महासमुंद : 500 वृद्धजनो को छड़ी,श्रवण यंत्र, ट्राई सायकल,साड़ी,धोती व्हील चेयर प्रदान किया गया अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस पर वरिष्ठ नागरिकों का सम्मान

महासमुंद : 500 वृद्धजनो को छड़ी,श्रवण यंत्र, ट्राई सायकल,साड़ी,धोती व्हील चेयर प्रदान किया गया अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस पर वरिष्ठ नागरिकों का सम्मान

महासमुंद/अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के अवसर पर महासमुंद जिले में वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान हेतु भव्य कार्यक्रम का आयोजन स्थानीय शंकराचार्य भवन में किया गया। कार्यक्रम में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में वरिष्ठ महिला एवं पुरुष शामिल हुए।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी, विधायक श्री योगेश्वर राजू सिन्हा, बसना विधायक श्री संपत अग्रवाल,जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मोगरा पटेल, कलेक्टर श्री विनय लंगेह, जिला पंचायत सीईओ श्री हेमंत नंदनवार, नगर पालिका उपाध्यक्ष श्री देवीचंद् राठी, जनपद उपाध्यक्ष हुलसी चंद्राकर,येतराम साहू, पीयूष साहू,श्री प्रकाश शर्मा, आनंद साहू,पंकज चंद्राकर,शरद मराठा एवं समाज कल्याण विभाग की उपसंचालक सुश्री संगीता सिंह सहित अनेक जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे।

इस अवसर पर सांसद एवं मुख्य अतिथि श्रीमती रूपकुमारी चौधरी ने कहा कि हम सभी आज जिस मुकाम पर हैं, वह हमारे वरिष्ठजनों की शिक्षा, मार्गदर्शन और आशीर्वाद से ही संभव हुआ है। आपसे हमें क्या सीखना—आप स्वयं समाज के जीवित विश्वविद्यालय हैं। नवरात्रि के पावन अवसर पर मैं मातारानी से प्रार्थना करती हूँ कि हमारे सभी वरिष्ठजन स्वस्थ एवं दीर्घायु रहें। दादा-दादी और नाना-नानी का प्यार और संस्कार सबसे बड़ा पाठशाला है। आज बच्चे मोबाइल की ओर झुक रहे हैं और अपने बुजुर्गों से दूर हो रहे हैं, जो समाज के लिए हानिकारक है। सरकार आयुष्मान वय-वंदन योजना जैसी योजनाओं के माध्यम से आपके स्वास्थ्य और सुरक्षा की चिंता कर रही है। वरिष्ठजनों की सेवा ही हम सबका असली धर्म है।

समारोह को विधायक श्री योगेश्वर राजू सिन्हा ने कहा

कि पूरा विश्व आज संयुक्त राष्ट्र संघ के आह्वान पर वृद्धजन दिवस मना रहा है। यह शासन की महत्वपूर्ण पहल है। राज्य सरकार माता-पिता की सेवा और देखभाल को प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिमाह ₹500 की पेंशन उपलब्ध करा रही है। समाज कल्याण विभाग द्वारा सहायक उपकरण भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं। बच्चों को चाहिए कि वे अंतिम सांस तक अपने माता-पिता को अपने साथ रखें।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बसना विधायक श्री संपत अग्रवाल ने कहा कि बच्चे संस्कारित हों और माता-पिता की सेवा करें। हर पुत्र श्रवण कुमार बने ताकि किसी भी वृद्ध को वृद्धाश्रम न जाना पड़े। हमारी सरकार वरिष्ठजनों के लिए तीर्थयात्रा योजना चला रही है और उन्हें धर्म धाम की यात्रा करवा रही है। यह सरकार सच्चे मायनों में श्रवण कुमार की तरह सेवा कर रही है। वरिष्ठजनों को कानूनी न्याय सुलभ है और उनके अच्छे स्वास्थ्य के लिए निरंतर कार्य किया जा रहा है।

कलेक्टर श्री विनय लंगेह ने कहा कि वरिष्ठजन हमारे समाज की धरोहर हैं और प्रशासन उनकी पेंशन, स्वास्थ्य, कानूनी सहायता और अन्य योजनाओं को और अधिक सशक्त बनाने हेतु कटिबद्ध है। जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मोगरा पटेल एवं सीईओ श्री हेमंत नंदनवार ने भी वरिष्ठजनों को समाज की प्रेरणा बताते हुए उनके सम्मान और सहयोग का संकल्प लिया।

इस अवसर पर समाज कल्याण विभाग द्वारा आयोजित वृद्धजन सम्मान समारोह में जिले के 300 वरिष्ठजनों को छड़ी, 100 वरिष्ठजनों को श्रवण यंत्र, व्हील चेयर, ट्राई सायकल,साड़ी, धोती, निशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण, नेत्र परीक्षण एवं चश्मा वितरण किया गया। कार्यक्रम में वरिष्ठजनों का माल्यार्पण कर उनका अभिनंदन किया गया।

विधवाओं को मिला 21 लाख का मुआवजा हड़प गया समाज का प्रदेश उपाध्यक्ष, केस दर्ज

विधवाओं को मिला 21 लाख का मुआवजा हड़प गया समाज का प्रदेश उपाध्यक्ष, केस दर्ज

 

छत्तीसगढ़ बालोद जिले में रहने वाली महिला के दो बेटों की सड़क हादसे में मौत हो गई थी। उनकी मौत के बाद सांत्वना देने आए समाज के तत्कालीन प्रदेश उपाध्यक्ष ने मुआवजा दिलाने के बहाने महिलाओं को भरोसे में लेकर बिलासपुर कोर्ट में बीमा क्लेम किया। कोर्ट के आदेश पर महिला को 21 लाख रुपये का मुआवजा मिला।

उपाध्यक्ष एफडी कराने के बहाने 21 लाख रुपये बैंक से निकलवाकर ले गया। जब महिला और उसकी बहुओं ने रुपये की मांग की तो आरोपित साफ मुकर गया। समाज के लोगों के साथ आकर महिला ने पूरे मामले की शिकायत की है। इस पर पुलिस ने जुर्म दर्ज कर मामले को जांच में लिया है।

बालोद जिले के ग्राम कुमुरकट्टा में रहने वाली उर्मिला बाई सेन (50) ने धोखाधड़ी की शिकायत की है। महिला ने बताया कि उसके पति की मौत हो चुकी है। वह अपने बेटों भुवनेश्वर सेन और पिंकू राम सेन और बहुओं के साथ रहती थी। उनके दोनों बेटे जनवरी 2024 में अपनी बहन के घर राजनांदगांव जा रहे थे। बालोद के पास ट्रक की चपेट में आने से उनके दोनों बेटों की मौत हो गई।

हादसे के बाद समाज के लोग बड़ी संख्या में उन्हें सांत्वना देने के लिए आए। इसी दौरान समाज का तत्कालीन प्रदेश उपाध्यक्ष अविनाश ठाकुर,( निवासी अंबिकापुर शक्तिपारा) भी उनके घर आया था। उसने परिवार वालों को सांत्वना देते हुए बीमा क्लेम की रकम दिलाने की बात कही। समाज का प्रदेश उपाध्यक्ष होने के कारण महिला ने उस पर सहज भरोसा कर लिया।

बिलासपुर कोर्ट में लगाया केस

उसने महिला को बिलासपुर में क्लेम करने के लिए कहा। तब उसने बालोद कोर्ट में ही मामले को लगाने के लिए कहा। तत्कालीन प्रदेश उपाध्यक्ष ने बिलासपुर कोर्ट में ज्यादा बीमा क्लेम दिलाने का झांसा देकर मामले को यहां लगा दिया। यहां पर महिला की बड़ी बहू सुनीता सेन को 20 लाख और छोटी बहू दिलेश्वरी सेन को 19 लाख रुपये बीमा क्लेम देने का आदेश पारित हुआ।

अविनाश ठाकुर ने महिला और उनकी बहुओं को बैंक खाता खोलने के लिए बिलासपुर बुलाया और पंजाब नेशनल बैंक में खाता खुलवाया। बैंक में फार्म भरवाने और दस्तावेज पर हस्ताक्षर कराने के बाद अविनाश ठाकुर ने सभी बीमा राशि अपने पास रख ली।

महिला ने बताया कि अविनाश ठाकुर ने उन्हें और उनके परिवार को कुछ राशि केवल 70 हजार रूपए के रूप में बांटे। बाकि रकम 21 लाख 21 हजार रूपए एफडी में जमा करने का झांसा दिया। बाद में उसने महिला और उनकी बहुओं को रुपये देने से इनकार कर दिया। महिला की शिकायत पर पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है।

समाजिक बैठक में कबूला जुर्म, फिर देने लगा आत्महत्या की धमकी

महिला ने बताया कि आरोपित अविनाश ठाकुर के हरकत की जानकारी उन्होंने समाज के लोगों को दी। इस पर समाज के लोगों ने बैठक की थी। इसमें अविनाश ठाकुर भी शामिल हुआ। समाज के लोगों के बीच उसने महिला और उनकी बहुओं के रुपये लेने की बात कबूल की थी। साथ ही उसने पूरी रकम वापस करने का आश्वासन दिया।

बाद में वह रुपये देने से इनकार करने लगा। साथ ही उसने दबाव बनाने पर आत्महत्या की धमकी दी। इसके बाद समाज के लोगों की मदद से पीड़ित ने थाने में शिकायत दर्ज कराई।

महासमुंद/राज्य प्रभारी श्री एम. राजा मुरुगन ने ली आदि कर्मयोगी अभियान की समीक्षा बैठक विलेज एक्शन प्लान सहभागी और व्यवहारिक बनाया जाए – श्री मुरुगन

महासमुंद/राज्य प्रभारी श्री एम. राजा मुरुगन ने ली आदि कर्मयोगी अभियान की समीक्षा बैठक विलेज एक्शन प्लान सहभागी और व्यवहारिक बनाया जाए – श्री मुरुगन

 

महासमुंद/धरती आबा जनजातीय उत्कर्ष अभियान के अंतर्गत संचालित आदि कर्मयोगी अभियान की वृहद समीक्षा बैठक आज आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता ट्राईफेड एम.डी. एवं राज्य प्रभारी श्री एम. राजा मुरुगन ने की। इस अवसर पर जिला प्रभारी श्री पी. खदाने, श्री शांतनु सहारा, श्री प्रज्ञान सेठ, कलेक्टर श्री विनय लंगेह, पुलिस अधीक्षक श्री आशुतोष सिंह, जिला पंचायत सीईओ श्री हेमंत नंदनवार, सहायक आयुक्त, विभागीय अधिकारी एवं संबंधित विभागों के जिलाधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक में प्रस्तुतीकरण के माध्यम से बताया गया कि जिले में निवासरत विशेष पिछड़ी जनजाति (कमार) सहित जनजातीय बाहुल्य ग्रामों को विभिन्न विभागों की योजनाओं से जोड़ा जा रहा है। आदि कर्मयोगी अभियान के तहत महासमुंद विकासखण्ड के 25 ग्राम, बागबाहरा के 33, पिथौरा के 210, बसना के 24 एवं सरायपाली विकासखण्ड के 16 ग्राम, कुल 308 ग्रामों में संबंधित विभागों की योजनाओं का लाभ दिया जाएगा।

श्री मुरुगन ने बैठक में ग्राम विकास योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए कहा कि आदि कर्मयोगी अभियान देशभर में जनजातीय समुदायों के समग्र उत्थान की दिशा में उत्तरदायी शासन की ऐतिहासिक पहल है। पहली बार ग्राम स्तर पर ग्रामीणों की सहभागिता से उनकी आवश्यकताओं और उपलब्ध संसाधनों के अनुरूप विकास योजनाएँ तैयार की जा रही हैं। यह पहल वर्ष 2030 तक की दूरदर्शी सोच के साथ स्थायी विकास का आधार बनेगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि ग्राम विकास योजनाएँ व्यवहारिक और सहभागी हों तथा अधोसंरचना विकास के साथ-साथ सामाजिक एवं मानव संसाधन विकास पर विशेष बल दिया जाए। सभी 308 ग्रामों में सहभागी नियोजन के माध्यम से विलेज एक्शन प्लान तैयार करने के निर्देश दिए गए। राज्य प्रभारी श्री मुरुगन ने जिले में अब तक की प्रगति को सराहते हुए सभी विभागों को बेहतर समन्वय और टीम भावना से कार्य करने कहा तथा अभियान को मूर्त रूप देने के लिए अधिकारियों और फील्ड स्तर पर कार्यरत कर्मयोगियों को बधाई दी।

बैठक में प्रस्तुत विवरण के अनुसार, जिले की 308 ग्राम में से 197 ग्रामों के लिए विलेज एक्शन प्लान तैयार कर लिया गया है तथा शेष ग्रामों का प्लान शीघ्र ही पूरा कर लिया जाएगा। कलेक्टर श्री विनय लंगेह ने जानकारी दी कि

ग्राम एक्शन प्लान को 2 अक्टूबर से आयोजित होने वाली ग्राम सभाओं में अनुमोदन के लिए प्रस्तुत किया जाएगा। जिले में जिला प्रोसेस लैब से लेकर जमीनी स्तर तक प्रशिक्षण की व्यवस्था की गई है, जहाँ 7756 प्रशिक्षित ट्रेनर्स, आदि कर्मयोगी और सहयोगी इस अभियान को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। बैठक में आदिवासी विकास विभाग,शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास, पंचायत, विद्युत, खाद्य, राजस्व, पशुपालन, फिशरी आदि विभागों के अधिकारीगण भी उपस्थित रहे।

अनुकंपा नियुक्ति पाने के लिए मां-बेटी की हत्या का प्रयास, रिश्तेदारों ने दी 5 लाख की सुपारी

अनुकंपा नियुक्ति पाने के लिए मां-बेटी की हत्या का प्रयास, रिश्तेदारों ने दी 5 लाख की सुपारी

 

बिलासपुर। एसईसीएल में अनुकंपा नियुक्ति पाने के लिए मल्हार के खईयापारा में रहने वाली महिला और उसकी बेटी की हत्या कराने के लिए सुपारी देने का मामला सामने आया है। सुपारी लेने वालों ने घर में घुसकर महिला और उसकी बेटी पर जानलेवा हमला कर दिया। हमले में गंभीर रूप से घायल महिला को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया।

उसकी बेटी को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। घायल युवती की शिकायत पर पुलिस ने जुर्म दर्ज कर मामले की जांच शुरू की। जांच के दौरान मिले सुराग के आधार पर पुलिस ने दोनों आरोपियों के साथ साजिश करने वालों को पकड़ लिया है।

मिली जानकारी के अनुसार, मल्हार के खईयापारा में रहने वाली सतरूपा श्रीवास गृहणी हैं। वे अपनी बेटी बृहस्पती श्रीवास के साथ रहती हैं। शुक्रवार 26 सितंबर की सुबह नींद खुलने के बाद वे मुंह हाथ धोने के लिए घर के बाहर जा रही थीं। जैसे ही वे घर के पीछे का दरवाजा खोली दो नकाबपोश लोगों ने उन पर लाठी से हमला कर दिया। मारपीट के दौरान उन्होंने शोर मचाया तो बृहस्पति भी वहां पहुंच गई। नकाबपोश ने उन पर भी लाठी से हमला किया।

मां की हालत गंभीर

मां बेटी के शोर मचाने पर आसपास के लोग उनके घर की ओर आने लगे। इसकी जानकारी होने पर हमलावर वहां से भाग निकले। पड़ोसियों के पहुंचने पर मां-बेटी ने घटना की जानकारी दी। पड़ोसियों ने उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया। महिला की स्थिति गंभीर होने पर उन्हें निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया।

ससुराल वालों ने रची हत्या की साजिश

युवती की शिकायत पर पुलिस ने जुर्म दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी। जांच के दौरान पता चला कि महिला का पति एसईसीएल में नौकरी करता था। उसके पति की मौत हो चुकी है। इसके बाद महिला के पेंशन और उसकी बेटी को अनुकंपा नियुक्ति की प्रतिक्रिया चल रही है। उसके ससुराल वाले अनुकंपा नियुक्ति पाने के लिए साजिश रच रहे थे। उन्होंने गांव के दो लोगों को सुपारी देकर महिला की हत्या करने के लिए कहा।

पांच लाख में सौदा तय होने के बाद आरोपित महिला के घर जाकर हमला कर दिए। जांच में मिले तथ्यों के आधार पर पुलिस ने आधा दर्जन लोगों को हिरासत में लिया है। इनमें हमलावर और साजिश में शामिल लोग हैं।

छत्तीसगढ़ खेत की मेढ़ पर पत्नी की लाश, फांसी पर लटका मिला पति का शव, दंपती ने 12 साल पहले किया था प्रेम विवाह

छत्तीसगढ़ खेत की मेढ़ पर पत्नी की लाश, फांसी पर लटका मिला पति का शव, दंपती ने 12 साल पहले किया था प्रेम विवाह

 

बिलासपुर: रतनपुर क्षेत्र के जोगी अमराई गांव में बुधवार की सुबह सनसनीखेज घटना सामने आई है। गांव में महिला की खून से सनी लाश खेत के मेढ़ पर मिली है। उसके पति का शव कुछ दूर पर फांसी पर लटक रहा था। गांव वालों की सूचना पर पुलिस ने पति-पत्नी का शव कब्जे में लेकर चीरघर भेज दिया है। पुलिस इस मामले की जांच में जुट गई है। आशंका है कि पत्नी की हत्या के बाद पति ने फांस लगा ली है। पीएम रिर्पोट से पूरा मामला स्पष्ट होगा।

रतनपुर थाना प्रभारी संजय सिंह राजपूत ने बताया कि जोगी अमराई में रहने वाले अमित कुमार इंदुआ ने करीब 12 साल पहले अंजू से प्रेम विवाह किया था। दोनों के 10 वर्षीय बेटी और सात वर्षीय बेटा। मंगलवार को दंपती अपने बच्चों के साथ रतनपुर स्थित महामाया मंदिर दर्शन करने गए थे। रात को घर लौटने के बाद सभी भोजन कर सो गए।

थाना प्रभारी के अनुसार, अगले सुबह अंजू और अमित घर में नहीं थे। जिसके बाद स्वजन खेत की ओर गए। वहां उन्हें अंजू की लाश मेढ़ पर और अमित की लाश पेड़ में फांसी के फंदे पर लटकी हुई मिली। घटना की जानकारी मिलने पर अमित की मां दुरपति बाई गांव के लोगों के साथ मौके पर पहुंचीं।

बेटे और बहू की लाश देखकर वह बेहोश हो गईं। पुलिस भी तुरंत घटनास्थल पर पहुंची और दोनों शवों को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। प्राथमिक जांच में महिला के चेहरे पर चोट के निशान पाए गए हैं। फिलहाल पुलिस अंजू के मायके वालों से पूछताछ कर रही है। इसके साथ ही गांव वालों से भी घटना के संबंध में जानकारी ली जा रही है।

छत्तीसगढ़/बकरी चराने गए दो युवकों की आकाशीय बिजली की चपेट में आने से मौत, पेड़ के नीचे खड़े होने से गई जान

छत्तीसगढ़/बकरी चराने गए दो युवकों की आकाशीय बिजली की चपेट में आने से मौत, पेड़ के नीचे खड़े होने से गई जान

 

रायगढ़:जिले के छाल थाना क्षेत्र से दिल दहला देने वाली दर्दनाक घटना सामने आई है। आकाशीय बिजली की चपेट में आने से 2 चरवाहे युवकों की मौत हो हई है। वहीं इस हादसे में 3 बकरी की भी मौत हो गई है।

घटना जिले के छाल थाना क्षेत्र के ग्राम गंजाई पाली की है। गांव के दो युवक आकाश किंडो (पिता सुकलाल उराव उम्र 19 वर्ष) और लिबुन करकेट्टा (पिता बोदो उम्र 19 वर्ष) बकरी चराने का काम करते थे। वे दोनों 30 सितंबर को रोजना की गांव के विभिन्न क्षेत्रों में बकरी को चारा रहे थे। इसी दौरान दोनों चरवाहे गांव के पास ही ठाकुरदेव डीपा के बकरी को लेकर गए थे।

पेड़ के नीचे खड़े होने से गई जान

उसी समय मौसम ने करवट बदली और अचानक तेज बदलो कि गड़गड़ाहट के साथ बारिश होने लगी और बारिश से बचने के लिए दोनों युवक महुआ पेड़ के नीचे खड़े हो गए। दोपहर के लगभग 3 बजे के आसपास आकाशीय बिजली पर गिरी और दोनों युवक को अपनी चपेट में ले लिया। इससे उनकी मौके पर मौत हो गई है, इसके अलावा साथ में लेकर गए जंगल मे चर रहे तीन बकरियों की भी मौत हो गई है।

देर शाम तक जब दोनों वापस नहीं लौटे तो उनके परिजनों ने तलाश शुरू की। मौके पर पहुंचे लोगों ने पेड़ के नीचे दोंनों युवकों का शव देखा, जिसकी जानकारी होने पर गांव के अन्य लोग और परिजन भी मौके पर पहुंच गए। लोगों ने इसकी सूचना छाल थाना पुलिस को दी। पुलिस ने मर्ग दायर कर शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और मामले की जांच की।

Biranpur Murder Case: राजनीतिक साजिश नहीं थी बिरनपुर हत्याकांड, CBI ने 18 आरोपियों के खिलाफ पेश की चार्जशीट

Biranpur Murder Case: राजनीतिक साजिश नहीं थी बिरनपुर हत्याकांड, CBI ने 18 आरोपियों के खिलाफ पेश की चार्जशीट

 

छत्तीसगढ़ : प्रदेश के चर्चित बिरनपुर हत्याकांड राजनीतिक साजिश नहीं थी। इसका राजफाश सीबीआई की चार्टशीट में हुआ है। सीबीआई ने मामले में जांच पूरी कर कोर्ट में 18 आरोपितों के खिलाफ चार्जशीट पेश कर दी है। हत्याकांड में मारे गए भुवनेश्वर साहू के पिता ने जिन लोगों पर आरोप लगाए थे, उनका कहीं भी जिक्र नहीं है।

भुवनेश्वर के पिता व वर्तमान भाजपा विधायक ईश्वर साहू लगातार आरोप लगाते रहे हैं कि अंजोर यदु की भूमिका के कारण हत्या को अंजाम दिया गया था। लेकिन चार्जशीट में अंजोर यदु के नाम की भूमिका का जिक्र नहीं है। बिरनपुर हत्याकांड को लेकर जमकर राजनीति हुई थी।

भाजपा ने 2023 के विधानसभा चुनाव में बेमेतरा जिले की साजा सीट से भुवनेश्वर के पिता ईश्वर साहू को चुनाव मैदान में उतारा था। इन्होंने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रवीन्द्र चौबे को हराया था। ईश्वर साहू ने इससे पहले कभी राजनीति नहीं की थी। भाजपा ने चुनाव से पहले इस मुद्दे पर पूर्ववर्ती कांग्रेस को खूब घेरा था।

गृहमंत्री ने सीबीआई जांच की घोषणा की थी

राज्य में भाजपा की सरकार बनने के बाद विधानसभा में गृहमंत्री विजय शर्मा ने कहा था कि जिनके खिलाफ प्रमाण मिले हैं, वे जेल में हैं, शेष की विवेचना जारी है। जब ईश्वर साहू ने पुनः न्याय की मांग की, तो गृहमंत्री ने इसे पराक्रमी पिता का दर्द बताते हुए सदन में सीबीआई जांच की घोषणा की थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच केवल भुवनेश्वर साहू की हत्या तक सीमित होगी।

घोषणा के बाद 27 अप्रैल 2024 को सीबीआई पहली बार बिरनपुर पहुंची। टीम ने बेमेतरा, साजा और बिरनपुर में स्थानीय अधिकारियों से चर्चा कर पुलिस विवेचना के बिंदु लिए और नए सिरे से जांच शुरू की थी।

यह है बिरनपुर हत्याकांड

बेमेतरा जिले के बिरनपुर में 8 अप्रैल 2023 को दो गुटों में विवाद हुआ था, जिसमें भुनेश्वर साहू की हत्या कर दी गई थी। घटना को धार्मिक रंग देने की वजह से गांव में तनाव फैल गया था। कुछ घरों में आग लगा दी गई थी। 10 अप्रैल को गांव के ही रहीम और उसके बेटे ईदुल मोहम्मद की हत्या कर दी गई थी। इसके बाद से गांव में दो सप्ताह के लिए कर्फ्यू लगा दिया गया था।

चार्जशीट में इन आरोपियों का नाम

स्थानीय पुलिस ने जांच के बाद सभी 12 आरोपितों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया था। जिसमें नवाब खान, जलिल खान, बसीर खान, मुख़्तार मोहम्मद, सफीक मोहम्मद, अब्दुल खान, अकबर खान, मोहम्मद जनाब, अयूब खान, निज़ामुद्दीन, राशिद खान और कल्लू खान शामिल थे। इसके बाद राज्य सरकार ने मामला सीबीआई काे सौंपा था। बाद में सीबीआई ने मामले की विस्तृत जांच की और छह अन्य आरोपित सामने आए। इनमें अमीर खान, जमीर खान, सलमान मोहम्मद, अपजल खान, फ़ज़ल खान और अब्बास मोहम्मद शामिल हैं।

रायपुर के होटल में युवक की हत्या में बड़ा खुलासा, नाबालिग प्रेमिका ने दिया वारदात को अंजाम

रायपुर के होटल में युवक की हत्या में बड़ा खुलासा, नाबालिग प्रेमिका ने दिया वारदात को अंजाम

 

रायपुर: रायपुर के स्टेशन रोड स्थित एवन लाज में मिली युवक की हत्या की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। पुलिस के मुताबिक 16 वर्षीय नाबालिग ने अपने प्रेमी मोहम्मद सद्दाम (बिलासपुर निवासी) की चाकू से हत्या की है। किशोरी का आरोप है कि सद्दाम किसी दूसरी युवती से निकाह करने वाला था और उस पर गर्भपात का दबाव बना रहा था।

इनकार करने पर वह उसके अश्लील वीडियो वायरल करने की धमकी देता था। इसी तनाव और विवाद के बीच किशोरी ने वारदात को अंजाम दिया। किशोरी ने घटना की जानकारी खुद अपनी मां को दी और बाद में थाने पहुंचकर राज खोला। युवक द्वारा आठ आइडी चलाए जाने की जानकारी पुलिस को लगी है। गंज थाना पुलिस किशोरी के खिलाफ अपराध दर्ज कर बाल न्यायालय भेज दिया।

इंस्टाग्राम से हुई दोस्ती

दो वर्ष पहले नाबालिग की मुलाकात इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म इंस्टाग्राम पर एमडी सद्दाम नामक युवक से हुई थी। दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई और धीरे-धीरे नजदीकियां बढ़ीं। सद्दाम कई बार रायपुर से बिलासपुर जाकर युवती से मिलता रहा, वहीं किशोरी भी रायपुर आती रही। इस दौरान दोनों के बीच शारीरिक संबंध बने और नाबालिग गर्भवती हो गई। इसके बाद उसने सद्दाम पर शादी के लिए दबाव बनाया।

स्टेशन में मारपीट और लाज में रुकना

27 सितंबर को दोनों की मुलाकात रायपुर रेलवे स्टेशन पर हुई। इस दौरान सद्दाम ने किशोरी से विवाद किया और उसके साथ मारपीट भी की। इसके बाद वह उसे एवन लाज लेकर आया। अगले दिन 28 सितंबर को सद्दाम युवती को अभनपुर ले गया और शाम तक वापस लौटा। इसके बाद फिर से दोनों एवन लाज में ठहरे।

हत्या से पहले दी थी धमकी

जानकारी के अनसार, सद्दाम ने गर्भपात कराने से मना करने पर किशोरी को चाकू दिखाकर डराया था। किशोरी को आशंका थी कि कहीं उसकी भी हत्या न कर दी जाए। 28 की रात कमरे में बियर पी गई। इसके बाद दोनों सो गए।

सुबह चाकू से वार कर हत्या

29 सितंबर की सुबह करीब चार से पांच बजे के बीच किशोरी ने सद्दाम के बैग में रखे चाकू से उस पर कई वार कर दिए। वारदात के बाद उसने कमरे को बाहर से ताला लगाकर वहां से निकल गई। वह रायपुर स्टेशन से ट्रेन पकड़कर सीधे बिलासपुर पहुंची और घर आ गई। कपड़ों पर खून देखकर मां ने पूछताछ की तो किशोरी ने पूरी घटना बताई। इसके बाद मां बेटी को लेकर कोनी थाने पहुंची।

मोबाइल से डाटा डिलीट

हत्या के बाद किशोरी ने सद्दाम के मोबाइल से फोटो, वीडियो और पूरा डाटा डिलीट कर दिया। उसने अपने फोन से भी सब कुछ हटा दिया। पुलिस ने मोबाइल जब्त कर लिया है और उसे रिकवरी के लिए पुलिस मुख्यालय भेजा गया है। पुलिस का मानना है कि रिकवरी के बाद कई अहम जानकारियां सामने आ सकती हैं।

पुलिस जांच जारी

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, नाबालिग द्वारा दिए गए बयान और घटनास्थल से मिले सबूतों के आधार पर जांच की जा रही है। मामले में ब्लैकमेलिंग, अवैध संबंध और दबाव के पहलुओं की बारीकी से पड़ताल की जा रही है।

बुजुर्गों की हत्या करने में छत्तीसगढ़ देश में सबसे आगे, NCRB की रिपोर्ट में खुलासा

छत्तीसगढ़ बुजुर्गों की हत्या करने में छत्तीसगढ़ देश में सबसे आगे, NCRB की रिपोर्ट में खुलासा

 

छत्तीसगढ़: राज्य में बुजुर्गों की हत्या के मामले देशभर में सबसे अधिक है। नेशनल क्राइम रिकार्ड्स ब्यूरो (एनसीआरबी) की वार्षिक रिपोर्ट के मुताबिक वर्ष 2023 में छत्तीसगढ़ ने वरिष्ठ नागरिकों की हत्या के मामले सबसे अधिक मामले दर्ज किए गए हैं।

इसी के साथ 60 वर्ष और उससे अधिक आयु वाले वरिष्ठ नागरिकों के खिलाफ अपराध दर में छत्तीसगढ़ देश में चौथे स्थान पर रहा है। राज्य में यह दर 89.7 (1,798 मामले) रही, जबकि दिल्ली 118.6 मामले प्रति एक लाख वरिष्ठ नागरिकों के साथ पहले स्थान पर है।

एनसीआरबी के मुताबिक वर्ष 2023 में छत्तीसगढ़ में 72 हत्याकांडों में 73 वरिष्ठ नागरिकों की जान गई। औसतन हर महीने छह वृद्धजन की हत्या हुई। इस श्रेणी में छत्तीसगढ़ 3.6 की दर के साथ शीर्ष पर है। इसके बाद अरुणाचल प्रदेश (3.1), मध्यप्रदेश और तमिलनाडु (2.7) रहे, जबकि राष्ट्रीय औसत 1.2 है।

अपराध में मामूली गिरावट

देशभर में 2023 में वरिष्ठ नागरिकों के खिलाफ 27,886 अपराध दर्ज हुए, जो 2022 (28,545 मामले) की तुलना में मामूली कमी है।

रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि छत्तीसगढ़ में वरिष्ठ नागरिकों के खिलाफ अपराध लगातार बढ़ रहे हैं। वर्ष 2021 में 1,408, 2022 में 1,632 और 2023 में 1,798 मामले दर्ज हुए। आंकड़ों के मुताबिक 2023 में छत्तीसगढ़ में इन अपराधों में 2,521 आरोपितों (2,307 पुरुष और 214 महिलाएं) को गिरफ्तार किया गया। इनमें से 2,457 पर चार्जशीट दायर हुई।

वहीं 235 दोषी करार दिए गए, 45 आरोप मुक्त हुए और 392 बरी कर दिए गए। वर्ष 2023 में कुल 1,520 मामलों की सुनवाई शुरू हुई, जबकि पिछले वर्षों से लंबित 5,032 मामले अदालतों में लंबित हैं।

सरायपाली चिरायु लाभान्वित बच्चों का किया गया सम्मान

सरायपाली चिरायु लाभान्वित बच्चों का किया गया सम्मान

 

सरायपाली–स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार” अभियान एक भारत सरकार की पहल है, जिसे महिला एवं बाल विकास मंत्रालय और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा संयुक्त रूप से 17 सितंबर 2025 को हमारे देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के द्वारा शुरू किया गया इसका उद्देश्य महिलाओं, किशोरियों और बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण में सुधार करना है. इसी तारतम्य में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ आई नागेश्वर राव के निर्देशन एवं डॉक्टर कुणाल नायक बीएमओ सरायपाली के मार्गदर्शन में चिरायु दल सरायपाली द्वारा विभिन्न स्कूलों में जाकर बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उनको पोषण संबंधी जानकारी एनीमिया से बचाव जंक फूड से दूर रहना बालिकाओं को माहवारी संबंधी स्वच्छता आदि के बारे में तथा बालकों को नशा मुक्ति के बारे में जानकारी दी गई चिरायु से लाभान्वित बच्चे जिनके हृदय रोग का उपचार चिरायु दल द्वारा किया गया।

उन बच्चियों को प्रोत्साहन करने हेतु उनसे गृह भेंट कर उनको उपहार भी दिए गए ज्ञात हो कि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम अंतर्गत चिरायु दल सभी स्कूलों एवं आंगनबाड़ियों में जाकर बच्चों को स्वास्थ्य लाभ पहुंचा रहे हैं उपयुक्त कार्यक्रम में डॉ. अनुपा दाश डॉ. राजेश सिंह डॉ.जनक जेरी डॉ.जयश्री दुत्तकामणी भीष्मप्रताप राणा परमेश्वर सेन उसत पटेल एवं सुनीता साव का विशेष योगदान रहा |*