महासमुंद/पीएम जनमन से झालखम्हरिया में कमारडेरा तक सड़क निर्माण, बदलता जनजीवन, बढ़ता विकास
महासमुंद/अंत्यंत पिछड़े और आदिवासी बाहुल्य विलुप्त प्रजाति कमार परिवारों के सामाजिक-आर्थिक उत्थान के लिए ग्राम झालखम्हरिया में प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान के तहत स्वीकृत विकास परियोजनाएँ ग्राम के भविष्य को नई दिशा दे रही हैं। इन्हीं परियोजनाओं में से एक है 83 लाख रुपए की लागत से बनी टी-01 झालखम्हरिया से कमारडेरा तक 1.60 किमी सड़क, जिससे ग्रामीण जीवन में परिवर्तन की झलक दिखाई दे रहा है। प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान का उद्देश्य दूरस्थ, निर्जन और मूलभूत सुविधाओं से वंचित आदिवासी गांवों को शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, आजीविका और सामाजिक सुरक्षा जैसी सुविधाओं से जोड़ना है। इस अभियान के माध्यम से कमार जैसे विलुप्तप्राय समुदायों तक विकास का लाभ सीधे पहुंच रहा है।
पहले मुख्य मार्ग से कटा यह पारा अब 2-3 आसपास के गांवों से सड़क मार्ग द्वारा जुड़ चुका है। इससे शादी-विवाह, धार्मिक आयोजन और मेला-मंडई में भागीदारी बढ़ेगी। गांवों के बीच सामाजिक संपर्क मजबूत होगा। सड़क बनने से गांव के बच्चों और युवाओं को अब प्राथमिक, माध्यमिक और महाविद्यालय तक पहुँचने में सहुलियत हो रही है। वर्षा ऋतु में भी अब स्कूल-कॉलेज जाना संभव हो रहा है। जिससे शिक्षा के प्रति विद्यार्थियों में रुचि बढ़ी है। पहले स्वास्थ्य केंद्र तक पहुँचना कठिन था, परंतु अब गर्भवती महिलाओं को प्रसूति सुविधा समय पर मिल पाएगी। बीमार व्यक्तियों को तत्काल प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराने में आसानी होगी। मातृ-शिशु मृत्यु दर में कमी आने की संभावना बढ़ी है।
टीकाकरण और स्वास्थ्य अभियान अब गांव तक सहज पहुँच पा रहे हैं। किसानों को कृषि उपज एवं दुग्ध उत्पादन तथा अन्य दैनिक वस्तुओं के लेनदेन के लिए मुख्यालय तक ले जाने के लिए आवागमन की सुविधा आसान हो गया है, जिससे ग्रामीण व्यापार एवं कुटीर उद्योग में वृद्धि हो सकेगी। कमारडेरा के अतिरिक्त आसपास के अन्य ग्रामों के कृषि उपज, दुग्ध उत्पादन, मछली पालन तथा मजदूरी करने के लिए ग्रामवासियों को आवागमन की सुविधा मिलने से ग्राम में आर्थिक समृद्धि आएगी। शासन की कल्याणकारी योजनाएं अब गांव में सकारात्मक परिवर्तन ला रही है।
कमारपारा निवासी श्री रामसिंह कमार बताते है कि गांव में सड़क न होने के कारण रोजमर्रा के कार्य कठिन हो जाते थे। बच्चों को स्कूल भेजना, फसल बाजार तक पहुँचाना और मरीजों का अस्पताल जाना चुनौतीपूर्ण था। बारिश के समय हालात और भी खराब हो जाते थे। पीएम जनमन योजना की पक्की सड़क ने गाँव को मुख्य मार्ग से जोड़ दिया है। अब स्कूल, अस्पताल और बाजार तक पहुँचना आसान और सुरक्षित हो गया है। किसान अपनी फसल आसानी से बाजार तक ले जा सकते हैं। सड़क ने हमारे जीवन में सुधार और सुविधा लाने में अहम भूमिका निभाई है, जिससे जीवन पहले से अधिक सुगम हो गया है।

महासमुंद/पीएएससी-2024 में नवकिरण अकादमी से युवाओं ने एक बार फिर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। विभिन्न पदों पर चयनित इन होनहारों का मनोबल बढ़ाने और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना के उद्देश्य से मंगलवार को कलेक्टर श्री विनय लंगेह ने उनसे मुलाकात कर सम्मानित किया। कलेक्टर ने युवाओं को गुलदस्ता और स्मृति चिन्ह भेंट किया और कहा कि यह उपलब्धि न सिर्फ व्यक्तिगत सफलता है, बल्कि पूरे जिले के लिए गौरव का विषय है। कलेक्टर ने युवाओं के अभिभावकों का भी सम्मान किया।
कलेक्टर ने चयनित अभ्यर्थियों से उनकी तैयारी, संघर्ष और भविष्य की जिम्मेदारियों पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए निरंतर सकारात्मक पहल कर रहा है। इसी कड़ी में नवकिरण कोचिंग का संचालन किया जा रहा है। इससे अभी तक सैकड़ों युवाओं को लाभ मिला है तथा हजारों विद्यार्थियों को मार्गदर्शन मिल रहा है। कलेक्टर ने कहा कि प्रशासन की कोशिश है कि जिले के गांव-गांव से प्रतिभाएं निकलें। राज्य तथा राष्ट्रीय स्तर पर अपना परचम लहराएं।
पीएससी में इस साल जिले के 4 युवाओं का चयन हुआ है। इनमें नवकिरण अकादमी से साक्षात्कार में शामिल विद्यार्थी प्रमिला माण्डले, ओजस्वी कुमार पटेल इसके अलावा हिमांशु देवांगन एवं प्रशांत भारते साक्षात्कार तक पहुंचे थे। जिसमें प्रमिला माण्डले का राज्य वाणिज्य कर निरीक्षक के पद पर एवं ओजस्वी कुमार पटेल का राज्य सहकारी निरीक्षक के पद पर अंतिम चयन हुआ है। इसके अलावा वर्ष 2025-26 में दो अन्य बड़े प्रतियोगी परीक्षाओं में दो युवाओं को सफलता मिली है। इनमें सिमरन कौर चावला का सी०ए० चार्टर्ड अकाउंटेंट के पद पर एवं भूपेन्द्र कुमार पटेल का जूनियर इंजीनियर (भारतीय रेलवे, बिलासपुर जोन) के पद पर चयन हुआ है।