रायपुर : छत्तीसगढ़ में 16 जून से शुरू होगा शाला प्रवेश उत्सव

रायपुर : छत्तीसगढ़ में 16 जून से शुरू होगा शाला प्रवेश उत्सव

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जनप्रतिनिधियों से की सहभागिता की अपील

शिक्षा को जनअभियान बनाने की दिशा में राज्य सरकार की नई पहल

छत्तीसगढ़ में आगामी 16 जून 2025 से नया शिक्षा सत्र प्रारंभ होने जा रहा है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रदेश के समस्त जनप्रतिनिधियों को  पत्र लिखकर “शाला प्रवेश उत्सव” में सक्रिय भागीदारी की अपील की है। यह आयोजन राज्य में शिक्षा के क्षेत्र को सशक्त बनाने और शत-प्रतिशत बच्चों का विद्यालयों में नामांकन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में लिखा है कि प्रदेश को शत-प्रतिशत साक्षर बनाने का लक्ष्य चुनौतीपूर्ण अवश्य है, परंतु यह असंभव नहीं है। उन्होंने कहा कि “असंभव को संभव” बनाने के लिए समाज के हर वर्ग को मिलकर सार्थक प्रयास करने होंगे। इसके लिए सबसे पहले यह जरूरी है कि कोई भी बच्चा विद्यालय से वंचित न रहे और सभी बच्चों का समय पर प्रवेश सुनिश्चित हो।

मुख्यमंत्री श्री साय ने यह भी उल्लेख किया कि राज्य में शिक्षा का अधिकार अधिनियम प्रभावशील है, तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत यह सुनिश्चित किया गया है कि कक्षा 12वीं तक शाला त्याग दर को धीरे-धीरे शून्य किया जाए। इसके लिए शैक्षणिक अवरोधों को पहचानकर उन्हें दूर करने की जिम्मेदारी सभी हितधारकों की साझा है।

मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियानरू एक ठोस पहल मुख्यमंत्री श्री साय ने जानकारी दी कि राज्य सरकार द्वारा “मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान” की शुरुआत की जा रही है, जिसका उद्देश्य शासकीय विद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता को सुधारना है। इसके साथ ही, सरकार द्वारा शिक्षकों एवं विद्यालयों का युक्तियुक्तकरण करते हुए शिक्षकविहीन और एकल शिक्षकीय विद्यालयों में शिक्षकों की प्राथमिकता से पदस्थापना की गई है, जिससे शिक्षा का अधिकार हर बच्चे तक पहुंच सके।

अधोसंरचना विकास सरकार की प्राथमिकता

मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि राज्य में स्कूल शिक्षा क्षेत्र की अधोसंरचना और मूलभूत सुविधाओं के विकास को सरकार ने अपनी शीर्ष प्राथमिकताओं में रखा है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से आग्रह किया कि वे शाला प्रवेश उत्सव के दौरान अपने-अपने क्षेत्रों में व्यक्तिगत सहभागिता करें और यह सुनिश्चित करें कि कोई भी बच्चा विद्यालय से बाहर न रहे।

सामाजिक सहभागिता से संवरता भविष्य

मुख्यमंत्री ने कहा, “हमने बनाया है, हम ही संवारेंगे” इस परिकल्पना को साकार करने के लिए हम सभी को मिलकर परिणाममूलक कार्य करने होंगे। उन्होंने आशा जताई कि सभी जनप्रतिनिधि इस अभियान का नेतृत्व कर सामाजिक दायित्वों का निर्वहन करेंगे और छत्तीसगढ़ को एक शिक्षित, सशक्त और आत्मनिर्भर राज्य बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

शाला प्रवेश उत्सव को बनाएं जनअभियान मुख्यमंत्री के इस पत्र को राज्य में शिक्षा को लेकर एक जनांदोलन की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है। इससे न केवल बच्चों की स्कूल तक पहुंच बढ़ेगी, बल्कि शिक्षा की गुणवत्ता और सामाजिक सहभागिता को भी एक नई दिशा मिलेगी। प्रदेश सरकार के इस प्रयास से उम्मीद की जा रही है कि छत्तीसगढ़ शिक्षा के क्षेत्र में एक नई मिसाल कायम करेगा और शिक्षा के माध्यम से सामाजिक व आर्थिक सशक्तिकरण को गति मिलेगी।

 

रायपुर : छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर किया नाम रोशन 

रायपुर : छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर किया नाम रोशन

जूनियर नेशनल सॉफ्टबॉल और एशियाई चैंपियनशिप सॉफ्टबॉल प्रतियोगिता में शाामिल बीजापुर जिले के खिलाड़ियों का हुआ सम्मान

राज्य के सुदूर वनांचल बीजापुर के खिलाड़ियों ने चंडीगढ़ में आयोजित जूनियर नेशनल सॉफ्टबॉल प्रतियोगिता में विजय प्राप्त कर राज्य का नाम देश मे रोशन किया है। बीजापुर की गर्ल्स टीम ने इस प्रतियोगिता में ब्रॉन्ज मेडल प्राप्त किया है। उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ राज्य के लिए गठित टीम में बीजापुर जिले से 6 खिलाड़ियों का चयन हुआ था। इन खिलाड़ियों में अनुराधा कोवासी ,अस्मिता मरपल्ली, ज्योति ओयाम ,रिंकी हेमला, लक्ष्मी बघेल और पूजा कोरसा शामिल है। इन सभी 6 खिलाड़ी ने छत्तीसगढ़ को पदक प्राप्त करने में उत्कृष्ट खेल का प्रदर्शन कर जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई।

बीजापुर की इन खिलाड़ियों को कलेक्टर के द्वारा पदक  पहनाकर  स्वागत किया गया। इसी तरह बैंकॉक में आयोजित हुई एशियाई चौंपियनशिप सॉफ्टबॉल प्रतियोगिता में भारतीय टीम में शामिल राकेश पुनेम और राकेश कड़ती का भी सम्मान किया गया। इस दौरान जिले के कलेक्टर श्री संबित मिश्रा द्वारा खिलाड़ियों से खेलने की बारीकियों से लेकर देश-विदेश से आए टीमों के बारे उनके परफॉर्मेंस तथा भारतीय टीम का रेंक इत्यादि के बारे में जानकारी ली। कलेक्टर ने खिलाड़ियों  हौसला बढ़ाया और उनके उज्वल भविष्य की कामना करते हुए अच्छे खेल के प्रदर्शन के लिए प्रोत्साहित किया। इस दौरान जिला खेल अधिकारी सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे

 

रायपुर : राज्यस्तरीय विशेष लेख : ‘धरती आबा’ से संवरेगी ज़मीन और जीवन

रायपुर : राज्यस्तरीय विशेष लेख : ‘धरती आबा’ से संवरेगी ज़मीन और जीवन

आदिवासी समाज को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का ऐतिहासिक अभियान

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की पहल पर देशभर में आदिवासी समुदायों के समग्र विकास के लिए शुरू किया गया ‘धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान’ अब ज़मीन पर असर दिखाने लगा है। यह राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम 2 अक्टूबर 2024 को प्रारंभ किया गया था, जिसका उद्देश्य है आदिवासी बहुल ग्रामों को समावेशी विकास की राह पर आगे बढ़ाना।

अभियान के अंतर्गत 15 जून से 30 जून 2025 तक देश के 63,843 चयनित ग्रामों में लाभ- संतृप्ति शिविरों का आयोजन किया जाएगा। ये शिविर 26 राज्यों और 4 केंद्रशासित प्रदेशों के 546 जिलों में लगाए जाएंगे, जहाँ आदिवासी समाज के अंतिम व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुँचाया जाएगा।

छत्तीसगढ़ राज्य में भी इस अभियान की शुरुआत जोर-शोर से की जा रही है। राज्य के 32 जिलों के 6,691 चयनित ग्रामों में शिविरों का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान लाखों अनुसूचित जनजाति परिवारों को विकास योजनाओं से जोड़ा जाएगा।

शिविरों के माध्यम से आदिवासी नागरिकों को आधार कार्ड पंजीयन एवं सुधार, आयुष्मान भारत, स्वास्थ्य बीमा कार्ड, जाति प्रमाण पत्र, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, जनधन बैंक खाता, सिकल सेल जांच, विद्युत कनेक्शन, पक्के मकानों की स्वीकृति, वन अधिकार अधिनियम से संबंधित प्रशिक्षण के अलावा अलग-अलग योजनाओं से लाभ दिलाया जाएगा।

सरकार द्वारा इस अभियान के तहत आदिवासी बहुल क्षेत्रों, आकांक्षी जिलों, ब्लॉकों और वन क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जा रही है। इसका उद्देश्य इन क्षेत्रों में सामाजिक ढांचे, शिक्षा, स्वास्थ्य और आजीविका में सुधार लाकर समावेशी और सतत विकास को बढ़ावा देना है। अभियान के तहत आदिवासी समुदायों को आत्मनिर्भर बनाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसके लिए स्थायी कृषि पद्धतियों को बढ़ावा दिया जाएगा, आदिवासी होमस्टे योजना के अंतर्गत पर्यटन से जोड़ा जाएगा, आदिवासी बहुउद्देश्यीय विपणन केंद्र स्थापित किए जाएंगे,विद्यालयों एवं छात्रावासों के बुनियादी ढांचे में सुधार होगा, ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी और विद्युतीकरण जैसी सेवाएं भी दी जाएंगी।

आदिवासी बहुल राज्य छत्तीसगढ़ के लिए यह अभियान समाजिक न्याय, भागीदारी और समानता की दिशा में एक मजबूत कदम है। इससे न केवल आदिवासी समाज को उनके हक और अधिकार मिलेंगे, बल्कि उनकी पहचान, संस्कृति और आजीविका को भी मजबूती मिलेगी। निश्चित ही देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शी सोच के कारण ही विगत 11 वर्षों में देश की ‘विश्वास और विकास’ की एक नई तस्वीर आई है। ‘धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान’ सरकार की एक ऐतिहासिक पहल है, जो आदिवासी समाज को गांवों को विकास, विश्वास और आत्मनिर्भरता के पथ पर अग्रसर करेगी। यह अभियान निश्चित ही भारत को समावेशी राष्ट्र की दिशा में आगे ले जाएगा और ‘धरती आबा’ से ‘जमीन और जीवन संवरेगी’।

रायपुर : सीमा की सुरक्षा प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य: राज्यपाल श्री रमेन डेका

रायपुर : सीमा की सुरक्षा प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य: राज्यपाल श्री रमेन डेका

राज्यपाल दरभंगा में आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी में हुए शामिल

राज्यपाल श्री रमेन डेका गत दिवस बिहार राज्य के दरभंगा में राष्ट्रीय सनातनी सेवा संघ द्वारा ‘‘सीमा सुरक्षा हम सब की जिम्मेदारी‘‘ विषय पर आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि भारत एक विशाल और विविधतापूर्ण देश है, जिसकी सीमाएँ हिमालय की ऊंचाइयों से लेकर हिंद महासागर की गहराइयों तक फैली हुई हैं। सीमा की सुरक्षा केवल सैनिकों और सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है।

राज्यपाल श्री डेका ने अपने उद्बोधन में कहा कि सीमा की रक्षा राष्ट्रीय एकता, अखंडता और संप्रभुता को बनाए रखने का आधार है। सीमा की सुरक्षा, देश की आंतरिक और बाह्य स्थिरता के लिए आवश्यक है। यह न केवल बाहरी खतरों जैसे आतंकवाद, घुसपैठ और तस्करी से रक्षा करती है, बल्कि देश की आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक पहचान को भी संरक्षित करती है। भारत की सीमाएँ, पाकिस्तान, चीन, बांग्लादेश, नेपाल, भूटान और म्यांमार जैसे पड़ोसी देशों के साथ साझा की जाती हैं, और प्रत्येक सीमा की अपनी अनूठी चुनौतियाँ हैं।

श्री डेका ने कहा कि हमारे सैनिक, प्राणों की बाजी लगाकर सीमा की सुरक्षा करते हैं लेकिन उनकी यह जिम्मेदारी तब और प्रभावी होती है, जब समाज और नागरिक उनका साथ देते हैं। सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोग संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रख सकते हैं और स्थानीय प्रशासन या सुरक्षा बलों को सूचित कर सकते हैं। असामान्य गतिविधियों, जैसे तस्करी या घुसपैठ, की जानकारी देना, देश की सुरक्षा को मजबूत करता है। आज के युग में सीमा सुरक्षा में तकनीक का उपयोग बढ़ रहा है। ड्रोन, सैटेलाइट निगरानी, और स्मार्ट फेंसिंग जैसे उपकरण सीमा पर निगरानी को और प्रभावी बना रहे हैं। श्री डेका ने कहा कि नागरिक के रूप में, हम तकनीकी नवाचारों को समर्थन दे सकते हैं और सरकार के डिजिटल सुरक्षा प्रयासों में सहयोग कर सकते हैं। इस अवसर पर राष्ट्रीय सनातनी सेवा संघ के पदाधिकारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

रायपुर : कचरे से कमाई की राह: रायपुर में बनेगा आधुनिक बायोगैस संयंत्र

रायपुर : कचरे से कमाई की राह: रायपुर में बनेगा आधुनिक बायोगैस संयंत्र

हरित ऊर्जा में आत्मनिर्भरता की ओर छत्तीसगढ़ का कंप्रेस्ड बायोगैस प्लांट के लिए त्रिपक्षीय समझौता

छत्तीसगढ़ सरकार ने सतत् और पर्यावरण हितैषी नीति को गति देते हुए एक महत्वपूर्ण पहल की है। इस दिशा में आज रायपुर नगर पालिक निगम, छत्तीसगढ़ बायोफ्यूल विकास प्राधिकरण (सीबीडीए) एवं भारत पेट्रोलियम कॉर्पाेरेशन लिमिटेड (BPCL) के मध्य त्रिपक्षीय समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। यह एग्रीमेंट सतत योजना (SATAT & Sustainable Alternative Towards Affordable Transportation)  के तहत नगरीय ठोस अपशिष्ट से कम्प्रेस्ड बायोगैस उत्पादन हेतु किया गया है।

यह एग्रीमेंट छत्तीसगढ़ राज्य में सतत ऊर्जा उत्पादन एवं पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार स्वच्छ ऊर्जा, स्वच्छ पर्यावरण और सतत विकास को प्राथमिकता दे रही है। सतत्  योजना के तहत कम्प्रेस्ड बायोगैस संयंत्र की स्थापना न केवल अपशिष्ट प्रबंधन में सहायक होगी, बल्कि रोजगार और हरित अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा देगी।

ग्राम रांवाभाटा, रायपुर में प्रस्तावित संयंत्र 100.150 टन प्रतिदिन MSW संसाधित कर बायोगैस का उत्पादन करेगा। इसमें शत-प्रतिशत निवेश भारत पेट्रोलियम कॉर्पाेरेशन लिमिटेड द्वारा किया जाएगा, जिसकी लागत लगभग 100 करोड़ रुपए की होगी। संयंत्र के माध्यम से रायपुर सहित आसपास के नगरीय निकायों से लगभग 150 टन प्रतिदिन ठोस अपशिष्ट का उपयोग किया जाएगा।

इस संयंत्र से जुड़ी प्रमुख विशेषताएं

रोजगार सृजन – संयंत्र के संचालन से प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से लगभग 30 हजार मानव दिवस प्रति वर्ष रोजगार सृजित होंगे। पर्यावरणीय लाभ संयंत्र के संचालन से ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन में कमी आएगी तथा राज्य Net Zero Emission लक्ष्य की दिशा में एक कदम और आगे बढ़ेगा। आय और राजस्व पूर्ण क्षमता पर कार्यरत संयंत्र से राज्य को प्रतिवर्ष लगभग 1 करोड़ रुपए का जीएसटी प्राप्त होगा। जैविक खेती को बढ़ावा संयंत्र से सह-उत्पाद के रूप में प्राप्त जैविक खाद का उपयोग जैविक कृषि को प्रोत्साहन देगा। इससे पूर्व  2024 में भिलाई नगर पालिक निगम के साथ त्रिपक्षीय समझौता हो चुका है और 2025 में अंबिकापुर, रायगढ़, कोरबा, राजनांदगांव  धमतरी एवं बिलासपुर में कम्प्रेस्ड बायोगैस संयंत्र हेतु एमओयू निष्पादित किया गया है।

आज हुए एग्रीमेंट हस्ताक्षर कार्यक्रम में रायपुर कलेक्टर श्री गौरव कुमार, सीबीडीए के सीईओ श्री सुमित सरकार, बीपीसीएल बायोफ्यूल्स प्रमुख श्री अनिल कुमार पी, नगर निगम रायपुर कमिश्नर श्री विश्वदीप समेत भारत पेट्रोलियम कॉर्पाेरेशन लिमिटेड और सीबीडीए के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

 

रायपुर : प्रदेश के निर्माण श्रमिक और उनके परिवारों के लिए 18.89 करोड़ रुपये की सौगात

रायपुर : प्रदेश के निर्माण श्रमिक और उनके परिवारों के लिए 18.89 करोड़ रुपये की सौगात

मुख्यमंत्री श्री साय श्रम विभाग के विभिन्न योजनाओं के तहत 15 जून को  हितग्राहियों के खातों में राशि अंतरित करेंगे

31 मेधावी बच्चे को दोपहिया वाहन के लिए मिलेगा 31 लाख रूपए

राज्य सरकार प्रदेश के निर्माण श्रमिकों और उनके परिवारों के शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल, द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं के तहत 36,666 निर्माण श्रमिकों के लिए 18.89 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं श्रम मंत्री श्री लखन लाल देवांगन 15 जून राजधानी रायपुर के सिविल लाइन स्थित नवीन विश्राम भवन में दोपहर 12 बजे आयोजित कार्यक्रम में हितग्राहियों के खातों में (DBT) के माध्यम से राशि अतंरित करेंगे। मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना के तहत छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल में कक्षा 10वीं के 26 और कक्षा 12वीं के 5 बच्चों सहित कुल 31 श्रमिकों के मेधावी बच्चों को 2 लाख रुपये प्रति बच्चें दिए जाएंगे। इस राशि में 1 लाख रुपये दोपहिया वाहन खरीदने के लिए और 1 लाख रुपये नकद प्रोत्साहन राशि के रूप में दिए जाएंगे ।

श्रम विभाग के अधिकारियों ने बताया कि निर्माण श्रमिकों एवं उनके परिवारों को श्रम विभाग द्वारा संचालित मिनीमाता महतारी जतन योजना के तहत 1,915 श्रमिकों को 3.83 करोड़ रुपये का लाभ मिलेगा। वहीं मुख्यमंत्री सायकल सहायता योजना से 279 श्रमिकों को 10.33 लाख रुपये से अधिक की सहायता प्रदान की जाएगी। मुख्यमंत्री श्रमिक औजार सहायता योजना से 6,319 श्रमिकों को 2.19 करोड़ रुपये से अधिक की राशि मिलेगी। इसी प्रकार मुख्यमंत्री सिलाई मशीन सहायता योजना के तहत 12 श्रमिकों को 94,800 रुपये दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना से 4,825 बच्चों को 96.17 लाख रुपये की छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी ।

मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक दीर्घायु सहायता योजना से 2 श्रमिकों को 40,000 रुपये की सहायता मिलेगी । मुख्यमंत्री निर्माण मजदूर सुरक्षा उपकरण सहायता योजना से 4,939 श्रमिकों को 74 लाख रुपये से अधिक के सुरक्षा उपकरण दिए जाएंगे।

अधिकारियों ने बताया कि निर्माण श्रमिकों के बच्चे हेतु उत्कृष्ट खेल प्रोत्साहन योजना के तहत 1 बच्चे को 50,000 रुपये का प्रोत्साहन मिलेगा। दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना से 7 श्रमिकों को 7 लाख रुपये की सहायता दी जाएगी। मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना से 264 श्रमिकों के परिवारों को 2.64 करोड़ रुपये की सहायता प्रदान की जाएगी । वहीं मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना से 2,486 श्रमिकों को 4.97 करोड़ रुपये का लाभ मिलेगा ।

इसी तरह मुख्यमंत्री श्रमिक सियान सहायता योजना के तहत 372 श्रमिकों को 74.40 लाख रुपये की सहायता दी जाएगी। निर्माण श्रमिकों के बच्चों हेतु निशुल्क गणवेश एवं पुस्तक कॉपी हेतु सहायता राशी योजना से 15,066 बच्चों को 2.00 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता मिलेगी। मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक आवास सहायता योजना से 25 श्रमिकों को 25 लाख रुपये की सहायता दी जाएगी। छत्तीसगढ़ सरकार की श्रमिकों और उनके परिवारों के जीवन स्तर को ऊपर उठाने ये योजनाएं निश्चित रूप से राज्य के निर्माण श्रमिकों के लिए एक उज्जवल भविष्य सुनिश्चित करेंगी।

 

छत्तीसगढ़ का किसान बना करोड़पति: ‘ड्रीम इलेवन’ में फर्स्ट रैंक किया हासिल, महज 39 रुपये लगाकर शुरू किया था खेल

छत्तीसगढ़ का किसान बना करोड़पति: ‘ड्रीम इलेवन’ में फर्स्ट रैंक किया हासिल, महज 39 रुपये लगाकर शुरू किया था खेल
बालोद जिले के किसान ने ऑनलाइन गेमिंग ऐप में फर्स्ट रैंक हासिल करते हुए चार करोड़ का ईनाम जीता है। युवक अपने क्रिकेट खेलने के शौक के चलते मोबाइल में पिछले दो सालों से ड्रीम इलेवन खेल रहा था।;

दरअसल, युवक अपने क्रिकेट खेलने के शौक के चलते मोबाइल में पिछले दो सालों से ड्रीम इलेवन खेल रहा था। इसमें उसने टीम बनाई। आईपीएल मैच के दौरान एक जून को हुए सेमी फाइनल मैच के लिए भी उसने टीम बनाया। जिसमें उसे फर्स्ट रैंक मिला। जिसमें ड्रीम इलेवन की तरफ से चार करोड़ की राशि का ईनाम हासिल हुआ है। ईनाम की राशि से 30 प्रतिशत टैक्स काटकर शेष राशि उसके खाते में भी आ गई है।

39 रुपए लगाकर जीते करोड़ों रुपयेयुवक ने महज 39 रुपए लगाकर मोबाइल के माध्यम से इसमें हिस्सा लिया था। छोटे से गांव में रहने वाला कीर्तन साहू एक सामान्य परिवार से ताल्लुकात रखता है। वह खेती किसानी का कार्य करता है। उसने यू- ट्यूब देखकर ऑनलाइन गेमिंग सीखा उसके बाद खेलना शुरू किया। इन्होंने धैर्य के साथ उसने मैच खेला। क्रिकेट टूर्नामेंट पंजाब वर्सेस मुंबई के सेमीफाइनल मैच में बनाया हुआ टीम परफेक्ट रहा। इस दौरान भी उसने ईनाम जीता था।

परिवार में ख़ुशी का माहौलड्रीम इलेवन में ईनाम जीतने वाले युवक ने बताया कि, वह इस राशि का उपयोग घर बनाने, गांव में जमीन खरीदना चाहता है। साथ ही वह खुद का व्यापार करना चाहता है। युवक की इस उपलब्धि पर परिवार में ख़ुशी का माहौल है। उसे लगातार बधाई संदेश भी मिल रहे हैं।

रायपुर : सहायक शिक्षक (विज्ञान प्रयोगशाला) के पद पर समायोजन के लिए 17 जून से रायपुर में शुरू होगी काउंसिलिंग

रायपुर : सहायक शिक्षक (विज्ञान प्रयोगशाला) के पद पर समायोजन के लिए 17 जून से रायपुर में शुरू होगी काउंसिलिंग

छत्तीसगढ़ शासन के स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा दिनांक 30 अप्रैल 2025 को जारी आदेश क्रमांक एफ 2-19/2024/20-तीन के तहत सेवा से समाप्त किए गए बी.एड. अर्हताधारी सहायक शिक्षकों को सहायक शिक्षक विज्ञान (प्रयोगशाला) के पद पर समायोजित करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है।

इस निर्णय के तहत समायोजन की प्रक्रिया ओपन काउंसिलिंग के माध्यम से की जाएगी, जो दिनांक 17 जून 2025 से 26 जून 2025 तक प्रतिदिन शासकीय शिक्षा महाविद्यालय परिसर, शंकर नगर, रायपुर में आयोजित की जाएगी।

कुल 2621 अभ्यर्थियों को काउंसिलिंग में सम्मिलित किया गया है। इन अभ्यर्थियों के समायोजन हेतु राज्य के 29 जिलों के स्कूलों में 2621 रिक्त पद निर्धारित किए गए हैं। काउंसिलिंग प्रक्रिया को सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए इसे दो पालियों में आयोजित किया जाएगा। प्रथम पाली में 150 एवं द्वितीय पाली में 150 अर्थात प्रतिदिन कुल 300 अभ्यर्थियों की काउंसिलिंग होगी।

काउंसिलिंग में सम्मिलित होने वाले सभी अभ्यर्थियों की सूची स्कूल शिक्षा विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है। उप संचालक लोक शिक्षण संचालनालय ने अभ्यर्थियों से आग्रह किया है कि वे निर्धारित समय पर आवश्यक दस्तावेजों सहित काउंसिलिंग स्थल पर उपस्थित रहें।

 

बसना /अग्रवाल नर्सिंग होम मे प्रसिद्ध न्यूरोसर्जन द्वारा ब्रेन और स्पाइन संबंधित सभी ऑपरेशन 14 जून 2025 दोप. 02 से

बसना /अग्रवाल नर्सिंग होम मे प्रसिद्ध न्यूरोसर्जन द्वारा

ब्रेन और स्पाइन संबंधित सभी ऑपरेशन 14 जून 2025 दोप. 02 से

उपलब्ध उपचार

• हेड इंजरी और ट्रॉमा • पीठ दर्द

• ब्रेन हैमरेज

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पीडियाट्रिक न्यूरो

• ब्रेन टी बी

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• कमर दर्द

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• माइग्रेन (सिर दर्द)

• मानसिक तनाव

• लकवा / स्ट्रोक

• दिमागी बुखार

14 जून 2025 दोप. 02 से

आपका स्वास्थ्य, हमारी जिम्मेदारी

AGRAWAL

NURSING HOME

MULTISPECIALITY HOSPITAL

डॉ. अमित मुखर्जी

न्यूरोसर्जन

मस्तिष्क एवं स्पाईन सर्जन

राशन कार्ड/आयुष्मान कार्ड द्वारा इलाज की सुविधा

अग्रवाल नर्सिंग होम बसना, जिला-महासमुंद (छ.ग.) संपर्क: 84618-11000, 77708-68473, 77730-86100

सरायपाली/ शिविर में किसानों से फसल बीमा की 20% राशि वसूली का मामला गरमाया।

सरायपाली/ शिविर में किसानों से फसल बीमा की 20% राशि वसूली का मामला गरमाया।

समाधान शिविर, 29 मई 2025 में किसानों की मांग को अबतक प्रशासन ने किया नजर अंदाज
समाधान शिविर में किसानों ने पटवारी सामर गिरी गोस्वामी एवं ग्राम सेवक पैकरा के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए हैं। किसानों का कहना है कि फसल बीमा की 20% राशि उनसे अवैध रूप से वसूली जा रही है। किसानों का आरोप है कि यह वसूली नियमानुसार नहीं है और बार-बार परेशान किया जा रहा है, जिससे किसान वर्ग में भारी आक्रोश व्याप्त है।

किसानों ने समाधान शिविर प्रभारी को दिए आवेदन में लिखा है कि पटवारी और ग्राम सेवक द्वारा जबरन वसूली की जा रही है। इससे किसान मानसिक रूप से परेशान हो गए हैं और उनकी आर्थिक स्थिति पर भी असर पड़ रहा है। किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।

आवेदन पर जितेन्द्र प्रधान, विद्याधर साहू, लिंगराज बरिहा सहित कई किसानों के हस्ताक्षर हैं। किसानों ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।

*बड़ा आरोप*

फसल बीमा की 20% राशि किसानों से वसूली का आरोप पटवारी और ग्राम सेवक पर नियमों के विरुद्ध वसूली करने का आरोप
किसानों की मांग – वसूली पर रोक लगे और दोषियों पर कार्रवाई ह
प्रशासन की प्रतिक्रिया का इंतजार:
इस मामले में अभी तक प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। किसानों को उम्मीद है कि जल्द ही उनकी शिकायत पर कार्रवाई होगी और उन्हें राहत मिलेगी।