छत्तीसगढ़ वॉट्सएप ग्रुप ‘BIG BOSS’ बनाकर रची गई छत्तीसगढ़ में घोटालों की साजिश, ED की चार्जशीट में खुलासा

छत्तीसगढ़ वॉट्सएप ग्रुप ‘BIG BOSS’ बनाकर रची गई छत्तीसगढ़ में घोटालों की साजिश, ED की चार्जशीट में खुलासा

 

छत्तीसगढ़: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ताजा चार्जशीट ने प्रदेश की सियासत गरमा दी है। कोर्ट में पेश चार्जशीट में दावा किया गया है कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में ‘बिग बास ग्रुप’ नामक एक संगठित गिरोह सक्रिय था, जिसमें बड़े अधिकारी, कारोबारी, नेता और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पुत्र चैतन्य बघेल और उनके करीबी मित्र शामिल थे।

यह नेटवर्क शराब, कोयला और ऑनलाइन सट्टेबाजी जैसे अवैध कारोबार से अरबों रुपये की कमाई के साथ-साथ अधिकारियों के खिलाफ सुनियोजित षड्यंत्र रचता था। चार्जशीट में दर्ज चैट्स और दस्तावेजों से ईडी का कहना है कि यह गैंग फिल्मी स्क्रिप्ट और मनगढ़ंत कहानियों का सहारा लेकर अफसरों की छवि को खराब करने में लगा था। खासकर एक विवादित आइपीएस की ‘कल्पनाओं पर आधारित डायरी’ को हथियार बनाकर ईमानदार अधिकारियों के खिलाफ अफवाहें फैलाकर उन्हें दबाव में लाने की कोशिश की गई। इससे कई अधिकारियों की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा और वे मानसिक रूप से प्रताड़ित हुए।

सिंडिकेट में शामिल ये लोग

ईडी ने इस सिंडिकेट में रिटायर्ड आइएएस अधिकारी अनिल टूटेजा, अरुणपति त्रिपाठी, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की डिप्टी उपसचिव रही सौम्या चौरसिया, होटल कारोबारी अनवर धेबर, पूर्व मंत्री कावासी लखमा के साथ ही कई कारोबारी और डिस्टिलरी मालिकों के नाम शामिल किया है। यह गठजोड़ करोड़ों की वसूली और अवैध कारोबार को संचालित करता था।

ईडी के अनुसार इस गिरोह ने न केवल ईमानदार अधिकारियों को प्रताड़ित किया, बल्कि पूरे सरकारी तंत्र को भ्रष्टाचार की दलदल में धकेल दिया। इस कारण राज्य की छवि राष्ट्रीय स्तर पर धूमिल हुई और आम जनता का शासन व्यवस्था पर से विश्वास डगमगा गया। अब मामले की गहराई से जांच जारी है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

चैट्स से खुला सिंडिकेट का राज, चैतन्य का नंबर बिट्टू नाम से सेव था

शराब घोटाले में गिरफ्तार अनवर ढेबर, अनिल टुटेजा और सौम्या चौरसिया के मोबाइल की जांच में कई चौंकाने वाले राजफाश हुए हैं। अनवर के मोबाइल में चैतन्य बघेल का नंबर ‘बिट्टू’ नाम से सेव था, जिसमें पैसों की डीलिंग से लेकर नकली होलोग्राम बनाने तक की बातचीत सामने आई है।

ईडी की चार्जशीट के अनुसार, ‘बिग बॉस’ नामक व्हाट्सएप ग्रुप में चैतन्य बघेल, अनवर ढेबर, सौम्या चौरसिया, अनिल टुटेजा और पुष्पक जैसे प्रमुख सदस्य जुड़े थे। इस ग्रुप के जरिए शराब घोटाले की प्लानिंग, मनी लाड्रिंग, रकम के वितरण और हेराफेरी की सूचनाएं साझा की जाती थी। चैट्स में कब, किसे कॉल किया गया और कितनी देर बातचीत हुई, इसका पूरा विवरण भी चार्जशीट में शामिल है।

1000 करोड़ का कैश मैनेज किया

भिलाई के शराब कारोबारी पप्पू बंसल ने ईडी की पूछताछ में बताया है कि उसने चैतन्य के साथ मिलकर 1000 करोड़ से अधिक कैश मैनेज किया। यह राशि अनवर ढेबर से दीपेन चावड़ा होते हुए कांग्रेस नेताओं रामगोपाल अग्रवाल और केके श्रीवास्तव तक पहुंचाई गई। बंसल ने यह भी माना कि उसे तीन महीने में 136 करोड़ रुपये मिले थे।

केंद्र सरकार के निर्देश पर ईडी कांग्रेस शासित राज्यों में लगातार कार्रवाई कर रही है। पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार को बदनाम करने की कोशिश हो रही है। ईडी की ताजा चार्जशीट इसी का हिस्सा है।

-सुशील आनंद शुक्ला,प्रदेश अध्यक्ष, कांग्रेस संचार विभाग

CGPSC Exam Scam: आरती वासनिक समेत पांच आरोपी CBI की गिरफ्त में, आज होगी कोर्ट में पेशी

CGPSC Exam Scam: आरती वासनिक समेत पांच आरोपी CBI की गिरफ्त में, आज होगी कोर्ट में पेशी

 

छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग(सीजीपीएसस) भर्ती परीक्षा घोटाले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो(सीबीआई) की टीम ने गुरूवार को सीजीपीएससी की पूर्व परीक्षा नियंत्रक आरती वासनिक समेत पांच लोगों को हिरासत में लिया है।

मिली जानकारी के मुताबिक आरती वासनिक के साथ ही डिप्टी कलेक्टर के रुप में चयनित सुमित ध्रुव समेत तीन अन्य से सीबीआई की टीम ने लंबी पूछताछ की। इसके बाद हिरासत में ले लिया। सुमित सीजीपीएससी के पूर्व सचिव का पुत्र बताए जा रहे हैं। पांचों आरोपितों को शुक्रवार विशेष कोर्ट में पेशकर मामले में विस्तृत पूछताछ करने पुलिस रिमांड पर लेने की तैयारी है। इससे पहले भी दिसंबर 2024 को सीबीआई ने आरती वासनिक से पूछताछ की थी।

बता दें कि पिछले वर्ष जुलाई में सीबीआई ने 2020-2022 परीक्षा के दौरान सीजीपीएससी के माध्यम से डिप्टी कलेक्टर, डीएसपी और अन्य सीनियर सरकारी पदों के लिए चयन में पक्षपात के आरोप में छत्तीसगढ़ में दर्ज दो मामलों की जांच अपने हाथ में लिया था। इस मामले में आधा दर्ज से अधिक आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।

इनमें सीजीपीएससी के तत्कालीन अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी, उनके भतीजे नितेश सोनवानी और साहिल सोनवानी, तत्कालीन उप नियंत्रक परीक्षा (सीजीपीएससी) ललित गणवीर, श्री बजरंग पावर एंड इस्पात लिमिटेड के निदेशक श्रवण कुमार गोयल, उनके बेटे शशांक गोयल और बहू भूमिका कटियार शामिल हैं।

जानकारी के अनुसार, शशांक गोयल, उनकी पत्नी भूमिका कटियार और नितेश को तब डिप्टी कलेक्टर के पद पर चुना गया था। जबकि साहिल को उप पुलिस अधीक्षक (डीएसपी) के रूप में चुना गया था। वहीं यह भी जानकारी सामने आई है कि सीबीआई ने महादेव एप सट्टेबाजी केस में भी तीन लोगों को हिरासत में लिया है। हालांकि आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि सीबीआई की ओर से नहीं की गई है।

CG News: गुजरात के बिजनेसमैन को 89 करोड़ का चूना लगाने वाले दो आरोपी भिलाई से गिरफ्तार, BJP नेता के घर ली थी शरण

CG News: गुजरात के बिजनेसमैन को 89 करोड़ का चूना लगाने वाले दो आरोपी भिलाई से गिरफ्तार, BJP नेता के घर ली थी शरण

 

धमतरी। कोक एक्सपोर्ट के नाम पर गांधीधाम गुजरात के एक कोक व्यवसायी से 89 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने वाले नेहरू नगर भिलाई निवासी दो आरोपितों को गुजरात पुलिस ने नगर पंचायत कुरूद से गिरफ्तार कर लिया है। जबकि इस मामले के दो अन्य आरोपित अभी भी फरार है। गुजरात के कोक व्यवसायी के अलावा इन आरोपितों पर अहमदाबाद, मुंबई और कलकत्ता में भी करीब 200 करोड़ रुपये के धोखाधड़ी करने का आरोप है। सभी आरोपितों को अलग-अलग जगहों की पुलिस तलाश कर रही है।

भिलाई के गिरफ्तार दोनों आरोपित कुरूद में अपने रिश्तेदार एक भाजपा नेता के घर में लंबे समय से शरण लिया था। पीड़ित व्यवसायी का आरोप है कि कुरूद में आरोपितों को राजनीतिक संरक्षण के चलते दोनों आरोपितों की गिरफ्तार में लेटलतीफी हुई है। गुजरात पुलिस व प्रार्थी गांधीधाम गुजरात निवासी पवन मोर से मिली जानकारी के अनुसार, आरोपित नेहरू नगर भिलाई निवासी संजय अग्रवाल, सचिन अग्रवाल, संदीप अग्रवाल और राखी अग्रवाल ने मिलकर कोक एक्सपोर्ट के नाम पर उनसे 89 करोड़ रुपये की ठगी की है।

आठ फरवरी 2025 में इन सभी आरोपितों के खिलाफ प्रार्थी पवन मोर की शिकायत पर गांधीधाम बी डिवीजन पुलिस स्टेशन में धोखाधड़ी की जुर्म दर्ज की गई है, इसके बाद से सभी आरोपित फरार है। गुजरात पुलिस ने आरोपितों को लंबे समय से ढूंढ रही थी। गुजरात पुलिस को आरोपितों के नेहरू नगर भिलाई स्थित मकान में छिपे होने की जानकारी मिली, तो पुलिस यहां पहुंचकर खोजबीन किया, लेकिन भिलाई में नहीं मिली। पुलिस को पता चला कि आरोपित संजय अग्रवाल और सचिन अग्रवाल धमतरी जिले के नगर पंचायत कुरूद में अपने रिश्तेदार के घर शरण लिया है।

17 सितंबर 2025 को गुजरात पुलिस टीम कुरूद पहुंचकर उनके रिश्तेदार के ठिकाने पर दबिश दी, यहां से पुलिस ने दोनों आरोपित संजय अग्रवाल और सचिन अग्रवाल को गिरफ्तार किए है। इस बीच देर रात तक कुरूद में आरोपितों को नहीं पकड़ने राजनीतिक संरक्षण के चलते गिरफ्तारी में लेटलतीफी होता रहा। आखिरकार गुजरात पुलिस ने देर रात में दोनों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया। 18 सितंबर की सुबह पुलिस ने आरोपित संजय अग्रवाल और सचिन अग्रवाल को सिविल कोर्ट कुरूद में ट्रांजिट रिमांड के लिए पेश किया गया, जहां से अनुमति लेकर दोनों आरोपितों को पुलिस गुजरात ले गई।

दो आरोपित अभी भी फरार

गुजरात पुलिस व प्रार्थी पवन मोर ने बताया कि इस मामले के दो आरोपित संदीप अग्रवाल और राखी अग्रवाल अभी भी फरार है। पुलिस इन दोनों की सरगर्मी से तलाश कर रही है। क्योंकि चारों आरोपितों ने मिलकर उनके साथ 89 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की है।

एक माह से कुरूद में शरण लेने का आरोप

गुजरात पुलिस ने आरोप लगाते हुए बताया कि 200 करोड़ रुपये के धोखाधड़ी के दोनों आरोपित संजय अग्रवाल और सचिन अग्रवाल कुरूद में पिछले एक माह से अपने रिश्तेदार एक भाजपा नेता के घर शरण लिया हुआ था। दोनों की गिरफ्तारी के समय राजनीतिक अडंगा जमकर सामने आई। बमुश्किल दोनों आरोपित गिरफ्तार किए गए है। करोड़ों रुपये के धोखाधड़ी करने वाले आरोपितों को एक भाजपा नेता द्वारा पनाह देकर रखने और दोनों के गिरफ्तारी में राजनीतिक संरक्षण देने की बात को लेकर कुरूद नगर व आसपास क्षेत्रों में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही है।

CG Liquor Scam: आबकारी आयुक्त रहे Retired IAS निरंजन दास गिरफ्तार, घोटाले का प्लान बनाने का आरोप

CG Liquor Scam: आबकारी आयुक्त रहे Retired IAS निरंजन दास गिरफ्तार, घोटाले का प्लान बनाने का आरोप

 

रायपुर: 3,200 करोड़ के शराब घोटाले में लंबे समय से जांच एजेंसियों की रडार पर रहे रिटायर्ड आइएएस अधिकारी निरंजन दास को राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (ईओडब्ल्यू) ने गुरुवार को गिरफ्तार कर लिया।

निरंजन दास पर यह है आरोप

पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के दौरान आबकारी आयुक्त रहे निरंजन दास पर शराब घोटाले की पूरी रूपरेखा बनाने और उसे लागू कराने का आरोप है। विभाग प्रमुख के तौर पर उन्होंने विभाग में सक्रिय सिंडीकेट का सहयोग करते हुए, शासकीय शराब दुकानों में अन एकाउंटेंड शराब की बिक्री, अधिकारियों के ट्रांसफर, टेंडर प्रक्रिया में हेरफेर, दोषपूर्ण शराब नीति लाये जाने में सहयोग, अन्य तरीकों से सिंडीकेट को लाभ पहुंचाते हुए उसके एवज में करोड़ों का लाभ अर्जित किया था।

दास को शुक्रवार कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लेने की तैयारी है। सुप्रीम कोर्ट ने नौ मई तक गिरफ्तारी से राहत दी थी। सूत्रों के मुताबिक ईओडब्ल्यू के अधिकारी नितेश पुरोहित, यश पुरोहित को गिरफ्तार करने गिरिराज होटल गई थी,जहां से दोनों फरार हो गए।

कस्टम मिलिंग घोटाले में ईडी की छापेमारी

वहीं 140 करोड़ के कस्टम मिलिंग प्रोत्साहन राशि घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय की टीम ने भिलाई समेत प्रदेश के दस ठिकानों में छापेमारी की। गुरुवार की सुबह छह बजे ईडी की चार सदस्यीय टीम ने भिलाई के तालपुरी इलाके में रिटायर्ड आइएएस डॉ.आलोक शुक्ला और हुड़को में सुधाकर राव घर दबिश दी। टीम ने घर की घेराबंदी कर महत्वपूर्ण दस्तावेजों,लेनदेन से जुड़े कागजों को खंगालकर छानबीन की।

छापेमारी के दौरान आलोक शुक्ला घर पर नहीं थे। उनके मप्र जाने की जानकारी दी गई थी। ईडी ने घर पर नोटिस चस्पा कर उन्हें तलब किया है। बताया जा रहा है कि आलोक शुक्ला सरेंडर करने ईडी की विशेष कोर्ट पहुंचे थे,लेकिन सुप्रीम कोर्ट का आदेश नहीं होने पर उन्हें वापस भेज दिया गया।

सरायपाली पुलिस की कार्रवाई : ग्राम दर्राभांठा अवैध शराब के साथ एक आरोपी गिरफ्तार

सरायपाली पुलिस की कार्रवाई : ग्राम दर्राभांठा अवैध शराब के साथ एक आरोपी गिरफ्तार

 

सरायपाली। थाना सरायपाली पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए एक व्यक्ति को अवैध देशी शराब के साथ गिरफ्तार किया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार दिनांक 17 सितंबर 2025 को पुलिस को सूचना मिली कि एक व्यक्ति मोटरसाइकिल HF डिलक्स (क्रमांक CG 06 GP 1560) में ग्राम पलसापाली की ओर से सरायपाली की ओर अवैध शराब लेकर आ रहा है। सूचना पर प्रधान आरक्षक के नेतृत्व में आरक्षक 394, 197 तथा गवाहों को साथ लेकर पुलिस दल रवाना हुआ। ग्राम दर्राभांठा मोड़ पुलिया के पास घेराबंदी कर आरोपी को पकड़ा गया।

पकड़े गए आरोपी की पहचान कमलेश बेहरा पिता राजेन्द्र बेहरा उम्र 40 वर्ष निवासी ग्राम पलसापाली (केदुंवा), थाना सरायपाली जिला महासमुंद के रूप में हुई। आरोपी की मोटरसाइकिल के हैंडल से लटक रहे सफेद रंग के प्लास्टिक थैले की जांच करने पर उसमें एक 05 लीटर क्षमता की प्लास्टिक जरीकेन मिली, जिसमें करीबन 04 लीटर (4000 ML) देशी हाथ भट्टी महुआ शराब रखी हुई थी।

पुलिस ने मौके पर ही गवाहों के समक्ष बरामदगी पंचनामा तैयार किया और उक्त शराब को सीलबंद कर जप्त किया। इसके साथ ही घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल जिसकी अनुमानित कीमत करीब 50,000 रुपये बताई जा रही है, को भी जप्त किया गया। कुल मिलाकर पुलिस ने लगभग 50,800 रुपये का माल जब्त किया।

आरोपी का कृत्य धारा 34(1) आबकारी एक्ट के तहत अपराध पाए जाने पर उसे 18 सितंबर 2025 की रात 00:35 बजे विधिवत गिरफ्तार किया गया। चूंकि मामला जमानतीय था, इसलिए सक्षम जमानतदार पेश करने पर आरोपी को जमानत मुचलका पर रिहा कर दिया गया।

पुलिस ने बताया कि अवैध शराब की रोकथाम हेतु इसी प्रकार की कार्रवाई आगे भी निरंतर जारी रहेगी।

पिथौरा शहीद भगत सिंह मैदान से युवक गिरफ्तार, धारदार गुप्ती सहित पकड़ा गया

पिथौरा शहीद भगत सिंह मैदान से युवक गिरफ्तार, धारदार गुप्ती सहित पकड़ा गया

 

पिथौरा। थाना पिथौरा पुलिस ने मुखबीर की सूचना पर शुक्रवार 18 सितंबर 2025 को कार्रवाई करते हुए एक युवक को अवैध धारदार गुप्तीनुमा चाकू सहित गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान कमलेश चौहान पिता रामधारी चौहान उम्र 25 वर्ष निवासी ग्राम कौहाकुडा थाना पिथौरा जिला महासमुंद के रूप में हुई है।

मिली जानकारी के अनुसार, थाना पिथौरा में पदस्थ सहायक उप निरीक्षक सिकंदर भोई को मुखबीर से सूचना प्राप्त हुई थी कि शहीद भगत सिंह खेल मैदान पिथौरा में एक युवक अवैध रूप से धारदार चाकू रखे हुए है। सूचना पर तत्काल हमराह स्टाफ आरक्षक क्रमांक 907 एवं 733 को लेकर गवाह राहुल निषाद और राजकुमार उपाध्याय को धारा 179 बीएनएसएस के तहत नोटिस तामिल कर टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने घेराबंदी कर संदिग्ध युवक को पकड़ा। पूछताछ में युवक ने अपना नाम कमलेश चौहान बताया।

तलाशी लेने पर उसके कमर के पीछे से एक स्टील का गुप्तीनुमा धारदार चाकू म्यान सहित बरामद हुआ। गवाहों की उपस्थिति में पुलिस ने पंचनामा तैयार कर जब्ती की कार्रवाई की। आरोपी को धारा 94 बीएनएसएस के तहत वैध कागजात प्रस्तुत करने का अवसर दिया गया, लेकिन वह किसी भी प्रकार का दस्तावेज नहीं दे सका।

बरामद हथियार का विवरण इस प्रकार है— गुप्ती की कुल लंबाई 13.4 इंच, फल की लंबाई 7.5 इंच, चौड़ाई 0.8 इंच तथा लोहे का म्यान लंबाई 10.2 इंच व गोलाई 3.5 इंच। पुलिस ने आरोपी से हथियार जब्त कर कब्जे में ले लिया।

आरोपी का कृत्य धारा 25 आर्म्स एक्ट के अंतर्गत अपराध पाए जाने पर मौके पर ही उसे विधिवत गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी की सूचना उसके पिता रामधारी चौहान को दी गई। आरोपी के खिलाफ थाना पिथौरा में अपराध क्रमांक 0/25 धारा 25 आर्म्स एक्ट कायम कर आगे की विवेचना में लिया गया है।

पिथौरा : ग्राम ठाकुरदिया खुर्द में मछली तालाब विवाद पर माटीदरहा युवक पर हमला, तीन आरोपियों पर मामला दर्ज

पिथौरा : ग्राम ठाकुरदिया खुर्द में मछली तालाब विवाद पर माटीदरहा युवक पर हमला, तीन आरोपियों पर मामला दर्ज

महासमुंद/सांकरा। थाना सांकरा क्षेत्र के ग्राम ठाकुरदिया खुर्द में 16 सितम्बर की रात तालाब विवाद को लेकर एक युवक पर जानलेवा हमला करने का मामला सामने आया है। सांकरा क्षेत्र के पीड़ित ग्राम माटीदरहा का निवासी है, जिसने पुलिस में लिखित रिपोर्ट दर्ज कराई है। इस घटना में गांव के तीन लोगों के नाम सामने आए हैं, जिन पर पिथौरा पुलिस ने गंभीर धाराओं के तहत अपराध पंजीबद्ध किया है।

पीड़ित की रिपोर्ट के अनुसार, उसका चाचा अनंत राम निषाद ग्राम ठाकुरदिया खुर्द में रहता है और गांव के दमांत तालाब को मछली पालन के लिए ठेके पर लिया है। दिनांक 16.09.2025 को उसके चाचा के यहां पितर कार्यक्रम था। इस कार्यक्रम में शामिल होने वह स्वयं गांव गया हुआ था।

बताया गया है कि अनंत राम निषाद ने तालाब में मछली पकड़ने के लिए जाल डाला था। उस जाल को देखने के लिए पीड़ित रात करीब 11.30 बजे अपने चाचा के साथ तालाब की ओर गया। इसी दौरान गांव के शिवा जोशी, अंजोर जोशी और राहुल जोशी वहां मौजूद थे।

आरोप है कि तीनों ने पीड़ित से गांव आने पर आपत्ति जताई और विवाद करने लगे। विवाद बढ़ने पर अंजोर जोशी और राहुल जोशी ने पीड़ित को पकड़ लिया और शिवा जोशी ने हाथ में रखी कुल्हाड़ी से सिर पर वार कर दिया, जिससे वह घायल हो गया। साथ ही आरोपियों ने धमकी भी दी।

घटना को चाचा अनंत राम निषाद और भाई राजेश निषाद ने प्रत्यक्ष रूप से देखा और बीच-बचाव कर पीड़ित को बचाया। घायल युवक ने तुरंत थाना सांकरा पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई।

रिपोर्ट के आधार पर पिथौरा पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धारा 115(2)-BNS, 296-BNS, 3(5)-BNS, 351(3)-BNS के तहत मामला कायम किया है। इनमें हत्या के प्रयास, धमकी, मारपीट और गंभीर अपराध से जुड़ी धाराएँ शामिल हैं

बसना ग्राम रसोड़ा में अवैध शराब पिलाने वाला युवक पुलिस के हत्थे चढ़ा

बसना ग्राम रसोड़ा में अवैध शराब पिलाने वाला युवक पुलिस के हत्थे चढ़ा

 

बसना। थाना बसना पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर कार्यवाही करते हुए ग्राम रसोड़ा, जगदीशपुर रोड किनारे पीपल पेड़ के पास से एक युवक को अवैध रूप से शराब पिलाते हुए गिरफ्तार किया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार दिनांक 18 सितम्बर 2025 को थाना बसना में पदस्थ सउनि को सूचना मिली कि ग्राम रसोड़ा में एक व्यक्ति लोगों को बैठाकर अवैध रूप से शराब पीने-पिलाने की सुविधा उपलब्ध करा रहा है। सूचना पर थाना प्रभारी के निर्देशानुसार हमराह स्टाफ एवं गवाहों के साथ पुलिस टीम शासकीय वाहन से मौके पर पहुँची। पुलिस को देखकर शराब पीने वाले अन्य लोग भाग खड़े हुए, वहीं एक व्यक्ति को पकड़ लिया गया। पूछताछ में उसने अपना नाम शैलेश भोई पिता जगन्नाथ भोई उम्र 33 वर्ष, निवासी ग्राम रसोड़ा थाना बसना जिला महासमुंद बताया।

पुलिस ने आरोपी से शराब पिलाने एवं सुविधा उपलब्ध कराने के संबंध में वैध कागजात प्रस्तुत करने हेतु धारा 94 बीएनएसएस का नोटिस दिया, किन्तु उसके पास कोई लाइसेंस अथवा परमिट नहीं पाया गया। मौके से आरोपी के कब्जे से 02 नग देशी प्लेन शराब की खाली शीशी एवं 02 नग डिस्पोजल गिलास, जिनमें शराब की गंध आ रही थी, को गवाहों के समक्ष जब्त किया गया।

पुलिस ने आरोपी का कृत्य धारा 36(सी) आबकारी एक्ट के तहत अपराध पाते हुए उसे दिनांक 18 सितम्बर 2025 की रात 10:10 बजे गिरफ्तार किया। चूंकि मामला जमानतीय था, इसलिए सक्षम जमानतदार प्रस्तुत करने पर आरोपी को जमानत मुचलका पर रिहा कर दिया गया।

CG: सरायपाली ओम हॉस्पिटल में 20 सितम्बर को किडनी व मूत्र रोग पर विशेष परामर्श एवं ऑपरेशन शिविर

CG: सरायपाली ओम हॉस्पिटल में 20 सितम्बर को किडनी व मूत्र रोग पर विशेष परामर्श एवं ऑपरेशन शिविर

सरायपाली। ओम हॉस्पिटल सरायपाली में 20 सितम्बर 2025, शनिवार को किडनी एवं मूत्र रोग से संबंधित मरीजों के लिए विशेष परामर्श एवं ऑपरेशन शिविर का आयोजन किया जा रहा है। यह शिविर दोपहर 1 बजे से 3 बजे तक आयोजित होगा। शिविर में प्रसिद्ध यूरोलॉजिस्ट एवं किडनी रोग विशेषज्ञ डॉ. राजेश अग्रवाल मरीजों का परामर्श देंगे।

किडनी व मूत्र रोग विभाग में गुर्दे की पथरी, गुर्दे की सूजन व इंफेक्शन, मूत्रनली की पथरी, पेशाब में रुकावट, पेशाब में खून आना, पेशाब की नली की सिस्ट तथा मूत्राशय से जुड़ी बीमारियों का आधुनिक तरीकों से इलाज एवं ऑपरेशन उपलब्ध है। यहां लेज़र तकनीक, एंडोस्कोपी (दूरबीन विधि), पीसीएनएल (Percutaneous Nephrolithotomy) और यूरेटरॉस्कोपी जैसी नवीनतम शल्य तकनीकों का उपयोग किया जाता है, जिससे मरीज को कम दर्द, कम समय में रिकवरी और बेहतर परिणाम मिलते हैं।

डॉ. अग्रवाल ने देश-विदेश के प्रतिष्ठित अस्पतालों में सेवाएं दी हैं और जटिल मामलों में उनका अनुभव बेहद समृद्ध है।

अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि इस शिविर में ऑपरेशन हेतु इच्छुक मरीज अपनी सभी जांच रिपोर्ट के साथ उपस्थित हों। इसके लिए अग्रिम पंजीयन अनिवार्य है। अस्पताल में आयुष्मान कार्ड, राशन कार्ड और इंश्योरेंस कार्ड से उपचार की सुविधा उपलब्ध है। साथ ही बीजू कार्ड धारक मरीजों को नि:शुल्क इलाज की सुविधा भी प्रदान की जाएगी।

ओम हॉस्पिटल का उद्देश्य है कि ग्रामीण अंचलों तक भी विशेषज्ञ डॉक्टरों की सेवाएं पहुंच सकें ताकि लोग समय पर जांच और उपचार करा सकें। अस्पताल में प्रत्येक गुरुवार को नि:शुल्क परामर्श की भी सुविधा दी जाती है।

अस्पताल प्रबंधन ने लोगों से अपील की है कि किडनी व मूत्र रोग से पीड़ित मरीज इस अवसर का लाभ उठाएं और समय रहते अपना इलाज एवं आवश्यकतानुसार आधुनिक तकनीकों से ऑपरेशन कराएं। अधिक जानकारी के लिए अस्पताल के फोन नंबर 07725-299360 तथा मोबाइल 83700-08558 पर संपर्क किया जा सकता है।

महासमुंद कलेक्टर श्री लंगेह ने गढ़फूलझर में पाथवे, चौपाटी एवं उद्यान निर्माण कार्यों का किया निरीक्षण सभी कार्यों को समय सीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण करने के दिए निर्देश

महासमुंद कलेक्टर श्री लंगेह ने गढ़फूलझर में पाथवे, चौपाटी एवं उद्यान निर्माण कार्यों का किया निरीक्षण सभी कार्यों को समय सीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण करने के दिए निर्देश

 

महासमुंद/ कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने आज गढ़फूलझर पहुंचकर विभिन्न विकास कार्यों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने पाथवे निर्माण, चौपाटी एवं उद्यान विकास कार्यों की प्रगति की विस्तृत जानकारी अधिकारियों से ली। उन्होंने संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी कार्यों को निर्धारित समय सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण किया जाए, ताकि आम नागरिकों को शीघ्र ही इन सुविधाओं का लाभ मिल सके।

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने विशेष रूप से मुख्यमंत्री द्वारा पूर्व में की गई घोषणाओं के क्रियान्वयन का भी जायजा लिया। उन्होंने कहा कि राज्य शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप सभी विकास कार्यों को तेजी और पारदर्शिता के साथ आगे बढ़ाना प्रशासन की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की घोषणाएँ जनता की आकांक्षाओं से जुड़ी हुई हैं और प्रशासन की यह प्राथमिकता है कि उनका लाभ समय पर आमजन तक पहुँचे।

श्री लंगेह ने अधिकारियों से कहा कि कार्यों की सतत निगरानी करें और जिन बिंदुओं पर गति धीमी है, वहाँ तत्काल सुधार सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या विलंब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस अवसर पर एसडीएम श्री मनोज कुमार खांडे, जनपद सीईओ श्री पीयूष ठाकुर, तहसीलदार श्री कृष्ण कुमार साहू एवं स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं नागरिक गण मौजूद थे।