CG News: बारिश-बाढ़ से बदहाल बस्तर की शिक्षा व्यवस्था, गले तक पानी से गुजरकर स्कूल पहुंच रहीं शिक्षिकाएं

CG News: बारिश-बाढ़ से बदहाल बस्तर की शिक्षा व्यवस्था, गले तक पानी से गुजरकर स्कूल पहुंच रहीं शिक्षिकाएं

जगदलपुर: स्कूल पहुंचने के लिए रस्सियों और लकड़ियों का सहारा। नदी-नाले में गले तक पानी से गुजरती शिक्षिकाएं और छात्राएं…। ये दृश्य नारायणपुर का है। बस्तर संभाग में हाल ही में हुई भारी बारिश और बाढ़ ने शिक्षा व्यवस्था पर गहरा असर डाला है। स्कूल पहुंचने के लिए छात्रों, शिक्षक-शिक्षिकाओं को जान जोखिम में डालना पड़ रहा है।

एक आकलन के अनुसार बस्तर संभाग के नारायणपुर, बीजापुर, दंतेवाड़ा, सुकमा और बस्तर जिले के 300 से अधिक स्कूल प्रभावित हुए हैं। शिक्षा अधिकारियों ने बताया कि कई जगहों पर पुल और सड़कें क्षतिग्रस्त होने के कारण स्कूल पहुंचना मुश्किल हो गया है। नारायणपुर के ओरछा ब्लॉक (अबूझमाड़) में कुछ जगहों पर स्कूल पहुंचने के लिए नदी-नाला पार करना पड़ रहा हैं।

बस्तानार ब्लॉक में पालानार-कुम्हारसोडरा मार्ग में शिक्षिकाएं क्षतिग्रस्त पुल पर सीढ़ी लगाकर जान जोखिम में डालकर स्कूल पहुंच रही हैं। बीजापुर में 100 से अधिक स्कूलों में शिक्षक नहीं पहुंच पा रहे हैं और जो स्कूल झोपड़ियों में चल रहे थे वे पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए हैं। नदी-नाले, पहाड़ और सघन वन तथा पहुंच विहीन अंदरूनी क्षेत्रों में पहले से ही आने-जाने में परेशानी थी, बारिश और बाढ़ ने स्थिति को और मुश्किल बना दिया है।

सड़कें बह गई हैं, कई पुल-पुलिया टूटे हैं। इसके कारण स्कूल तक पहुंचने की कठिनाई है। बस्तर के जिला शिक्षा अधिकारी बलीराम बघेल का कहना है कि लोहंडीगुड़ा, दरभा और बास्तानार विकासखंड में स्कूल प्रभावित हुए हैं। स्थानीय प्रशासन और ग्रामीण मिलकर स्कूलों को दोबारा शुरू करने का प्रयास कर रहे हैं ताकि बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो।

लकड़ी और रस्सी के सहारे नदी-नाला पार कर रहे स्कूली बच्चे

दंतेवाड़ा जिले में बारसूर के निकट मांडर नाला का पुल टूटने से मिडिल स्कूल रेकागांव और कोरकोटी के बच्चे लकड़ी के सहारे नाला पार कर आने-जाने को मजबूर हैं। ओरछा से 30 किलोमीटर दूर मिडिल स्कूल जाटलूर के शिक्षक-शि़क्षिका ओरछा में निवास करते हैं। यहां से स्कूल जाने कुछ दूरी दोपहिया वाहन फिर पैदल तय करते हैं। गांव के समीप बहने वाली कुड़मेल नदी को पार करने गले तक पानी में डूबकर रस्सी के सहारा लेना पड़ रहा है।

जोखिम लेने वाली शिक्षिका नूतन एक्का और विनीता मिंज ने बताया कि बाढ़ अधिक है, लेकिन स्कूल तो जाना ही है। बाढ़ अधिक होने पर जाटलूर में ही आंगनबाड़ी बालक आश्रम में रुक जाते हैं। ओरछा के खंड स्त्रोत समन्वयक लक्ष्मीकांत सिंह ने बताया बेड़मा, हांदावाड़ा, लंका, जाटलूर, कुर्सीनवार, हितामपारा आदि दो दर्जन क्षेत्रों का सड़क संपर्क कट गया है।

मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री नंदनवार ने किया विभिन्न विकास कार्यों का निरीक्षण

मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री नंदनवार ने किया विभिन्न विकास कार्यों का निरीक्षण

 

महासमुंद/ प्रभारी कलेक्टर एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री हेमंत नंदनवार ने आज महासमुंद विकासखंड के ग्राम पटेवा, सिनोधा, बावनकेरा, टूरीडीह एवं झलप पहुंचे। उन्होंने यहाँ आवास योजना एवं मनरेगा अंतर्गत संचालित कार्यों का स्थल निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों को कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने तथा समयसीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए।

श्री नंदनवार ने ग्रामों में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत कार्यरत स्व-सहायता समूहों से भी चर्चा की और उनके आर्थिक सशक्तिकरण तथा आजीविका संवर्धन की गतिविधियों की जानकारी ली। उन्होंने महिलाओं को बेहतर विपणन सुविधा उपलब्ध कराने और उत्पादों की गुणवत्ता सुधार हेतु प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

इसके साथ ही उन्होंने ग्राम के शासकीय विद्यालयों का भी निरीक्षण किया और शिक्षण व्यवस्था, बच्चों की उपस्थिति, मध्याह्न भोजन तथा आधारभूत सुविधाओं का अवलोकन किया। उन्होंने शिक्षकों को बच्चों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।

प्रभारी कलेक्टर ने दलदली रोड महासमुंद स्थित घरोंदा का निरीक्षण किया साथ ही उन्होंने वृद्धाश्रम का भी निरीक्षण किया तथा यहां निवासरत वृद्धजनों से भेंटकर उनकी समस्याएँ जानीं। उन्होंने वृद्धजनों के लिए भोजन, चिकित्सा, स्वच्छता एवं आवासीय सुविधा बेहतर बनाने के निर्देश अधिकारियों को दिए।

श्री नंदनवार ने कहा कि शासन की विभिन्न योजनाओं का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को मूलभूत सुविधाएँ उपलब्ध कराना है। इसलिए सभी विभागीय अधिकारी एवं मैदानी अमला योजनाओं को प्राथमिकता और पारदर्शिता से क्रियान्वित करें।

मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान की समीक्षा शाला त्यागी बच्चों का सर्वे कर निरंतर पालक से सम्पर्क बनाए रखें व उन्हें शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़े – श्री नंदनवार

मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान की समीक्षा शाला त्यागी बच्चों का सर्वे कर निरंतर पालक से सम्पर्क बनाए रखें व उन्हें शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़े – श्री नंदनवार

 

महासमुंद/ मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान के सुव्यवस्थित क्रियान्वयन हेतु आज जिला परियोजना कार्यालय समग्र शिक्षा, महासमुंद में जिले के पाँचों विकासखंडों के विषय विशेषज्ञ एवं पीएलसी सदस्यों की आवश्यक बैठक आयोजित की गई। बैठक में विकासखंड शिक्षा अधिकारी, बीआरसीसी एवं सक्रिय पीएलसी सदस्य उपस्थित रहे।

अवसर पर प्रभारी कलेक्टर एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री हेमंत रमेश नंदनवार ने कहा कि शिक्षा गुणवत्ता के लिए पालकों की जागरूकता सबसे महत्वपूर्ण है। यदि पालक जागरूक होंगे तो बच्चे नियमित रूप से विद्यालय आएंगे तथा विद्यालयीन गतिविधियों की परख घर पर भी करेंगे।

शाला त्यागी बच्चों के लिए सर्वे कर निरंतर पालक सम्पर्क बनाए रखने और उन्हें शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता में किसी प्रकार का समझौता नहीं होगा। विद्यालय का वातावरण आकर्षक एवं गतिविधि आधारित बने जिससे बच्चों में सीखने की लालसा जागृत हो। जिले के पाँचवी एवं आठवीं के बच्चों के लिए विद्यालय समयावधि में ही नवोदय एवं प्रयास पद्धति पर आधारित तर्कशक्ति, ट्रिक मैथेमेटिक्स तथा भाषाई शिक्षा को सुदृढ़ किया जाएगा।

जिला शिक्षा अधिकारी ने कहा कि जिले में जानकारी के आदान-प्रदान में समयबद्धता सुनिश्चित हो। प्रत्येक स्तर पर निरीक्षण सुदृढ़ किया जाए तथा रजत जयंती वर्ष की प्रत्येक गतिविधि का पालन विद्यालयों में अनिवार्य रूप से हो। जाति प्रमाणपत्र हेतु विशेष अभियान तथा अटल मॉनिटरिंग पोर्टल में पीएम श्री स्कूल, छात्रवृत्ति एवं आरटीई संबंधी जानकारी का सत्यापन करने के निर्देश दिए।

जिला मिशन समन्वयक श्री रेखराज शर्मा ने कहा कि राज्य द्वारा प्रदत्त पाठ्यक्रम को विद्यालयों में समयबद्ध लागू किया जाए। इकाई एवं तिमाही मूल्यांकन व्यवस्थित रूप से हो तथा सभी स्तरों के लिए परीक्षा प्रश्नपत्र ब्लूप्रिंट के आधार पर तैयार किए जाएँ।

अवसर पर जिले भर से आए पीएलसी सदस्यों ने अपनी अपनी बातें प्रोजेक्टर के माध्यम से रखें जिसमें शिक्षा के क्षेत्र में आने वाली चुनौतियों और उसके क्या समाधान हो सकते हैं को विस्तार से बताया गया त्रैमासिक परीक्षा हेतु प्रश्न पत्र पर विस्तृत चर्चा जगदीश सिन्हा, एसडीपी पर विस्तृत चर्चा ओम नारायण शर्मा, स्कूल सहजता से विद्यालय मैनेजमेंट विजय शर्मा, एनईपी 2020 पे चर्चा रिंकल बग्गा, एफएलएन पर प्रेजेंटेशन अमित उईके ने बेहतर ढंग से दिया। कार्यक्रम का संचालन एपीसी श्रीमती संपा बोस द्वारा किया गया।

आदि कर्मयोगी अभियान के तहत तीन दिवसीय प्रशिक्षण सम्पन्न जिले में 308 ग्रामों में क्रियान्वित किया जाएगा आदि कर्मयोगी अभियान

आदि कर्मयोगी अभियान के तहत तीन दिवसीय प्रशिक्षण सम्पन्न जिले में 308 ग्रामों में क्रियान्वित किया जाएगा आदि कर्मयोगी अभियान

महासमुंद/ जनजातीय कार्य मंत्रालय भारत सरकार द्वारा जनजातीय बाहुल्य ग्रामों में शासन की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने हेतु “आदि कर्मयोगी” अभियान के अंतर्गत विकासखण्ड स्तरीय मास्टर ट्रेनर्स का तीन दिवसीय प्रशिक्षण जिला पंचायत के सभाकक्ष में सम्पन्न हुआ। प्रशिक्षण में जिले के पांचों विकासखण्ड से 50 मास्टर ट्रेनर्स को प्रशिक्षण दिया गया। इस अवसर पर सभी विकासखण्ड ट्रेनर्स को प्रमाण पत्र प्रदान किया गया।

समापन अवसर पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री हेमंत नंदनवार ने कहा कि इस कार्यक्रम में अब योजनाएं धरातल पर बनेगी और इसका क्रियान्वयन के लिए जनसमुदाय भी आगे आएंगे। उन्होंने बताया धरती आबा जनभागीदारी अभियान के तहत जनजाति गौरव वर्ष के एक भाग के रूप में आदि कर्मयोगी अभियान के लिए रणनीति बनाई गई। जिसमें जनजाति समुदायों को मूलभूत सुविधाओं से जोड़ा गया। उन्होंने बताया कि महासमुंद जिले में इस अभियान की सफल क्रियान्वयन के लिए चरणबद्ध तरीके से कार्ययोजना तैयार की जा रही है। इस अवसर पर अपर कलेक्टर एवं नोडल अधिकारी श्री सचिन भूतड़ा, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास श्रीमती शिल्पा साय सहित राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनर्स, जनजाति समुदाय के प्रतिनिधि, विकासखण्ड स्तरीय मास्टर ट्रेनर्स और स्वयं सेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि मौजूद थे।

प्रशिक्षण के पश्चात दूसरे क्रम में आदि सहयोगी की टीम बनाई जाएगी। जिसमें शिक्षक, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, चिकित्सक, युवा नेता, सामाजिक मुखिया आदि जो ग्राम स्तर पर योजना क्रियान्वयन में सहयोग करेंगे। तीसरे क्रम में आदि साथी, वे हितग्राही जिन्हें योजनाओं का सीधा लाभ दिया जाना है।

उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री जनजातीय न्याय महाअभियान (पीएम जनमन) और धरती आबा जनजातीय उत्कर्ष अभियान संचालित किए जा रहे हैं। जिले में निवासरत विशेष पिछड़ी जनजाति (कमार) के लिए 9 अलग अलग मंत्रालयों के 11 प्रकार के कार्यों से संतृप्ति का कार्य किया जा रहा है।

इस अभियान अंतर्गत महासमुंद विकासखण्ड के 25 ग्रामों, बागबाहरा के 33, पिथौरा के 210, बसना के 24 एवं सरायपाली विकासखण्ड के 16 ग्रामों को शामिल किया गया है। अभियान अंतर्गत जिले के 308 जनजातीय बाहुल्य ग्रामों में 17 मंत्रालयों की 25 योजनाओं का लाभ दिया जाएगा।

महासमुंद/सॉफ्ट टॉय मेकिंग एण्ड सेलिंग एवं कॉस्ट्म ज्वेलरी उघमी प्रशिक्षण के लिए सुनहरा अवसर 10 सितम्बर तक करा सकते है पंजीयन

महासमुंद/सॉफ्ट टॉय मेकिंग एण्ड सेलिंग एवं कॉस्ट्म ज्वेलरी उघमी प्रशिक्षण के लिए सुनहरा अवसर 10 सितम्बर तक करा सकते है पंजीयन

 

महासमुंद/ बड़ौदा ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान महासमुन्द द्वारा जिले के केवल ग्रामीण युवकों एवं युवतियों व स्व सहायता समूह के सदस्यों के लिए सुनहरा अवसर प्रदान किया जा रहा है। जिसमें निःशुल्क एवं आवासीय 14 दिवसीय सॉफ्ट टॉय मेकिंग एण्ड सेलिंग एवं 13 दिवसीय कॉस्ट्म ज्वेलरी उघमी प्रशिक्षण दिया जाएगा।

निदेशक बड़ौदा आरसेटी ने बताया कि सॉफ्ट टॉय मेकिंग में विभिन्न प्रकार के टैडी बीयर, खरगोश, हंस, हाथी के जोड़े, बंदर, कुत्ता, चिड़िया, बैग, खिलौने और कॉस्ट्म ज्वेलरी में कंगन, डिजाइनर रिंग, बैगंल्स, ईयर रिंग विभिन्न प्रकार के आभूषण बनाना सिखाया जाएगा। इच्छुक अभ्यर्थी प्रशिक्षण के लिए 10 सितम्बर 2025 तक पंजीयन करा सकते हैं। पंजीयन के लिए आवश्यक दस्तावेजों में आधार कार्ड एवं बीपीएल राशन कार्ड की 2-2 छायाप्रति, अंकसूची (न्यूनतम 8वीं उत्तीर्ण) की एक छायाप्रति तथा पासपोर्ट साइज की 5 फोटो शामिल है। अभ्यर्थी प्रशिक्षण हेतु पंजीयन के लिए बड़ौदा आरसेटी, बरोण्डाबाजार पहुंचकर या कमलेश पटेल के मोबाइल नम्बर 79997-00673, अक्षय सिंग राजपूत के मोबाइल नम्बर 83194-62874 एवं राजू निर्मलकर के मोबाइल नम्बर 91310-65757 पर सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक सम्पर्क कर सकते हैं।

छत्तीसगढ़ के दो शिक्षकों का राष्ट्रपति पुरस्कार के लिए हुआ चयन, 5 सितंबर को होंगे सम्मानित

छत्तीसगढ़ के दो शिक्षकों का राष्ट्रपति पुरस्कार के लिए हुआ चयन, 5 सितंबर को होंगे सम्मानित

 

छत्तीसगढ़ शिक्षक दिवस पांच सितंबर को प्रदेश से दो शिक्षक राष्ट्रपति और 64 शिक्षक राज्यपाल के हाथों सम्मानित होंगे। राज्य के जिन दो शिक्षकों का चयन राष्ट्रपति पुरस्कार के लिए हुआ है उनमें जवाहर नवोदय विद्यालय सलोरा कोरबा में पदस्थ संतोष कुमार चौरसिया और दुर्ग के माध्यमिक शाला हनोदा की डा. प्रज्ञा सिंह हैं। जो अपनी नवाचारी और प्रभावी शिक्षा कार्य के कारण राष्ट्रपति शिक्षक सम्मान से नवाजे जाएंगे।

यह पुरस्कार पांच सितंबर 2025 को शिक्षक दिवस के मौके पर विज्ञान भवन, नई दिल्ली में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु द्वारा प्रदान किए जाएंगे। प्रत्येक पुरस्कार में प्रशस्ति पत्र, ₹50,000 नकद राशि और रजत पदक शामिल हैं। वहीं उत्कृष्ट शैक्षणिक कार्य और सेवाओं के लिए वर्ष 2024-25 के लिए राज्यपाल शिक्षक सम्मान पुरस्कार के लिए प्रदेश भर से कुल 64 शिक्षकों का चयन किया गया है। जिन्हें शिक्षक दिवस के अवसर पर राज्यपाल द्वारा सम्मानित किया जाएगा।

ये शिक्षक होंगे सम्मानित

स्कूल शिक्षा विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, चयनित शिक्षकों में प्राचार्य, प्राचार्य (एल.बी.), प्रधान पाठक, व्याख्याता, व्याख्याता (एल.बी.), सहायक शिक्षक (एल.बी.) सहित विभिन्न श्रेणियों के शिक्षक शामिल हैं। चयनित शिक्षकों को राज्यपाल द्वारा सम्मान समारोह में सम्मानित किया जाएगा।

पुरस्कार के लिए चयनित शिक्षक

रायपुर जिले से प्रधान पाठक गोपाल राम यादव और सहायक शिक्षक (एल.बी.) कामिनी साहू शामिल हैं।

धमतरी से प्रधान पाठक किरण साहू और सहायक शिक्षक (एल.बी.) प्रीति शांडिल्य।

सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले से प्रधान पाठक प्रियंका गोस्वामी और व्याख्याता (एल.बी.) समय लाल काठे।

राजनांदगांव से प्राचार्य डा. शोभा श्रीवास्तव और प्रधान पाठक मुन्हेलाल लिल्हारे।

दंतेवाड़ा से प्रधान अध्यापक सुमन जार्ज और सहायक शिक्षक (एल.बी.) सुनीता अजीत।

कबीरधाम से व्याख्याता रमेश कुमार चंद्रवंशी और व्याख्याता कामिनी जोशी।

सरगुजा से शिक्षक बंदना महथा और व्याख्याता अनिता मंदिलवार।

नारायणपुर जिले से शिक्षक (एल.बी.) उमेश कुमार सलाम और प्रधान अध्यापक सविता यादव।

जशपुर से प्रधान पाठक सरिता नायक और प्रधान पाठक प्रवीण कुमार पाठक।

कोरिया से व्याख्याता/(प्रभारी प्राचार्य) अमित लाल गुप्ता और जेल शिक्षक विवेक सिद्धकी का चयन शिक्षक सम्मान पुरस्कार के लिए किया गया है।

मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले से व्याख्याता (एल.बी.) राजेश कुमार द्विवेदी और प्रधान पाठक मीना जायसवाल।

खैरागढ़-छुईखदान-गंडई से प्रधान अध्यापक किशोर कुमार शर्मा और सहायक शिक्षक (एल.बी.) राजेश कुमार प्रजापति।

मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी से प्रधान पाठक संध्या साहू और व्याख्याता (एल.बी.) संजय देवांगन।

बलरामपुर-रामानुजगंज जिले से शिक्षक (एल.बी.) चन्द्रमुखी मेहता।

दुर्ग से शिक्षक (एल.बी.) नरोत्तम कुमार साहू और शिक्षक (एल.बी.) खेमलता गोस्वामी।

कोरबा से शिक्षक (एल.बी.) मधुलिका और प्रधान पाठक प्रिया दुबे।

सूरजपुर से प्रधान पाठक रंजय कुमार सिंह और व्याख्याता (एल.बी.) प्रदीप कुमार जायसवाल।

बलौदाबाजार-भाटापारा से शिक्षक (एल.बी.) मोहन लाल वर्मा और व्याख्याता (एल.बी.) जगदीश साहू।

मुंगेली से व्याख्याता (एल.बी.) दुर्गा तिवारी और सहायक शिक्षक (एल.बी.) सुधारानी शर्मा।

कोण्डागांव से प्रभारी प्राचार्य मनोज कुमार डड़सेना और शिक्षक (एल.बी.) शिवचरण साहू।

रायगढ़ से सहायक शिक्षक (एल.बी.) टिकेश्वर प्रसाद पटेल और प्रधान पाठक नंद किशोर सतपथी।

सुकमा जिले से सहायक शिक्षक अंजु बारसे और शिक्षक (एल.बी.) गंगाधर राना।

गरियाबंद से सहायक शिक्षक (एल.बी.) खोमन लाल सिन्हा और शिक्षक (एल.बी.) दिप्ती मिश्रा।

सक्ती से शिक्षक (एल.बी.) संजीव कुमार चंद्रवंशी और सहायक शिक्षक (एल.बी.) नीरा साहू।

बालोद से व्याख्याता (एल.बी.) नरोत्तम कुमार यदु और सहायक शिक्षक (एल.बी.) एनुका सार्वा।

जांजगीर-चांपा जिले से व्याख्याता अमृत लाल साहू और व्याख्याता (एल.बी.) प्रतीक्षा सिंह।

बेमेतरा से शिक्षक (एल.बी.) सुनीता राजपूत और शिक्षक (एल.बी.) केवरा सेन।

महासमुंद से व्याख्याता (एल.बी.) जगदीश सिन्हा और व्याख्याता (एल.बी.) डॉ. ज्योति किरण चंद्राकर।

बिलासपुर से व्याख्याता (एल.बी.) शांति सोनी और प्रधान पाठक शिव कुमार छत्रवाणी।

बस्तर से व्याख्याता सईदा खान और व्याख्याता/प्रधान अध्यापक देवश्री गोयल।

उत्तर बस्तर कांकेर से व्याख्याता कुसुम जैन।

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही से प्राचार्य आरती तिवारी और प्रधान पाठक (एल.बी.) साबरा निशा।

बीजापुर से प्रधान पाठक जगदीश तोरेंम और व्याख्याता (एल.बी.) अरुण कुमार सिंह

तुमगांव : ग्राम भोरिंग बस संचालक से मारपीट व जान से मारने की धमकी, रिपोर्ट दर्ज कराने थाने पहुंचे पीड़ित

तुमगांव : ग्राम भोरिंग बस संचालक से मारपीट व जान से मारने की धमकी, रिपोर्ट दर्ज कराने थाने पहुंचे पीड़ित

 

महासमुंद। थाना तुमगांव क्षेत्र अंतर्गत ग्राम भोरिंग निवासी एवं बस संचालक येतेन्द्र साहू ने गांव गढ़सिवनी निवासी रिंकू ध्रुव एवं उसके तीन साथियों पर गाली-गलौज, मारपीट और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाते हुए थाना प्रभारी को लिखित आवेदन सौंपा है।

आवेदन में बताया गया है कि दिनांक 02 सितंबर 2025 की शाम करीब 3 बजे जब वे एनएच-53 पर यात्री प्रतीक्षालय के पास पहुंचे, तभी आरोपी रिंकू ध्रुव अपने साथियों के साथ वहां पहुंचा और नशे की हालत में उनसे पैसों की मांग करने लगा। पैसे देने से इनकार करने पर आरोपियों ने अश्लील गाली-गलौज करते हुए धारदार चाकू दिखाकर डराने-धमकाने के साथ मारपीट की।

पीड़ित के अनुसार, आरोपियों ने धमकी दी कि जब उसकी बस गढ़सिवनी गांव की तरफ आएगी, तो उसे तोड़फोड़ कर जला देंगे। साहू ने आशंका जताई है कि भविष्य में यदि उनके साथ या उनकी बस को कोई क्षति पहुंचती है तो इसके जिम्मेदार रिंकू ध्रुव एवं उसके साथी होंगे।

प्रकरण में पुलिस ने आवेदन प्राप्त कर जांच प्रारंभ की है। प्रार्थी ने आरोपियों के विरुद्ध धारा 115(2)-BNS, 296-BNS, 3(5)-BNS, 351(3)-BNS के तहत कार्रवाई की मांग की है।

महासमुंद : ग्राम खट्टी से परसदा रोड में लापरवाह बाइक चालक ने मारी ठोकर, युवक घायल

महासमुंद : ग्राम खट्टी से परसदा रोड में लापरवाह बाइक चालक ने मारी ठोकर, युवक घायल

 

महासमुंद। खल्लारी थाना क्षेत्र के ग्राम तमोरा निवासी टकेश्वर साहू (27 वर्ष) 08 अगस्त 2025 को सुबह करीब 9:40 बजे अपने मोटरसाइकिल क्रमांक CG 06 GR 0757 से महासमुंद परीक्षा दिलाने के लिए निकले थे। ग्राम खट्टी से परसदा जाने वाले रोड पर स्थित साहू मुर्गी फार्म के पास सामने से आ रहे एक मोटरसाइकिल चालक टिकेश्वर साहू (निवासी ग्राम परसट्टी) ने तेज गति व लापरवाहीपूर्वक वाहन चलाते हुए टक्कर मार दी।

इस हादसे में टकेश्वर साहू गंभीर रूप से घायल हो गए। उनके नाक, बाएं हाथ सहित शरीर के कई हिस्सों में चोटें आईं। डायल 112 की मदद से उन्हें तत्काल सोहम अस्पताल महासमुंद में भर्ती कराया गया।

पीड़ित के पिता ने बताया कि उपचार के कारण तत्काल रिपोर्ट दर्ज नहीं कर पाए। बाद में 02 सितंबर 2025 को खल्लारी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। पुलिस ने प्रकरण में 184-MOT, 125(a)-BNS एवं 281-BNS के तहत अपराध दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।

छत्तीसगढ़/ ‘पति की जान मत लो, छोड़ दो उसे…’, छत्तीसगढ़ में माओवादियों ने कर दी 2 ग्रामीणों की हत्या

छत्तीसगढ़/ ‘पति की जान मत लो, छोड़ दो उसे…’, छत्तीसगढ़ में माओवादियों ने कर दी 2 ग्रामीणों की हत्या

 

जगदलपुर: “पति की जान मत लो, छोड़ दो उसे…!” यह रुदन सिरसिट्टी गांव की रिंकी का था। सोमवार की रात जब वह बच्चों के साथ सो रही थी, तभी माओवादी उसके घर में घुसे। पति पदाम देवेंद्र के हाथ बंदूकधारी माओवादियों ने बांध दिए और उसे घसीट रहे थे। रिंकी ने पांव पकड़कर रहम की भीख मांगी, मगर महिला माओवादियों ने उसे धक्का देकर डंडों से पीटा। दर्द से कराहती रिंकी की आंखों के सामने ही उसके बच्चों को पिता की हत्या का मंजर देखना पड़ा। कुल्हाड़ी का वार होते ही देवेंद्र खून से लथपथ जमीन पर गिर पड़ा और बच्चों की चीखों से गांव कांप उठा।

घटना सुकमा जिला मुख्यालय से करीब 40 किलोमीटर दूर केरलापाल थाना क्षेत्र के सिरसिट्टी गांव में हुई। ग्रामीणों ने बताया कि रात करीब 10 बजे अचानक 40–50 माओवादी गांव में घुस आए। उन्होंने देवेंद्र और पदाम पोज्जा को घरों से बाहर निकाला। दोनों के हाथ बांध दिए और आरोप लगाया कि वे पुलिस के मुखबिर हैं। थोड़ी ही देर में पोज्जा का गला दबाकर हत्या कर दी गई और देवेंद्र के सिर पर कुल्हाड़ी से वार कर मौत के घाट उतार दिया गया।

माओवादियों की बर्बरता

माओवादियों की बर्बरता यहीं खत्म नहीं हुई। देवेंद्र की बुजुर्ग मां जब बेटे को बचाने दौड़ीं तो उन्हें भी बंदूक के बट से पीटकर लहूलुहान कर दिया। वहीं ग्रामीण माडा को भी बेरहमी से पीटा गया। वारदात के बाद माओवादी पर्चे फेंककर चले गए, जिनमें केरलापाल एरिया कमेटी की ओर से दोनों मृतकों पर पुलिस को सूचना देने का आरोप लिखा था।

इस घटना के बाद गांव में मातम पसरा है। देवेंद्र की पत्नी और मां का रो-रोकर बुरा हाल है। बच्चों की मासूम आंखों में पिता की दर्दनाक मौत का खौफ आजीवन अंकित हो गया है। परिजनों ने आंसुओं सवाल पूछ रहे थे आाखिकार ”हमने क्या बिगाड़ा था? निर्दोष होते हुए भी हमारा घर उजाड़ दिया गया।”

खाट पर शव लेकर थाने पहुंचे ग्रामीण

शवों को गांव से निकालना भी आसान नहीं था। सड़क नहीं होने के कारण ग्रामीणों ने खाट पर शवों को उठाकर आधे रास्ते तक लाया। बीच में दो बड़े नाले आए, जिन्हें पार करने के लिए शवों को तैराकर दूसरी ओर पहुंचाया गया। इसके बाद पिकअप वाहन से उन्हें केरलापाल लाया गया, जहां पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपे गए।

अंदरूनी इलाकों में सुरक्षा बलों के कैंप खुलने और शांति बहाल होने से माओवादी बौखला गए हैं। इसी बौखलाहट में वे निर्दोष ग्रामीणों को निशाना बना रहे हैं। सिरशेट्टी में हुई यह दोहरी हत्या उसी का उदाहरण है।

-किरण चव्हाण, एसपी, सुकमा

अमित शाह ने कर्रेगुट्टालु पहाड़ी पर हुए ‘ऑपरेशन ब्लैक फॉरेस्ट’ में शामिल जवानों को किया सम्मानित

अमित शाह ने कर्रेगुट्टालु पहाड़ी पर हुए ‘ऑपरेशन ब्लैक फॉरेस्ट’ में शामिल जवानों को किया सम्मानित

दिल्ली: केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कर्रेगुट्टालु पहाड़ी पर ‘ऑपरेशन ब्लैक फॉरेस्ट’ को सफलतापूर्वक अंजाम देने वाले CRPF, छत्तीसगढ़ पुलिस, DRG और कोबरा के जवानों से नई दिल्ली में भेंट की और उन्हें सम्मानित किया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा भी उपस्थित रहे।

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कर्रेगुट्टालु पहाड़ी पर चले अब तक के सबसे बड़े नक्सल विरोधी अभियान ‘ऑपरेशन ब्लैक फ़ॉरेस्ट’ में वीर जवानों द्वारा शौर्यपूर्ण प्रदर्शन कर अभियान को सफल बनाने के लिए सभी सुरक्षाबलों के जवानों को हृदय से बधाई दी। उन्होंने कहा कि माओवादियों के विरुद्ध अभियान के इतिहास में ‘ऑपरेशन ब्लैक फॉरेस्ट’ के दौरान जवानों का शौर्य और पराक्रम एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज होगा।

अमित शाह ने कहा कि मोदी सरकार तब तक चैन से नहीं बैठेगी जब तक सभी माओवादी या तो आत्मसमर्पण न कर दें, पकड़े न जाएं या समाप्त न हो जाएं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हम भारत को माओवादमुक्त बनाकर ही रहेंगे।

केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि गर्मी, ऊंचाई और हर कदम पर IED के खतरों के बावजूद सुरक्षाबलों ने बुलंद हौसले के साथ अभियान को सफल बनाकर माओवादियों का बेस कैंप समाप्त किया। उन्होंने कहा कि कर्रेगुट्टालु पहाड़ी पर बने माओवादियों के मैटीरियल डंप और सप्लाई चेन को छत्तीसगढ़ पुलिस, CRPF, DRG और कोबरा के जवानों ने पराक्रम से नष्ट कर दिया।

सबसे कम विकसित क्षेत्रों को बहुत नुकसान पहुंचाया

अमित शाह ने कहा कि माओवादियों ने देश के सबसे कम विकसित क्षेत्रों को बहुत नुकसान पहुंचाया है, स्कूल और अस्पताल बंद कर दिए और सरकारी योजनाओं को स्थानीय लोगों तक नहीं पहुंचने दिया। उन्होंने कहा कि माओवाद विरोधी अभियानों के कारण पशुपतिनाथ से लेकर तिरुपति तक के क्षेत्र में साढ़े 6 करोड़ लोगों के जीवन में नया सूर्योदय हुआ है।

शाह ने कहा कि माओवाद विरोधी अभियानों में गंभीर शारीरिक क्षति उठाने वाले सुरक्षाबलों के जीवन को सुचारू रूप से चलाने के लिए मोदी सरकार हरसंभव प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार का संकल्प है कि हम 31 मार्च, 2026 तक देश को माओवाद से मुक्त कर देंगे।