सरायपाली /जमीन विवाद को लेकर ग्राम रक्शा में हुई बैठक, प्रशासन ने दिया जांच और कार्यवाही का आश्वासन*

सरायपाली /जमीन विवाद को लेकर ग्राम रक्शा में हुई बैठक, प्रशासन ने दिया जांच और कार्यवाही का आश्वासन*

05 जून /सराईपाली तहसील के ग्राम रक्शा में भूमि विवाद को लेकर उत्पन्न हो रही अशांति की संभावनाओं को देखते हुए आज अनुविभागीय अधिकारी राजस्व (एसडीएम) श्रीमती नम्रता चौबे की मौजूदगी में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का उद्देश्य ग्राम में शांति और सौहार्द्र बनाए रखना था।

बैठक में ग्रामवासियों की उपस्थिति में जमीन की वास्तविक स्थिति की जानकारी दी गई और विवाद से संबंधित आवश्यक जांच एवं नियमानुसार कार्यवाही का आश्वासन भी प्रशासन द्वारा दिया गया। ग्रामीणों से शांतिपूर्ण वातावरण बनाए रखने का आग्रह किया गया, जिसे सभी ने सहमति पूर्वक स्वीकार किया।

ग्रामवासियों ने पंचनामा दस्तावेज़ पर हस्ताक्षर कर प्रशासन को अपना सहयोग देने का आश्वासन दिया। इसके अतिरिक्त, भविष्य में किसी भी प्रकार के विवाद से बचने के लिए मौके पर ही बंदपत्र भी भरवाया गया।

इस दौरान एसडीएम के साथ राजस्व विभाग की टीम एवं स्थानीय पुलिस बल भी मौके पर मौजूद रहे । प्रशासन की तत्परता और संवेदनशीलता से ग्रामीण संतुष्ट दिखाई दिए।
स्थानीय प्रशासन की इस पहल की ग्रामीणों ने सराहना की और विश्वास जताया कि निष्पक्ष जांच एवं कार्यवाही के माध्यम से समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जाएगा।

एक साल में पूरा करना है काम, 8 साल से अधूरा है रायगढ़ से सरायपाली नेशनल हाईवे

 

प्रदेश के सबसे लंबे समय तक चलने वाले रोड प्रोजेक्ट रायगढ़-सारंगढ़-सराईपाली को लेकर अब भी कुछ पक्का नहीं हुआ है। एक हिस्से का ठेका हुआ है जिसका काम भी धीमा हो गया है। बरसात में काम करना मुश्किल हो जाता है। जून 2025 में यह 30 किमी रोड निर्माण पूरा करना है। रायगढ़ से सरायपाली तक बन रही टूलेन एनएच रोड कब पूरी होगी, यह कोई नहीं जानता। पूर्व के अफसरों ने कंसल्टेंसी कंपनी और ठेका कंपनी को बचाने में पूरी ताकत लगा दी। अब रोड नहीं बन पाई तो किसी की जवाबदेही तय नहीं की जा रही है। करीब 86 किमी लंबे इस प्रोजेक्ट का ठेका एरा इंफ्रा ने लिया था। लेकिन कंपनी दिवालिया हो गई।

328 करोड़ में पूरे रोड का टेंडर दिया गया था। इसके बाद तीन हिस्सों में रोड को बांटा गया है। इसमें से दानसरा से सराईपाली के बीच करीब 29.96 किमी हिस्से का टेंडर लगाया गया। बिलो में यह ठेका मेसर्स सुभाष अग्रवाल को मिला है। बिलो में काम लेने और अब लेबर, मटेरियल की लागत बढऩे के कारण ठेकेदार भी सोच में पड़ गया है। 30 किमी रोड का ठेका 57.98 करोड़ में लिया गया है। 18 महीने में काम पूरा होना है जिसकी मियाद 16 जून 2026 तक ही है। वर्तमान में काम की गति बेहद धीमी है। एक साल में 30 किमी रोड को तैयार करना है। सराईपाली की तरफ तो कोई काम नहीं हुआ है।

मिली जानकारी के मुताबिक अधूरी सडक़ पर पीडब्ल्यूडी एनएच विभाग ने एरा इंफ्रा को काफी भुगतान कर लिया। रायगढ़ से दानसरा के बीच 45 किमी रोड के लिए 163 करोड़ और चंद्रपुर बायपास 6 किमी रोड व पुल निर्माण के लिए 98 करोड़ दिए गए हैं। 45 किमी रोड को 35 करोड़ में पूरा करने को कहा जा रहा है। वहीं पुल के पिलरों का एनडीटी टेस्ट करने को कहा गया है। इसके बाद ही टेंडर लगेगा। पुल का काम भी सिर्फ गर्मी के सीजन में हो सकता है, जब नदी में पानी कम हो।

रायपुर : युवा शक्ति देश के विकास को गति देने में सक्षम : राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा

रायपुर : युवा शक्ति देश के विकास को गति देने में सक्षम : राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा

कौशल आधारित शिक्षा समाज में सकारात्मक बदलाव के लिए आवश्यक

राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने किया 4 थी समर्थ भारत कॉन्क्लेव का उद्घाटन

राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने कहा कि देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए युवाओं को कौशल विकास, आर्थिक रूप से सशक्त बनाने तथा सामाजिक उद्यमिता को बढ़ावा देना अत्यंत आवश्यक है। आईसेक्ट समूह द्वारा यहां एक स्थानीय होटल में आयोजित 4 थी समर्थ भारत कॉन्क्लेव में कहा। इस कॉन्क्लेव का उद्देश्य ”कौशल विकास, वित्तीय समावेशन और सामाजिक उद्यमिता की भूमिका“ पर चर्चा कर विकसित भारत के निर्माण की दिशा में कार्य करना है। ऐसे आयोजनों के माध्यम से युवाओं में जागरूकता और नेतृत्व कौशल का विकास होता है।

मंत्री श्री वर्मा ने युवाओं से आह्वान किया कि वे कौशल आधारित शिक्षा अपनाकर समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का कार्य करें। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के 2047 के विज़न को पूरा करने के लिए छत्तीसगढ़ को समृद्धशाली बनाना जरूरी है। इसके लिए इस कॉन्क्लेव में होने वाली चर्चा से मदद मिलेगी। युवा शक्ति के माध्यम से देश के विकास को गति मिलेगी। राज्य के पहले बजट में ज्ञान तथा दूसरे बजट में ज्ञान को गति देने वाले तत्वों को बजट का आधार बनाया गया। समृद्ध राष्ट्र और राज्य बनाने के लिए समाज का सर्वांगीण विकास बहुत जरूरी है। राज्य को विकसित बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में अनेक कल्याणकारी योजनाओं का क्रियान्वयन किया जा रहा है। स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार, महिला सशक्तिकरण की ओर तेजी से कार्य किया जा रहा है।

कार्यक्रम का आयोजन आईसेक्ट समूह द्वारा किया गया, जो शिक्षा, सशक्तिकरण और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए विख्यात है। इस अवसर पर डॉ. सी.वी. रमन यूनिवर्सिटी और स्कोप ग्लोबल स्किल्स यूनिवर्सिटी का भी विशेष सहयोग रहा। कॉन्क्लेव में विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों, शिक्षाविदों और नवाचारकर्ताओं ने भाग लिया और अपने विचार साझा किए।

 

रायपुर : विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर राज्यपाल श्री डेका ने लगाए पौधे

रायपुर : विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर राज्यपाल श्री डेका ने लगाए पौधे

विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर राज्यपाल श्री रमेन डेका ने आज यहां राजभवन परिसर, निर्माणाधीन राजभवन परिसर नवा रायपुर, गरियाबंद जिले के ग्राम मड़वाडीह और नगर पंचायत राजिम में बेल, अमलतास, आम के पौधे लगाए। उन्होंने सभी से अपील की कि ज्यादा से ज्यादा पेड़ लगाएं और पर्यावरण को सुरक्षित रखने में योगदान करे।

इस अवसर पर राज्यपाल के सचिव डॉ. सी. आर. प्रसन्ना भी उपस्थित थे।

 

रायपुर : राज्यपाल श्री डेका ने राजीव लोचन का किया दर्शन

रायपुर : राज्यपाल श्री डेका ने राजीव लोचन का किया दर्शन

राज्यपाल श्री रमेन डेका ने गरियाबंद जिले के प्रवास के दौरान  आज राजिम में भगवान श्री राजीव लोचन एवं कुलेश्वर महादेव मंदिर में दर्शन एवं पूजा अर्चना कर देश एवं प्रदेश की सुख समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। उन्होंने लोमष ऋषि आश्रम का भी  अवलोकन किया।

 

रायपुर : छत्तीसगढ़ में शालाओं और शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण से शिक्षा में नया संतुलन 

रायपुर : छत्तीसगढ़ में शालाओं और शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण से शिक्षा में नया संतुलन

दूरस्थ अंचल के स्कूलों के बच्चों को मिलेगी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा

छत्तीसगढ़ में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और प्रत्येक विद्यार्थी को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के अंतर्गत शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण की एक व्यापक और प्रभावशाली प्रक्रिया शुरू की है। इस पहल से दूरस्थ, आदिवासी व ग्रामीण क्षेत्रों में लंबे समय से शिक्षकों की कमी से जूझ रहे स्कूलों में शिक्षकों की उपलब्धता और शिक्षा की गुणवत्ता का नया संतुलन कायम होगा।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का कहना है कि युक्तियुक्तकरण का उद्देश्य शहरी एवं ग्रामीण इलाकों में शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाना है। इसको ध्यान में रखकर शालाओं और शिक्षकों का तर्कसंगत समायोजन किया जा रहा है। जहां जरूरत ज्यादा है, वहां शिक्षकों का बेहतर ढंग से उपयोग सुनिश्चित हो। उन स्कूलों को, जो कम छात्रों के कारण समुचित शिक्षा नहीं दे पा रहे हैं, उन्हें नजदीक के अच्छे स्कूलों के साथ समायोजित किया जा रहा है, ताकि बच्चों को बेहतर माहौल, संसाधन और पढ़ाई का समान अवसर मिल सके। युक्तियुक्तकरण से शिक्षा का स्तर सुधरेगा और हर बच्चे को अच्छी और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलेगी। यह पहल राज्य की शिक्षा व्यवस्था को ज्यादा सशक्त और संतुलित बनाएगी।

कोरबा जिले के सभी प्राथमिक और मिडिल स्कूलों में अब न्यूनतम दो व तीन शिक्षक पदस्थ किए गए हैं। 287 सहायक शिक्षक, 147 माध्यमिक शिक्षक और 75 व्याख्याताओं को काउंसलिंग के माध्यम से ऐसी शालाओं में पदस्थ किया गया है, जहां शिक्षक की जरूरत थी। इससे पोड़ी उपरोड़ा, पाली, करतला, कटघोरा जैसे दूरस्थ क्षेत्रों में वर्षों से शिक्षकविहीन रहे विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा। गणित, विज्ञान जैसे विषयों के विशेषज्ञों शिक्षक स्कूलों में उपलब्ध होंगे।

रायपुर के धरसीवां विकासखंड में कई स्कूलों में छात्रों की संख्या के मान से शिक्षक अधिक पदस्थ हैं। नयापारा कन्या स्कूल में 33 छात्राओं पर 7 शिक्षक तथा रविग्राम में 82 विद्यार्थियों पर 8 शिक्षक पदस्थ हैं। युक्तियुक्तकरण के माध्यम से इन शिक्षकों को आवश्यकता वाली शालाओं में पदस्थ किया जाएगा, जिससे शिक्षक और छात्र के अनुपात का संतुलन कायम होने के साथ ही दूरस्थ इलाकों के बच्चों को भी अध्यापन के लिए शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित होगी।

इसी तरह शिक्षकों की पदस्थापना में असंतुलन के चलते राजनांदगांव और दुर्ग जिले के ग्रामीण स्कूलों के परीक्षा परिणामों में गिरावट आई है। राजनांदगांव के घोटिया स्कूल में 103 छात्रों पर मात्र 3 व्याख्याता हैं, वहीं दुर्ग के मुरमुदा, सिलितरा और बिरेझर जैसे स्कूलों में पर्याप्त संख्या में व्याख्याता न होने के कारण इन स्कूलों का परीक्षा परिणाम प्रभावित हो रहा है। इसके उलट शहरी स्कूलों में शिक्षक आवश्यकता से अधिक पदस्थ हैं। युक्तियुक्तकरण से अब इस असमानता को दूर किया जा रहा है।

बस्तर संभाग के सात जिलों बस्तर, बीजापुर, कोंडागांव, नारायणपुर, दंतेवाड़ा, कांकेर और सुकमा में कुल 1611 स्कूलों का युक्तियुक्तकरण किया जा रहा है। इससे शैक्षणिक संसाधनों का समुचित वितरण, पुस्तकालय, प्रयोगशाला, कंप्यूटर, खेल सामग्री जैसी सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित होगी। साथ ही, एक ही परिसर में संचालित शालाओं का एकीकरण कर प्रशासनिक खर्च में भी बचत होगी। कमोवेश यह स्थिति कोरिया जिले में मिली, जिसके कारण जिले में 81 सहायक शिक्षक, 33 शिक्षक व 7 व्याख्याताओं को ऐसी शालाओं में पदस्थ किया गया, जहां शिक्षकों की जरूरत रही है। जिलों में युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी ढंग से संचालित की जा रही है और अतिशेष शिक्षकों को काउंसलिंग के माध्यम से उनकी पसंद की शालाओं में पदस्थ किया जा रहा है।

सरगुजा जिले में भी युक्तियुक्तकरण के माध्यम से 283 सहायक शिक्षकों को उन शालाओं में भेजा गया है, जहां शिक्षकों की जरूरत थी। जांजगीर जिले में 18 प्रधान पाठक, 196 शिक्षक और 436 सहायक शिक्षकों की काउंसलिंग प्रक्रिया पारदर्शी व वरिष्ठता प्रणाली के आधार पर पूर्ण की गई। चयनित शिक्षकों को तत्काल पदस्थापना आदेश भी दे दिए गए हैं। छत्तीसगढ़ में शिक्षक युक्तियुक्तकरण की यह नीति न केवल शैक्षणिक असमानताओं को दूर कर रही है, बल्कि प्रत्येक विद्यार्थी को समान, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में एक सशक्त और दूरदर्शी कदम है।

 

कुंभकार महासंघ फुलझर अंचल के केंद्रीय कार्यकारिणी का निर्वाचन 2025 सफलतापूर्वक संपन्न अध्यक्ष बने धर्मेन्द्र नाथ राणा एक नई टीम, एक नया संकल्प, समाज के उत्थान की नई दिशा —

कुंभकार महासंघ फुलझर अंचल के केंद्रीय कार्यकारिणी का निर्वाचन 2025 सफलतापूर्वक संपन्न
अध्यक्ष बने धर्मेन्द्र नाथ राणा
एक नई टीम, एक नया संकल्प, समाज के उत्थान की नई दिशा —

कुंभकार महासंघ फुलझर अंचल की केंद्रीय कार्यकारिणी का बहुप्रतीक्षित निर्वाचन दिनांक *03 जून 2025* को पूर्ण गरिमा और पारदर्शिता के साथ संपन्न हुआ। इस ऐतिहासिक प्रक्रिया का सफल संचालन चुनाव अधिकारियों बाबूलाल राणा एवं लक्ष्मीनारायण पाण्डे के दिशा-निर्देशन में हुआ, जिनके कुशल मार्गदर्शन और समर्पण ने लोकतांत्रिक मूल्यों की मिसाल प्रस्तुत की।

इस अवसर पर निम्नलिखित पदाधिकारियों का निर्वाचन हुआ —

🔹 *सम्मानित सदस्य* : श्री सुभाष चंद्र राणा
🔹 *संरक्षक* : श्री लक्ष्मीनारायण पाण्डे, श्री बाबूलाल राणा
🔹 *अध्यक्ष* : श्री धर्मेन्द्र नाथ राणा
🔹 *वरिष्ठ उपाध्यक्ष* : श्री श्रवण कुमार राणा
🔹 *कनिष्ठ उपाध्यक्ष* : श्री पुरूषोत्तम पांडे
🔹 *महासचिव* : श्री केदारनाथ राणा
🔹 *कोषाध्यक्ष* : श्री जगन्नाथ प्रसाद राणा
🔹 *सहसचिव* : श्री खीरसागर राणा
🔹 *सांस्कृतिक गतिविधि संयोजक* : श्री मनोज राणा
🔹 *मीडिया प्रभारी* : श्री अशोक कुमार राणा
🔹 *आईटी प्रभारी* : श्री हिरत राणा
🔹 *कार्यकारिणी सदस्यगण* :
श्री संजय राणा, श्री अभिमन्यु राणा, श्री धर्मप्रसाद राणा,
श्री भीमसेन राणा, श्री राजेन्द्र राणा, श्री रेशमलाल राणा,
श्री गजानंद पाण्डे

नवगठित टीम को समाजहित में कार्य करने का दायित्व सौंपा गया है। सभी नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को समाज के विभिन्न वर्गों से शुभकामनाएं और समर्थन प्राप्त हो रहा है। इस नवीन कार्यकारिणी से समाज में नवचेतना, एकता और रचनात्मक ऊर्जा का संचार होगा — यही सभी की आशा है।

“मिट्टी से जीवन गढ़ने वाला यह समाज,
अब संगठन से नवयुग रचने को तत्पर है।”

मीडिया प्रभारी *श्री अशोक कुमार राणा* ने समस्त नवनिर्वाचित सदस्यों को हृदय से बधाई एवं शुभकामनाएं दीं तथा आगामी कार्यकाल हेतु विश्वास व्यक्त किया कि यह कार्यकारिणी समाज को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाएगी।

रायपुर : कर्नाटक के चिन्नास्वामी स्टेडियम में भगदड़ की घटना में अनेक लोगों की मृत्यु पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने जताया गहरा शोक

रायपुर : कर्नाटक के चिन्नास्वामी स्टेडियम में भगदड़ की घटना में अनेक लोगों की मृत्यु पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने जताया गहरा शोक

कर्नाटक के चिन्नास्वामी स्टेडियम में हुए भगदड़ में कई लोगों की असामयिक मृत्यु एवं घायल होने की घटना पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने गहरा शोक व्यक्त किया है।

उन्होंने कहा कि यह घटना अत्यंत दुखद है। विपदा की इस घड़ी में हम अपेक्षा करते हैं कि कर्नाटक सरकार इस घटना की गंभीरता को देखते हुए राहत और बचाव के सभी आवश्यक कदम शीघ्रता से उठाएगी, ताकि पीड़ितों को हरसंभव सहायता मिल सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

मुख्यमंत्री श्री साय ने शोकाकुल परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्माओं की शांति तथा घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की प्रार्थना की है।

 

रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों को विश्व पर्यावरण दिवस की शुभकामनाएं दीं

रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों को विश्व पर्यावरण दिवस की शुभकामनाएं दीं

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों को विश्व पर्यावरण दिवस की बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री श्री साय ने पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि हम प्रतिवर्ष 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस मनाते हैं। उन्होंने कहा कि यह दिन मानव और प्रकृति के बीच प्रेम और सामंजस्य बढ़ाने के लिए प्रेरित करता है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा  कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा पर्यावरण संरक्षण के लिए चलाया गया ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान एक व्यापक जन अभियान बन गया है। वृक्षों को कटने से बचाने के साथ-साथ अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने के लिए लोगों को आगे आना चाहिए और दूसरों को भी वृक्षारोपण के लिए जागरूक करना चाहिए, जिससे हम प्रदूषण रहित, स्वस्थ छत्तीसगढ़ और स्वस्थ भारत के निर्माण में योगदान दे सकें।

पिथौरा -/ सीएम हाउस के सामने आत्मदाह की चेतावनी : विधवा महिला ने शिक्षिका पर लगाया मकान हड़पने का आरोप, कलेक्टर से लगाई गुहार, कहा – न्याय नहीं मिला तो करुंगी आत्मदाह

पिथौरा -/ सीएम हाउस के सामने आत्मदाह की चेतावनी : विधवा महिला ने शिक्षिका पर लगाया मकान हड़पने का आरोप, कलेक्टर से लगाई गुहार, कहा – न्याय नहीं मिला तो करुंगी आत्मदाह

महासमुंद जिले के पिथौरा विकासखंड के लहरौद गांव की रहने वाली 70 वर्षीय विधवा महिला ने एक शासकीय शिक्षिका पर मकान हड़पने और धमकाने का आरोप लगाया है। प्रतिभा मसीह ने कलेक्टर जनदर्शन में पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई. उन्होंने न्याय नहीं मिलने पर 10 जून को रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास के सामने आत्मदाह करने की चेतावनी दी.

प्रतिभा मसीह का आरोप है कि उन्होंने 2017 में लहरौद गांव के वार्ड क्रमांक 6 में स्थित मकान खरीदा था, लेकिन आर्थिक तंगी के चलते 2019 में उन्होंने गांव की ही शासकीय शिक्षिका गंगादेवी ध्रुव से 73 हजार रुपए उधार लिए और ये तय हुआ था कि छह माह में राशि लौटाकर मकान वापस ले लेगी, लेकिन तय समय से पहले ही जब उन्होंने पैसा लौटाने की कोशिश की तो शिक्षिका ने रकम लेने से इनकार कर दिया और दावा किया कि मकान अब उन्हीं का है.

पीड़िता का आरोप- सरकारी भूमि पर भी शिक्षिका ने किया है अवैध कब्जा
प्रतिभा मसीह अब एक जर्जर टीनशेड मकान में अपनी मानसिक रूप से कमजोर बेटी और नाती के साथ रह रही हैं. प्रतिभा मसीह ने यह भी आरोप लगाया है कि शिक्षिका गंगादेवी ध्रुव ने गांव की शासकीय बड़ेझाड़ मद की भूमि पर भी अवैध कब्जा किया है और निर्माण करा रही है.

पटवारी को भेजकर मामले की जांच कराएंगे : एसडीएम
इस मामले में पिथौरा एसडीएम का कहना है कि थाना प्रभारी एवं जनदर्शन के माध्यम से मामला मेरे संज्ञान में आया है. प्रथम दृष्टिया पैसे का लेनदेन का मामला लग रहा है. किसी स्टांप पेपर के आधार पर पैसा का लेनदेन किया गया है. पटवारी को भेज कर वस्तु स्थिति की जांच की जाएगी. इसके बाद यथासंभव आवश्यक कार्रवाई की जाएगी.