CG Crime: शादीशुदा महिला के साथ प्रेम संबंध को लेकर दोस्तों में रंजिश, शराब पिलाकर कर दी हत्या

CG Crime: शादीशुदा महिला के साथ प्रेम संबंध को लेकर दोस्तों में रंजिश, शराब पिलाकर कर दी हत्या

 

राजनांदगांव। जिले के सोमनी थाना क्षेत्र में हुए अंधे कत्ल की गुत्थी पुलिस ने पांच दिन बाद सुलझा ली। हत्या के पीछे कारण एक विवाहित महिला से जुड़े अवैध संबंध निकला। पुलिस ने इस मामले में आरोपित अनिल डौंडे (32) और उसके साथी तुलेश साहू (32) को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

छह सितंबर की रात दोनों ने मिलकर गौरीनगर निवासी अजय सिन्हा (25) की हत्या कर शव जोरातराई गांव के रेलवे ट्रैक किनारे फेंक दिया था। सात सितंबर की सुबह शव मिलने पर पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला रेतने और सिर पर गंभीर चोट की पुष्टि हुई थी।

दोस्त ने ही रची साजिश

कत्ल का मास्टरमाइंड गौरीनगर निवासी अनिल डौंडे निकला, जो अजय का दोस्त था। पूछताछ में अनिल ने बताया कि उसकी प्रेमिका से अजय के बढ़ते संबंधों को लेकर वह नाराज था। कई बार मना करने के बावजूद दोनों के बीच रिश्ता खत्म नहीं हुआ। इसके बाद उसने हत्या की साजिश रची और पुराने हत्याकांड का आरोपित रह चुके तुलेश साहू को इसमें शामिल किया।

15 साल से चल रहा था प्रेम संबंध

पुलिस के मुताबिक अनिल का एक महिला से 15 वर्षों से प्रेम संबंध था। महिला अपने पति और बच्चों को छोड़कर अनिल के साथ रह रही थी। अनिल ने उसे अपनी पत्नी बताकर किराये का मकान दिलाया और आर्थिक जिम्मेदारी भी उठाई। इस बीच जब वह गांव गया तो अजय को उसकी देखरेख की जिम्मेदारी दी। इसी दौरान अजय और महिला के बीच नजदीकियां बढ़ीं।

शराब पिलाकर किया वार

हत्या की रात अनिल और तुलेश, अजय को साथ लेकर जोरातराई रेलवे ट्रैक किनारे पहुंचे। वहां तीनों ने शराब पी। इसी दौरान विवाद हुआ और तुलेश ने अजय के सिर पर पत्थर से वार किया। इसके बाद अनिल ने चाकू से उसका गला रेत दिया। वारदात के बाद दोनों आरोपित कपड़े बदलकर अलग-अलग स्थानों पर छिप गए थे। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर दोनों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।

छत्तीसगढ़ 43 साल का ‘आतंकी जीवन’ छोड़ शांति की ओर लौटी माओवादी रणनीतिकार सुजाता

43 साल का ‘आतंकी जीवन’ छोड़ शांति की ओर लौटी माओवादी रणनीतिकार सुजाता

 

जगदलपुर: लगभग 43 वर्षों तक भूमिगत रहकर माओवादी आंदोलन की रणनीतिकार रही शीर्ष महिला नेता और केंद्रीय समिति सदस्य (सीसीएम) पोटुला पद्मावती उर्फ कल्पना उर्फ मयनक्का उर्फ सुजाता ने शनिवार को आत्मसमर्पण कर दिया। तेलंगाना पुलिस महानिदेशक की मौजूदगी में उन्होंने हथियार डालते हुए मुख्यधारा में वापसी की घोषणा की।

62 वर्षीय सुजाता तेलंगाना के जोगुलंबा गढ़वाल जिले के पेंचिकलपाडु गांव की मूल निवासी हैं। माओवादी संगठन में उन्होंने केंद्रीय समिति सदस्य, सचिवालय सदस्य, दक्षिण उप–क्षेत्रीय ब्यूरो सचिव और दंडकारण्य क्षेत्र में ’जनताना सरकार’ की प्रभारी जैसी अहम जिम्मेदारियां संभालीं।

डाकपाल पिता की बेटी से खूंखार माओवादी तक

साधारण किसान परिवार में जन्मी सुजाता अपने छात्र जीवन में ही वामपंथी विचारधारा से प्रभावित हुईं। उसके पिता गांव के डाकपाल थे। 1982 में वह पीपुल्स वार ग्रुप से जुड़ गईं और जल्दी ही संगठन की सांस्कृतिक इकाई जन नाट्य मंडली का हिस्सा बनीं। इसी दौरान उनकी मुलाकात वरिष्ठ माओवादी नेता मल्लोजुला कोटेश्वर राव उर्फ किशनजी से हुई, जिनसे उन्होंने विवाह किया। किशनजी 2011 में पश्चिम बंगाल–झारखंड सीमा पर पुलिस मुठभेड़ में मारा गया।

बस्तर को माओवाद की आग में झोंका

संगठन में प्रवेश के बाद सुजाता ने गढ़चिरौली और बस्तर के घने जंगलों में दलम कमांडर और एरिया कमेटी सचिव जैसी जिम्मेदारियां निभाईं। 2001 में उन्हें दंडकारण्य विशेष क्षेत्रीय समिति (डीकेएसजेडसी) में जगह मिली। 2007 में वे सचिवालय सदस्य बनीं और दक्षिण बस्तर की ’जनताना सरकार’ की कमान संभाली। 2022 में उसे दक्षिण उप–क्षेत्रीय ब्यूरो की सचिव बनाया गया और 2023 में वह माओवादी केंद्रीय समिति की सदस्य बनीं।

सेहत बिगड़ने पर छोड़ा संगठन

लगातार कठिन जीवन और गिरती सेहत के चलते सुजाता ने मई 2025 में संगठन छोड़ने की इच्छा जताई थी। उन्होंने औपचारिक रूप से केंद्रीय समिति को पत्र लिखकर सरकार की पुनर्वास नीति के तहत सामान्य जीवन जीने की इच्छा व्यक्त की। तेलंगाना सरकार ने आत्मसमर्पण करने वाली सुजाता को 25 लाख रुपये की इनामी राशि डिमांड ड्राफ्ट के रूप में सौंपी। साथ ही, पुनर्वास नीति के अंतर्गत उन्हें सभी सुविधाएं दी जाएंगी ताकि वे सम्मानजनक जीवन जी सकें।

तेलंगाना पुलिस ने इसे अपनी समग्र रणनीति की बड़ी उपलब्धि बताया। तेलंगाना में वर्ष 2025 में अब तक 404 माओवादी, जिनमें चार राज्य समिति सदस्य और 34 एरिया कमेटी सदस्य शामिल हैं, हथियार छोड़कर मुख्यधारा से जुड़ चुके हैं। पुलिस महानिदेशक ने सभी भूमिगत माओवादियों से अपील की कि वे संघर्ष का रास्ता छोड़ अपने गांव लौटें और राज्य के विकास में योगदान दें।

रायगढ़ में एक आदिवासी परिवार के पति-पत्नी और दो बच्चों की हत्या पर खुलासा

रायगढ़ में एक आदिवासी परिवार के पति-पत्नी और दो बच्चों की हत्या करने वाले कातिल को आखिरकार रायगढ़ पुलिस ने गिरफ्तार करके सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है। चरित्र शंका के कारण आरोपी ने नाबालिग के साथ मिलकर पूरे परिवार की हत्या की वारदात को अंजाम दिया है। आरोपियों ने अपना गुनाह कबुल कर लिया है।

 

 

11 सितंबर को ग्राम ठुसेकेला राजीव नगर में ग्रामीणों ने खरसिया पुलिस को सूचना दी थी कि बुधराम उरांव का घर अंदर से बंद है और भीतर खून के धब्बे दिख रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक दिव्यांग पटेल, एडिशनल एसपी आकाश मरकाम, डीएसपी अनिल विश्वकर्मा, एसडीओपी प्रभात पटेल समेत खरसिया, छाल, कोतरारोड़, पूंजीपथरा, जोबी पुलिस, एफएसएल, डॉग स्क्वाड और बीडीएस की टीमें मौके पर पहुंचीं। जांच में बुधराम उरांव (42), उसकी पत्नी सहोद्रा (37) और दोनों बच्चों अरविंद (12) और शिवांगी (5) के शव बाड़ी में खाद के गड्ढे से बरामद हुए।

जांच टीम को पड़ोसी पर हुआ संदेह
एक ही परिवार के चार लोगों की हत्या मामले में अलग-अलग थानों के प्रभारी और स्टाफ की विशेष टीमें बनाकर जांच की जा रही थी। इसी दौरान जांच टीम को पड़ोसी लकेश्वर पटैल पर संदेह हुआ। साक्ष्य मिलने पर पूछताछ में आरोपी ने जुर्म कबूल करते हुए बताया कि राजमिस्त्री का काम करता है, उसका पडोसी बुधराम उराँव भी राजमिस्त्री का करता है जो अपने परिवार के साथ रहता था। दोनों के बीच पिछले कुछ समय से कई कारणों से विवाद हुआ था।
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चरित्र शंका पर की हत्या
आरोपी ने बताया कि वह पड़ोसी बुधराम के बाडी जमीन को खरीदना चाहता था जिसे कई बार बुधराम से मांगा, बुधराम ने जमीन बेचने से इंकार किया था, करीब 6 माह पूर्व लकेश्वर के लड़के ने बुधराम के घर में घुसकर चोरी किया था जिसे आपस मे सुलझा लिये थे। लकेश्वर पटैल उसके पडोसी बुधराम के चरित्र पर शंका करता था, इन सभी बातों को लेकर लकेश्वर पटेल बुधराम से रंजिश रखे हुआ था और बुधराम की हत्या की योजना बनाकर मौके की ताक में था। इसने घटना के पूर्व बुधराम और उसकी पत्नी की गैर मौजूदगी में उसके घर की रैकी की थी।

दूसरे कमरे में लाश दफनाने की कोशिश
09 सितंबर की रात उसने बुधराम को खूब नशे में देखा था, उसी रात प्लान के मुताबिक आरोपी लकेश्वर और नाबालिग, बुधराम के घर घुसे और सोये बुधराम और उसकी पत्नी, बच्चों की हथियार से हमले कर हत्या कर दिये फिर शवों को घर के दूसरे कमरे में जमीन खोद कर दफनाना चाहे पर जमीन सख्त होने से गढ्ढा नहीं कर पाये और फिर शवों को घसीटते हुए बाड़ी की ओर ले जाकर खाद में गढ्ढा कर दफन करने का प्रयास किये।

पूरी घटना का कराया गया री-क्रिएशन
पुलिस ने घटनास्थल ले जाकर आरोपियों से पूरी घटना का री-क्रिएशन कराया गया। आरोपियों के मेमोरेंडम पर टंगिया, रॉड, गैंती, फावड़ा, कपड़े आदि महत्वपूर्ण साक्ष्यों की जप्ती कर दोनों को हत्या के मामले में गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।

महासमुन्द : बिरकोनी में निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित 254 श्रमिकों का हुआ स्वास्थ्य परीक्षण

महासमुन्द : बिरकोनी में निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित
254 श्रमिकों का हुआ स्वास्थ्य परीक्षण

महासमुंद, 13 सितम्बर 2025/ छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना रजत जयंती वर्ष 2025-26 के अवसर पर आज औद्योगिक विकास केंद्र बिरकोनी जिला महासमुंद में श्रम विभाग द्वारा श्रमिकों के लिए निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया।

शिविर का शुभारंभ बिरकोनी औद्योगिक क्षेत्र के अध्यक्ष श्री राकेश चंद्राकर, जिला श्रम अधिकारी श्री डी.एन. पात्र एवं अन्य जनप्रतिनिधियों द्वारा किया गया। इस अवसर पर उद्योगों में कार्यरत कर्मचारियों एवं श्रमिकों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें निःशुल्क परामर्श एवं उपचार उपलब्ध कराया गया।

स्वास्थ्य विभाग की ओर से डॉक्टर दुर्गाशंकर चंद्राकर (MBBS), लेब टेक्नीशियन श्री पवन साहू, फार्मासिस्ट श्रीमती विमला, पीएचसी बिरकोनी से डॉ. शशि शर्मा सहित स्वास्थ्य कर्मियों ने सेवाएँ प्रदान कीं। शिविर में रक्तचाप, मधुमेह, एनीमिया एवं अन्य रोगों की जांच कर दवाइयाँ वितरित की गईं। इस स्वास्थ्य शिविर में कुल 254 श्रमिकों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया, जिसमें 60 श्रमिकों को ब्लड प्रेशर, 22 को ऑक्सीजन स्तर, 35 को BMI जांच तथा 20 श्रमिकों को नेत्र संबंधी जांच की सुविधा दी गई।

श्रम विभाग के अधिकारियों ने बताया कि श्रमिकों की स्वास्थ्य सुरक्षा हेतु समय-समय पर इस प्रकार के शिविरों का आयोजन किया जाता है। श्रमिकों ने इस शिविर के लिए छत्तीसगढ़ शासन एवं श्रम विभाग के प्रति आभार व्यक्त किया और शिविर को लाभकारी बताया।

बसना : 12 ग्रामों के सरपंच, सचिव, मितानिन, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, प्रधान पाठक एवं सक्रिय महिलाएं सम्मिलित हुई। इन ग्रामों में मुख्यतः कुसमूर, पतेरापाली, कोटेनदरहा, बनडबरी

बसना : 12 ग्रामों के सरपंच, सचिव, मितानिन, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, प्रधान पाठक एवं सक्रिय महिलाएं सम्मिलित हुई। इन ग्रामों में मुख्यतः कुसमूर, पतेरापाली, कोटेनदरहा, बनडबरी ‘

महासमुंद 13 सितंबर 2025/ जनजातीय कार्य मंत्रालय भारत सरकार के मार्गदर्शन में जनपद पंचायत बसना के सभा कक्ष में आदि कर्मयोगी अभियान के अंतर्गत विकास खंड स्तरीय प्रोसेस लैब का द्वितीय दिवस का आयोजन शुक्रवार को बसना विकास खंड में आयोजित किया गया।

जिसमें 12 आदि ग्रामों के सरपंच, सचिव, मितानिन, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, प्रधान पाठक एवं सक्रिय महिलाएं सम्मिलित हुई। इन ग्रामों में मुख्यतः कुसमूर, पतेरापाली, कोटेनदरहा, बनडबरी ‘क’ पिलवापली, ठूठापाली, चंदखुरी , नवागांव, डुमरपाली, साल्हेझरिया, गणेशपुर , कायतपाली से प्रशिक्षणार्थी सम्मिलित हुए।

कार्यशाला में 7 विभागों के ब्लॉक मास्टर ट्रेनर्स जिनमें श्री सुखराम निराला, श्री संतोष कुमार कहार, श्री गुलाल सिंह टंडन, श्री शंकर सिंह सिदार, श्री महेंद्र कुमार ध्रुव, श्रीमति उमा देवी पटेल , श्रीमति पुष्पा राज, अंकित कुमार यदु, हेमलाल सिदार, गरिमा सिंह ठाकुर आदि ने प्रशिक्षणार्थियों को जमीनी स्तर पर कार्य करने संबंधी प्रेरणा एवं मार्गदर्शन प्रदान किया जिसमें विभिन्न क्रियाकलापों के माध्यम से समझाया गया , सभी प्रशिक्षणार्थियों ने इस अभियान को सफल बनाने के लिए एकजूट होकर काम करने और समाज के अंतिम व्यक्ति तक सेवा पहुंचाने की शपथ ली।

इस तरह जनपद पंचायत बसना में ब्लॉक स्तरीय 2 दिवसीय प्रोसेस लैब सम्पन्न कराया गया, जिसमें चयनित सभी 24 ग्राम के सचिव, मितानिन, प्रधान पाठक, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सक्रिय कार्यकर्ता सम्मिलित हुए, ब्लॉक स्तरीय प्रोसेस लैब का समापन बसना जनपद पंचायत के सी.ई.ओ और ब्लॉक नोडल श्री पीयूष सिंह ठाकुर के उद्बोधन द्वारा एवं नोडल अधिकारी श्री रोहित पटेल के द्वारा शपथ ग्रहण करा कर किया गया।

CG : लड़के-लड़कियों को बिना कपड़े के बुलाए गए,रायपुर मे न्यूड पार्टी’ के पोस्टर्स पर बवाल,कांग्रेस ने इसे लेकर विरोध शुरू कर दिया है

CG : लड़के-लड़कियों को बिना कपड़े के बुलाए गए,रायपुर मे न्यूड पार्टी’ के पोस्टर्स पर बवाल,कांग्रेस ने इसे लेकर विरोध शुरू कर दिया है।

रायपुर में न्यूड पार्टी का पोस्टर्स वायरल है। इसे लेकर विवाद शुरु हो गया है। पार्टी में लड़के-लड़कियों को बिना कपड़े के बुलाया गया है। कांग्रेस ने इसे लेकर विरोध शुरू कर दिया है।

रायपुर: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में एक कथित न्यूड पार्टी को लेकर बवाल मच गया है। सोशल मीडिया पर इस पार्टी के कार्ड वायरल हो रहे हैं, जिसमें लड़के-लड़कियों को बिना कपड़े के बुलाए गए हैं। साथ ही इन पोस्टर्स में ड्रग्स को लेकर भी दावा किया जा रहा है। पोस्टर्स सामने आने के बाद कांग्रेस ने इस पार्टी का विरोध किया है। साथ ही कहा है कि यह पार्टी नहीं होने देंगे। पुलिस से कार्रवाई की मांग की है।

 

बिना कपड़े को आने को कहा गया

सोशल मीडिया पर वायरल पोस्टर्स में लड़के-लड़कियों को बिना कपड़े को आने के लिए कहा गया है। आयोजकों के कई पोस्टर्स वायरल हो रहे हैं। पोस्टर्स में पार्टी का समय और तारीख भी है। इसके लिए सितंबर में 21 तारीख रखी गई है।

ड्रग्स मिलने के भी संकेत

वहीं, वायरल पोस्टर्स में शराब और ड्रग्स परोसे जाने के संकेत भी मिल रहे हैं। इसके साथ ही, नग्नता का लालच भी दिया जा रहा है। इन पोस्टर्स के वायरल होने के बाद कांग्रेस ने इसका विरोध किया है। कांग्रेस नेता कन्हैया अग्रवाल ने कहा है कि वे इस तरह के आयोजन को रायपुर में नहीं होने देंगे।

उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि इन आयोजनों को किसका संरक्षण है…? शराब, ड्रग्स परोसने के बाद अब नग्नता परोसने की बारी…21 सितम्बर का ये आयोजन रायपुर में नहीं होने देंगे। अपने शहर को दागदार नहीं होने देंगे।

पुलिस से सख्त कार्रवाई की मांग

कांग्रेस नेता ने कहा कि हम इसे लेकर रायपुर एसएसपी से मिलेंगे। साथ ही उनसे सख्त कार्रवाई की मांग करेंगे। साथ ही यह पता लगाएं कि सोशल मीडिया पर इस तरह की पार्टी को लेकर पोस्टर्स कौन वायरल कर रहे हैं। इसकी जांच हो। ऐसे लोगों को किनका संरक्षण प्राप्त है।

आयोजनकर्ता ने इसका नाम स्ट्रेंजर पार्टी रखा है। पत्रकारों ने जब उससे संपर्क किया तो न्यूड पार्टी का नाम सुनते ही फोन काट दिया। इसके बाद वह किसी का कॉल नहीं उठा रहा है।

गौरतलब है कि हाल ही में रायपुर में बड़ा ड्रग्स नेटवर्क पकड़ा गया है। इसके बाद कई हाईप्रोफाइल लोग रडार पर हैं, जिनके नाम इस नेटवर्क से जुड़ रहे हैं। अब न्यूड पार्टी की चर्चा होने लगी है। ऐसे में पुलिस की जिम्मेदारी है कि ऐसे लोगों तक पहुंचकर कार्रवाई करे!

Chhattisgarh HC ने मेडिकल कॉलेजों में प्रोफेसरों की भर्ती पर सरकार का आदेश बदला, दिया यह फैसला

Chhattisgarh HC ने मेडिकल कॉलेजों में प्रोफेसरों की भर्ती पर सरकार का आदेश बदला, दिया यह फैसला

 

बिलासपुर: हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति रविंद्र कुमार अग्रवाल की युगलपीठ ने राज्य सरकार के उस आदेश को रद कर दिया है, जिसमें मेडिकल कॉलेजों में प्रोफेसरों के रिक्त पदों को प्रत्यक्ष भर्ती से भरने की अनुमति दी गई थी। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि प्रोफेसर पद पर भर्ती केवल 100 प्रतिशत प्रमोशन के आधार पर ही होगी।

यह है पूरा मामला

सरकार ने 10 दिसंबर 2021 को अधिसूचना जारी कर एकमुश्त (वन टाइम) छूट देते हुए प्रोफेसर के पदों पर सीधी भर्ती का रास्ता खोला था। इसका विरोध करते हुए राज्यभर के दर्जनों एसोसिएट प्रोफेसरों ने हाई कोर्ट में याचिकाएं दायर कीं। उनका तर्क था कि 2013 की भर्ती नियमावली में स्पष्ट प्रावधान है कि प्रोफेसर पद पर भर्ती केवल प्रमोशन से होगी।

राज्य सरकार ने ये दी दलील

सरकार ने कोर्ट में कहा कि नए मेडिकल कॉलेज खुलने और सीटें बढ़ने से बड़ी संख्या में प्रोफेसरों की जरूरत है। अभी 242 प्रोफेसरों और 396 एसोसिएट प्रोफेसरों के पद स्वीकृत हैं, जबकि योग्य प्रोफेसरों की संख्या कम है। अगर तुरंत भर्ती नहीं की गई तो मेडिकल शिक्षा पर संकट आ सकता है। इसी कारण सीधी भर्ती की छूट दी गई थी।

यह सुनाया फैसला

कोर्ट ने सरकार की दलील खारिज करते हुए कहा कि, भर्ती नियमावली 2013 के नियम छह में स्पष्ट लिखा है कि प्रोफेसर के पद पर 100 प्रतिशत प्रमोशन से ही भर्ती होगी। किसी भी अधिसूचना से भर्ती नियमों में बदलाव नहीं किया जा सकता। कर्मचारियों को प्रमोशन का अवसर मिलना संवैधानिक अधिकार है, जिसे प्रत्यक्ष भर्ती से प्रभावित नहीं किया जा सकता। हाई कोर्ट ने निर्देश दिया कि योग्य एसोसिएट प्रोफेसरों को प्रमोशन दिया जाए।

प्रधानमंत्री ने नेपाल की अंतरिम सरकार की प्रधानमंत्री के रूप में पदभार ग्रहण करने पर श्रीमती सुशीला कार्की को शुभकामनाएं दी

प्रधानमंत्री ने नेपाल की अंतरिम सरकार की प्रधानमंत्री के रूप में पदभार ग्रहण करने पर श्रीमती सुशीला कार्की को शुभकामनाएं दी

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने आज नेपाल की अंतरिम सरकार की प्रधानमंत्री के रूप में कार्यभार ग्रहण करने पर माननीय श्रीमती सुशीला कार्की को अपनी शुभकामनाएं दी। उन्होंने दोहराया कि भारत नेपाल के लोगों की शांति, प्रगति और समृद्धि के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

उन्होंने एक्स पर पोस्ट में लिखा:

“मैं माननीय श्रीमती सुशीला कार्की को नेपाल की अंतरिम सरकार की प्रधानमंत्री के रूप में पदभार ग्रहण करने पर अपनी हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं। भारत नेपाल के लोगों की शांति, प्रगति और समृद्धि के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।”

“नेपाल की अंतरिम सरकार की प्रधानमंत्री के रूप में पद ग्रहण करने पर माननीय सुशीला कार्की जी को हार्दिक शुभकामनाएं। नेपाल के भाई-बहनों की शांति, प्रगति और समृद्धि के लिए भारत पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।”

“नेपालको अन्‍तरिम सरकारको प्रधानमन्त्रीको रूपमा पदभार ग्रहण गर्नुभएकोमा सम्माननीय श्रीमती सुशीला कार्कीज्यूलाई हार्दिक शुभकामना। नेपालका दाजुभाइ तथा दिदीबहिनीहरूको शांति, प्रगति र समृद्धिप्रति भारत पूर्ण रूपमा प्रतिबद्ध छ।”

Shardiya Navratri 2025: इस साल नव नहीं दस दिन की होगी नवरात्रि, ग्यारहवें दिन विजयादशमी

Shardiya Navratri 2025: इस साल नव नहीं दस दिन की होगी नवरात्रि, ग्यारहवें दिन विजयादशमी

आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि 22 सितंबर, सोमवार से शारदीय नवरात्र की शुरुआत हो रही है। इस दौरान प्रतिपदा से नवमी तक मां दुर्गा की नौ रूपों की पूरी भक्ति भाव और श्रद्धा से आराधना की जाती है। शारदीय नवरात्र को दुर्गा पूजा के नाम से भी जाना जाता है। वैसे तो नवरात्रि पूरे देश में धूम धाम से मनाई जाती है। परन्तु बंगाल में दुर्गा पूजा का अति विशिष्ट महत्व है

श्रद्धालु पूरी निष्ठा से नवरात्र का व्रत रखते हैं। नवमी के दिन कन्या पूजन और विजयादशमी तिथि को रावण दहन के रूप में मनाते हैं। इस वर्ष शारदीय नवरात्रि नौ दिनों के बजाय 10 दिन की होगी वहीं विजयदशमी का पर्व 11वें दिन मनाई जाएगी। शारदीय नवरात्र शक्ति उपासना का प्रमुख पर्व माना जाता है। सनातन ग्रंथों की माने तो शारदीय नवरात्र में मां दुर्गा की आराधना कर श्रद्धालु सभी प्रकार के मनोवांछित फल को पा सकते हैं। इस बार मां दुर्गा का धरती पर आगमन हाथी से हो रहा है जो सुख व समृद्धि का प्रतीक है।

10 दिनों की होगी नवरात्रि

पंडित विवेकानंद पांडेय ने बताया कि शारदीय नवरात्र की शुरुआत 22 सितंबर आश्विन शुक्ल पक्ष प्रतिपदा तिथि सोमवार से हो रही है। वहीं 1 अक्टूबर बुधवार को महा नवमी के दिन नवरात्रि की समाप्ति मानी जाएगी। 2 अक्टूबर गुरुवार को विजयादशमी का पर्व मनाया जाएगा। इस दिन रावण का पुतला दहन की परंपरा है। इस वर्ष श्राद्ध पक्ष में एक तिथि का लोप हो रहा है वहीं नवरात्रि में चतुर्थी तिथि 2 दिन भोग कर रहा है जिससे नवरात्रि 9 दिन के बजाय 10 दिन की होगी। नवरात्रि में तिथि की वृद्धि अति शुभ दायक मानी जाती है। माता का आगमन भी शुभ कारक हो रहा है।

अभिजीत मुहूर्त में कलश स्थापना श्रेयस्कर

आश्विन शुक्ल पक्ष प्रतिपदा तिथि 22 सितंबर सोमवार को नवदुर्गा की पूजा के लिए कलश स्थापना की जाएगी। पंडित दिनेश पांडेय ,पंडित विश्वनाथ तिवारी, पंडित ध्रुप पाठक ने बताया कि शारदीय नवरात्र में कलश स्थापना का विशेष महत्व है। इस वर्ष सुबह से शाम तक पूरे दिन कलश स्थापना का मुहूर्त है लेकिन अभिजीत मुहूर्त में कलश स्थापना को श्रेयस्कर माना गया है। सोमवार को दिन 11:20 बजे तक उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र व यायीयोग समाप्त हो रहा है। उसके बाद हस्त नक्षत्र का आगमन हो रहा है तथा 12:09 बजे तक अभिजीत मुहूर्त बताया गया है।

महासमुंद जिले के बसना का मामला: 19 साल पुराने दुष्कर्म के मामले में Chhattisgarh HC आरोपी को किया बरी, जानिए पूरा मामला

महासमुंद जिले के बसना का मामला: 19 साल पुराने दुष्कर्म के मामले में Chhattisgarh HC आरोपी को किया बरी, जानिए पूरा मामला

 

बिलासपुर: हाई कोर्ट ने महासमुंद जिले के एक युवक 2005 में दर्ज दुष्कर्म और धमकी के मामले में सुनाई गई सजा से बरी कर दिया। न्यायमूर्ति सचिन सिंह राजपूत की एकलपीठ ने कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपित करिया उर्फ मालसिंह बिंझवार की दोष सिद्धि को संदेह से परे सिद्ध नहीं कर सका, इसलिए उसे संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त किया जाता है।

कोर्ट ने पाया कि पीड़िता की गवाही में गंभीर विरोधाभास हैं। एफआइआर में कई बार दुष्कर्म का आरोप थे, जबकि अदालत में केवल एक घटना का उल्लेख है। मेडिकल रिपोर्ट में न तो गर्भपात के निशान मिले और न ही ऐसा प्रमाण कि गर्भधारण कथित कृत्य का परिणाम था। घटना की रिपोर्ट सात महीने देर से दर्ज हुई और इसका कोई संतोषजनक कारण नहीं दिया गया। साथ ही, आरोपी और पीड़िता के पिता के बीच पुरानी दुश्मनी भी सामने आई इन परिस्थितियों को देखते हुए अदालत ने कहा कि संदेह का लाभ आरोपित को मिलना चाहिए और उसे सभी आरोपों से मुक्त किया जाता है।

ये है पूरा मामला

महासमुंद जिले के बसना थाना क्षेत्र की 18 वर्षीय युवती, जो पोलियो पीड़ित है, अपने घर में अकेली थी। जनवरी 2005 से लगभग छह महीने पहले करिया उर्फ मालसिंह बिंझवार उसके घर में घुसा और उसके साथ दुष्कर्म किया और धमकाया कि किसी को बताने पर जान से मार देगा। युवती ने आरोप लगाया कि इसके बाद जब भी वह अकेली होती, आरोपी बार-बार जबरन यौन शोषण करता रहा, जिससे वह गर्भवती हो गई। घटना के लगभग सात महीने बाद 10 जनवरी 2005 को पीड़िता ने अपने पिता को जानकारी दी और फिर लिखित शिकायत पुलिस स्टेशन बसना में दर्ज कराई।

ट्रायल कोर्ट ने यह दिया था निर्णय

इस मामले में प्रथम अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश महासमुंद ने नौ सितंबर 2005 को आरोपी युवक करिया को 7 साल सश्रम कारावास और आपराधिक धमकी देने के लिए तीन साल सजा सुनाई थी। जिसके खिलाफ आरोपी ने हाई कोर्ट में