महासमुंद : प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना : खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों हेतु ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित

महासमुंद : प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना : खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों हेतु ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित

खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में स्वरोजगार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से भारत सरकार द्वारा संचालित ’प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना 2025-26 के अंतर्गत इच्छुक उद्यमियों से ’ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित’ किए जा रहे हैं। इस योजना में राईस मिल, दाल मिल, आटा, बेसन, मैदा निर्माण, मसाला निर्माण, बेकरी प्रोडक्ट्स, दूध एवं दुग्ध उत्पाद, पापड़, बड़ी, नमकीन, अचार, सॉस, जैम, जेली, शहद, गुड़, चॉकलेट, मिठाई एवं कन्फेक्शनरी जैसी सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण इकाइयाँ पात्र हैं।

इस योजना के तहत नवीन इकाई की स्थापना एवं पूर्व स्थापित इकाई के विस्तार/उन्नयन को पात्रता दी जाएगी। इसके लिए आवेदक की न्यूनतम आयु 18 वर्ष होना अनिवार्य है। व्यक्तिगत सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों को परियोजना लागत का अधिकतम 35 प्रतिशत की दर से ’क्रेडिट लिंक्ड पूंजीगत अनुदान अधिकतम 10 लाख तक की पात्रता होगी। लाभार्थी का अंशदान परियोजना लागत का न्यूनतम 10 प्रतिशत अनिवार्य है, शेष राशि बैंक ऋण के माध्यम से आपूर्ति की जाएगी।

इच्छुक आवेदक योजना की अधिक जानकारी एवं ऑनलाइन आवेदन हेतु विभागीय पोर्टल पर अवलोकन कर सकते हैं। योजना से संबंधित सहायता एवं मार्गदर्शन के लिए जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र, बीटीआई रोड, इंदिरा गांधी महिला जिम के सामने, जे.के. सीमेंट के बाजू गली, पंचवटी विहार, महासमुंद या मोबाइल नंबर +91-7587724731, +91-7987379574 तथा  डीआरपी मोबाइल नम्बर +91-9111124220 व +91-7509447771 पर संपर्क किया जा सकता है

रायपुर : कोरबावासियों को मिलेगा कन्वेन्शन सेंटर का लाभ: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

रायपुर : कोरबावासियों को मिलेगा कन्वेन्शन सेंटर का लाभ: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

कन्वेन्शन सेंटर को अब पुण्य श्लोक अहिल्याबाई होल्कर के नाम पर जाना जायेगा

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज कोरबा शहर के रिसदी में नवनिर्मित कन्वेन्शन सेंटर के नामकरण, प्रतिमा अनावरण और 223 करोड़ रुपए के विकास कार्यों के लोकार्पण और भूमिपूजन कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने कन्वेन्शन सेंटर का नाम माता अहिल्याबाई होल्कर के नाम पर करने के साथ ही प्रवेश द्वार पर उनकी प्रतिमा का अनावरण किया। इस दौरान अपने संबोधन में मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज कोरबा जिले को करोड़ो रूपये के विकास कार्यों की सौगात मिली है। इसमे 145 करोड़ रुपए के सड़क से सम्बंधित कार्य शामिल भी है। इससे जिले में आवागमन बेहतर होगा और कोरबावासियों को भी इसका समुचित लाभ मिलेगा। उन्होंने कन्वेन्शन सेंटर को वातानुकूलित बनाने की घोषणा करते हुए कहा कि कन्वेन्शन सेंटर बहुत बड़ा है और इसमे अनेक बड़े कार्यक्रम आयोजित किए जा सकते हैं। कोरबावासियों को इसका लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री ने हाऊसिंग बोर्ड द्वारा निर्मित कन्वेन्शन सेंटर की प्रशंसा भी की।  मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि वे छः माह पहले भी कोरबा आये थे, इस दौरान भी 600 करोड़ से अधिक की राशि के विभिन्न विकास कार्यों की सौगातें दी गई। आज सवा दो सौ करोड़ के विकास कार्यों की सौगात से कोरबा के लोगो को लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज लोकमाता महारानी अहिल्याबाई होल्कर के प्रतिमा का अनावरण भी किया है। वे इंदौर की महारानी थी और निष्पक्ष और न्यायप्रिय थी। उन्होंने देश के महत्वपूर्ण तीर्थस्थलों, धार्मिक स्थलों को संवारा और पहचान दिलाई। मुख्यमंत्री श्री साय ने कोरबा में एल्युमिनियम पार्क की स्थापना की आई मांग पर भी आवश्यक कार्यवाही करने की बात कही।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री श्री अरूण साव ने कहा कि आज का दिन ऐतिहासिक है। कोरबावासियों को विकास कार्यों की सौगात मिलने के साथ ही कन्वेन्शन सेंटर का नामकरण माता अहिल्याबाई होल्कर के नाम पर किया गया। उन्होंने अहिल्याबाई होल्कर की जीवन को रेखांकित करते हुए कहा कि माता अहिल्याबाई ने महिलाओं की शिक्षा के क्षेत्र में कार्य करने, नारी सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के साथ ही देश के तीर्थ स्थानों, धार्मिक स्थलों को संवारने का काम किया। अपने राज्य की जनता के सुख-दुख में सहभागी बनने के साथ ही देश को आगे बढ़ाने का काम किया। उप मुख्यमंत्री श्री साव ने प्रतिमा अनावरण एवं नामकरण होने पर सभी बधाई एवं शुभकामनाएं दी।

उद्योग, वाणिज्य एवं श्रममंत्री श्री लखनलाल देवांगन ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने विगत 16 माह के कार्यकाल में प्रदेश में विकास की गंगा बहाई है। उन्होंने मोदी की गारंटी को पूरा कर गरीबों का कल्याण किया है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कुछ दिन पहले ही कोरबावासियों को 650 करोड़ रूपये से अधिक राशि के विकास कार्यों की सौगात दी थी। बजट में भी उन्होंने कोरबा जिले के विकास के लिए राशि का प्रावधान किया है। इसके साथ ही वे जनता के प्रति संकल्पित होकर राज्य को विकास की दिशा में आगे ले जा रहे हैं। मंत्री श्री देवांगन ने कोरबा जिले में एल्युमिनियम पार्क की स्थापना के लिये मुख्यमंत्री से आवश्यक सहयोग की भी मांग रखी।

कलेक्टर श्री बसंत ने राजमाता अहिल्याबाई होल्कर के शासन, शिक्षा आदि के योगदान को भी रेखांकित किया। इस अवसर पर कटघोरा विधायक श्री प्रेम चंद पटेल, अध्यक्ष गृह निर्माण मंडल श्री अनुराग सिंहदेव, जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन सिंह कंवर, महापौर श्रीमती संजू देवी राजपुत, सभापति श्री नूतन सिंह ठाकुर, पूर्व मंत्री श्री ननकीराम कंवर, सहित जनप्रतिनिधिगण और गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

प्लेन क्रैश में मृत लोगो के प्रति जताई संवेदना मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने गुजरात से लंदन जा रही प्लेन के क्रैश होने की घटना और इसमे मृत लोगो के प्रति श्रदांजलि व्यक्त करते हुए उनके प्रति संवेदना प्रकट की।

 

महासमुंद *कृषि संकल्प यात्रा कार्यक्रम के अंतर्गत ग्राम बम्हनी एवं बेमाचा में कृषि संकल्प अभियान विकसित किया गया

महासमुंद *ग्राम बम्हनी एवं बेमचा में विकसित कृषि संकल्प अभियान के अंतर्गत कृषि संकल्प यात्रा का आयोजन

किसानों को दी गई आधुनिक कृषि तकनीक, जैविक उपायों एवं विभागीय योजनाओं की जानकारी*

विकासखंड महासमुंद के ग्राम बम्हनी एवं बेमचा में “विकसित कृषि संकल्प अभियान” के अंतर्गत कृषि संकल्प यात्रा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर किसानों को कृषि से संबंधित नवीनतम तकनीकों, वैज्ञानिक विधियों तथा विभिन्न विभागीय योजनाओं की जानकारी प्रदान की गई।

ग्राम बम्हनी में आयोजित

कार्यक्रम में उपसंचालक कृषि श्री एफ आर कश्यप, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी श्री मनी राम ऊईके, कृषि विस्तार अधिकारी श्री मनोज पटेल, कृषि विज्ञान केंद्र महासमुंद से डॉ. रवीश केशरी, डॉ. एस. के. प्रधान, डॉ. पी. के. केसरिया, पशुपालन विभाग से श्री एल. आर. साहू, मत्स्य विभाग से श्री रेवती रमण, उद्यानिकी विभाग से श्री मति अलका सोनी एवं श्री मति उषा मरावी, उपस्थित रहे।

इसके अलावा समिति अध्यक्ष श्री नामदेव साहू (बरोंडा बाजार), सरपंच बम्हनी श्रीमती रूपा ध्रुव, सरपंच चिंगरोद श्री छेरकू जी, सहकारी समिति प्रबंधक श्री हेमलाल साहू सहित कई जनप्रतिनिधि एवं किसान बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

कार्यक्रम में किसानों को मशरूम उत्पादन, लाइट ट्रैप एवं फेरोमोन ट्रैप, जैविक कीट नियंत्रण, खेती की वैज्ञानिक विधियाँ, पशुपालन, उद्यानिकी, मत्स्य एवं कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी दी गई। साथ ही कृषि विभाग ने मौके पर ही किसानों की समस्याएं सुनीं और उनके त्वरित निराकरण की दिशा में कदम उठाए।

*ग्राम बेमचा में कृषि संकल्प यात्रा*

ग्राम बेमचा में आयोजित कृषि संकल्प यात्रा में जनपद सदस्य श्रीमती सुधा योगेश्वर चंद्राकर ने किसानों को संबोधित करते हुए हॉर्टिकल्चर फसलों को बढ़ावा देने, एफपीओ के गठन, तथा तकनीकी खेती को प्रोत्साहन देने की बात कही।

कार्यक्रम में सरपंच श्री देवेंद्र चंद्राकर, जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि श्री राहुल चंद्राकर, सहकारी समिति अध्यक्ष श्री रामदयाल यादव, लोहारडीह के उपसरपंच श्री चेनेश कांत डहरिया, समिति प्रबंधक श्री फत्ते लाल निर्मलकर सहित अनेक ग्रामीण जनप्रतिनिधियों ने अपनी भागीदारी दी।

कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को आत्मनिर्भर एवं वैज्ञानिक दृष्टिकोण से कृषि करने के लिए प्रेरित करना रहा, ताकि वे आधुनिक तकनीकों का उपयोग कर खेती को अधिक लाभकारी बना सकें।

विकसित कृषि संकल्प अभियान के माध्यम से ग्राम स्तर पर पहुंचकर कृषि वैज्ञानिकों एवं विभागीय अधिकारियों ने सीधे किसानों से संवाद कर उन्हें नवीन तकनीकों, योजनाओं एवं साधनों से परिचित कराया, जिससे उन्हें खेती में लागत कम और उत्पादन अधिक करने में सहायता मिलेगी।

महासमुंद:अवैध रेत उत्खनन पर कड़ी कार्रवाई, 03 चैन माउंटेन वाहन जप्त

महासमुंद:अवैध रेत उत्खनन पर कड़ी कार्रवाई, 03 चैन माउंटेन वाहन जप्त

कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह के निर्देशानुसार अवैध खनिज उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण पर रोक लगाने हेतु खनिज विभाग द्वारा सतत कार्रवाई जारी है। इसी क्रम में आज रायपुर जिले के चिखली रेत खदान की सीमा पर ग्राम सिरपुर, महानदी क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए 03 वाहनों को रेत के अवैध उत्खनन करते हुए पकड़ा गया।

खनिज विभाग ,पुलिस एवं राजस्व की टीम ने 03 चैन माउंटेन मशीन (मशीन क्रमांक को अवैध रेत उत्खनन करते हुए जप्त किया गया। तीनों वाहनों को जब्त कर सुरक्षार्थ तुमगांव थाना में खड़ा किया गया है। खनिज अधिकारी श्री योगेन्द्र सिंह ने बताया कि उक्त वाहनों पर खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम 1957 की धारा 21 के अंतर्गत कठोर दंडात्मक कार्यवाही की जाएगी। इस प्रकरण में 2 से 5 वर्षों की सजा का प्रावधान है और संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध FIR दर्ज कर न्यायालय में परिवाद प्रस्तुत किया जाएगा।

पूर्व में भी खनिज पट्टेदारों एवं खनिज परिवहनकर्ताओं को स्पष्ट निर्देश दिए जा चुके हैं कि बिना वैध अभिवहन पास के खनिज का उत्खनन, परिवहन या भंडारण करना कानूनन अपराध है। कलेक्टर के निर्देशानुसार जिले में अवैध खनिज गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण हेतु खनिज विभाग का विशेष अभियान सतत जारी रहेगा और दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।

रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने गुजरात में हुई विमान दुर्घटना पर जताया गहरा शोक

रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने गुजरात में हुई विमान दुर्घटना पर जताया गहरा शोक

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने गुजरात के अहमदाबाद में हुई विमान दुर्घटना को अत्यंत हृदयविदारक और दुखद घटना बताया है। उन्होंने इस भीषण दुर्घटना में मृत यात्रियों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने दिवंगत आत्माओं की शांति हेतु ईश्वर से प्रार्थना करते हुए उनके परिजनों को इस दुख की घड़ी में संबल और शक्ति प्रदान करने की कामना की है।

 

रायपुर : छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने यूनिसेफ,डबल्यूएचओ,एम्स सहित 05 संस्थाओं के साथ ऐतिहासिक एमओयू

रायपुर : छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने यूनिसेफ,डबल्यूएचओ,एम्स सहित 05 संस्थाओं के साथ ऐतिहासिक एमओयू

स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल के मार्गदर्शन  में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने किया गया एमओयू

संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी) द्वारा टीकाकरण कार्यक्रमों को मिलेगा तकनीकी एवं रणनीतिक सहयोग

स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल के मार्गदर्शन  में स्वास्थ्य विभाग ने प्रदेश में स्वास्थ्य सेवा तंत्र को मजबूत, समावेशी और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विकसित करने की दिशा में  ऐतिहासिक कदम उठाते हुए 05 प्रमुख राष्ट्रीय संस्थाओं के साथ समझौता ज्ञापन  पर हस्ताक्षर किया है।  नवा रायपुर स्थित महानदी भवन में आयोजित कार्यक्रम में स्वास्थ्य, परिवार कल्याण एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा विभिन्न सहयोगी संस्थाओं के साथ साझा दायित्वों और लक्ष्यों पर सहमति बनी। कार्यक्रम के दौरान सचिव, लोक स्वास्थ्य श्री अमित कटारिया, आयुक्त सह संचालक डॉ प्रियंका शुक्ला, संचालक महामारी नियंत्रण डॉ एस. के. पामभोई, संबंधित स्वास्थ्य कार्यक्रमों के नोडल/उपसंचालक व सभी सहयोगी संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

विदित हो कि प्रदेश में स्वास्थ्य संकेतकों में निरंतर सुधार लाने एवं योजनाओं तथा परियोजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए राज्य शासन ने एक संगठित एवं समन्वित तंत्र के रूप में “छत्तीसगढ़ साथी” पहल को प्रारंभ किया है। इसके सुचारू संचालन के लिए शासन द्वारा एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया गया है, जिसका उद्देश्य स्वास्थ्य क्षेत्र में कार्यरत विविध राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सहयोगी संस्थाओं के बीच समन्वय स्थापित करना है।यह समिति एक ऐसा संस्थागत मंच प्रदान करती है, जिसके माध्यम से साझेदार संगठन अपनी विशेषज्ञता, अनुभव और तकनीकी सुझाव सीधे विभाग के समक्ष प्रस्तुत कर सकते हैं।

इस साझेदारी का उद्देश्य प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं में संरचनात्मक सुधार, तकनीकी उन्नयन, जनसहभागिता और सेवा की पहुंच में व्यापक विस्तार सुनिश्चित करना है। संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी), अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान रायपुर, सेंटर फॉर कैटालाइजिंग चेंज, बीवीएचए  सहित 05 संस्थाएं इस समझौते की साझेदार बनीं इसके साथ ही विश्व स्वास्थ्य संगठन व यूनिसेफ के वार्षिक एक्शन प्लान पर विस्तृत चर्चा की गई ।

इस ऐतिहासिक एमओयू में शामिल संस्थाएं अपने-अपने विशिष्ट क्षेत्रों में राज्य सरकार के साथ मिलकर समन्वित रूप से कार्य करेंगी। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) रायपुर राज्य में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने में सहयोग करेगा, वहीं यूनिसेफ पोषण, बाल स्वास्थ्य और मातृ सुरक्षा से जुड़े कार्यक्रमों को तकनीकी सहायता प्रदान करेगा। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डबल्यूएचओ) राज्य की संपूर्ण स्वास्थ्य प्रणाली को सुदृढ़ करने, संचारी एवं गैर-संचारी रोगों की रोकथाम तथा रोग निगरानी व्यवस्था को बेहतर बनाने में योगदान देगा। यूएनडीपी द्वारा टीकाकरण कार्यक्रमों को तकनीकी एवं रणनीतिक सहयोग मिलेगा, जबकि इविडेंस एक्शन राज्य में शिशु स्वास्थ्य और कृमि मुक्ति अभियान को सशक्त करेगा। सेंटर फॉर कैटालाइजिंग चेंज राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम के माध्यम से किशोरों के स्वास्थ्य और जागरूकता में सहयोग प्रदान करेगा, बीवीएचए लक्षित समुदायों के लिए विशेष स्वास्थ्य हस्तक्षेपों के क्रियान्वयन में भागीदारी करेगा और निमहांस  मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार व सुदृढ़ीकरण में तकनीकी मार्गदर्शन देगा।

ये सभी संस्थाएं मिलकर छत्तीसगढ़ में बहुआयामी स्वास्थ्य सुधारों की एक समेकित और टिकाऊ रूपरेखा विकसित करने में राज्य सरकार की भागीदार बनेंगी।

कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार “स्वस्थ छत्तीसगढ़” की अवधारणा को धरातल पर साकार करने के लिए बहुस्तरीय प्रयास कर रही है, जिसमें इन संस्थाओं का सहयोग राज्य के लिए एक नई दिशा तय करेगा। इस समझौते के जरिए न सिर्फ़ दूरस्थ और अंतिम छोर में बसे व्यक्ति तक स्वास्थ्य सुविधाएं सुलभ होंगी, बल्कि मानव संसाधन और तकनीकी क्षमता में भी महत्वपूर्ण सुधार संभव होगा। यह समझौता मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने, डिजिटल स्वास्थ्य प्रणाली को सुदृढ़ करने और स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता एवं प्रभावशीलता लाने की दिशा में भी कारगर सिद्ध होगा।

सरकार और साझेदार संस्थाओं ने इस अवसर पर यह विश्वास जताया कि यह सामूहिक पहल छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मानकों में अग्रणी राज्य बनाने में सहायक होगी और एक सशक्त, सुलभ तथा संवेदनशील स्वास्थ्य सेवा तंत्र की नींव रखेगी।

 

महासमुंद जिले की शिक्षक विहीन और एकल शिक्षकीय शालाएं युक्तियुक्तकरण से हुई समाप्त

महासमुंद जिले की शिक्षक विहीन और एकल शिक्षकीय शालाएं युक्तियुक्तकरण से हुई समाप्त

629 शिक्षकों ने नवीन पदस्थ शालाओं में संभाला कार्यभार

राज्य में शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए चलाए गए युक्तियुक्तकरण अभियान ने ठोस परिणाम आने शुरू हो गए हैं। इस प्रक्रिया के तहत विशेष रूप से उन शालाओं पर ध्यान केंद्रित किया गया, जहां या तो शिक्षक बिल्कुल नहीं थे या केवल एक शिक्षक के भरोसे पूरी व्यवस्था संचालित हो रही थी। अब इन सभी विद्यालयों में शिक्षकों की नियुक्ति सुनिश्चित कर दी गई है, जिससे नियमित और गुणवत्तापूर्ण शिक्षण व्यवस्था प्रारंभ हो जाएगी।

महासमुंद जिले में युक्तियुक्तकरण से पहले कुल 287 प्राथमिक शालाएं ऐसी थीं जो या तो शिक्षक विहीन थीं या केवल एक शिक्षक के सहारे चल रही थीं। इनके अलावा एक पूर्व माध्यमिक शाला और तीन हाई स्कूलों में भी शिक्षकों की भारी कमी थी। शिक्षा विभाग की सक्रियता और समुचित योजना के क्रियान्वयन के तहत अब जिले में ऐसी कोई शाला नहीं बची है, जहां शिक्षक उपलब्ध न हों। महासमुंद जिले के जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि, शिक्षा विभाग ने प्राथमिकता के आधार पर युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया को पूर्ण किया है। अब जिले की कोई भी शाला शिक्षक विहीन नहीं है, जिससे विद्यार्थियों की पढ़ाई में अब करेई अवरोध न हो और शैक्षणिक गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार होगा।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में शुरू की गई इस पहल ने प्रदेश में सुशासन के तहत शिक्षा के क्षेत्र में नई ऊर्जा का संचार किया है। वर्षों से शिक्षक संकट से जूझ रहे विद्यालयों में अब नवपदस्थ शिक्षकों की उपस्थिति से विद्यार्थियों, अभिभावकों, ग्रामीणजनों और विद्यालय प्रबंधन समितियों में उत्साह और संतोष का वातावरण बना है।

ज्ञात हो कि कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह की मौजूदगी में 01 और 02 जून को युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया पूर्णतः पारदर्शी और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न की गई थी। सभी शिक्षकों को पदस्थापना आदेश प्रदान किए गए थे। शिक्षा विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, अब तक कुल 629 शिक्षकों ने विभिन्न शालाओं में पदभार ग्रहण किया है, जिनमें सहायक शिक्षक के 399, प्रधान पाठक प्राथमिक शाला के 12, सहायक शिक्षक विज्ञान के 08, शिक्षक के 127, प्रधान पाठक मिडिल स्कूल 01, व्याख्याता के 82 पद शामिल हैं।

छत्तीसगढ़ में मोबाइल एप पर खुलेगी कर्मचारियों की कुंडली, सरकार के इस पहल से कर्मचारियों को बड़ा लाभ

छत्तीसगढ़ में मोबाइल एप पर खुलेगी कर्मचारियों की कुंडली, सरकार के इस पहल से कर्मचारियों को बड़ा लाभ

छत्तीसगढ़ सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के हित में एक और बड़ा डिजिटल कदम उठाया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में अब राज्य के करीब 4 लाख सरकारी कर्मचारियों की पूरी सेवा जानकारी “एम्प्लाई कॉर्नर मोबाइल एप” और वेब पोर्टल के माध्यम से अपडेट की जाएगी। इस आधुनिक डिजिटल सुविधा से न केवल कर्मचारियों को उनकी व्यक्तिगत जानकारी त्वरित रूप से प्राप्त होगी, बल्कि सेवानिवृत्ति, पदोन्नति, वेतन विसंगति जैसी समस्याएं भी समय रहते हल होंगी।

सीआर के लिए अब नहीं पलटनी होगी फाइलें
अब कर्मचारियों की सेवा पुस्तिका, जिसे आमतौर पर “कुंडली” कहा जाता है, को मैनुअल रिकॉर्ड से हटाकर मोबाइल एप (CG Employees Kundli) पर उपलब्ध कराया जा रहा है। पहले सीआर (गोपनीय प्रतिवेदन) और अन्य दस्तावेजों को फाइलों में ढूंढने की मशक्कत करनी पड़ती थी, लेकिन अब कर्मचारी खुद अपने फोन से लॉगिन कर अपनी जानकारी देख और अपडेट कर सकेंगे।

कार्मिक संपदा पोर्टल पर अपडेट होगा डेटा
सरकार ने निर्देश जारी करते हुए कहा है कि अब सभी कर्मचारियों की जानकारी कार्मिक संपदा पोर्टल पर अपडेट करना अनिवार्य होगा। यह प्रक्रिया “एम्प्लाई कॉर्नर” नामक मोबाइल एप और वेब पोर्टल के माध्यम से पूरी होगी। यह प्लेटफॉर्म कर्मचारियों को सेवा काल में होने वाले नामिनी परिवर्तन, बैंक खाता अपडेट, पदोन्नति, स्थानांतरण और वेतन निर्धारण जैसी प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और त्वरित समाधान देगा।

जीपीएफ, पेंशन और अवकाश नगदीकरण जैसी सुविधाएं
सेवा के दौरान और सेवानिवृत्ति के बाद मिलने वाले लाभ (जैसे कि पेंशन, जीपीएफ, उपादान और अवकाश नगदीकरण) का निपटारा अब डिजिटल माध्यम (CG Employees Kundli) से होगा। महालेखाकार कार्यालय में अंतिम जीपीएफ दावा भी पूरी तरह से ऑनलाइन प्रस्तुत किया जा सकेगा, जिससे संबंधित प्रक्रिया में लगने वाला समय काफी कम हो जाएगा।

वेतन विसंगति से लेकर मिसिंग जीपीएफ एंट्री तक हर समस्या का ऑनलाइन समाधान
संचालक कोष एवं लेखा रितेश अग्रवाल ने बताया कि कार्मिक संपदा पोर्टल पर डेटा अपडेट न होने से कई बार कर्मचारियों को सेवा समाप्ति के समय परेशानी होती थी। अब इस एप से कर्मचारी खुद अपनी जानकारी अपडेट कर सकेंगे, जिससे वेतन विसंगति और मिसिंग जीपीएफ जैसी समस्याओं का ऑनलाइन समाधान हो सकेगा। इसके लिए एक अलग “क्रेडिट मिसिंग मॉड्यूल” भी विकसित किया गया है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की यह डिजिटल पहल राज्य प्रशासन में पारदर्शिता, समयबद्धता और सुशासन की दिशा में एक ठोस कदम है। सरकार का उद्देश्य है कि कर्मचारी अब किसी भी प्रक्रिया के लिए दफ्तरों के चक्कर न काटें, बल्कि सारी जानकारी और कार्यप्रणाली मोबाइल एप के ज़रिए एक क्लिक पर उपलब्ध हो।

गुजरात के अहमदाबाद विमान हादसे में पूर्व CM रूपाणी का निधन:लंदन जा रही थी एयर इंडिया की फ्लाइट, 242 लोग सवार थे, सभी की मौत; 169 भारतीय, 53 ब्रिटिश

गुजरात के अहमदाबाद विमान हादसे में पूर्व CM रूपाणी का निधन:लंदन जा रही थी एयर इंडिया की फ्लाइट, 242 लोग सवार थे, सभी की मौत; 169 भारतीय, 53 ब्रिटिश

गुजरात के अहमदाबाद में बड़ा विमान हादसा हुआ है। यह हादसा अहमदाबाद एयरपोर्ट के पास हुआ। बताया जाता है कि एयर इंडिया का बोईंग 787-8 ड्रीमलाइनर विमान अहमदाबाद से लंदन जा रहा था। टेक ऑफ के समय यह हादसे का शिकार हो गया। जानकारी के मुताबिक विमान में दो पायलट और 10 केबिन क्रू समेत कुल 242 लोग सवार थे थे। फिलहाल हताहत लोगों के बारे में कोई जानकारी नहीं है। घटनास्थल पर राहत और बचाव का काम जारी है।

उड़ान भरते ही दुर्घटनाग्रस्त हुआ विमान
विमान अहमदाबाद एयरपोर्ट से उड़ाने भरने के तुरंत बाद ही दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान ने रनवे नंबर-23 से उड़ान भरी थी। यह विमान दिसंबर 2013 को एयर इंडिया के बेड़े में शामिल किया गया था। इस विमान का सीरियल नंबर 36279 है। इस बीच एयर इंडिया का बयान सामने आ गया है। इस बीच केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने राज्य के मुख्यमंत्री से बात कर हादसे की जानकारी ली है। इस विमान में गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रुपाणी भी सवार थे।

नागरिक उड्डयन मंत्री अहमदाबाद के लिए रवाना
नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू किंजरापु विजयवाड़ा से अहमदाबाद के लिए रवाना हो रहे हैं। उन्होंने ट्वीट किया, “अहमदाबाद में विमान दुर्घटना के बारे में जानकर स्तब्ध और व्यथित हूं। मैं व्यक्तिगत रूप से हालात पर नजर रख रहा हूं और सभी विमानन और आपातकालीन एजेंसियों को त्वरित और समन्वित कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। बचाव दल को तैनात कर दिया गया है और यह सुनिश्चित करने के लिए सभी प्रयास किए जा रहे हैं कि चिकित्सा सहायता और राहत सहायता घटनास्थल पर पहुंचाई जाए।”

रायपुर : विश्व रक्तदाता दिवस के अवसर पर आरोग्य मेलों में लोगों ने ली रक्तदान की शपथ

रायपुर : विश्व रक्तदाता दिवस के अवसर पर आरोग्य मेलों में लोगों ने ली रक्तदान की शपथ

आरोग्य मेलों के माध्यम से 10 हज़ार से अधिक लोगों ने लिया रक्तदान का संकल्प

गाँव-गाँव पहुँचा रक्तदान का संदेश: आयुष्मान आरोग्य मेलों में दिखा जनसहभागिता का अनूठा उत्सव

विश्व रक्तदाता दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ के सभी आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में आयोजित साप्ताहिक आरोग्य मेलों के माध्यम से रक्तदान के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने बुधवार को विविध कार्यक्रम आयोजित किए गए। प्रदेशभर के 3807 आरोग्य मेलों में 46 हज़ार से अधिक नागरिकों ने स्वास्थ्य जांच करायी जिसमे  करीब 10 हजार से अधिक नागरिकों ने रक्तदान की शपथ ली तथा यह संकल्प दोहराया कि आवश्यकता पड़ने पर किसी भी जरूरतमंद को समय पर रक्तदान कर जीवन बचाने में योगदान देंगे।

इस वर्ष की थीम ““Give blood, give hope: together we save lives” के अंतर्गत सभी आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में रक्तदान पंजीकरण, शपथ समारोह, जागरूकता रैलियाँ एवं रक्तदाता सम्मान जैसे आयोजन संपन्न हुए। ग्राम पंचायतों में सरपंचों के मार्गदर्शन में भी उत्साहपूर्वक कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिससे यह जनसहभागिता गाँव-गाँव तक पहुँची। प्रदेश के शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में पोस्टर प्रदर्शनी, रक्तदान प्रेरणा रैली तथा आदर्श रक्तदाताओं के सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। लोगों ने इसमें उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए इसे मानवीय सेवा का पर्व बना दिया।

विभाग द्वारा बताया कि यह सामाजिक चेतना और सेवा भाव का प्रमाण है। हमारा लक्ष्य है कि रक्तदान को हर जिले, ब्लॉक और पंचायत स्तर पर जीवनदायिनी पहल के रूप में स्थापित किया जाए।” प्रदेश में स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाया जा रहा यह अभियान केवल जागरूकता तक सीमित नहीं रहा, बल्कि नागरिकों की सक्रिय भागीदारी ने इसे एक सामाजिक आंदोलन का स्वरूप प्रदान किया है। सहभागी निर्माण की यह प्रक्रिया आने वाले समय में प्रदेश को आत्मनिर्भर रक्तदान तंत्र की दिशा में मजबूती देगी। रक्तदान न सिर्फ जीवन बचाता है, बल्कि समाज में करुणा, सहयोग और सेवा की भावना को भी  सुदृढ़ करता है।

’’रक्तदान की अवधि और पात्रता’’

कोई भी स्वस्थ व्यक्ति हर 3 से 4 महीने में एक बार रक्तदान कर सकता है और यह शरीर के लिए सुरक्षित है। 18 से 65 वर्ष की उम्र के बीच कोई भी स्वस्थ नागरिक रक्तदान कर सकता है।