कर चोरी करने वाले व्यवसायियों के विरूद्ध स्टेट जीएसटी की बड़ी कार्यवाही

कर चोरी करने वाले व्यवसायियों के विरूद्ध स्टेट जीएसटी की बड़ी कार्यवाही

मेसर्स बंसल ट्रेडिंग कार्पोरेशन, अंबिकापुर के व्यवसाय स्थल पर स्टेट जीएसटी विभाग अंबिकापुर द्वारा 29 मई को जांच की कार्यवाही की गई है। भारत सरकार द्वारा संचालित जीएसटी पोर्टल के अनुसार इनका रिस्क स्कोर 10 आ रहा था, जिसका आशय होता है कि फर्म कर अपवंचन में संलिप्त है। जब मौके पर जांच टीम पहुंची तो, देखा कि उनके व्यवसाय स्थल पर व्यवसाय से संबंधित कोई भी लेखा पुस्तक या कोई भी सॉफ्टवेयर जैसे कि टैली का संधारण नहीं पाया गया, जिससे कर अपवंचन की संभावना और भी प्रबल हो गई। आगे जांच में पाया गया कि वर्ष 2017-18 से वर्ष 2024-25 तक कुल टर्न ओव्हर लगभग रू. 158 करोड़ से अधिक है किंतु उस पर कर का नगद भुगतान शून्य किया गया है।

साथ ही साथ जब ई-वे बिल की जांच की गई तो पता चला कि वर्ष 2023-24 में माल की खरीदी 29.50 करोड़ की गई किंतु माल की सप्लाई मात्र रू. 50 लाख की ही की गई, जिससे यह पता चलता है कि माल का विक्रय आम उपभोक्ता को किया गया है किंतु बिल को अन्य व्यवसायियों को बेचकर बोगस इनपुट टैक्स का लाभ दिया गया है, जिससे कि केंद्र सरकार के साथ राज्य सरकार को कर राजस्व की अत्यधिक हानि हुई है। जांच के दौरान व्यवसायी के द्वारा अपनी गलती / त्रुटि स्वीकार करते हुए स्वैच्छिक रूप से रू. 40.00 लाख कर भुगतान करने की मंशा जाहिर की किंतु जीएसटी विभाग के अधिकारियों नें व्यवसायी से लेखा पुस्तक एवं अन्य दस्तावेज प्रस्तुत करने की मांग की। व्यवसायी की ओर से अभी तक कोई भी जानकारी एवं दस्तावेज प्रस्तुत नही किया गया है।

इसके साथ-साथ दिनांक 30.05.2025 एवं दिनांक 31.05.2025 को मेसर्स लक्ष्मी ट्रेडर्स, अंबिकापुर के व्यवसाय स्थल पर स्टेट जीएसटी विभाग अंबिकापुर द्वारा जांच की कार्यवाही की गई है। इनके यहां जांच में पाया गया कि वर्ष 2017-18 से वर्ष 2024-25 तक कुल टर्न ओव्हर लगभग रू. 96 करोड़ से अधिक है किंतु उस पर कर का नगद भुगतान नगण्य किया गया है। साथ ही साथ जब ई-वे बिल की जांच की गई तो ज्ञात हुआ कि वर्ष 2023-24 में माल की खरीदी 11 करोड़ की गई किंतु माल की सप्लाई मात्र रू. 7 करोड़ की ही की गई है।

जांच के दौरान व्यवसायी के द्वारा अपनी गलती / त्रुटि स्वीकार करते हुए स्वैच्छिक रूप से रू. 17.55 लाख कर भुगतान कर दिया गया है। उक्त व्यवसायी पर स्टेट जीएसटी विभाग द्वारा पूर्व में कोई कार्यवाही नहीं की गई है।

 

 

नवा रायपुर का रिटेल कॉम्प्लेक्स : आधुनिक मनोरंजन और तकनीकी नवाचार का नया केंद्र

नवा रायपुर का रिटेल कॉम्प्लेक्स : आधुनिक मनोरंजन और तकनीकी नवाचार का नया केंद्र

नवा रायपुर रेल्वे स्टेशन के पास 2.65 लाख वर्गफीट में निर्मित है सीबीडी, मल्टीप्लेक्स, रेस्टोरेंट और एएसपी कार्यालय हो रहे संचालित

जल्द शुरू होगा इमर्सिव होलोग्राफिक एंटरटेनमेंट, हर तरह की खरीदारी के लिए सुपर मार्केट भी

स्मार्ट सिटी के अनुरूप एक ही जगह पर विविध सुविधाएं, 100 से अधिक रिटेल दुकानें आबंटित

नवा रायपुर की नई पहचान बनने अग्रसर सीबीडी, रोजगार, पर्यटन, सांस्कृतिक-तकनीकी केंद्र और नवाचार आधारित स्टार्ट-अप्स के लिए नया मंच

छत्तीसगढ़ की राजधानी नवा रायपुर के सेक्टर-21 में 2.65 लाख वर्गफीट में निर्मित छह मंजिला सेंट्रल बिजनेस डिस्ट्रिक्ट (CBD) देश के इस पहली स्मार्ट सिटी की नई पहचान बनने की दिशा में तेजी से अग्रसर है। नवा रायपुर का नवनिर्मित रेल्वे स्टेशन इसके पास ही है, जिस वजह से यह सीबीडी रेल्वे स्टेशन के नाम से ही जाना जाता है। अभी सीबीडी में मिराज मल्टीप्लेक्स, आईपी क्लब रेस्टोरेंट और एएसपी कार्यालय संचालित हो रहे हैं। मनोरंजन के अद्वितीय अनुभव के लिए यहां जल्द ही इमर्सिव होलोग्राफिक एंटरटेनमेंट सेंटर प्रारंभ होने जा रहा है। हर तरह की खरीदारी के लिए गोकुल सुपर मार्केट भी शीघ्र शुरू होगा।

स्मार्ट सिटी के अनुरूप सीबीडी में एक ही जगह पर विविध सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं। स्थानीय व्यवसाईयों को 100 से अधिक रिटेल दुकानें आबंटित की गई हैं जो यहां तेजी से फुटफाल बढ़ाएंगी। सीबीडी नवा रायपुर के आर्थिक विकास को गति देने के साथ ही रोजगार, पर्यटन, सांस्कृतिक-तकनीकी केंद्र और नवाचार आधारित स्टार्ट-अप्स के लिए नया मंच प्रदान करेगा। स्मार्ट सिटी की परिकल्पना को साकार करने वाला यह कॉम्प्लेक्स आने वाले वर्षों में नवा रायपुर की नई पहचान बनेगा जहां शिक्षा, मनोरंजन और दैनिक जरूरतें जैसी सभी चीजें एक ही स्थान पर सुलभ होंगे। इमर्सिव टेक्नोलॉजी, तकनीकी प्रशिक्षण संस्थान और शॉपिंग की सहुलियतों से सुसज्जित यह भविष्य के नए आकर्षण का केंद्र है।

सेंट्रल बिजनेस डिस्ट्रिक्ट का कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स चार विंग्स में फैला हुआ है, जिसका कुल कारपेट एरिया दो लाख 65 हजार वर्गफीट है। यहां हर तल की योजना नागरिकों की अलग-अलग जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। भू-तल में लगभग पांच हजार वर्गफीट एरिया गोकुल सुपर मार्केट को आबंटित किया गया है जो शीघ्र ही प्रारंभ होने वाला है। इसी तल पर नवा रायपुर का अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कार्यालय भी संचालित है। भू-तल पर 100  से अधिक रिटेल दुकानें भी आबंटित की गई हैं।

सीबीडी का द्वितीय तल एनआईईएलआईटी (National Institute of Electronics & Information Technology) को आबंटित किया गया है, जो युवाओं को इलेक्ट्रॉनिक्स, डेटा एनालिटिक्स और आईटी में प्रशिक्षित कर आत्मनिर्भर बनाएगा। इस तल पर आईपी क्लब रेस्टोरेंट भी संचालित है, जो लोगों को विभिन्न तरह के खानपान उपलब्ध कराता है। तृतीय तल पर पांच करोड़ 33 लाख रुपए की लागत से इमर्सिव होलोग्राफिक एंटरटेनमेंट सेंटर बनाया जा रहा है। यह वीआर (VR), एआर (AR) और होलोग्राफिक तकनीकों के माध्यम से प्रदेशवासियों को मनोरंजन का अद्वितीय अनुभव प्रदान करेगा। चौथे व छटवें फ्लोर पर संचालित मिराज सिनेमा ने सीबीडी को नवा रायपुर में मनोरंजन के लोकप्रिय स्थल के रूप में स्थापित कर दिया है।

सीबीडी केवल शॉपिंग डेस्टिनेशन नहीं है। यह छत्तीसगढ़ की आधुनिक राजधानी नवा रायपुर को निकट भविष्य में आर्थिक, सामाजिक और तकनीकी रूप से गहरे तक प्रभावित करेगा। देश की पहली स्मार्ट सिटी नवा रायपुर अटल नगर तेजी से भविष्य के शहर के रूप में उभर रहा है, जहां मुख्यमंत्री निवास, मंत्रालय, सचिवालय, विभागाध्यक्ष भवन और अन्य सरकारी कार्यालय संचालित हैं। विधानसभा का नया भवन भी यहां निर्माणाधीन है। शिक्षा, स्वास्थ्य, तकनीकी विकास और निवेश के क्षेत्र में भी नवा रायपुर नई ऊचांईयाँ छू रहा है। वर्ष 2018 में सीबीडी का निर्माण पूर्ण होने के बाद वर्तमान सरकार ने 2025 में ही गोकुल सुपर मार्केट, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कार्यालय जैसे कई स्थानों को आबंटित किया है। कॉम्प्लेक्स के अन्य बिल्ड-अप स्पेस के आबंटन की कार्यवाही भी तेजी से प्रक्रियाधीन है।

 

विश्व बाल सुरक्षा दिवस : बच्चों की सुरक्षा और खुशहाली के लिए सामूहिक जागरूकता और संवेदनशीलता आवश्यक : मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े

विश्व बाल सुरक्षा दिवस : बच्चों की सुरक्षा और खुशहाली के लिए सामूहिक जागरूकता और संवेदनशीलता आवश्यक : मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े

महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने एक जून को विश्व बाल सुरक्षा दिवस के अवसर पर समस्त नागरिकों से बच्चों की सुरक्षा, सम्मान और समग्र विकास के लिए अधिक सजग और संवेदनशील बनने की अपील की है।

श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि बच्चे हमारे समाज की नींव और भविष्य हैं। जब वे सुरक्षित, स्वस्थ और स्नेहपूर्ण वातावरण में पलते हैं, तभी एक समृद्ध राष्ट्र का निर्माण संभव होता है। लेकिन आज के दौर में बच्चों के प्रति हो रही हिंसा, उपेक्षा और शोषण की घटनाएं हम सभी को आत्ममंथन करने के लिए विवश करती हैं।

मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने यह भी कहा कि बाल अधिकारों की रक्षा केवल सरकारी दायित्व नहीं, बल्कि समाज के हर व्यक्ति की नैतिक जिम्मेदारी है। हमें बच्चों की मानसिक, भावनात्मक और सामाजिक जरूरतों को समझते हुए उनके लिए ऐसा वातावरण निर्मित करना होगा, जिसमें वे निर्भय होकर अपने सपनों को साकार कर सकें।

उन्होंने कहा कि हर बच्चे की मुस्कान, उसकी सुरक्षा से जुड़ी होती है। यदि हम आज सजग नहीं हुए, तो आने वाला कल हमसे जवाब मांगेगा। आइए, इस दिवस पर संकल्प लें कि हम हर बच्चे की आवाज बनेंगे और बाल संरक्षण के लिए मिलकर एक मजबूत सामाजिक ढांचा खड़ा करेंगे।

 

छत्तीसगढ़ में होगी शिक्षकों की भर्ती

छत्तीसगढ़ में होगी शिक्षकों की भर्ती

प्रथम चरण में 5,000 पदों पर होगी नियुक्ति

छत्तीसगढ़ में शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ एवं प्रभावशील बनाने के लिए शिक्षकों के रिक्त पदों पर चरणबद्ध भर्ती की जाएगी। प्रथम चरण में 5,000 शिक्षकों की भर्ती होगी। इस निर्णय से प्रदेश के शैक्षणिक संस्थानों में अध्ययन अध्यापन व्यवस्था को गति मिलेगी और विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त होगी। शिक्षकों के रिक्त पदों पर भर्ती को लेकर विभागीय स्तर पर तैयारियां प्रारंभ कर दी गई हैं।

छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा राज्य में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। इन्हीं पहल में शामिल है शालाओं एवं शिक्षकों का युक्तियुक्तकरण। युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया राज्य में शुरू कर दी गई है। इसके पूरा होेने के बाद शिक्षकों के रिक्त पदों का आकलन कर नई भर्ती की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

गौरतलब है कि शिक्षा की गुणवत्ता और पहुंच को बेहतर बनाने की पहल के तहत छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा राज्य में शालाओं और शिक्षकों का युक्तियुक्तकरण किया जा रहा है। इसका उद्देश्य यह है कि जहां जरूरत है वहां शिक्षक उपलब्ध हों और बच्चों को अच्छी शिक्षा, बेहतर शैक्षणिक वातावरण और बेहतर सुविधाएं मिल सकें। युक्तियुक्तकरण का मतलब है स्कूलों और शिक्षकों की व्यवस्था को इस तरह से सुधारना कि सभी स्कूलों में छात्र-शिक्षक अनुपात संतुलित हो और कोई भी स्कूल बिना शिक्षक के न रहे।

राज्य की 30,700 प्राथमिक शालाओं में औसतन 21.84 बच्चे प्रति शिक्षक हैं और 13,149 पूर्व माध्यमिक शालाओं में 26.2 बच्चे प्रति शिक्षक हैं, जो कि राष्ट्रीय औसत से कहीं बेहतर है। हालांकि 212 प्राथमिक स्कूल अभी भी शिक्षक विहीन हैं और 6,872 प्राथमिक स्कूलों में केवल एक ही शिक्षक कार्यरत है। पूर्व माध्यमिक स्तर पर 48 स्कूलों में शिक्षक नहीं हैं और 255 स्कूलों में केवल एक शिक्षक है। 362 स्कूल ऐसे भी हैं जहां शिक्षक तो हैं, लेकिन एक भी छात्र नहीं है। इसी तरह शहरी क्षेत्र में 527 स्कूलों में छात्र-शिक्षक अनुपात 10 या उससे कम है। 1,106 स्कूलों में यह अनुपात 11 से 20 के बीच है। 837 स्कूलों में यह अनुपात 21 से 30 के बीच है। लेकिन 245 स्कूलों में यह अनुपात 40 या उससे भी ज्यादा है, यानी छात्रों की दर्ज संख्या के अनुपात में शिक्षक कम हैं।

युक्तियुक्तकरण के अंतर्गत जिन स्कूलों में ज्यादा शिक्षक हैं लेकिन छात्र नहीं, वहां से शिक्षकों को निकालकर उन स्कूलों में भेजा जा रहा है, जहां शिक्षक नहीं हैं। इससे शिक्षक विहीन और एकल शिक्षक वाले स्कूलों की समस्या दूर होगी। स्कूल संचालन का खर्च भी कम होगा और संसाधनों का बेहतर उपयोग हो सकेगा। एक ही परिसर में ज्यादा कक्षाएं और सुविधाएं मिलने से बच्चों को बार-बार एडमिशन लेने की जरूरत नहीं होगी। यानी एक ही परिसर में संचालित प्राथमिक, माध्यमिक, हाई स्कूल एवं हायर सेकेण्डरी स्कूल संचालित होंगे तो प्राथमिक कक्षाएं पास करने के बाद विद्यार्थियों को आगे की कक्षाओं में एडमिशन कराने की प्रक्रिया से छुटकारा मिल जाएगा। इससे बच्चों को पढ़ाई में निरंतरता बनी रहेगी। बच्चों के स्कूल छोड़ने की दर (ड्रॉपआउट रेट) भी घटेगी। अच्छी बिल्डिंग, लैब, लाइब्रेरी जैसी सुविधाएं एक ही जगह देना आसान होगा।

शिक्षा विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार शालाओं के युक्तियुक्तकरण के तहत राज्य के कुल 10,463 स्कूलों में से सिर्फ 166 स्कूलों का समायोजन होगा। इन 166 स्कूलों में से ग्रामीण इलाके के 133 स्कूल ऐसे हैं, जिसमें छात्रों की संख्या 10 से कम है और एक किलोमीटर के अंदर में दूसरा स्कूल संचालित है। इसी तरह शहरी क्षेत्र में 33 स्कूल ऐसे हैं, जिसमें दर्ज संख्या 30 से कम हैं और 500 मीटर के दायरे में दूसरा स्कूल संचालित है। इस कारण 166 स्कूलों को बेहतर शिक्षा के उद्देश्य से समायोजित किया जा रहा है, इससे किसी भी स्थिति में बच्चों की पढ़ाई प्रभावित नहीं होगी। शेष 10,297 स्कूल पूरी तरह से चालू रहेंगे।

दरअसल छत्तीसगढ़ सरकार राज्य के शहरी और ग्रामीण इलाकों में शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए स्कूलों और शिक्षकों का युक्तियुक्तकरण यानि तर्कसंगत समायोजन कर रही है। इसका उद्देश्य यह है कि जहां जरूरत ज्यादा है, वहां संसाधनों और शिक्षकों का बेहतर ढंग से उपयोग सुनिश्चित हो। उन स्कूलों को जो कम छात्रों के कारण समुचित शिक्षा नहीं दे पा रहे हैं, उन्हें नजदीकी अच्छे स्कूलों के साथ समायोजित किया जाए, ताकि  बच्चों को बेहतर माहौल, संसाधन और पढ़ाई का समान अवसर उपलब्ध हो सके।

शालाओं और शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण से बच्चों को ज्यादा योग्य और विषय के हिसाब से विशेषज्ञ शिक्षक मिलेंगे। स्कूलों में लाइब्रेरी, लैब, कंप्यूटर आदि की सुविधाएं सुलभ होंगी। शिक्षकों की कमी वाले स्कूलों में अब पर्याप्त शिक्षक मिलेंगे। जिन स्कूलों में पहले गिनती के ही छात्र होते थे, वे अब पास के अच्छे स्कूलों में जाकर बेहतर शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में इस बदलाव से शिक्षा का स्तर सुधरेगा। छत्तीसगढ़ सरकार की मंशा है कि हर बच्चे को अच्छी और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले।यह पहल राज्य की शिक्षा व्यवस्था को ज्यादा सशक्त और संतुलित बनाएगी। युक्तियुक्तकरण से न सिर्फ शिक्षकों का समुचित उपयोग होगा, बल्कि बच्चों को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा भी मिल सकेगी।

 

जिला उपभोक्ता आयोगोें के अध्यक्ष एवं सदस्यों का एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला सम्पन्न

जिला उपभोक्ता आयोगोें के अध्यक्ष एवं सदस्यों का एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला सम्पन्न

मंत्री श्री दयालदास बघेल ने कार्यशाला का किया शुभारंभ

खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री दयालदास बघेल ने आज पंडरी, पुराना बस स्टैण्ड के पास छत्तीसगढ़ राज्य उपभोक्ता आयोग भवन के सम्मेलन कक्ष में जिला उपभोक्ता आयोगों के अध्यक्ष एवं सदस्यों का एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का शुभारंभ किया।

इस अवसर पर राष्ट्रीय उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति श्री अमरेश्वर प्रताप साही एवं छत्तीसगढ़ राज्य उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति श्री गौतम चौरड़िया सहित  उपभोक्ता आयोगों के अध्यक्ष एवं सदस्यगण उपस्थित थे।

उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री बघेल ने सुभारम्भ सत्र को सम्बोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार की यह मनसा है कि प्रशिक्षण पश्चात् उपभोक्ता आयोगों की कार्यकुशला में वृद्धि हो और कम समय में उपभोक्ताओं को अधिक से अधिक लाभ मिल सकेगा। उन्होंने कहा कि उपभोक्ता हितों की रक्षा बहुत जरूरी है।

इस अवसर पर राष्ट्रीय उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति श्री अमरेश्वर प्रताप साही ने कहा कि मानव जीवन में उसके जन्म से लेकर मृत्यु तक जो भी वस्तु और सेवा का संव्यवहार करता है, वह उपभोक्ता की श्रेणी में आता है। इस हेतु संविधान के अंतर्गत और उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के अंतर्गत बनाए गए व्यवस्था का उपभोक्ता आयोग परिपालक है। इस प्रशिक्षण से निश्चित ही छत्तीसगढ़ राज्य में उपभोक्ता प्रकरणों के गुणवत्तापूर्ण निराकरण में तेजी आएगी।

 

रानी अहिल्याबाई नारी सशक्तिकरण की जीवंत प्रतीक: मंत्री श्रीमती राजवाड़े

रानी अहिल्याबाई नारी सशक्तिकरण की जीवंत प्रतीक: मंत्री श्रीमती राजवाड़े

रानी अहिल्याबाई होलकर की 300वीं जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में नारी सशक्तिकरण और सेवा भावना पर हुआ मंथन

महिला एवं बाल विकास और समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के मुख्य आतिथ्य में सूरजपुर जिले के ऑडिटोरियम में रानी अहिल्याबाई होल्कर की 300वीं जयंती पर भव्य समारोह का आयोजन किया गया। श्रीमती राजवाड़े ने  इस अवसर पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए रानी अहिल्याबाई होल्कर के जीवन और कर्तृत्व को नारी शक्ति की प्रेरणा बताया।

श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि रानी अहिल्याबाई होल्कर ने कभी भी हिम्मत नहीं हारी और हमेशा अपनी प्रजा की भलाई के लिए समर्पित रहीं। उन्होंने जल संकट से निपटने के लिए तालाब खुदवाए, निर्धनों की सहायता की और शासन को सेवा का माध्यम बनाया। उन्होंने शत्रुओं का डटकर सामना किया और अपने शासन में न्याय, धर्म और जनसेवा को सर्वाेपरि रखा।

मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने यह भी कहा कि रानी अहिल्याबाई ने स्त्रियों को समाज में निर्णय लेने का अधिकार दिया और विधवाओं एवं वंचित वर्ग की महिलाओं की शिक्षा को प्रोत्साहित किया। उन्होंने अपने जीवन से यह संदेश दिया कि स्त्री केवल सहनशीलता की प्रतीक नहीं, बल्कि नेतृत्व, चेतना और परिवर्तन की वाहक भी है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय भी रानी अहिल्याबाई की प्रेरणा से समाज और राष्ट्र के कल्याण के लिए कार्य कर रहे हैं।उन्होंने कहा कि रानी अहिल्याबाई ने यह भलीभांति समझा था कि समाज की प्रगति महिलाओं की भागीदारी और शिक्षा के बिना संभव नहीं है।

इस अवसर पर सम्मान समारोह का भी आयोजन किया गया, जिसमें जय दुर्गा स्वसहायता समूह को डोर टू डोर कचरा संग्रहण और स्वच्छ भारत मिशन में योगदान के लिए प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन  में अपने योगदान के लिए श्रीमती माधुरी भंडारी को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मानित किया गया। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग की कार्यकर्ताओं को भी सम्मानित किया गया। श्रीमती राजवाड़े ने भटगांव स्थित सांस्कृतिक भवन में आयोजित त्रिशताब्दी समारोह में भी भाग लिया।

कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथियों के रूप में जिले के गणमान्य नागरिकगण, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती चन्द्रमणि पैंकरा, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्रीमती रेखा राजवाड़े, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती नयन सिदार, श्रीमती कुसुम सिंह, श्री भीमसेन अग्रवाल,रेड क्रॉस सोसाइटी के जिला अध्यक्ष बाबूलाल अग्रवाल,श्री मुरली मनोहर सोनी, जनप्रतिनिधिगण, अधिकारी एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहे।

 

राज्यपाल श्री रमेन डेका ने मोहला मानपुर अंबागढ़ जिले में प्रशासनिक अधिकारियों की ली बैठक

राज्यपाल श्री रमेन डेका ने मोहला मानपुर अंबागढ़ जिले में प्रशासनिक अधिकारियों की ली बैठक

शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण के क्षेत्र में करें उल्लेखनीय कार्यl आम नागरिकों से  भेंट कर उनकी समस्याओं को सुलझाएं

राज्यपाल श्री रमेन डेका आज जिला मोहला मानपुर अंबागढ़ जिले के प्रवास पर रहे। छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के बाद पहली बार जिला मोहला मानपुर अंबागढ़ चौकी जिले की सीमा क्षेत्र में पहली बार राज्यपाल का आगमन हुआ। यह पहला मौका था, जब प्रदेश के राज्यपाल जिले की सीमा में पहुंचे। राज्यपाल ने यहां जिला कार्यालय के सभाकक्ष में प्रशासनिक अधिकारियों की बैठक लेकर जिले में चलाये जा रहे महत्वपूर्ण कार्यक्रमों, योजनाओं की जानकारी ली।  राज्यपाल श्री रमेन डेका ने कहा कि अधिकारीगण प्रशासनिक उत्तरदायित्व और जवाबदेही के साथ आम जनता के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझें। जनता से संवाद करें और उसकी समस्या को सुनकर सुलझाएं।

राज्यपाल श्री रमेन डेका ने जल संचयन और जल संरक्षण के लिए किये जा रहे प्रयासों और कार्यक्रमों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि जल संचयन और जल संरक्षण के लिए निजी क्षेत्र के लोगों को डबरी निर्माण के लिए प्रोत्साहित करें। इसके साथ ही सभी शासकीय कार्यालयों और भवनों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग अवश्य बनाएं। उन्होंने बैठक में पौधरोपण एवं पर्यावरण संरक्षण के लिए सभी अधिकारी कर्मचारियों को एक पेड़ मां के नाम अवश्य लगाने कहा।  पौधरोपण के उपरांत उचित देखभाल करें । पौधों के विकसित होने के लिए कारगर उपाय करें। उन्होंने इस कार्य को चुनौती और मिशन के तौर पर करने कहा।

राज्यपाल श्री रमेन डेका ने किसानों की आय में वृद्धि करने और सशक्त बनाने की दिशा में कार्य योजना बनाने कहा। उन्होंने कहा कि किसानों को जैविक और पर्यावरण अनुकूल खेती के लिए प्रोत्साहित करें। किसानों द्वारा उत्पादित फसलों के विक्रय के लिए स्थानीय स्तर पर ही बाजार की उपलब्धता सुनिश्चित करने और वाजिब कीमत पर विक्रय हेतु माहौल तैयार करने कहा। उन्होंने कहा कि किसानों का समय-समय पर मार्गदर्शन करें। राज्यपाल ने बैठक में स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत जिले में चलाये जा रहे योजना की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत खुले में शौच मुक्त हुए ग्राम पंचायत और ग्रामों में इसे स्थायित्व बनाये रखने के लिए निरंतर जागरूकता अभियान चलाएं। गांवों का भ्रमण कर स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत किए जा रहे कार्यों का मूल्यांकन करें।

राज्यपाल श्री डेका ने बेहतर स्वास्थ्य सुविधा को दृष्टिगत रखते हुए योगाभ्यास को दैनिक दिनचर्या में शामिल करने हेतु योग शिविर का आयोजन करने कहा। उन्होंने कहा कि विद्यालय स्तर पर विद्यार्थियों को प्रशिक्षित किया जाए। उन्होंने रेड क्रॉस समिति के अंतर्गत सदस्य संख्या बढ़ाने और रोगियों के उपचार के लिए मानवीय संवेदना के साथ सामाजिक सहभागिता सुनिश्चित करने पर जोर दिया। बैठक में उन्होंने जिले में श्रमिकों के बच्चों के पुनर्वास और शिक्षा से जोड़ने हेतु विशेष कार्य योजना निर्धारित करने कहा। उन्होंने कहा कि जिले में विद्यार्थियों का मनोबल बढ़ाएं। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को एनसीसी से जोड़े। एनसीसी जीवन में अनुशासन की सीख देता है। राष्ट्रीय भावना जागृत करने के साथ ही बौद्धिक विकास में मदद करता है। इससे शारीरिक दक्षता में वृद्धि होती है।  उन्होंने कहा कि जिले में एक उच्च सेंट्रल लाइब्रेरी की स्थापना करें। सेंट्रल लाइब्रेरी में विविध प्रतियोगिता परीक्षा और महान हस्तियों की पुस्तकें रखें। उन्होंने बैठक में आगे कहा कि ग्रामीण एवं शहरी महिलाओं का कौशल उन्नयन कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाएं और उनकी आय में वृद्धि करने के लिए विशेष कार्ययोजना संचालित करें। उन्होंने बैठक में लखपति दीदी योजना अंतर्गत जिले की महिलाओं के द्वारा किए जा रहे प्रयासों और कार्यक्रमों की जानकारी ली .उन्होंने कहा कि जिले में पब्लिक ट्रांसपोर्ट को ध्यान में रखकर पब्लिक आवागमन की सुविधा अवश्य बढ़ाएं। जिससे जिले के आम नागरिकगण शासकीय कार्यालयों तक आसानी से पहुंच सके। उन्होंने नशा मुक्ति के लिए जिले में अभियान चलाने कहा। उन्होंने कहा कि नशा पान समाज के लिए एक अभिशाप है। इसके अवैध व्यापार पर लगातार निगरानी रखें और कार्रवाई करें। जिले में समय-समय पर स्वास्थ्य कैंप लगाने और मरीजों की पहचान कर उपचार की व्यवस्था करने कहा। उन्होंने कहा कि जिले में एंबुलेंस की सुविधा बढ़े और आवश्यकता पड़ने पर मरीजों को उपलब्ध कराकर उन्हें राहत पहुंचाएं।

राज्यपाल श्री रमेन डेका ने आकांक्षी जिला के अंतर्गत किए जा रहे कार्यों और कार्यक्रमों की जानकारी ली।  उन्होंने महिलाओं एवं बच्चों के पोषण पर विशेष ध्यान देने, गुणवत्ता युक्त शिक्षा को बढ़ावा देने जैसे प्रयासों पर बड़े स्तर पर कार्य योजना बनाकर कार्य करने कहा।

बैठक उपरांत राज्यपाल श्री रमेन डेका ने 4 ग्राम पंचायत को टीबी मुक्त ग्राम पंचायत होने पर प्रशस्ति पत्र भेंट कर ग्राम पंचायत के सरपंचों को सम्मानित किया। इस अवसर पर राज्यपाल के सचिव श्री सी आर प्रसन्ना, कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति, सहित विभागीय अधिकारीगण उपस्थित थे।

 

विकसित छत्तीसगढ़’ के रोडमैप पर रखें फोकस : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय 

‘विकसित छत्तीसगढ़’ के रोडमैप पर रखें फोकस : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

खरीफ फसल की तैयारी और किसानों को आधुनिक तकनीकों से जोड़ने के निर्देश

देरी से न्याय मिलना, न्याय नहीं मिलने के बराबर है डिजिटल गवर्नेंस को बढ़ावा दें और समय प्रबंधन पर रखें ध्यान

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज धमतरी में आयोजित समीक्षा बैठक में ‘विकसित छत्तीसगढ़’ का मंत्र दिया। उन्होंने कहा कि ‘विकसित छत्तीसगढ़’ के लिए तैयार किया गया विजन डाक्यूमेंट एक रोडमैप की तरह है, जिसमें लक्ष्य और दिशा-निर्देश स्पष्ट हैं। अधिकारी विकसित छत्तीसगढ़ के लक्ष्य को साकार करने के लिए पूरी तन्मयता और जिम्मेदारी के साथ इसे परिणाम तक ले जाएं। मुख्यमंत्री श्री साय आज रायपुर और धमतरी जिले में योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति की समीक्षा कर रहे थे।

मुख्यमंत्री ने सुशासन तिहार के समापन पर कहा कि लोगों की समस्याओं के समाधान का यह सिलसिला थमना नहीं चाहिए। जन-जन से संवाद और उनकी समस्याओं का समाधान निरंतर जारी रहना चाहिए। अधिकारी कड़ी मेहनत और नवाचारी तरीकों से लोगों की समस्याओं का समाधान करें। आम जनता को देरी से न्याय मिलना, न्याय नहीं मिलने के बराबर है। उन्होंने कहा कि राजस्व त्रुटि सुधार जैसे कामों में अधिकारियों-कर्मचारियों से ही गलती होती है, लेकिन इसका नुकसान आम लोगों को होता है और उन्हें ही परेशान होना पड़ता है।

मुख्यमंत्री ने राजस्व विभाग में डिजिटल गवर्नेंस को बढ़ावा देने और समय प्रबंधन पर ध्यान देने की बात कही। उन्होंने कहा कि सक्रिय तहसीलदारों वाले क्षेत्रों में राजस्व प्रकरण कम लंबित रहते हैं। साथ ही, अधिकारियों को जनता के साथ अच्छा व्यवहार करने और उनके कार्यों को न्यूनतम समय में गुणवत्तापूर्वक पूरा करने का निर्देश दिया।

फ्लैगशिप योजनाओं पर दें ध्यान

मुख्यमंत्री ने केंद्र और राज्य सरकार की फ्लैगशिप योजनाओं, जैसे प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, पीएम आवास, और जल जीवन मिशन को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया। उन्होंने बताया कि फसल बीमा योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्तर पर दूसरा सर्वश्रेष्ठ राज्य चुना गया है। साथ ही, नीति आयोग की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देशानुसार धमतरी और रायपुर में पर्यटन स्थल विकसित करने की संभावनाओं को तलाशने को कहा।

शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि पर जोर

मुख्यमंत्री ने जिले में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के निर्देश दिए। उन्होंने दंतेवाड़ा का उदाहरण देते हुए बताया कि वहां डीईओ के बेहतर प्रदर्शन के कारण दसवीं और बारहवीं के परिणाम शानदार रहे, जिसकी प्रधानमंत्री ने ‘मन की बात’ में प्रशंसा की। स्वास्थ्य विभाग में सतत मॉनिटरिंग और संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने, साथ ही कृषि प्रधान धमतरी और रायपुर जिले में खरीफ फसल की तैयारी और किसानों को आधुनिक तकनीकों से जोड़ने पर बल दिया।

अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे योजनाओं का लाभ

मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी बाधा के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से विभागीय लक्ष्यों को प्राप्त करने में आने वाली कठिनाइयों को साझा करने को कहा, ताकि राज्य स्तर पर सहायता प्रदान की जा सके। उन्होंने यह भी बताया कि अधिकारियों के कार्यों की निरंतर मॉनिटरिंग की जा रही है और प्रत्येक जिले का रिपोर्ट कार्ड उनके पास है। उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार के दौरान अधिकारियों ने बड़ी संख्या में आए आवेदनों का समयबद्ध समाधान किया, जिसके लिए वे बधाई के पात्र हैं। उन्होंने कहा कि अधिकारियों और कर्मचारियों को अच्छा काम करने पर पुरस्कार और काम नहीं करेंगे तो उनकी खैर नहीं होगी।

इस मौके पर वन मंत्री श्री केदार कश्यप, राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा, सांसद श्रीमती रूप कुमारी चौधरी, विधायक श्री अजय चंद्राकर, विधायक श्री ओंकार साहू, महापौर श्री रामू रोहरा, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री अरुण सार्वा, पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष श्री नेहरू निषाद, अपर मुख्य सचिव श्रीमती रेणु जी. पिल्ले, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री बसव राजु एस. सहित रायपुर और धमतरी जिले के अधिकारी उपस्थित थे।

 

सुशासन तिहार जनता की समस्याओं के समाधान का अभियान : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

सुशासन तिहार जनता की समस्याओं के समाधान का अभियान : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

रिमझिम बारिश के बीच मुख्यमंत्री पहुंचे धमतरी के समाधान शिविर में, कमल के हार से मुख्यमंत्री का जोशिला स्वागत

धमतरी जिले में सौगातों की बारिश: 213 करोड़ रुपये की लागत के विकास कार्याें की घोषणा

54 दिवसीय ‘सुशासन तिहार का धमतरी जिले में समापन मुख्यमंत्री ने स्टॉलों का किया निरीक्षण, हितग्राहियों को किया सामग्री का वितरण

रिमझिम बारिश के बीच आज धमतरी के समाधान शिविर में पहुंचे मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने नागरिकों की मांग पर 213 करोड़ रूपए की लागत के विकास कार्याें की सौगात दी। उन्होंने हाईटेक बस स्टैण्ड, अत्याधुनिक ऑडिटोरियम और तीन सड़कों के निर्माण की मंजूरी दी। आज जनता की समस्याओं के समाधान के लिए मिशन मोड में प्रदेश भर में पिछले 54 दिनों से संचालित सुशासन तिहार का आज धमतरी के पुराने कृषि उपज मंडी परिसर में आयोजित इस समाधान शिविर और समीक्षा बैठक के बाद समापन हो गया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने धमतरी के समाधान शिविर में आमजनों से योजनाओं की मैदानी स्थिति की जानकारी ली और व्यक्तिगत रूप से आवेदनों के समाधान की प्रक्रिया का अवलोकन किया। उन्होंने विभिन्न शासकीय स्टालों का निरीक्षण करते हुए अधिकारियों को प्राप्त आवेदनों का शीघ्र और संतोषजनक समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। रिमझिम बारिश के बावजूद जनसमूह का उत्साह देखते ही बनता था। कमल के फूलों के हार के साथ हजारों की संख्या में नागरिकों ने मुख्यमंत्री का जोशिला स्वागत किया।

धमतरी में बड़ी घोषणाएं

सुशासन त्योहार के अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने धमतरी जिले की बहुप्रतीक्षित मांगों को पूरा करते हुए 213 करोड़ रुपये के कार्याें की सौगात दी। उन्होंने धमतरी में हाईटेक बस स्टैंड के लिए 18 करोड़ रूपए, एक सर्वसुविधायुक्त ऑडिटोरियम के लिए 10 करोड़ 50 लाख रूपए, सिहावा चौक से कोलियारी तक फोर लेन सड़क निर्माण 5 किलोमीटर के लिए 69 करोड़ रुपए, रत्नाबन्धा से मुजगहन तक फोरलेन सड़क के लिए 56 करोड़ रूपए और धमतरी से नगरी मुख्य मार्ग नवीनीकरण और मजबूतीकरण के लिए 60 करोड़ रुपए की घोषणा की।

सुशासन के मायने अच्छा शासन

मुख्यमंत्री ने समाधान शिविर को सम्बोधित करते हुए कहा कि सुशासन का अर्थ है -अच्छा शासन। ‘सुशासन तिहार’ आपकी समस्याओं के निराकरण के लिए आयोजित त्योहार है। 8 अप्रैल से शुरू हुए इस महाअभियान के प्रथम चरण में राज्य के प्रत्येक जिले में ग्रामीणों से आवेदन लिए गए, दूसरे चरण में आवेदनों पर कार्यवाही की गई और तृतीय चरण में 08 से 10 ग्राम पंचायतों के बीच समाधान शिविरों का आयोजन कर आवेदनों के निराकरण की जानकारी हितग्राहियों को दी गई। सुशासन तिहार के दौरान अचानक गांव में पहुंचकर ग्रामीणों की चौपाल में लोगों से फीडबैक लिया गया और उनकी समस्याओं का यथासंभव समाधान किया गया। इस दौरान विकास कार्याें का औचक निरीक्षण भी किया गया। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेशभर में 40 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 95 प्रतिशत का समाधान किया जा चुका है। यह सफलता इस बात का प्रमाण है कि प्रशासन जनता के प्रति उत्तरदायी और संवेदनशील है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की गारंटी का मतलब है, पूरी होने की गारंटी। पूर्व सरकार के कार्यकाल में जिन 18 लाख गरीबों को प्रधानमंत्री आवास योजना से वंचित किया गया था, उनकी चिंता करते हुए हमारी सरकार ने पहली ही कैबिनेट में इन सभी आवासों को स्वीकृति दी। अब तक लाखों हितग्राहियों को गृहप्रवेश कराया जा चुका है। हाल ही में बिलासपुर में आयोजित प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने 3 लाख आवास और ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने अंबिकापुर के कार्यक्रम में 51 हजार से अधिक आवासों का गृहप्रवेश कराया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में आत्मसमर्पित माओवादियों और पीड़ित परिवारों के लिए विशेष 15,000 आवास स्वीकृत किए गए हैं। इसके साथ ही विशेष जनजातियों कोरवा, पहाड़ी कोरवा, अबुझमाड़िया आदि के लिए 32,000 अतिरिक्त आवास स्वीकृत किए गए हैं। यह सभी पहल दर्शाती हैं कि सरकार समाज के सबसे अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।

महतारी वंदन योजना का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि 70 लाख से अधिक माताओं को इसका लाभ मिल चुका है। उन्होंने कहा कि यदि किसी महिला का नाम छूट गया है या विवाह के बाद नाम अपडेट करना है, तो उसकी भी सुविधा आगे दी जाएगी। सरकार पूरी संवेदनशीलता से सभी को योजना से जोड़ने का कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि ‘मुख्यमंत्री रामलला दर्शन योजना’ और ‘मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना’ के अंतर्गत बुजुर्गों को लाभ मिल रहा है।

योजनाओं की जानी हकीकत

मुख्यमंत्री श्री साय ने धमतरी समाधान शिविर में पहुंचे ग्रामीणों से संवाद कर योजनाओं का फीडबैक लिया। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लाभान्वित हितग्राही जोधापुर डाकबंगला वार्ड की श्रीमती सुधा मारकण्डे ने मुख्यमंत्री को बताया कि उन्हें पक्का मकान मिल गया है और अब पानी टपकने और कीड़े-मकोड़े आदि का डर नहीं है। लखपति दीदी श्रीमती संतोषी हिरवानी ने बताया कि वह आजीविका के लिए मुर्गीपालन के साथ ही मछलीपालन, पशुपालन, मशरूम उत्पादन आदि का व्यवसाय कर रही हैं, इससे उन्हें 12 हजार रूपये की अतिरिक्त आय हो रही है। कला केन्द्र में कराटे और डांसिंग सिखाने वाले वेदप्रकाश साहू ने कहा कि, कलाकेन्द्र स्थापित होने से उन्हें रोजगार का अवसर मिला। आयुष्मान वय वंदन कार्ड के हितग्राही श्री घनाराम रजवाड़े ने कार्ड के जरिए मिल रही निःशुल्क इलाज की सुविधा मिल रही है।

कार्यक्रम में राजस्व मंत्री और धमतरी जिले के प्रभारी मंत्री श्री टंकराम वर्मा, वन मंत्री श्री केदार कश्यप, सांसद महासमुंद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी, विधायक कुरूद श्री अजय चन्द्राकर, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री अरूण सार्वा, महापौर श्री रामू रोहरा, अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष श्री नेहरू निषाद, पूर्व विधायक श्रीमती रंजना साहू, श्री इंदर चोपड़ा, श्रीमती पिंकी शाह, श्री श्रवण मरकाम सहित अतिरिक्त मुख्य सचिव एवं प्रभारी सचिव श्रीमती रेणु पिल्ले, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री बसवराजु एस., आयुक्त, रायपुर संभाग श्री महादेव कांवरे, कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा, पुलिस अधीक्षक श्री सूरज सिंह परिहार सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और नागरिक उपस्थित थे।

 

सरकार के कार्यों से प्रदेश में आ रही है खुशहाली : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

सरकार के कार्यों से प्रदेश में आ रही है खुशहाली : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

मुख्यमंत्री ने कोंडागांव में सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की

सुशासन तिहार अंतर्गत मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय कोंडागांव जिला प्रवास के दौरान विश्राम गृह में विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधिमंडल से सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार में 8 अप्रैल से लेकर  11 अप्रैल तक प्रदेश की जनता अपनी समस्याएं औऱ मांगें रखीं। अधिकारियों ने ज्यादातर समस्याओं का समाधान कर लिया है। इस दौरान हमने भी मंत्रियों और अधिकारियों के साथ गांव गांव पहुंचकर और ग्रामीणों की समस्याएं सुनी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने पिछले 2 साल का बकाया बोनस दिया है, इससे किसानों को काफी लाभ हुआ। प्रदेश सरकार छत्तीसगढ़ की जनता की सेवा के लिए जो कार्य कर रही है, उससे प्रदेश में खुशहाली आ रही है और किसानों की आय में वृद्धि हो रही है। श्री साय ने आगे बताया कि 24 अप्रैल को पंचायती राज दिवस के अवसर पर सरकार ने अटल सेवा केंद्र शुभारंभ किया है, आने वाले दिनों में पूरे प्रदेश भर में विस्तार किया जाएगा। गांव में ही लेनदेन की सुविधाएं मिलने से अब ग्रामीणों को बैंक जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि विकसित कृषि संकल्प अभियान के तहत प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी  के नेतृत्व में भारत सरकार द्वारा कृषि वैज्ञानिक के माध्यम से हमारे प्रदेश के किसानों के बीच में बातचीत करेंगे, उनको आधुनिक खेती के विषय में बताएंगे। उन्होंने बताया कि पंजीयन में दस नई क्रांति से पारदर्शिता आई है, नियद नेल्लानार योजना से बस्तर क्षेत्र के दूरस्थ अंचल में विकास की रौशनी पहुंची है। इस अवसर पर केशकाल विधायक श्री नीलकंठ टेकाम, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती किरण नरेटी, नगर पालिका अध्यक्ष श्री नरपति पटेल, उपाध्यक्ष श्री जसकेतु उसेंडी, पूर्व विधायक श्री सेवक राम नेताम, दीपेश अरोरा, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, सचिव श्री बसवराजूऔर कोंडागांव के कलेक्टर, एस पी मौजूद थे।