छत्तीसगढ़: ‘बस्तर संभाग के 1.15 लाख कृषकों को 600 करोड़ रूपए का अल्पकालीन कृषि ऋण’

छत्तीसगढ़: ‘बस्तर संभाग के 1.15 लाख कृषकों को 600 करोड़ रूपए का अल्पकालीन कृषि ऋण’

’लैम्पस समितियों से जारी है खाद-बीज का वितरण’

बस्तर संभाग में खरीफ सीजन- 2025 के तहत अब तक एक लाख 14 हजार 929 किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर 600 करोड़ 74 लाख रुपए का अल्पकालीन कृषि ऋण वितरित किया जा चुका है। यह ऋण जिला सहकारी केंद्रीय बैंक, जगदलपुर द्वारा “सहकार से समृद्धि” योजना के अंतर्गत वितरित किया गया है। बैंक के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने बताया कि बस्तर संभाग के किसानों को खरीफ के लिए 950 करोड़ का ऋण वितरित किए जाने का लक्ष्य है।

बस्तर संभाग में आदिम जाति सेवा सहकारी समितियों के माध्यम से कृषकों को 58 हजार 159 मैट्रिक टन उर्वरक एवं 33 हजार 62 क्विंटल बीज का वितरण किया गया है। बस्तर जिले में 13,963 मैट्रिक टन, कोंडागांव में 14,679, नारायणपुर में 2,105, कांकेर में 23,884, सुकमा में 1,615 और बीजापुर जिले में 1,913 मैट्रिक टन उर्वरक का वितरण किया गया है। जैविक खेती जिला होने के कारण दंतेवाड़ा में उर्वरक प्रदाय नहीं किया गया। इसी प्रकार बीज वितरण के तहत बस्तर जिले में 7,645 क्विंटल, कोंडागांव में 3,674, नारायणपुर में 1,337, कांकेर में 8,397, दंतेवाड़ा में 2,184, सुकमा में 2,372 और बीजापुर जिले में 7,453 क्विंटल बीज कृषकों को उपलब्ध कराए गए हैं।

अल्पकालीन कृषि ऋण वितरण कार्यक्रम के तहत बस्तर जिले के 24,256 किसानों को 162.53 करोड़, कोंडागांव के 23,301 को 122.63 करोड़, नारायणपुर के 4,351 को 25.66 करोड़, कांकेर के 45,921 को 186.93 करोड़, दंतेवाड़ा के 1,943 को 12.79 करोड़, सुकमा के 7,359 को 41.04 करोड़ तथा बीजापुर जिले के 7,798 किसानों को 49.16 करोड़ रुपए का ऋण दिया गया है।

डीएपी खाद की कमी को देखते हुए नैनो डीएपी, एसएसपी और एनपीके जैसे वैकल्पिक उर्वरकों का पर्याप्त भंडारण भी किया गया है। सुगंधित धान, कोदो-कुटकी, रागी, मक्का, मूंग, उड़द, अरहर, मूंगफली, तिल व उद्यानिकी फसलों के लिए अब तक 30 करोड़ 74 लाख रुपए ऋण दिया गया है। ऋण और आदान सामग्री के वितरण की यह प्रक्रिया लगातार जारी है।

 

रायपुर : पत्रकारिता विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 पर कार्यशाला आयोजित

रायपुर : पत्रकारिता विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 पर कार्यशाला आयोजित

कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय, रायपुर में राष्ट्रीय शिक्षा नीतिः 2020 के पुनः उन्मुखीकरण को लेकर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य विश्वविद्यालय में लागू स्नातक पाठ्यक्रमों में एनईपी के एक वर्ष के क्रियान्वयन की समीक्षा करना और आवश्यक सुधारों पर विचार करना था।

कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए विश्वविद्यालय के कुलपति एवं रायपुर संभागायुक्त श्री महादेव कावरे ने कहा कि एनईपी 2020 न केवल रोजगार के नए अवसर सृजित करेगी, बल्कि यह युवाओं को उनकी स्थानीय परंपरा और ज्ञान से जोड़ने में सहायक होगी। उन्होंने कहा कि यह नीति विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं रखेगी, बल्कि उन्हें व्यावहारिक कौशल और सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने का अवसर देगी, जिससे वे देश के विकास में सक्रिय भूमिका निभा सकें।

प्रथम तकनीकी सत्र में उच्च शिक्षा के विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी (NEP) डॉ. डी.के. श्रीवास्तव ने नीति के विभिन्न आयामों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि एनईपी बहु-विषयक शिक्षा को बढ़ावा देती है, जिसमें छात्र अपनी रुचि एवं भविष्य की आवश्यकताओं के अनुसार विषयों का चयन कर सकते हैं। इसका उद्देश्य एक समग्र और लचीला शिक्षा प्रणाली को विकसित करना है।

द्वितीय तकनीकी सत्र में उच्च शिक्षा के संयुक्त संचालक डॉ. जी.ए. घनश्याम ने भारतीय ज्ञान परंपरा और भारत दर्शन पर विचार रखते हुए कहा कि यह नीति आधुनिकता और सांस्कृतिक मूल्यों के बीच सेतु का कार्य करेगी। उन्होंने कहा कि छात्रों को भारत की समृद्ध चिंतन परंपरा और नैतिक मूल्यों से जोड़ना एनईपी का अहम लक्ष्य है, जिससे वे जिम्मेदार नागरिक बन सकें।

इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलसचिव श्री सुनील कुमार शर्मा ने एनईपी को वर्तमान और भविष्य की रोजगार आवश्यकताओं के अनुरूप बताते हुए कहा कि इसका उद्देश्य केवल डिग्री प्रदान करना नहीं, बल्कि व्यावसायिक कौशल और बाज़ार योग्यताओं से छात्रों को लैस करना है।

कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के एनईपी संयोजक श्री पंकज नयन पाण्डेय ने एनईपी 2020 पर वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय द्वारा बीते एक वर्ष में पाठ्यक्रम संरचना और वैकल्पिक विषयों के क्रियान्वयन के तहत अनेक प्रभावी पहल की गई हैं, जिससे छात्रों को अपनी रुचियों के अनुरूप अध्ययन का अवसर मिला है।

इस अवसर पर विभागाध्यक्ष श्री शैलेन्द्र खंडेलवाल, डॉ. नृपेंद्र कुमार शर्मा, डॉ. आशुतोष मांडवी, डॉ. राजेंद्र मोहंती, उप कुलसचिव श्री सौरभ शर्मा, विश्वविद्यालय से संबद्ध महाविद्यालयों के प्राचार्य, प्राध्यापकगण एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

’विश्वविद्यालय परिसर में बिहान कैंटीन का शुभारंभ’

इसी दिन विश्वविद्यालय परिसर में ‘बिहान कैंटीन’ का भी शुभारंभ कुलपति श्री महादेव कावरे द्वारा किया गया। यह कैंटीन जिला पंचायत रायपुर के माध्यम से बिहान स्वयं सहायता समूहों द्वारा संचालित की जा रही है। इस अवसर पर कुलसचिव श्री सुनील कुमार शर्मा, सहायक कुलसचिव डॉ. देव सिंह पाटिल एवं अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

 

सरायपाली/ “किसान की बेटी, खेत की नेता : धान रोपती सभापति कुमारी भास्कर बनीं महिला सशक्तिकरण की मिसाल”

सरायपाली/ “किसान की बेटी, खेत की नेता : धान रोपती सभापति कुमारी भास्कर बनीं महिला सशक्तिकरण की मिसाल”

महासमुंद | 14 जुलाई 2025
“किसान की बेटी हूँ, खेती करना मेरा कर्म है, अपने साथ दूसरों का पेट भरना मेरा धर्म है।” – ये शब्द हैं महासमुंद जिला पंचायत की सभापति श्रीमती कुमारी भास्कर के, जो इन दिनों नारी शक्ति और किसान जीवन दोनों की सशक्त पहचान बन चुकी हैं।

बारिश का मौसम शुरू होते ही महासमुंद जिले के खेतों में हरियाली लौटने लगी है। किसानों ने खेतों का रुख कर दिया है और धान रोपाई का कार्य तेजी से किया जा रहा है। लेकिन इस बार चर्चा का केंद्र सिर्फ फसल नहीं, बल्कि वह महिला नेता हैं, जो खुद खेत में उतरकर कंधे से कंधा मिलाकर मेहनत कर रही हैं – कुमारी भास्कर।

जहां राजनीति में महिलाएं अक्सर दफ्तरों और सभाओं तक सीमित रहती हैं, वहीं कुमारी भास्कर ने परंपराओं की दीवार तोड़ते हुए खेती किसानी में भी सहभागिता दिखाई है। ट्रैक्टर चलाना हो या धान की रोपाई – वह हर काम खुद करती हैं और अपने क्षेत्र की महिलाओं को भी इसके लिए प्रेरित करती हैं।

कुमारी भास्कर की यह छवि केवल एक नेता की नहीं बल्कि एक जिम्मेदार बेटी, मेहनती किसान और सच्ची जनप्रतिनिधि की बन चुकी है। उन्होंने यह साबित किया है कि कुर्सी पर बैठकर फैसले लेने के साथ-साथ धरती से जुड़कर भी सेवा की जा सकती है।

माटी की महक, नारी का स्वाभिमान
उन्हें समर्पित कविता की कुछ पंक्तियाँ उनकी भावना और कर्मठता को दर्शाती हैं –
“हाथ मं ट्रेक्टर, दिल मं सेवा,
हर खेत-खार मं भर देथें मेवा।
ना साज-श्रृंगार, ना राज गुमान,
किसानी मं दिखथे नेता के पहचान।”

कुमारी भास्कर आज ग्रामीण महिलाओं के लिए न केवल प्रेरणा हैं, बल्कि यह संदेश भी देती हैं कि महिला सशक्तिकरण सिर्फ भाषणों में नहीं, ज़मीनी कार्यों में दिखना चाहिए।

नारी सशक्तिकरण की सजीव मिसाल
पंचायती राज व्यवस्था में महिलाओं की भूमिका को एक नई ऊँचाई देने वाली कुमारी भास्कर यह दिखा रही हैं कि महिलाएं समाज के हर क्षेत्र में नेतृत्व कर सकती हैं – चाहे वह पंचायत कार्यालय हो या पकी धान की क्यारी।

आज जब महिलाएं खुद को पिछड़ा और सीमित समझती हैं, तब कुमारी भास्कर जैसी शख्सियत उनके लिए रोल मॉडल बनकर खड़ी हैं। उनकी कार्यशैली, मेहनत और सादगी आने वाली पीढ़ियों के लिए मार्गदर्शक बन सकती है।

जय हो किसान बेटी के हौंसले को,
जो धरती मां की सेवा में जुटी है।

छत्तीसगढ़ / भीख और बीमारी का नाटक कर सुनसान घरों में करती थी चोरी – कांकेर पुलिस के हत्थे चढ़ी शातिर महिला चोर ₹10.97 लाख की चोरी का खुलासा, सोना-चांदी, नगदी व स्कूटी बरामद

छत्तीसगढ़ / भीख और बीमारी का नाटक कर सुनसान घरों में करती थी चोरी – कांकेर पुलिस के हत्थे चढ़ी शातिर महिला चोर ₹10.97 लाख की चोरी का खुलासा, सोना-चांदी, नगदी व स्कूटी बरामद

कांकेर। जिले की गोंडाहूर थाना पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए एक शातिर महिला चोर को गिरफ्तार किया है, जो भीख मांगने और बीमारी का बहाना बनाकर सुनसान घरों की रेकी करती थी और मौका पाकर चोरी की वारदातों को अंजाम देती थी। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से करीब 11 लाख रुपये की चोरी की संपत्ति जब्त की है।

गिरफ्तार महिला की पहचान श्रीमती साधना उर्फ सपना मंडल (पत्नी स्व. सरजीत मंडल, उम्र 45 वर्ष), निवासी ग्राम पीव्ही 41, पुरूषोत्तमनगर, थाना पखांजूर के रूप में हुई है।

शिकायत के बाद खुला मामला

दिनांक 11 जुलाई 2025 को प्रार्थी अरुण बढ़ाई, निवासी पीव्ही-52 द्वारा थाना गोंडाहूर में चोरी की शिकायत दर्ज कराई गई थी। मामले की जांच के दौरान पुलिस को महिला की गतिविधियां संदिग्ध लगीं। पूछताछ करने पर आरोपी महिला ने न केवल इस घटना की जिम्मेदारी ली, बल्कि यह भी स्वीकार किया कि वह बीते एक वर्ष से परलकोट क्षेत्र में लगातार चोरी की वारदातों को अंजाम दे रही थी।

चोरी का शातिर तरीका

आरोपी महिला भीख मांगने व बीमारी का बहाना बनाकर पहले घरों की रेकी करती थी, फिर जब घर खाली या सुनसान होते, तब चोरी करती थी। उसने गोंडाहूर, पखांजूर, बांदे, और बड़गांव क्षेत्रों में कई चोरी की घटनाओं को अंजाम देना स्वीकार किया है।

पुलिस ने की बड़ी बरामदगी

कार्रवाई के दौरान आरोपी के पास से कुल ₹10,97,300 की सामग्री जब्त की गई, जिसमें शामिल हैं:

सोने-चांदी के जेवरात: ₹6,00,000

नगदी रकम: ₹4,47,300

अपराध में प्रयुक्त स्कूटी: ₹50,000

न्यायालय में पेशी

पुलिस ने आरोपी महिला को गिरफ्तार कर आज माननीय न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। वहीं, पुलिस द्वारा मामले में अन्य संलिप्त व्यक्तियों की जांच भी जारी है।

👉 कांकेर पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई की आमजन में सराहना की जा रही है।
पुलिस अधीक्षक कांकेर के निर्देशन में कार्यवाही को अंजाम दिया गया।

 

भाटापारा में साइबर ठगी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई: म्युल खाता धारकों पर शिकंजा, 7 आरोपी गिरफ्तार

भाटापारा में साइबर ठगी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई: म्युल खाता धारकों पर शिकंजा, 7 आरोपी गिरफ्तार

भाटापारा। पुलिस अधीक्षक श्रीमती भावना गुप्ता के निर्देशन में साइबर अपराध के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत भाटापारा पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने म्युल खाताधारकों की पहचान कर एक बड़ी सफलता अर्जित की है। इस कार्रवाई में सात आरोपियों के विरुद्ध अपराध दर्ज कर आवश्यक कार्यवाही की गई है।

जानकारी के अनुसार, ये आरोपी अपने बैंक खातों का उपयोग साइबर ठगी एवं अन्य आपराधिक गतिविधियों से प्राप्त राशि को हेराफेरी करने में कर रहे थे। अब तक की जांच में आरोपियों के खातों से कुल ₹3,20,948 के संदिग्ध लेन-देन का पता चला है। पुलिस ने सभी खातों की तस्दीक कर साइबर अपराध में संलिप्तता की पुष्टि की।

गिरफ्तार किए गए आरोपियों के नाम इस प्रकार हैं:

1. रोहित शोभवानी (उम्र 24 वर्ष), निवासी बजरंग वार्ड, भाटापारा शहर।

2. सूरज दास मानिकपुरी (उम्र 25 वर्ष), निवासी मुंशी इस्माइल वार्ड, भाटापारा शहर।

3. वसीम खान (उम्र 39 वर्ष), निवासी सेंट मेरी कॉलोनी, एलबीएस वार्ड, भाटापारा ग्रामीण।

4. लेखराम विश्वकर्मा (उम्र 19 वर्ष), निवासी हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, भाटापारा शहर।

5. मोहम्मद अजीत (उम्र 32 वर्ष), निवासी नयापारा वार्ड, कृष्णा नगर, भाटापारा शहर।

6. मनीष राय (उम्र 25 वर्ष), निवासी पंचशील नगर, गुरुनानक वार्ड, भाटापारा शहर।

7. दयाशंकर रजक (उम्र 32 वर्ष), निवासी बजरंग वार्ड, भाटापारा शहर।

 

पुलिस ने आरोपियों से पूछताछ के बाद आगे की जांच शुरू कर दी है और अन्य संबंधित व्यक्तियों की भी पहचान की जा रही है।

भाटापारा पुलिस एवं साइबर सेल की इस त्वरित और सटीक कार्रवाई की क्षेत्रवासियों द्वारा सराहना की जा रही है।
इस कार्रवाई से यह स्पष्ट संदेश गया है कि साइबर ठगी जैसे गंभीर अपराधों पर पुलिस की पैनी नजर है और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।

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बसना / हर उम्र के मरीजों के लिए समर्पित चिकित्सा सेवा: बसना का अग्रवाल नर्सिंग होम बना विश्वास का केंद्र

बसना / हर उम्र के मरीजों के लिए समर्पित चिकित्सा सेवा: बसना का अग्रवाल नर्सिंग होम बना विश्वास का केंद्र

स्वस्थ मां और स्वस्थ शिशु ही स्वस्थ समाज की नींव होते हैं — इसी उद्देश्य को लेकर अग्रवाल नर्सिंग होम, बसना क्षेत्र में उच्चस्तरीय और आधुनिक चिकित्सा सेवाएं प्रदान कर रहा है। यह मल्टीस्पेशियलिटी अस्पताल बच्चों से लेकर महिलाओं तक की सभी प्रमुख स्वास्थ्य आवश्यकताओं की देखभाल में अग्रणी भूमिका निभा रहा है।

यहां डॉ. अमित अग्रवाल एक कुशल शिशु रोग विशेषज्ञ के रूप में सेवाएं दे रहे हैं। वे बच्चों के मौसमजन्य बुखार, निमोनिया, पीलिया, दस्त, दिमागी बुखार जैसे रोगों के साथ-साथ श्वसन संबंधी गंभीर समस्याओं के इलाज में निपुण हैं। अस्पताल में वेंटिलेटर युक्त NICU सुविधा भी उपलब्ध है। बच्चों के टीकाकरण से लेकर ऑपरेशन थियेटर तक सभी अत्याधुनिक व्यवस्थाएं मौजूद हैं।

वहीं, डॉ. भारती अग्रवाल, अनुभवी स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ के रूप में महिलाओं की हर स्वास्थ्य जरूरत को बारीकी से देखती हैं। अस्पताल में दर्द रहित नार्मल डिलीवरी, सिजेरियन, गर्भावस्था की जटिलताओं का इलाज, हार्मोन समस्याएं (जैसे PCOD), बच्चेदानी की दूरबीन से सर्जरी, बाँझपन और माहवारी की समस्याओं का प्रभावी इलाज किया जाता है।

प्रमुख सुविधाएँ:

NICU और ऑपरेशन थियेटर की सुविधा

गर्भवती महिलाओं के लिए उच्च स्तरीय देखभाल

बच्चों और महिलाओं की समस्त बीमारियों का इलाज

राशन कार्ड/आयुष्मान कार्ड धारकों के लिए निःशुल्क इलाज

अस्पताल प्रतिदिन खुला रहता है और दोनों विशेषज्ञ चिकित्सक नियमित रूप से उपलब्ध रहते हैं, जिससे मरीजों को शीघ्र और सुलभ उपचार प्राप्त होता है।

संपर्क करें:

📍 बसना, जिला महासमुंद (छ.ग.)

📞 84618-11000, 77708-68473, 77730-86100

अग्रवाल नर्सिंग होम, चिकित्सा क्षेत्र में सेवा और समर्पण की मिसाल बन रहा है।

सरायपाली विधानसभा के मानसून सत्र में विधायक चातुरी नंद ने उठाया धान खरीदी केन्द्रों में शॉर्टेज और अनियमितता का मामला 

सरायपाली विधानसभा के मानसून सत्र में विधायक चातुरी नंद ने उठाया धान खरीदी केन्द्रों में शॉर्टेज और अनियमितता का मामला

सरायपाली। आज से छत्तीसगढ़ विधानसभा का मानसून सत्र प्रारंभ हुआ है, जिसमें आज प्रथम दिवस ही सरायपाली विधायक चातुरी नंद ने विधानसभा क्षेत्र के धान खरीदी केन्द्रों में शॉर्टेज और अनियमितता के मामले की जानकारी ली। विधायक नंद के तारांकित प्रश्न के लिखित जवाब में सहकारिता मंत्री ने बताया कि वर्ष 2024-25 में सरायपाली विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत 48 उपार्जन केन्द्रों में 2,89,896.60 मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई है। उन्होंने यह भी बताया कि 48 उपार्जन केन्द्रों में से 18 उपार्जन केन्द्रों का अंतिम लेखा मिलान पूर्ण हो चुका है, जिसमें धान की शार्टेज निरंक है, शेष 30 उपार्जन केन्द्रों में अंतिम लेखा मिलान प्रक्रियाधीन है, मिलान का कार्य पूर्ण होने पर ही धान की शार्टेज की वास्तविक स्थिति ज्ञात हो सकेगी। वहीं विधायक द्वारा सरायपाली विधानसभा क्षेत्र की धान खरीदी केन्द्रों में अवैध धान खपाने अथवा अन्य गड़बड़ियों एवं शिकायत के संबंध में मंत्री ने अपने लिखित जवाब में बताया कि नूनपानी, रिसेकेला, सिंगहबहाल, केना और जंगलबेड़ा में शिकायत प्राप्त हुई है, जिसकी जांच जारी है। नूनपानी, रिसेकेला और केना में एफआईआर भी दर्ज की गई है।

इस संबंध में विधायक श्रीमती नंद ने बताया कि कुछ केंद्रों के प्रभारियों को बचाने का षड़यंत्र किया जा रहा है, जिसके चलते कई केंद्रों में गड़बड़ी के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। मानसून सत्र के दौरान विधायक ने प्रदेश में युक्तियुक्तकरण के दौरान अतिशेष शिक्षकों में गड़बड़ी की शिकायत, छत्तीसगढ़ के लोक कलाकारों के मानदेय भुगतान, राजस्व निरीक्षक भर्ती परीक्षा में गड़बड़ी सहित कई मुद्दों को विधानसभा में उठाया। सरायपाली विधायक श्रीमती नंद पूर्व में भी जनहित के मुद्दों को विधानसभा में प्रमुखता से उठाती रही हैं। इस मानसून सत्र में भी उनके द्वारा सदन में किसानों, युवाओं से लेकर आमजन की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया जा रहा है।

रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का आह्वान — ‘वेटलैण्ड मित्र’ बनें, जैविक विरासत को बचाएं

रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का आह्वान — ‘वेटलैण्ड मित्र’ बनें, जैविक विरासत को बचाएं

नवा रायपुर में वेटलैण्ड एवं जैव विविधता संरक्षण पर उच्चस्तरीय कार्यशाला का आयोजन

जैव विविधता एवं आर्द्रभूमियों (वेटलैण्ड्स) के संरक्षण के उद्देश्य से आज नवा रायपुर स्थित दण्डकारण्य अरण्य भवन में एक उच्चस्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत, उपमुख्यमंत्रीद्वय श्री अरुण साव एवं श्री विजय शर्मा सहित कैबिनेट के सभी मंत्री एवं विधायकगण उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ की परिकल्पना केवल आधारभूत ढांचे के विकास से नहीं, बल्कि पर्यावरणीय संतुलन और जैविक विविधता की रक्षा से ही पूर्ण होती है। उन्होंने आह्वान किया कि हर जनप्रतिनिधि व नागरिक जैव विविधता एवं वेटलैण्ड संरक्षण के लिए व्यक्तिगत दायित्व समझें और ‘वेटलैण्ड मित्र’ बनकर इस अभियान को जनांदोलन में परिवर्तित करें।

कार्यशाला की अध्यक्षता करते हुए वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि जैव विविधता और वेटलैण्ड्स का संरक्षण केवल पर्यावरणीय आवश्यकता नहीं, बल्कि यह हमारी भावी पीढ़ियों की सुरक्षा का सवाल भी है। उन्होंने सभी जनप्रतिनिधियों से जैव विविधता के संरक्षण में भागीदारी सुनिश्चित करने और “वेटलैण्ड मित्र” बनकर जनजागरण फैलाने का आग्रह किया।

कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ जैव विविधता बोर्ड के अध्यक्ष श्री राकेश चतुर्वेदी ने व्यापक प्रस्तुति दी। उन्होंने 1992 के अर्थ सम्मिट, जैव विविधता अधिनियम 2002, राष्ट्रीय जैव विविधता बोर्ड की भूमिका और जैव विविधता प्रबंधन समितियों की संरचना एवं कार्यों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने यह भी बताया कि छत्तीसगढ़ देश का तीसरा राज्य है, जहां जैव विविधता प्रबंधन समितियाँ प्रभावी रूप से कार्य कर रही हैं।

आर्द्रभूमि संरक्षण के संदर्भ में प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री अरुण कुमार पाण्डेय ने बताया कि वेटलैण्ड्स पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखने में अहम भूमिका निभाते हैं। उन्होंने राज्य आर्द्रभूमि प्राधिकरण की कार्यप्रणाली और जिला स्तरीय आर्द्रभूमि संरक्षण समितियों के गठन की प्रक्रिया की जानकारी देते हुए बताया कि इन समितियों के माध्यम से स्थानीय स्तर पर वेटलैण्ड्स की निगरानी एवं संरक्षण को मजबूती मिल रही है।

कार्यक्रम में यह जानकारी दी गई कि राज्य का गिधवा-परसदा पक्षी अभ्यारण्य अंतरराष्ट्रीय मानकों पर आधारित रामसर साइट बनने की पात्रता रखता है। इसके अतिरिक्त, बलौदाबाजार जिले के खोखरा ग्राम को छत्तीसगढ़ की पहली रामसर साइट के रूप में सूचीबद्ध करने की प्रक्रिया प्रगति पर है।

कार्यशाला के अंत में सभी जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों से “वेटलैण्ड मित्र” के रूप में जुड़कर जैव विविधता और आर्द्रभूमियों के संरक्षण हेतु सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की गई। यह भागीदारी राज्य में पर्यावरणीय चेतना को जनआंदोलन का रूप देने में सहायक होगी।

इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, अपर मुख्य सचिव (वन) श्रीमती ऋचा शर्मा, छत्तीसगढ़ वन बल प्रमुख श्री व्ही. श्रीनिवास राव, जैव विविधता बोर्ड के सदस्य सचिव श्री राजेश कुमार चंदेले सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी एवं विशेषज्ञ उपस्थित थे।

महासमुंद / जिले में 3 नए 100 सीटर छात्रावास भवन निर्माण हेतु 813 लाख रुपये स्वीकृत

महासमुंद / जिले में 3 नए 100 सीटर छात्रावास भवन निर्माण हेतु 813 लाख रुपये स्वीकृत

 

महासमुंद, 14 जुलाई 2025/ समग्र शिक्षा अभियान अंतर्गत वार्षिक कार्ययोजना 2024-25 के तहत भारत सरकार के स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग द्वारा महासमुंद जिले के बागबाहरा विकासखंड में कुल 03 छात्रावास (100 सीटर) भवन निर्माण के लिए कलेक्टर एवं जिला मिशन संचालक समग्र शिक्षा श्री विनय कुमार लंगेह ने 813 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की है। प्रत्येक भवन की लागत 271 लाख रुपए स्वीकृत किया गया हैं। इनमें छात्रावास डोंगरपाली, मुड़पार एवं करमापटपर शामिल है।

उक्त छात्रावास क्रमशः बालक पूर्व माध्यमिक शाला कमरौद, पूर्व माध्यमिक शाला नर्रा एवं पूर्व माध्यमिक शाला लमकेनी से सम्बद्ध होगा। प्रथम किस्त के रूप में 40 प्रतिशत की राशि तीन करोड़ पच्चीस लाख बीस हजार रुपए की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति लोक निर्माण विभाग महासमुंद को निर्माण कार्य हेतु प्रदान की गई है।

कलेक्टर एवं जिला मिशन संचालक समग्र शिक्षा श्री विनय कुमार लंगेह ने छात्रावास भवन निर्माण के लिए राज्य स्तर से प्रदत्त मानक प्राक्कलन, ड्राइंग व डिज़ाइन के अनुसार स्थल की स्थिति के अनुरूप विस्तृत प्राक्कलन तैयार कर तकनीकी स्वीकृति प्राप्त करने के निर्देश दिए है। निर्माण कार्य में भवन, आंतरिक-बाह्य विद्युतीकरण, शौचालय, वर्षा जल संरक्षण, बाउंड्रीवाल, एप्रोच रोड, वर्क चार्ज कंटिजेंसी व एस्केलेशन शामिल रहेंगे। तड़ित चालक लगाना

अनिवार्य होगा। निर्माण कार्य की गुणवत्ता की नियमित मॉनिटरिंग करने तथा हर माह की 10 तारीख तक कार्य प्रगति रिपोर्ट जिला परियोजना कार्यालय को भेजने निर्देशित किया है। कार्यादेश जारी होने के बाद 9 माह के भीतर कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं। निर्माण स्थल पर सूचना बोर्ड लगाया जाना अनिवार्य होगा।

महासमुंद / पंचायत खैरा में ग्राम सभा के प्रस्ताव पर आज शासकीय भूमि पर हो रहे अवैध कब्जों को हटाने की कार्रवाई की गई।

महासमुंद / अवैध अतिक्रमण पर प्रशासनिक कार्रवाई, खैरा में शासकीय भूमि को कराया गया मुक्त
 

महासमुंद, 14 जुलाई 2025/ ग्राम पंचायत खैरा में ग्राम सभा के प्रस्ताव पर आज शासकीय भूमि पर हो रहे अवैध कब्जों को हटाने की कार्रवाई की गई। तहसीलदार महासमुंद श्री जुगल पटेल एवं मोहित अमिला के नेतृत्व में यह कार्रवाई ग्राम पंचायत के सरपंच श्री प्रांशु चंद्राकर, राजस्व विभाग तथा पंचगण एवं ग्रामवासियों की उपस्थिति में हुई।

तहसीलदार ने बताया कि गांव के कुछ व्यक्तियों द्वारा शासकीय भूमि जैसे आंगनाबड़ी मैदान, तालाब पार, गौठान, (बड़े झाड़़ के जंगल) और अन्य शासकीय भूमि पर अवैध रूप से मकान निर्माण कर अतिक्रमण किया जा रहा था। जिस पर ग्राम पंचायत द्वारा तीन-तीन बार नोटिस दिया गया। बावजूद अतिक्रमण नहीं हटाया गया। अतः उक्त भूमि पर कब्जा हटाने हेतु प्रशासन द्वारा आज संयुक्त कार्रवाई करते हुए अतिक्रमण हटाया गया।
इस कार्रवाई में सरपंच, पंचगण, हल्का पटवारी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे। तहसीलदार श्री पटेल ने इस दौरान ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि ग्राम पंचायत के मंशानुरूप अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई। भविष्य में भी यह कार्रवाई जारी रहेगी। शासकीय भूमि पर अवैध निर्माण एवं अतिक्रमण को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।