जल जीवन मिशन में लापरवाही पर बड़ी कार्रवाई

जल जीवन मिशन में लापरवाही पर बड़ी कार्रवाई

70 ठेकेदारों को नोटिस, जल्द कार्य पूर्ण नहीं करने पर होगी कड़ी कार्रवाई  राज्य सरकार की प्राथमिकता वाली योजना जल जीवन मिशन के तहत कार्यों में हो रही लापरवाही अब ठेकेदारों पर भारी पड़ने लगी है।                                                                      लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने मुंगेली जिले में समय-सीमा में कार्य पूर्ण नहीं करने वाले 70 ठेकेदारों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। विभाग ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जल्द से जल्द अधूरे कार्य पूरे नहीं किए गए, तो संबंधित ठेकेदारों के विरुद्ध कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

विभागीय सख्ती की यह कार्रवाई जल जीवन मिशन के सचिव श्री मोहम्मद कैसर अब्दुल हक के हालिया मुंगेली प्रवास के बाद सामने आई है। दौरे के दौरान उन्होंने कलेक्टर श्री कुंदन कुमार के साथ जिले के विभिन्न गांवों में मिशन के अंतर्गत चल रहे पेयजल परियोजनाओं का निरीक्षण किया। निरीक्षण में यह पाया गया कि कई योजनाएं तय समय-सीमा से पीछे चल रही हैं और कार्यों में ठेकेदारों की लापरवाही व उदासीनता प्रमुख कारण बनकर उभरी है। श्री हक ने समीक्षा बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि ग्रामीण क्षेत्रों को समय पर शुद्ध पेयजल की सुविधा उपलब्ध कराना सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। ऐसे में कार्यों की गति तेज की जाए और लापरवाह ठेकेदारों के विरुद्ध सख्त रुख अपनाया जाए।

 

वनमंत्री श्री केदार कश्यप ने बस्तर क्षेत्रवासियों को दी 1.16 करोड़ रूपए की सौगात, 

वनमंत्री श्री केदार कश्यप ने बस्तर क्षेत्रवासियों को दी 1.16 करोड़ रूपए की सौगात,

विभिन्न निर्माण कार्यों का किया भूमिपूजन विकास में सबकी भागीदारी सुनिश्चित हो, सेवा सहकार से जुड़ें मत्स्य पालन के क्षेत्र में बढ़ रहा बस्तर

नक्सल मुक्त बस्तर केवल सरकार नहीं प्रत्येक बस्तरवासियों का सपना

वनमंत्री श्री केदार कश्यप अपने बस्तर प्रवास के दौरान नारायणपुर विधानसभा के बस्तर क्षेत्र में कई कार्यक्रमों में सम्मिलित हुए। वनमंत्री श्री केदार कश्यप ने सुधापाल एवं गोंदियापाल में आयोजित सभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि बस्तर का विकास केवल भाजपा शासन में ही संभव है और यह विकास आज होता दिखाई दे रहा है। बस्तर के विकास के लिये जो सपना यहाँ का आम व्यक्ति देखता है उस सपने को साकार करने का काम प्रधानमंत्री मोदी जी कर रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी जी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में बस्तर विकास के मार्ग में बहुत तेजी से आगे बढ़ रहा है। बस्तर में यातायात के माध्यमों का विस्तार हो रहा है। रावघाट रेल परियोजना के लिये हजारों करोड़ों रूपये का राशि स्वीकृति कर इस कार्य को गति देने का कार्य प्रधानमंत्री मोदी जी की सरकार ने किया है।

सुधापाल और गोंदियापाल में वनमंत्री ने किया करोड़ों के विकास कार्यों का भूमिपूजन-लोकार्पण

वनमंत्री श्री केदार कश्यप ने आज सुधापाल में मिनि स्टेडियम निर्माण कार्य, प्राथमिक अजजा बालक आश्रम तिरथा,प्राथमिक अजजा बालक आश्रम रतेंगा में 1-1 नग हाई मास्क लाईट स्थापना, नवीन रतेंगा में सीसी रोड निर्माण कार्य माता मंदिर से पुजारी पारा 300 मीटर ग्राम बडे बर्दाेगा, अटल निर्माण वर्ष के तहत छोटे बढ़ेंगा में आदर्श ऑगनबाड़ी केन्द्र की स्थापना 01 नग, पाथरी में भलकु तरई से डोकरागुड़ी तक 200 मीटर सीसी सड़क निर्माण इसी तरह गोंदियापाल प्राथमिक अजजा बालक आश्रम में 01 नग हाई मास्क लाईट स्थापना, वनपाल भवन निर्माण,वन रक्षक भवन निर्माण, चेराकुर में अटल चौक के पास 01 नग हाई मास्क लाईट स्थापना के लिये 1 करोड़ 16 लाख से अधिक राशि के विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण कर क्षेत्रवासियों को बड़ी सौगात दी है।

सुशासन तिहार के माध्यम समस्याओं का निराकरण वनमंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि सुशासन तिहार हमारी साय सरकार का एक क्रांतिकारी अभियान है। हमने हर व्यक्ति से इसलिए अभियान के माध्यम से और हर स्तर पर पहुंचने का प्रयास किया है। शिविर के दौरान प्राप्त आवेदनों पर त्वरित कार्य हो रहे हैं। सरकार अपनी विजन और प्राथमिकता के आधार पर लोगों के मांग और आवेदनों पर कार्य कर रही है। हमारी श्री विष्णु देव साय की सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वरोजगार, क़ृषि, निर्माण कार्य हो या महिलाओं के सशक्तिकरण का विषय हो सभी क्षेत्रों में बेहतर कार्य कर रही है।बस्तर के विकास में सबकी भागीदारी सुनिश्चित हो, सेवा सहकार से जुड़ें’

वनमंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि हमारी साय सरकार सहकारिता के क्षेत्र में लोगों को स्वरोजगार के प्रति जागरूक करने का कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि लोगों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिये सहकारिता एक अद्वितीय विकल्प है। मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि बस्तर शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल कई क्षेत्रों में आगे हैं लेकिन अब हमें व्यवसाय के क्षेत्र में भी आगे बढ़ना है। उन्होंने कहा मत्स्य पालन, कुक्कूट पालन, दुग्ध उत्पादन का क्षेत्र हो हम सहकारिता के माध्यम से बस्तर ही नहीं पूरे प्रदेश में क्रांतिकारी परिवर्तन लाने की दिशा में कार्यरत हैं।

नक्सल मुक्त बस्तर का निर्माण केवल सरकार नहीं प्रत्येक बस्तरवासियों का सपना  हो रहा पूरा

वनमंत्री श्री केदार कश्यप ने लोगों को कहा कि अब बस्तर से लाल आतंक समाप्त हो रहा है। उन्होंने लोगों को बताया कि कल ही केंद्र सरकार ने  एलडब्ल्यूई सूची से बस्तर जिला को बाहर करते हुए नक्सलवाद से मुक्त जिला घोषित किया है। मंत्री श्री कश्यप ने कहा जल्द ही हमारा पूरा बस्तर संभाग नक्सल मुक्त होगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन व नेतृत्व में बस्तर विकास के नये सोपान को तय करेगा।

 

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय तोंगापाल पहुंचे 

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय तोंगापाल पहुंचे

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय समाधान शिविर तोंगपाल में 16 करोड़ से अधिक विकास कार्यों का किया लोकार्पण

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज सुकमा जिले के विकासखंड तोंगापाल में आयोजित शिविर में अचानक पहुंचे। अपने मुख्या का इस तरह अचानक पहुंचने से ग्रामीणों में अत्यंत उत्साह का संचार हुआ। वे मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर पारंपरिक नृत्य करते हुए अपनी खुशी का इजहार किया। मुख्यमंत्री समाधान शिविर में लोगों से योजनाओं की फीडबैक लेकर 16 करोड़ 25 लाख से अधिक के विकास कार्यों का लोकार्पण किया।  उन्होंने कुकानार  से बढ़ाईपारा 4.80 किमी सड़क निर्माण हेतु 4 करोड़ 03 लाख 73 हजार, एल 53 चिंतलनार से किस्टारम  4.50 किमी सड़क हेतु 01 करोड़ 52 लाख 41 हजार, एल 80 बुरकापाल से तोकनपल्ली 3.86 किमी सड़क हेतु 01 करोड़ 24लाख 61 हजार, एल 67 मुकरम से तोंगपल्ली 5 किमी सड़क हेतु 01 करोड़ 24लाख 13 हजार की लागत से निर्माण कार्य किया गया है । इसके अलावा गादीरास से मानकापाल 12 किमी सड़क, 13 नग पुल पुलिया निर्माण हेतु 6 करोड़ 86 लाख 15 हजार, सुकमा दंतेवाड़ा 23 किमी से कासरगुड़ा 2 किमी सड़क निर्माण कार्य के लिए 01 करोड़ 34 लाख की लागत से निर्माण किया गया ।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, मुख्ममंत्री के सचिव डॉ बसव राजू एस, कलेक्टर श्री देवेश ध्रुव, पुलिस अधीक्षक श्री किरण चौहान सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारीगण उपस्थित थे ।

 

मुख्यमंत्री ने ‘सावरकर सौरभ’ स्मारिका का किया विमोचन

मुख्यमंत्री ने ‘सावरकर सौरभ’ स्मारिका का किया विमोचन

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अपने निवास कार्यालय में स्वातंत्र्य वीर विनायक दामोदर सावरकर के जीवन पर आधारित स्मारिका ‘सावरकर सौरभ’ का विमोचन किया। स्मारिका ‘सावरकर सौरभ’ का प्रकाशन अखिल भारतीय साहित्य परिषद, छत्तीसगढ़ द्वारा सावरकर जयंती के अवसर पर किया गया है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने ‘सावरकर सौरभ’ स्मारिका के प्रकाशन पर अखिल भारतीय साहित्य परिषद, छत्तीसगढ़ के सदस्यों को हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि वीर सावरकर हमारे देश के सच्चे सपूत थे। उन्होंने मातृभूमि की सेवा में असंख्य कष्ट सहते हुए स्वतंत्रता की अलख जगाई। उनके साहसपूर्ण जीवन के प्रेरणादायी संस्मरणों से सभी को प्रेरणा मिलेगी।

मुख्यमंत्री को ‘सावरकर सौरभ’ के संपादक और अखिल भारतीय साहित्य परिषद छत्तीसगढ़ के प्रांत संयोजक श्री प्रभात मिश्र ने बताया कि इस स्मारिका में स्वातंत्र्य वीर विनायक दामोदर सावरकर के जीवनकाल की घटनाओं को संपादित कर स्मारिका का रूप दिया गया है। स्मारिका में विभिन्न लेखकों ने वीर सावरकर के जीवन के विभिन्न आयामों को लेकर अपने विचार व्यक्त किए हैं।

इस अवसर पर अखिल भारतीय साहित्य परिषद, छत्तीसगढ़ से श्री रामेश्वर शर्मा, श्री शिवरतन गुप्ता, श्री मनीष शर्मा,श्री संतोष बरलोटा, श्री भास्कर किन्हेकर , श्री अभय मिश्रा, श्री कौशल साहू सहित अन्य गणमान्य जन उपस्थित थे।

 

वार्ड क्रमांक 01 में आंगनबाड़ी केन्द्र हेतु सहायिका पद के लिए 13 जून तक आवेदन आमंत्रित

वार्ड क्रमांक 01 में आंगनबाड़ी केन्द्र हेतु सहायिका पद के लिए 13 जून तक आवेदन आमंत्रित

एकीकृत बाल विकास परियोजना महासमुंद अंतर्गत शंकर नगर वार्ड क्रमांक 01 में स्थित शंकर नगर आंगनबाड़ी केन्द्र क्रमांक 02 के लिए रिक्त सहायिका पद पर नियुक्ति की जानी है। परियोजना अधिकारी एकीकृत बाल विकास परियोजना ने बताया कि सहायिका पद पर नियुक्ति के लिए 13 जून 2025 शाम 05ः30 बजे तक कार्यालय बाल विकास परियोजना महासमुंद (शहरी) में कार्यालयीन समय पर सीधे अथवा पंजीकृत डाक द्वारा जमा किया जा सकता है। निर्धारित तिथि के उपरांत आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि सहायिका पद हेतु आठवीं बोर्ड उत्तीर्ण होना चाहिए। साथ ही आयु सीमा 18 वर्ष से 44 वर्ष की हो। वार्ड निवासी सत्यापन के लिए आवेदिकाओं को वार्ड की अद्यतन मतदाता सूची आवेदन के साथ संलग्न करना अनिवार्य है। शहरी क्षेत्रों में आवेदिका उसी वार्ड का होना चाहिए जहां आंगनबाड़ी केन्द्र संचालित है तथा गरीबी रेखा प्रमाण पत्र सर्वे सूची 2011-12 का होना चाहिए। इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए एकीकृत बाल विकास परियोजना कार्यालय महासमुंद से सम्पर्क कर सकते है।

राज्यपाल श्री डेका ने तीन गांव गोद लिए               

राज्यपाल श्री डेका ने तीन गांव गोद लिए                                  गोद लिए गांवों में होगा समावेशी मानव केन्द्रित विकास

राज्यपाल श्री रमेन डेका ने एक नई पहल करते हुए, प्रदेश के तीन गांवों को गोद लेने का संकल्प लिया है। बेमेतरा जिले के टेमरी, गरियाबंद जिले के मड़वा डीह, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले के सोनपुरी गांव को गोद लेने के लिए चयन किया गया है। इन गांवों में केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न फ्लेगशिप योजनाओं के हेतु समुदाय को शामिल करते हुए ग्रामीण क्षेत्रों के सामाजिक-आर्थिक और पर्यावरणीय विकास की पहल की जाएगी। इसके लिए पृथक से कोई राशि का आबंटन नहीं किया जाएगा, बल्कि विभिन्न योजनाओं में उपलब्ध राशि के समुचित उपयोग एवं निगरानी से ही यह कार्य किया जाएगा। गांवों को गोद लेने से सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं को लागू करने में ‘मानव-केंद्रित‘ दृष्टिकोण के साथ गांवों के समावेशी विकास के उद्देश्य पर अधिक जोर दिया जा सकेगा।

राज्यपाल श्री डेका द्वारा जिन गांवो को गोद लिया जा रहा है उनमें जल संरक्षण, हरित आवरण बढ़ाना, शिक्षा ,स्वास्थ्य एवं पोषण, आजीविका, सामाजिक सुरक्षा, सतत् कृषि, विरासत एवं संस्कृति के संरक्षण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। जल संरक्षण के लिए अमृत सरोवर बनाने एवं नरेगा एवं जल जीवन मिशन से कार्य कराए जाने, कैम्पा, नरेगा, वृक्षारोपण अभियान के जरिए हरित आवरण बढ़ाने, प्राथमिक एवं माध्यमिक स्कूलों में विद्यार्थियों के शाला छोड़ने की दर को कम करने के लिए स्कूलों में अभिभावकों के साथ मीटिंग करने, पुस्तकालयों में शिक्षाप्रद एवं आकर्षक पुस्तकें रखे जाने, एनसीसी, स्कूलों का जीर्णोंद्धार आदि कार्यो पर ध्यान दिया जाएगा। ग्रामीणों के स्वास्थ्य की बेहतरी एव्ं पोषण के लिए टी बी उन्मूलन, स्वच्छता अभियान, आईसीडीएस, पर जोर रहेगा। ग्रामीणों की आजीविका बढ़ाने के लिए एनआरएलएम, स्व सहायता समूह, कौशल प्रशिक्षण, ग्रामीण उद्यमिता सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में बुजुर्गों एवं दिव्यांगों की देखभाल, नशा मुक्ति और पुनर्वास केंद्र, मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान दिया जाएगा। कृषि में सुधार के लिए जैविक खेती, पारंपरिक कृषि, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, विरासत और संस्कृति-स्थानीय और ग्रामीण पर्यटन, विरासत स्थल के संरक्षण हेेतु सामुदायिक प्रयास किए जाएंगे।

इसके अलावा गोद लिए गए गांवों की निगरानी समय-समय पर की जाएगी और विभिन्न परियोजनाओं के परिणाम के रूप में मापने योग्य संकेतकों का मूल्यांकन किया जाएगा जैसे भूजल स्तर में वृद्धि, हरित क्षेत्र में वृद्धि, प्राथमिक एवं माध्यमिक स्कूलों में विद्यार्थियों में शाला छोड़ने की दर आदि। कुल मिलाकर गोद लिए गए गांव संबंधित जिला प्रशासन के लिए गांव के सामाजिक-आर्थिक और  पर्यावरणीय विकास हेतु एक समावेशी मानव केंद्रित दृष्टिकोण रखने के लिए मार्ग दर्शक के रूप में कार्य करेंगे।

उल्लेखनीय है कि गत वर्ष अगस्त में नई दिल्ली में आयोजित राज्यपालों के सम्मेलन में सभी राज्यपालों को प्रधानमंत्री फ्लेगशिप योजनाओं के क्रियान्वयन के बारे में प्रत्येक जिले के अधिकारियों के साथ चर्चा करने के लिए निर्देशित किया गया था। इसी निर्देश के परिपालन में राज्यपाल श्री डेका लगातार प्रदेश के विभिन्न जिलों का दौरा कर केन्द्र की फ्लेगशिप योजनाओं के जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन का फीडबैक ले रहे हैं। इसी दौरान उन्होंने कुछ गांवों को आदर्श गांव की तर्ज पर विकसित करने का संकल्प लिय

राजभवन के मुख्य सुरक्षा अधिकारी को सेवानिवृित्त पर दी गई विदाई

राजभवन के मुख्य सुरक्षा अधिकारी को सेवानिवृित्त पर दी गई विदाई

राज्यपाल श्री रमेन डेका के मुख्य आतिथ्य में आज यहां राजभवन के मुख्य सुरक्षा अधिकारी श्री कामता प्रसाद दीवान की सेवानिवृत्ति पर विदाई समारोह आयोजित किया गया। श्री डेका ने उनके उज्जवल भविष्य और सुखमय जीवन के लिए शुभकामनाएं दीं।

श्री डेका ने कहा कि राजभवन के मुख्य सुरक्षा अधिकारी के रूप में श्री दीवान ने अपने कर्तव्यों का निर्वहन न केवल अनुशासन और सतर्कता से किया, बल्कि उन्होंने राजभवन परिवार में अपने सौम्य व्यवहार, समर्पण और सेवा भावना से सभी का दिल जीता। सुरक्षा जैसे अत्यंत उत्तरदायित्वपूर्ण कार्य में उन्होंने जिस सजगता और संयम का परिचय दिया, वह प्रेरणादायक है। इस अवसर पर राजभवन सचिवालय से छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेस कार्पोरेषन के लिए स्थानांतरित हुई सुश्री प्रतिमा षर्मा को भी विदाई दी गई है। राज्यपाल श्री डेका ने श्री दीवान और सुश्री षर्मा के उज्जवल भविष्य और सुखमय जीवन की कामना की। राज्यपाल श्री डेका ने श्री दीवान और सुश्री शर्मा को शॉल और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।

कार्यक्रम को सचिव डॉ. सी. आर प्रसन्ना, परिसहाय श्री सुनील षर्मा  ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर विधिक सलाहकार श्री भीष्म प्रसाद पाण्डेय, परिसहाय स्क्वा. लीडर श्री निशांत कुमार सहित राजभवन के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे

गरीब परिवारों को पक्का मकान देकर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के संकल्प को साकार कर रही है छत्तीसगढ़ सरकार: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

गरीब परिवारों को पक्का मकान देकर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के संकल्प को साकार कर रही है छत्तीसगढ़ सरकार: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

मुख्यमंत्री श्री साय भैंसा में आयोजित सुशासन तिहार में ग्रामीणों से हुए रूबरू

‘विकसित कृषि संकल्प अभियान’ के लिए 10 जागरूकता रथों को दिखाई हरी झंडी

भैंसा में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, पानी टंकी, हायर सेकेंडरी स्कूल भवन सहित विभिन्न विकास कार्यों के लिए दी ₹3.5 करोड़ की सौगात नवीन पुलिस चौकी की स्थापना की घोषणा

समाधान शिविर में 110 हितग्राहियों को प्रधानमंत्री आवास की चाबी सौंपी मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज रायपुर जिले के ग्राम भैंसा में आयोजित सुशासन शिविर में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने देशभर में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 29 मई से 12 जून तक चलने वाले ‘विकसित कृषि संकल्प अभियान’ के तहत 10 जागरूकता रथों को हरी झंडी दिखाकर अभियान की शुरुआत की।

शिविर में मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत निर्मित 110 पक्के मकानों की चाबी हितग्राहियों को सौंपी, और कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का संकल्प है कि देश का कोई भी गरीब परिवार कच्चे मकान में न रहे। हमारी सरकार इस संकल्प को साकार करने हेतु छत्तीसगढ़ में 18 लाख से अधिक प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत कर चुकी है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बचे हुए पात्र परिवारों को ‘आवास प्लस प्लस’ योजना के अंतर्गत जोड़ा जाएगा।

मुख्यमंत्री ने ग्राम भैंसा और आसपास के क्षेत्रों के विकास के लिए करीब 3 करोड़ 50 लाख रुपए की लागत वाले विभिन्न कार्यों की घोषणा की। इसमें ग्राम भैंसा में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के लिए 75 लाख रुपए, हाईस्कूल भवन निर्माण के लिए 75 लाख रुपए, पानी टंकी एवं पाइपलाइन विस्तार हेतु 55 लाख रुपए, हायर सेकेंडरी स्कूल निर्माण हेतु 50 लाख रुपए, अहाता एवं शेड निर्माण हेतु 20 लाख रुपए, ग्राम अमोड़ी में पाइपलाइन विस्तार हेतु 42 लाख रुपए, हायर सेकेंडरी स्कूल में तीन अतिरिक्त कक्षों के निर्माण हेतु 24 लाख रुपए की राशि प्रदान करने की घोषणा की। इसके अतिरिक्त उन्होंने भैंसा में नवीन पुलिस चौकी खोलने की भी घोषणा की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने समाधान शिविर के दौरान विभिन्न हितग्राहियों से योजनाओं के फीडबैक भी लिए। श्रीमती चंदन ने ‘महतारी वंदन योजना’ के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए बताया कि वे इस योजना की राशि का उपयोग बच्चों की पढ़ाई और आवश्यक जरूरतों में करती हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सुशासन तभी सार्थक होता है जब उसकी गूंज गांव-गांव और  घर-घर तक सुनाई दे। आज प्रधानमंत्री आवास की चाबियाँ सिर्फ मकान की नहीं, बल्कि आत्मसम्मान और सुरक्षित जीवन की चाबियाँ हैं।

 

रानी अहिल्याबाई होल्कर का शासन प्रजा कल्याण, राष्ट्र निर्माण और न्याय का स्वर्ण युग – मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

रानी अहिल्याबाई होल्कर का शासन प्रजा कल्याण, राष्ट्र निर्माण और न्याय का स्वर्ण युग – मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

पुण्यश्लोक रानी अहिल्याबाई होलकर की 300वीं जयंती पर मुख्यमंत्री निवास में संगोष्ठी आयोजित

मध्यप्रदेश के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल प्रमुख वक्ता के रूप में हुए शामिल

पुण्यश्लोक रानी अहिल्याबाई होल्कर की 300वीं जन्म जयंती पर आज राजधानी रायपुर में मुख्यमंत्री निवास में संगोष्ठी का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने संगोष्ठी की अध्यक्षता की। मध्यप्रदेश सरकार के पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा श्रम मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल ने प्रमुख वक्ता के रूप में संगोष्ठी को संबोधित किया। केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्री श्री तोखन साहू और कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम भी संगोष्ठी में शामिल हुए। विभिन्न वर्गों के बुद्धिजीवी, समाज सेवी, डॉक्टर, इंजीनियर, आर्किटेक्ट, वकील और साहित्यकार भी बड़ी संख्या में संगोष्ठी में मौजूद थे।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने संगोष्ठी में राजमाता रानी अहिल्याबाई होल्कर के योगदानों को स्मरण करते हुए उन्हें भारत की सांस्कृतिक एकता और सुशासन का प्रतीक बताया। उन्होंने रानी अहिल्याबाई होल्कर के करीब 30 वर्षों के शासन को प्रजा कल्याण, राष्ट्र निर्माण और न्याय का स्वर्ण युग कहा। उन्होंने कहा कि इंदौर की महारानी होने के बावजूद राजमाता ने स्वयं को किसी एक भौगोलिक सीमा में नहीं बांधा। उन्होंने देशभर में मंदिरों और धर्मशालाओं का निर्माण कराया। उन्होंने रामराज्य की अवधारणा को साकार करते हुए तीन दशकों तक होल्कर राजवंश का नेतृत्व किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने काशी विश्वनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण में रानी अहिल्याबाई होल्कर के योगदान को ऐतिहासिक बताया। पेशवा माधवराव की इच्छा के अनुरूप राजमाता ने इस मंदिर का पुनर्निर्माण कर करोड़ों आस्थावानों की भावना को सम्मान दिया। उन्होंने सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण का भी ऐतिहासिक निर्णय लिया, जो भारत की सांस्कृतिक पुनर्स्थापना का प्रतीक बना। श्री साय ने कहा कि आज इंदौर देश में स्वच्छता में अग्रणी है, इसके पीछे राजमाता द्वारा स्थापित गुड गवर्नेंस की प्रेरणा है। वे न्यायप्रिय थीं। उन्होंने अपने परिवार के सदस्यों को भी न्याय के लिए दंड देने से परहेज नहीं किया।

मध्यप्रदेश के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल ने संगोष्ठी को प्रमुख वक्ता के रूप में संबोधित करते हुए कहा कि रानी अहिल्याबाई होल्कर ने 1767 से 1795 तक अपने 28 वर्षो के शासन काल में धर्मसत्ता और न्यायसत्ता की आवाज बुलंद की। उन्होंने अपने जीवन में तमाम विपत्तियों के बीच अनेक अनुकरणीय कार्य किए। उन्होंने अपने शासन काल में सार्वजनिक धन और राजकोष के सदुपयोग की मिसालें कायम की। राजसत्ता की कोई राशि कभी अपने लिए खर्च नहीं की। श्री पटेल ने कहा कि रानी अहिल्याबाई होल्कर अपने पति के निधन के बाद कभी राजमहल में नहीं रहीं। झोपड़ी में अपना जीवन बिताया। न्याय के लिए उन्होंने अपने पुत्र को मृत्युदंड की सजा सुनाई थी। उन्होंने अपने शासन में विधवाओं को दत्तक पुत्र लेने की अनुमति प्रदान की। रानी अहिल्याबाई होल्कर के प्रजाहितैषी और कल्याणकारी कार्यों के कारण उनके राज्य के लोगों ने उन्हें लोकमाता का दर्जा दिया था।

विधायक श्री किरण देव और छत्तीसगढ़ विधानसभा के पूर्व उपाध्यक्ष श्री नारायण चंदेल ने भी संगोष्ठी में रानी अहिल्याबाई होल्कर के व्यक्तित्व, कार्यों और उनके शासन काल की विशेषताओं को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि रानी अहिल्याबाई होल्कर ने अपने सुशासन, न्यायप्रियता एवं लोक कल्याणकारी कार्यों के माध्यम से भारतीय इतिहास में अमिट छाप छोड़ी है। संगोष्ठी के माध्यम से आज हम उनके विचारों का स्मरण कर रहे हैं। उनके कार्य हमें सामाजिक समरसता और जनसेवा के लिए प्रेरित करते हैं। यह संगोष्ठी आज की पीढ़ी को राष्ट्र निर्माण में योगदान देने के लिए प्रोत्साहित करेगी।

संगोष्ठी में धनकर समाज के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को रानी अहिल्याबाई होल्कर का तैलचित्र भेंट किया। विधायकगण सर्वश्री सुनील सोनी, मोतीलाल साहू और पुरंदर मिश्रा, राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष श्री विश्व विजय सिंह तोमर, रायपुर नगर निगम की महापौर श्रीमती मीनल चौबे, पूर्व मंत्री श्री प्रेमप्रकाश पाण्डेय, सीएसआईडीसी के पूर्व अध्यश्र श्री छगन मूंदड़ा और श्री शंकर अग्रवाल सहित कई निगमों, मंडलों, आयोगों के पदाधिकारी और युवा बड़ी संख्या में संगोष्ठी में उपस्थित थे।

 

जन चौपाल में कलेक्टर श्री लंगेह ने सुनी जन समस्याएं

महासमुंद : जन चौपाल में कलेक्टर श्री लंगेह ने सुनी जन समस्याएं

अधिकारियों को त्वरित समाधान के दिए निर्देश प्रधानमंत्री बीमा योजना के तहत किसानों से अवैध राशि वसूलने पर की जाएगी कार्रवाई

कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने आज मंगलवार को जिला कार्यालय के सभाकक्ष मंल आयोजित जन चौपाल में जिले के विभिन्न स्थानों से आए नागरिकों की समस्याएं एवं शिकायतें सुनी। उन्होंने कहा कि शासन की विभिन्न योजनाओं से पात्र हितग्राहियों को उनकी समस्याओं का समाधान करते हुए लाभान्वित करना है। उन्होंने संबंधित विभाग को आवेदनों का अवलोकन कर नियमानुसार पात्र हितग्राहियों को शासकीय योजनाओं से लाभान्वित करने के लिए कहा। आज ग्रामीण और शहरी क्षेत्र के 32 आवेदकों ने आवेदन प्रस्तुत किए। कलेक्टर ने सभी आवेदकों की समस्याएं बारी-बारी सुनी। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्री एस. आलोक, अपर कलेक्टर श्री रवि कुमार साहू, एसडीएम सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद थे।

कलेक्टर ने बागबाहरा क्षेत्र में प्रधानमंत्री बीमा योजना अंतर्गत राशि की स्वीकृति के लिए कई एजेंटों द्वारा किसानों से अवैध रूप से राशि वसूल करने की शिकायत मिलने पर तत्काल अनुविभागीय अधिकारी बागबाहरा से सम्पर्क करने कहा है। उन्होंने कहा कि शासकीय योजना के तहत किसी भी कार्य के लिए निर्धारित शुल्क के अलावा अन्य किसी भी तरह की शुल्क की वसूली मान्य नहीं है, जिस पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अंचल के किसानों से भी कहा है कि शिकायत प्राप्त होने पर तत्काल एसडीएम कार्यालय में सूचना देवें।

जन चौपाल के दौरान ग्राम बेलसोंडा के निवासियों ने ग्राम में नशे के अवैध कार्यों में लिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध कानूनी कार्यवाही किए जाने की मांग करते हुए आवेदन प्रस्तुत किया। इस पर कलेक्टर ने सख्त रुख अपनाते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे इस कार्य में संलग्न लोगों पर तत्परता से कार्रवाई करें। इसके अतिरिक्त, ग्राम कनेकेरा ऐनिकट पुल निर्माण को लेकर ग्रामीणों ने आवेदन सौंपा। वहीं, हीरमोहन लाल साहू ने विकलांग पेंशन की पात्रता के आधार पर सहायता राशि प्राप्त करने हेतु आवेदन किया।

इसी प्रकार दिनेश प्रताप सिंह ने बाल संरक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत मिलने वाली राशि दिलवाने के संबंध में निवेदन किया। इसके अलावा जन चौपाल में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान की स्वीकृति, वन अधिकार पट्टा प्राप्त करने, पूर्व में किए गए कार्यों का लंबित भुगतान, अवैध भूमि कब्जा हटवाने, मुआवजा राशि दिलवाने, तथा राशन कार्ड संबंधी समस्याएं के आवेदन प्रस्तुत किए। इन सभी मुद्दों को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने उपस्थित अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे प्राप्त आवेदनों की गहनता से जांच करें और प्राथमिकता के आधार पर त्वरित निराकरण सुनिश्चित करें, जिससे आमजन को समय पर राहत मिल सके।