महासमुंद/प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 20वीं किस्त का हस्तांतरण 02 अगस्त को जिला स्तरीय कार्यक्रम कृषि विज्ञान केन्द्र भलेसर में आयोजित

महासमुंद/प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 20वीं किस्त का हस्तांतरण 02 अगस्त को जिला स्तरीय कार्यक्रम कृषि विज्ञान केन्द्र भलेसर में आयोजित

महासमुंद,प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत 02 अगस्त 2025 को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी द्वारा उत्तर प्रदेश के वाराणसी से 20वीं किस्त का राष्ट्रीय स्तर पर डिजिटल हस्तांतरण किया जाएगा। इस कार्यक्रम का सीधा प्रसारण वेबकास्ट के माध्यम से प्रातः 11ः00 बजे से किया जाएगा। यह दिन पीएम किसान दिवस के रूप में पूरे देश सहित महासमुंद जिले में भी मनाया जाएगा।

जिला स्तरीय कार्यक्रम कृषि विज्ञान केन्द्र, भलेसर महासमुंद में आयोजित होगा। इस अवसर पर सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी, विधायक महासमुंद श्री योगेश्वर राजू सिन्हा एवं छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम के अध्यक्ष श्री चन्द्रहास चन्द्राकर बतौर मुख्य अतिथि कार्यक्रम में शामिल होंगे। कार्यक्रम में जिले के सभी विकासखंडों से किसानों की भागीदारी सुनिश्चित की गई है। साथ ही, विकासखंड मुख्यालयों, सहकारी समितियों एवं ग्राम पंचायतों में भी कार्यक्रम का वेबकास्ट प्रसारित किया जाएगा, जिससे अधिक से अधिक किसान इस योजना के लाभ और जानकारी से जुड़ सकें।

उप संचालक कृषि श्री एफ.आर कश्यप ने सभी विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों को कार्यक्रम में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने हेतु निर्देशित किया है। इस अवसर पर किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 20वीं किस्त का लाभ मिलेगा, साथ ही कृषि योजनाओं की जानकारी और उनके अनुभव साझा किए जाएंगे।

महासमुंद/जिले के 156 श्रमिकों को मिली विभिन्न योजनाओं का लाभ डीबीटी के माध्यम से 24.76 लाख रुपये की राशि वितरित

महासमुंद/जिले के 156 श्रमिकों को मिली विभिन्न योजनाओं का लाभ डीबीटी के माध्यम से 24.76 लाख रुपये की राशि वितरित

महासमुंद,छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अंतर्गत महासमुंद जिले के 156 श्रमिकों को विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के तहत कुल 24 लाख 76 हजार रूपए की सहायता राशि डीबीटी के माध्यम से प्रदान की गई। श्रम विभाग से मिली जानकारी अनुसार योजनावार मिनीमाता महतारी जतन योजना अंतर्गत 28 हितग्राहियों को 5 लाख 60 हजार रुपए, मुख्यमंत्री नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना अंतर्गत 36 हितग्राहियों को 63 हजार, मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना अंतर्गत 1 हितग्राही को 2 लाख रुपए, मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना अंतर्गत 11 हितग्राहियों को 11 लाख, मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना अंतर्गत 23 हितग्राहियों को 4 लाख 60 हजार एवं निर्माण श्रमिकों के बच्चों के लिए निःशुल्क गणवेश एवं पुस्तक-कॉपी सहायता योजना अंतर्गत 57 हितग्राहियों को 93 हजार रुपए की राशि से लाभान्वित किया गया हैं।

श्रम पदाधिकारी ने बताया कि श्रम विभाग द्वारा संचालित समस्त योजनाएं पूर्णतः निःशुल्क हैं। यदि कोई व्यक्ति इन योजनाओं का लाभ दिलाने के नाम पर पैसे की मांग करता है, तो उसके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जा सकती है। शिकायत दर्ज करने के लिए नजदीकी थाना, तहसील कार्यालय, मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), श्रम पदाधिकारी कार्यालय, पुलिस अधीक्षक कार्यालय एवं कलेक्टर कार्यालय में सम्पर्क कर सकते हैं।

महासमुंद/बने खाबों, बने रहिबो : 04 से 06 अगस्त तक जिले में चलेगा खाद्य सुरक्षा जांच एवं जागरूकता अभियान

महासमुंद/बने खाबों, बने रहिबो : 04 से 06 अगस्त तक जिले में चलेगा खाद्य सुरक्षा जांच एवं जागरूकता अभियान

महासमुंद / छत्तीसगढ़ शासन के निर्देशानुसार वर्षा ऋतु को ध्यान में रखते हुए खाद्य जनित बीमारियों एवं संक्रमण की रोकथाम हेतु राज्य में बने खाबों, बने रहिबो शीर्षक से राज्य स्तरीय विशेष जांच एवं जनजागरूकता अभियान का आयोजन किया जा रहा है। यह अभियान 04, 05 एवं 06 अगस्त 2025 तक प्रदेश के सभी जिलों में संचालित किया जाएगा। इसी क्रम में जिले में निर्धारित तीन दिवसीय अभियान अंतर्गत खाद्य सघन निरीक्षण करते हुए फूड हैंडलिंग में स्वच्छता का विशेष ध्यान, बांसी व अखबारी कागज में परोसे गए खाद्य पर रोक, पानी की गुणवत्ता, वेज-नॉनवेज की अलग-अलग व्यवस्था की जांच, खाद्य सुरक्षा अधिनियम के उल्लंघन पर आवश्यक कार्यवाही की जाएगी। खाद्य अधिकारियों द्वारा खाद्य कारोबारियों को खाद्य सुरक्षा मानकों के पालन हेतु जागरूक किया जाएगा एवं कोई भी उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

विभाग का उद्देश्य वर्षा ऋतु में जनसामान्य को सुरक्षित, स्वच्छ एवं ताजे खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराना है। इसके लिए स्ट्रीट फूड वेंडर्स, होटल, रेस्टोरेंट, एवं खाद्य सेवा प्रदायकों को साफ-सफाई और खाद्य सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। जनजागरूकता के उद्देश्य से नुक्कड़ नाटक, पंपलेट, पोस्टर व मीडिया के माध्यम से प्रचार-प्रसार किया जाएगा।

महासमुंद/प्रयोगशाला परिचारक भर्ती परीक्षा 03 अगस्त को 14 परीक्षा केन्द्रों में 4339 परीक्षार्थी होंगे शामिल परीक्षा केन्द्र में सुबह 9 बजे तक पहुंचना अनिवार्य, मूल फोटो आईडी साथ लाना जरूरी

महासमुंद/प्रयोगशाला परिचारक भर्ती परीक्षा 03 अगस्त को 14 परीक्षा केन्द्रों में 4339 परीक्षार्थी होंगे शामिल परीक्षा केन्द्र में सुबह 9 बजे तक पहुंचना अनिवार्य, मूल फोटो आईडी साथ लाना जरूरी

महासमुंद / छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल रायपुर द्वारा उच्च शिक्षा संचालनालय के अंतर्गत प्रयोगशाला परिचारक के पदों पर भर्ती के लिए लिखित परीक्षा का आयोजन रविवार 03 अगस्त 2025 को प्रातः 11ः00 बजे से दोपहर 01ः15 बजे तक किया जाएगा। जिले में 14 परीक्षा केन्द्र निर्धारित की गई है, जिसमें 4339 परीक्षार्थी सम्मिलित होंगे। व्यापम द्वारा परीक्षार्थियों के लिए प्रवेश पत्र व्यापम की वेबसाइट पर जारी कर दिए गए हैं, जिसे अभ्यर्थी स्वयं डाउनलोड कर सकते हैं।

व्यापम द्वारा परीक्षा हेतु जारी दिशा-निर्देशानुसार परीक्षार्थियों को परीक्षा प्रारंभ होने से दो घंटे पूर्व, अर्थात् सुबह 9ः00 बजे तक परीक्षा केन्द्र में अनिवार्यतः उपस्थित होना होगा। सुबह 10ः30 बजे के बाद किसी भी परीक्षार्थी को परीक्षा केन्द्र में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। परीक्षार्थियों को सलाह दी गई है कि वे परीक्षा दिवस के एक दिन पूर्व ही अपने परीक्षा केन्द्र की भौगोलिक स्थिति की जानकारी ले लें, जिससे समय पर पहुंचने में कोई असुविधा न हो। परीक्षा केन्द्र में प्रवेश के लिए अनिवार्य दस्तावेजो में फोटोयुक्त मूल पहचान पत्र जैसे आधार कार्ड, मतदाता परिचय पत्र, ड्राइविंग लाइसेंस, पासपोर्ट, पेन कार्ड, विद्यालय/कॉलेज का फोटोयुक्त परिचय पत्र या फोटोयुक्त अंकसूची (मूल प्रति) लाना अनिवार्य है। साथ ही परीक्षार्थियों को हल्के रंग के, आधी बांह वाले कपड़े पहनकर आना है। जूते वर्जित, केवल चप्पल या सैंडल पहनकर आना होगा। कान में किसी भी प्रकार के आभूषण वर्जित हैं। परीक्षा के पहले आधे घंटे और अंतिम आधे घंटे में परीक्षा केन्द्र से बाहर जाना पूर्णतः वर्जित रहेगा। किसी भी प्रकार की जानकारी या समस्या होने पर परीक्षार्थी व्यापम के हेल्पलाइन नंबर 0771-2972780 एवं मोबाइल नंबर 82698-01982 पर प्रातः 10ः00 बजे से सायं 5ः30 बजे तक संपर्क कर सकते हैं।

महासमुंद/नेशनल हाईवे में रात में गस्त बढ़ाने के निर्देश सड़क में घूमते पाए जाने पर पशु मालिकों के विरूद्ध लगाया जाएगा पेनाल्टी

 

 

हाईकोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में जिला प्रशासन हुआ महासमुंद/नेशनल हाईवे में रात में गस्त बढ़ाने के निर्देश सड़क में घूमते पाए जाने पर पशु मालिकों के विरूद्ध लगाया जाएगा पेनाल्टी

महासमुंद / छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में जिले में सड़क पर घूम रहे एवं बैठे आवारा पशुओं की समस्या के समाधान हेतु प्रभावी कार्ययोजना बनाकर तत्काल अमल करने के लिए आज कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह एवं पुलिस अधीक्षक श्री आशुतोष सिंह द्वारा संयुक्त बैठक ली गई।

बैठक में अपर कलेक्टर श्री रवि कुमार साहू, सभी जनपद सीईओ, नगरीय निकायों के मुख्य नगर पालिका अधिकारी, पशुपालन, पुलिस, राष्ट्रीय राजमार्ग के अधिकारी सहित ग्राम पंचायतों के सचिव उपस्थित रहे। कलेक्टर श्री लंगेह ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि सार्वजनिक सड़कों, बाजारों और अन्य प्रमुख स्थानों पर घूमते व बैठते आवारा मवेशी न केवल यातायात में बाधा बनते हैं बल्कि दुर्घटनाओं का कारण भी बनते हैं, अतः उनके प्रबंधन के लिए समन्वित कार्रवाई की जाए।

उन्होंने सभी नगरीय निकायों को निर्देशित किया कि वे चिन्हांकित स्थलों पर या अस्थायी आश्रय स्थल स्थापित करें तथा मवेशियों को पकड़कर वहां सुरक्षित रखा जाए। राष्ट्रीय राजमार्ग के समीप गोठानों का उपयोग मवेशी रखने के लिए किया जाए। उन्होंने कहा कि काउ केचर का उपयोग करते हुए आवारा पशुओं को गोठानों तक छोड़े। उन्होंने पशुपालन विभाग को पशुओं के कान में लगे टेग के माध्यम से ऑनलाइन करने के निर्देश भी दिए हैं। ताकि यह पता चल सके कि पशु के मालिक कौन है।

बैठक में पुलिस अधीक्षक श्री आशुतोष सिंह ने कहा कि पुलिस विभाग एवं राष्ट्रीय राजमार्ग को निर्देशित किया गया कि संबंधित क्षेत्रों में गश्त बढ़ाई जाए और ट्रैफिक बाधित करने वाले मामलों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। पेट्रोलिंग जिले की शुरूआत से लेकर सरायपाली के अंतिम छोर तक संयुक्त रूप से करें। यह कार्य देर रात तक जारी रखें। इस दौरान संबंधित अधिकारियों को यह भी कहा गया कि वे पशुपालकों को जागरूक करें कि वे अपने मवेशियों को खुले में न छोड़ें। निर्धारित समयावधि में कार्यों की प्रगति की समीक्षा की जाएगी। जिला प्रशासन द्वारा यह भी स्पष्ट किया गया कि यदि पशुपालक नियमों का उल्लंघन करते पाए जाते हैं तो उनके विरुद्ध जुर्माना लगाया जाएगा।

सार्वजनिक स्थानों पर कचरा प्रबंधन सुधारा जाए ताकि पशु आकर्षित न हों। उन्होंने संबंधित अधिकारियों की प्रतिदिन प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे जनप्रतिनिधियों एवं पशुपालकों के साथ समन्वय स्थापित कर दीर्घकालिक समाधान की दिशा में कार्य करें। कलेक्टर ने नागरिकों से भी आग्रह किया कि वे अपने पशुओं को खुला न छोड़ें तथा प्रशासन का सहयोग करें, ताकि जिले को सुगम एवं एवं सुव्यवस्थित यातायात सुलभ हो सके।

छत्तीसगढ़: मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने आकांक्षा हाट का किया उद्घाटन सम्पूर्णता अभियान से जुड़े लोगों का किया सम्मान 

छत्तीसगढ़: मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने आकांक्षा हाट का किया उद्घाटन सम्पूर्णता अभियान से जुड़े लोगों का किया सम्मान

छत्तीसगढ़ महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े की अध्यक्षता में शबरी ऑडिटोरियम, सुकमा में संपूर्णता अभियान सम्मान समारोह और आकांक्षा हाट का भव्य शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर मंत्री राजवाड़े ने जिले की विकास यात्रा की सराहना करते हुए कहा कि ,सुकमा अब विकास के पथ पर मजबूती से आगे बढ़ रहा है, और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में नक्सलमुक्त बस्तर का सपना जल्द साकार होगा। उन्होंने इस प्रगतिशील पहल के लिए मुख्यमंत्री के प्रति आभार भी जताया।

मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने अपने संबोधन में कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की आकांक्षी जिला योजना का उद्देश्य है कि अंतिम पंक्ति तक शासन की योजनाएं पहुंचे और जनता को उनका पूरा लाभ मिले। उन्होंने कहा कि सुकमा जैसे पिछड़े जिलों में योजनाओं का सफल क्रियान्वयन यह साबित करता है कि राजनीतिक इच्छाशक्ति और प्रशासनिक समर्पण से कोई भी क्षेत्र पीछे नहीं रह सकता। आज सुकमा भयमुक्त वातावरण में विकास के नए प्रतिमान गढ़ रहा है।

संपूर्णता अभियान: जमीनी कार्यकर्ताओं को मिला सम्मान

संपूर्णता अभियान के अंतर्गत प्रमुख प्रदर्शन संकेतकों में 100 प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करने के लिए जिले को राज्यस्तर पर सराहना मिली है। इस उपलब्धि में एएनएम, आशा कार्यकर्ता, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, शिक्षक, कृषि सहायकों और अन्य जमीनी स्तर के कर्मियों की अहम भूमिका रही, जिन्हें इस अवसर पर सम्मानित किया गया। मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने इन सभी को बधाई देते हुए कहा कि इनके प्रयासों के बिना सुकमा की यह उपलब्धि संभव नहीं होती।

आकांक्षा हाट से उभरेगा स्थानीय हुनर और संस्कृति

संपूर्णता अभियान के साथ ही वोकल फॉर लोकल की भावना को साकार करता “आकांक्षा हाट” कार्यक्रम भी प्रारंभ किया गया। यह दो दिवसीय आयोजन स्थानीय कारीगरों, किसानों, स्वयं सहायता समूहों और उद्यमियों के लिए अपने उत्पादों को प्रदर्शित करने और बेचने का मंच है। पारंपरिक हस्तशिल्प, हथकरघा वस्त्र, जैविक कृषि उत्पाद और स्थानीय कलाकृतियों की प्रदर्शनी इस हाट का प्रमुख आकर्षण हैं।

कार्यक्रम में पारंपरिक कला-शिल्प के जीवंत प्रदर्शन, सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ और कौशल विकास कार्यशालाएं आयोजित की जा रही हैं, जो स्थानीय उद्यमिता को मजबूती देने के साथ-साथ सांस्कृतिक अस्मिता को भी सहेजने का कार्य करेंगी। कार्यक्रम में राज्य महिला आयोग की सदस्य सुश्री दीपिका सोरी, जिले के जनप्रतिनिधि, अधिकारीगण, और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।

 

छत्तीसगढ़: महतारी वंदन योजना की 18वीं किश्त के रूप में 647.35 करोड़ रुपये हितग्राहियों के खातों में अंतरित

छत्तीसगढ़: महतारी वंदन योजना की 18वीं किश्त के रूप में 647.35 करोड़ रुपये हितग्राहियों के खातों में अंतरित

छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा महतारी वंदन योजना के अंतर्गत आज एक तारीख को माह अगस्त 2025 की अगस्त माह के पहले दिन 18वीं किश्त की राशि का भुगतान जारी कर दी गई है। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा प्रदेश की 69.19 लाख से अधिक महिलाओं को कुल 647.35  करोड़ रुपये से अधिक की सहायता राशि उनके बैंक खाते में अंतरित की गई है।

गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत करने के लिए इस योजना की शुरुआत मार्च 2024 में की गई थी। अब तक लगातार 18 माहों में 11728 करोड़ रुपये की राशि प्रदेश की महिलाओं को प्रदाय की जा चुकी है। योजना के अंतर्गत 21 से 60 वर्ष आयु वर्ग की विवाहित, विधवा, तलाकशुदा एवं परित्यक्ता महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रूपए की सहायता राशि प्रदान की जाती है।

योजना से होने वाले भुगतान एवं अन्य जानकारी से अवगत होने के लिए महतारी वंदन योजना के पोर्टल अथवा महतारी वंदन योजना का मोबाईल ऐप भी है जिसे हितग्राही प्लेस्टोर से डाउनलोड कर अपनी जानकारी देख सकते हैं। यदि कोई आवेदिका इस सहायता राशि का लाभ नहीं लेना चाहती है, अर्थात् लाभ त्याग करना चाहती है तो वे पोर्टल में लाभ त्याग के ऑप्शन में जाकर लाभ त्याग कर सकती है।

महतारी वंदन योजनांतर्गत सहायता राशि डीबीटी के माध्यम से दी जा रही है। जिन हितग्राहियों का खाता डीबीटी इनेबल नहीं है वे तत्काल बैंक जाकर आधार लिंक करवायें क्योंकि उनको भुगतान किये जाने पर राशि वापस हो जा रही है तथा इस हेतु उन्हें एसएमएस के माध्यम से सूचित भी किया गया है। यदि किसी हितग्राही को किसी प्रकार की शिकायत हो तो इस पोर्टल में शिकायत करें ऑप्शन में जाकर अपनी समस्या ऑनलाईन दर्ज कर सकती है।

आधार कार्ड अपडेट कराने की अपील

महिला एवं बाल विकास विभाग ने हितग्राही महिलाओं  से अपील की है कि वह अपना आधार कार्ड अपडेट कराएं, ताकि राशि के भुगतान में किसी भी प्रकार की दिक्कत न हो। ज्ञात हो कि आधार कार्ड को हर 10 वर्षों में अपडेट करना अनिवार्य है। कई हितग्राहियों का भुगतान आधार इनएक्टिव होने के कारण निरस्त हो गया है। ऐसे हितग्राहियों को आधार केंद्र में जाकर पहचान एवं निवास प्रमाण-पत्र के साथ आधार अपडेट कराना आवश्यक है, ताकि आगामी किश्त का भुगतान सुनिश्चित हो सके।

 

महासमुंद उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधिपति द्वारा वर्चुअल रूप से किया गया एडीआर भवन महासमुंद का लोकार्पण  

महासमुंद उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधिपति द्वारा वर्चुअल रूप से किया गया एडीआर भवन महासमुंद का लोकार्पण

 

कुटुम्ब न्यायालय महासमुंद, सरायपाली एवं बसना तालुका न्यायालय के नवीन भवनो का किया गया भूमिपूजन

महासमुंद /आज जिला एवं सत्र न्यायालय महासमुंद के सभाकक्ष में आयोजित कार्यक्रम में जिला न्यायालय परिसर पर नवनिर्मित वैकल्पित विवाद समाधान केन्द्र (एडीआर) भवन का लोकार्पण, कुटुम्ब न्यायालय भवन तथा तहसील सरायपाली और बसना में न्यायालय भवन का भूमिपूजन वर्चुअल माध्यम से उच्च न्यायालय के न्यायाधिपतियों द्वारा किया गया। उद्वघाटन एवं शिलान्यास कार्यक्रम में वर्चुअल रूप से मुख्य अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधिपति माननीय न्यायमूर्ति श्री रमेश सिन्हा की गरिमामयी उपस्थिति में किया गया। इसके अलावा छ.ग. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर के कार्यकारिणी अध्यक्ष न्यायाधिपति माननीय श्री संजय के अग्रवाल तथा उच्च न्यायालय बिलासपुर के माननीय न्यायाधिपति व महासमुंद के पोर्टफोलियो न्यायाधीश श्री दीपक कुमार तिवारी विशेष रूप उपस्थित रहे।

इस प्रकार उद्घाटन कार्यक्रम के अवसर पर माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्रीमती अनिता डहरिया, कुटुम्ब न्यायालय के न्यायाधीश प्रफुल्ल सोनवानी, महासमुंद कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह, प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश संघपुष्पा भतपहरी, द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश श्रीमती मोनिका जायवाल, उप-पुलिस अधीक्षक प्रतिभा पाण्डेय, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट महासमुंद श्री आनंद बोरकर, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण महासमुंद कि सचिव श्रीमती आफरीन बानो, जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष श्री अनिल शर्मा, वनमंडलाधिकारी मंयक पाण्डेय सहित अन्य न्यायाधीशगण और विभिन्न विभागों के अधिकारी, लीगल एड डिफेस कौसिल के अधिवक्ता, अधिवक्ता संघ के पदाधिकारीगण, न्यायालयीन कर्मचारीगण उपस्थित थे।

 

छत्तीसगढ़ : आंगनबाड़ी पुनर्वास केंद्र के बच्चों और महिलाओं के हित में दिए अहम निर्देश: श्रीमती राजवाड़े

छत्तीसगढ़ : आंगनबाड़ी पुनर्वास केंद्र के बच्चों और महिलाओं के हित में दिए अहम निर्देश: श्रीमती राजवाड़े

महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने शुक्रवार को अपने एकदिवसीय सुकमा प्रवास के दौरान जिले में संचालित कई महत्त्वपूर्ण संस्थाओं का दौरा कर विभागीय योजनाओं की जमीनी हकीकत का जायजा लिया। मंत्री ने आंगनबाड़ी केंद्रों, दिव्यांगजनों के लिए संचालित आकार संस्था, सखी वन स्टॉप सेंटर और नक्सल पुनर्वास केंद्र का निरीक्षण कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

बच्चों के साथ फर्श पर बैठीं मंत्री, ली शिक्षा और पोषण की जानकारी

मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने आंगनबाड़ी केंद्र गोलागुड़ा और बाजारपारा पहुंचकर बच्चों से संवाद की। उन्होंने बच्चों की पढ़ाई, पोषण और स्वास्थ्य संबंधी जानकारी लेते हुए शिक्षा की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। बच्चों ने उन्हें कविता, एबीसीडी और पहाड़ा सुनाकर स्वागत किया। मंत्री श्रीमती राजवाड़े बच्चों के बीच फर्श पर बैठीं और आत्मीयता के साथ बच्चों से संवाद करते हुए उन्हें फल व चॉकलेट वितरित किए।

आकार संस्था में दिव्यांग बच्चों से आत्मीय मुलाकात, संसाधनों की सराहना

कुम्हाररास स्थित आकार संस्था के भ्रमण के दौरान मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने संवेदी कक्ष सहित सभी शिक्षण गतिविधियों का अवलोकन किया। उन्होंने दिव्यांग बच्चों की प्रस्तुति की सराहना करते हुए कहा कि यह संस्था उनके समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। बच्चों से मिलकर उनकी ज़रूरतें समझीं और समाज कल्याण विभाग के अधिकारी को निर्देश दिए कि जिन बच्चों को कृत्रिम अंग की आवश्यकता है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराएं।

नक्सल पुनर्वास केंद्र में पूर्व माओवादियों से संवाद, प्रमाण पत्र वितरित

प्रवास के दौरान मंत्री श्रीमती राजवाड़े नक्सल पुनर्वास केंद्र पहुंचीं, जहां उन्होंने आत्मसमर्पित माओवादियों से संवाद कर पुनर्वास व्यवस्था की जानकारी ली। उन्होंने केंद्र में दी जा रही प्रशिक्षण गतिविधियों की सराहना करते हुए मेशन ट्रेड में प्रशिक्षण पूर्ण कर चुके 25 प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए। उन्होंने ने पुनर्वासित युवाओं को समाज की मुख्यधारा से जुड़कर सम्मानजनक जीवन जीने की प्रेरणा दी।

सखी सेंटर में महिला सुरक्षा सेवाओं की समीक्षा

मंत्री राजवाड़े ने सखी वन स्टॉप सेंटर का भी निरीक्षण किया और वहां उपलब्ध कानूनी, चिकित्सकीय और परामर्श सेवाओं की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि महिलाओं से जुड़े प्रकरण अत्यंत संवेदनशील होते हैं, इसलिए उनकी काउंसलिंग पूरी संवेदनशीलता और सतर्कता से की जाए। आपसी समझ से मामलों को सुलझाने की दिशा में कार्य करने की सलाह दी।

कुपोषण के विरुद्ध सख्त रुख, योजनाओं के क्रियान्वयन पर जोर

मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने विभागीय समीक्षा के दौरान स्पष्ट किया कि महिला और बाल विकास विभाग की सभी योजनाएं ज़मीनी स्तर तक पहुंचे, यह सुनिश्चित किया जाए। पर्यवेक्षकों को फील्ड में सक्रिय रहते हुए कुपोषण को नियंत्रित करने और जागरूकता फैलाने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी बच्चा शिक्षा और पोषण से वंचित न रहें।

इस अवसर पर कलेक्टर श्री देवेश कुमार ध्रुव ने जिले में संचालित योजनाओं और संस्थाओं के समन्वित संचालन की जानकारी दी। राज्य महिला आयोग की सदस्य सुश्री दीपिका शोरी, वरिष्ठ जनप्रतिनिधि, विभागीय संचालक श्री पी.एल. एल्मा, अपर कलेक्टर, जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

 

छत्तीसगढ़ : केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह से मिले मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

छत्तीसगढ़ : केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह से मिले मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

छत्तीसगढ़ में नक्सल उन्मूलन अभियानों व उपलब्धियों की दी जानकारी

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज संसद भवन में केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह से सौजन्य भेंट की। इस दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ के समग्र विकास, माओवादी चुनौती से निपटने की रणनीति सहित विभिन्न विषयों पर केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह से चर्चा की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने केंद्रीय गृह मंत्री को माओवादी विरोधी अभियानों की उपलब्धि एवं भविष्य की कार्ययोजना से भी अवगत कराया। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में माओवादी गतिविधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियानों में पिछले डेढ़ वर्षों में उल्लेखनीय सफलता मिली है। दिसंबर 2023 से अब तक 33 बड़ी मुठभेड़ों में शीर्ष माओवादी नेताओं सहित 445 माओवादी न्यूट्रलाइज़ किए गए हैं। वहीं, 1554 माओवादी गिरफ्तार किए गए हैं, एवं 1588 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है।

उन्होंने कहा राज्य सरकार की “समन्वित विकास और सुरक्षा” नीति के तहत माओवादी प्रभाव को पूरी तरह समाप्त करने का लक्ष्य रखा गया है। इस दिशा में सड़क, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है। इन प्रयासों से न केवल माओवादी प्रभाव कम हुआ है, बल्कि स्थानीय समुदायों में प्रशासन के प्रति भरोसा भी बढ़ा है।

केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने छत्तीसगढ़ सरकार की माओवाद उन्मूलन हेतु किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने माओवादी उन्मूलन के लिए राज्य सरकार के प्रयासों को ऐतिहासिक बताया और केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव सहयोग का वादा किया।

बैठक में छत्तीसगढ़ के गठन के 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित होने वाले अमृत रजत महोत्सव 2025 की तैयारियों पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि इस आयोजन को भव्य और यादगार बनाने के लिए विशेष तैयारियां की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि इस महोत्सव के माध्यम से राज्य की सांस्कृतिक विरासत, सामाजिक एकता, और आर्थिक उपलब्धियों को दुनिया के सामने प्रदर्शित किया जाएगा।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने बस्तर के विकास और सुरक्षा में सहयोग और मार्गदर्शन पर श्री शाह को धन्यवाद भी ज्ञापित किया।