अभिलेख में त्रुटि सुधार होने पर बहुत खुश हैं पवन अब मिलेगा शासकीय योजनाओं का लाभ

अभिलेख में त्रुटि सुधार होने पर बहुत खुश हैं पवन अब मिलेगा शासकीय योजनाओं का लाभ

सुशासन तिहार में अभिलेख में त्रुटि सुधार होने पर पवन सिंह मरावी बहुत खुश हैं, अब उन्हें शासकीय योजनाओं का लाभ मिलेगा। पेण्ड्रा ब्लाक के ग्राम पंचायत कुदरी के पवन सिंह मरावी की उम्मीदों को नई उड़ान तब मिली जब उन्होंने सुशासन तिहार में भाग लेकर अपनी वर्षों पुरानी समस्या का समाधान पाया। पवन सिंह लंबे समय से बी-1 रिकॉर्ड में त्रुटि के कारण शासन की विभिन्न योजनाओं, खासकर प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि से वंचित थे। हर बार आवेदन करने के बावजूद उन्हें एक ही समस्या का सामना करना पड़ता था,      जिससे वे बेहद निराश और परेशान थे, लेकिन मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की सुशासन तिहार कार्यक्रम के माध्यम से उन्हें समस्याओं के समाधान के लिए आवेदन करने का अवसर मिला तो उन्होंने तुरंत आवेदन प्रस्तुत किया और राजस्व विभाग द्वारा उनके आवेदन पर त्वरित कार्रवाई करते हुए बी-1 एवं किसान किताब में नाम की त्रुटि को सुधारा गया। अब इन्हें विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ मिलेगा।                                                                         अभिलेख में त्रुटि सुधार होने से अब पवन सिंह न केवल शासकीय योजनाओं का लाभ लेने में सक्षम होंगे, बल्कि उनके लिए एक नई राह भी खुल गई है। इस सफलता पर उन्होंने शासन-प्रशासन के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहा, “मैं शासन का दिल से धन्यवाद करता हूँ कि मेरी वर्षों पुरानी समस्या को इतनी जल्दी हल किया गया। अब मुझे किसान सम्मान निधि सहित सभी योजनाओं का लाभ मिलेगा।“ सुशासन तिहार ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि जब प्रशासन संवेदनशील हो और जनता सजग हो। पवन सिंह मरावी की कहानी उन सभी के लिए प्रेरणा है जो अपने अधिकारों की प्राप्ति के लिए प्रयासरत हैं।

नाला में बने चेक डेम से पानी को तरसते किसानों के चेहरे पर आई मुस्कान

नाला में बने चेक डेम से पानी को तरसते किसानों के चेहरे पर आई मुस्कान

मनरेगा के तहत बने चेकडेम से 20 किसानों के 17 एकड़ भूमि में बढ़ी सिंचाई सुविधा किसान की मेहनत सफल तभी हो सकती है जब किसान के पास समय पर सिंचाई के लिए जल उपलब्ध हो। ग्राम पंचायत बरदर में नाले के किनारे रहने वाले कई किसानों के पास सिंचाई का संसाधन न होने से उन्हें अपने खेतों से मनचाहा लाभ नहीं मिल पाता था। गांव के किनारे बहने वाले नाले से पूरा बारिश का पानी बहकर आगे हसदेव नदी में जाकर मिलता था और उसके बाद गर्मी आते तक वह नाला पूरी तरह से जल विहीन हो जाता था।          Pबारिश में खेतों मे कटाव करके बहने वाली बारिश का पानी बाद में सिंचाई तो दूर उनके पशुओं के लिए पेयजल भी नहीं दे पाता था। लेकिन बीते वित्तीय वर्ष में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत बनाए गए एक पक्के चेक डेम से अब गांव का एक कोना हर मौसम में हरा भरा रहता है। यहां आधा दर्जन किसान पंपों के सहारे अपने 17 एकड़ से अधिक खेतों में सिंचाई का लाभ लेते हुए दो फसलें और तीन फसलें तक लेने लगे हैं।

मई की तपती गर्मी में भी बरदर के दर्जन भर किसानों के खेतों में उड़द की फसल लहलहा रही है।  मनेन्द्रगढ़-भरतपुर-चिरमिरी जिले के जनपद पंचायत खड़गवां का एक ग्राम पंचायत बरदर है। यहां गांव के किनारे से एक मोरघनिया नाला बहता है। यह एक बरसाती नाला है जिसमे बारिश में तो पर्याप्त जल रहता था। लेकिन बारिश खत्म होने के बाद से इसमें जल कम होने लगता था और गर्मी आते तक यह पूरी तरह से सूख जाता था। इस नाले को नरवा विकास के तहत चयनित कर इसका सर्वे किया गया और उपयुक्त जगह पर गत वर्ष एक पक्का चेक डेम बनाया जाना प्रस्तावित किया गया। ग्राम सभा से प्राप्त प्रस्ताव के अनुसार कार्य की स्वीकृति प्रदान करते हुए ग्राम पंचायत बरदर को निर्माण एजेंसी बनाया गया। तकनीकी सहायक राहुल की देखरेख में ग्राम पंचायत ने समय सीमा में कार्य को गुणवत्ता पूर्ण तरीके से पूरा किया। इस कार्य से एक हजार से ज्यादा मानव दिवस का रोजगार भी ग्रामीणों को प्राप्त हुआ। चेक डेम बन जाने के बाद यहां बड़ी मात्रा में जल संचय किया जा रहा है। चेकडेम से पीछे लगभग एक किलोमीटर तक बैकवाटर होने से आस पास का जल स्तर बेहतर हो रहा है। साथ ही किसानों को अपनी फसलों में सिंचाई के लिए पर्याप्त मात्रा में जल भी उपलब्ध हो पा रहा है। मोरघनिया नाले में बने चेक डेम से ग्राम पंचायत में रहने वाले किसान सत्यनारायण, फागुनाथ सिंह, राजकुमार, बलदेव, बाबूलाल, राजकिशुन, सुरेश और शिवप्रसाद जैसे कुल 20 किसानों के लगभग 17 एकड़ से अधिक भूमि में दो फसली सिंचाई सुविधा बढ़ गई है। इन किसानों ने बताया कि पहले सूख जाने वाले नाले में चेकडेम बन जाने से सिंचाई की दिक्कत समाप्त हो गई हैं अब हम अपनी मर्जी से फसलों की बुआई करके अच्छा लाभ कमा रहे हैं। वर्तमान में इस चेक डेम से लगी भूमि से लगभग दस एकड़ में उड़द और सब्जी की फसल लगी हुई है। इसके पहले किसानों ने धान और गेहूं की भरपूर फसल लेकर अच्छा मुनाफा कमाया है। कुल मिलाकर एक संसाधन से कई घरों में जीवन की शैली और स्तर में परिवर्तन साफ नजर आ रहा है। ऐसे में महात्मा गांधी नरेगा के तहत बने एक पक्के चेक डेम ने उनकी आर्थिक और सामाजिक स्थिति में परिवर्तन लाना आरंभ किया है।

 

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने स्वर्गीय श्री रामजीलाल अग्रवाल को दी श्रद्धांजलि

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने स्वर्गीय श्री रामजीलाल अग्रवाल को दी श्रद्धांजलि

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज  राजधानी रायपुर के मौलश्री विहार स्थित सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल के निवास पहुंचकर उनके पिता और वरिष्ठ समाजसेवी स्वर्गीय श्री रामजीलाल अग्रवाल को श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री श्री साय ने स्वर्गीय श्री रामजीलाल अग्रवाल के छायाचित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए ईश्वर से प्रार्थना की कि वे दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें व उन्हें अपने श्री चरणों में स्थान दें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्व. श्री रामजीलाल अग्रवाल का सम्पूर्ण जीवन समाजसेवा, गौसेवा और जनकल्याण के कार्यों के प्रति समर्पित रहा। उन्होंने अपने सेवा प्रकल्पों से समाज में एक आदर्श स्थापित किया है। मुख्यमंत्री ने शोकाकुल परिवारजनों से मुलाकात की और उन्हें ढाँढस बंधाया। इस अवसर पर सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल व उनके परिवारजन तथा अन्य गणमान्यजन उपस्थित थे।

छत्तीसगढ़ के पामेड़ में खुली ग्रामीण बैंक की शाखा:मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किया वर्चुअल शुभारंभ

छत्तीसगढ़ के पामेड़ में खुली ग्रामीण बैंक की शाखा:मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किया वर्चुअल शुभारंभ

माओवाद से मुक्ति की जमीन पर  रखी जा रही है विकास की मजबूत नींव – मुख्यमंत्री

जिस पामेड़ को कभी माओवादियों की बटालियन नंबर-1 का गढ़ माना जाता था, आज वहां बैंक खुल रहे हैं, कन्या आश्रम बन रहे हैं और लोग खुले मन से सुशासन शिविरों में भाग ले रहे हैं। यह बदला हुआ बस्तर है — आत्मविश्वास, विकास और लोकतंत्र का प्रतीक। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज बीजापुर जिले के सुदूरवर्ती और पूर्व में माओवादी प्रभाव से ग्रस्त रहे पामेड़ क्षेत्र में छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक की शाखा का शुभारंभ करते हुए यह बात कही। मुख्यमंत्री श्री साय ने इसे विकास और विश्वास की नई सुबह बताते हुए कहा कि अब ग्रामीणों को बैंकिंग सेवाओं के लिए 100 किलोमीटर दूर आवापल्ली नहीं जाना पड़ेगा। यह पहल सरकार के सुशासन और समावेशी विकास के विजन को दर्शाती है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि इस बैंक शाखा से पामेड़ और आसपास के 50 गांवों को सीधे लाभ मिलेगा, जहां अब खाता खोलने, पैसा निकालने और महतारी वंदन योजना जैसी योजनाओं की राशि लेने में सुविधा होगी। उन्होंने विशेष रूप से माताओं-बहनों को आश्वस्त किया कि अब उन्हें योजना की राशि के लिए लंबी यात्रा नहीं करनी पड़ेगी।

इस मौके पर मुख्यमंत्री ने पामेड़ में 50-सीटर आदिवासी कन्या आश्रम का भी लोकार्पण किया,  जिसकी लागत 1.62 करोड़ रुपये है। उन्होंने कहा कि कन्या आश्रम के माध्यम से आने वाले समय में बस्तर की बेटियां शिक्षा और विकास की मुख्यधारा से जुड़कर बस्तर को नया नेतृत्व प्रदान करते हुए क्षेत्र को विकास की नई ऊंचाईयां प्रदान करेंगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पामेड़ में अब पोषण पुनर्वास केंद्र (NRC) की स्थापना की जा रही है, ताकि आसपास के कुपोषित बच्चों को इलाज के लिए भटकना न पड़े। उन्होंने ग्रामीणों से आग्रह किया कि वे बच्चों को समय पर पोषण पुनर्वास केंद्र में लाएं और स्वास्थ्य लाभ लें।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि तालपेरू नदी पर धर्मावरम ब्रिज का निर्माण तेजी से चल रहा है, जिससे अब तेलंगाना के चेरला होकर 200 किलोमीटर लंबा सफर तय करके बीजापुर जाने की बाध्यता समाप्त हो जाएगी। यह पुल न केवल पामेड़ को जोड़ने वाला होगा, बल्कि क्षेत्रीय विकास का मुख्य द्वार भी बनेगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि आवागमन की सुविधा बढ़ाते हुए सरकार ने पामेड़ से बीजापुर के बीच सीधी बस सेवा शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अब सुबह जाकर शाम को लौटना संभव हो गया है। लोगों की दिनचर्या सरल हुई है और व्यापार-सेवा गतिविधियां तेज़ी से बढ़ी हैं।

इस मौके पर ‘सुशासन तिहार’ के तहत समाधान शिविर का भी आयोजन किया गया, जिसमें क्षेत्रीय जनसमस्याओं का त्वरित निराकरण किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अभियान छत्तीसगढ़ में लोगों को उनके द्वार पर प्रशासन देने की हमारी प्रतिबद्धता का प्रमाण है।

समाधान शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे। इस मौके पर श्री महेश गागड़ा, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती जानकी कोरसा, कलेक्टर श्री संबित मिश्रा, पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेन्द्र कुमार यादव, स्थानीय जनप्रतिनिधि सहित अन्य  अधिकारीगण उपस्थित थे।

 

 खरीफ के लिए राज्य में खाद-बीज का पर्याप्त स्टाक

खरीफ के लिए राज्य में खाद-बीज का पर्याप्त स्टाक

उपलब्ध: मंत्री श्री राम विचार नेताम राज्य में किसान तेजी से कर रहे हैं खाद एवं बीज का उठाव कृषि मंत्री ने 28 नवीन वाहनों को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना कृषि विभाग के योजनाओं के क्रियान्वयन में आएगी तेजी

कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम ने आज छत्तीसगढ़ बीज एवं कृषि विकास निगम परिसर, तेलीबांधा रायपुर में आयोजित एक संक्षिप्त कार्यक्रम में राज्य के 28 जिलों को नवीन बोलेरो वाहन की सौगात देने की साथ ही उन्हें हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इन नवीन वाहनों का उपयोग विभागीय अधिकारियों द्वारा विभागीय योजनाओं का फील्ड में प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के साथ ही किसान हितैषी कार्यक्रमोें की मॉनिटरिंग के लिए किया जाएगा। इस अवसर पर संचालक कृषि श्री राहुल देव सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

मंत्री श्री नेताम ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा किसानों के हित में कई योजनाएं एवं कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। इसका लाभ किसानों को मिले इसके लिए किसानों को विभागीय योजनाओं की जानकारी देने के साथ ही उनको इसका लाभ उठाने के लिए जागरूक किए जाने का काम विशेष रूप से किया जाएगा। किसान जागरूकता शिविरों में इस वाहन के माध्यम से विशेषज्ञ अधिकारियों की टीम गांव-गांव पहुंचेगी और किसानों को उन्नत तकनीक और आधुनिक खेती की जानकारी देगी। जिलों को वाहन की उपलब्धता सुनिश्चित होने से विभागीय कामकाज में तेजी आएगी।

मंत्री श्री नेताम ने इस मौके पर मौजूद मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा करते हुए कहा कि खरीफ सीजन 2025 के लिए कृषि विभाग द्वारा व्यापक तैयारी की जा रही है। खरीफ के लिए खाद-बीज का पर्याप्त भण्डारण कराए जाने के साथ ही किसानों को इसका तेजी से वितरण भी किया जा रहा है। मंत्री श्री नेताम ने बताया कि खरीफ सीजन 2025 के लिए रासायनिक उर्वरकों का लक्ष्य 14 लाख 62 हजार मेट्रिक टन है, जिसके विरूद्ध अब तक 8 लाख 48 हजार 604 मेट्रिक टन रासायनिक उर्वरकों का भण्डारण तथा एक लाख 68 हजार 255 मेट्रिक टन का वितरण किसानों को किया जा चुका है, जो कि भण्डारण की मात्रा का 20 प्रतिशत है। उन्होंने कहा कि उर्वरक कंपनियों से विभिन्न प्रकार की खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए विभाग द्वारा सतत् संपर्क एवं समन्वय किया जा रहा है, ताकि राज्य की डिमांड अनुरूप उर्वरकों की रैक निर्धारित सेड्यूल के अनुरूप उपलब्ध हो सके।

मंत्री श्री नेताम ने बताया कि राज्य में मार्कफेड के डबल लॉक, सहकारी समितियों एवं निजी क्षेत्र को मिलाकर वर्तमान में कुल 3 लाख 90 हजार 840 मेट्रिक टन यूरिया, 86,046 मेट्रिक टन डीएपी, 1,14,539 मेट्रिक टन एनपीके, 67,640 मेट्रिक टन पोटाश तथा 1,89,539 मेट्रिक टन सुपर फॉस्फेट उपलब्ध है। किसानों को समितियों और निजी क्षेत्रों के माध्यम से खाद का वितरण लगातार किया जा रहा है। अब तक किसानों को 84,661 मेट्रिक टन यूरिया, 27,045 मेट्रिक टन डीएपी, 18,809 मेट्रिक टन एनपीके, 10,359 मेट्रिक टन पोटाश तथा 27,381 मेट्रिक टन सुपर फॉस्फेट का वितरण किया जा चुका है। वर्तमान में विभिन्न प्रकार की 6,80,350 मेट्रिक टन रासायनिक खाद राज्य में किसानों के वितरण हेतु उपलब्ध है।

मंत्री श्री नेताम ने बताया कि खरीफ सीजन की विभिन्न फसलों के लिए 4 लाख 95 हजार 57 क्विंटल बीज की डिमांड को ध्यान में रखते हुए विभाग द्वारा 4 लाख 29 हजार 535 क्विंटल बीज की उपलब्धता सुनिश्चित कर ली गई हैै। समितियों में 2 लाख 31 हजार क्विंटल से अधिक बीज का भण्डारण कराया गया है। समितियों के माध्यम से किसानों को अब तक 47 हजार 881 क्विंटल बीज का वितरण किया जा चुका है। राज्य में खाद एवं बीज का भण्डारण एवं उठाव की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।

 

संघर्ष करने वालों को सफलता जरूर मिलती है, मेहनत कर जिले का नाम रौशन करे विद्यार्थी- मंत्री श्री लखनलाल देवांगन

संघर्ष करने वालों को सफलता जरूर मिलती है, मेहनत कर जिले का नाम रौशन करे विद्यार्थी- मंत्री श्री लखनलाल देवांगन

जिले के 150 मेधावी विद्यार्थियों को नीट, जेईई की तैयारी के लिए किया गया बस से रायपुर रवाना

प्रदेश के वाणिज्य, उद्योग एवं श्रम मंत्री श्री लखनलाल देवांगन एवं अन्य अतिथियों की उपस्थिति में आज कलेक्ट्रेट के सभाकक्ष कोरबा में जिले के मेधावी विद्यार्थियों हेतु जेईई, नीट की निःशुल्क प्रशिक्षण हेतु बस से रवाना किया गया। उन्होंने सभी विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए निरंतर कड़ी मेहनत कर लक्ष्य प्राप्त करने की शुभकामनाएं दी। मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि जो व्यक्ति संघर्ष करता है, उन्हें सफलता जरूर मिलती है। हम सभी मन लगाकर अच्छे से पढ़ाई करें और सफल होकर मुकाम हासिल करते हुए अपने माता-पिता, जिले का नाम रौशन करें। उत्कृष्ट अंक हासिल करने वाले दसवी के 100 तथा बारहवी बोर्ड के 50 विद्यार्थियों को राजधानी रायपुर में कोंचग के लिए भेजा गया।

कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए उद्योग मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि कलेक्टर के दिशा निर्देशन में जिला प्रशासन द्वारा सराहनीय पहल करते हुए यहां के प्रतिभावान विद्यार्थियों के लिए राजधानी में जेईई, नीट कोचिंग की व्यवस्था की गई है। विगत वर्ष भी 100 विद्यार्थियों को रायपुर भेजा गया है। मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रशासन द्वारा निरंतर विकास कार्य किया जा रहा है। प्रधानमंत्री द्वारा उत्खनन वाले जिले में ही डाएमएफ की राशि को खर्च किए जाने का प्रावधान करने के बाद इस राशि का सदुपयोग जिले के विकास कार्यों और शिक्षा, स्वास्थ्य में हो रहा है। उन्होंने कहा कि खनिज प्रभावित जिलो में शिक्षा, स्वास्थ्य सहित अन्य क्षेत्रों में विकास हेतु सरकार प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि जिले के 100 मेधावी छात्र-छात्राओं को मेडिकल इंजीनियरिंग जैसे उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए राष्ट्रीय स्तर की जेईई, नीट जैसी प्रवेश परीक्षा की निःशुल्क तैयारी हेतु व्यवस्था की गई है। यह आप सभी के लिए सुनहरा अवसर है। इस अवसर का लाभ उठाएं, आप सभी आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़े, कार्ययोजना बनाकर परीक्षा की तैयारी करें, सफलता जरूर मिलेगी। मंत्री ने डीएमएफ की राशि से स्कूल में नाश्ता, शिक्षकों की व्यवस्था, जर्जर स्कूल भवनों का जीर्णाेद्धार, नवीन भवन निर्माण होने की बात कहते हुए जिला प्रशासन की पहल की सराहना की।

विधायक कटघोरा श्री पटेल ने बच्चों के बेहतर शिक्षा हेतु चलाए जा रहे जिला प्रशासन के इस पहल का सराहना करते हुए कहा कि शिक्षा ही जीवन का मूल आधार है। उन्होंने छात्र-छात्राओं से अपना लक्ष्य निर्धारित कर आगे बढ़ने एवं कड़ी मेहनत से अपने मंजिल को हासिल करने की शुभकामनाएं दी। महापौर श्रीमती राजपूत ने कहा कि आप सभी  के बेहतर भविष्य के लिए आपके परिजन सहित जिला प्रशासन द्वारा सपना देखा गया है। उसे पूरा करने की शत प्रतिशत जिम्मेदारी आपकी है। इस हेतु आने वाले चुनौतियों के लिए खुद को अभी से तैयार करें। आपके कदमों में सफलता का मार्ग है और आप मेहनत से अपने सपनों को पूरा कर सकेंगें।

कलेक्टर श्री वसंत ने बच्चों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आपके जीवन का यह महत्वपूर्ण अवसर है। दो साल के समय का उपयोग अपने लक्ष्य को हासिल करने में लगाकर आप अपने जीवन को नई दिशा में ले जा कते हैं। आपके जीवन की सफलता की शुरुआत आज हो रही है। आप सभी ने बोर्ड परीक्षा में खूब मेहनत कर अच्छा परिणाम प्राप्त किया है,  इसी तरह आगे भी आप पूरी लगन से अध्ययन करते रहे।

हरी झंडी दिखाकर बस को किया गया रवाना। कलेक्ट्रेट परिसर से उद्योग मंत्री श्री देवांगन सहित अन्य जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों द्वारा विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए विद्यार्थियों की बस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। मौके पर उपस्थित पालक और विद्यार्थियों ने कहा कि यह उनके लिए गौरव का पल है कि उनका चयन ऐलेन जैसे  प्रतिष्ठित कोचिंग संस्था में जेईई, नीट परीक्षा की तैयारी के लिए हुआ है। जहां अनुभवी व विषय विशेषज्ञ शिक्षक उनकी परीक्षा की तैयारी कराएंगे। इस हेतु वे सब उत्साहित है एवं परीक्षा में सफलता अर्जित कर प्रशासन द्वारा उन पर किए गए भरोसे को पूरा करेंगे। विद्यार्थियों ने प्रदेश सरकार एवं जिला प्रशासन को यह अवसर प्रदान  के लिए धन्यवाद दिया।

गौरतलब है कि  जिला प्रशासन द्वारा जिला खनिज संस्थान मद से कोरबा जिले के शासकीय विद्यालय से शैक्षणिक सत्र 2024-25 में कक्षा 10वीं से मेरिट सूची में स्थान प्राप्त करने वाले 100 छात्र-छात्राओं तथा बारहवी उत्तीर्ण 50 विद्यार्थियों को नीट व जेईई  प्रवेश परीक्षा की गुणवत्तापूर्ण तैयारी हेतु रायपुर के प्रतिष्ठित कोचिंग संस्था ऐलेन में प्रवेश दिलाया गया है। संस्था में प्रवेश हेतु चयनित विद्यार्थियों का शैक्षणिक शुल्क, भोजन, आवास सहित अन्य सुविधाओं की व्यवस्था जिला प्रशासन द्वारा किया गया है।

इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ पवन सिंह कंवर,  निगम सभापति श्री नूतन सिंह ठाकुर, सीईओ जिला पंचायत, जिला शिक्षा अधिकारी सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी कर्मचारी, विद्यार्थी एवं उनके पालक उपस्थित थे।

 

देश के सबसे उन्नत ट्रांसफॉर्मर अब बनेंगे रायपुर में 300 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश प्रस्ताव

देश के सबसे उन्नत ट्रांसफॉर्मर अब बनेंगे रायपुर में 300 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश प्रस्ताव

छत्तीसगढ़ से होगा अब पूरे देश को ट्रांसफॉर्मर सप्लाई विकसित भारत के सपने को साकार करने की दिशा में छत्तीसगढ़ एक और बड़ी छलांग लगाने जा रहा है। देश की प्रतिष्ठित कंपनी करमवीर इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड ने रायपुर में अत्याधुनिक ट्रांसफॉर्मर निर्माण इकाई स्थापित करने का प्रस्ताव मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के समक्ष प्रस्तुत किया। इस इकाई में 300 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया जाएगा, जिससे छत्तीसगढ़ का नाम देश के सबसे बड़े ट्रांसफॉर्मर निर्माण केंद्रों में शामिल हो जाएगा।

इस अवसर पर कंपनी के प्रबंध निदेशक श्री विवेक जैन ने मुख्यमंत्री से छत्तीसगढ़ सदन, नई दिल्ली में मुलाकात की। बैठक में प्रस्तावित परियोजना की रूपरेखा, निवेश संभावनाएं और रोजगार सृजन के आयामों पर विस्तार से चर्चा हुई। श्री जैन ने बताया कि यह यूनिट तकनीकी दृष्टि से देश की सबसे उन्नत ट्रांसफॉर्मर निर्माण इकाई होगी, जो भविष्य में ऊर्जा क्षेत्र की ज़रूरतों को पूरा करने में मील का पत्थर साबित होगी।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने निवेश प्रस्ताव का स्वागत करते हुए कहा, “हमारा लक्ष्य है कि छत्तीसगढ़, विकसित भारत 2047 के निर्माण में एक मजबूत स्तंभ बने। यह निवेश सिर्फ एक औद्योगिक इकाई नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की तकनीकी क्षमता और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक मजबूत कदम है। राज्य सरकार इस परियोजना को हरसंभव सहायता प्रदान करेगी।”

यह परियोजना राज्य में बिजली क्षेत्र के आधुनिकीकरण, स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार, और उद्योग आधारित विकास को गति देगी। विशेष रूप से यह पहल “मेक इन छत्तीसगढ़” के नारे को मजबूती देती है, जहां अब अत्याधुनिक तकनीक से बने ट्रांसफॉर्मर पूरे देश को रोशन करने का कार्य करेंगे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह नई दिल्ली में छत्तीसगढ़ के इनवेस्टमेंट कमिश्नर  ऋतु सेन भी उपस्थित थी ।

सरपंचों को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने प्रशिक्षण का हुआ आयोजन

सरपंचों को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने प्रशिक्षण का हुआ आयोजन

भारत सरकार, नीति आयोग नई दिल्ली द्वारा आकांक्षी जिला/ब्लॉक कार्यक्रम के तहत् नैस्कॉम फाउण्डेशन द्वारा जनपद पंचायत कोरबा के अंतर्गत समस्त ग्राम पंचायतों के सरपंचों को डिजिटली साक्षरता कार्यक्रम के तहत् डिजिटल रूप से सशक्त बनाने व उनके दैनिक कार्य को सरल बनाने के लिए दो दिवसीय प्रशिक्षण का आयोजन जनपद पंचायत कोरवा के सभाकक्ष में किया गया। यह पहल प्रधानमंत्री डिजिटल साक्षरता अभियान के अंतर्गत आती है. जिसका उद्देश्य ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों में डिजिटल साक्षरता को बढ़ावा देना है।

इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य ग्राम पंचायतों के सरपंचों को डिजिटल उपकरणों और ई-गवर्नेस सेवाओं के उपयोग में सक्षम बनाना है, ताकि वे अपने दैनिक कार्यों को अधिक प्रभावी और पारदर्शी तरीके से कर सकें। नैस्कॉम फाउंडेशन की पहल, “डिजी-साक्षर“ विशेष रूप से वंचित समुदायों को डिजिटल कौशल प्रदान करने के लिए डिजाइन की गई है। इस कार्यक्रम के तहत, सरपंचों को कंप्यूटर कौशल, साइबर सुरक्षा और इंटरनेट के प्रभावी उपयोग जैसे विषयों पर प्रशिक्षण दिया गया।

कार्यक्रम का उद्घाटन श्रीमती कौशाम्बी गबेल, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत कोरवा, और श्रीमती महेश्वरी साव, विकास विस्तार अधिकारी जनपद पंचायत कोरबा द्वारा किया गया। संस्था की तरफ से श्री लोकेश तिवारी प्रोजेक्ट फिल्ड ऑफिसर तथा प्रोग्राम के मास्टर ट्रेनर श्रीमती अनुसुईया ने डिजिटल साक्षरता का प्रशिक्षण दिया। इसमें 65 ग्राम पंचायतों के सरपंचों ने भाग लिया, जो स्थानीय शासन और प्रशासन में डिजिटल साक्षरता को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

श्रीमती गवेल के द्वारा आज के युग में डिजिटल साक्षरता के महत्व एवं आवश्यकता को बताया गया। वही श्री लोकेश जी ने डिजिटल प्लेटफार्म के सुरक्षित उपयोग पर जोर देते हुए, प्रशिक्षण के माध्यम से कई उपयोगी टिप्स साझा किये।

नैस्कॉम फाउंडेशन ने वर्ष 2022 में “आकांक्षी जिला कार्यक्रम“ की शुरुआत की थी, जिसका उद्देश्य 55 आकांक्षी जिलों में डिजिटल साक्षरता, ई-गवर्नेस और कौशल विकास के माध्यम से अधिक लोगों को सशक्त बनाना है। इस पहल के तहत, डिजिटल संसाधन केंद्र स्थापित किए गए हैं, जो समुदायों को आवश्यक डिजिटल उपकरणों और सेवाओं तक पहुंच प्रदान करते हैं।

 

पर्यावरण व प्रकृति को सुरक्षित रखना सबसे बड़ा कर्म युवाओं को स्काउट, गाईड्स हमेशा आदर्श व जिम्मेदार नागरिक बनने की प्रेरणा देता है -श्री डेका

पर्यावरण व प्रकृति को सुरक्षित रखना सबसे बड़ा कर्म युवाओं को स्काउट, गाईड्स हमेशा आदर्श व जिम्मेदार नागरिक बनने की प्रेरणा देता है -श्री डेका

भारत स्काउट्स गाइड्स के अलंकरण समारोह में शामिल हुए राज्यपाल

सर्वश्रेष्ठ रोवर, रेंजर, स्काउट, गाइडर एवं स्काउट-गाइड को दिया गया राज्यपाल पुरस्कार राज्यपाल श्री रमेन डेका के मुख्य आतिथ्य में आज राजभवन में स्काउट्स और गाइड्स छत्तीसगढ़ राज्यस्तरीय अलंकरण समारोह आयोजित किया गया। समारोह में राज्यपाल श्री डेका ने राज्य के सर्वश्रेष्ठ स्काउटर, गाइडर, रोवर, रेंजर, एवं स्काउट-गाइड को राज्यपाल पुरस्कार से सम्मानित किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन की समस्या को देखते हुए प्रकृति और पर्यावरण को सुरक्षित रखना हम सबकी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। स्काउट्स एवं गाइड्स को इसमें अपना सक्रिय योगदान देना होगा। उन्होंने सभी से एक पेड़ मां के नाम पर लगाने और दोस्तों एवं परिजनों को भी इसकेे लिए प्रेरित करने की बात कही।

श्री डेका ने सम्मान प्राप्त होने पर स्काउट्स एवं गाइड्स को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भारत स्काउट्स एवं गाइड्स अपने आदर्श वाक्य ‘‘तैयार हो‘‘ के अनुरूप हमेशा अपने कर्तव्य और जिम्मेदारी के साथ देश और समाज की मदद हेतु तत्पर रहते हैं। देश के युवाओं को अच्छे नागरिक बनने, आत्मनिर्माण करने और सेवा कार्य हेतु सदा तैयार रहने की प्रेरणा देते हैं। आज भारत के युवा, अपने लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए उसी दिशा में कदम बढ़ाते हैं जहां उन्हें अपना करियर बनाना है। उसके लिए कठिन परिश्रम और लगन के साथ समय प्रबंधन बहुत जरूरी है। अगर किसी कारण से अपने लक्ष्य से चूक भी गए तो निराश मत हो बल्कि उन असफलताओं और पिछले अनुभवों से सीख लेकर आगे बढ़ें। हार नहीं मानते हुए पुनः अपने आप को तैयार करें और लक्ष्य की ओर बढें, सफलता जरूर मिलेगी। अनुशासन,

दृढ़ संकल्प और स्वयं पर विश्वास, सफलता की ओर ले जाता है।श्री डेका ने छत्तीसगढ़ के स्काउट्स, गाइड्स, रोवर्स, रेंजर्स द्वारा आपदा प्रबंधन, पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण, पेड़ लगाने और उन्हें संरक्षित रखने, साइबर अपराध, जाति भेदभाव जैसे अन्य विषयों पर विभिन्न माध्यमों से समाज को जागरूक करने की दिशा में हो रहे कार्यों सराहना की और राज्य के विभिन्न विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में रोवर्स, रेंजर्स दलों का पंजीयन और गठन होने पर प्रसन्नता व्यक्त की।

समारोह में सर्वश्रेष्ठ स्काउट श्री दीपक सिंह, श्री नितिश कुमार यादव, श्री लोमेश कुमार सर्वश्रेष्ठ गाइड कु. दीक्षा पटेल, कुु. हंसनी, कु. झरना साहू सर्वश्रेष्ठ रोवर श्री अनुज साहू, सर्वश्रेष्ठ रेंजर कु. नेहा सेन व कु. प्रियंका यादव को राज्यपाल ने पुरस्कृत किया। इसी तरह सर्वश्रेष्ठ स्काउटर श्री गोपाल राम वर्मा व श्री मिलन सिंह सिन्हा एवं सर्वश्रेष्ठ गाइडर श्रीमती पुष्पा शांडिल्य व सुश्री रजनीकला पाटकर सम्मानित हुए। दीर्घ सेवा अलंकरण स्काउटर श्री रोमन लाल साहू व गाइडर श्रीमती बीना यादव को प्रदान किया गया।

कार्यक्रम में स्वागत भाषण भारत स्काउट्स एवं गाइड्स छत्तीसगढ़ के राज्य आयुक्त डॉ. सोमनाथ यादव एवं आभार प्रदर्शन राज्य सचिव श्री कैलाश सोनी ने दिया।

कार्यक्रम में  राज्यपाल के सचिव डॉ. सी.आर प्रसन्ना, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल परदेशी, छत्तीसगढ़ स्काउट गाइड के कार्यकारी अध्यक्ष श्री राजेश अग्रवाल, राज्य के अन्य पदाधिकारी, विभिन्न जिलों से आये हुए स्काउट्र, गाइडर, रोवर, रेंजर एवं स्काउट-गाइड उपस्थित थे।

 

रायपुर में जल्द स्थापित होगा देश का प्रमुख AI डेटा सेंटर- ESDS करेगी 600 करोड़ रुपये का निवेश

रायपुर में जल्द स्थापित होगा देश का प्रमुख AI डेटा सेंटर- ESDS करेगी 600 करोड़ रुपये का निवेश

छत्तीसगढ़ देश के डिजिटल परिदृश्य में बड़ा कदम रखने जा रहा है। रायपुर में अत्याधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित डेटा सेंटर स्थापित करने के लिए टेक्नोलॉजी कंपनी ESDS Software Solution Ltd ने 600 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश का प्रस्ताव मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के समक्ष प्रस्तुत किया है।

मुख्यमंत्री से नई दिल्ली स्थित छत्तीसगढ़ सदन में मुलाकात के दौरान कंपनी के चेयरमैन श्री पीयूष सोमानी और उपाध्यक्ष श्री लोकेश शर्मा ने कहा कि यह सेंटर न केवल छत्तीसगढ़, बल्कि पूरे भारत के डिजिटल भविष्य को गति देगा। इस प्रस्ताव के माध्यम से छत्तीसगढ़ को AI, क्लाउड टेक्नोलॉजी, साइबर सिक्योरिटी और डिजिटल स्टोरेज के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में ठोस पहल होगी।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस प्रस्ताव का स्वागत करते हुए कहा, “डिजिटल इंडिया की भावना को छत्तीसगढ़ में धरातल पर उतारने के लिए यह निवेश मील का पत्थर साबित होगा। सरकार हरसंभव सहायता देगी ताकि यह परियोजना जल्द से जल्द मूर्तरूप ले।”

ESDS की यह पहल छत्तीसगढ़ को एक टेक्नोलॉजी हब बनाने के साथ-साथ युवाओं के लिए उच्च स्तरीय रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगी। यह सेंटर राज्य के IT इकोसिस्टम को मजबूती देगा और डिजिटल आत्मनिर्भरता की ओर एक बड़ा कदम होगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह नई दिल्ली में छत्तीसगढ़ के इनवेस्टमेंट कमिश्नर  ऋतु सेन भी उपस्थित थी ।