सरायपाली: बलौदा वितरण केन्द्र के अंतर्गत ग्राम मुण्डपहार में बिजली आपूर्ति व्यवस्था को नुकसान पहुंचाने वाली एक बड़ी चोरी की वारदात सामने आई है।

सरायपाली: बलौदा वितरण केन्द्र के अंतर्गत ग्राम मुण्डपहार में बिजली आपूर्ति व्यवस्था को नुकसान पहुंचाने वाली एक बड़ी चोरी की वारदात सामने आई है।ट्रांसफार्मर से कायल और ऑयल चोरी, 30 हजार की क्षति – कोमल साहू की शिकायत पर अज्ञात चोरों के खिलाफ FIR दर्ज

बलौदा, 29 जुलाई 2025।
बलौदा वितरण केन्द्र के अंतर्गत ग्राम मुण्डपहार में बिजली आपूर्ति व्यवस्था को नुकसान पहुंचाने वाली एक बड़ी चोरी की वारदात सामने आई है। छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड के कर्मचारी कोमल साहू ने बलौदा थाना में शिकायत दर्ज कराई है कि 24 जुलाई की रात 10 बजे से लेकर 25 जुलाई की सुबह 6 बजे के बीच अज्ञात चोरों ने ग्राम मुण्डपहार के नाला किनारे लगे 25 के.वी.ए. ट्रांसफार्मर को खंभे से गिरा दिया और उसका कायल एवं ट्रांसफार्मर ऑयल चोरी कर लिया।

चोरी के कारण ट्रांसफार्मर पूरी तरह से अनुपयोगी हो गया है, जिससे विभाग को लगभग ₹30,000 की आर्थिक क्षति हुई है। कोमल साहू द्वारा प्रस्तुत लिखित शिकायत पर थाना बलौदा में अज्ञात चोरों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 305(e) BNS के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध कर मामले की विवेचना प्रारंभ कर दी गई है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार घटना की जांच जारी है और चोरों की पहचान के लिए आसपास के क्षेत्रों में पूछताछ की जा रही है। वहीं, विभाग द्वारा प्रभावित ट्रांसफार्मर की मरम्मत या बदली की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।

पिथौरा / 7 दिन से लापता युवक की दर्दनाक मौत, नदी किनारे दफन मिला शव लापता युवक की गुमशुदगी से जंगल मे जली बाइक और हत्या तक, नदी से निकली लाश ने उड़ा दिए होश!

पिथौरा / 7 दिन से लापता युवक की दर्दनाक मौत, नदी किनारे दफन मिला शव लापता युवक की गुमशुदगी से जंगल मे जली बाइक और हत्या तक, नदी से निकली लाश ने उड़ा दिए होश!

महासमुंद/पिथौरा। पिथौरा थाना क्षेत्र में बीते एक सप्ताह से लापता युवक की लाश मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया है। मृतक युवक की पहचान 28 वर्षीय अमित चौधरी के रूप में हुई है, जो एक निजी फाइनेंस कंपनी में कार्यरत था। मिडिया रिपोर्ट के अनुसार उसकी लाश पिलवापाली नदी के रेत में दफन हालत में मिली, जिसे पुलिस ने बाहर निकाल कर पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया है।

जानकारी के अनुसार, 25 जुलाई की शाम को अमित चौधरी घर से निकला था, जिसके बाद वह वापस नहीं लौटा। परिजनों ने पिथौरा थाने में उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच शुरू की और दो दिन बाद जंगल में उसकी जली हुई बाइक बरामद की गई थी, जिससे मामले ने नया मोड़ ले लिया।

पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर थाना प्रभारी उमेश वर्मा के नेतृत्व में विशेष जांच दल (SIT) गठित किया गया। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले, होटल स्टाफ से पूछताछ की और मोबाइल कॉल डिटेल व लोकेशन का विश्लेषण किया। जांच के दौरान अमित की लाश पिलवापाली नदी के किनारे रेत में गाड़े हुए मिली, जिसे देखकर हत्या की आशंका गहराती जा रही है।

थाना प्रभारी उमेश वर्मा ने बताया कि, “हम हर एंगल से जांच कर रहे हैं। जल्द ही मामले का खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।”

अमित चौधरी पिथौरा का रहने वाला था और निजी फाइनेंस कंपनी में बतौर फील्ड अफसर कार्यरत था। परिजनों का कहना है कि वह मेहनती और जिम्मेदार युवक था, उसका किसी से कोई विवाद नहीं था!

महासमुंद/दिव्यांग बच्चों हेतु जिला स्तरीय मेगा आकलन शिविर का सफल आयोजन

महासमुंद/दिव्यांग बच्चों हेतु जिला स्तरीय मेगा आकलन शिविर का सफल आयोजन

महासमुंद, समग्र शिक्षा एवं जिला प्रशासन महासमुंद के संयुक्त तत्वावधान में दिव्यांग बच्चों के लिए जिला स्तरीय मेगा आकलन शिविर का सफल आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में महासमुंद विधायक श्री योगेश्वर राजू सिन्हा उपस्थित रहे। उन्होंने शिविर में पात्र चिन्हांकित दिव्यांग बच्चों को प्रमाण पत्र और सहायक सामग्री वितरित कर उन्हें प्रोत्साहित किया। उन्होंने स्कूलों में दिव्यांग बच्चों के समावेशी शिक्षा को विशेष महत्व देने और हर सुविधा उपलब्ध कराने की बात कही। अपर कलेक्टर श्री रवि साहू ने शिविर को संबोधित करते हुए कहा कि दिव्यांगता जीवन में बाधा नहीं है दृढ़ संकल्पित होकर पढ़े लिखे तो हर ऊंचे पदों पर मन वांछित स्थान पर अपना स्थान बना सकते हैं।

शिविर में विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम द्वारा बच्चों की संपूर्ण जांच एवं आकलन किया गया। इस टीम में हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. मानस अंकुर सतपति, श्रवण बाधित विशेषज्ञ डॉ. ओमकेश्वरी साहू, शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. अरविंद गुप्ता, नेत्र विशेषज्ञ डॉ. मंजूषा चंद्रसेन एवं मनोवैज्ञानिक डॉ. टिकेश्वरी गोस्वामी सम्मिलित थीं, जिन्होंने अपनी विशेषज्ञता के माध्यम से शिविर को सफल बनाया।

कार्यक्रम का आयोजन कलेक्टर विनय कुमार लंगेह सीईओ एस आलोक के मार्गदर्शन में जिला शिक्षा अधिकारी विजय कुमार लहरे, जिला मिशन समन्वयक रेखराज शर्मा, एपीसी डी. एन. जांगड़े के निर्देशन में सम्पन्न हुआ।

कार्यक्रम का संचालन खेमिन साहू ने किया। आभार प्रदर्शन जागेश्वर सिन्हा बीआरसीसी महासमुंद ने किया।

इस विशेष शिविर में महासमुंद जिले के पाँचों विकासखंड—महासमुंद, बागबाहरा, पिथौरा, बसना और सरायपाली से 173 से अधिक दिव्यांग बच्चे, उनके पालक एवं शिक्षक उपस्थित रहे। इनमें से 110 बच्चों की विशेषज्ञों द्वारा जांच की गई, जिनमें से पात्र पाए गए बच्चों को प्रमाण पत्र तत्काल वितरित किए गए।

कार्यक्रम को सफल बनाने में उप संचालक समाज कल्याण संगीता सिंह,बीईओ लीलाधर सिन्हा, बीआरसीसी जागेश्वर सिन्हा, बीआरपी अनीता निर्मलकर, रंभा जायसवाल, राकेश कुमार, निर्मल, अवधेश यादव, स्पेशल एजुकेटर तुलसी साहू, डिम्पल जांगड़े, सुखदेव, अंकित, संकुल समन्वयक आशीष साहू , नीरज साहू, सुरेश पटेल, पवन साहू, ईश्वर कमार, गणेश टंडन, टाकेश्वर साहू , केशव साहू एवं शिक्षकों ने उल्लेखनीय भूमिका निभाई। यह शिविर समावेशी शिक्षा की दिशा में एक सराहनीय प्रयास रहा, जिससे दिव्यांग बच्चों के अधिकारों और उनके बेहतर भविष्य की दिशा में ठोस पहल सुनिश्चित हुई।

महासमुंद/जिले में पंचायत सचिवों के लिए पिरामल फाउंडेशन द्वारा क्षमता निर्माण कार्यशाला सम्पन्न

महासमुंद/जिले में पंचायत सचिवों के लिए पिरामल फाउंडेशन द्वारा क्षमता निर्माण कार्यशाला सम्पन्न

महासमुंद,आकांक्षी भारत सहयोग पहल के अंतर्गत पिरामल फाउंडेशन टीम द्वारा महासमुंद विकासखंड की ग्राम पंचायतों के 50 पंचायत सचिवों की सहभागिता से एकदिवसीय क्षमता निर्माण कार्यशाला का आयोजन जनपद पंचायत महासमुंद के सभाकक्ष में किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य पंचायत सचिवों को शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन एवं पंचायत स्तर पर सहभागितापूर्ण विकास प्रक्रियाओं को सशक्त बनाना था।

कार्याशाला में पिरामल फाउंडेशन का परिचय एवं राज्य शासन के साथ हुए समझौता ज्ञापन की जानकारी दी गई। एलएसडीजी (थीम आधारित सतत विकास लक्ष्य) के 9 प्रमुख विषयों की विस्तारपूर्वक चर्चा, पंचायत स्तर पर कम या बिना लागत की गतिविधियों के माध्यम से लक्ष्यों की पूर्ति पर जोर दिया गया। जीपीपीएफटी (ग्राम पंचायत योजना एवं सुविधा दल) के गठन एवं सक्रियता पर विशेष सत्र, इसकी संरचना, उद्देश्य तथा कार्यान्वयन की प्रक्रिया पर गहन चर्चा की गई। जीपीपीएफटी के सदस्यों की भूमिकाएं और जिम्मेदारियां, सहभागी योजना निर्माण, नियमित बैठकें, विषयवार कार्ययोजना तथा समीक्षा व्यवस्था को प्रभावी बनाने पर ज़ोर दिया गया। सहभागियों के लिए स्टिकी नोट एवं चार्ट पेपर के माध्यम से इंटरएक्टिव शिक्षण गतिविधि एवं फीडबैक सत्र पर चर्चा की गई।

इस अवसर पर ग्राम पंचायतों के सचिवों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी करते हुए अपने-अपने ग्राम पंचायतों में जीपीपीएफटी मंच की स्थापना एवं नियमित बैठकें आयोजित करने की प्रतिबद्धता जताई। कार्यशाला में पिरामल फाउंडेशन की टीम के साथ स्थानीय प्रशासन के प्रतिनिधिगण एवं जनपद पंचायत अधिकारी भी उपस्थित रहे।

महासमुंद/कलेक्टर श्री लंगेह ने जन चौपाल में सुनी आम जनों की समस्याएं

महासमुंद कलेक्टर श्री लंगेह ने जन चौपाल में सुनी आम जनों की समस्याएं

महासमुंद, कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने आज मंगलवार को जिला कलेक्ट्रेट के सभाकक्ष में आयोजित जन चौपाल में जिले के विभिन्न स्थानों से आए नागरिकों की समस्याएं एवं शिकायतें सुनी। उन्होंने संबंधित विभाग को आवेदनों का अवलोकन कर नियमानुसार पात्र हितग्राहियों को शासकीय योजनाओं से लाभान्वित करने के निर्देश दिए। आज ग्रामीण और शहरी क्षेत्र के 44 आवेदकों ने आवेदन प्रस्तुत किए। कलेक्टर ने सभी आवेदकों की समस्याएं बारी-बारी सुनी। इस अवसर पर अपर कलेक्टर श्री रवि कुमार साहू एवं रविराज ठाकुर, एसडीएम सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद थे।

जन चौपाल में ग्राम पंचायत बिजरापाली तहसील पिथौरा निवासी तुलसीराम ने शासकीय भूमि एवं आबादी भूमि पर अतिक्रमण हटाने हेतु आवेदन किया, ग्राम खट्टी महासमुंद के ग्रामवासियों ने लुप्त होते वन क्षेत्र के बचाव के लिए, घोड़ारी महासमुंद निवासी भूपेन्द्र चौधरी ने बंदोबस्त नक्शा त्रुटि सुधार हेतु, ग्राम जलपुर सरायपाली निवासी पद्मिनी मानिकपुरी ने गरीबी रेखा राशन कार्ड के लिए एवं ग्राम मानपुर पटेवा निवासी चुन्नीलाल ने नोनी सुरक्षा योजना के बीमा प्रमाण पत्र में त्रुटि सुधार के लिए आवेदन किया।

जन चौपाल में इसके अलावा अन्य मांग एवं शिकायत संबंधी आवेदन प्राप्त हुए, जिस पर शीघ्र निराकरण हेतु संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया।

बसना विधायक डॉ संपत अग्रवाल ने केदार कश्यप के भतीजे के आकस्मिक निधन पर व्यक्त की गहरी संवेदना,दी पुष्पांजलि

बसना विधायक डॉ संपत अग्रवाल ने केदार कश्यप के भतीजे के आकस्मिक निधन पर व्यक्त की गहरी संवेदना,दी पुष्पांजलि

वन मंत्री केदार कश्यप के भतीजे निखिल कश्यप की सड़क दुर्घटना में मौत, विधायक डॉ संपत अग्रवाल ने दी श्रद्धांजलि

निखिल कश्यप सड़क हादसे में दिवंगत, विधायक डॉ. संपत अग्रवाल ने दी श्रद्धांजलि

सड़क दुर्घटना में निखिल कश्यप की मौत, विधायक डॉ संपत अग्रवाल ने दी पुष्पांजलि और कहा-समाज ने एक होनहार युवा खो दिया

विधायक डॉ संपत अग्रवाल ने निखिल कश्यप को दी श्रद्धांजलि,कहा-कम उम्र में जीवन का अंत बेहद दुखद

रायपुर कैबिनेट मंत्री केदार कश्यप के भतीजे एवं पूर्व सांसद दिनेश कश्यप के पुत्र निखिल कश्यप का एक भीषण सड़क हादसे में निधन हो गया। निखिल की असामयिक मृत्यु ने न केवल उनके परिवार को बल्कि पूरे राजनीतिक व सामाजिक वर्ग को शोकसंतप्त कर दिया है।

मंगलवार को बसना विधायक डॉ. संपत अग्रवाल रायपुर स्थित विधायक कॉलोनी स्थित उनके निवास पहुँचे। जहां उन्होंने दिवंगत आत्मा को पुष्पांजलि देते हुए श्रद्धासुमन अर्पित किए । शोकाकुल परिजनों से मिलकर अपनी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा निखिल कश्यप का आकस्मिक निधन अत्यंत पीड़ादायक है। इतनी कम उम्र में इस तरह जीवन का अंत बेहद दुखद है। मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि दिवंगत आत्मा को अपने श्री चरणों में स्थान दे और कश्यप परिजनों को इस असहनीय पीड़ा को सहने की शक्ति प्रदान करें।

विधायक डॉ अग्रवाल ने कहा कि निखिल कश्यप होनहार युवक थे, जिनमें सामाजिक सक्रियता और नेतृत्व की संभावनाएं स्पष्ट थीं। उनका असमय निधन अत्यंत पीड़ादायक है। युवा ऊर्जा और संभावनाओं से भरे इस होनहार युवक का यूं चले जाना समाज के लिए बड़ी क्षति है।

आपको बता दे कि बुधवार को वन मंत्री केदार कश्यप और पूर्व सांसद दिनेश कश्यप के 24 वर्षीय बेटे की सड़क हादसे में मौत हो गई। निखिल कश्यप बुधवार सुबह करीब साढ़े 7 बजे सत्य साईं अस्पताल की तरफ जा रहा था। उसके साथ बाइक पर उसका दोस्त भी था। जानकारी के अनुसार गाड़ी निखिल चला रहा था। तभी तेज गाड़ी अनियंत्रित होकर सड़क किनारे बने डिवाइडर से टकरा गई।निखिल नीचे गिर गया। सिर फटने के कारण मौके पर ही उसकी मौत हो गई थी।

महासमुंद/अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना निर्माण श्रमिकों के बच्चों के लिए निःशुल्क आवासीय शिक्षा हेतु आवेदन आमंत्रित

महासमुंद/अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना निर्माण श्रमिकों के बच्चों के लिए निःशुल्क आवासीय शिक्षा हेतु आवेदन आमंत्रित

महासमुंद, छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल द्वारा पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के बच्चों के उज्जवल भविष्य निर्माण हेतु अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना संचालित की जा रही है। इस योजना के अंतर्गत बच्चों को श्रेष्ठ निजी आवासीय विद्यालयों में कक्षा 6वीं में प्रवेश दिलाकर गुणवत्तायुक्त निःशुल्क शिक्षा प्रदान की जाती है, जिससे उन्हें विकास के समान अवसर मिल सके।

शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए उक्त योजना के अंतर्गत आवेदन 5 अगस्त 2025 तक आमंत्रित किए गए हैं। सभी पात्र निर्माण श्रमिकों से अपने बच्चों के प्रवेश हेतु निर्धारित तिथि तक आवेदन अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करने अनुरोध किया है।

जिला स्तर पर श्रम संसाधन केन्द्र, मोबाइल रजिस्ट्रेशन वेन तथा शिविरों के माध्यम से अधिक से अधिक आवेदन प्राप्त करने की कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। पात्र आवेदनों के दस्तावेजों की जांच उपरांत विद्यार्थियों की प्रावीण्य सूची 7 अगस्त 2025 तक मण्डल मुख्यालय को प्रेषित की जाएगी, ताकि समय-सीमा के भीतर प्रवेश की प्रक्रिया पूरी की जा सके। इस संबंध में तकनीकी सहायता के लिए श्री मानस अग्रवाल, प्रोग्रामर (मो. 8109143447) तथा योजना संबंधी जानकारी हेतु श्रीमती ममता निर्मलकर, स्टेनोग्राफर (मो. 8719990329) से संपर्क किया जा सकता है।

महासमुंद/जिले की सहकारी समितियों में 6 हजार 517 टन खाद विक्रय हेतु शेष

महासमुंद/जिले की सहकारी समितियों में 6 हजार 517 टन खाद विक्रय हेतु शेष

महासमुंद कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह के निर्देशानुसार जिले के प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों में पर्याप्त मात्रा में खाद का भंडारण किया गया है। कलेक्टर ने सभी सहकारी समितियों एवं निजी दुकानों में पॉस मशीन के माध्यम से विक्रय करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही निजी दुकानों में अवैध भण्डारण पाए जाने पर जब्ती की कार्रवाई करने सख्त निर्देश दिए है। अधिकारियों द्वारा लगातार खाद की उपलब्धता एवं वितरण पर निगरानी रखी जा रही है।

उप संचालक कृषि श्री एफ.आर. कश्यप ने जानकारी दी कि जिले की सभी कृषक सहकारी समितियों से खाद प्राप्त कर सकते हैं। 1 अप्रैल से 28 जुलाई की स्थिति में जिले के सहकारी समितियों में कुल 40 हजार 309 मीट्रिक टन खाद का भंडारण किया गया है, जिसमें से 33792 टन खाद का वितरण किया जा चुका है। अब तक भंडारित खाद में सहकारी समितियों में यूरिया 19 हजार 165 टन, सुपर फॉस्फेट 9 हजार 827 टन, पोटाश 2 हजार 780, डी.ए.पी. 4 हजार 934 एवं एन.पी.के 3 हजार 604 टन भंडारित किया गया है। वर्तमान में 06 हजार 517 टन खाद विक्रय हेतु शेष है। जिसमें यूरिया 2 हजार 08 टन, सुपर फॉस्फेट 2 हजार 414, पोटाश 661, डी.ए.पी. 794 एवं 640 टन एन.पी.के खाद उपलब्ध है, जिसका समितियों द्वारा किसानों को विक्रय किया जा रहा है।

बलौदाबाजार: वन विभाग की नई पहल: युवाओं के लिए शुरू हुआ ‘युवान’ वालंटियर प्रोग्राम

बलौदाबाजार: वन विभाग की नई पहल: युवाओं के लिए शुरू हुआ ‘युवान’ वालंटियर प्रोग्राम

पर्यावरण और वन्यजीव संरक्षण की दिशा में बलौदाबाजार वनमंडल ने एक सराहनीय और अभिनव पहल की है। युवाओं को वनों और प्रकृति से जोड़ने के उद्देश्य से ‘युवान‘ (युवा+वन) नामक एक विशेष वालंटियर कार्यक्रम की शुरुआत की है। इस कार्यक्रम के माध्यम से युवाओं को ‘युवान वालंटियर‘ के रूप में प्रशिक्षित किया जाएगा, ताकि वे वन, वन्यप्राणियों और जैव विविधता के संरक्षण में सक्रिय भागीदार बन सकें।

वनमंडलाधिकारी श्री धम्मशील गणवीर ने कहा कि वन मंत्री श्री केदार कश्यप के निर्देशानुसार शुरू किए जा रहे युवान कार्यक्रम का उद्देश्य है कि हमारे युवा वन, वन्यजीव और पर्यावरण के प्रति संवेदनशील और सक्रिय रूप से इनकी रक्षा में सहभागी बनें। यह सिर्फ प्रशिक्षण का कार्यक्रम नहीं है, बल्कि एक सामाजिक और नैतिक जिम्मेदारी से जुड़ने का अवसर है। ‘युवान’ कार्यक्रम निश्चित रूप से बलौदाबाजार जिले के युवाओं के लिए प्रकृति के साथ जुड़ने और कुछ सार्थक करने का एक सुनहरा अवसर है।

बलौदाबाजार वनमंडलाधिकारी श्री धम्मशील गणवीर ने जिले के सभी महाविद्यालयों के विद्यार्थियों से इस कार्यक्रम से जुड़ने की अपील की है। उन्होंने महाविद्यालयों और स्कूलों के प्राचार्यों को भी इस सम्बन्ध में पत्र भेजकर युवाओं को अभियान में शामिल होने के लिए प्रेरित करने को कहा है। यह कार्यक्रम विशेष रूप से छात्रों और युवाओं के लिए तैयार किया गया है। इसके तहत उन्हें वनों और वन्यजीवों की रक्षा से जुड़ी जरूरी जानकारी, व्यवहारिक प्रशिक्षण और आवश्यक कौशल प्रदान किए जाएंगे। इसके साथ ही साथ युवाओं को अवगत जाएगा कि जंगलों का हमारे जीवन में क्या महत्व है, जैव विविधता को क्यों बचाना जरूरी है और पर्यावरण के संतुलन में इनका क्या योगदान है।

‘युवान’ कार्यक्रम की एक विशेष बात यह है कि इसके तहत युवाओं को सर्पदंश (सांप काटने) से बचाव और साँपों के सुरक्षित रेस्क्यू (बचाव कार्य) का विशेष प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। इससे न केवल अपनी और दूसरों की सुरक्षा कर सकेंगे, बल्कि इन वन्य जीवों के संरक्षण में भी योगदान दे सकेंगे। वन विभाग द्वारा चयनित युवान वालंटियरों को समय-समय पर प्रशिक्षण, फील्ड विजिट (क्षेत्रीय भ्रमण) और कार्यों की सराहना स्वरूप प्रशंसा पत्र भी दिए जाएंगे। यह युवाओं के लिए एक शानदार अवसर है जिससे वे प्रकृति को करीब से जाने सकेंगे और अपने ज्ञान व अनुभव को बढ़ा सकेंगे।

 

छत्तीसगढ़ : खरीफ सीजन 2025 : प्रदेश के किसानों को 5751 करोड़ रूपए का अल्पकालीन कृषि ऋण वितरित 

छत्तीसगढ़ : खरीफ सीजन 2025 : प्रदेश के किसानों को 5751 करोड़ रूपए का अल्पकालीन कृषि ऋण वितरित

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देश पर एवं सहकारिता मंत्री श्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में राज्य के अधिक से अधिक किसानों को अल्पकालीन कृषि ऋण वितरण किया जा रहा है। प्रदेश में किसानों को अब तक राज्य सहकारी बैंकों द्वारा 2058 सहकारी समितियों के माध्यम से लगभग 5751 करोड़ रूपए का अल्पकालीन कृषि ऋण प्रदान किया गया है। इस वर्ष राज्य सरकार द्वारा किसानों को 7800 करोड़ रूपए कृषि ऋण वितरण का लक्ष्य रखा गया है। अब तक वितरित कुल राशि लक्ष्य का लगभग 74 प्रतिशत है। किसानों को उनके मांग और रकबे के अनुरूप अल्पकालीन कृषि ऋण प्रदान किया जा रहा है।

गौरतलब है कि राज्य सरकार द्वारा किसानों को खेती-किसानी की प्रारंभिक जरूरतों को पूरा करने तथा खेती-किसानी में सहूलियत प्रदान करने के उद्देश्य से किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) योजना प्रारंभ किए गए थे। इसके अलावा किसानों को साहूकारों के चंगुलों से बचाना इसका एक प्रमुख उद्देश्य था। वर्तमान समय में इस योजना के माध्यम से प्रदेश के लाखों किसान इससे लाभान्वित हो रहे हैं। किसानों को प्रारंभिक जरूरतों के लिए न सिर्फ राहत मिली है, बल्कि फसलों के उत्पाद में लगातार वृद्धि हो रही है।