आज बस्तर दशहरा के मुरिया दरबार में शामिल होंगे गृहमंत्री अमित शाह, मांझी-मुखियाओं से करेंगे संवाद

आज बस्तर दशहरा के मुरिया दरबार में शामिल होंगे गृहमंत्री अमित शाह, मांझी-मुखियाओं से करेंगे संवाद

 

जगदलपुर: बस्तर दशहरे की ऐतिहासिक परंपरा मुरिया दरबार इस बार और भी विशेष होने जा रहा है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह चार अक्टूबर को जगदलपुर पहुंचकर इस दरबार में शामिल होंगे। शाह ऐसे दौर में बस्तर आ रहे हैं, जब माओवाद के खात्मे का अंतिम अध्याय लिखा जा रहा है और केंद्र व राज्य की डबल इंजन सरकार क्षेत्र की संस्कृति व परंपराओं को नई पहचान देने में जुटी है।

दरबार में वे 80 परगनाओं से आए मांझी-मुखियाओं से सीधे संवाद करेंगे और उनकी समस्याएं सुनेंगे। यह पहला अवसर होगा जब कोई केंद्रीय गृहमंत्री इस पारंपरिक दरबार में जनजातीय प्रतिनिधियों से आमने-सामने बातचीत करेगा। विश्वप्रसिद्ध बस्तर दशहरे की यह परंपरा 145 वर्षों से जारी है और आज भी उतनी ही प्रासंगिक है। शाह की मौजूदगी इसे ऐतिहासिक बना रही है।

माओवाद पर सख्त संदेश, जनजातीय समाज को प्राथमिकता

अमित शाह जब से माओवाद के खात्मे के लिए 30 मार्च 2026 तक की समयसीमा तय कर चुके हैं, तब से वे देश के इतिहास में सर्वाधिक बार बस्तर आने वाले गृहमंत्री बन गए हैं। बीते 22 महीनों में यह उनका छठा बस्तर दौरा होगा। हर बार उन्होंने माओवादियों को स्पष्ट चेतावनी दी है कि समर्पण ही एकमात्र रास्ता है, अन्यथा सुरक्षा बल सख्त जवाब देंगे। कई अवसरों पर वे माओवादियों को भाई कहकर भी संबोधित कर चुके हैं।

बस्तर अब माओवाद मुक्त होने की ओर तेजी से कदम बढ़ा रहा है। ऐसे में दशहरे के मौके पर शाह का प्रवास विशेष महत्व रखता है। इससे पहले 5 अप्रैल 2025 को वे दंतेवाड़ा में आयोजित ‘बस्तर पंडुम’ (मेला) में शामिल हुए थे और मंच से आदिवासी अस्मिता व संस्कृति को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने का संकल्प लिया था। इस बार वे उसी संकल्प को आगे बढ़ाते हुए सनातन आस्था और आदिवासी परंपरा के अद्वितीय संगम बस्तर दशहरा का हिस्सा बनेंगे।

मुरिया विद्रोह से जुड़ी है परंपरा

1876 से पहले बस्तर दशहरे के दौरान मांझी-मुखिया और ग्रामीण राजमहल में ठहरते थे और राजा का दरबार लगता था। उसी दौरान अंग्रेजों की दमनकारी नीतियों और जंगल पर जनजातीय अधिकारों पर अंकुश के विरोध में झाड़ा सिरहा के नेतृत्व में मुरिया जनजाति ने ऐतिहासिक विद्रोह छेड़ा। 8 मार्च 1876 को सिरोंचा के डिप्टी कमिश्नर मैक जॉर्ज को आंदोलनकारियों के सामने झुकना पड़ा और राजस्व-प्रशासनिक सुधार लागू करने पड़े।

यही विद्रोह जनजातीय एकता और अधिकारों की रक्षा का प्रतीक बना। इसके बाद से दशहरे के अवसर पर राजमहल के राजा दरबार की जगह झाड़ा सिरहा की गुड़ी में ‘मुरिया दरबार‘ लगने लगा। 1965 तक महाराजा स्व. प्रवीरचंद्र भंजदेव स्वयं इसकी अध्यक्षता करते रहे। बाद में यह परंपरा शासन-प्रशासन की उपस्थिति में जारी रही।

अमित शाह के बस्तर प्रवास : प्रमुख पड़ाव

5 अप्रैल 2025: दंतेवाड़ा में ‘बस्तर पंडुम’ (मेला), आदिवासी संस्कृति को अंतरराष्ट्रीय मंच दिलाने का संकल्प।

15 दिसंबर 2024: जगदलपुर में बस्तर ओलंपिक समापन समारोह में शामिल, बीजापुर के घोर माओवाद प्रभावित गुंडम गांव का दौरा।

23 अगस्त 2024: छत्तीसगढ़ प्रवास, रायपुर में पांच राज्यों के पुलिस व सुरक्षा बलों की बैठक, फोकस बस्तर की माओवाद समस्या।

19 अक्टूबर 2023: विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान बस्तर प्रवास।

25 मार्च 2023: सीआरपीएफ कैंप में 84वां राइजिंग डे कार्यक्रम, सुकमा के पोटकपल्ली गांव में जवानों से मुलाकात।

5 अप्रैल 2021: टेकुलगुड़ेम हमले के बाद बीजापुर के बासागुड़ा कैंप पहुंचे, मुठभेड़ में शामिल जवानों से मिले और भोजन साझा किया।

CG Weather Update: छत्तीसगढ़ के मौसम पर बंगाल की खाड़ी के निम्नदाब का असर, इन इलाकों में बारिश की संभावना

 

 

छत्तीसगढ़ बंगाल की खाड़ी में निम्न दाब का क्षेत्र बनने से मध्य छत्तीसगढ़ में मौसम बदला हुआ है। शुक्रवार को इसके प्रभाव से बिलासपुर में दिन में झाड़ी जैसी स्थिति रही। वहीं प्रदेश के अन्य इलाकों में भी हल्की से मध्यम बारिश देखने को मिली। बिलासपुर और सरगुजा संभाग के कुछ स्थानों पर रात को झमाझम मेघ बरसे। शनिवार को भी मौसम ऐसा ही बना रह सकता है। पांच अक्टूबर से बारिश की गतिविधियों में कमी आने की संभावना है।

4 अक्टूबर का मौसम मौसम विभाग की माने, तो प्रदेश में चार अक्टूबर को अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने या गरज चमक के साथ छींटे पड़ने की संभावना है। एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ वज्रपात होने और भारी बारिश होने की संभावना है। भारी बारिश का क्षेत्र मुख्यतः उत्तर छत्तीसगढ़ रहने की संभावना है। पांच अक्टूबर से बारिश की गतिविधि में लगातार कमी होने की संभावना है।

बना हुआ है यह सिस्टम मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि एक अवदाब अंदरुनी ओडिशा के ऊपर स्थित है और यह 15 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से उत्तर उत्तर पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है। इसके शुरुआती दौर में उत्तर उत्तर पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए अंदरुनी ओडिशा और उसके बाद उत्तर की ओर आगे बढ़ते हुए उत्तर छत्तीसगढ़ के ऊपर पहुंचने के बाद, इसके लगातार कमजोर होकर एक चिन्हित निम्न दाब के क्षेत्र के रूप में अगले 24 घंटे में परिवर्तित होने की संभावना है। एक द्रोणिका अंदरुनी ओडिशा के ऊपर स्थित अवदाब के केंद्र से उत्तर पश्चिम मध्य प्रदेश तक छत्तीसगढ़ से होते हुए 1.5 किलोमीटर से 3.1 किलोमीटर ऊंचाई तक विस्तारित है।

बिलासपुर का हाल इधर शुक्रवार सुबह से आसमान में बादल छाए हुए थे, रुक-रुककर बारिश भी होती रही। हल्की बारिश के कारण झड़ी जैसी स्थिति रही। इस वजह से आम जनजीवन प्रभावित हुआ। नवरात्र के बाद दुर्गा प्रतिमा विसर्जन और झांकी पर भी इसका असर हुआ। हालांकि भक्तों का उत्साह कब नहीं हुआ। अरपा नदी के तट पर देर रात तक भीड़ जुटती रही। मौसम में बदलाव के चलते दिन का तापमान सामान्य से कम रहा। अधिकतम तापमान लगभग 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया गया।

रात में पारा 24 डिग्री दिन के तापमान में जहां व्यापक गिरावट दर्ज की गई, वहीं रात में तापमान अभी भी 24 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दिन का तापमान जहां सामान्य से तीन से चार डिग्री कम रहा। वहीं रात का तापमान 0.9 डिग्री कम रहा। यही कारण था कि दिन की अपेक्षा रात में हल्की उमस महसूस हुई।

महासमुंद/सांकरा में अपराध पर पुलिस की सख्ती – मजदूर पर हमला करने वाले आरोपी पर FIR, मवेशी तस्करों समेत तीन गिरफ्तार

महासमुंद/सांकरा में अपराध पर पुलिस की सख्ती – मजदूर पर हमला करने वाले आरोपी पर FIR, मवेशी तस्करों समेत तीन गिरफ्तार

 

*नाटक देखने पहुंचे मजदूर पर हमला, ईंट से सिर फोड़ा – जान से मारने की धमकी*

महासमुंद/सांकरा।ग्राम सांकरा निवासी आलेख विशाल पिता नारद विशाल (62 वर्ष) रोजी-मजदूरी कर अपना जीवन यापन करते हैं। 2 अक्टूबर की रात वे ग्रामीण बैंक के पास चल रहे डोण नाटक को देखने पहुंचे थे। नाटक में बड़ी संख्या में महिला-पुरुष ग्रामीण भी मौजूद थे।

इसी दौरान सुबह लगभग 4 बजे आरोपी छत्तरर यादव और उसके साथी नाटक देखते-देखते नाचने लगे। जब आलेख विशाल ने उन्हें रोकने की कोशिश की तो उन्होंने आपा खो दिया और गाली-गलौच करने लगे। इसके बाद आरोपियों ने ईंट उठाकर उनके माथे पर वार कर दिया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए और खून बहने लगा।

घटना को पीड़ित की पत्नी आसमोती विशाल सहित अन्य ग्रामीणों ने भी देखा और बीच-बचाव किया। मामले की रिपोर्ट पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धारा 115(2)-BNS, 296-BNS, 3(5)-BNS, 351(2)-BNS के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।

*सांकरा पुलिस ने मवेशी तस्करों को पकड़ा, 2 बैल जब्त – कत्लखाने ले जा रहे थे आरोपी*

महासमुंद/सांकरा।थाना सांकरा पुलिस ने 1 अक्टूबर की रात मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए 3 मवेशी तस्करों को पकड़ने में सफलता पाई है। आरोपियों के पास से दो नग बैल, जिनकी कीमत लगभग 16 हजार रुपये आंकी गई है, जब्त किए गए हैं।

मिली जानकारी के अनुसार आरोपी साहिल मालिया (20 वर्ष), सूरज शिकारी (25 वर्ष) दोनों निवासी बड़ा टेमरी एवं मिथुन शिकारी (22 वर्ष) निवासी शिवरीनारायण, बैलों को क्रूरता पूर्वक मारते-पीटते कत्लखाने की ओर ले जा रहे थे।

पुलिस टीम ने गवाहों की मौजूदगी में घेराबंदी कर तीनों आरोपियों को दबोच लिया। आरोपियों से जब वैध दस्तावेज मांगे गए तो वे कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर पाए। पुलिस ने मौके पर ही मवेशियों को जप्त कर पशु चिकित्सक से मुलाहिजा कराया और सुरक्षित रखने की व्यवस्था की।

थाना सांकरा पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 की धारा 4, 6 और 10 के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।

रायपुर : जेल विभाग में छत्तीसगढ़ स्थापना रजत महोत्सव का शुभारंभ रक्तदान शिविर का हुआ आयोजन डीजी जेल हिमांशु गुप्ता ने स्वयं किया रक्तदान

रायपुर : जेल विभाग में छत्तीसगढ़ स्थापना रजत महोत्सव का शुभारंभ रक्तदान शिविर का हुआ आयोजन डीजी जेल हिमांशु गुप्ता ने स्वयं किया रक्तदान

राज्य शासन के निर्देशानुसार छत्तीसगढ़ स्थापना की रजत जयंती के उपलक्ष्य में जेल एवं सुधारात्मक सेवाएं विभाग द्वारा 3 अक्टूबर से 10 अक्टूबर 2025 तक रजत महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। इस महोत्सव का शुभारंभ आज केन्द्रीय जेल रायपुर में रक्तदान शिविर के साथ हुआ।

शिविर का शुभारंभ करते हुए डीजी जेल श्री हिमांशु गुप्ता ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य की प्रगति में जेल विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने कहा कि रक्तदान महादान है और प्रत्येक स्वस्थ्य व्यक्ति को वर्ष में कम से कम एक बार स्वेच्छा से रक्तदान करना चाहिए।

इस अवसर पर जेल विभाग के महानिदेशक श्री गुप्ता, केंद्रीय जेल रायपुर के जेल अधीक्षक श्री योगेश सिंह क्षत्री सहित कुल 28 व्यक्तियों ने रक्तदान किया। इनमें 22 जेलकर्मी तथा 4 छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल के जवान शामिल रहे।

रजत महोत्सव के अंतर्गत राज्य की सभी पाँच केंद्रीय जेलों—रायपुर, दुर्ग, जगदलपुर, बिलासपुर और अंबिकापुर में जेल में बंदियों द्वारा निर्मित उत्पादों की प्रदर्शनी भी लगाई गई है। यहाँ आम नागरिक किफायती दरों पर उत्पाद खरीद सकेंगे। इसके अतिरिक्त रजत महोत्सव सप्ताह के दौरान प्रदेश की सभी 33 जेलों में रक्तदान शिविरों के साथ-साथ बंदियों के लिए विभिन्न कल्याणकारी कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।

महासमुंद जिले में आदि कर्मयोगी अभियान का उद्देश्य हो रहा है साकार जनजाति समुदायों के उत्थान के लिए विलेज एक्शन प्लान का निर्माण पहली बार ग्रामीणों ने बनाया अपने गांव विकास का प्रारूप

महासमुंद जिले में आदि कर्मयोगी अभियान का उद्देश्य हो रहा है साकार जनजाति समुदायों के उत्थान के लिए विलेज एक्शन प्लान का निर्माण पहली बार ग्रामीणों ने बनाया अपने गांव विकास का प्रारूप

महासमुंद/ प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास” के दूरदर्शी आह्वान और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की सुशासन के मंशानुरूप आदि कर्मयोगी अभियान 10 जुलाई 2025 से एक परिवर्तनकारी राष्ट्रीय आंदोलन के रूप में प्रारंभ हुआ। यह अभियान शासन की ओर से नीचे से ऊपर तक समुदाय-आधारित विकास की नई परंपरा का प्रतीक है। इसका उद्देश्य केवल सरकारी योजनाओं को ग्राम तक पहुँचाना नहीं, बल्कि जनजातीय समाज को लाभार्थी से आगे बढ़ाकर परिवर्तन का अगुवा, परंपरा का संरक्षक और विकास का सह-निर्माता बनाना है। वर्ष 2024-25 भगवान बिरसा मुंडा जयंती वर्ष एवं जनजातीय गौरव वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री द्वारा धरती आबा (जनजातीय ग्राम उत्कर्ष महाअभियान) की शुरुआत की गई, जिसका उद्देश्य देशभर के जनजातीय बाहुल्य ग्रामों को नई दिशा में विकसित करना है। इस अभियान के अंतर्गत 30 राज्य एवं केंद्र शासित प्रदेशों के 550 से अधिक जिले, 3000 विकासखंड और लगभग 1 लाख गाँव को जोड़ा गया है। इन ग्रामों में 20 लाख से अधिक आदि कर्मयोगी, आदि सहयोगी और आदि साथी की टीम गठित कर ग्राम विकास योजनाएं तैयार की जा रही हैं।

 

महासमुंद जिले में 210 ग्राम पंचायतों के 308 ग्रामों का चयन – पीएम जनमन अंतर्गत कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह के मार्गदर्शन में महासमुंद जिले के तीन विकासखंडों में कुल 77 बसाहटें चयनित की गई है। जिसमें महासमुंद विकासखंड अंतर्गत 41 बसाहट, बागबाहरा अंतर्गत 34 बसाहट एवं पिथौरा विकासखंड अंतर्गत 2 बसाहट शामिल है। प्रधानमंत्री जनजातीय गौरव उत्कर्ष अभियान (धरती आबा) अंतर्गत महासमुंद जिले के सभी 5 विकासखंडों की 210 ग्राम पंचायतों के अंतर्गत 308 आदिवासी बाहुल्य ग्राम चयनित किए गए हैं। इन ग्रामों में आदि कर्मयोगी अभियान सक्रिय रूप से संचालित हो रहा है। जिसमें महासमुंद विकासखण्ड अंतर्गत 22 ग्राम पंचायतों के 25 ग्राम, बागबाहरा अंतर्गत 28 ग्राम पंचायतों के 33 ग्राम, पिथौरा अंतर्गत 125 ग्राम पंचायतों के 210 ग्राम, बसना अंतर्गत 22 ग्राम पंचायतों के 24 ग्राम एवं सरायपाली विकासखण्ड अंतर्गत 13 ग्राम पंचायतों के 16 ग्राम शामिल है।

तीन स्तरों पर प्रशिक्षण के पश्चात साकार हुआ विलेज एक्शन प्लान – जिले में राज्य स्तर पर प्रशिक्षित 6 जिला स्तरीय मास्टर ट्रेनर द्वारा जिले के सभी 5 विकासखंड के 10-10 प्रतिभागी कुल 50 विकासखंड मास्टर ट्रेनर को प्रशिक्षण दिया गया। इन सभी विकासखंड स्तर के मास्टर ट्रेनर द्वारा जिले के सभी 308 ग्राम के प्रति ग्राम 5 विलेज स्तर के मास्टर ट्रेनर कुल 1540 जिसमे पंचायत सचिव, रोजगार सहायक, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, स्वास्थ्य कार्यकर्ता एवं ग्राम के एक स्कूल शिक्षक को प्रशिक्षण दिया गया। इस प्रकार जिले में कुल 1596 आदि कर्मयोगी को प्रशिक्षित किया गया। द्वितीय चरण में ग्राम स्तरीय मास्टर ट्रेनर की टीम अपने सम्बंधित ग्रामो में जाकर आदि सहयोगी और आदि साथियों की टीम का निर्माण किया जिसमें ग्राम के उर्जावान युवा, जनजातीय बुजुर्ग, सामाजिक मुखिया, स्वः सहायता समूह की दीदियों, एनआरएलएम के सदस्य एवं ग्रामीण जन शामिल है। इनकी संख्या प्रति ग्राम लगभग 20 चयनित किये गए। इन सभी को विलेज मास्टर ट्रेनर के द्वारा अभियान की जानकारी दी गई साथ ही साथ अभियान के अंतर्गत पूरे गाँव में भ्रमण कर गाँव की वास्तविक विकास की स्थिति आवश्यकताओं का आकलन कर विलेज एक्शन प्लान का निर्माण कराया गया।

 

चयनित 308 ग्रामों में आदि सेवा केंद्र की स्थापना – महासमुंद जिले के सभी चयनित 308 ग्रामों में आदि सेवा केंद्र की स्थापना की गई है। यह केंद्र ग्राम पंचायत भवन या सामुदायिक भवनों में संचालित होंगे। प्रत्येक सप्ताह एक दिन, 2 घंटे के लिए खुलेंगे। यह एक एकल खिड़की कार्यालय की तरह कार्य करेंगे, जहाँ ग्रामीण अपनी समस्याएँ या मांगों से संबंधित आवेदन प्रस्तुत कर सकेंगे। संबंधित विभागों के अधिकारी इन दिनों गाँव में उपस्थित होकर निदान एवं चर्चा-परिचर्चा करेंगे। प्रत्येक केंद्र पर पंजी संधारित की जा रही है, जिसमें आवेदन, अधिकारियों की उपस्थिति और चर्चा के विषय दर्ज होंगे।

 

विलेज एक्शन प्लान से डिस्ट्रिक्ट एक्शन प्लान की ओर – 2 अक्टूबर महात्मा गांधी जी के जन्मदिवस के अवसर पर सभी ग्राम पंचायतों में विशेष ग्राम सभा का आयोजन कर इस विलेज एक्शन प्लान विजन 2030 का अनुमोदन भी कराया गया, अनुमोदन के पश्चात वर्तमान में जिले के सभी 308 ग्राम का विलेज एक्शन प्लान का निर्माण कर उसे अभियान के वेबसाइट पर अपलोड भी कर दिया गया। ग्राम सभा से अनुमोदन के पश्चात सभी विलेज एक्शन प्लान का जिला कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह की अध्यक्षता में जिला स्तरीय अधिकारियों के समिति के द्वारा निरीक्षण किया जाएगा एवं आवश्यक सुधार करते हुए विजन 2030 को ध्यान में रखते हुए डिस्ट्रिक्ट एक्शन प्लान का निर्माण किया जाएगा।

 

सेवा पर्व में विभिन्न गतिविधियों का आयोजन – जिले में अभियान के अंतर्गत 17 सितम्बर से 2 अक्टूबर तक सेवा पर्व एवं आदि कर्मयोगी सेवा अभियान रखा गया था जिसमें अलग-अलग विभागो के द्वारा विभागीय गतिविधियों का संचालन किया गया, जिसमें प्रथम दिवस आदि सेवा केन्द्रों के शुभारम्भ से लेकर अंतिम दिवस आदि शपथ, स्वच्छता अभियान, आयुष्मान कार्ड निर्माण, पौध वितरण, पशुओं का टीकाकरण, स्वास्थ्य शिविर, दिव्यांग शिविर लगाया गया एवं श्रमिकों को विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित किया गया।

CG News: रायगढ़ में बुजुर्ग महिला-दामाद की लाठी-डंडों से पीटकर की हत्या, NTPC मुआवजा विवाद को बताया वजह

CG News: रायगढ़ में बुजुर्ग महिला-दामाद की लाठी-डंडों से पीटकर की हत्या, NTPC मुआवजा विवाद को बताया वजह

 

रायगढ़ घरघोड़ा थाना क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाली घटना से रायकेरा गांव में सनसनी फैला कर रख दिया। गांव के माझा पारा में 80 वर्षीय बुजुर्ग और उसके दामाद की हत्या कर दी गई। जबकि बीच बचाव कर रही मृतक की बेटी गंभीर रुप से घायल है। मुआवजा राशि विवाद के चलते दोहरे हत्याकांड की आशंका पुलिस जताते हुए मृतक के पुत्र को हिरासत में लेकर पूछताछ पुलिस कर रही हैं।

 

एनटीपीसी तिलाईपाली प्रभावित गांव रायकेरा में रहने वाले 80 वर्षीय बुजुर्ग महिला सुकमेत सिदार का परिवार निवासरत है। सुकमेत के घर उसकी बेटी टिंगनी और दामाद उम्र 60 साल लक्ष्मण घर जमाई के तौर पर वर्षो से रह रहे थे।

वहीं दशहरा के दिन शाम करीब 6 बजे के आसपास परिवार में किसी अज्ञात बात को लेकर विवाद हो गया जिसमें अज्ञात आरोपित ने सुकमेत और उसके दामाद लक्ष्मण की बेरहमी से लाठी डंडे से मारपीट कर हत्या कर दिया।

इस हमले में लक्ष्मण की पत्नी टिंगनी भी चोटिल हो गई। हत्याकांड की जानकारी मिलते ही थाना प्रभारी कुमार गौरव ने घटनास्थल आकर मौका मुआयना किए।

संवेदनशील प्रकरण होने पर इसकी जानकारी उच्च अधिकारियों को अवगत कराया,और आगे की कानूनी प्रक्रिया में जुट गई। ग्रामीणों के अनुसार, मृतक बुजुर्ग महिला सुकमेत सिदार को हाल ही में एनटीपीसी में जमीन अधिग्रहण होने पर मुआवज़ा राशि प्राप्त हुई थी।

लक्ष्मण का पुत्र रवि भी घर मे कुछ दिनों से मुआवजा राशि एनटीपीसी से प्राप्त होने के बाद हिस्सा मांगते हुए विवाद कर रहा था, हों न हो इसी के चलते दोहरे हत्याकांड में अपने पिता तथा नानी की हत्या किया गया है। फिलहाल पुलिस ने मृतक के पुत्र एवं उसके अन्य एक साथी को हिरासत में लेकर जांच पड़ताल पूछताछ कर रही है।

छत्तीसगढ़ के 45 लाख वाहनों में अब तक नहीं लगी हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट, बिना HSRP होगी चालानी कार्रवाई

छत्तीसगढ़ के 45 लाख वाहनों में अब तक नहीं लगी हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट, बिना HSRP होगी चालानी कार्रवाई

 

छत्तीसगढ़ में वाहन मालिकों की सुरक्षा के लिए हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (एचएसआरपी) लगाने का काम बेहद धीमी रफ्तार से आगे बढ़ रहा है।

परिवहन विभाग को 52 लाख से ज्यादा पंजीकृत वाहनों में एचएसआरपी लगानी थी, लेकिन 10 महीनों में सिर्फ 20 प्रतिशत यानी 7.45 लाख वाहनों में ही प्लेट लगाई जा सकी है। अब भी करीब 45 लाख वाहन बिना एचएसआरपी के सड़कों पर दौड़ रहे हैं।

तय समय सीमा से पिछड़ रहा विभाग

सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में चल रही इस प्रक्रिया को एक अप्रैल 2025 तक पूरा करना था। लेकिन टेंडर प्रक्रिया में देरी और धीमी रफ्तार की वजह से लक्ष्य हासिल नहीं हो पाया। फिलहाल 3.40 लाख नंबर प्लेट बनाने का ऑर्डर दिया गया है।

विभागीय अधिकारियों का कहना है कि ‘यह वाहन मालिकों की सुरक्षा के लिए जरूरी है, इसलिए जल्द से जल्द सभी वाहन चालकों को एचएसआरपी लगवा लेनी चाहिए।’

चालान कार्रवाई टली

परिवहन विभाग और राज्य पुलिस ने 1 अक्टूबर से बिना एचएसआरपी वाले वाहनों पर 1,000 रुपये का चालान काटने की तैयारी की थी। लेकिन लगने की धीमी गति को देखते हुए फिलहाल इस तिथि को आगे बढ़ा दिया गया है।

जिलों की स्थिति

रायपुर – 13.34 लाख पंजीकृत वाहनों में से सिर्फ 2.36 लाख में एचएसआरपी लगी (23.4%)

दुर्ग – 19.18%

बिलासपुर – 18.45%

बालोद – 29.41%

गौरेला-पेंड्रा मरवाही – सबसे आगे, 58.14% वाहनों में प्लेट लग चुकी है।

जागरूकता अभियान से बढ़े आवेदन

आरटीओ और यातायात पुलिस की संयुक्त टीम ने पिछले दो महीनों तक अभियान चलाकर सड़क पर वाहनों को रोककर फार्म भरवाए।

जागरूकता अभियान का असर यह हुआ कि बड़ी संख्या में वाहन मालिक चालानी कार्रवाई से बचने के लिए आवेदन कर रहे हैं। सिर्फ रायपुर जिले में ही लगभग एक लाख वाहन मालिकों ने एचएसआरपी के लिए आवेदन किया है।

पुराने वाहन भी बड़ी चुनौती

प्रदेश में 15 साल से ज्यादा पुराने 6,000 से अधिक वाहन पंजीकृत हैं। इनमें 1,200 दोपहिया, 3,000 चारपहिया और 1,800 मालवाहक वाहन शामिल हैं। इनमें से कई अब भी बिना एचएसआरपी और कुछ बिना पंजीकरण के सड़कों पर चल रहे हैं।

महासमुंद/सर्वाधिक वर्षा पिथौरा तहसील में 1296.2 मिलीमीटर आज 52.4 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज

जिले में अब तक 1012.0 मिलीमीटर औसत वर्षा

 

महासमुंद/सर्वाधिक वर्षा पिथौरा तहसील में 1296.2 मिलीमीटर आज 52.4 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज

 

महासमुंद जिले में चालू मानसून के दौरान 01 जून 2025 से अब तक 1012.0 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की गई है। भू-अभिलेख से मिली जानकारी के अनुसार जिले में सर्वाधिक औसत वर्षा पिथौरा तहसील में 1296.2 मिलीमीटर, सरायपाली में 1034.5 मिलीमीटर, कोमाखान में 1007.1 मिलीमीटर, बागबाहरा में 974.1 मिलीमीटर, बसना में 915.1 मिलीमीटर और सबसे कम वर्षा 854.2 मिलीमीटर महासमुंद तहसील में दर्ज की गई।

 

आज 3 अक्टूबर को 52.4 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की गई। जिले के तहसीलवार वर्षा में बागबाहरा तहसील में 73.6 मिलीमीटर, महासमुंद में 73.5 मिलीमीटर, पिथौरा में 51.8 मिलीमीटर, कोमाखान में 49.5 मिलीमीटर, बसना में 42.2 मिलीमीटर एवं सरायपाली तहसील में 23.8 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई।

रायपुर में पेट्रोल-डीजल चोर गिरोह का खुलासा, 11 आरोपी गिरफ्तार; टैंकर, ड्रम सहित लाखों का माल किया बरामद

रायपुर में पेट्रोल-डीजल चोर गिरोह का खुलासा, 11 आरोपी गिरफ्तार; टैंकर, ड्रम सहित लाखों का माल किया बरामद

 

रायपुर। राजधानी रायपुर के विधानसभा थाना क्षेत्र में लंबे समय से चल रहे पेट्रोल-डीजल के अवैध कारोबार का पर्दाफाश हुआ है। बुधवार रात क्राइम ब्रांच और साइबर सेल की संयुक्त कार्रवाई में पुलिस ने दो अलग-अलग यार्डों पर दबिश देकर 11 आरोपितों को गिरफ्तार किया।

मौके से चार टैंकर, कई ड्रम और पाइप जब्त किए गए। जब्त किए गए माल की कुल कीमत लगभग 4.30 लाख रुपये आंकी गई है।

सूरज शाह के यार्ड पर छापा

पुलिस टीम ने रिंग रोड नंबर तीन, पिरदा चौक स्थित सूरज शाह के यार्ड में छापा मारा। यहां सूरज शाह, अखिलेश चौबे, नीरज कुमार, अरविंद गोड और रोहित कुमार बघेल पेट्रोल-डीजल का अवैध भंडारण कर रहे थे।

जब्त माल की कीमत लगभग 1.40 लाख रुपये आंकी गई। पुलिस ने प्रत्येक ड्रम से सैंपल लेकर फोरेंसिक जांच के लिए सीलबंद किया। कार्रवाई के दौरान सूरज शाह मौके से फरार हो गया, जबकि बाकी आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया गया।

टेकारी चौक पर दूसरा भंडाफोड़

इसके बाद पुलिस ने रिंग रोड नंबर तीन, टेकारी चौक स्थित उमेश साव के यार्ड पर दबिश दी। यहां उमेश साव, शैलेन्द्र कुमार साव, शेख कलीम उद्दीन, राज पटेल, नीरज नेताम और रवि यादव अवैध तरीके से ज्वलनशील तरल पदार्थों का भंडारण और बिक्री कर रहे थे।

यहां से जब्त माल की कीमत लगभग 2.90 लाख रुपये बताई गई। आरोपियों के पास किसी भी प्रकार का वैध लाइसेंस या दस्तावेज नहीं मिला।

पुलिस ने दर्ज किया केस

पुलिस ने दोनों जगहों से मिले टैंकर और ड्रम को जब्त कर आवश्यक वस्तु अधिनियम (Essential Commodities Act) के तहत मामला दर्ज किया है। इसके अलावा दो प्लास्टिक पाइप भी जब्त किए गए। आरोपियों से पूछताछ जारी है और फरार सूरज शाह की तलाश की जा रही है।

रायपुर में लगेंगे 184 HSRP स्कैनिंग कैमरे, अब तेज रफ्तार और लालबत्ती तोड़ने वाले वाहनों पर पुलिस की पैनी नजर

रायपुर में लगेंगे 184 HSRP स्कैनिंग कैमरे, अब तेज रफ्तार और लालबत्ती तोड़ने वाले वाहनों पर पुलिस की पैनी नजर

 

छत्तीसगढ़ राजधानी रायपुर में अपराध नियंत्रण और यातायात व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पुलिस प्रशासन अब हाई-टेक निगरानी व्यवस्था लागू करने जा रहा है।

इसके तहत आउटर रिंग रोड और शहर की सीमाओं पर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट (एचएसआरपी) पहचानने वाले 184 विशेष कैमरे लगाए जाएंगे। ये कैमरे 34 प्रमुख स्थानों पर स्थापित किए जाएंगे और सीधे नियंत्रण कक्ष से जुड़े होंगे।

इन कैमरों की मदद से किसी भी संदिग्ध वाहन, चोरी की गाड़ी या फरार आरोपित का पता तुरंत लगाया जा सकेगा। साथ ही बिना अनुमति के चल रही गाड़ियां भी पकड़ में आ सकेंगी।

टाटीबंध चौक पर सबसे ज्यादा कैमरे

पूरे प्रोजेक्ट में 184 कैमरों का जाल बिछाया जाएगा। इनमें से सबसे ज्यादा 16 कैमरे टाटीबंध चौक पर लगाए जाएंगे। बड़े चौराहों और पुल-पुलियों पर छह से आठ कैमरे होंगे, जबकि छोटे स्थानों पर दो से चार कैमरे पर्याप्त माने गए हैं। हर कैमरा जीपीएस से जुड़ा होगा जिससे वाहन की सटीक लोकेशन नियंत्रण कक्ष तक तुरंत पहुंच जाएगी।

यातायात नियम तोड़ने वालों पर भी नजर

ये कैमरे न केवल अपराधियों पर लगाम लगाने में मदद करेंगे, बल्कि तेज रफ्तार, लालबत्ती पार करने जैसे यातायात नियम उल्लंघन की घटनाओं को भी स्वतः दर्ज करेंगे। पुलिस मौके पर ही कार्रवाई कर सकेगी।

सीसीटीएनएस से भी होगा कनेक्ट

पुलिस सूत्रों के अनुसार आने वाले समय में इस व्यवस्था को अपराध एवं अपराधी निगरानी प्रणाली (सीसीटीएनएस) से भी जोड़ा जाएगा। इसके बाद पड़ोसी राज्यों से आने-जाने वाले अपराधियों की पहचान करना भी संभव होगा।

यातायात पुलिस का दावा

डीएसपी (यातायात) गुरजीत सिंह ने कहा, ‘हमारा प्रयास है कि रायपुर को एक सुरक्षित और अनुशासित यातायात वाला शहर बनाया जा सके। इस नई व्यवस्था से अपराध नियंत्रण और सड़क हादसों की रोकथाम में बड़ी मदद मिलेगी।’