छत्तीसगढ़ / विलुप्ति के कगार पर पहुंच चुके जटायु मतलब सफ़ेद गिद्ध छत्तीसगढ़ के इस जिले में नजर आया, वन विभाग का सर्वे के साथ संरक्षण पर भी काम शुरू!
देश में विलुप्ति के कगार पर पहुंच चुके जटायु मतलब गिद्ध जो एक प्रतिशत बचे हैं उनके संरक्षण को लेकर काम शुरू हो चुका है। इनके संरक्षण के लिए प्रदेश में पहली बार इनकी गणना की जा रही है। बिलासपुर, मुंगेली व कटघोरा वन मंडल में गणना के बाद कबीरधाम में गणना का काम शुरू हो गया है।
अचानकमार टायगर रिजर्व के वल्चर कंजरवेशन एसोसिएट अभिजीत शर्मा व उनकी टीम सर्वे कर रही है। उन्होंने बताया कि कबीरधाम में कवर्धा वनमंडल अंतर्गत पूर्व में व्हाइट रम्प्ड वल्चर(बंगाल का गिद्ध) पाए जाने की जानकारी प्राप्त हुई है जिसका सर्वे टीम द्वारा किया जा रहा है। वर्तमान में सर्वे के दौरान इजिप्शियन वल्चर(सफेद गिद्ध) पाये जाने की पुष्टि की गई है।
अचानकमार टायगर रिजर्व के वल्चर कंजरवेशन एसोसिएट अभिजीत शर्मा व उनकी टीम सर्वे कर रही है। उन्होंने बताया कि कबीरधाम में कवर्धा वनमंडल अंतर्गत पूर्व में व्हाइट रम्प्ड वल्चर(बंगाल का गिद्ध) पाए जाने की जानकारी प्राप्त हुई है जिसका सर्वे टीम द्वारा किया जा रहा है। वर्तमान में सर्वे के दौरान इजिप्शियन वल्चर(सफेद गिद्ध) पाए जाने की पुष्टि की गई है।



