🌧️ छत्तीसगढ़ पर मानसून मेहरबान, बारिश ने तोड़ा औसत का आंकड़ा
28 अगस्त तक प्रदेश में 855.9 मिमी बारिश, 10 साल के औसत से 100.8% अधिक वर्षा
महासमुंद में 130.7%, रायपुर में 130.7% और सारंगढ़-बिलाईगढ़ में रिकॉर्ड 166% बारिश
रायपुर, 29 अगस्त 2026। छत्तीसगढ़ में इस साल मानसून ने जमकर दस्तक दी है। प्रदेशभर में बारिश का दौर लगातार जारी है और अब तक की वर्षा ने 10 वर्षों के औसत आंकड़े को भी पार कर लिया है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष की रिपोर्ट के मुताबिक 1 जून से 28 अगस्त 2026 तक छत्तीसगढ़ में औसतन 855.9 मिमी बारिश दर्ज की गई है। यह पिछले 10 वर्षों के औसत 849.3 मिमी के मुकाबले 100.8 प्रतिशत है।
28 अगस्त को भी प्रदेश में औसतन 6.4 मिमी बारिश दर्ज की गई। कई जिलों में मानसून की जबर्दस्त सक्रियता देखने को मिली है, जबकि कुछ जिलों में बारिश सामान्य से कम रहने के बावजूद लगातार वर्षा होने से स्थिति में सुधार की उम्मीद है।
☔ सारंगढ़-बिलाईगढ़ में सबसे ज्यादा बारिश
प्रदेश में औसत के प्रतिशत के लिहाज से सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिला सबसे आगे है। यहां अब तक 1088.5 मिमी बारिश हो चुकी है, जो सामान्य औसत की 166 प्रतिशत है।
वहीं बलरामपुर में 1164.4 मिमी यानी 157.7 प्रतिशत बारिश दर्ज की गई है। 28 अगस्त को भी बलरामपुर में प्रदेश में सबसे ज्यादा 29.3 मिमी पानी बरसा।
🌧️ महासमुंद में भी मानसून का जोर
महासमुंद जिले में भी इस बार मानसून ने खूब पानी बरसाया है। जिले में अब तक 1017.9 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जो सामान्य औसत की 130.7 प्रतिशत है।
इसी तरह रायपुर में 920 मिमी (130.7%), गरियाबंद में 989.2 मिमी (120.4%), बलौदाबाजार में 898.7 मिमी (114.4%) और धमतरी में 833.6 मिमी (101.5%) बारिश दर्ज की गई है।
🌊 बिलासपुर संभाग में भी अच्छी बारिश
मुंगेली में 896.8 मिमी (120.5%), जांजगीर-चांपा में 1025.7 मिमी (114.6%), बिलासपुर में 890.7 मिमी (109.2%), सक्ती में 846.2 मिमी (105.8%) और कोरबा में 953.2 मिमी (105%) बारिश हो चुकी है। कोरबा में 28 अगस्त को भी 24.1 मिमी बारिश हुई।
🌦️ सरगुजा के कुछ जिलों में बारिश कम
सरगुजा संभाग में बलरामपुर जहां बारिश के मामले में आगे है, वहीं सरगुजा जिले में अब तक 504.4 मिमी यानी 77.1 प्रतिशत बारिश दर्ज हुई है। जशपुर में 716.9 मिमी (86.9%) और कोरिया में 702.3 मिमी (89.9%) बारिश हुई है।
🌾 दुर्ग संभाग में मिला-जुला असर
दुर्ग संभाग में मानसून का असर अलग-अलग क्षेत्रों में अलग रहा। बालोद में 844.6 मिमी (108.2%) बारिश हुई है। दुर्ग में 636.5 मिमी (100.4%) और राजनांदगांव में 698 मिमी (99.3%) बारिश दर्ज की गई। वहीं बेमेतरा में 493.7 मिमी (78.2%) तथा मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में 689.3 मिमी (70.6%) बारिश हुई है।
🌧️ बस्तर में नारायणपुर सबसे आगे
दक्षिण छत्तीसगढ़ में भी मानसून का असर मजबूत है। नारायणपुर में 1260.9 मिमी यानी 121.3 प्रतिशत बारिश दर्ज की गई है। 28 अगस्त को यहां 21.5 मिमी पानी बरसा।
दंतेवाड़ा में 1063.2 मिमी, बीजापुर में 1213.9 मिमी, सुकमा में 846.1 मिमी, कोंडागांव में 758.9 मिमी और बस्तर में 837.3 मिमी बारिश दर्ज की गई।
⚠️ कांकेर में सबसे कम बारिश, फिर भी उम्मीद कायम
प्रदेश में औसत प्रतिशत के लिहाज से सबसे कम बारिश कांकेर जिले में 65.6 प्रतिशत दर्ज की गई है। यहां अब तक 713.1 मिमी बारिश हुई है। हालांकि 28 अगस्त को कांकेर में 12.5 मिमी बारिश होने से आने वाले दिनों में आंकड़े सुधरने की उम्मीद है।
📊 कुल मिलाकर मानसून की स्थिति मजबूत
छत्तीसगढ़ में मानसून सीजन के दौरान अब तक हुई बारिश ने 10 वर्षों के औसत को पार कर लिया है। प्रदेश के कई जिलों में सामान्य से काफी अधिक बारिश होने से जलस्रोतों में पानी की स्थिति बेहतर हुई है। वहीं कम बारिश वाले जिलों में भी लगातार हो रही वर्षा से आगामी दिनों में स्थिति सुधरने की उम्मीद बनी हुई है।



