CG News: आंगनबाड़ी में ढाई साल की बच्ची की करंट लगने से मौत, पोस्टमार्टम के लिए शव लेकर रात भर बैठे रहे परिजन

CG News: आंगनबाड़ी में ढाई साल की बच्ची की करंट लगने से मौत, पोस्टमार्टम के लिए शव लेकर रात भर बैठे रहे परिजन

 

कोंडागांव। जिले के नवागांव ग्राम पंचायत के आंगनबाड़ी केंद्र पेदली में करंट लगने से एक ढाई साल की बच्ची की मौत हो गई है। घटना गुरुवार की बतायी जा रही है। घटना के बाद से ही लोगों में आक्रोश है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के ऊपर भी लापरवाही का आरोप लग रहा है। वहीं बच्ची की मौत के बाद पोस्टमार्टम कराकर शव को वापस लेने के लिए परिजनों को सारी रात अस्पताल परिसर में इंतजार करना पड़ा।

बता दें कि जिले के महिला एवं बाल विकास विभाग परियोजना कार्यालय सेक्टर-3 के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत नवागांव स्थित आंगनबाड़ी केंद्र पहुंची बच्ची को कुमारी महेश्वरी यादव की करंट लगने से मौत हो गई। बच्ची सुबह आंगनबाड़ी गई थी, वहां जैसे ही उसने लोहे के चैनल गेट को हाथ लगाया, वह करंट की चपेट में आ गई। झटका लगने के कारण बच्ची जमीन पर गिर पड़ी और उसकी मौत हो गई।

आंगनबाड़ी में नहीं थी कार्यकर्ता

इस हादसे के दौरान आंगनबाड़ी केंद्र में और भी छोटे-छोटे बच्चे मौजूद थे, लेकिन आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मौके पर मौजूद नहीं थी। ऐसे में बच्ची की मौत के बाद आंगनबाडियों में बच्चों की सुरक्षा पर सवाल उठ रहा है।

मृतक बच्ची के पिता अंतू राम ने बताया कि रोज की तरह उनकी बेटी आंगनबाड़ी गई थी, उसी दौरान आंगनबाड़ी में पहुंच चैनल गेट को जैसे ही पकड़ी करंट का झटका लगा,जिससे बच्ची की मौत हुई। कुछ देर बाद बेटे ने आकर बहन को करंट लगने की जानकारी दी। हम मौके पर पहुंचे तो देखा की बच्ची जमीन पर पड़ी हुई है।

नहीं हो पाया पोस्टमार्टम

घटना की सूचना मिलने पर पुलिस और विभागीय अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मर्दापाल भेजा। लेकिन गुरुवार को शव का पोस्टमार्टम नहीं हो पाया, जिस कारण बच्ची के परिजनों को स्वास्थ्य केंद्र के बाहर सारी रात इंतजार करना पड़ा।

मृतका के परिजनों का आरोप है कि वे लोग दोपहर 3 बजे ही अस्पताल पहुंच गए थे, लेकिन अस्पताल में कोई डॉक्टर मौजूद नहीं था। जिस कारण शव का पोस्टमार्टम नहीं हो पाया। ऐसे में परिजन और रिश्तेदार शव के साथ सारी रात अस्पताल के फर्श पर बैठे रहे।

जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई

इस मामले में कार्रवाई करते हुए शुक्रवार को कलेक्टर ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका को हटाने का और पर्यवेक्षक को निलंबित करने का आदेश जारी किया है।

CG online Fraud: रायपुर में ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर कारोबारी से 71.50 लाख की ठगी

CG online Fraud: रायपुर में ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर कारोबारी से 71.50 लाख की ठगी

 

रायपुर: राजधानी रायपुर में साइबर फ्रॉड का बड़ा मामला सामने आया है। सरस्वती नगर थाना क्षेत्र के बजरंग चौक कोटा निवासी 47 वर्षीय ट्रांसपोर्ट कारोबारी डाकेश्वर सिंह से ऑनलाइन ट्रेडिंग का झांसा देकर करीब 71 लाख 50 हजार रुपये की ठगी की गई है। इस मामले में पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

शिकायतकर्ता ने बताया कि जून से सितंबर 2025 के बीच आरोपी श्रेया अग्रवाल, अराध्या अग्रवाल, हर्षवर्धन और नीरज अग्रवाल समेत अन्य ने फेसबुक और व्हाट्सऐप के जरिए संपर्क कर ऑनलाइन ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म से चार गुना मुनाफे का लालच दिया। शुरुआत में थोड़ी रकम पर प्रॉफिट दिखाकर भरोसा दिलाया गया, जिसके बाद अलग-अलग खातों में कुल 71.50 लाख रुपये जमा कराए गए।

जब पीड़ित ने रकम निकालने की कोशिश की, तो आरोपियों ने टैक्स और पेनल्टी चार्ज का बहाना बनाकर और पैसे जमा करने का दबाव बनाया। इसके बाद पीड़ित को धोखाधड़ी का अहसास हुआ और उसने साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने धोखाधड़ी की धारा के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।

दुर्ग निगम के एमआइसी प्रभारी से 89 हजार रुपये की धोखाधड़ी

नगर निगम दुर्ग में मठपारा वार्ड के पार्षद व एमआइसी प्रभारी नरेन्द्र बंजारे धोखाधड़ी का शिकार हो गए। यूपीआई के माध्यम से अज्ञात आरोपी ने उसके बचत खाता से 89500 रुपये निकाल लिया। कोतवाली पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ अपराध पंजीबद्ध कर पतासाजी शुरू कर दी है।

एमआइसी प्रभारी नरेन्द्र बंजारे ने घटना की रिपोर्ट कोतवाली थाना में दर्ज कराया है। प्रार्थी ने पुलिस को बताया कि बचत खाता प्रार्थी के मोबाइल नंबर से लिंक है। 9 सितंबर को प्रार्थी के मोबाइल में 49500 रुपये ट्रांजेक्शन करने का मैसेज आया। इस पर प्रार्थी बैंक गया तो पता चला कि उसके खाते से उक्त तिथि में दो बार ट्रांजेक्शन किया गया है जिसमें 49500 रुपये और 40000 रुपये निकाला गया है। अज्ञात आरोपी ने पार्षद के खाते से यूपीआई के माध्यम से ट्रांजेक्शन कर कुल 89500 रुपये निकाला गया है।

मेडिकल रिप्रेजेटिव हुआ ठगी का शिकार

ठेठवार पारा वार्ड क्रमांक-6 निवासी मेडिकल रिप्रेजेटिव देवराज देवांंगन भी डेढ़ लाख रुपये ठगी का शिकार हो गया। प्रार्थी ने पुलिस को बताया कि एचडीएफसी बैंक में उसका खाता है जिसमें वेतन आता है। आठ एवं नौ सितंबर के मध्य किसी अज्ञात आरोपी ने यूपीआई के माध्यम से ट्रांजेक्शन कर उसके बैंक खाते से विभिन्न किश्तों में एक लाख 50 हजार रुपये निकाल लिया।

प्रार्थी ने पुलिस को बताया कि आठ सितंबर को उसके सेलरी एकाउंट से छह बार ट्रांजेक्शन कर 60 हजार रुपये निकाला गया। साथ ही सिपिंग फिक्स डिपाजिट को तोड़कर एकांउट से चार बार में 34 हजार रुपये निकाला गया। इसी तरह नौ संबंध को अज्ञात आरोपित ने एचडीएफसी बैंक के ही क्रेडिट कार्ड नंबर से लोन लेकर 56 हजार रुपये निकाल लिया है।

रायपुर : देश का प्रथम डिजिटली जीवंत संग्रहालय लगभग बनकर तैयार  छत्तीसगढ़ के आदिवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के गौरव गाथा पर आधारित है संग्रहालय  

रायपुर : देश का प्रथम डिजिटली जीवंत संग्रहालय लगभग बनकर तैयार  छत्तीसगढ़ के आदिवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के गौरव गाथा पर आधारित है संग्रहालय

 

रायपुर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी राज्योत्सव पर करेंगे संग्रहालय का शुभारंभ संग्रहालय निर्माण का कार्य 30 सितम्बर तक पूर्ण करने का लक्ष्य प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने की निर्माण कार्यो की समीक्षा नवा रायपुर में शहीद वीर नारायण सिंह स्मारक सह आदिवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय लगभग बनकर तैयार हो गया है। देश का पहला डिजिटली संग्रहालय होगा, जहां छत्तीसगढ़ के आदिवासी स्वतंत्रता सेनानियों के गौरव गाथा एवं योगदान की जीवंत झांकी देखने को मिलेगी। यह संग्रहालय आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान, परिसर में तैयार हो रहा है।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के राज्योत्सव के मौके पर छत्तीसगढ़ प्रवास के दौरान इस संग्रहालय के उद्घाटन के मद्देनजर प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने संग्रहालय की निर्माण की प्रगति की समीक्षा की और 30 सितम्बर तक सभी कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने भगवान बिरसा मुंडा एवं रानी गाइडल्यू की मूर्ति लगाने और संग्रहालय के फर्श पर ट्राईबल कलाकारों की आर्ट्स को अंकित करने के साथ ही संग्रहालय की सुरक्षा व्यवस्था के संबंध में भी अधिकारियों को निर्देश दिए। बैठक में आयुक्त डॉ. सारांश मित्तर, छत्तीसगढ़ राज्य अंत्यावसायी निगम के संचालक डॉ. जगदीश कुमार सोनकर, संचालक टीआरटीआई श्रीमती हीना अनिमेष नेताम सहित निर्माण कार्य से जुड़े अधिकारी और निविदाकार उपस्थित थे।

डिजिटल स्क्रीन पर मिलेगी जनजातीय विद्रोहों की झलक

शहीद वीर नारायण सिंह स्मारक सह आदिवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय में स्वतंत्रता आंदोलन के समय छत्तीसगढ़ में हुए विभिन्न आदिवासी विद्रोहों जैसे हल्बा विद्रोह, सरगुजा विद्रोह, भोपालपट्टनम विद्रोह, परलकोट विद्रोह, तारापुर विद्रोह, लिंगागिरी विद्रोह, कोई विद्रोह, मेरिया विद्रोह, मुरिया विद्रोह, रानी चौरिस विद्रोह, भूमकाल विद्रोह, सोनाखान विद्रोह, झण्डा सत्याग्रह एवं जंगल सत्याग्रह के वीर आदिवासी नायकों के संघर्ष (1923, 1920) एवं शौर्य के दृश्य का जीवंत प्रदर्शन होगा।

शहीद वीरनारायण सिंह स्मारक सह आदिवासी स्वतंत्रता सेनानियों पर आधारित यह संग्रहालय पूरी तरह से डिजिटली रूप से तैयार किया जा रहा है। आगंतुक डिजिटल स्क्रीन के माध्यम से आदिवासी विद्रोहों की जानकारी ले सकेंगे। इसके अलावा मोबाइल फोन के जरिए भी क्यू आर कोड स्कैन के जरिए देखी जा सकेगी। स्वतंत्रता सेनानियों की जानकारी हिन्दी एवं अंग्रेजी भाषाओं में उपलब्ध रहेगी।

सेल्फी प्वाइंट और दिव्यांग जनों के लिए भी विशेष इंतजाम

संग्रहालय में पर्यटकों एवं आगंतुको के लिए आदिवासी विद्रोहों से संबंधित कॉफी टेबल बुक भी उपलब्ध रहेगा। इसके अलावा संग्रहालय में आगंतुकों के लिए भी सेल्फी प्वाइंट भी बनाया जा रहा है। यहां आने वाले सीनियर सिटीजन और दिव्यांग जनों के लिए भी विशेष सुविधाओं का भी इंतजाम किया जा रहा है।

 

गौधाम संचालन हेतु 30 सितम्बर तक आवेदन आमंत्रित

गौधाम संचालन हेतु 30 सितम्बर तक आवेदन आमंत्रित

 

महासमुन्द/ पशु चिकित्सा विभाग द्वारा गौधाम संचालन के लिए जिले के स्वयंसेवी संस्था, एन.जी.ओत्र, ट्रस्ट, फार्मर प्रोड्यूसर कम्पनी, सहकारी समितियों से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 30 सितम्बर 2025 दोपहर 3 बजे निर्धारित की गई है।

उप संचालक पशु चिकित्सा सेवाएं ने बताया कि गौधाम में निराश्रित एवं घुमन्तू गौवंशीय पशुओं के साथ-साथ गृह विभाग द्वारा कृषिक पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 (संशोधित 2011) तथा छत्तीसगढ़ कृषिक पशु परिरक्षण नियम 2014 के अंतर्गत जप्त पशुओं को ही रखा जाएगा।

उन्होंने बताया कि गौधाम स्थापना हेतु आवश्यक भूमि, उद्देश्य, क्रियान्वयन, नियंत्रण, अनुश्रवण एवं अनुशीलन, पात्र संस्थाओं की पात्रता एवं कार्यकाल, चयनित संस्था की जिम्मेदारियां, मानव संसाधन, वित्त पोषण व्यवस्था एवं दंड संबंधी प्रावधानों की विस्तृत जानकारी कार्यालय से प्राप्त की जा सकती है।

आवेदन फार्म कार्यालय उप संचालक, पशु चिकित्सा सेवाएं, कचहरी चौक महासमुंद में कार्यालयीन दिवसों में सुबह 10 बजे से शाम 5.30 बजे तक उपलब्ध रहेगा। साथ ही इसकी जानकारी जनसंपर्क की वेबसाईट www.jansampark.cg.gov.in एवं जिले के वेबसाइट www.mahasamund.gov.in पर अवलोकन किया जा सकता है।

महासमुंद/अब आवास योद्धा बनेंगे, राजमिस्त्री प्रशिक्षणार्थी 30 दिवसीय राजमिस्त्री प्रशिक्षण सम्पन्न

महासमुंद/अब आवास योद्धा बनेंगे, राजमिस्त्री प्रशिक्षणार्थी 30 दिवसीय राजमिस्त्री प्रशिक्षण सम्पन्न

 

महासमुन्द/ ग्रामीण क्षेत्रों में युवाओं व युवतियों को आत्मनिर्भर बनाने और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन एवं बड़ौदा ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) महासमुंद द्वारा विकासखण्ड बसना के ग्राम छिर्राबाहरा में 30 दिवसीय राजमिस्त्री प्रशिक्षण आयोजित किया गया था। इस प्रशिक्षण में ग्राम पंचायत के 27 ग्रामीण श्रमिकों ने भाग लिया और राजमिस्त्री के व्यवाहारिक व तकनीकी ज्ञान अर्जित किया।

जनपद सीईओ बसना श्री पीयूष सिंग ठाकुर की अध्यक्षता में बुधवार को प्रशिक्षण का समापान समारोह आयोजित हुआ। समारोह में बड़ौदा ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान, महासमुंद निदेशक श्री टुटु बेहेरा, पीओ मनरेगा एवं जनपद आवास इन चार्ज, श्री अजय भेड़पाल व श्री आशीष असेसर उपस्थित रहें।

इस दौरान श्री सीईओ श्री पीयूष सिंग ठाकुर ने प्रशिक्षणार्थीयों से बातचीत कर उनका प्रशिक्षण का अनुभव जाना और सीखी गई तकनीकों के बारे में जानकारी ली। उन्होनें कहा कि इस प्रशिक्षण से आप अब केवल श्रमिक नहीं, कुशल राजमिस्त्री बन गए है, और प्रशिक्षण प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत सभी निर्माण कार्यों को क्रियान्वित करके आवासीय निर्माण योद्धा कहे जाऐगें।

प्रशिक्षणार्थीयों ने बताया, कि इस प्रशिक्षण से उन्होनें नापना, ईटें की चिनाई, प्लास्टरिंग, लेवरिंग और भवन निर्माण से जुड़ी कई तकनीकें सीखी। अब वह स्वयं आत्मविश्वास के साथ राजमिस्त्री का कार्य कर सकते हैं। समापन अवसर पर सभी प्रशिक्षर्णीयों को प्रमाण पत्र व राजमिस्त्री के टूल किट वितरित किए गए, जिसमें निर्माण कार्य के आवश्यक औजार शामिल हैं। इस प्रशिक्षण के माध्यम से प्रशिक्षणार्थी अपने कौशल का उपयोग प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत निर्माण कार्यां में करेगें।

महासमुंद जिला सहकारिता एवं उद्योग विकास समिति की बैठक सम्पन्न

महासमुंद जिला सहकारिता एवं उद्योग विकास समिति की बैठक सम्पन्न

 

महासमुन्द/ जिला सहकारिता एवं उद्योग विकास समिति की बैठक गुरुवार को जिला पंचायत महासमुंद के सभाकक्ष में सम्पन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता समिति की सभापति श्रीमती रामदुलारी सिन्हा ने की। बैठक में सचिव एवं उपायुक्त सहकारिता तथा उप पंजीयक सहकारी संस्थाएँ महासमुंद श्री द्वारिका नाथ, खाद्य अधिकारी श्री अजय यादव, महाप्रबंधक उद्योग श्री मोहन साहू, नोडल अधिकारी जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्या. रायपुर प्रक्षेत्र महासमुन्द श्री अविनाश शर्मा, सहकारिता विस्तार अधिकारी तथा जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्या. रायपुर की महासमुन्द जिले की सभी शाखाओं के प्रबंधक उपस्थित रहे।

बैठक में सहकारिता एवं उद्योग विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की प्रगति एवं प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा की गई। इस दौरान सभापति श्रीमती रामदुलारी सिन्हा ने अधिकारियों को योजनाओं के लक्ष्य निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने तथा अधिक से अधिक हितग्राहियों तक योजनाओं का लाभ पहुँचाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सहकारिता विभाग की योजनाएं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने तथा किसानों, स्व-सहायता समूहों और छोटे उद्योगों को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। प्रत्येक योजना का पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन सुनिश्चित करने कहा।

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि योजनाओं की सतत निगरानी एवं मूल्यांकन के लिए समिति की बैठक प्रतिमाह नियमित रूप से आयोजित की जाएगी। साथ ही बैठक में सहकारी समितियों की वित्तीय स्थिति, ऋण वितरण, पुनर्भुगतान व्यवस्था तथा उद्योग विभाग की नई पहल एवं निवेश संभावनाओं पर भी चर्चा की गई।

Bastar Investor Connect: बस्तर को मिला 967 करोड़ से अधिक का निवेश प्रस्ताव, उद्यमियों को 45 प्रतिशत की सब्सिडी

Bastar Investor Connect: बस्तर को मिला 967 करोड़ से अधिक का निवेश प्रस्ताव, उद्यमियों को 45 प्रतिशत की सब्सिडी

जगदलपुर: राज्य सरकार की नई औद्योगिक नीति ने बस्तर को अब उस मोड़ पर खड़ा कर दिया है, जहां डर की पहचान पीछे छूट चुकी है और विकास की नई पहचान गढ़ी जा रही है। कभी माओवादियों के डर से निवेश और विकास के दरवाजे बंद दिखाई देते थे, वह बस्तर अब औद्योगिक भविष्य की उड़ान भरने को तैयार है।

बंदूक के साये से निकलकर औद्योगिक बाजार की ओर की यात्रा की शुरुआत गुरुवार को बस्तर के होटल एंबीशन में उद्योग एवं वाणिज्य विभाग की ओर से आयोजित ”बस्तर इन्वेस्टर कनेक्ट” से हुई, जहां 967 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए, जिसमें बस्तर के कई युवाओं ने नव उद्यमी बनने की ओर पहला कदम बढ़ाया तो बस्तर के बाहर से आए उद्यमियों ने बस्तर में निवेश करने में रुचि दिखाई है।

बस्तर में उज्ज्वल भविष्य की गाथा: सीएम साय

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि ‘बस्तर की समृद्धि प्रदेश के उज्ज्वल भविष्य की गाथा लिखेगी।’ उन्होंने विश्वास जताया कि मार्च 2026 तक माओवाद की बची-खुची छाया भी पूरी तरह समाप्त हो जाएगी और यह क्षेत्र निवेशकों की पहली पसंद बनेगा। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जापान, दक्षिण कोरिया और महानगरों के बाद अब बस्तर में इन्वेस्टर कनेक्ट आयोजित कर औद्योगिक विकास का नया अध्याय शुरू हुआ है।

नई औद्योगिक नीति से 6.65 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। एक्सप्रेसवे, रेलमार्ग, एयरपोर्ट व औद्योगिक क्षेत्रों से बस्तर उद्योग हब बनेगा।

वाणिज्य मंत्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि नई नीति निवेशकों के लिए बेहद आकर्षक और लाभकारी है और निश्चित ही निवेशक बस्तर में आने उत्सुक होंगे।

उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने बीजापुर में पहली राइस मिल और जगरगुंडा में इमली मंडी शुरू होने की जानकारी दी।

वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि माओवाद का खात्मा और प्रदेश सरकार की नई औद्योगिक नीति बस्तर को उद्योगों के लिए सबसे उपयुक्त क्षेत्र बना देगी।

कार्यक्रम में 34 उद्योगों को प्रोत्साहन प्रमाणपत्र दिए गए और वाणिज्य विभाग के सचिव रजत कुमार ने निवेशकों के लिए ‘इंसेंटिव कैलकुलेटर’ जैसी डिजिटल व्यवस्था की शुरुआत की।

स्वास्थ्य सेवाओं में सबसे बड़ा निवेश

बस्तर इन्वेस्टर कनेक्ट में 967 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव आए, जिनमें 668 करोड़ रुपये का निवेश स्वास्थ्य सेवाओं में होने जा रहा है। रायपुर स्टोन क्लिनिक प्रा.लि. के संचालक डॉ. तन्मय अग्रवाल 550 करोड़ रुपये के निवेश से 350 बेड का मल्टी-स्पेशियलिटी अस्पताल और मेडिकल कॉलेज खोलने जा रहे हैं, जिससे 200 लोगों को रोजगार भी मिलेगा।

उनका कहना है कि बस्तर में स्वास्थ्य क्षेत्र की अपार संभावनाएं हैं और आने वाले वर्षों में यहां चिकित्सा सेवाओं का हब तैयार होगा। इसके अलावा, दंतेवाड़ा के गीदम में नवभारत इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस 85 करोड़ रुपये से 200 बेड का अस्पताल बना रहा है।

जगदलपुर के डॉ. मनीष काले भी 33 करोड़ रुपये से मल्टी-स्पेशियलिटी अस्पताल स्थापित करने की तैयारी में हैं। वहीं, शंकरा लेटेक्स इंडस्ट्रीज 40 करोड़ रुपये से सर्जिकल ग्लव्स निर्माण इकाई लगाएगी, जिससे 150 युवाओं को रोजगार मिलेगा।

नए सपनों का रास्ता: बस्तर को केंद्र में रखकर नई औद्योगिक नीति 2024-30

निवेशकों को 45 प्रतिशत तक की सब्सिडी

बस्तर के 88%ब्लाक्स समूह तीन में आते हैं, निवेशकों को अधिकतम लाभ

माओवदी से प्रभावित व्यक्तियों, परिवारों के लिए 10% अतिरिक्त सब्सिडी

एससी-एसटी उद्यमियों को 10 प्रतिशत अतिरिक्त सब्सिडी का प्रोत्साहन

100% स्टाम्प शुल्क व बिजली शुल्क(आठ साल तक) छूट

40% वेतन सब्सिडी (पांच लाख प्रतिवर्ष तक) नई कंपनियाें को जो आत्मसमर्पित माओवादियों को रोजगार देगी

45% सब्सिडी होटल, रिसार्ट, इको-टूरिज्म, एडवेंचर स्पोर्ट्स, स्कूल, अस्पताल, वेलनेस सेंटर, रेजिडेंशियल स्पोर्ट्स अकादमी, मिनी-माल व मल्टीप्लेक्स पर

पर्यटन विकास को देखते हुए रायपुर के सेलीब्रेशन रिसार्ट्स एंड होटल प्रा. लि. के संचालक कमलजीत होरा नगरनार में 75 करोड़ रुपये से होटल एवं रिसार्ट का निर्माण कर रहे हैं। वे कहते हैं, सरकार की नई नीति और 45 प्रतिशत सब्सिडी हमें यहां निवेश के लिए आकर्षित कर रही है। बस्तर अब केवल प्राकृतिक सुंदरता का नहीं, बल्कि संभावनाओं का गढ़ बन रहा है।

स्मार्ट औद्योगिक क्षेत्र नियानार की शुरुआत

नियानार में तैयार हो रहा स्मार्ट औद्योगिक क्षेत्र बस्तर की औद्योगिक तस्वीर को और बदलने वाला है। बस्तर इन्वेस्टर कनेक्ट कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इसकी घोषणा की। 118 एकड़ क्षेत्र में विकसित होने वाले इस पार्क में 77 औद्योगिक इकाइयां स्थापित होंगी, जिनसे 3,000 प्रत्यक्ष और 5,000 अप्रत्यक्ष रोजगार पैदा होंगे। यहां सड़क, बिजली, जल आपूर्ति, प्रशासनिक भवन, व्यावसायिक करम्प्लेक्स और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन जैसी सुविधाएं पहले से तय हैं।

CG DMF Scam: मंत्रालय तक पहुंची जांच की आंच, ED के राडार पर अधिकारी और कारोबारी

CG DMF Scam: मंत्रालय तक पहुंची जांच की आंच, ED के राडार पर अधिकारी और कारोबारी

रायपुर: डीएमएफ (जिला खनिज प्रतिष्ठान) फंड से कृषि यंत्रों की खरीदी में हुए 550 करोड़ रुपये के घोटाले की जांच की आंच अब मंत्रालय तक पहुंच गई है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम ने कृषि विभाग के तीन पूर्व निदेशकों और एक वरिष्ठ आइएएस अधिकारी से दो दिन तक लगातार पूछताछ की है। फाइलों और भुगतान दस्तावेजों की जांच जारी है, जिससे जल्द ही और बड़े राजफाश की उम्मीद है। दावा किया जा रहा है कि जल्द ही घोटाले से जुड़े अफसरों के साथ ही कारोबारियों की गिरफ्तारी होगी।

ईडी की जांच में सामने आया है कि डीएमएफ मद से खरीदी गई कृषि सामग्रियों में भारी गड़बड़ी कर 600 करोड़ तक कमीशन का बंदरबांट किया गया। जांच एजेंसी ने राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम से जुड़े ठेकेदारों, सप्लायरों, बिचौलियों के साथ होटल मालिक, सीए, सराफा और दवा कारोबारियों की भूमिका की भी जांच शुरू कर दी है।

अब तक 28 ठिकानों पर छापेमारी

अब तक की जांच में ईडी ने 28 स्थानों पर छापेमारी कर चार करोड़ रुपये, 10 किलो चांदी के जेवर और कई संदिग्ध दस्तावेज जब्त किए हैं। इससे पहले 21.47 करोड़ की संपत्ति अस्थायी रूप से कुर्क की जा चुकी है। एजेंसी के राडार पर फिलहाल छह आइएएस और 25 से अधिक सप्लायर हैं।

500-600 करोड़ कमीशन बांटने की आशंका

इस घोटाले की शुरुआत कोरबा जिले से मानी जा रही है, जहां वित्तीय वर्ष 2022-23 तक 2,000 करोड़ रुपये की डीएमएफ राशि प्राप्त हुई। इसमें से करीब 500-600 करोड़ रुपये केवल कमीशन के रूप में बंटने की आशंका जताई जा रही है। कृषि उपकरणों के अलावा निर्माण कार्य और खेल सामग्री की खरीदी में भी बड़े स्तर पर अनियमितताएं उजागर हुई हैं।

जांच एजेंसी से जुड़े सूत्रों की माने तो जांच में और भी बड़े नाम सामने आ सकते हैं। फिलहाल कृषि विभाग समेत कई अन्य विभागों के अधिकारियों को पूछताछ के दायरे में लाया गया है।

CG Weather Update: अधिकांश इलाके में मध्यम बारिश का संभावना, तापमान में नहीं होगा बदलाव

CG Weather Update: अधिकांश इलाके में मध्यम बारिश का संभावना, तापमान में नहीं होगा बदलाव

छत्तीसगढ़ प्रदेश में मौसम की स्थिति सामान्य बनी हुई है। मानसून का प्रभाव साधारण है। कुछ इलाकों हल्की बारिश हो रही हैं। वहीं एक बार फिर कई इलाकों में तापमान में बढ़ोतरी देखी जा रही है। मौसम विभाग से मिली जानकारी के अनुसार प्रदेश के अधिकांश इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। वहीं एक दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ भारी बारिश और आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी जारी की गई है।

मौसम विभाग की मानें तो मानसून द्रोणिका माध्य समुद्र तल पर श्रीगंगानगर, बरेली, बाराबंकी, डेहरी, पुरुलिया, दीघा और उसके बाद दक्षिण पूर्व की ओर उत्तर पूर्व बंगाल की खड़ी तक स्थित है। एक ऊपरी हवा का चक्रीय चक्रवाती परिसंचरण दक्षिण उड़ीसा-उत्तर तटीय आंध्र प्रदेश के ऊपर स्थित है तथा यह 4.5 किलोमीटर ऊंचाई तक विस्तारित है।

एक द्रोणिका उप हिमालयीन पश्चिम बंगाल और सिक्किम से पश्चिम मध्य बंगाल की खाड़ी तक झारखंड दक्षिण उड़ीसा में स्थित ऊपरी हवा के चक्रीय चक्रवाती परिसंचरण से होते हुए 0.9 किलोमीटर ऊंचाई तक विस्तारित है। इनके प्रभाव से यह स्थिति बनी है। तभी तो दिनभर आसमान में बादल छाए रहे। राहत की बात यह कि गर्मी व उमस का अहसास कम हुआ।

मौसम विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, अगले तीन दिनों तक प्रदेश के मौसम और तापमान गुरुवार को बिलासपुर का मौसम ठंडक भरा रहा। वातावरण में हल्की नमी महसूस हुई। ठंडी हवाएं चलीं। इस वजह से गर्मी व उमस से थोड़ी राहत मिली। दिनभर आसमान में काले बादल छाए रहे। बारिश के नाम पर कहीं-कहीं बूंदाबांदी हुई।

ऐसा रह सकता है आज का मौसम

आज बारिश की संभावना प्रदेश में 12 सितंबर को अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने या गरज-चमक के साथ छींटे पड़ने की संभावना है। एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ भारी बारिश होने तथा वज्रपात होने की संभावना है।बिलासपुर अंचल में बारिश का अनुमान है।

बिलासपुर में 12 मिमी बारिश

न्यायधानी में बीते 24 घंटों में 12 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई
है। शहर में एक जून से अब तक 1,183.5 मिमी बारिश हो चुकी है, जो सामान्य से ज्यादा है। वहीं अलग-अलग तहसीलों की बात की जाए तो तखतपुर में इस साल सबसे ज्यादा 1,243 मिमी पानी बरस चुका है। सबसे कम बारिश इस साल कोटा क्षेत्र में 758 मिमी
बरसात हुई है।

CG News: एंबुलेंस ड्राइवर ने नशे में ले ली एक युवक की जान, दीवार तोड़कर घर में घुसी तेज रफ्तार गाड़ी

CG News: एंबुलेंस ड्राइवर ने नशे में ले ली एक युवक की जान, दीवार तोड़कर घर में घुसी तेज रफ्तार गाड़ी

 

राजनांदगांव: खैरागढ़ में गुरुवार की रात तेज रफ्तार एम्बुलेंस घर में जा घुसी। दुर्घटना में एक युवक की मौत हो गई। दाऊचौरा नाका के पास एक एंबुलेंस चालक ने कथित तौर पर नशे में गाड़ी चलाई। वाहन पर नियंत्रण खोने से एंबुलेंस अनियंत्रित होकर सड़क किनारे बने एक घर में जा घुसी।

एंबुलेंस की रफ्तार का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि घर की दीवार टूट गई और अंदर खड़ी दो गाड़ियाँ भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं। इसी दौरान 27 वर्षीय युवक रविकांत साहू, निवासी दीवानभेड़ी अपनी मोटरसाइकिल से घर लौट रहे थे। दुर्भाग्य से वे अनियंत्रित एंबुलेंस की चपेट में आ गए और घटनास्थल पर ही उनकी मौत हो गई। इस दर्दनाक हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल है।

मरीज को छोड़कर वापस जा रहा था ड्राइवर

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, एंबुलेंस एक निजी संस्थान की है। जिसे राजनांदगांव, बांकल के निवासी गोविंद पटेल (21) चला रहा था। एंबुलेंस राजनांदगांव मेडिकल कॉलजे से मरीज को गातापार घर छोड़कर वापस लौट रहा था, जब यह हादसा हुआ। एक्सीडेंट के बाद मौके पर पहुंचे प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि एंबुलेंस का ड्राइबर नशे की हालत में तेज रफतार में गाड़ी चला रहा था।

एंबुलेंस अनियंत्रित होकर घर में घुसी है। एंबुलेंस की चपेट में आने से एक युवक की मौत हुई है। एम्बुलेंस निजी है। पुलिस मामला पंजीबद्ध कर जांच कर रही है। ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया गया है।

-अनिल शर्मा, थाना प्रभारी खैरागढ़

खैरागढ़ में बढ़ रही नशाखोरी

स्थानीय लोगों का कहना है कि खैरागढ़ में नशे की वजह से सड़क हादसों की संख्या लगातार बढ़ रही है। खासतौर पर युवाओं और ड्राइवरों के बीच शराब व अन्य नशे का सेवन चिंता का विषय बन गया है। पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है, लेकिन इसके बावजूद स्थिति में सुधार देखने को नहीं मिल रहा।

यह घटना कई सवाल खड़े करती है जब जीवन बचाने के लिए बनी एंबुलेंस ही मौत का कारण बन जाए तो आखिर जिम्मेदारी किसकी होगी? प्रशासन और पुलिस को नशाखोरी पर कठोर कदम उठाने होंगे, वरना ऐसी त्रासदियां रुकने का नाम नहीं लेंगी।