CG Coal Scam में आरोपी IAS रानू साहू की बढ़ीं मुश्किलें, PWD करेगी संपत्तियों की जांच

CG Coal Scam में आरोपी IAS रानू साहू की बढ़ीं मुश्किलें, PWD करेगी संपत्तियों की जांच

 

छत्तीसगढ़/ निलंबित आइएएस अधिकारी रानू साहू की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं। कोयला घोटाले में अंतरिम जमानत पर रिहा रानू साहू के खिलाफ अब लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने मोर्चा संभाल लिया है। गरियाबंद जिले के तुलसी गांव स्थित उनके मकान, फार्म हाउस और दुकानों की जांच पीडब्ल्यूडी की टीम करेगी। राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (ईओडब्ल्यू) और एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने पीडब्ल्यूडी मुख्यालय से इन संपत्तियों की विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।

पीडब्ल्यूडी ने रायपुर संभाग क्रमांक-दो को जांच की जिम्मेदारी दी है। विभागीय टीम यह पता लगाएगी कि इन भवनों का निर्माण कब हुआ, इसमें कितना खर्च आया और निर्माण में उपयोग की गई सामग्री की मौजूदा कीमत कितनी है। मकान, फार्म हाउस में लगे झूमर, फॉल सीलिंग, मॉड्यूलर किचन, महंगे इलेक्ट्रानिक्स, इंटीरियर डेकोरेशन, फर्नीचर और सबमर्सिबल पंप आदि की भी जांच की जाएगी।

बिना अनुमति के करवाया निर्माण

खास बात यह है कि ये संपत्तियां कृषि भूमि पर स्थित हैं और बिना पंचायत की अनुमति (एनओसी) के निर्माण किया गया है। पंचायत के प्रतिनिधियों के अनुसार यह निर्माण नियमों के विरुद्ध हुआ है और पूर्व में राजस्व विभाग ने जमीन को सील भी किया था। वर्तमान में यहां धूम कैलिफोर्निया नामक रेस्टोरेंट संचालित हो रहा है। तुलसी गांव की कुल करीब 0.622 हेक्टेयर भूमि पर यह निर्माण किया गया है, जो अरुण कुमार साहू और लक्ष्मी साहू के नाम पर दर्ज है।

कोयला घोटाला मामले में निलंबित

गौरतलब है कि 22 जुलाई 2023 को ईडी ने रानू साहू को कोयला और डीएमएफ घोटाले में गिरफ्तार किया था। सुप्रीम कोर्ट से तीन मार्च 2025 को उन्हें सशर्त जमानत मिली, जिसमें कहा गया है कि वह राज्य से बाहर रहेंगी और केवल जांच या सुनवाई के लिए छत्तीसगढ़ आ सकेंगी। ईओडब्ल्यू अब इन संपत्तियों के निर्माण खर्च, अनुमति और वास्तविक आय के बीच अंतर की गहन जांच की जा रही है।

CG Digital Arrest: ED अफसर बनकर महिला से 25 लाख की साइबर ठगी, आरोपी ऐसे निकालता था फर्जी Sim, गिरफ्तार

CG Digital Arrest: ED अफसर बनकर महिला से 25 लाख की साइबर ठगी, आरोपी ऐसे निकालता था फर्जी Sim, गिरफ्तार

 

राजनांदगांव डिजिटल युग में साइबर ठगी का तरीका भी तेजी से बदल रहा है। फर्जी सिम एक्टिव कर कंबोडिया और दुबई के साइबर फ्राड सेंटरों को उपलब्ध कराने और डिजिटल अरेस्ट के इंटरनेशनल गिरोह में शामिल शातिर ठग को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। साइबर ठग आरोपी 34 वर्षीय गुणवंत राम रावमते को बसंतपुर थाना पुलिस ने नागपुर से गिरफ्तार कर लिया है।

एक से 12 अगस्त 2025 के बीच आरोपी गुणवंत राम रावमते ने इंटरनेशनल ठग गिरोह के साथ मिलकर ठगी की वारदात को अंजाम दिया था। आरोपियों ने फर्जी सिम के मोबाइल नंबर से स्वयं को ईडी का अधिकारी बताकर पीड़िता को मनी लांड्रिंग केश में फंसने का झांसा दिया। जिसके बाद आरोपियों ने पीड़िता से 25 लाख की साइबर ठगी को अंजाम दिया है।

इस तरह दिया झांसा

आरोपी ने मोबाईल नंबर वाट्सएप यूजर द्वारा स्वयं को फर्जी तरीके से ईडी का अधिकारी बताते हुए पीडिता के बैंक खाता का उपयोग मनी लांड्रिंग के लिए होना बताया। साइबर गिरोह ने पीड़िता को गिरफ्तारी व हिरासत से बचने के लिए डिजिटल अरेस्ट करते हुए वीडियो कॉल पर बने रहने का दवाब बनाया। आरोपियों के अन्य साथियों द्वारा भी वीडियो कॉल के दौरान पीड़िता को प्रभावित करने लिए फर्जी तरीके से ईडी के डायरेक्टर तथा ईडी के जज बनकर बात किया गया।

आरोपियों ने महिला को कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए उसके यूनियन बैंक के खाता क्रमांक में उपलब्ध 25 लाख रुपये को एचडीएफसी बैंक खाता में जमा करने करने कहा। पीड़िता डर के कारण आरोपियों के झांसे में आकर 25 लाख रुपये चेक के माध्यम से उनके खाते में पैसे जमा करवा दिए।

फ्री में रिचार्ज करने के बहाने नए सिम को किया एक्टिव

पुलिस टीम द्वारा तकनीकी साक्ष्य के आधार पर नागपुर पहुंचकर जिसके नाम से सिम जारी हुई है उस महिला से पूछताछ की गई। पूछताछ में महिला ने पुलिस को बताया कि जनवरी 2025 में उसके मोहल्ले के पास कुछ लोग एयरटेल कंपनी का एजेंट बनकर मुफ्त में सिम पोर्ट फ्री रिचार्ज कर रहे थे। महिला उनके झांसे में आ गई। आरोपियों ने उसके फोटो और आधार कार्ड की मदद से नया सिम कार्ड एक्टिवेट कर लिया। जिसकी उसे जानकारी नहीं हुई। जांच के दौरान एयरटेल पीओएस एजेंट गुणवंत रामराव मते की संलिप्तता पाई गई।

प्रति सिम डेढ़ हजार कमीशन

आरोपी ने फ्राड साइबर सेंटरों को सिम उपलब्ध कराना स्वीकार किया। पुलिस ने बताया कि फर्जी तरीके से एक्टिवेट कर आरोपी द्वारा बेचे गए सिम का दुरूपयोग साइबर धोखाधड़ी के लिए किया गया। इन सिमों का उपयोग कबोडिया और दुबई स्थित कल सेंटर में किया जाता था। आरोपी अपने अन्य साथियों को 1500 रुपये प्रति सीम कमीशन में बेचा था। आरोपी गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।

महासमुंद/खल्लारी में सड़क हादसा: दंपत्ति घायल

महासमुंद/खल्लारी में सड़क हादसा: दंपत्ति घायल, सोहम अस्पताल में भर्ती

 

महासमुंद ग्राम कोल्दा निवासी गणराज साहू एवं उनकी पत्नी राधाबाई साहू 26 अगस्त को मोटरसाइकिल से उपचार के लिए महासमुंद आए थे। इलाज के बाद दोनों अपने घर लौट रहे थे। शाम लगभग 4 बजे जब वे अग्रवाल धर्मकांटा, राष्ट्रीय राजमार्ग 353 खल्लारी के पास पहुँचे, तभी खल्लारी की ओर से तेज रफ्तार और लापरवाहीपूर्वक चल रही पल्सर मोटरसाइकिल (क्रमांक CG 06 GR 2766) ने उनकी बाइक (क्रमांक CG 06 GV 0763) को ओवरटेक करते हुए सामने से जोरदार टक्कर मार दी।

इस दुर्घटना में गणराज साहू गंभीर रूप से घायल हो गए। डॉक्टरों ने उनके कंधे और पसली की हड्डी में फ्रैक्चर बताया है। सिर और हाथ में भी चोटें आई हैं। उनकी पत्नी राधाबाई को भी सिर, चेहरे और कमर पर गंभीर चोटें लगीं। दोनों घायलों को उपचार हेतु सोहम अस्पताल महासमुंद में भर्ती किया गया है।

पुलिस ने प्रार्थी की रिपोर्ट पर आरोपी वाहन चालक के खिलाफ अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामला 125(a)-BNS, 125(b)-BNS एवं 281-BNS के तहत पंजीबद्ध किया गया है।

महासमुंद/ग्राम शिकारीपाली पुलिया के पास सड़क हादसा, ट्रैक्टर की चपेट में आने से युवक की मौत

महासमुंद/ग्राम शिकारीपाली पुलिया के पास सड़क हादसा, ट्रैक्टर की चपेट में आने से युवक की मौत

 

महासमुंद/थाना तेन्दुकोना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम शिकारीपाली पुलिया के पास गुरुवार 28 अगस्त को एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। हादसे में भुरकोनी निवासी 28 वर्षीय धर्मेन्द्र ठाकुर की मौके पर ही मौत हो गई।

मर्ग जांच में सामने आया कि मृतक धर्मेन्द्र ठाकुर सुबह करीब 11 बजे बिना नंबर के लाल रंग के ट्रैक्टर-ट्रॉली में बैठकर भुरकोनी से तेन्दुकोना की ओर जा रहा था। इसी दौरान ट्रैक्टर चालक ने तेज और लापरवाहीपूर्वक वाहन चलाते हुए मुख्य सड़क पर गड्ढे में ट्रैक्टर को उछालकर अचानक ब्रेक मारा। जिससे ट्रैक्टर के बायीं ओर बैठे धर्मेन्द्र नीचे गिर गए और ट्रैक्टर के बड़े पहिये के नीचे दब गए। हादसे में उन्हें पेट, गुप्तांग, जांघ और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आईं, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

घटना की सूचना पर प्रधान आरक्षक गिरधर राम पटेल ने मौके पर पहुंचकर शव पंचनामा कार्यवाही की। परिजनों व गवाहों के कथन एवं घटनास्थल निरीक्षण के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए सीएचसी बागबाहरा भेजा गया।

प्रकरण में प्रथम दृष्टया ट्रैक्टर चालक की लापरवाही सामने आने पर पुलिस ने बिना नंबर के ट्रैक्टर-ट्रॉली चालक के विरुद्ध अपराध दर्ज कर विवेचना में लिया है।

बागबाहरा पुलिस की कार्रवाई : युवक से 230 ग्राम गांजा जब्त, गिरफ्तार

बागबाहरा पुलिस की कार्रवाई : युवक से 230 ग्राम गांजा जब्त, गिरफ्तार

 

बागबाहरा/महासमुंद। थाना बागबाहरा पुलिस ने नशे के कारोबार पर बड़ी कार्रवाई करते हुए एक युवक को 230 ग्राम अवैध मादक पदार्थ गांजा के साथ गिरफ्तार किया है। बरामद गांजे की अनुमानित कीमत लगभग 12 हजार रुपये बताई गई है। आरोपी के पास से नगदी 500 रुपये तथा एनडीपीएस एक्ट से संबंधित नोटिस भी जब्त किए गए हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, दिनांक 28 अगस्त की रात करीब 11:10 बजे मुखबिर से सूचना मिली कि बागबाहरा वार्ड नंबर 15 रावणभाठा निवासी रवि मांझी पिता प्रेम मांझी (उम्र 27 वर्ष) अपने घर के सामने हरे रंग की झिल्ली में गांजा रखकर बिक्री कर रहा है। सूचना पर थाना बागबाहरा के उप निरीक्षक शिवकुमार प्रसाद स्टाफ के साथ मौके पर पहुंचे और स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में आरोपी को पकड़ लिया।

तलाशी के दौरान आरोपी के कब्जे से हरे रंग की झिल्ली में 230 ग्राम गांजा, नगदी 500 रुपये और एनडीपीएस एक्ट से संबंधित नोटिस मिले। मौके पर ही तराजू बुलाकर गवाहों की उपस्थिति में गांजे का वजन कराया गया, जो 230 ग्राम निकला।

आरोपी से पूछताछ में उसने गांजे के संबंध में कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया। इसके बाद पुलिस ने गांजे और नगदी रकम को जप्त कर पंचनामा तैयार किया तथा आरोपी को एनडीपीएस एक्ट की धारा 20 (B) II (A) के तहत गिरफ्तार किया।

गिरफ्तारी की सूचना आरोपी के परिजनों को दी गई है। पुलिस ने बताया कि जब्त गांजे का सेम्पल सील कर सुरक्षित रखा गया है और आरोपी के खिलाफ असल अपराध दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

CG Electricity Bill: छत्तीसगढ़ में सितंबर से लोगों को लगेगा ‘बिजली का झटका’, 400 यूनिट तक की छूट खत्म

CG Electricity Bill: छत्तीसगढ़ में सितंबर से लोगों को लगेगा ‘बिजली का झटका’, 400 यूनिट तक की छूट खत्म

 

छत्तीसगढ़/रायपुर प्रदेश के लाखों बिजली उपभोक्ताओं को इस सितंबर से बड़ा झटका लगने वाला है। बीते 6 साल से मिल रही 400 यूनिट तक की बिजली पर 50 प्रतिशत की सब्सिडी अब खत्म हो चुकी है। राज्य सरकार ने एक अगस्त से ”बिजली बिल हाफ” योजना में बदलाव कर दिया है, जिसका सीधा असर सितंबर में आने वाले बिल पर दिखेगा। अब केवल 100 यूनिट या उससे कम खपत वाले उपभोक्ताओं को ही 50 प्रतिशत की छूट मिलेगी।

यह बदलाव उन घरेलू उपभोक्ताओं के लिए मासिक बजट बिगाड़ सकता है, जो पहले 400 यूनिट तक की खपत पर 558 रुपये से 1223 रुपये तक की बचत कर रहे थे। एक अगस्त से योजना बंद होने के बाद उन्हें पहले से दोगुना बिल चुकाना पड़ सकता है, जिसका सबसे ज्यादा असर गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों पर पड़ेगा।

बढ़ी हुई खपत: अगस्त की उमस भरी गर्मी से राहत पाने के लिए लोगों ने जमकर कूलर और एसी का इस्तेमाल किया, जिससे बिजली की खपत बढ़ गई।

बढ़ी हुई दरें: राज्य सरकार ने एक जुलाई से बिजली की दरों में भी वृद्धि कर दी है, जिससे उपभोक्ताओं को प्रति यूनिट पहले से अधिक पैसे चुकाने पड़ेंगे।

सब्सिडी में कटौती: सबसे बड़ा झटका ”बिजली बिल हाफ” योजना का दायरा कम होना है। अब 400 यूनिट की बजाय सिर्फ 100 यूनिट तक ही छूट मिलेगी।

गौरतलब है कि राज्य की पिछली भूपेश बघेल सरकार बिजली उपभोक्ताओं को राहत पहुंचाने के लिए बिजली बिल हाफ योजना लेकर आयी थी। जिसके तहत राज्य में 400 युनिट तक उपयोग करने वाले उपभोक्ताओं के बिल को आधा किया कर दिया था। लेकिन साय सरकार में इस योजना में बदलाव कर दिया गया। बिजली कंपनियों का कहना है कि इस योजना के कारण उन्हें नुकसान का सामना करना पड़ रहा है।

महासमुंद/सीएससी केंद्रों पर श्रमिक पंजीयन शुल्क से अधिक वसूली पर होगी कार्रवाई

महासमुंद/सीएससी केंद्रों पर श्रमिक पंजीयन शुल्क से अधिक वसूली पर होगी कार्रवाई

 

महासमुंद / श्रमायुक्त छत्तीसगढ़ से प्राप्त जानकारी अनुसार कुछ सीएससी (कॉमन सर्विस सेंटर) संचालक श्रम विभाग के अधीन संचालित मंडलों में श्रमिकों के पंजीयन व योजना आवेदन के लिए विभाग द्वारा अनुमोदित शुल्क से अधिक राशि वसूल किया जा रहा हैं।

निर्धारित शुल्क के अनुसार श्रमिक पंजीयन हेतु 30 रुपए तथा योजना आवेदन हेतु 20 रुपए निर्धारित है। इसके बावजूद कुछ सीएससी संचालकों द्वारा पंजीयन/आवेदन योजना करने के लिए श्रमिकों से 1000 से 1500 रुपए तक लिया जा रहा है।

श्रम पदाधिकारी ने निर्देशानुसार जिले के सभी सीएससी केंद्रों पर शुल्क संबंधी सूचना अनिवार्य रूप से प्रदर्शित करने और श्रमिकों से केवल निर्धारित राशि लिए जाने निर्देश दिए गए हैं। निर्धारित राशि से अधिक वसूली की शिकायत मिलने पर संबंधित संचालक के विरुद्ध यथोचित जांच कर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

महासमुंद/आदि कर्मयोगी अभियान :  ग्राम सचिवों हेतु उन्मुखीकरण कार्यक्रम सम्पन्न आदि कर्मयोगी अभियान में पंचायत सचिवों की महत्वपूर्ण भूमिका – श्री नंदनवार

महासमुंद/आदि कर्मयोगी अभियान :  ग्राम सचिवों हेतु उन्मुखीकरण कार्यक्रम सम्पन्न आदि कर्मयोगी अभियान में पंचायत सचिवों की महत्वपूर्ण भूमिका – श्री नंदनवार

 

महासमुंद / जनजातीय कार्य मंत्रालय, भारत सरकार की महत्वाकांक्षी अभियान आदि कर्मयोगी अभियान अंतर्गत मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री हेमंत नंदनवार की अध्यक्षता में सोमवार को जिला पंचायत के सभाकक्ष में ग्राम सचिवों के लिए जिला स्तरीय उन्मुखीकरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें अभियान के बारे में सम्पूर्ण जानकारी एवं दिशा निर्देश दिया गया। साथ ही कार्यक्रम में योजना के उद्देश्य, कार्य का तरीका एवं परिणाम के सम्बन्ध में आवश्यक चर्चा भी किया गया। उन्मुखीकरण कार्यक्रम में जिले के पांचों जनपद के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं समस्त ग्राम के सचिव मौजूद थे।

मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री हेमंत नंदनवार ने कहा कि सभी सचिव इस अभियान हेतु अपने ग्राम के नोडल अधिकारी के रूप में काम करेंगे एवं सेवा प्रदायगी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। समस्त विभागों के साथ मिलकर अभिसरण की भावना से ग्रामों का विकास किया जाना अत्यंत आवश्यक है।

अभियान के सम्बन्ध में जानकारी देते हुए आदिवासी विकास विभाग से मास्टर ट्रेनर श्री निलेश खांडे ने बताया कि योजना का मुख्य उद्देश्य ग्राम स्तर पर एक ऐसे लीडरशिप टीम तैयार करना है जो अपने ग्राम के मूलभूत आवश्यकताओं को शासन तक उचित तरीके से रख पाएं। जिससे शासन-प्रशासन उसे सही तरीके से पूरा कर पाए, साथ ही सभी योजनाओं का लाभ अंतिम मील तक संतृप्त हो सके।

इस अभियान के लिए महत्वपूर्ण कड़ी में आदि सेवा केंद्र है जो सभी धरती-आबा योजना अंतर्गत चयनित 308 ग्रामो में स्थापित किये जाएंगे। जिसके अंतर्गत एक सिंगल विंडो का संचालन ग्राम सचिव एवं रोजगार सहायक के माध्यम से किया जाएगा, जहाँ ग्रामीणों को अपने समस्या का समाधान मिल सके।

सरायपाली : ओम हॉस्पिटल में अब हर रोग का बेहतर इलाज, अनुभवी चिकित्सक डॉ. मीरा देवांगन करेंगी परामर्श

सरायपाली : ओम हॉस्पिटल में अब हर रोग का बेहतर इलाज, अनुभवी चिकित्सक डॉ. मीरा देवांगन करेंगी परामर्श

सरायपाली/ NABH एंट्री लेवल से मान्यता प्राप्त ओम हॉस्पिटल में अब मेडिसिन विभाग की सुविधाएँ और मजबूत हो गई हैं। अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि यहाँ अब अनुभवी चिकित्सक डॉ. मीरा देवांगन (MBBS, MD Medicine) प्रतिदिन परामर्श देंगी।

अस्पताल प्रशासन के अनुसार डॉ. देवांगन को मेडिसिन विभाग में 15 से अधिक वर्षों का अनुभव है। वे रोजाना सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक और शाम 5 से 7 बजे तक मरीजों का उपचार करेंगी।

इलाज होने वाले प्रमुख रोग

लकवा

मधुमेह (शुगर)

हृदय रोग

थायराइड

मिर्गी

निमोनिया/टीबी

उच्च रक्तचाप (ब्लड प्रेशर)

वात रोग

गुर्दे की बीमारी

फेफड़ों से संबंधित बीमारियाँ

पीलिया/हेपेटाइटिस

एनीमिया (खून की कमी)

विशेष सुविधाएँ

👉 आयुष्मान कार्ड, राशन कार्ड एवं अन्य इंश्योरेंस से इलाज की सुविधा

👉 बीजू कार्ड से निःशुल्क उपचार

👉 प्रत्येक गुरुवार निःशुल्क परामर्श

अस्पताल प्रबंधन ने लोगों से अपील की है कि सही सलाह और बेहतर उपचार के लिए नियमित रूप से स्वास्थ्य परामर्श अवश्य लें।

संपर्क हेतु :

ओम हॉस्पिटल, नेशनल हाइवे, सरायपाली (छत्तीसगढ़)

मोबाइल : 83700-08551 / 83700-08558

Korba Cable Scam: ISI Mark की जगह बिछाए Local तार, 110 करोड़ के केबल घोटाले की होगी जांच

Korba Cable Scam: ISI Mark की जगह बिछाए Local तार, 110 करोड़ के केबल घोटाले की होगी जांच

 

Cg: कोरबा केंद्र सरकार के संशोधित वितरण क्षेत्र योजना (आरडीएसएस) के अंतर्गत जिले में कराए गए 110 करोड़ के कार्य में व्यापक गड़बड़ी किया जाना उजागर हुआ है। बिजली लाइन लाइस कम करने 60 किलोमीटर में निम्न दाब (एलटी लाइन) की खुली तारों की जगह एरियल बंच केबल (एबीसी) लगाया जाना था। काम तो किया गया, पर आइएसआइ मार्क और बीएस प्रमाणित उपकरणों का उपयोग नहीं किया गया। प्राथमिक तौर पर कार्यपालन अभियंता (ईई) अभिमन्यु कश्यप को निलंबित कर दिया गया। आगे की विस्तृत जांच के लिए 12 टीम तैयार की गई है, इसमें 40 सदस्य शामिल है।

ऐसे दिया गया घोटले को अंजाम

केंद्र सरकार ने बिजली वितरण व्यवस्था को और सुदृढ़ करने आरडीएसएस योजना के तहत राज्य को करीब 60 हजार करोड़ प्रदान करने का बजट तैयार किया है। चरणबद्ध ढंग से राज्य सरकार को राशि प्रदान की जा रही।

भूपेश बघेल सरकार के कार्यकाल के दौरान वित्तीय वर्ष 2022-23 में इस योजना पर काम शुरू हुआ और निविदा जारी किए गए।

कोरबा में 110 करोड़ की निविदा पूणे की एसटी इलेक्ट्रिकल्स एवं जांजगीर- चांपा जिले के भुवनेश्वर साहू को दिया गया।

निविदा की शर्तों का उल्लंघन करते हुए निर्धारित मापदंड की जगह घटिया केबल लगा दिए गए। 70 एमएम एबीसी केबल लगाया जाना था। ब्रांडेड आइएसआइ कंपनी के केबल की खरीदी की जानी थी, पर लोकल केबल लगा दिए गए।

साइड लाइन में 50 से 16 एमएम तक चार अलग- अलग गेज के केबल लगाया जाना था। कुछ जगहों में केबल दिखाने के लिए शर्तो के अनुरुप केबल लगाए गए और ज्यादातर घटिया सामाग्री का उपयोग किया गया।

उदाहरण के तौर पर 100 रुपये की लागत के सामान की जगह 35 प्रतिशत कम दर वाली घटिया सामाग्री की खरीदी 65 रुपये में की गई।

जिन अधिकारियों की निगरानी की जवाबदारी थी, उन्होंने भी भौतिक सत्यापन किए बिना भुगतान करा दिया।

कोरबा सहित इन जिलों में भी गड़बड़ी की शिकायत

कोरबा ही नहीं बल्कि बिलासपुर, जांजगीर- चांपा, मुंगेली एवं गौरेला- पेड्रा- मरवाही जिला में भी केबल बिछाए जाने के कार्य में गड़बड़ी किए जाने की शिकायत की गई है। जांजगीर के कार्यपालन अभियंता (ईई) एचके मंगेशकर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इस घोटाले की आंच विद्युत वितरण विभाग के रायपुर मुख्यालय तक पहुंची और यहां पदस्थ मुख्य अभियंता प्रोजेक्ट राजेन्द्र प्रसाद का स्थानांतरण कर दिया गया है।

कहां होना था कितना काम

कोरबा – 110 करोड़

बिलासपुर – 66.72 करोड़

मुंगेली – 23.37 करोड़

पेंड्रा-गौरेला – 20 करोड़

10 दिन के अंदर जांच टीम प्रस्तुत करेगी रिपोर्ट

विद्युत वितरण विभाग के अधीक्षण यंत्री पीएल सिदार ने बताया कि आरडीएस योजना के अंतर्गत किए गए कार्यों की जांच का आदेश कार्यपालन निदेशक एके अम्बस्ट ने जारी किया है। इसके लिए 12 टीम गठित की गई है। प्राथमिक तौर पर शिकायत की पुष्टि होने पर दो अधिकारियों को निलंबित किया गया है। मुख्य रुप से कार्य की गुणवत्ता और मात्रा की जांच की जाएगी। 10 दिन के अंदर सभी टीमें अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे।

बिलासपुर व मुंगेली के स्टोर रूम सील

प्राथमिक जांच के दौरान सेंदरी बिलासपुर व मुंगेली के स्टोर रूम में रखे केबल, कंडक्टर और ट्रांसफर्मर के बीपी चैनल की जांच की गई। इन उपकरणों के सैंपल भी लिए गए हैं। साथ ही दोनों स्टोर रूम को सील कर दिया गया है। जांजगीर एवं कोरबा में ठेका लेने वाले कंपनियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। बताया जा रहा है कि ब्लैक लिस्टेट करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। एसटी इलेक्ट्रिकल्स को 20 लाख का जुर्माना लगाया गया है। जांच जैसे- जैसे आगे बढ़ेगी, भ्रष्टाचार की परतें खुलेंगी, साथ ही कार्रवाई की जद में और कई अधिकारी आएंगे।