महासमुंद / कृषि उत्पादन आयुक्त श्रीमती शहला निगार द्वारा बागबाहरा में आयल पॉम प्रक्षेत्रों का किया निरीक्षण 

महासमुंद / कृषि उत्पादन आयुक्त श्रीमती शहला निगार द्वारा बागबाहरा में आयल पॉम प्रक्षेत्रों का किया निरीक्षण

महासमुन्द जिले के विकासखंड बागबाहरा के ग्राम हाड़ाबंद एवं ग्राम भलेसर में आयल पॉम योजना के अंतर्गत संचालित कृषकों के प्रक्षेत्रों का निरीक्षण 10 जून को कृषि उत्पादन आयुक्त श्रीमती शहला निगार द्वारा किया गया। निरीक्षण के दौरान उद्यानिकी एवं प्रक्षेत्र वानिकी संचालक श्री एस. जगदीशन भी उनके साथ उपस्थित थे। आयुक्त श्रीमती निगार ने ग्राम हाड़ाबंद में कृषक श्री तोषण चंद्राकर तथा ग्राम भलेसर में कृषक श्री नारायण चंद्राकर के खेतों में स्थापित आयल पॉम प्रक्षेत्रों का अवलोकन किया। उन्होंने पौधों की स्थिति, फलन की मात्रा, गुणवत्ता, उत्पादन लागत एवं विक्रय की वर्तमान स्थिति के संबंध में विस्तृत जानकारी ली। इसके साथ ही उन्होंने कृषकों से प्रत्यक्ष संवाद कर आयल पॉम की खेती से होने वाली आमदनी, विपणन से जुड़ी समस्याओं तथा उनके सुझावों पर भी चर्चा की।

इस अवसर पर आयुक्त श्रीमती निगार ने जिले में संचालित अन्य उद्यानिकी गतिविधियों की जानकारी भी ली। विशेष रूप से उन्होंने ग्राफ्टेड बैंगन एवं टमाटर की उन्नत खेती, पुष्प उत्पादन क्षेत्र में गुलाब, जरबेरा एवं सेवंती जैसे फूलों की खेती के क्षेत्र में जिले के योगदान में विशेष रुचि दिखाई। उन्हें अवगत कराया गया कि इन गतिविधियों से कृषकों को वैकल्पिक आय के अवसर प्राप्त हो रहे हैं। उन्होंने इस अवसर पर कृषकों की मेहनत एवं नवीन कृषि तकनीकों को अपनाने की सराहना करते हुए राज्य शासन द्वारा कृषक हित में चलाई जा रही योजनाओं को प्रभावी ढंग से क्रियान्वित करने हेतु निर्देश दिए।निरीक्षण के दौरान कृषि एवं उद्यानिकी विभाग की सहायक संचालक श्रीमती पायल साव सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

महासमुंद/   “मोर गांव मा पानी” अभियान से बढ़ा जनजागरणम हासमुंद में 1252 सोखता गड्ढों का निर्माण, जल संरक्षण की ओर ठोस कदम

महासमुंद/   “मोर गांव मा पानी” अभियान से बढ़ा जनजागरणम हासमुंद में 1252 सोखता गड्ढों का निर्माण, जल संरक्षण की ओर ठोस कदम

महासमुंद, 11 जून 2025:
कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह के नेतृत्व में महासमुंद जिले में जल संरक्षण को लेकर “मोर गांव मा पानी” अभियान अंतर्गत एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने आ रही है। पिछले समय-सीमा की बैठक में दिए गए कलेक्टर के निर्देशों के अनुरूप जिले में जन भागीदारी और विभागीय समन्वय से जल संचय के लिए विशेष अभियान प्रारंभ किया गया है, जो अब मूर्त रूप लेता दिख रहा है।

इस अभियान के तहत ग्राम पंचायत, नगर पंचायत, शिक्षा विभाग तथा महिला एवं बाल विकास विभाग के समन्वित प्रयासों से स्कूलों, आंगनवाड़ियों, पंचायत भवनों एवं अन्य सार्वजनिक स्थलों में जन सहयोग से सोखता गड्ढों का निर्माण किया जा रहा है।

कलेक्टर श्री विनय लंगेह ने बताया कि “मोर गांव मा पानी” अभियान का उद्देश्य सिर्फ जल संचय नहीं, बल्कि जन-जागरूकता और सामुदायिक सहभागिता को बढ़ाना भी है। उन्होंने कहा कि सोखता गड्ढे न सिर्फ जल संरक्षण में सहायक हैं, बल्कि वे मिट्टी की नमी बनाए रखने, जल प्रवाह को नियंत्रित करने और आसपास के पर्यावरण को भी संतुलित बनाए रखने में सहायक होते हैं।
जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री एस. आलोक ने बताया कि अब तक जनभागीदारी से कुल 1252 सोखता गड्ढों का निर्माण पूर्ण किया जा चुका है और तेजी से इस दिशा में कार्य किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि सोखता गड्ढे वर्षा जल को जमीन में समाहित करने में मदद करते हैं, जिससे जल स्तर को बनाए रखने और भूजल संसाधनों को पुनर्जीवित करने में सहयोग मिलेगा। यह एक स्थायी समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

महासमुंद / कृषि उत्पादन आयुक्त श्रीमती शहला निगार द्वारा बागबाहरा में आयल पॉम प्रक्षेत्रों का किया निरीक्षण

महासमुंद / कृषि उत्पादन आयुक्त श्रीमती शहला निगार द्वारा बागबाहरा में आयल पॉम प्रक्षेत्रों का किया निरीक्षण

महासमुन्द, 11 जून 2025/ महासमुंद जिले के विकासखंड बागबाहरा के ग्राम हाड़ाबंद एवं ग्राम भलेसर में आयल पॉम योजना के अंतर्गत संचालित कृषकों के प्रक्षेत्रों का निरीक्षण 10 जून को कृषि उत्पादन आयुक्त श्रीमती शहला निगार द्वारा किया गया। निरीक्षण के दौरान उद्यानिकी एवं प्रक्षेत्र वानिकी संचालक श्री एस. जगदीशन भी उनके साथ उपस्थित थे

। आयुक्त श्रीमती निगार ने ग्राम हाड़ाबंद में कृषक श्री तोषण चंद्राकर तथा ग्राम भलेसर में कृषक श्री नारायण चंद्राकर के खेतों में स्थापित आयल पॉम प्रक्षेत्रों का अवलोकन किया। उन्होंने पौधों की स्थिति, फलन की मात्रा, गुणवत्ता, उत्पादन लागत एवं विक्रय की वर्तमान स्थिति के संबंध में विस्तृत जानकारी ली। इसके साथ ही उन्होंने कृषकों से प्रत्यक्ष संवाद कर आयल पॉम की खेती से होने वाली आमदनी, विपणन से जुड़ी समस्याओं तथा उनके सुझावों पर भी चर्चा की।

इस अवसर पर आयुक्त श्रीमती निगार ने जिले में संचालित अन्य उद्यानिकी गतिविधियों की जानकारी भी ली। विशेष रूप से उन्होंने ग्राफ्टेड बैंगन एवं टमाटर की उन्नत खेती, पुष्प उत्पादन क्षेत्र में गुलाब, जरबेरा एवं सेवंती जैसे फूलों की खेती के क्षेत्र में जिले के योगदान में विशेष रुचि दिखाई। उन्हें अवगत कराया गया कि इन गतिविधियों से कृषकों को वैकल्पिक आय के अवसर प्राप्त हो रहे हैं। उन्होंने इस अवसर पर कृषकों की मेहनत एवं नवीन कृषि तकनीकों को अपनाने की सराहना करते हुए राज्य शासन द्वारा कृषक हित में चलाई जा रही योजनाओं को प्रभावी ढंग से क्रियान्वित करने हेतु निर्देश दिए।निरीक्षण के दौरान कृषि एवं उद्यानिकी विभाग की सहायक संचालक श्रीमती पायल साव सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

रायपुर : सपनों का घर : पहाड़ी कोरवा महिला फूलोबाई को मिला पक्का आवास

रायपुर : सपनों का घर : पहाड़ी कोरवा महिला फूलोबाई को मिला पक्का आवास

जशपुर जिले के दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्र में निवासरत विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा समुदाय की महिला श्रीमती फूलोबाई को प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना के तहत पक्का मकान मिला है। यह मकान उनके वर्षों पुराने संघर्षों का सुखद अंत और आत्मनिर्भर जीवन की नई शुरुआत है।

फूलोबाई जशपुर जिले के बगीचा विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत पंड्रापाठ की निवासी हैं। लंबे समय तक उन्होंने कच्चे घर में कठिनाइयों से भरा जीवन बिताया — बरसात में टपकती छत, जहरीले जीवों का डर और असुरक्षित माहौल उनका रोजमर्रा का हिस्सा था। लेकिन अब, जब उनका पक्का घर बनकर तैयार हो चुका है, तो वह भावुक होकर कहती हैं कि “बरसात में जब छत टपकती थी तो सारी रात जागते कटती थी। अब मैं पहली बार चैन से सो पाती हूँ। यह सिर्फ घर नहीं, मेरे सपनों का महल है।

प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना के माध्यम से पहाड़ी कोरवा जैसी विशेष पिछड़ी जनजातियों को सम्मानजनक और सुरक्षित जीवन की ओर अग्रसर किया जा रहा है। फूलोबाई ने इस उपलब्धि पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहा, “यह घर मेरे लिए सिर्फ छत नहीं, बल्कि सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता का प्रतीक है।

 

रायपुर : सुरक्षित मातृत्व की ओर छत्तीसगढ़ का सशक्त कदम

रायपुर : सुरक्षित मातृत्व की ओर छत्तीसगढ़ का सशक्त कदम

प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान से महिलाओं को मिल रहा लाभ

जांच, इलाज और परामर्श – एक ही छत के नीचे मिल रही संपूर्ण मातृत्व सेवा

छत्तीसगढ़ में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान को प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है। विशेषकर दूरस्थ आदिवासी अंचल दंतेवाड़ा में यह अभियान गर्भवती महिलाओं के लिए वरदान सिद्ध हो रहा है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने हाल ही में कहा कि माताओं का स्वास्थ्य ही समाज की नींव है। राज्य सरकार का संकल्प है कि प्रत्येक महिला को सुरक्षित मातृत्व और नवजात को स्वस्थ जीवन मिले। स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने अभियान की समीक्षा करते हुए यह सुनिश्चित किया कि राज्य के हर जिले में मातृ स्वास्थ्य सेवाएं गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध सुलभ हों।

दंतेवाड़ा जिले में अभियान को प्रभावी बनाने के लिए जिला प्रशासन द्वारा प्रसव पूर्व विशेष जांच शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत के निर्देशन में जिले के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और जिला अस्पतालों में यह अभियान युद्धस्तर पर चलाया जा रहा है।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अजय रामटेके ने बताया कि 9 जून 2025 तक जिले में 4,555 गर्भवती महिलाओं का पंजीयन किया गया है। इनमें से 2,000 से अधिक महिलाओं ने जांच शिविरों में पहुंचकर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाया। प्रसव पूर्व स्वास्थ्य जांच में 721 उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की पहचान की गई है, जिनमें से 580 को समुचित देखभाल और सेवाएं प्रदान की जा चुकी हैं।

इसके अंतर्गत 378 से अधिक महिलाओं को सोनोग्राफी जैसी विशेष जांच सेवाएं जिला अस्पताल एमसीएच गीदम और केंद्रीय अस्पताल किरंदुल में उपलब्ध कराई गई हैं। शिविरों में महिलाओं को हीमोग्लोबिन, सिकलिंग, ब्लड शुगर, बीपी, एल्बुमिन, यूरिन, मलेरिया, एचईवी, हेपेटाइटिस-बी, वीडीआरएल जैसी अनिवार्य जांचों के साथ टीकाकरण, पोषण परामर्श, दवा वितरण, परिवार नियोजन जानकारी और सुरक्षित प्रसव की तैयारी संबंधी परामर्श भी दिया जा रहा है।

अभियान को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए 102 एंबुलेंस सेवाओं और संस्थागत वाहनों का कुशलतापूर्वक उपयोग किया जा रहा है ताकि ग्रामीण एवं सुदूर अंचलों से भी महिलाएं समय पर स्वास्थ्य संस्थानों तक पहुंच सकें।यह अभियान न केवल मातृत्व एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने की दिशा में अहम भूमिका निभा रहा है, बल्कि मातृत्व स्वास्थ्य के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ को एक आदर्श राज्य के रूप में स्थापित कर रहा है।

 

 

रायपुर : संतु चक्रेस को मिला सपनों का आशियाना, मुख्यमंत्री से पक्के मकान की चाबी पाकर भावुक हुए बुजुर्ग

रायपुर : संतु चक्रेस को मिला सपनों का आशियाना, मुख्यमंत्री से पक्के मकान की चाबी पाकर भावुक हुए बुजुर्ग

प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण न सिर्फ जरूरतमंदों को पक्का मकान दे रही है, बल्कि उनके सपनों को भी नया ठौर और आत्म-सम्मान दे रही है। ऐसी ही एक कहानी है जशपुर जिले के कांसाबेल विकासखंड के ग्राम दोकड़ा निवासी 70 वर्षीय संतु चक्रेस की।

वर्षों तक कच्चे घर में कठिन परिस्थितियों में जीवन बिताने वाले बुजुर्ग संतु चक्रेस आज बेहद प्रसन्न हैं क्योंकि उन्हें उनका पहला पक्का घर मिल गया है। खास बात यह रही कि इस घर की चाबी उन्हें मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के हाथों से मिली, जब वे हाल ही में जशपुर प्रवास पर थे।

भावुक संतु चक्रेस ने मुख्यमंत्री को धन्यवाद देते हुए कहा कि “उम्र के इस पड़ाव में जब चिंता से मुक्त होकर जीना चाहता है, तब यह पक्का मकान मेरे लिए भगवान का आशीर्वाद है। अब मुझे और मेरे परिवार को न तो बारिश से डर है और न ही जहरीले जीव-जंतुओं से। अब हमारा भी एक सुरक्षित और मजबूत आशियाना है।”

संतु चक्रेस ने बताया कि उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्का मकान स्वीकृत हुआ था, जो अब पूर्ण रूप से बनकर तैयार है। यह महज एक मकान नहीं, बल्कि उनके लिए आत्म-सम्मान, सुरक्षा और स्थायित्व का प्रतीक है।

वर्षों तक झोपड़ी जैसे घर में जीवन बिताने के बाद जब उन्हें अपना खुद का ठोस छत मिला, तो उनके चेहरे की खुशी देखने लायक थी।

 

रायपुर : मुख्यमंत्री ने संत कबीर साहेब जी की जयंती पर प्रदेशवासियों को दी शुभकामनाएँ

रायपुर : मुख्यमंत्री ने संत कबीर साहेब जी की जयंती पर प्रदेशवासियों को दी शुभकामनाएँ

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने 11 जून को संत कबीर साहेब जी की जयंती पर प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएँ और बधाई दी है। उन्होंने कहा कि संत कबीर साहेब जी केवल एक महान आध्यात्मिक संत ही नहीं थे, बल्कि समाज सुधारक और युग-प्रवर्तक भी थे। अपने अमूल्य दोहों के माध्यम से उन्होंने समाज में एकता, प्रेम और सद्भाव का संदेश दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि संत कबीर साहेब के विचारों ने न केवल भारतवर्ष, बल्कि पूरी दुनिया को प्रेरित किया है। सत्य, अहिंसा, दया, करुणा, परोपकार और सामाजिक समरसता का उनका संदेश आज भी उतना ही प्रासंगिक है। छत्तीसगढ़ की धरती पर भी उनके विचारों की अलख जगाए रखने का कार्य उनके अनुयायी लगातार कर रहे हैं। कबीरधाम से लेकर दामाखेड़ा तक उनके अनुयायियों द्वारा उनकी शिक्षाओं को आत्मसात कर समाज में सद्भाव और भाईचारे की भावना को मजबूत किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि संत कबीर साहेब जी ने सदैव सामाजिक कुरीतियों और अंधविश्वासों पर प्रहार करते हुए मानवतावादी समाज के निर्माण की राह दिखाई है। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि हम सभी संत कबीर साहेब जी के विचारों को अपने जीवन में आत्मसात कर सामाजिक एकता और सद्भाव को और अधिक सशक्त बनाएं।

 

रायपुर : सरकारी मेडिकल कॉलेज बनें जनता की पहली पसंद : स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल

रायपुर : सरकारी मेडिकल कॉलेज बनें जनता की पहली पसंद : स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल

कांकेर में मेडिकल कॉलेज की समीक्षा में शामिल हुए स्वास्थ्य मंत्री श्री जायसवाल

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के “विकसित भारत 2047” के विजन को साकार करने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने चिकित्सा और सामुदायिक विकास दोनों क्षेत्रों में महत्वपूर्ण बैठक लेकर मंगलवार को कांकेर जिले में  समीक्षा की। मंत्री श्री जायसवाल ने जिले के नांदनमारा स्थित इंदिरा गांधी शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय में आयोजित स्वशासी समिति की बैठक लेकर कॉलेज की कार्यप्रणाली, आधारभूत ढांचे और चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता पर विस्तार से चर्चा की। मंत्री ने साफतौर पर निर्देश दिए कि सरकारी मेडिकल कॉलेजों को इस रूप में विकसित किया जाए कि वे जनता की पहली पसंद बनें। उन्होंने कहा कि बाह्य रोगी विभाग व अंतःरोगी सेवाओं में संवेदनशीलता और उत्कृष्टता लाना पहली प्राथमिकता होनी चाहिए।

“जनता को केवल इलाज नहीं, बल्कि सम्मान और संवेदना भी मिले, यही हमारी चिकित्सा व्यवस्था की पहचान होनी चाहिए।

स्वास्थ्य मंत्री श्री जायसवाल ने चिकित्सा अधिकारियों की बैठक लेते हुए कहा कि विभाग का उद्देश्य सिर्फ उत्कृष्ट चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराना ही नहीं है, अपितु आमजनता के प्रति संवेदनशीलता और उन्हें सम्मान भी मिले। स्वास्थ्य मंत्री ने विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए शैक्षणिक और सांस्कृतिक गतिविधियों को भी बढ़ावा देने पर जोर दिया।

 

बैठक में स्वास्थ्य विभाग के सचिव श्री अमित कटारिया ने कॉलेज में पारदर्शिता, डिजिटल उपस्थिति प्रणाली, स्टाफ की नियमित नियुक्ति और उत्तरदायित्व तय करने के लिए आवश्यक निर्देश दिए।

इस अवसर पर  छत्तीसगढ़ शासन चिकित्सा शिक्षा विभाग की आयुक्त श्रीमती शिखा राजपूत तिवारी, सांसद श्री भोजराज नाग, कांकेर विधायक श्री आशाराम नेताम, मछुआ कल्याण बोर्ड अध्यक्ष श्री भरत मटियारा, हस्तशिल्प बोर्ड अध्यक्ष श्रीमती शालिनी राजपूत एवं अधिष्ठाता डॉ. खान सहित अन्य जनप्रतिनिधि, मेडिकल कॉलेज के स्टॉफ उपस्थित रहे।

 

रायपुर : जनजातीय समाज के विकास के प्रति हमारी अटूट प्रतिबद्धता : मुख्यमंत्री श्री साय

रायपुर : जनजातीय समाज के विकास के प्रति हमारी अटूट प्रतिबद्धता : मुख्यमंत्री श्री साय

मंत्रालय में आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विकास विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा

नई छात्रावास-आश्रम प्रबंधन प्रणाली का शुभारंभ, आश्रम छात्रावासों के संचालन के लिए 85 करोड़ रुपए का ऑनलाइन अंतरण

छात्रावासों में सुविधाओं की एकरूपता और गुणवत्ता पर जोर, लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में आदिम जाति विकास, अनुसूचित जाति विकास, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास विभाग के कार्यों की उच्चस्तरीय समीक्षा की। इस अवसर पर उन्होंने छात्रावास-आश्रम प्रबंधन के लिए नवीन पोर्टल का शुभारंभ किया। साथ ही, आगामी शिक्षण सत्र 2025-26 में प्रदेश के आश्रम छात्रावासों के संचालन हेतु नई व्यवस्था के अंतर्गत शिष्यवृत्ति एवं भोजन सहायता की पहली किश्त (जुलाई से सितंबर) के रूप में 85 करोड़ रुपए का ऑनलाइन अंतरण भी किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार विशेष पिछड़ी जनजातियों और आदिवासी समाज के प्रत्येक व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुँचाने के लिए संकल्पित है। हमारा लक्ष्य है कि इन वर्गों का जीवन स्तर बेहतर हो, वे आत्मनिर्भर बनें और विकास की मुख्यधारा में सम्मिलित हों। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जनजातीय समुदाय की सदैव चिंता करते हैं और उनके विकास के लिए समर्पित भाव से कार्य कर रहे हैं। केंद्र सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और आवास जैसी बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित करने हेतु अनेक योजनाएं संचालित कर रही है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने पीएम जनमन एवं धरती आबा जैसी महत्वाकांक्षी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने पीएम जनमन योजना के अंतर्गत स्वीकृत आवास और सड़क निर्माण कार्यों को उच्च गुणवत्ता के साथ समय-सीमा में पूर्ण करने पर जोर दिया। साथ ही, पीएम जनमन योजना के अंतर्गत शिविरों के माध्यम से हितग्राहियों के आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड, राशन कार्ड, जाति प्रमाण पत्र जैसे मूलभूत दस्तावेजों को तैयार करने का कार्य लगातार जारी रखने के निर्देश भी दिए।

मुख्यमंत्री ने आश्रम-छात्रावासों की समीक्षा करते हुए कहा कि जहाँ आवश्यकता हो, वहाँ सर्वसुविधायुक्त छात्रावास बनाए जाएं। शौचालय, बेड, पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित हो। निरीक्षण के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि आश्रम-छात्रावासों में बच्चों को दी जाने वाली सुविधाओं में एकरूपता रहे तथा छात्रावासों की निगरानी के लिए रियल टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम को अपनाया जाए।

मुख्यमंत्री ने विभाग द्वारा संचालित क्रीड़ा परिसरों की भी जानकारी ली और बच्चों द्वारा विभिन्न खेलों में अर्जित सफलताओं पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी 20 क्रीड़ा परिसरों में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी ताकि खेल प्रतिभाएं और निखरें और खिलाड़ी खेलो इंडिया सहित राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन कर सकें।

प्रयास विद्यालयों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इनमें उच्च शिक्षित प्रशिक्षकों की नियुक्ति होनी चाहिए। साथ ही, इंजीनियरिंग, मेडिकल, क्लैट, सीयूईटी सहित अन्य कैरियर विकल्पों के लिए भी बच्चों को तैयार करने पर विशेष ध्यान दिया जाए।

मुख्यमंत्री श्री साय ने आदिम जाति विभाग के अंतर्गत स्वीकृत एवं प्रगतिरत भवनों के निर्माण कार्यों को समय-सीमा में पूर्ण करने तथा भवनविहीन संस्थानों के लिए सर्वसुविधायुक्त भवन निर्माण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने मध्य क्षेत्र विकास प्राधिकरण एवं अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण की बैठक भी शीघ्र आयोजित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने आदिवासी संस्कृति संरक्षण एवं विकास के अंतर्गत देवगुड़ी निर्माण और अखरा विकास के कार्यों की भी समीक्षा की। श्री साय ने अखरा विकास के तहत आस्था स्थलों पर उपयुक्त प्रकाश, बैठक व्यवस्था, शेड और पेयजल सुविधा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने नई दिल्ली में प्रदेश सरकार द्वारा संचालित ट्राइबल यूथ हॉस्टल की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि सिविल सेवाओं की तैयारी कर रहे बच्चों के मार्गदर्शन के लिए हाल ही में चयनित अखिल भारतीय सेवा के अधिकारियों से चर्चा कर सुझाव लिए जाएं ताकि वर्तमान परिदृश्य के अनुरूप युवाओं को रणनीति बनाने में मदद मिल सके। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इससे प्रदेश के अधिकाधिक युवा उच्च पदों पर पहुँचकर राज्य के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

बैठक में एकलव्य आवासीय विद्यालय, मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा प्रोत्साहन छात्रवृत्ति योजना, जनजातीय बहुउद्देश्यीय विपणन केंद्र, वन अधिकार पत्र सहित अन्य विभागीय योजनाओं की भी विस्तृत समीक्षा की गई।

मुख्यमंत्री ने आदिवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय निर्माण की प्रगति की समीक्षा की

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने नवा रायपुर में निर्माणाधीन शहीद वीर नारायण सिंह आदिवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय के निर्माण कार्य की समीक्षा की। उन्होंने म्यूजियम के स्वरूप, निर्माण की गुणवत्ता और प्रस्तुत की जाने वाली सामग्री की जानकारी ली तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह संग्रहालय छत्तीसगढ़ के वीर सपूतों की अमर गाथा को समर्पित होगा। इसमें परलकोट विद्रोह, सोनाखान विद्रोह और भूमकाल विद्रोह जैसे ऐतिहासिक आंदोलनों को विशेष रूप से दर्शाया जाएगा। साथ ही, प्रदेश के प्रमुख जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के योगदान को भी जीवंत रूप में प्रस्तुत किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि यह संग्रहालय आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा। हमें गर्व है कि छत्तीसगढ़ की धरती ने स्वतंत्रता संग्राम में ऐतिहासिक भूमिका निभाई है। इन गाथाओं को आधुनिक तकनीकों के माध्यम से दृश्य-श्रव्य तरीके से रोचक और ज्ञानवर्धक रूप में प्रस्तुत किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने निर्माण कार्यों को तय समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश भी दिए।

बैठक में आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने पावरप्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से विभागीय गतिविधियों, उपलब्धियां और नवीन कार्य योजना की जानकारी विस्तार पूर्वक मुख्यमंत्री के सामने प्रस्तुत की।

बैठक में आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विकास विभाग के मंत्री श्री राम विचार नेताम, मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत सहित आदिवासी विकास विभाग के वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

 

रायपुर : शैक्षणिक सत्र शुरू होने से पहले आश्रम-छात्रावासों की कराएं साफ-सफाई और रंग-रोगन: मंत्री श्री रामविचार नेताम 

रायपुर : शैक्षणिक सत्र शुरू होने से पहले आश्रम-छात्रावासों की कराएं साफ-सफाई और रंग-रोगन: मंत्री श्री रामविचार नेताम

आश्रम-छात्रावास के अधीक्षकों की पदस्थापना काउंसिलिंग के माध्यम से करें सभी अधिकारी आश्रम-छात्रावासों का करें नियमित निरीक्षण

आदिम जाति विकास मंत्री ने की विभागीय काम-काज की समीक्षा

आदिम जाति मंत्री श्री रामविचार नेताम ने कहा है कि  आश्रम-छात्रावास में रहकर पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक माहौल उपलब्ध कराने के लिए नये शिक्षण सत्र के प्रारंभ होने से पहले राज्य के सभी आश्रम-छात्रावासों की मरम्मत, साफ-सफाई, पेयजल, रंग-रोगन आदि की व्यवस्था कर ली जाए। उन्होंने नवा रायपुर में विभागीय काम-काज की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को आश्रम-छात्रावासों के नियमित निरीक्षण और रख-रखाव कराने के निर्देश दिए।

आदिम जाति विकास मंत्री श्री नेताम ने कहा है कि आदिम जाति कल्याण विभाग में आश्रम-छात्रावासों के अधीक्षक के पद पर पदोन्नत होने वाले अधीक्षकों की पदस्थापना के लिए काउंसिलिंग की प्रक्रिया अपनाई जाए। यह प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से एक दिन आश्रम-छात्रावास में समय बिताने और विद्यार्थियों के साथ भोजन करने को भी कहा। श्री नेताम ने बैठक में कहा कि आगामी दो वर्षों में सभी आश्रम छात्रावासों के लिए भवन निर्माण किया जाना है, इसलिए भवनविहिन आश्रम-छात्रावासों का चिन्हांकन कर लिया जाए। उन्होंने कहा कि जिन आश्रम-छात्रावासों में सीटों की संख्या बढ़ाई गई है वहां रहने वाले छात्रों के लिए अतिरिक्त भवन अथवा कमरों की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जानी चाहिए।

श्री नेताम ने राज्य में प्रयास विद्यालयों की व्यवस्था और रख-रखाव के लिए भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन विद्यालयों में छात्रों को अखिल भारतीय इंजीनियरिंग और मेडिकल परीक्षाओं की तैयारी के लिए कोचिंग संस्थान के चयन के लिए टेंडर प्रक्रिया पूर्ण कराने कहा।

बैठक में अधिकारियों ने बताया कि आगामी 15 जून से प्रधानमंत्री धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के प्रचार-प्रसार के लिए विशेष कैंप लगाए जाएंगे। राष्ट्रीय स्तर पर 15 जून से शुरू होगी। राज्य में 16 और 17 जून को दो दिवसीय राज्य स्तरीय अभियान चलाया जाएगा, वहीं जिला स्तर पर 17 से 20 जून और विकासखण्ड स्तर पर 20 से 30 जून तक चलेगा। इस अभियान के तहत पीएम जनमन योजना से छुटे हुए जनजातीय परिवारों के आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड, वनाधिकार पत्र जैसे दस्तावेज बनाए जाएंगे। शासकीय योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा। मंत्री श्री नेताम ने सिकलसेल और टीव्ही मुक्त भारत अभियान के प्रति भी बच्चों को जागरूक करने के निर्देश अधिकारियों को दिए।

मंत्री श्री नेताम ने बैठक में कहा कि निर्धारित मीनू के आधार पर आश्रम और छात्रावास के बच्चों को भोजन उपलब्ध कराया जाए। आश्रम-छात्रावासों की दीवारों पर महापुरूषों के संदेशों का लेखन किया जाए। साथ ही बच्चों में शैक्षणिक क्षमता को बढ़ाने के लिए भाषण, वाद-विवाद प्रतियोगिता कराई जाए। उन्होंने आश्रम-छात्रावासों की विशिष्ट पहचान बनाने पर जोर दिया। मंत्री श्री नेताम ने विभाग में सुशासन तिहार के तहत प्राप्त आवेदनों के निराकरण की भी जानकारी ली। उन्होंने निराकरण के लिए शेष बचे आवेदनों को गंभीरता के साथ निराकरण करने के निर्देश दिए।

विशेष पिछड़ी जनजातियों के लिए 75 बहुउद्देशीय भवन

बैठक में जानकारी दी गई कि विशेष पिछड़ी जनजाति वर्ग के समग्र विकास के लिए राज्य में 75 बहुउद्देशीय भवन का निर्माण किया जा रहा है। 31 भवनों का निर्माण लगभग पूर्णतः की ओर है। इन भवनों में सांस्कृतिक, शैक्षणिक, स्वास्थ्य और सामाजिक गतिविधियां आयोजित की जा सकेगी। उन्होंने अधिकारियों को इन भवनों के तेजी से पूर्ण कराने के निर्देश भी दिए।

बैठक में आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा, उप सचिव श्री बी.एस. राजपूत, अपर संचालक श्री संजय गौड़, श्री जितेन्द्र गुप्ता, कार्यपालन अभियंता श्री त्रिदीप चक्रवर्ती सहित जिलों के परियोजना प्रशासक और सहायक आयुक्त उपस्थित थे।