बसना: रबी फसल धान की ओपन नीलामी से खरीदी होगी शुरू, किसानों की मांग पर मंडी का फैसला
मंडी सचिव ने कहा किसानो के लिए होगी उचित व्यवस्था
बसना। बसना क्षेत्र में रबी सीजन की धान फसल तैयार होने के बाद अब बाजार व्यवस्था को लेकर किसानों की चिंता बढ़ गई है। किसानों का आरोप है कि क्षेत्र से बड़ी मात्रा में धान सीधे ओडिशा भेजा जा रहा है, जहां सरकार द्वारा लगभग 3100 रुपये प्रति क्विंटल तक समर्थन मूल्य पर खरीदी की जा रही है। वहीं स्थानीय स्तर पर कुछ बिचौलियों, कोचियों एवं धान मिलरों द्वारा किसानों से कम दाम पर धान खरीदी कर उसे ऊंचे दाम पर बाहर बेचा जा रहा है। इससे किसानों को उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा है और कृषि उपज मंडी के राजस्व को भी नुकसान हो रहा है।
इसी समस्या को लेकर कृषि उपज मंडी बसना प्रांगण में किसानों एवं मंडी अधिकारियों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में क्षेत्र के सैकड़ों किसान शामिल हुए और उन्होंने धान खरीदी व्यवस्था को लेकर अपनी समस्याएं अधिकारियों के सामने रखीं
किसानों ने कहा कि गांव-गांव में हो रही सीधी खरीदी के कारण उन्हें मजबूरी में कम कीमत पर धान बेचना पड़ता है। यदि मंडी में खुली नीलामी व्यवस्था शुरू हो जाए तो व्यापारी प्रतिस्पर्धात्मक बोली लगाएंगे और किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिल सकेगा।
बैठक में किसानों ने मांग रखी कि मंडी प्रांगण में ओपन नीलामी बोली के माध्यम से धान खरीदी शुरू कराई जाए, ताकि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से संचालित हो सके। किसानों ने यह भी कहा कि मंडी व्यवस्था सक्रिय होने से स्थानीय व्यापार को बढ़ावा मिलेगा और किसानों को निजी बिचौलियों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
किसानों की मांग पर मंडी अधिकारियों ने सहमति जताते हुए सोमवार से बसना कृषि उपज मंडी में रबी फसल धान खरीदी शुरू करने का निर्णय लिया। मंडी प्रशासन ने भरोसा दिलाया कि खरीदी प्रक्रिया को व्यवस्थित एवं पारदर्शी बनाया जाएगा।
मंडी में धान की बोली लगाकर खरीदी की जाएगी, जिससे किसानों को बाजार के अनुरूप उचित दर मिल सके।
मंडी सचिव श्रवण कुरुवंशी ने बताया कि किसानों की मांग को देखते हुए सोमवार से गर्मी फसल धान की खरीदी प्रारंभ की जाएगी। किसान मंडी प्रांगण में अपनी उपज लेकर आएंगे और बोली प्रक्रिया के माध्यम से व्यापारियों द्वारा खरीदी की जाएगी। उन्होंने कहा कि किसानों की सुविधा के लिए मंडी परिसर में आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं।
बैठक में शहर एवं आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे। प्रमुख रूप से उग्रसेन साखरे, केशव साव, मिनकेतन, धर्मानंद, सोनसाय, पुरणोनंद, भुवनेश्वर, मुकुंद, निर्मल, चित्रसेन, सुखराम, संतोष, छवि, छात्रपाल, लोकनाथ, उदेराम, धनेश्वर, दिगंबर, रामनाथ, प्रीतम, जागेश्वर, चक्रधर एवं भूषण सहित सैकड़ों किसानों ने भाग लिया और मंडी में खरीदी शुरू होने के फैसले का स्वागत किया।



