रायगढ़। रायगढ़ जिले में जिला खनिज संस्थान न्यास शासी परिषद की महत्वपूर्ण बैठक सोमवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित हुई। कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में वर्ष 2025-26 के लिए खनिज प्रभावित क्षेत्रों के विकास से जुड़े 104 करोड़ 7 लाख रुपए से अधिक लागत के 392 विकास कार्यों को मंजूरी दी गई। बैठक में शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, अधोसंरचना और वनांचल क्षेत्रों के विकास को प्राथमिकता देने पर विशेष जोर दिया गया।
बैठक में लोकसभा सांसद राधेश्याम राठिया, राज्यसभा सांसद देवेन्द्र प्रताप सिंह, विधायक लालजीत सिंह राठिया एवं विद्यावती सिदार सहित जनप्रतिनिधियों ने वनांचल क्षेत्रों में जर्जर स्कूल भवनों, आश्रम-छात्रावासों, आंगनबाड़ी केंद्रों और स्वास्थ्य संस्थानों की स्थिति पर चिंता जताई। जनप्रतिनिधियों के सुझाव पर नवीन भवन निर्माण और मरम्मत कार्यों को वार्षिक कार्ययोजना में शामिल किया गया। बैठक में लैलूंगा, धरमजयगढ़, घरघोड़ा, तमनार और छाल जैसे प्रत्यक्ष उत्खनन प्रभावित क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं के विस्तार के लिए कई प्रस्ताव स्वीकृत किए गए। कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता बनाए रखने और तकनीकी रिपोर्ट समय पर प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए।
बैठक में बताया गया कि वर्ष 2015-16 से 2025-26 तक डीएमएफ निधि में कुल 643.79 करोड़ रुपए प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 538.22 करोड़ रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की जा चुकी है। आगामी वर्ष 2026-27 में लगभग 125 करोड़ रुपए प्राप्त होने की संभावना के आधार पर 254.03 करोड़ रुपए की दीर्घकालिक कार्ययोजना पर भी चर्चा हुई। इसके अलावा, केंद्र सरकार के फूड प्रोसेसिंग मंत्रालय से धरमजयगढ़, लैलूंगा और घरघोड़ा क्षेत्रों में एग्री प्रोसेसिंग एवं मेडिसिनल यूनिट स्थापित करने की स्वीकृति मिलने की जानकारी भी बैठक में साझा की गई



