छत्तीसगढ़ -: लंबे समय के बाद महासमुंद जिले में बाघ वन विभाग की टीम बाघ को ट्रैक कर रही है आस-पास के गांव के लोग भी अलर्ट!
Mahasmund News: सिरपुर रोड पर ग्राम छपोराडीह के पास गुरुवार की शाम एक बाघ को देखा गया। बाघ का एक वीडियो शहर में शुक्रवार को वायरल हुआ। जिसके बाद वन विभाग ने पुष्टि भी कर दी है। वन विभाग की टीम बाघ को ट्रैक कर रही है। बाघ के दिखने से आस-पास के गांव के लोग भी अलर्ट हो गए हैं।
मिडिया रिपोर्ट की मानें तो वन विभाग के मुताबिक बाघ को वन क्षेत्र में विचरण करते देखा गया है। आस-पास के लोगों को वन क्षेत्र में नहीं जाने की अपील भी की गई है। अब तक सिरपुर क्षेत्र में हाथी की धमक होती थी। हाथियों के गरियाबंद जाने के बाद से लोगों को राहत थी, लेकिन बाघ की इंट्री ने लोगों को फिर से दहशत में डाल दिया है। देखा जाए तो गर्मी के दिनों में अक्सर भोजन व पानी की तलाश में वन्य जीव गांव की ओर रुख करते हैं। इससे लोग दशहत में आ जाते हैं।
लंबे समय बाद महासमुंद जिले में बाघ के दिखने से शहर में भी वीडियो वायरल हुआ। लोग अब सिरपुर मार्ग पर जाने के लिए भी अलर्ट हो गए हैं। एक-दो साल पहले तक हाथी के उत्पात से लोग डरे हुए थे। फसल हानि भी हो रही थी। अब तक गरियाबंद की तरफ हाथियों के चले जाने के बाद वनांचल के लोगों में शांति है। रेंजर टीआर सिन्हा ने बताया कि छपोराडीह के पास बाघ देखा गया है। लोगों को जंगल नहीं जाने की अपील की गई है।
डीएफओ पंकज राजपूत ने कहा कि बाघ का पंजा को देखा गया है। इसे ट्रैक किया जा रहा है। गर्मी के मौसम में पंजे को ट्रैक करना आसान नहीं होता है। बाघ के देखे जाने के बाद बिजली विभाग से संपर्क किया गया है कि आस-पास कोई अवैध रूप से शिकार के लिए करंट न लगाया हो।
महासमुंद के डीएफओ पंकज राजपूत ने कहा, अचानकपुर क्षेत्र में बाघ नजर आया है। वीडियो की जांच कराई गई है। इसी मार्ग पर बाघ का फुट प्रिंट और मल मिला। आगे उसने गाय का शिकार किया है। टीम लगातार नजर बनाई हुई है। बाघ अबतक आबादी क्षेत्र में नहीं घुसा है। अबतक एक ही वीडियो सामने आया है, सड़क पार करते हुए, वहीं सही है। शेष वीडियो जिसमे रिहायशी क्षेत्र नजर आ रहे हैं। कहीं और का पुराना वीडियो है। टीम जल्द ही पड़ताल कर इसे सही जंगली क्षेत्र में छोड़ने का काम करेगी।
फारेस्ट विभाग के हवाले से बाघ ने पीढ़ी बांध के पास गाय को शिकार बनाया है। बाघ तीन दिनों से अचानकपुर (सिरपुर क्षेत्र के) जंगल में है। बाघ की पहचान नर या मादा के तौर पर नहीं हो सकी है। वन अमला धारियों से इसकी पहचान करने जुटा है। संभावना जताई जा रही है कि बाघ उदंती अभ्यारण से आया है, क्योंकि सिरपुर जंगल को यह लिंक करता है। शेर की पहचान के बाद इसे ट्रेंक्यूलाइज कर उदंती क्षेत्र में छोड़ने की कवायद होगी। इसके लिए रायपुर से एक्सपर्ट टीम आएगी।



