छत्तीसगढ़/ना जाने कब बनेगा पुल और बच्चे बिना डर के पहुंचेंगे स्कूल…पढ़ने के लिए जान जोखिम में डालते हैं छात्र

छत्तीसगढ़/ना जाने कब बनेगा पुल और बच्चे बिना डर के पहुंचेंगे स्कूल…पढ़ने के लिए जान जोखिम में डालते हैं छात्र

छत्तीसगढ़/दुर्ग जिले के धमधा ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले ग्राम मुड़पार के बच्चों को हर साल बारिश के दिनों में स्कूल जाने के लिए जोखिम उठाना पड़ता है। गांव में पूर्व माध्यमिक शाला न होने से बच्चों को दो किलोमीटर दूर घोटवानी गांव जाना पड़ता है।

बारिश के दौरान आमनेर नदी में जाने वाला मुड़पार नाला में बना पुलिया बाढ़ की वजह से डूब जाता है। बावजूद यहीं से होकर बच्चे स्कूल आते जाते हैं। बीते दिनों हुई बारिश से बुधवार की रात पुलिया डूब गया। गुरुवार को पानी पुलिया के उपर से बह रहा था, इसे से होकर बच्चे जान जोखिम में डाल स्कूल गए और वापस घर लौटे।जानकारी लगने के बाद प्रशासन ने किसी तरह की दुर्घटना टालने राजस्व विभाग के कर्मचारियों की ड्यूटी लगा दी वहीं रोड को बेरिकेडिंग कर बंद कर दिया गया।

तेज बारिश में कट जाता है संपर्क

ग्राम पंचायत भाटाकोकड़ी के अंतर्गत आने वाले मुड़पार गांव में आज भी बुनियादी सुविधाओं से वंचित है। यहां के बच्चों की शिक्षा की राह किसी आसान नहीं। गांव में प्राथमिक स्कूल है, और आगे की पढ़ाई के लिए घोटवानी गांव जाना पड़ता है। मुड़पार से घाेटवानी जाने वाले मार्ग पर नाला है जिसे मुड़पार नाला के नाम से जाना जाता है। जो आगे आमनेर नदी में मिला है।

अधिक बारिश होने पर जब आमनेर नदी में उफान आता है तो मुड़पार नाला में बाढ़ के हालात बन जाते हैं। तीन से चार दिनों तक पुलिया पानी के उपर से बहता रहता है। हर साल अधिक बारिश होने पर यह स्थिति बन जाती है। इसे पार करने नाव और न कोई सुरक्षा व्यवस्था होती है। बुधवार की रात से ही यहां यही स्थिति बन गई थी।

80 से अधिक बच्चे जाते हैं घोटवानी स्कूल

ऐसी भारी बारिश की स्थिति में बच्चे जान हथेली पर रखकर पानी के तेज बहाव के बीच स्कूल पहुंचते हैं। बच्चों का कहना कि इसी स्थिति में कई बार साइकिल बह चुकी है। इतना ही नहीं कई बच्चों के परिजन तो डर के मारे स्कूल भेजने से कतराते हैं।

जानकारी के अनुसार 80 से अधिक बच्चे घोटवानी जाते हैं। ग्रामीण बताते हैं कि हर साल इसी तरह मुड़पार गांव पूरी तरह से कट जाता है। न एंबुलेंस आ पाता और न कोई अन्य वाहन। ग्रामीणों का कहना है कि इस गांव में न पक्की सड़क है, न उच्च स्तर का पुलिया।

प्रशासन ने लगाई ड्यूटी

पुलिया पर पानी होने की जानकारी के बाद प्रशासन ने संज्ञान लिया और राजस्व विभाग के चार कर्मचारियों को ड्यूटी लगा दी गई है। तहसीलदार धमधा द्वारा जारी आदेश में व्यासनारायण पावरिया, ताराचंद मेश्राम, रामावतार साहू, विष्णुदास को मुड़पार नाला पर बाढ़ का पानी पुलिया से नीचे आने तक निगरानी करने कहा गया है। इसके अलावा बेरिकेटिंग भी कर दी गई है।

मुड़पार नाला में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जन सामान्य की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाए गए हैं। राजस्व विभाग के कर्मियों को वहां पर निगरानी में लगाया गया है।

-सोनाल डेविड, एसडीएम, धमधा

तोषगांव/ एमबीबीएस में किरण का हुआ चयन 

तोषगांव/ एमबीबीएस में किरण का हुआ चयन

तोषगांव ग्राम पंचायत तोषगांव के आश्रित ग्राम मनकी से किरण ताण्डी का चयन एमबीबीएस शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय जगदलपुर में हुआ है। किरण अर्जुन ताण्डी व्याख्याता कृषक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पाटसे न्द्री एवं श्रीमती सत्यवती ताण्डी की सुपुत्री है।

उसकी सफलता पर मंत्री फुलझर सेवा समिति के संचालक विद्या भूषण सतपथी प्राचार्य भागीरथी भोई एवं समस्त शिक्षक कर्मचारी एवं प्राचार्य साखीराम पटेल एवं समस्त शिक्षक कर्मचारी तथा कन्या शाला तोषगांव से प़धानध्यापक मनोहर प्रधान शिक्षक हरेराम भोई अक्षय साहू किरण डड़सेना राजेन्द्र सिदार डां पुरूषोत्तम सागर पुरंजन सागर बधाई एवं शुभकामनाएं दीं हैं। उनके माता-पिता ने सभी शिक्षकों को आभार व्यक्त किया है। एवं उनके समाज के लिए गौरव की बात कही है।

छत्तीसगढ़: 166 महतारी सदन की मिली स्वीकृति, 25 सौ वर्गफुट में बनेगा महतारी सदन

छत्तीसगढ़: 166 महतारी सदन की मिली स्वीकृति, 25 सौ वर्गफुट में बनेगा महतारी सदन

 

छत्तीसगढ़ महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में सहायक होगा महतारी सदन- उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा166 महतारी सदन हेतु 49 करोड़ 80 लाख रुपये जारीअब तक 368 महतारी सदन की स्वीकृति, 50 से अधिक महतारी सदन पूर्ण

महतारी सदन में कमरा,  बरामदा, हाल, किचन, स्टोररूम, पेयजल हेतु ट्यूबवेल और सामुदायिक शौचालय जैसी होंगी सुविधायें

प्रदेश के प्रत्येक ग्राम पंचायतों में ग्रामीण महिलाओं को स्वावलंबी एवं आत्मनिर्भर बनाने तथा आपसी समरसता स्थापित करने सामायिक कार्यक्रमों में सामूहिक भागीदारी तथा महिला सशक्तिकरण के उद्देश्य से उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के निर्देशानुसार महतारी सदन का निर्माण कार्य किया जाना है। उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के प्रयास से 166 महतारी सदन की स्वीकृति आदेश जारी किया गया है, इसके लिए 49 करोड़ 80 लाख रुपये की स्वीकृति जारी की गई है। उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि न्यू इंडिया के ग्रोथ साइकल में महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की आत्मनिर्भर भारत अभियान महिलाओं की क्षमता को देश के विकास के साथ जोड़ रहा है।

प्रदेश के ग्राम पंचायतों में बनने जा रहा महतारी सदन भी इसी दिशा में एक प्रयास है। उन्होंने कहा कि लगातार ग्राम भ्रमण के दौरान महिलाओं द्वारा बैठने की स्थान न होने की शिकायत की और बैठने हेतु स्थान दिलाने की मांग की जाती रही इसलिए महतारी सदन बनाने का विचार आया। ततपश्चात महिलाओं को रोजगार दिलाने और उनको काम काज के लिए स्थान उपलब्ध कराने के लिए प्रदेश सरकार गांवों में महतारी सदन बनाने जा रही है। अब तक 368 महतारी सदन की स्वीकृति इसी उद्देश्य को पूर्ति के लिये जारी किया गया है। कार्यों में एकरूपता के दृष्टिकोण से पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा कार्य का एक मानक डिजाईन एवं प्राक्कलन तैयार किया गया है। प्रति महतारी सदन की लागत राशि रुपये 30 लाख होगी।

5 वर्षो में सभी ग्राम पंचायतों में महतारी सदन बनाने की योजना

प्रदेश के सभी ग्राम पंचायतों में महतारी सदन बनाया जाएगा। महतारी सदन बनाने की शुरुआत हो गयी है। पहले चरण में प्रदेश के प्रत्येक विकासखंड में महतारी सदन बनना प्रारंभ किया जा रहा है व 5 साल में सभी ग्राम पंचायत में महतारी सदन बनेंगे। प्रदेश में बनने वाले महतारी सदन का निर्माण लगभग 25 सौ वर्गफुट में कराया जाएगा। सदन में कमरा, शौचालय, बरामदा, हाल, किचन और स्टोररूम जैसी सुविधाएं रहेगी। पानी के लिए ट्यूबवेल के साथ वाटर हार्वेस्टिंग भी किया जाएगा। महिलाओं की सुरक्षा के लिए इसमे बॉउंड्रीवाल भी बनाये जाएंगे। महतारी सदन में सामुदायिक शौचालय का भी निर्माण किया जाएगा।

 

छत्तीसगढ़ : अनियमित उपस्थिति पर सहायक शिक्षक निलंबित

छत्तीसगढ़ : अनियमित उपस्थिति पर सहायक शिक्षक निलंबित

छत्तीसगढ़ जिला शिक्षा अधिकारी ने शासकीय कार्य के प्रति लापरवाही और अनुशासनहीनता बरतने पर गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले के प्राथमिक शाला बरझोरकी टोला, विकासखंड मरवाही के सहायक शिक्षक (एल.बी.) श्री सुधीर कुमार राय को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

निलंबन आदेश में उल्लेख किया गया है कि विकासखंड शिक्षा अधिकारी मरवाही के पत्र के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। श्री राय पर आरोप था कि वे शाला में अनियमित रूप से उपस्थित रहते थे और अन्य व्यक्ति से अध्यापन कार्य करवाते थे। उनके ठेकेदारी कार्य में संलग्न रहने तथा मीडिया में इस संबंध में समाचार प्रकाशित होने के बाद शाला का निरीक्षण कराया गया। निरीक्षण के दौरान वे शाला में अनुपस्थित पाए गए।

जांच प्रतिवेदन में बच्चों और उपस्थित व्यक्तियों के बयान से आरोप सही पाए गए। पाया गया कि श्री राय समय पर शाला नहीं आते और नियमित रूप से अनुपस्थित रहते हैं, जो कि छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम 3 का उल्लंघन है।

निलंबन की अवधि में उनका मुख्यालय कार्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी गौरेला रहेगा तथा उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्रदान किया जाएगा।

 

छत्तीसगढ़ : राज्यपाल श्री रमेन डेका बने छत्तीसगढ़ के सभी 33 जिलों में टीबी मरीजों के ‘निक्षय मित्र’

छत्तीसगढ़ : राज्यपाल श्री रमेन डेका बने छत्तीसगढ़ के सभी 33 जिलों में टीबी मरीजों के ‘निक्षय मित्र’

देश के पहले राज्यपाल जिन्हें मिली यह अनूठी उपलब्धि राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के तहत छत्तीसगढ़ के राज्यपाल श्री रमेन डेका ने एक मिसाल कायम करते हुए राज्य के सभी 33 जिलों में उपचाररत कुल 330 टीबी मरीजों,  प्रत्येक जिले से 10 मरीजों को ‘निक्षय मित्र’ बनकर गोद लिया है। राज्यपाल द्वारा मरीजों को उपचार अवधि में पौष्टिक आहार उपलब्ध कराने हेतु प्रत्येक मरीज को प्रतिमाह 500 रुपये की अनुदान राशि संबंधित जिलों के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों को प्रदान की जा रही है।

श्री डेका ने 31 जुलाई 2024 को छत्तीसगढ़ के 10वें राज्यपाल के रूप में पदभार ग्रहण किया था। पदभार ग्रहण करने के पश्चात जिलों के प्रवास के दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री जी के ‘टीबी मुक्त भारत अभियान’ को गति प्रदान करने की पहल की। इस दौरान उन्होंने विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठकें कर अभियान की प्रगति की जानकारी ली तथा मरीजों से सीधा संवाद कर उन्हें नियमित दवा और पोषण आहार के महत्व से अवगत कराया।

इस क्रम में उन्होंने सर्वप्रथम राजनांदगांव, बस्तर, धमतरी और गरियाबंद जिलों के टीबी मरीजों को गोद लिया था। तत्पश्चात अपने कार्यकाल के एक वर्ष पूर्ण होने से पूर्व ही उन्होंने शेष सभी जिलों में भी मरीजों को गोद लेकर अंतिम 33वें जिले कोंडागांव तक यह प्रक्रिया पूरी की और ऐसा करने वाले वह देश के प्रथम राज्यपाल बन गए।

राज्यपाल श्री डेका ने उद्योगपतियों, समाजसेवी संगठनों राइस मिल एसोसिएशन एवं आम नागरिकों से भी अपील की है कि वे आगे आकर ‘निक्षय मित्र’ बनें और टीबी मरीजों को गोद लेकर इस जनआंदोलन का हिस्सा बनें। उन्होंने कहा कि सामूहिक प्रयासों से ही छत्तीसगढ़ सहित पूरे भारत को टीबी मुक्त बनाने का संकल्प साकार किया जा सकता है।

 

Raipur Central Jail से फरार हुआ NDPS Act में सजा काट रहा अपराधी, मची खलबली

Raipur Central Jail से फरार हुआ NDPS Act में सजा काट रहा अपराधी, मची खलबली

 

छत्तीसगढ़ : केंद्रीय जेल रायपुर से गुरुवार को एनडीपीएस एक्ट के तहत सजा काट रहा कैदी फरार हो गया। सख्त सुरक्षा के बावजूद कैदी के भाग जाने से सुरक्षा पर सवाल उठने लगे हैं। मिली जानकारी के अनुसार, फरार कैदी का नाम चंद्रवीर सिंह है, जो वर्ष 2021 से जेल में बंद था।

जानकारी के अनुसार, गुरुवार दोपहर करीब दो से 2:30 बजे के बीच पांच कैदियों को जेल परिसर में बने महिला जेल के पास अंडर कंस्ट्रक्शन हिस्से में वेल्डिंग का काम करने ले जाया गया था। इसी दौरान कैदी जेलकर्मियों को चकमा देकर मौके से फरार हो गया।

घटना की सूचना मिलने के बाद जेल प्रशासन ने अपने स्तर पर पतासाजी की, लेकिन सफलता नहीं मिलने पर गंज थाना पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई। फिलहाल पुलिस ने पतासाजी शुरू कर दी है। बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन सहित कई स्थानों पर फरार कैदी की तलाश की जा रही है। उसकी फोटो जारी कर दी गई है।

शराब बेच रहे आरोपी को पकड़ने गई पुलिस पर हमला

रायपुर के धरसीवां थाना अंतर्गत पुलिस चौकी सिलयारी क्षेत्र में ड्यूटी पर तैनात पुलिस बल पर हमला और गाली-गलौज का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार, प्रधान आरक्षक हरीशचंद्र बंजारे ने रिपोर्ट दर्ज कराई है कि 19 अगस्त को मुखबिर की सूचना पर पुलिस बल ग्राम कुरूद में अवैध शराब बिक्री की जांच के लिए पहुंचा था। इस दौरान गजेंद्र घृतलहरे, मनोज घृतलहरे, मोनिका और उनके परिवार के अन्य लोगों ने पुलिस दल को घेर लिया।

आरोप है कि आरोपितों ने पुलिस बल के साथ गाली-गलौज कर जान से मारने की धमकी दी और झूठे प्रकरण में फंसाने की बात कहते हुए मारपीट की। मारपीट में प्रधान आरक्षक हरीशचंद्र बंजारे के हाथ में चोट आई है, वहीं आरक्षक टापलाल पठारी और महिला कोटवार रानी मानिकपुरी भी जख्मी हुए हैं। रानी मानिकपुरी को मोनिका द्वारा थप्पड़ मारा गया है।

छत्तीसगढ़/रायपुर में ड्रग्स सिंडिकेट चलाने वाले गिरोह के 6 सदस्य गिरफ्तार, पुलिस ने बरामद किया 57 लाख का चिट्टा

छत्तीसगढ़/रायपुर में ड्रग्स सिंडिकेट चलाने वाले गिरोह के 6 सदस्य गिरफ्तार, पुलिस ने बरामद किया 57 लाख का चिट्टा

 

छत्तीसगढ़/ रायपुर पुलिस ने नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए हेरोइन (चिट्टा) का सिंडिकेट चलाने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में मुख्य सप्लायर मनमोहन सिंह संधू उर्फ जग्गू और उसके डिस्ट्रीब्यूटर विजय मोटवानी और भूषण शर्मा सहित कुल 6 आरोपी गिरफ्तार किए गए। आरोपियों के कब्जे से 273.19 ग्राम हेरोइन (चिट्टा) जब्त की गई है, जिसकी कीमत करीब 57 लाख रुपये है।

जानकारी के अनुसार, रायपुर के थाना कबीरनगर क्षेत्र के हीरापुर स्थित वेदांत वाटिका के पास पुलिस ने दबिश देकर आरोपी मनमोहन सिंह संधू उर्फ जग्गू को हेरोइन (चिट्टा) के साथ गिरफ्तार किया। पूछताछ में सामने आया कि पंजाब प्रांत का एक तस्कर उसे माल उपलब्ध कराता था। मनमोहन सिंह संधू उर्फ जग्गू इस नशे को अपने डिस्ट्रीब्यूटर्स विजय मोटवानी और भूषण शर्मा के जरिए रायपुर में खपाता था।

एक साथ कई ठिकानों पर छापेमारी

पुलिस ने आरोपी जग्गू की निशानदेही पर वीर सावरकर नगर, जरवाय तालाब और आरडीए कॉलोनी में एकसाथ छापे मारकर चार और आरोपियों को पकड़ा। इनमें दो महिलाएं भी शामिल हैं। इसके साथ ही कोतवाली थाना पुलिस ने भी एक आरोपी को गिरफ्तार किया है।

गिरफ्तार आरोपी

मनमोहन सिंह संधू उर्फ जग्गू, (30 वर्ष) निवासी वीर सावरकर नगर, हीरापुर।

विजय मोटवानी उर्फ अमन (23 वर्ष), निवासी वीर सावरकर नगर, हीरापुर।

दिव्या जैन (24 वर्ष), निवासी आरडीए कॉलोनी, हीरापुर।

नितिन पटेल (19 वर्ष), मूल निवासी रीवा (मप्र), वर्तमान पता हीरापुर।

जसप्रीत कौर उर्फ बॉबी (25 वर्ष), पत्नी मनमोहन सिंह संधू,निवासी वीर सावरकर नगर, हीरापुर।

भूषण शर्मा उर्फ सूरज, (30 वर्ष) निवासी टाटीबंध, रायपुर।

गौरतलब है कि पिछले कुछ समय से रायपुर में पुलिस डग्स तस्करों के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है। हालहीं में रायुर में ड्रग्स तस्कर गिरोह का पर्दाफाश हुआ था, जिनके तार अंतरराष्ट्रीय तस्करी गिरोह और पाकिस्तान से जुड़े थे। इसके बाद से पुलिस लगातार इन तस्करों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है।

बसना/अग्रवाल नर्सिंग होम में किडनी रोग व पथरी के इलाज हेतु नई सुविधा शुरू – अब मिलेगी प्रतिदिन डायलिसिस की सेवा

बसना/अग्रवाल नर्सिंग होम में किडनी रोग व पथरी के इलाज हेतु नई सुविधा शुरू – अब मिलेगी प्रतिदिन डायलिसिस की सेवा

अग्रवाल नर्सिंग होम, बसना में किडनी रोग एवं डायलिसिस विभाग की शुरुआत की गई है। अब यहां सभी प्रकार के किडनी रोग और पथरी का इलाज व सर्जरी की सुविधा उपलब्ध रहेगी। खास बात यह है कि अस्पताल में प्रतिदिन डायलिसिस की सुविधा भी मरीजों को मिलेगी।

किडनी रोग विशेषज्ञ डॉ. रवि धर (MBBS, DNB – नेफ्रोलॉजिस्ट) द्वारा मरीजों का इलाज किया जाएगा। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार दिनांक 23 अगस्त 2025, सुबह 12 बजे से यह सुविधा आरंभ होगी।

उपलब्ध उपचार

डायबिटिक किडनी का इलाज

किडनी फेल्योर का इलाज

किडनी में सूजन एवं संक्रमण का इलाज

मूत्रमार्ग संक्रमण व पथरी की समस्या

प्रोस्टेट ग्रंथि की समस्याओं का इलाज

एक्यूट एवं क्रोनिक किडनी डिजीज

पेशाब संबंधी शिकायतें, झाग आना

रक्त अल्पता व कमजोरी

पैरों में सूजन (एडिमा)

डॉ. रवि धर ने बताया कि डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर एवं मोटापे से ग्रस्त मरीज अपनी किडनी की जांच अवश्य कराएं ताकि गंभीर स्थिति से बचा जा सके।

विशेष सुविधा

यहां जिले का सबसे बड़ा और एडवांस 8 बिस्तरों वाला डायलिसिस यूनिट स्थापित किया गया है। साथ ही बीजू/आयुष्मान कार्ड धारकों को निःशुल्क उपचार की सुविधा भी मिलेगी।

अग्रवाल नर्सिंग होम, बरना, जिला महासमुंद (छ.ग.)

📞 संपर्क: 07770-868473, 91652-66994, 98931-53699

छत्तीसगढ़ में 6 लाख करोड़ के निवेश के लिए आगे आए 66 उद्योगपति, मिलेंगी 63,651 नौकरियां

छत्तीसगढ़ में 6 लाख करोड़ के निवेश के लिए आगे आए 66 उद्योगपति, मिलेंगी 63,651 नौकरियां

CG: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सरकार की नई औद्योगिक नीति निवेशकों को आकर्षित कर रही है। 50 प्रतिशत तक की सब्सिडी वाली नीति से उत्साहित होकर पिछले एक वर्ष में 66 निवेशक राज्य में उद्योग स्थापित करने के लिए आगे आए हैं। अब तक कुल 6.65 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों पर सहमति बन चुकी है।

इनमें अकेले अदाणी समूह ने ऊर्जा, सीमेंट और कोल माइनिंग के लिए 80,344 करोड़ रुपये का निवेश करने एमओयू (समझौता ज्ञापन) साइन किया है। इसके अलावा खनिज, बायो गैस, सीमेंट, इलेक्ट्रानिक्स, एथेनाल, फूड प्रोसेसिंग, आइटी समेत विभिन्न क्षेत्रों में निवेशकों से एमओयू हो चुका है। आठ निवेशकों ने उद्योग लगाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। प्रदेश में इन तमाम उद्योगों से 63,651 नौकरियां मिलेंगी।

निवेशकों आकर्षित करने विदेश दौरे पर गए सीएम

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय अंतरराष्ट्रीय निवेशकों को आकर्षित करने के लिए गुरुवार को जापान और दक्षिण कोरिया रवाना हो गए हैं। दस दिवसीय दौरे पर वे विभिन्न कारपोरेट प्रतिनिधियों से मुलाकात कर प्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित करेंगे। इस यात्रा को राज्य में विदेशी निवेश के नए द्वार खोलने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

विगत डेढ़ साल में दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरू के साथ रायपुर में इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन हो चुका है। इस वर्ष एनर्जी कानक्लेव का आयोजन रायपुर में हुआ था। इसमें न्यूक्लियर पाव, थर्मल, सोलर, पीएम कुसुम, पीएसपी, बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम, पावर ट्रांसमिशन अधोसंरचना आदि में 3,01,086 करोड़ के निवेश पर सहमति बनी थी।

30 अक्टुबर तक लागू रहेगी यह नीति

बता दें कि विष्णु देव साय की औद्योगिक नीति 1 नवंबर 2024 से 31 अक्टूबर 2030 तक लागू रहेगी। नई औद्योगिक नीति में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआइ), रोबोटिक्स और कंप्यूटिंग (जीपीयू) से संबंधित उद्योगों के लिए विशेष प्रोत्साहन पैकेज का प्रविधान है। इसके तहत उद्योगों को 12 वर्षों तक राज्य जीएसटी की 100 प्रतिशत प्रतिपूर्ति की जाएगी या संबंधित परियोजनाओं में निवेश के आधार पर 50 प्रतिशत तक अनुदान मिलेगा, जिसकी अधिकतम सीमा 450 करोड़ रुपये तक हो सकती है। नई नीति में निवेशकों के लिए ब्याज अनुदान, पूंजी अनुदान, स्टांप व बिजली शुल्क छूट और मूल्य संवर्धित कर की प्रतिपूर्ति जैसी वित्तीय सहायता देने का प्रविधान भी शामिल है।

प्रदेश में नई औद्योगिक नीति से औद्योगिक विकास स्वर्णिम युग की ओर तेजी से बढ़ रहा है। निवेशकों के लिए पसंदीदा राज्य बन चुका है। दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरू के साथ रायपुर में इन्वेस्टर्स समिट के माध्यम से अब तक 6 लाख 65 हजार करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिल चुके हैं। मुख्यमंत्री की जापान और दक्षिण कोरिया की यात्रा से राज्य में औद्योगिक विकास और निवेश को गति मिलेगी।

लखनलाल देवांगन, मंत्री, वाणिज्य व उद्योग विभाग

CG: माओवादी स्मारक पर ध्वजारोहण करने वाले युवक की बर्बरता से हत्या, ‘जन अदालत’ में देश प्रेम का आरोप

CG: माओवादी स्मारक पर ध्वजारोहण करने वाले युवक की बर्बरता से हत्या, ‘जन अदालत’ में देश प्रेम का आरोप

 

CG: कांकेर/पखांजूर छोटेबेठिया थाना क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम बिनागुंडा में माओवादियों द्वारा बनाए गए स्मारक 15 अगस्त को तिरंगा फहराने वाले एक युवक मनेश नरेटी को बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया। जिसने पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है।

स्थानीय सूत्रों के अनुसार, स्वतंत्रता दिवस के दिन मनेश नरेटी ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए एक ऐसे माओवादी स्मारक पर भारतीय ध्वज फहराया, जिसे वे अपने मृत साथियों के सम्मान में शहीद स्मारक कहते हैं। यह स्मारक माओवादियों के लिए एक पवित्र स्थल के समान है और वे इस पर किसी भी बाहरी व्यक्ति का हस्तक्षेप बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करते। मनेश का यह कदम माओवादियों को इतना ना गवार गुजरा कि उन्होंने तुरंत उसे पकड़ लिया।

माओवादियों की जन अदालत में किया पेश

जानकारी के मुताबिक, इस घटना के बाद माओवादियों ने मनेश को गांव वालों के सामने तथाकथित “जन अदालत” में पेश किया। इस जन अदालत में उन्होंने मनेश नरेटी पर देशप्रेम का आरोप लगाते हुए उसे सार्वजनिक रूप से मौत की सजा सुनाई और फिर उसकी निर्मम हत्या कर दी। यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि नक्सली अपने वर्चस्व को बनाए रखने और अपनी विचारधारा को थोपने के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं। इस घटना के बाद, पूरे क्षेत्र में भय और सदमे का माहौल है।

क्रूर मानसिकता उजागर

गांव के लोग इस घटना से इतने डरे हुए हैं कि कोई भी खुलकर बात करने को तैयार नहीं है। मनेश नरेटी की यह दुखद कहानी क्षेत्र के लोगों के लिए एक दुखद मिसाल बन गई है। उसकी बहादुरी और देश के प्रति प्रेम को माओवादियों ने क्रूरता से कुचल दिया, लेकिन उसकी शहादत ने एक बार फिर से माओवादिओं की असली क्रूर मानसिकता को उजागर कर दिया है।

यह घटना न सिर्फ एक व्यक्तिगत त्रासदी है, बल्कि यह इस बात का भी प्रमाण है कि माओवादी अपने तथाकथित आदर्शों के नाम पर किस हद तक हिंसा कर सकते हैं। यह मामला प्रशासन और सुरक्षा बलों के लिए एक बड़ी चुनौती है कि वे कैसे ऐसे संवेदनशील क्षेत्रों में नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करें और देशप्रेम की भावना को कुचलने वाली ताकतों का मुकाबला करें।

दो दिन पहले इंद्रपुर में लगाया था माओवादियों ने बैनर

दो दिन पहले ही माओवादियों ने ग्राम इंद्रपुर में बैनर और पोस्टर लगाए थे, जिसमें उन्होंने मनेश नरेटी को मौत की सजा देने की बात कही थी। इन पोस्टरों में कुछ ग्रामीणों और सरपंचों पर भी मुखबिरी का आरोप लगाया गया था, जिससे यह स्पष्ट होता है कि नक्सली अपने खिलाफ उठने वाली हर आवाज को कुचलने पर आमादा हैं।

सितरम नदी उफान पर पीड़ित से नहीं हो पा रहा संपर्क: थाना प्रभारी

छोटेबेठिया के थाना प्रभारी रमन उसेंडी से बात करने पर उन्होंने बताया कि अब तक मनेश के परिवार की तरफ से कोई रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई गई है। उन्होंने यह भी बताया कि हाल की भारी बारिश के कारण सितरम नदी उफान पर है एवं गांव में बिजली बाधित होने से पुलिस टीम को गांव तक पहुंचने एवं उनसे संपर्क करने में मुश्किल हो गया है। नदी का बहाव कम होते ही पुलिस टीम पीड़ित परिवार से संपर्क स्थापित करेगी और कानूनी कार्रवाई करेगी।