटना के बाद परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी प्रणाली पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। लोगों का कहना है कि यदि परीक्षा हॉल में इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस आसानी से पहुंच सकते हैं, तो इससे परीक्षा की गोपनीयता और निष्पक्षता प्रभावित हो सकती है।



