छत्तीसगढ़ जिला धमतरी के रूद्र प्रताप राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित, ग्राम मेघा का नाम राष्ट्रीय पटल पर रोशन

छत्तीसगढ़ जिला धमतरी के रूद्र प्रताप राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित, ग्राम मेघा का नाम राष्ट्रीय पटल पर रोशन

ग्राम मेघा, जिला धमतरी के होनहार युवा एवं शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, मेघा के पूर्व छात्र रूद्र प्रताप चौरे (पिता श्री खेमूराम चौरे) को उनके उत्कृष्ट कार्यों एवं अनुशासन के लिए वर्ष 2016 में भारत स्काउट-गाइड राष्ट्रपति पुरस्कार हेतु चयनित किया गया था। दिनांक 31 अगस्त 2025 को उन्हें यह प्रतिष्ठित सम्मान प्रदान किया गया।

यह उपलब्धि केवल विद्यालय और ग्राम मेघा ही नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ प्रदेश के लिए गौरव और अभिमान का विषय है।

*विद्यालय परिवार एवं जनप्रतिनिधियों ने दी बधाई*

इस अवसर पर विद्यालय परिवार एवं ग्राम पंचायत द्वारा भव्य अभिनंदन समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में शाला प्रबंधन समिति के अध्यक्ष श्री धर्मेंद्र साहू, ग्राम सरपंच श्रीमती मनीषा गजेंद्र ध्रुव, जनपद सदस्य श्रीमती यमुना केवल साहू, सहित गणमान्य नागरिक राजेश साहू, संध्या साहू, प्रेमलता सोनी, पुरुषोत्तम पटेल, संतोष साहू आदि विशेष रूप से उपस्थित रहे।

विद्यालय की ओर से प्राचार्य श्री एस.के. साहू, संकुल समन्वयक हलधर साहू, जिले की डी.ओ.सी. हीना, स्काउट मास्टर अमित कंवर तथा शिक्षकगण – भावना चावड़ा, दीपेश कोसरीया, प्रीतम लाल साहू, किरण साहू, टूकेश्वरी साहू, एन.के.साहू, अवध राम साहू, नंद कुमार गौतम, दिलीप कुमार साहू, कीर्ति लता साहू ने उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ प्रदान कीं।*गौरवशाली उपलब्धियां*

रूद्र प्रताप प्रारंभ से ही अनुशासनप्रिय, ऊर्जावान एवं प्रतिभाशाली छात्र रहे हैं। उन्हें पूर्व में वर्ष 2014 में राज्यपाल पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है। साथ ही, विद्यालय में उन्हें “बेस्ट स्टूडेंट ऑफ द ईयर” अवार्ड भी प्राप्त हुआ। उनकी कठिन मेहनत, लगन और सेवाभाव ने आज उन्हें राष्ट्रीय स्तर का गौरव दिलाया है।

*प्रेरणा का स्रोत*

रूद्र प्रताप ने सिद्ध किया है कि संकल्प, परिश्रम और अनुशासन के बल पर ग्रामीण परिवेश से निकलकर भी युवा राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकते हैं। उनका कहना है –

“यदि हम ईमानदारी और अनुशासन के साथ अपने लक्ष्य की ओर बढ़ें तो कोई भी बाधा हमें रोक नहीं सकती।”

छत्तीसगढ़ के स्टील प्लांट में हुए हादसे में प्रबंधन के खिलाफ केस दर्ज, मजदूरों का आरोप- जल्दबाजी में खुलवाया गया था प्लांट

छत्तीसगढ़ के स्टील प्लांट में हुए हादसे में प्रबंधन के खिलाफ केस दर्ज, मजदूरों का आरोप- जल्दबाजी में खुलवाया गया था प्लांट

 

रायपुर: धरसींवा थाना क्षेत्र स्थित गोदावरी पावर एंड इस्पात लिमिटेड में हुए भीषण हादसे में प्रबंधन के खिलाफ अपराध दर्ज कर लिया गया है। शुक्रवार को प्लांट के पेलेट यूनिट में मशीन का भारी लोहे का ढांचा गिरने से मैनेजर सहित छह लोगाें की मौत हो गई थी।

इस घटना में 12 से अधिक लोग मलबे में दब गए थे। पुलिस ने सुरक्षा मानकों का पालन नहीं करने पर लापरवाही की धाराओं के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर लिया है। सुबह सभी मृतकों को पोस्टमार्टम कर शव को स्वजनों को सौंप दिया गया।

जल्दबाजी में खुलवाया गया था प्लांट

हादसे को लेकर कर्मचारियों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उनके मुताबिक प्लांट को महज दो दिन पहले ही शटडाउन किया गया था। सामान्य स्थिति में शटडाउन के बाद कम से कम सात दिन तक ठंडा होने के बाद ही मशीनों से मटेरियल हटाया जाता है। लेकिन उत्पादन की जल्दबाजी में अधिकारियों ने सिर्फ दो दिन में ही जांच और सफाई शुरू करा दी। इसी दौरान हाफर गिरा और मजदूरों को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला।

जांच टीम पहुंची, रिपोर्ट तैयार होगी

श्रम और औद्योगिक स्वास्थ्य सुरक्षा विभाग की टीम शनिवार को घटनास्थल पहुंची। टीम ने हादसे की परिस्थितियों का जायजा लिया और सुरक्षा उपायों से संबंधित दस्तावेजों की पड़ताल की। विभाग ने कहा है कि विस्तृत जांच रिपोर्ट जल्द ही तैयार कर आगे की कार्रवाई तय होगी।

प्रबंधन ने कही स्वतंत्र जांच की बात

कंपनी प्रबंधन की ओर से इमेंद्र दान ने कहा कि घायलों का इलाज और मृतकों के परिजनों को सहायता प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि कंपनी स्वतंत्र जांच कराएगी और सुरक्षा मानकों के पालन की पूरी समीक्षा की जाएगी। दान ने यह भी बताया कि हादसा प्लांट के उस हिस्से में हुआ जो विस्तार कार्य के अंतर्गत तैयार किया जा रहा था। सभी मजदूरों को सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए गए थे। इधर उनके बयान के इतर प्रारंभिक जांच में निर्माण सामग्री की गुणवत्ता और संरचनात्मक कमजोरी पर सवाल उठे हैं।

रायपुर की सड़कों पर हुड़दंगियों का आतंक, कार से लटकने और खतरनाक स्टंट करने का Video viral

रायपुर की सड़कों पर हुड़दंगियों का आतंक, कार से लटकने और खतरनाक स्टंट करने का Video viral

 

छत्तीसगढ़: राजधानी की सड़कों पर रात में जमकर हुड़दंग हो रहा है। शुक्रवार रात एक्सप्रेस-वे पर कई वाहन सवार युवकों का हुड़दंग मचाते हुए वीडियो प्रसारित हुआ है। इसमें युवकों को कई लग्जरी गाड़ियों से रास्ता घेरकर, वाहनों पर लटकते और रफ्तार में खतरनाक करतब करते हुए देखा गया। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

यह सिलसिला सिर्फ एक्सप्रेस-वे तक ही सीमित नहीं रहा। बूढ़ापारा, केनाल रोड, मंदिर हसौद से लेकर रसनी टोल प्लाजा तक रातभर हुड़दंगियों ने सड़क पर उत्पात मचाया। इससे आम राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

कुछ दिन पहले भी बिलासपुर-रायपुर हाईवे पर कई लग्जरी वाहनों के काफिले ने सड़क जाम कर जन्मदिन मनाया था। इस घटना का वीडियो प्रसारित होने के बाद लोगों में नाराजगी बढ़ी थी।

हाई कोर्ट ने लिया है स्वतः संज्ञान

लगातार मिल रही शिकायतों और वीडियो के वायरल होने पर बिलासपुर उच्च न्यायालय ने स्वतः संज्ञान लिया और रायपुर पुलिस को कड़ी फटकार लगाते हुए सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद राजधानी में हुड़दंगियों का सिलसिला थमने के बजाय और बढ़ता नजर आ रहा है।

बिलासपुर में भी ऐसे ही मचाया था हुड़दंग

हाल हीं में बिलासपुर के हाईवे पर भी बर्थडे मनाने जा रहे कुछ युवकों ने इसी प्रकार कार की खिड़की और सररूफ से बाहर निकलकर हुड़दंग किया था। जिसका वीडियो किसी चालक ने बनाकर वायरल कर दिया था। मामले में प्रशासन की ओर से कार्रवाई का दिखावा करते हुए चालान काटा गया था। इसे लेकर हाई कोर्ट की ओर से प्रशासन को फटकार लगाई गई थी। साथ ही आदेश दिया गया था कि बिना अनुमति के गाड़ियों को न छोड़ा जाए।

सड़क हादसों में जा रही जानें

गौरतलब है कि लापरवाही से गाड़ी चलाने के कारण आए दिन सड़क दुर्घटनाओं में युवाओं की मौत हो रहा है। हालही में प्रदेश सरकार में मंत्री और भाजपा नेता केदार कश्यप के भतीजे की नवा रायपुर में इसी प्रकार तेज रफ्तार से बाइक चलाने के दौरान हादसे में ंमौत हो गई थी।

शनिवार को डोंगरगढ़ से मां बम्लेश्वरी के दर्शन करके लौटने के दौरान सड़क हादसे में लोगों युवकों की जान चली गई। युवक अपने दोस्तों से पीछे रह गए थे, इस कारण तेज रफ्तार से बाइक चला रहे थे, इसी दौरान बाइक सामने से आ रही एक पिकअप ट्रक से टकरा गई। हादसे में दोनों युवकों की मोके पर ही मौत हो गई।

छत्तीसगढ़ मतांतरित महिला को दफनाने को लेकर विवाद, परिजनों के हिंदू धर्म में लौटने के बाद ही हो सका अंतिम संस्कार

छत्तीसगढ़ मतांतरित महिला को दफनाने को लेकर विवाद, परिजनों के हिंदू धर्म में लौटने के बाद ही हो सका अंतिम संस्कार

 

कांकेर: जिले के चारामा ब्लॉक स्थित ग्राम हाराडुला में मतांतरण को लेकर अंतिम संस्कार के मामले ने विवाद का रूप ले लिया। ग्रामीणों मतांतरित महिला का शव गांव में दफनाने नहीं दिया, वहीं हिंदू सगठन के लोगों शव का दाह संस्कार नहीं करने दिया। जिसके बाद मृतका के परिजनों को शव का अंतिम संस्कार करने के लिए वापस सनातन धर्म में लौटना पड़ा।

जानकारी के अनुसार, ग्राम हाराडुला में राम सोनवानी और लक्ष्मण सोनवानी दोनों भाइयों ने ईसाई समाज में मतांतरण कर लिया था। आज उसकी माता का देहांत होने के उपरांत जब शव को गांव में अंतिम संस्कार करने गए, तो ग्रामीणों ने शव को दफनाना नहीं दिया। दोनों भाइयों ने शव को अपने चर्च शव ले गए थे, जो वहां भी उनको मना कर दिया गया।

गांव की बुजुर्ग महिला पुनिया बाई का निधन गुरुवार दोपहर 3 बजे हुआ। परिजनों ने शव को गांव में दफनाने की कोशिश की तो ग्रामीणों ने विरोध किया। उनका कहना था कि मतांतरित महिला का अंतिम संस्कार गांव में नहीं होगा। इसके बाद मृतका के परिजन शव को लेकर चारामा मुक्तिधाम पहुंचे और हिंदू रीति-रिवाज से अंतिम संस्कार करने की इच्छा जताई।

हिंदू संगठनों ने किया विरोध

यहां भी हिंदू संगठनों ने विरोध किया। उन्होंने कहा कि यदि हिंदू रीति रिवाज से अंतिम संस्कार करना है तो पहले हिंदू धर्म अपनाना होगा, अन्यथा अपने गांव में ही संस्कार करें। मामले की गंभीरता को देखते हुए चारामा थाना प्रभारी और तहसीलदार मौके पर पहुंचे और भीड़ को शांत करने की कोशिश की।

हिंदू धर्म में लौटने के बाद हुआ अंतिम संस्कार

हालांकि अब भी अंतिम संस्कार को लेकर विवाद को देखते हुए परिवार प्रसाशन के साथ हाराडुला ग्राम पहुंचा, जहां उन्होंने साहू समाज के साथ बैठक कर फिर से हिंदू रीति को अपने और हिंदू धर्म में पुनः वापस लौटने की सहमति देकर हिन्दू धर्म को अपनाया। जिसके बाद मृतिका का अंतिम संस्कार हिन्दू रीति-रीवाज से किया गया।

बसना विधायक डॉ. संपत अग्रवाल ने ‘मन की बात’ को बताया ‘राष्ट्र निर्माण का दर्पण कार्यकर्ताओं और आम जनता के साथ अपने निवास पर इस प्रेरक संबोधन को सुना।

बसना विधायक डॉ. संपत अग्रवाल ने ‘मन की बात’ को बताया ‘राष्ट्र निर्माण का दर्पण’,मन की बात पर

CG बसना । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 126वें संस्करण का प्रसारण आज, 28 सितंबर, 2025 को हुआ। बसना विधायक डॉ. संपत अग्रवाल ने कार्यकर्ताओं और आम जनता के साथ अपने निवास पर इस प्रेरक संबोधन को सुना। इस ऐतिहासिक संबोधन पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए, विधायक डॉ. अग्रवाल ने इसे ‘जन-जन की प्रेरणा और राष्ट्र निर्माण का दर्पण’ बताया।

विधायक डॉ. अग्रवाल ने इस बात पर जोर दिया कि प्रधानमंत्री ने एक बार फिर देश की नारी शक्ति, स्थानीय उद्यम और स्वदेशी उत्पादों को सम्मान देकर देश की बदलती तस्वीर को सामने रखा है।

विधायक डॉ. संपत अग्रवाल ने कहा कि आज के ‘मन की बात’ कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी ने स्पष्ट रूप से ‘स्वदेशी अपनाने’ की बात पर ज़ोर दिया। यह हम सभी देशवासियों के लिए एक सीधा संदेश है कि हम अधिक से अधिक स्वदेशी सामान खरीदने की कोशिश करें। स्वदेशी अपनाना केवल आर्थिक नहीं, बल्कि राष्ट्रप्रेम का विषय है, जो हमारे स्थानीय कारीगरों और छोटे उद्योगों को मजबूती देता है।

विधायक डॉ अग्रवाल ने आगे कहा कि जब प्रधानमंत्री देश के कोने-कोने से उदाहरण देते हैं, तो इससे स्थानीय स्तर पर काम करने वाले लोगों का मनोबल बढ़ता है। इस संबंध में उन्होंने विशेष रूप से छत्तीसगढ़ की चर्चा का उल्लेख किया। प्रधानमंत्री मोदी ने आज फिर छत्तीसगढ़ की चर्चा की, जिसे सुनकर सचमुच दिल गदगद हो गया। उन्होंने बिल्हा क्षेत्र की 200 महिलाओं का उल्लेख किया, जिन्होंने स्वच्छता अभियान में उल्लेखनीय योगदान दिया। इस तरह की राष्ट्रीय सराहना स्थानीय स्तर पर काम कर रहे लोगों को प्रोत्साहित करती है और उन्हें राष्ट्रीय पहचान दिलाती है। यह दिखाता है कि प्रधानमंत्री का ध्यान दूर-दराज के क्षेत्रों में हो रहे सकारात्मक बदलावों पर है।

विधायक डॉ. अग्रवाल ने प्रधानमंत्री के संवाद शैली और संदेश की गहराई की सराहना करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री जी ने ‘मन की बात’ के माध्यम से हमेशा देश के सुदूर क्षेत्रों के ऐसे गुमनाम नायकों और सकारात्मक प्रयासों को मंच दिया है, जिनकी कहानियाँ प्रेरणादायक हैं। इस बार भी उन्होंने जिस तरह से ग्रामीण महिलाओं की आत्मनिर्भरता और ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना से काम कर रहे लाखों स्वयंसेवकों के प्रयासों का उल्लेख किया, वह दर्शाता है कि सरकार का ध्यान ज़मीनी स्तर के बदलाव और जनभागीदारी पर है।

विधायक डॉ अग्रवाल संपत अग्रवाल ने प्रधानमंत्री के आह्वान को दोहराते हुए जनता से अपील की प्रधानमंत्री जी का यह आह्वान कि हम सभी को अपनी संस्कृति और परंपराओं को पर्व-त्योहारों के माध्यम से जीवित रखना चाहिए, बहुत महत्वपूर्ण है। साथ ही, उन्होंने एक बार फिर आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को दोहराया। यह लक्ष्य हम सभी को अपने-अपने क्षेत्र में ‘लोकल को वोकल’ बनाने और अपने उत्पादों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए प्रेरित करता है।

अंत में, बसना विधायक ने जनता से अपील की कि वे प्रधानमंत्री के इन विचारों और उनके द्वारा बताए गए सकारात्मक कार्यों को केवल सुनें नहीं, बल्कि उन्हें अपने जीवन में उतारें और देश की प्रगति में सक्रिय योगदान दें। उन्होंने कहा कि ‘मन की बात’ कार्यक्रम जनता से सीधा संवाद करने का एक प्रभावशाली मंच है, जो देश को आगे बढ़ाने के लिए निरंतर प्रेरणा देता है।

विधायक डॉ संपत अग्रवाल के साथ जिला उपाध्यक्ष रमेश अग्रवाल,जनपद उपाध्यक्ष मोहित पटेल, महंत लखन मुनि साहेब, विधायक प्रतिनिधि सोनू छाबड़ा,खेमचंद्र अग्रवाल सहित कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “मन की बात” का श्रवण किया।

महासमुंद / लगातार वर्षा से बांध का जलस्तर बढ़ा, महानदी किनारे रहने वाले ग्रामों को सतर्क रहने की अपील

महासमुंद / लगातार वर्षा से बांध का जलस्तर बढ़ा, महानदी किनारे रहने वाले ग्रामों को सतर्क रहने की अपील

महासमुंद, 27 सितम्बर 2025।
रविशंकर सागर बांध (गंगरेल) का जलभराव स्तर लगातार वर्षा के कारण तेजी से बढ़ रहा है। शुक्रवार रात 8 बजे की स्थिति में बांध का जलभराव 94.82 प्रतिशत दर्ज किया गया, जिसमें 17,356 क्यूसेक पानी की आवक रही। इस दौरान सिंचाई हेतु 3,700 क्यूसेक एवं महानदी नदी में 4,026 क्यूसेक पानी छोड़ा गया।

ज्ञात है कि शनिवार सुबह 11 बजे तक बांध का जलभराव 94 प्रतिशत हो चुका था। बांध के कैचमेंट क्षेत्र में लगातार वर्षा के चलते लगभग 15,000 क्यूसेक पानी की आवक दर्ज हुई है। मौसम की स्थिति को देखते हुए पानी की आवक 25,000 क्यूसेक तक पहुँचने की संभावना जताई जा रही है। ऐसे में जलस्तर नियंत्रित करने हेतु बांध से प्रति घंटे लगभग 4,000 क्यूसेक पानी महानदी नदी में छोड़े जाने की संभावना व्यक्त की गई थी।

महासमुंद जल संसाधन विभाग के कार्यपालन अभियंता श्री अजय खरे ने जानकारी दी कि महानदी नदी के किनारे बसे ग्रामवासियों को सतर्क किया जा रहा है। साथ ही, उच्च अधिकारियों को अग्रिम कार्यवाही हेतु सूचित कर दिया गया है, ताकि संभावित बाढ़ की स्थिति में किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
उन्होंने नदी किनारे बसे गांवों को सतर्क रहने की अपील की है।

छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड के पास 7,000 करोड़ की संपत्ति, फिर भी कामकाज सरकारी अनुदान के भरोसे

छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड के पास 7,000 करोड़ की संपत्ति, फिर भी कामकाज सरकारी अनुदान के भरोसे

 

छत्तीसगढ़ : प्रदेश में वक्फ बोर्ड की लगभग सात हजार करोड़ की संपत्ति है। फिर भी संचालन के लिए पैसा नहीं है। सरकार की तरफ से मिलने वाली अनुदान (खैरात) के भरोस हैं। वक्फ बोर्ड के अनुसार प्रचलित बाजार दर के अनुसार इन संपत्तियों से सलाना 200 करोड़ की कमाई होना चाहिए, लेकिन बोर्ड अभी एक करोड़ भी नहीं कमा पा रहा है।

बोर्ड का कामकाज सरकार से मिलने वाले सवा करोड़ रुपये के अनुदान के भरोस है। बोर्ड अपनी आय बढ़ाने का लगातार प्रयास कर रहा है। यही वजह है बोर्ड की संपत्तियों में कई पीढ़ियों से काबिज लोगों से उचित पैसा लेना चाहता है। लेकिन लोग पैसा देना नहीं चाहते हैं। इसी कारण से बोर्ड 480 कब्जाधारियों को अंतिम नोटिस दिया है। इसका जवाब नहीं मिलने पर बोर्ड वक्फ ट्रिब्यूनल में जाने की तैयारी में है।

वक्फ बोर्ड की संपत्तियों का किराया बढ़ाया

छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज ने बताया कि प्रदेश में बोर्ड के पास लगभग सात हजार करोड़ की संपत्ति है। इतनी संपत्ति होने का बोर्ड कोई लाभ नहीं हो रहा है। बजट नहीं होने के कारण बोर्ड अपने उद्देश्यों को भी पूरा नहीं कर पा रहा है। हमने अपनी सभी संपत्तियों का किराये पर संशोधन किया है। वक्फ की संपत्तियों का किराया अभी भी दो से पांच सौ रुपये के बीच में हैं। जो बाजारा भाव से बहुत कम है। वहीं पर निजी दुकानों का किराया 50 हजार रुपये तक है।

वक्फ की संपत्तियों को लेकर किराए पर दिया

वक्फ की संपत्तियों का किराया बहुत कम है। इसकी वजह से जिन लोगों का बोर्ड की संपत्तियों में कई पीढ़ियाें से कब्जा है, वह छोड़ना नहीं चाहता है। वो खुद व्यवसाय नहीं कर रहे हैं तो उसे दूसरे को किराया में दे रखा है। हमे जानकारी मिली है कि हमसे पांच हजार रुपये में दुकान लेकर 35 हजार में किराया पर दे दिया है।

बोर्ड की संपत्तियों की हुई फर्जी रजिस्ट्रियां

प्रदेश में बोर्ड की संपत्तियों की लोगों ने फर्जी रजिस्ट्रियां भी करवा ली है। बोर्ड के कानून के मुताबिक संपत्तियों को बेचा नहीं जा सकता है। दान में मिली संपत्तियों का सिर्फ समाज सेवा और किराया देकर उपयोग कर सकते हैं। प्रदेश में पांच सौ से अधिक संपत्तियों की फर्जी रजिस्ट्री की जानकारी है। फर्जी रजिस्ट्री रद करने के लिए पंजीयक को पत्र लिखा है। ये संपत्ति अलग-अलग शहरों के प्राइम लोकेशन में हैं, जिनकी कीमत करोड़ो में हैं।

वक्फ बोर्ड के पास संपत्ति बहुत है। अपनी संपत्तियों का किराया बढ़ाए हैं, फिर भी बाजार भाव से बहुत कम है। हम आय बढ़ाने पर ध्यान दे रहे हैं। जिससे स्कूल, अस्पताल बना सकें। समाज के लोगों के उत्थान के लिए काम कर सके।

-डॉ. सलीम राज, अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड

Raipur Breaking: रायपुर में एक और माओवादी गिरफ्तार, पास से सोने का बिस्किट और नकद बरामद

Raipur Breaking: रायपुर में एक और माओवादी गिरफ्तार, पास से सोने का बिस्किट और नकद बरामद

 

रायपुर: राजधानी रायपुर में फिर एक माओवादी पकड़ा गया है। एसआईए ने माओवादी रामा को भाठागांव इलाके से गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से सोने के बिस्किट और नगदी रकम भी मिली है। माओवादी को एनआईए कोर्ट में पेश कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।

बता दें कि अभी 3 दिन पहले ही रायपुर से 2 अन्य माओवीदी पकड़े गए थे। पुलिस ने रायपुर में छिपकर रह रहे माओवादी दंपती को गिरफ्तार किया था। आरोपी फर्जी आधार कार्ड बनाकर किराए के मकान में रह रहे थे। इस माओवादी दंपती के पास से भी पुलिस को डेढ़ लाख रुपये नकग और 10 ग्राम सोने का एक बिस्किट मिला था। इसने लगातार पूछताछ जारी है।

माओवादी दंपती जग्गू और उसकी पत्नी कमला पर 13 लाख का इनाम था। दोनों रायपुर में छिपकर रह रहे थे। जांच में सामने आया है कि दोनों ने कई बड़े अधिकारियों के घरों में नौकरी की थी। माओवादी लगातार रायपुर में रह कर शीर्ष माओवादी नेताओं की छिपने में मदद कर रहे थे।

कोमाखान/भिलाईदादर में मारपीट: शराब के नशे में गाली-गलौज कर युवक पर बांस की लाठी से हमला, रिपोर्ट दर्ज 

कोमाखान/भिलाईदादर में मारपीट: शराब के नशे में गाली-गलौज कर युवक पर बांस की लाठी से हमला, रिपोर्ट दर्ज

 

भिलाईदादर (महासमुंद)। ग्राम भिलाईदादर में 26 सितंबर की रात करीब 7.30 बजे एक युवक पर गांव के ही व्यक्ति ने शराब के नशे में लाठी से हमला कर दिया। घटना में पीड़ित को सिर, हाथ और पैर में गंभीर चोटें आईं तथा काफी खून बहा। घायल ने इलाज के बाद थाना पहुंचकर आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।

जानकारी के मुताबिक पीड़ित युवक गांव के कौशल ध्रुव की किराना दुकान में सामान लेने गया था। उसी दौरान गांव का आसकरण निराला शराब के नशे में गाली-गलौज कर रहा था। पीड़ित ने उसे मना किया तो आरोपी और भड़क गया और मां-बहन की गालियां देते हुए जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद बगल में रखा बांस का डंडा उठाकर पीड़ित पर वार कर दिया।

हमले में युवक के सिर से खून बहने लगा और वह घायल हो गया। मौके पर मौजूद दुकान मालिक कौशल ध्रुव, नरेश सबर और ग्राम खैरटखुर्द के पूर्व सरपंच मोहरसिंग ठाकुर ने बीच-बचाव कर स्थिति को संभाला। गंभीर हालत में पीड़ित को इलाज के लिए प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया।

इलाज से छुट्टी मिलने के बाद 27 सितंबर को पीड़ित थाना पहुंचा और घटना की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। आरोपी पर धारा 115(2)-BNS, 296-BNS, 351(2)-BNS के तहत अपराध कायम कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

सरायपाली बैतारी चौक NH-53 में सड़क हादसे में युवक की मौत, अज्ञात वाहन चालक पर मामला दर्ज

सरायपाली बैतारी चौक NH-53 में सड़क हादसे में युवक की मौत, अज्ञात वाहन चालक पर मामला दर्ज

 

सरायपाली (महासमुंद)। थाना सरायपाली क्षेत्र के बैतारी चौक NH-53 पर तेज रफ्तार वाहन की टक्कर से 37 वर्षीय युवक की मौत हो गई। हादसे के बाद पुलिस ने अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।

मिली जानकारी के अनुसार, मृतक सुकलाल यादव पिता परसराम यादव (उम्र 37 वर्ष) निवासी गोपालपुर थाना पिथौरा, हाल वार्ड नं. 11 बाजारपारा सरायपाली बीते शुक्रवार (26 सितम्बर) की रात लगभग 7:30 से 8:00 बजे के बीच किसी निजी काम से पैदल बैतारी चौक की ओर जा रहा था। उसी दौरान किसी अज्ञात वाहन चालक ने अपने वाहन को तेज रफ्तार व लापरवाहीपूर्वक चलाते हुए पीछे से टक्कर मार दी। हादसे में सुकलाल के बाएं पैर और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आईं।

राहगीरों की मदद से घायल को हाईवे पेट्रोलिंग की एम्बुलेंस से शासकीय अस्पताल सरायपाली ले जाया गया। वहां से डॉक्टरों ने हालत नाजुक बताकर उसे हायर सेंटर रेफर किया। परिजन घायल को ओम अस्पताल सरायपाली ले गए, जहां इलाज के दौरान शनिवार (27 सितम्बर) दोपहर 2:06 बजे उसकी मौत हो गई।

घटना की सूचना मृतक के साला प्रदीप यादव और मुकेश चौहान द्वारा थाना सरायपाली में दी गई। मेडिकल मेमो एवं अस्पताल की रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच की। प्रथम दृष्टया पाया गया कि अज्ञात वाहन चालक की तेज व लापरवाह ड्राइविंग के कारण दुर्घटना हुई।

इस पर पुलिस ने अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ धारा 281, 125(ए), 106(1) बीएनएस तथा मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 185 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया है।