सुरक्षा बलों के ‘ऑपरेशन प्रहार’ को मिली बड़ी सफलता, सुकमा में माओवादियों की हथियार फैक्ट्री ध्वस्त

सुरक्षा बलों के ‘ऑपरेशन प्रहार’ को मिली बड़ी सफलता, सुकमा में माओवादियों की हथियार फैक्ट्री ध्वस्त

 

CG News:सुकमा जिले में सुरक्षा बलों ने माओवादियों के खिलाफ अपने ऑपरेशन को जारी रखते हुए एक बड़ी सफलता हासिल की है। जिले के मेटागुड़ा इलाके में सुरक्षा बलों ने माओवादियों की एक अवैध ऑर्डिनेंस फैक्ट्री (विस्फोटक सामग्री निर्माण इकाई) को ध्वस्त कर दिया है। इस कार्रवाई में फैक्ट्री से भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री और मशीनें बरामद की गई हैं।

एसपी किरण चव्हाण के नेतृत्व में सुरक्षा बलों की संयुक्त टीम ने इस बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। जानकारी के अनुसार माओवादी इस फैक्ट्री का उपयोग लगातार हो रहे आपरेशनों के बीच अपनी ताकत बढ़ाने के लिए कर रहे थे, जिसमें वे बड़े आकार के बीजीएल (बैरल ग्रेनेड लॉन्चर) का भी निर्माण कर रहे थे।

सुरक्षा बलों द्वारा ध्वस्त की गई इस फैक्ट्री से बरामद विस्फोटक सामग्री और मशीनें माओवादियों की बड़ी साजिश का राजफाश करती हैं। बताया जा रहा है कि इस डंप में कंट्रीमेड हथियार, बीजीएल लांचर और उसे बनाने के लिए उपयोग होने वाली मशीनें व उपकरण शामिल थे। माओवादी इन हथियारों और विस्फोटकों का इस्तेमाल सुरक्षा बलों को निशाना बनाने के लिए करने वाले थे।

माओवादियों का दायरा सिमटा

जिले के अंदरूनी और अति संवेदनशील इलाकों में लगातार सुरक्षा कैंपों की स्थापना से माओवादियों का प्रभाव क्षेत्र और दायरा लगातार सिमटता जा रहा है। सुरक्षा बलों के बढ़ते दबाव और सफल अभियानों ने माओवादियों की कमर तोड़ दी है, जिसके परिणामस्वरूप उन्हें अपने ठिकाने और हथियार डंप छोड़कर भागना पड़ रहा है।

देश से 2026 तक माओवाद का सफाया करने के संकल्प के साथ सुरक्षा बलों के जवान लगातार इस ओर आगे बढ़ रहे हैं। जवानों की कार्रवाई से डरकर और सरकार की पुनर्वास नीतियों से प्रभावित होकर माओवादी आत्मसमर्पण कर रहे हैं। वहीं जो माओवादी अभी भी इस विचारधारा का समर्थन कर बस्तर में आतंक फैलाने का काम कर रहे हैं, वो भी लगातार सुरक्षा बलों की गोलियों का निशाना बन रहे हैं।

CG News:नशेड़ी युवक ने 7 साल की बच्ची को डाला नीले ड्रम में, पुलिस की पूछताछ में बताया कारण

CG News:नशेड़ी युवक ने 7 साल की बच्ची को डाला नीले ड्रम में, पुलिस की पूछताछ में बताया कारण

 

कोरबा: नशे की अवस्था में एक युवक ने सात वर्ष की मासूम बच्ची को उठा कर नीले ड्रम में डाल दिया। जानकारी मिलते ही स्वजन पहुंचे और बच्ची को बाहर निकाला। घटना के बाद आक्रोशित मोहल्लेवासियों ने युवक की पिटाई करने के बाद पुलिस को सौंप दिया।

घटना सिटी कोतवाली अंतर्गत सीतामढ़ी क्षेत्र की है। पुलिस ने युवक से पूछताछ की, तो उसने अपना नाम सीतामढ़ी निवासी सूरज मांझी 21 वर्ष बताया। उसने बताया कि वह बच्ची के साथ मजाक कर रहा था। उस वक्त दो अन्य युवक भी थे, जो बच्ची के स्वजन व मोहल्लेवासियों को आते देख भाग गए।

मां का शोर सुनकर जमा हो गए लोग

बच्ची की मां ने पुलिस को बताया कि वह घर पर काम कर रही थी, जबकि उसकी बेटी पड़ोस की बच्ची के साथ घर के पास खेल रही थी। तभी एक बच्ची दौड़कर घर आई और बताया कि किसी ने उसकी बेटी को ड्रम में डाल दिया है, इस पर तुरंत मौके पर पहुंची और शोर मचाया। इस दौरान दो युवक भाग गए, लेकिन सूरज मांझी को लोगों ने पकड़ लिया। बच्ची को ड्रम से बाहर निकाला गया। देखते ही देखते बस्ती के लोग जमा हो गए और उन्होंने पुलिस को 112 पर सूचना दी।

नशे की हालत में था युवक

पुलिस ने बताया कि आरोपित युवक नशे में था। यदि समय रहते ध्यान नहीं दिया जाता तो बच्ची की जान को खतरा हो सकता था। पुलिस के समक्ष युवक मजाक में ऐसा हरकत करने की बात कही। साथ ही कहा कि उससे गलती हो गई है और वह माफी मांगता है। कोतवाली थाना पुलिस ने आरोपित युवक के विरुद्ध आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर रही है।

CG News: मां बम्लेश्वरी के दर्शन करके लौट रहे 2 युवकों की एक्सीडेंट में मौत, बाइक और पिकअप ट्रक में आमने-सामने की टक्कर

CG News: मां बम्लेश्वरी के दर्शन करके लौट रहे 2 युवकों की एक्सीडेंट में मौत, बाइक और पिकअप ट्रक में आमने-सामने की टक्कर

 

राजनांदगांव। डोंगरगढ़ क्षेत्र के मुंदगांव के पास शनिवार सुबह करीब 10 बजे मालक वाहक और स्पोर्टस बाइक में आमने-सामने भिड़ंत हो गई। दुर्घटना में दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। यह हादसा तब हुआ जब टाटा योद्धा मालवाहक वाहन और मोटरसाइकिल के बीच आमने-सामने की जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक सवार युवकों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई।

मृतक युवक डोंगरगढ़ में मां बम्लेश्वरी देवी के दर्शन कर अपने दोस्तों के साथ मोटरसाइकिल से वापस लौट रहे थे। इसी दौरान मुंदगांव के पास सामने से आ रहे तेज रफ्तार मालवाहक वाहन ने उनकी बाइक को ठोकर मार दी। हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी। लेकिन घटनास्थल पर पहुंचने से पहले ही दोनों युवकों की जान जा चुकी थी।

मृतकों की पहचान अमित साहनी (निवासी कृष्णा नगर) और सचिन यादव (निवासी कुरूद, भिलाई) के रूप में हुई है। दोनों की उम्र लगभग 22 से 25 वर्ष के बीच बताई जा रही है।

भाग निकला वाहन चालक

घटना के बाद मालवाहक वाहन का चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया है। पुलिस ने वाहन को जब्त कर लिया है और अज्ञात चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर विवेचना प्रारंभ कर दी गई है। फरार चालक की तलाश के लिए पुलिस द्वारा आसपास के क्षेत्रों में दबिश दी जा रही

स्थानीय लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों ने आरोप लगाया कि इस सड़क मार्ग पर वाहनों की रफ्तार पर कोई नियंत्रण नहीं है और पुलिस की गश्त भी नाममात्र की ही होती है। ऐसे में इस हादसे ने एक बार फिर से सड़क सुरक्षा और पुलिस व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों की मांग है कि इस मार्ग पर ट्रैफिक नियंत्रण के लिए उचित इंतजाम किए जाएं, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों से बचा जा सके।

स्वजन को दी सूचना, पीएम जारी

दोनों मृतकों के शव को पोस्टमार्टम के लिए स्थानीय अस्पताल भेजा गया है। इस हादसे से क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। परिवारजन और मित्रों में गहरा मातम छा गया है। डोंगरगढ़ थाना प्रभारी उपेंद्र शाह ने बताया कि दोषी वाहन चालक को शीघ्र गिरफ्तार कर कठोर कार्रवाई की जाएगी।

महासमुंद रजत जयंती महोत्सव एवं सेवा पखवाड़ा 2025 अंतर्गत पर्पल फेयर का हुआ आयोजन दिव्यांगजनों ने अपने हुनर से लोगों का दिल जीता गायन, फैशन शो, नृत्य कला से दिव्यांगों के हौसले निखरे

महासमुंद रजत जयंती महोत्सव एवं सेवा पखवाड़ा 2025 अंतर्गत पर्पल फेयर का हुआ आयोजन दिव्यांगजनों ने अपने हुनर से लोगों का दिल जीता गायन, फैशन शो, नृत्य कला से दिव्यांगों के हौसले निखरे

महासमुंद/ जिले में पहली बार दिव्यांगजनों के लिए पर्पल फेयर का आयोजन हुआ। जिसमें दिव्यांगों ने अपने हुनर से सबका दिल जीता। नृत्य कला, गायन कला, फैशन शो और ब्रेल लिपि का प्रदर्शन ने दिव्यांगों के आत्मविश्वास को एक नई ऊंचाई दी। दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार अंतर्गत समेकित क्षेत्रीय केंद्र (सी.आर.सी.), ठाकुरटोला, राजनांदगांव एवं समाज कल्याण विभाग द्वारा रजत जयंती महोत्सव एवं सेवा पखवाड़ा 2025 अंतर्गत दिव्यांगजनों के लिए यह बहुआयामी आयोजन जिला मुख्यालय स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर मांगलिक भवन, संजय कानन के पास महासमुंद में किया गया। इस अवसर पर विधायक श्री योगेश्वर राजू सिन्हा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। विशिष्ट अतिथि के रूप में नगरपालिका अध्यक्ष श्री निखिलकांत साहू, स्काउट एवं गाइड के जिलाध्यक्ष श्री येतराम साहू मौजूद थे। कार्यक्रम में कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह, पूर्व पार्षद श्री महेन्द्र सिक्का, श्री राजू चंद्राकर, श्री संदीप घोष, श्री प्रकाश शर्मा, श्री शरद मराठा, श्री पंकज चंद्राकर एवं अन्य जनप्रतिनिधिगण मौजूद थे।

विधायक श्री सिन्हा ने अपने उद्बोधन में कहा कि दिव्यांगजन समाज का अभिन्न अंग हैं। उनकी प्रतिभा और क्षमताओं को पहचानकर उन्हें मुख्यधारा से जोड़ना हम सभी का कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि राज्य एवं केंद्र सरकार द्वारा दिव्यांगजनों के कल्याण हेतु कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं और पर्पल फेयर जैसे आयोजन इस दिशा में सार्थक पहल हैं। यह मंच दिव्यांगजनों को न केवल अपनी कला और कौशल प्रस्तुत करने का अवसर प्रदान करता है, बल्कि रोजगार एवं स्वरोजगार के लिए भी नए रास्ते खोलता है। उन्होंने दिव्यांगजनों के आत्मविश्वास और लगन की सराहना करते हुए कहा कि आपकी मेहनत और संकल्प ही आपको सशक्त बनाएगी। समाज तभी पूर्ण होता है जब उसमें हर वर्ग को समान अवसर मिले।

श्री सिन्हा ने मेले में लगाए गए महिला एवं बाल विकास, स्वास्थ्य विभाग, दिव्यांग संघ, सिविक सेवा प्राधिकरण, आशियाना वृद्धाश्रम, बांस शिल्प आदि स्टॉलों का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने रोजगार मेले, सहायक उपकरण वितरण स्टॉल, दिव्यांग कला गैलरी, सरकारी योजनाओं की प्रदर्शनी एवं प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों की जानकारी संबंधी स्टॉल का भी बारीकी से अवलोकन किया।

उन्होंने दिव्यांगजनों द्वारा बनाए गए हस्तशिल्प, कलाकृतियों एवं कौशल आधारित उत्पादों की सराहना की और उनके उत्साहवर्धन के लिए उनसे चर्चा भी किया। आयोजन में बड़ी संख्या में दिव्यांगजन, वरिष्ठजन, स्कूली एवं महाविद्यालयीन दिव्यांग छात्र-छात्राएँ शामिल हुए। इस अवसर पर उप संचालक समाज कल्याण श्रीमती संगीता सिंह, सीआरसी के निदेशक स्मिता महोबिया, जिला फिटनेस मेडिकल बोर्ड के अधिकारी एवं स्टाफ मौजूद थे।

मेले में दिव्यांगजनों हेतु रोजगार मेला, सहायक उपकरणों का वितरण, सरकारी योजनाओं एवं प्रकाशनों की प्रदर्शनी, दिव्यांग कला गैलरी, मनोरंजक खेल एवं गतिविधियाँ, संचालित पाठ्यक्रमों की जानकारी, भोजन स्टॉल, सांस्कृतिक एवं खेलकूद प्रतियोगिताएँ आयोजित की गईं। कार्यक्रम में कुल 310 दिव्यांग एवं वृद्धजन उपस्थित रहे तथा 150 इनके सहायक मिलाकर कुल 360 हितग्राही पंजीकृत हुए।

आयोजन में एलिम्को संस्थान द्वारा 32 वृद्धजनों को सहायक उपकरण प्रदान किया गया। 15 दिव्यांग ने अपना दिव्यांग प्रमाण पत्र बनवाये। कार्यक्रम में 17 विभागों का स्टॉल लगाया गया ,तथा 7 विभिन्न स्वैच्छिक संस्थान व शासकीय संस्थान के दिव्यांग बच्चे उपस्थित होकर विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम में अपनी प्रतिभा एवं खेल आयोजन में अपना जौहर दिखाया।

Raipur Plant Accident: उत्पादन और निर्माण एक साथ होना बना 6 मौतों का कारण, एजेंसियां करेंगी जांच

Raipur Plant Accident: उत्पादन और निर्माण एक साथ होना बना 6 मौतों का कारण, एजेंसियां करेंगी जांच

 

रायपुर: शुक्रवार दोपहर रायपुर के औद्योगिक क्षेत्र सिलतरा में स्थित गोदावरी पावर एंड इस्पात के अंदर का नजारा किसी खौफनाक सपने जैसा था। दोपहर करीब तीन बजे अचानक जोरदार आवाज के साथ लोहे का भारी ढांचा गिर पड़ा। वहां मौजूद मजदूरों और अफसरों के बीच भगदड़ मच गई। चीख-पुकार सुनाई दी और कुछ ही पलों में सब कुछ सन्नाटे में बदल गया।

प्लांट के अंदर उसी समय उत्पादन का काम भी चल रहा था और बगल में दीवार निर्माण कार्य भी हो रहा था। कंपनी के प्रबंधन ने मशीनों को थोड़ी देर के लिए बंद किया और जांच के लिए मैनेजर समेत 10-12 लोग मौके पर पहुंचे। लेकिन तभी तापमान नियंत्रित करने वाला गरम लोहे का विशाल ढांचा अचानक ढह गया।

अंदर का माहौल

हादसे के बाद प्लांट परिसर में हाहाकार मच गया। एक के बाद एक एंबुलेंस फैक्ट्री के अंदर जाने लगीं। गेट बंद कर दिए गए ताकि बाहर का कोई व्यक्ति भीतर न आ सके। प्रबंधन ने मीडिया और बाहरी लोगों को रोक दिया। यहां तक कि मोबाइल से एक भी फोटो बाहर जाने की अनुमति नहीं थी। पुलिस बल तुरंत मौके पर पहुंचा। एएसपी लखन पटले खुद टीम के साथ प्लांट के अंदर पहुंचे। मजदूरों को बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू आपरेशन शुरू किया गया।

अलग-अलग गेट से निकाले गए कर्मचारी

घटना के बाद क्रांति सेना वहां पहुंच गई। हंमागा शुरू हो गया। इससे देखते हुए प्रबंधन की ओर से अंदर काम कर रहे सभी मजदूरों को समझाइस दी गई कि बाहर कोई किसी से बात न करे। अलग-अलग गेट से सभी को बाहर निकाला गया। प्लांट में उत्पान का काम भी बंद कर दिया गया।

आठ घंटे चला रेस्क्यू

जानकारी के अनुसार घटना लगभग तीन बजे की है। इसके बाद रेस्क्यू ओपरेशन शुरू किया गया। लगभग आठ घंटे तक रेस्क्यू आपरेशन के बाद घायलों को इलाज के लिए और मृतकों को पीएम के लिए भेजा गया।

ये एजेंसी करेंगी जांच

गोदावरी इस्पात हादसे की जांच अब कई एजेंसियां करेंगी।

औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग यह देखेगा कि संयंत्र में कहीं सुरक्षा मानकों की अनदेखी तो नहीं हुई।

श्रम विभाग और श्रम आयुक्त भी मजदूरों की सुरक्षा, कार्यस्थल की परिस्थितियों और लापरवाही के पहलुओं की जांच करेंगे।

दूसरी ओर पुलिस इस पूरे मामले को साजिश के कोण से भी परखेगी।

शुरुआती जांच में उत्पादन और निर्माण कार्य एक साथ होने को बड़ी गलती माना जा रहा है।

हादसे की असल वजह और जिम्मेदार लोगों की पहचान के लिए सभी एजेंसियां समन्वय के साथ जांच कर रही हैं।

घटना की सूचना मिलते ही घायलों को अस्पताल भेजा गया। फिलहाल छह मौत की पुष्टि हुई है। हादसे की वजह की जांच की जा रही है। यदि लापरवाही पाई जाती है तो जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई होगी।

– लखन पटले, एएसपी रायपुर

छत्तीसगढ़ के इस मंदिर में जल रही है PM Modi के नाम की मनोकामना ज्योत कलश, श्रद्धालू ने अपना नाम रखा गुप्त

छत्तीसगढ़ के इस मंदिर में जल रही है PM Modi के नाम की मनोकामना ज्योत कलश, श्रद्धालू ने अपना नाम रखा गुप्त

 

बालोद: वैसे तो मां गंगा मइया मंदिर में हर वर्ष शारदीय नवरात्र पर जिले सहित छत्तीसगढ़ व अन्य राज्यों से श्रद्धालु मनोकामना ज्योत कलश प्रज्जवलित करवाते हैं। लेकिन इस नवरात्र एक श्रद्धालु ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम से ज्योत कलश प्रज्ज्वलित करवाई है।

बता दें कि मंदिर में बने नए ज्योत कक्ष में क्रमांक 71ए घी की मनोकामना ज्योत कलश प्रज्ज्वलित हो रही हैं। ज्योत प्रज्ज्वलित करवाने वाले श्रद्धालु ने मंदिर प्रबंधन को ऑनलाइन पेमेंट भुगतान कर अपना नाम गुप्त रखने की मांग की है। बता दें कि इस बार गंगा मइया मंदिर में कुल 1 हजार 270 मनोकामना ज्योत प्रज्ज्वलित किये गए हैं।

यह नवरात्र पर्व 10 दिन का- पंडित आकाश

पंडित आचार्य आकाश शास्त्री ने बताया कि इस वर्ष नवरात्र पर्व दस दिन का हो रहा है। 22 सितंबर से यह पर्व आरंभ हुआ एवं तृतीया तिथि 2 दिन होने से इस बार दिन में वृद्धि हुई है। पंचमी की हम बात करें तो 26 सितंबर को सुबह 9 बजकर 32 मिनट से आरंभ हो रहा, परंतु उदया तिथि चतुर्थी होने के कारण 26 सितंबर को चतुर्थी तिथि एवं 27 सितंबर को सूर्योदय कालीन पंचमी तिथि होने के कारण आज पंचमी मनाई जाएगी। उन्होंने बताया कि 30 सितंबर महाअष्टमी हवनपू‌जन, एक अक्टूबर को नवमी तथा 2 अक्टूबर को विजयादशमी दशहरा मनाया जाएगा।

शाम को बारिश ने भक्ति में डाला खलल

शुक्रवार शाम 6 बजे के बाद जिला मुख्यालय बालोद सहित आसपास के ग्रामीण अंचलों में मौसम ने अचानक करवट ली और गरज बरस के साथ तेज मूसलाधार बारिश हुई। इस दौरान आसमान में जमकर बिजली कड़कती रही। जिसकी वजह से माता के मंदिरों में और खासतौर पर पंडालों में माता की भक्ति में खलल पड़ा।

बारिश की वजह से गंगा मइया मंदिर के पीछे परिसर में लगे मेला में लोगों की आवाजाही कम रही। वहीं इस बीच मेला में विभिन्न प्रकार के दुकान लगाने वाले व्यापारियों को खासा परेशानियों का सामना करना पड़ा। आकाशीय झूला सहित विभिन्न तरह के लगे झूले, बच्चों के खेलने के गेम्स बारिश के दौरान बंद रहें।

महासमुंद/औद्योगिक संस्थान में अनियमितता पर नोटिस जारी

महासमुंद/औद्योगिक संस्थान में अनियमितता पर नोटिस जारी

 

महासमुंद/ कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह के निर्देशानुसार जिला स्तरीय गठित संयुक्त टीम द्वारा शिवालिक इंजीनियरिंग इंडस्ट्रीज लिमिटेड ग्राम बेलसोंडा का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान प्रबंधक जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र श्री शशिकांत सिंह, श्रम पदाधिकारी श्री डी.एन. पात्र, जिला परिवहन अधिकारी श्री राम कुमार ध्रुव, जूनियर साइंटिस्ट श्री जितेन्द्र कुमार पर्यावरण विभाग, टेक्निकल इंजीनियर खनिज विभाग श्री इन्द्र प्रकाश उपस्थित रहे।

इस दौरान पर्यावरण विभाग की जांच में स्थितियां सामान्य पाई गई। खनिज विभाग, परिवहन विभाग एवं जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र की जांच में कोई भी अनियमितता नहीं पाई गई। श्रम विभाग द्वारा न्यूनतम वेतन अधिनियम 1948, समान पारिश्रमिक अधिनियम 1976, वेतन भुगतान अधिनियम 1936, संविदा श्रमिक अधिनियम 1970, अन्तर्राज्यीय प्रवासी कर्मकार अधिनियम 1979 के अन्तर्गत जांच, निरीक्षण किया गया। ठेकेदारों द्वारा परिसर में आवश्यक सूचनाओं का प्रदर्शन नहीं किया जाना पाया गया। कंपनी में वर्करों से ओवर टाईम कार्य लिया जाना पाया गया। जिसके संबंध में कोई भी रिकॉर्ड ठेकेदार, प्रबंधन द्वारा प्रस्तुत नहीं किया गया।

अन्तर्राज्यीय प्रवासी कर्मकार अधिनियम 1979 अन्तर्गत पंजी प्रस्तुत नहीं किया तथा अन्य रिकार्ड भी प्रबंधन, ठेकेदार द्वारा प्रस्तुत नहीं किया गया। बाल एवं किशोर श्रम अधिनियम 1986 (संशोधन 2016) में निर्धारित सूचनाओं का प्रदर्शन नहीं पाया गया। उपरोक्त उल्लंघन के संबंध में प्रबंधन, ठेकेदार को नोटिस जारी किया जा रहा है।

रायपुर : माँ दुर्गा की भक्ति से गूंजा केन्द्रीय जेल रायपुर, 802 बंदियों ने रखा व्रत जेल प्रशासन ने पूजा व फलाहारी की विशेष व्यवस्था की 

रायपुर : माँ दुर्गा की भक्ति से गूंजा केन्द्रीय जेल रायपुर, 802 बंदियों ने रखा व्रत जेल प्रशासन ने पूजा व फलाहारी की विशेष व्यवस्था की

 

रायपुर नवरात्रि के पावन अवसर पर केन्द्रीय जेल रायपुर का वातावरण श्रद्धा, भक्ति और उत्साह से सराबोर हो गया। जेल परिसर में मूर्तिकार बंदियों द्वारा मिट्टी से माँ दुर्गा की तीन भव्य प्रतिमाएं तैयार की गईं है। इनमें से एक प्रतिमा महिला प्रकोष्ठ में और दो प्रतिमाएं पुरुष प्रकोष्ठ में स्थापित कर विशेष पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है।

माँ दुर्गा की उपासना के लिए रायपुर जेल के 802 बंदियों ने व्रत भी रखा है। इनमें महिला प्रकोष्ठ की 31 बंदियों ने तीन दिन और 49 बंदियों ने नौ दिन का व्रत रखा है। वहीं पुरुष प्रकोष्ठ में 722 बंदियों ने नौ दिन का व्रत संकल्पपूर्वक आरंभ किया है।

बंदियों की सुविधा के लिए जेल प्रशासन ने पूजन सामग्री और फलाहार की विशेष व्यवस्था की है, जिसमें दूध, केला, फल्ली दाना और गुड़ शामिल हैं। सामूहिक व्रत और भक्ति से पूरे जेल परिसर में आध्यात्मिक ऊर्जा और सकारात्मक माहौल का संचार हो रहा है। पूजा पंडाल को फूलों, रंगोली और दीपों से सजाया गया है। प्रतिदिन माँ दुर्गा की स्तुति में भजन-कीर्तन, दुर्गा सप्तशती का पाठ और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां की जा रही हैं।

जेल अधीक्षक श्री योगेश सिंह क्षत्री ने बताया कि इस प्रकार के धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन बंदियों को मानसिक शांति, आंतरिक शक्ति और जीवन के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण प्रदान करते हैं। नवरात्रि का पर्व केन्द्रीय जेल रायपुर में आस्था, अनुशासन और सांस्कृतिक चेतना का अद्भुत संगम बन गया है।

 

छत्तीसगढ़ के अगले मुख्य सचिव होंगे IAS विकास शील, अमिताभ जैन का कार्यकाल रहा सबसे लंबा

छत्तीसगढ़ के अगले मुख्य सचिव होंगे IAS विकास शील, अमिताभ जैन का कार्यकाल रहा सबसे लंबा

 

छत्तीसगढ़: राज्य गठन के 25 वर्षों में अब तक कुल 12 मुख्य सचिवों ने पद संभाला है। इन सभी में सबसे लंबा कार्यकाल निवर्तमान मुख्य सचिव अमिताभ जैन का रहा है, जो 4 साल 10 महीने तक इस पद पर बने रहे। वे राज्य के पहले मुख्य सचिव हैं जिन्हें केंद्र सरकार से तीन महीने का सेवा विस्तार मिला।

अमिताभ जैन ने 30 नवंबर 2020 को मुख्य सचिव का पद संभाला था। वे 30 जून 2025 को सेवानिवृत्त होने वाले थे, लेकिन सेवानिवृत्त से ठीक एक घंटे पहले उन्हें तीन महीने का एक्सटेंशन मिल गया। अब वे 30 सितंबर 2025 को सेवानिवृत्त होंगे। यह अपने आप में एक ऐतिहासिक मामला है, क्योंकि अब तक किसी भी मुख्य सचिव को केंद्र से एक्सटेंशन नहीं मिला था।

छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिवों की सूची में अरुण कुमार पहले मुख्य सचिव थे। उनके बाद एसके मिश्रा, एके विजयवर्गीय, आरपी बगई, शिवराज सिंह, पी. जाय उम्मेन, सुनील कुमार, विवेक ढांड, अजय सिंह, सुनील कुजूर, आरपी मंडल और फिर अमिताभ जैन ने पद संभाला।

सबसे कम कार्यकाल का रिकार्ड सुनील कुजूर के नाम है, जो केवल करीब 10 महीने तक मुख्य सचिव रहे,जबकि कार्यकाल के मामले में अमिताभ जैन के बाद विवेक ढांड और पी. जाय उम्मेन क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर हैं, जिनका कार्यकाल तीन वर्ष से अधिक रहा।

अब तक ये रहे मुख्य सचिव

👉अरुण कुमार-30 अक्टूबर 2000 से 31 जनवरी 2003

👉एसके मिश्रा-31 जनवरी 2003 से 30 जून 2004

👉एके विजयवर्गीय-1 जुलाई 2004 से 7 नवंबर 2005

👉आरपी बगई-7 नवंबर 2005 से 31 जनवरी 2007

👉शिवराज सिंह-31 जनवरी 2007 से 31 जुलाई 2008

👉पी.जाय उम्मेन- 31 जुलाई 2008 से 7 फरवरी 2014

👉सुनील कुमार-7 फरवरी 2012 से 28 फरवरी 2014

👉विवेक ढांड-28 फरवरी 2014 से 11 जनवरी 2018

👉अजय सिंह-11 जनवरी 2018 से 2 जनवरी 2019

👉सुनील कुजूर-2 जनवरी 2019 से 31 अक्टूबर 2019

👉आरपी मंडल-31 अक्टूबर 2019 से 30 नवंबर 2020

👉अमिताभ जैन-1 दिसंबर 2020 से (कार्यकाल जारी, 30 जून 2025 को सेवानिवृत्त होने के बाद तीन माह का सेवा विस्तार 30 सितंबर 2025 तक)

विकास शील होंगे प्रदेश के अगले मुख्य सचिव

प्रदेश के 13वें मुख्य सचिव 1994 बैच के आइएएस विकास शील बनाए गए हैं। राज्य शासन के सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से इस संबंध में आदेश जारी कर दिया गया है। ये अमिताभ जैन की जगह लेंगे, जिनका कार्यकाल 30 सितंबर को समाप्त हो रहा है।

मुख्य सचिव की रेस में 91 बैच की रेणु पिल्ले, 92 बैच के सुब्रत साहू और 93 बैच के अमित अग्रवाल शामिल थे। प्रदेश के रायपुर और बिलासपुर में कलेक्टर समेत कई अहम पदों पर काम कर चुके विकास शील 2018 से केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर थे। इस दौरान स्वास्थ्य व परिवार कल्याण और जल शक्ति मंत्रालय में वरिष्ठ पदों पर नियुक्त थे।

पत्नी भी छत्तीसगढ़ कैडर की आईएएस

जनवरी 2024 से फिलीपींस स्थित मनीला के एडीबी (एशियाई विकास बैंक) में कार्यकारी निदेशक के पद पर थे। यहां से रिलीव होकर दिल्ली पहुंच चुके हैं। 29 सितंबर को रायपुर में ज्वाइनिंग देने की संभावना जताई जा रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने वापस बुलाने की पहल की थी। सामान्य प्रशासन विभाग ने इस संबंध में केंद्र सरकार को पत्र भेजा था विकास शील की पत्नी निधि छिब्बर भी छत्तीसगढ़ कैडर की आइएएस हैं।

पौने चार साल रहेगा कार्यकाल

जून 1969 में जन्मे विकास शील का 2029 में 60 वर्ष पूरा होगा। 30 सिंतबर को कार्यभार ग्रहण पर वे तीन वर्ष नौ माह मुख्य सचिव रहेंगे। सबसे लंबे कार्यकाल के रूप में वे प्रदेश के तीसरे मुख्य सचिव होंगे। चार वर्ष 10 माह के कार्यकाल के साथ अमिताभ जैन पहले और तीन वर्ष 11 माह के साथ विवेक ढांड दूसरे नंबर पर हैं।

CG News: अपनी ही भाजपा सरकार के खिलाफ धरने पर बैठेंगे पूर्व गृहमंत्री और भाजपा नेता, जानें क्या है पूरा मामला

CG News: अपनी ही भाजपा सरकार के खिलाफ धरने पर बैठेंगे पूर्व गृहमंत्री और भाजपा नेता, जानें क्या है पूरा मामला

 

कोरबा। कलेक्टर को हटाने के लिए अल्टीमेटम देने वाले पूर्व गृहमंत्री एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता ननकीराम कंवर ने अंतत: चार अक्टूबर को मुख्यमंत्री निवास रायपुर के सामने धरने पर बैठने का ऐलान कर दिया है। उन्होंने इसकी सूचना रायपुर कलेक्टर को प्रेषित की है।

ननकीराम कंवर ने कहा कि मुख्यमंत्री समेत कई केबिनेट मंत्रियों के समक्ष वह कोरबा कलेक्टर की शिकायत कर चुके हैं। इसके बावजूद अनियमितता एवं मनमानी करने वाले कलेक्टर के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं की जा रही। इसलिए उन्हें धरने पर बैठने के लिए बाध्य होना पड़ा है।

अधिकारियों के कंट्रोल में सरकार

उन्होंने एक बार फिर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री आवास कार्यालय में कुछ आइएएस अधिकारियों के कंट्रोल में सरकार चल रही है। ऐसे में अनियमितता करने वाले अधिकारियों को बचाने के लिए मुख्यमंत्री को वास्तविकता से अवगत ही नहीं कराया जाता और उन्हें गुमराह किया जाता है।

पूर्व गृहमंत्री ने दावा किया कि उन्होंने कांग्रेस सरकार के दौरान पीएससी परीक्षा घोटाला, शराब घोटाला, सीजीएमएससी दवाई खरीदी घोटाला, कोयला घोटाला, डीएमएफ घोटाला और एनएचएआई के लिए फर्जी मुआवजा जैसे मामलों की शिकायत केंद्र सरकार से की थी। सभी शिकायतें प्रमाणित हुईं और दर्जनभर से अधिक आईएएस अधिकारी, डिप्टी कलेक्टर एवं बड़े नेताओं पर कार्रवाई भी हुई थी।

उन्होंने कहा कि उन्होंने केबिनेट मंत्री केदार कश्यप के सामने कोरबा में आयोजित मंच से ओडीएफ घोटाले की जानकारी दी थी, जब पी. दयानंद कलेक्टर थे। उस समय तत्कालीन कलेक्टर ने आरोपों को खारिज कर दिया था, लेकिन बाद में सैकड़ों शौचालय गड़बड़ी के मामले एसडीएम कार्यालय में दर्ज हुए।

संज्ञान नहीं लिया

कंवर ने कहा कि उनकी सभी शिकायतें पुष्ट होने के बावजूद भाजपा सरकार में उनकी शिकायतों को संज्ञान में नहीं लिया जा रहा। उन्होंने यह भी कहा कि अगर उनके जैसे वरिष्ठ नेता की शिकायत को तवज्जो नहीं दी जा रही है, तो अन्य जनप्रतिनिधियों की शिकायत का भला क्या हश्र होता होगा।