धान उठाव एवं राशन कार्ड ई-केवाईसी की समीक्षा में तेजी लाने के निर्देश महासमुंद, 04 मार्च 2025/ कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने आज सुबह 10 बजे से साप्ताहिक समय सीमा की बैठक ली। इस दौरान उन्होंने शासकीय एवं विभागीय योजनाओं की प्रगति एवं कार्यां की समीक्षा की। बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्री एस. आलोक, अपर कलेक्टर श्री रवि राज ठाकुर, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व एवं जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे तथा अन्य विकासखण्ड अधिकारी वीसी के माध्यम से जुडे़ थे। कलेक्टर श्री लंगेह ने कहा कि निर्वाचन समाप्ति के पश्चात शासन के सभी कार्य, योजनाओं का क्रियान्वयन लक्ष्य के अनुरूप करना सुनिश्चित करें एवं कार्यालय में आने वाले आम जनता की समस्याओं का निराकरण नियमित और सुचारू रूप से किया जाए। कलेक्टर ने वर्तमान में जारी बोर्ड परीक्षाओं के मद्देनजर ध्वनि विस्तारक यंत्रों पर प्रतिबंध का पालन करने कहा है। साथ ही कहा कि बिना अनुमति के डीजे बजाने पर जप्ती की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने माउन्टेड व्हीकल डीजे पर सख्ती से कार्रवाई के निर्देश सभी अनुविभागीय अधिकारियों को दिए हैं। उन्होंने कहा कि परीक्षा पूर्णतः अनुशासित एवं बोर्ड के दिशा निर्देशों के अनुरूप संचालित हो। उन्होंने अधिकारियों को परीक्षा संचालन के दौरान नियमित निरीक्षण के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर श्री लंगेह ने किसान पंजीयन की जानकारी लेते हुए कहा कि इसमें आवश्यक तेजी लाएं। उन्होंने किसानों का एग्रीस्टेक परियोजना अंतर्गत फार्मर रजिस्ट्रेशन एप्प/पोर्टल में सीएससी और सहकारी समितियों के माध्यम से रजिस्ट्रेशन के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि किसान स्वयं भी एग्रीटेक एप्प के माध्यम से अपना पंजीयन कर सकते है। अभी तक 49000 किसानों ने पंजीयन करा लिया है। इसी तरह उन्होंने धान उठाव की प्रगति की समीक्षा की। शेष एक लाख 96 हजार क्विंटल धान का उठाव आगामी 13 मार्च तक उठाव करने के निर्देश दिए हैं। बैठक में राशन कार्ड के ई केवाईसी के लिए आवश्यक प्रयास करने के निर्देश दिए गए हैं। खाद्य अधिकारी ने बताया कि राशन कार्ड के ई केवाईसी के लिए 31 मार्च तक का समय सीमा निर्धारित है। उन्होंने वर्तमान में चल रहे बोर्ड परीक्षाओं में किसी भी प्रकार के नकल प्रकरण पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। बैठक में समीक्षा करते हुए लंबित मामलों का समय सीमा पर निराकरण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भूमि संबंधी विवादों, नामांतरण, बंटवारे और सीमांकन जैसे मुद्दों का प्राथमिकता के साथ निपटारा किया जाए जिससे आम जनों को कोई दिक्कत न हो। इसके अलावा पीएम आवास, पीएम जनमन, जाति, आयुष्मान कार्ड आदि की समीक्षा की गई एवं उसमें तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर श्री लंगेह ने श्रम एवं उद्योग विभाग को औद्योगिक क्षेत्रों का नियमित निरीक्षण के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा माइनिंग एवं शराब के अवैध परिवहन एवं शिकायतों पर सख्ती से कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने माननीय हाई कोर्ट एवं विभिन्न आयोगों से प्राप्त पत्रों को गम्भीरता से लेते हुए समय सीमा में जवाब देने के निर्देश दिए। इसके अलावा मुख्यमंत्री जनदर्शन, कलेक्टर जन चौपाल, जनसमस्या निवारण शिविर में प्राप्त मांग एवं शिकायतों का एक सप्ताह के भीतर गुणवत्तापूर्ण निराकरण के निर्देश दिए गए। साथ ही सड़क पर बैठे आवारा मवेशियों को हटाने की कार्रवाई भी निरंतर करने के निर्देश दिए।

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• पेट में अलसर / छाले

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महासमुंद शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन में प्रगति लाएं – कलेक्टर श्री लंगेह

धान उठाव एवं राशन कार्ड ई-केवाईसी की समीक्षा में तेजी लाने के निर्देश

 

महासमुंद, 04 मार्च 2025/ कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने आज सुबह 10 बजे से साप्ताहिक समय सीमा की बैठक ली। इस दौरान उन्होंने शासकीय एवं विभागीय योजनाओं की प्रगति एवं कार्यां की समीक्षा की। बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्री एस. आलोक, अपर कलेक्टर श्री रवि राज ठाकुर, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व एवं जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे तथा अन्य विकासखण्ड अधिकारी वीसी के माध्यम से जुडे़ थे।

कलेक्टर श्री लंगेह ने कहा कि निर्वाचन समाप्ति के पश्चात शासन के सभी कार्य, योजनाओं का क्रियान्वयन लक्ष्य के अनुरूप करना सुनिश्चित करें एवं कार्यालय में आने वाले आम जनता की समस्याओं का निराकरण नियमित और सुचारू रूप से किया जाए। कलेक्टर ने वर्तमान में जारी बोर्ड परीक्षाओं के मद्देनजर ध्वनि विस्तारक यंत्रों पर प्रतिबंध का पालन करने कहा है। साथ ही कहा कि बिना अनुमति के डीजे बजाने पर जप्ती की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने माउन्टेड व्हीकल डीजे पर सख्ती से कार्रवाई के निर्देश सभी अनुविभागीय अधिकारियों को दिए हैं। उन्होंने कहा कि परीक्षा पूर्णतः अनुशासित एवं बोर्ड के दिशा निर्देशों के अनुरूप संचालित हो। उन्होंने अधिकारियों को परीक्षा संचालन के दौरान नियमित निरीक्षण के निर्देश दिए हैं।

कलेक्टर श्री लंगेह ने किसान पंजीयन की जानकारी लेते हुए कहा कि इसमें आवश्यक तेजी लाएं। उन्होंने किसानों का एग्रीस्टेक परियोजना अंतर्गत फार्मर रजिस्ट्रेशन एप्प/पोर्टल में सीएससी और सहकारी समितियों के माध्यम से रजिस्ट्रेशन के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि किसान स्वयं भी एग्रीटेक एप्प के माध्यम से अपना पंजीयन कर सकते है। अभी तक 49000 किसानों ने पंजीयन करा लिया है। इसी तरह उन्होंने धान उठाव की प्रगति की समीक्षा की। शेष एक लाख 96 हजार क्विंटल धान का उठाव आगामी 13 मार्च तक उठाव करने के निर्देश दिए हैं। बैठक में राशन कार्ड के ई केवाईसी के लिए आवश्यक प्रयास करने के निर्देश दिए गए हैं। खाद्य अधिकारी ने बताया कि राशन कार्ड के ई केवाईसी के लिए 31 मार्च तक का समय सीमा निर्धारित है। उन्होंने वर्तमान में चल रहे बोर्ड परीक्षाओं में किसी भी प्रकार के नकल प्रकरण पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

बैठक में समीक्षा करते हुए लंबित मामलों का समय सीमा पर निराकरण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भूमि संबंधी विवादों, नामांतरण, बंटवारे और सीमांकन जैसे मुद्दों का प्राथमिकता के साथ निपटारा किया जाए जिससे आम जनों को कोई दिक्कत न हो। इसके अलावा पीएम आवास, पीएम जनमन, जाति, आयुष्मान कार्ड आदि की समीक्षा की गई एवं उसमें तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर श्री लंगेह ने श्रम एवं उद्योग विभाग को औद्योगिक क्षेत्रों का नियमित निरीक्षण के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा माइनिंग एवं शराब के अवैध परिवहन एवं शिकायतों पर सख्ती से कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने माननीय हाई कोर्ट एवं विभिन्न आयोगों से प्राप्त पत्रों को गम्भीरता से लेते हुए समय सीमा में जवाब देने के निर्देश दिए। इसके अलावा मुख्यमंत्री जनदर्शन, कलेक्टर जन चौपाल, जनसमस्या निवारण शिविर में प्राप्त मांग एवं शिकायतों का एक सप्ताह के भीतर गुणवत्तापूर्ण निराकरण के निर्देश दिए गए। साथ ही सड़क पर बैठे आवारा मवेशियों को हटाने की कार्रवाई भी निरंतर करने के निर्देश दिए।

धान उठाव एवं राशन कार्ड ई-केवाईसी की समीक्षा में तेजी लाने के निर्देश

महासमुंद, 04 मार्च 2025/ कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने आज सुबह 10 बजे से साप्ताहिक समय सीमा की बैठक ली। इस दौरान उन्होंने शासकीय एवं विभागीय योजनाओं की प्रगति एवं कार्यां की समीक्षा की। बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्री एस. आलोक, अपर कलेक्टर श्री रवि राज ठाकुर, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व एवं जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे तथा अन्य विकासखण्ड अधिकारी वीसी के माध्यम से जुडे़ थे।
कलेक्टर श्री लंगेह ने कहा कि निर्वाचन समाप्ति के पश्चात शासन के सभी कार्य, योजनाओं का क्रियान्वयन लक्ष्य के अनुरूप करना सुनिश्चित करें एवं कार्यालय में आने वाले आम जनता की समस्याओं का निराकरण नियमित और सुचारू रूप से किया जाए। कलेक्टर ने वर्तमान में जारी बोर्ड परीक्षाओं के मद्देनजर ध्वनि विस्तारक यंत्रों पर प्रतिबंध का पालन करने कहा है। साथ ही कहा कि बिना अनुमति के डीजे बजाने पर जप्ती की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने माउन्टेड व्हीकल डीजे पर सख्ती से कार्रवाई के निर्देश सभी अनुविभागीय अधिकारियों को दिए हैं। उन्होंने कहा कि परीक्षा पूर्णतः अनुशासित एवं बोर्ड के दिशा निर्देशों के अनुरूप संचालित हो। उन्होंने अधिकारियों को परीक्षा संचालन के दौरान नियमित निरीक्षण के निर्देश दिए हैं।
कलेक्टर श्री लंगेह ने किसान पंजीयन की जानकारी लेते हुए कहा कि इसमें आवश्यक तेजी लाएं। उन्होंने किसानों का एग्रीस्टेक परियोजना अंतर्गत फार्मर रजिस्ट्रेशन एप्प/पोर्टल में सीएससी और सहकारी समितियों के माध्यम से रजिस्ट्रेशन के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि किसान स्वयं भी एग्रीटेक एप्प के माध्यम से अपना पंजीयन कर सकते है। अभी तक 49000 किसानों ने पंजीयन करा लिया है। इसी तरह उन्होंने धान उठाव की प्रगति की समीक्षा की। शेष एक लाख 96 हजार क्विंटल धान का उठाव आगामी 13 मार्च तक उठाव करने के निर्देश दिए हैं। बैठक में राशन कार्ड के ई केवाईसी के लिए आवश्यक प्रयास करने के निर्देश दिए गए हैं। खाद्य अधिकारी ने बताया कि राशन कार्ड के ई केवाईसी के लिए 31 मार्च तक का समय सीमा निर्धारित है। उन्होंने वर्तमान में चल रहे बोर्ड परीक्षाओं में किसी भी प्रकार के नकल प्रकरण पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
बैठक में समीक्षा करते हुए लंबित मामलों का समय सीमा पर निराकरण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भूमि संबंधी विवादों, नामांतरण, बंटवारे और सीमांकन जैसे मुद्दों का प्राथमिकता के साथ निपटारा किया जाए जिससे आम जनों को कोई दिक्कत न हो। इसके अलावा पीएम आवास, पीएम जनमन, जाति, आयुष्मान कार्ड आदि की समीक्षा की गई एवं उसमें तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर श्री लंगेह ने श्रम एवं उद्योग विभाग को औद्योगिक क्षेत्रों का नियमित निरीक्षण के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा माइनिंग एवं शराब के अवैध परिवहन एवं शिकायतों पर सख्ती से कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने माननीय हाई कोर्ट एवं विभिन्न आयोगों से प्राप्त पत्रों को गम्भीरता से लेते हुए समय सीमा में जवाब देने के निर्देश दिए। इसके अलावा मुख्यमंत्री जनदर्शन, कलेक्टर जन चौपाल, जनसमस्या निवारण शिविर में प्राप्त मांग एवं शिकायतों का एक सप्ताह के भीतर गुणवत्तापूर्ण निराकरण के निर्देश दिए गए। साथ ही सड़क पर बैठे आवारा मवेशियों को हटाने की कार्रवाई भी निरंतर करने के निर्देश दिए।

यह घटना न केवल समाज को तोड़ने वाली है, बल्कि यह एक ऐसी कार्रवाई है जो हमारे सामाजिक ताने-बाने को कमजोर करती है।

बरतियाभांठा । राजस्थान के डूंगरपुर और बांसवाड़ा जिलों में आयोजित आरईईईटी परीक्षा के दौरान ब्राह्मण अभ्यर्थियों के जनेऊ उतरवाने की घटना को लेकर छत्तीसगढ़ राज्य के ब्राह्मण समाज ने भारी नाराजगी जताई है। इस घटना पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए राष्ट्रीय ब्राह्मण युवजन सभा के पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष एवं सामाजिक कार्यकर्ता करुणाकर उपाध्याय ने इसे घोर निंदनीय और अक्षम्य करार दिया है।

 

राष्ट्रीय ब्राह्मण युवजन सभा के पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष एवं सामाजिक कार्यकर्ता करुणाकर उपाध्याय ने कहा है कि “यह घटना न केवल समाज को तोड़ने वाली है, बल्कि यह एक ऐसी कार्रवाई है जो हमारे सामाजिक ताने-बाने को कमजोर करती है। अभ्यर्थियों के धार्मिक प्रतीकों को हटाना या उनका अपमान करना किसी भी रूप में स्वीकार्य नहीं है। हमें अपने समाज की विविधता और धार्मिक स्वतंत्रता का सम्मान करना चाहिए।”

 

श्री उपाध्याय ने आगे कहा कि ऐसे मामलों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए और भविष्य में ऐसी घटनाओं के पुनरावृति नहीं हो इसका ध्यान रखने की अपील की। साथ ही ब्राह्मण समाज की आपत्ति पर त्वरित संज्ञान लेते हुए दोषी अधिकारी कर्मचारियों पर कार्रवाई को लेकर संतोष व्यक्त करते हुए राजस्थान सरकार की सराहना की है। उन्होंने यह भी कहा कि इस प्रकार की घटनाएं समाज में तनाव और भेदभाव को बढ़ावा देती हैं, जो किसी भी परिस्थिति में सहन नहीं की जा सकतीं।

 

इस घटना के बाद कई सामाजिक संगठनों ने भी अपनी नाराज़गी जाहिर की है।

 

श्री उपाध्याय ने मांग किया है कि समाज में सामंजस्य और भाईचारे को बनाए रखने के लिए इस प्रकार की घटनाओं के प्रति केंद्र सहित देश के सभी राज्यों की सरकारों को सख्त रुख अपनाने की आवश्यकता है।

बरतियाभांठा । राजस्थान के डूंगरपुर और बांसवाड़ा जिलों में आयोजित आरईईईटी परीक्षा के दौरान ब्राह्मण अभ्यर्थियों के जनेऊ उतरवाने की घटना को लेकर छत्तीसगढ़ राज्य के ब्राह्मण समाज ने भारी नाराजगी जताई है। इस घटना पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए राष्ट्रीय ब्राह्मण युवजन सभा के पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष एवं सामाजिक कार्यकर्ता करुणाकर उपाध्याय ने इसे घोर निंदनीय और अक्षम्य करार दिया है।

राष्ट्रीय ब्राह्मण युवजन सभा के पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष एवं सामाजिक कार्यकर्ता करुणाकर उपाध्याय ने कहा है कि “यह घटना न केवल समाज को तोड़ने वाली है, बल्कि यह एक ऐसी कार्रवाई है जो हमारे सामाजिक ताने-बाने को कमजोर करती है। अभ्यर्थियों के धार्मिक प्रतीकों को हटाना या उनका अपमान करना किसी भी रूप में स्वीकार्य नहीं है। हमें अपने समाज की विविधता और धार्मिक स्वतंत्रता का सम्मान करना चाहिए।”

श्री उपाध्याय ने आगे कहा कि ऐसे मामलों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए और भविष्य में ऐसी घटनाओं के पुनरावृति नहीं हो इसका ध्यान रखने की अपील की। साथ ही ब्राह्मण समाज की आपत्ति पर त्वरित संज्ञान लेते हुए दोषी अधिकारी कर्मचारियों पर कार्रवाई को लेकर संतोष व्यक्त करते हुए राजस्थान सरकार की सराहना की है। उन्होंने यह भी कहा कि इस प्रकार की घटनाएं समाज में तनाव और भेदभाव को बढ़ावा देती हैं, जो किसी भी परिस्थिति में सहन नहीं की जा सकतीं।

इस घटना के बाद कई सामाजिक संगठनों ने भी अपनी नाराज़गी जाहिर की है।

श्री उपाध्याय ने मांग किया है कि समाज में सामंजस्य और भाईचारे को बनाए रखने के लिए इस प्रकार की घटनाओं के प्रति केंद्र सहित देश के सभी राज्यों की सरकारों को सख्त रुख अपनाने की आवश्यकता है।

शातिर चोर गिरोह पर जिला बलौदाबाजार-भाटापारा पुलिस की बडी कार्यवाही

● घटना को अंजाम देने वाला शातिर चोर अजय राठौर क्षेत्र का है निगरानी बदमाश

● आरोपी को गोवा से विशेष टीम द्वारा किया गया गिरफ्तार

● चुराई हुई संपत्ति की खपत करने वाले 03 आरोपी भी पुलिस की गिरफ्त में

● आरोपीयों से सोने-चांदी के जेवर, 03 नग मोटर सायकल एवं नगदी ₹53,000 सहित कुल ₹9,08,940 का चोरी का सामान बरामद करने में मिली सफलता

● पुलिस द्वारा मामले में 04 आरोपियों किया गया गिरफ्तार

 

बरामद संपत्ति

1. आरोपी अकिनेत रगडे उर्फ गोलू- से दो नग सोने का हार, एक जोडी चांदी का पायल, एक नग झुमका, एक नग टाप, एवं नगदी रकम ₹50,000 कुल किमती ₹5,05,940

2. प्रकाश जैन से- एक सोने का मंगलसूत्र, किमती ₹1,90,000

3. अजय राठौर से- नगदी रकम ₹11,000 (तीन नग मोटर सायकल आरोपी द्वारा घटना पश्चात लावारिस हालत में छोडने के पश्चात बरामद किमती ₹1,50,000 )

4. मोहित स्वामी से- ₹2000

कुल किमती – ₹9,08,940

 

आरोपियों के नाम

1. अजय राठौर उम्र-27 साल निवासी शक्ति वार्ड भाटापारा थाना भाटापारा  शहर

2. अनिकेत रगडे उम्र-25 साल निवासी आमापारा निगम कालोनी थाना आजाद चौक रायपुर

3. मोहित स्वामी उम्र-26 साल निवासी स्टेशन पारा राजनांदगांव थाना सिटी कोतवाली राजनांदगांव

4. प्रकाश जैन उम्र-47 साल निवासी इंदिरा नगर राजनांदगांव थाना बसन्तपुर जिला राजनांदगांव

● घटना को अंजाम देने वाला शातिर चोर अजय राठौर क्षेत्र का है निगरानी बदमाश
● आरोपी को गोवा से विशेष टीम द्वारा किया गया गिरफ्तार
● चुराई हुई संपत्ति की खपत करने वाले 03 आरोपी भी पुलिस की गिरफ्त में
● आरोपीयों से सोने-चांदी के जेवर, 03 नग मोटर सायकल एवं नगदी ₹53,000 सहित कुल ₹9,08,940 का चोरी का सामान बरामद करने में मिली सफलता
● पुलिस द्वारा मामले में 04 आरोपियों किया गया गिरफ्तार

बरामद संपत्ति
1. आरोपी अकिनेत रगडे उर्फ गोलू- से दो नग सोने का हार, एक जोडी चांदी का पायल, एक नग झुमका, एक नग टाप, एवं नगदी रकम ₹50,000 कुल किमती ₹5,05,940
2. प्रकाश जैन से- एक सोने का मंगलसूत्र, किमती ₹1,90,000
3. अजय राठौर से- नगदी रकम ₹11,000 (तीन नग मोटर सायकल आरोपी द्वारा घटना पश्चात लावारिस हालत में छोडने के पश्चात बरामद किमती ₹1,50,000 )
4. मोहित स्वामी से- ₹2000
कुल किमती – ₹9,08,940

आरोपियों के नाम
1. अजय राठौर उम्र-27 साल निवासी शक्ति वार्ड भाटापारा थाना भाटापारा शहर
2. अनिकेत रगडे उम्र-25 साल निवासी आमापारा निगम कालोनी थाना आजाद चौक रायपुर
3. मोहित स्वामी उम्र-26 साल निवासी स्टेशन पारा राजनांदगांव थाना सिटी कोतवाली राजनांदगांव
4. प्रकाश जैन उम्र-47 साल निवासी इंदिरा नगर राजनांदगांव थाना बसन्तपुर जिला राजनांदगांव

रायपुर : छत्तीसगढ़ में पहली बार हस्तलिखित बजट पेश, वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने किए हस्ताक्षर

छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज ऐतिहासिक क्षण देखने को मिला जब वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने हस्तलिखित बजट पेश किया। यह पहला मौका है जब राज्य में कंप्यूटर-टाइप्ड बजट की जगह खुद वित्त मंत्री के हाथों से लिखा गया बजट सदन में प्रस्तुत किया। यह बजट 100 पृष्ठों की है, जिसे पूरी तरह हाथ से लिखा गया है।

वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने इसे परंपराओं की ओर वापसी और मौलिकता को बढ़ावा देने का कदम बताया। उन्होंने कहा कि डिजिटल युग में हस्तलिखित बजट पेश करना एक अलग पहचान और ऐतिहासिक महत्व रखता है।

नई परंपरा की शुरुआत

अब तक छत्तीसगढ़ विधानसभा में केवल कंप्यूटर-टाइप्ड बजट ही पेश किए जाते रहे हैं, लेकिन इस बार परंपरागत और अनूठे अंदाज में बजट तैयार किया गया। वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी का मानना है कि इससे प्रामाणिकता और पारदर्शिता को बढ़ावा मिलेगा।छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज ऐतिहासिक क्षण देखने को मिला जब वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने हस्तलिखित बजट पेश किया। यह पहला मौका है जब राज्य में कंप्यूटर-टाइप्ड बजट की जगह खुद वित्त मंत्री के हाथों से लिखा गया बजट सदन में प्रस्तुत किया। यह बजट 100 पृष्ठों की है, जिसे पूरी तरह हाथ से लिखा गया है।

वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने इसे परंपराओं की ओर वापसी और मौलिकता को बढ़ावा देने का कदम बताया। उन्होंने कहा कि डिजिटल युग में हस्तलिखित बजट पेश करना एक अलग पहचान और ऐतिहासिक महत्व रखता है।

नई परंपरा की शुरुआत

अब तक छत्तीसगढ़ विधानसभा में केवल कंप्यूटर-टाइप्ड बजट ही पेश किए जाते रहे हैं, लेकिन इस बार परंपरागत और अनूठे अंदाज में बजट तैयार किया गया। वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी का मानना है कि इससे प्रामाणिकता और पारदर्शिता को बढ़ावा मिलेगा।

रायपुर : वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने किए बजट पर हस्ताक्षर

वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने किए बजट पर हस्ताक्षर

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की उपस्थिति में बजट पर हुआ हस्ताक्षर

इस मौके पर उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, वन मंत्री श्री केदार कश्यप भी मौजूदवित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने किए बजट पर हस्ताक्षर

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की उपस्थिति में बजट पर हुआ हस्ताक्षर

इस मौके पर उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, वन मंत्री श्री केदार कश्यप भी मौजूद

रायपुर : बजट से छत्तीसगढ़ के विकास को मिलेगी तीव्र गति – मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

वर्तमान और भविष्य दोनों की जरूरतों को पूरा करता बजट विधानसभा में प्रस्तुत

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने सूत्रवाक्य रखा, ज्ञान से गति की ओर, पिछले बजट में गरीब, युवा, अन्नदाता और महिलाओं के लिए फोकस रखा था, अब इन्हें आगे बढ़ाने गति अर्थात सुशासन, बुनियादी ढांचे में तेजी, तकनीक और औद्योगिक विकास पर होगा जोर

अटल जी के जन्म शताब्दी वर्ष पर अटल निर्माण वर्ष के अनुरूप पूंजीगत व्यय पर 26 हजार करोड़ रुपए से अधिक का हमने रखा बजट, नदियों को जोड़ना उनका था सपना, इसे करेंगे साकार

युवाओं के लिए उद्यम और रोजगार के नए अवसर खोलने वाला बजट, हाइटेक खेती की जरूरतों को पूरा करने रखा गया पूरा ध्यान

रायपुर, 3 मार्च, 2025

यह बजट वर्तमान की जरूरतों को पूरा करते हुए भविष्य में विकसित छत्तीसगढ़ की अधोसंरचना जरूरतों के अनुरूप तैयार किया गया है। इस बजट से छत्तीसगढ़ के विकास को तीव्र गति मिलेगी। इसमें धान के कटोरे की चमक ‘‘कृषि अर्थव्यवस्था‘‘ को संवारने के उपायों के साथ ही इंडस्ट्रियल हब और आईटी हब के रूप में छत्तीसगढ़ को तैयार करने की ठोस नींव रखी गई है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज विधानसभा में अपनी सरकार के दूसरे साल के प्रस्तुत बजट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए उपरोक्त बातें कही।

श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में हमने छत्तीसगढ़ को विकसित राज्य बनाने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए बहुत जरूरी है कि हम आधुनिक समय के मुताबिक अपनी अर्थव्यवस्था को तैयार करेें, बजट में पूरा फोकस इसी पर है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें प्रदेश में बदहाल राजकोष और कुशासन की विरासत मिली थी। हमने राजकोषीय सुधारों के साथ प्रशासनिक प्रणालियों में सुधार करते हुए बजट के संतुलित उपयोग से प्रदेश में जनकल्याण के कार्य पुनः आरंभ कराए। अब छत्तीसगढ़ में विकास ट्रैक पर आ गया है और ट्रिपल इंजन की सरकार इसे तेजी से गति दे रही है। बजट प्रावधानों से यह गति और बढ़ेगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पिछले बजट में विकसित भारत की संकल्पना के अनुरूप समावेशी विकास की राह तैयार हुई और हमारा फोकस ज्ञान अर्थात गरीब, युवा, अन्नदाता और नारीशक्ति पर था। इनके लिए हमने जिस तरह से नवाचारी योजनाएं लागू कीं, उसके प्रभावी नतीजे मिले। इस बार बजट का थीम है ‘‘ज्ञान के लिए गति‘‘ यह हमारी ट्रिपल इंजन सरकार के लक्ष्यों के अनुरूप है। उन्होंने बताया कि गति से हमारा तात्पर्य सुशासन, बुनियादी ढांचे में तेजी लाना, तकनीक का अधिकाधिक प्रयोग और औद्योगिक विकास में तीव्र वृद्धि करना है। हम इन सभी मानदंडों को पूरा करेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ के समग्र विकास के लिए हमने बड़े सपने देखे हैं और उन्हें पूरा करने की रणनीति भी तैयार कर ली है। इन्हें पूरा करने के लिए हमारी ट्रिपल इंजन की सरकार पूरी रफ्तार से काम करेगी।

इस मौके पर मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माता पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी का स्मरण भी किया। उन्होंने कहा कि उनके जन्म शताब्दी वर्ष  को हम अटल निर्माण वर्ष के रूप में मना रहे हैं। उन्होंने कहा कि अटल जी छत्तीसगढ़ को विकसित राज्यों की श्रेणी में देखना चाहते थे, उनके सपनों को पूरा करने की ठोस नींव हमने रख दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में ऐसी अधोसंरचना की जरूरत होगी जो एक विकसित औद्योगिक राज्य की जरूरतों को पूरी करती हो। इसके लिए हमने बजट में विशेष प्रावधान किये हैं। रायपुर-दुर्ग मेट्रो सेवा का सर्वे होगा। नये औद्योगिक पार्क स्थापित कर रहे हैं। इसके लिए 700 करोड़ रुपए का बजट रखा गया है। महानदी- इंद्रावती तथा कोडार-सिकासर जैसी नदियों को जोड़ेंगे, खेती में निवेश करेंगे। नई सिंचाई परियोजनाओं के लिए 1500 करोड़ का बजट प्रावधान किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने बजट में मानव संसाधन को सहेजने के लिए नये अस्पतालों, आधुनिक स्कूलों और इनमें पर्याप्त स्टाफ के संबंध में व्यवस्था की है। राज्य की नई औद्योगिक नीति की जरूरतों को पूरा करने 12 नए इंजीनियरिंग कालेज और 12 पालिटेक्निक कालेज आरंभ करेंगे। नये बिजनेस और स्टार्टअप के लिए 700 करोड़ रुपए का इंडस्ट्रियल सब्सिडी सपोर्ट रखा गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बार पूंजीगत व्यय 26 हजार करोड़ रुपए से अधिक रखा गया है जो पिछले वर्ष की तुलना में 18 प्रतिशत है। पूंजीगत व्यय में किये गये निवेश का कई गुना रिटर्न मिलता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट समावेशी है और सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास के हमारे ध्येय के मुताबिक तैयार किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के आदर्शो के अनुरूप हमने अंत्योदय के कल्याण के लिए तथा इनके समग्र विकास के लिए विशेष बजट प्रावधान रखा है। पिछले बजट में गरीब युवा, अन्नदाता तथा नारी शक्ति एवं जनजातीय विकास के लिए जो योजनाएं आरंभ की गई थी, उनके लिए बजट प्रावधान के साथ ही इनके विकास के लिए नई योजनाएं भी इस बजट में आरंभ की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बजट के साथ हमारा प्रदेश नये संकल्पों के साथ अपने सपनों को पूरा करने एक नई उड़ान भरेगा।वर्तमान और भविष्य दोनों की जरूरतों को पूरा करता बजट विधानसभा में प्रस्तुत

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने सूत्रवाक्य रखा, ज्ञान से गति की ओर, पिछले बजट में गरीब, युवा, अन्नदाता और महिलाओं के लिए फोकस रखा था, अब इन्हें आगे बढ़ाने गति अर्थात सुशासन, बुनियादी ढांचे में तेजी, तकनीक और औद्योगिक विकास पर होगा जोर

अटल जी के जन्म शताब्दी वर्ष पर अटल निर्माण वर्ष के अनुरूप पूंजीगत व्यय पर 26 हजार करोड़ रुपए से अधिक का हमने रखा बजट, नदियों को जोड़ना उनका था सपना, इसे करेंगे साकार

युवाओं के लिए उद्यम और रोजगार के नए अवसर खोलने वाला बजट, हाइटेक खेती की जरूरतों को पूरा करने रखा गया पूरा ध्यान

रायपुर, 3 मार्च, 2025

यह बजट वर्तमान की जरूरतों को पूरा करते हुए भविष्य में विकसित छत्तीसगढ़ की अधोसंरचना जरूरतों के अनुरूप तैयार किया गया है। इस बजट से छत्तीसगढ़ के विकास को तीव्र गति मिलेगी। इसमें धान के कटोरे की चमक ‘‘कृषि अर्थव्यवस्था‘‘ को संवारने के उपायों के साथ ही इंडस्ट्रियल हब और आईटी हब के रूप में छत्तीसगढ़ को तैयार करने की ठोस नींव रखी गई है।

    मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज विधानसभा में अपनी सरकार के दूसरे साल के प्रस्तुत बजट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए उपरोक्त बातें कही।

    श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में हमने छत्तीसगढ़ को विकसित राज्य बनाने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए बहुत जरूरी है कि हम आधुनिक समय के मुताबिक अपनी अर्थव्यवस्था को तैयार करेें, बजट में पूरा फोकस इसी पर है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें प्रदेश में बदहाल राजकोष और कुशासन की विरासत मिली थी। हमने राजकोषीय सुधारों के साथ प्रशासनिक प्रणालियों में सुधार करते हुए बजट के संतुलित उपयोग से प्रदेश में जनकल्याण के कार्य पुनः आरंभ कराए। अब छत्तीसगढ़ में विकास ट्रैक पर आ गया है और ट्रिपल इंजन की सरकार इसे तेजी से गति दे रही है। बजट प्रावधानों से यह गति और बढ़ेगी।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पिछले बजट में विकसित भारत की संकल्पना के अनुरूप समावेशी विकास की राह तैयार हुई और हमारा फोकस ज्ञान अर्थात गरीब, युवा, अन्नदाता और नारीशक्ति पर था। इनके लिए हमने जिस तरह से नवाचारी योजनाएं लागू कीं, उसके प्रभावी नतीजे मिले। इस बार बजट का थीम है ‘‘ज्ञान के लिए गति‘‘ यह हमारी ट्रिपल इंजन सरकार के लक्ष्यों के अनुरूप है। उन्होंने बताया कि गति से हमारा तात्पर्य सुशासन, बुनियादी ढांचे में तेजी लाना, तकनीक का अधिकाधिक प्रयोग और औद्योगिक विकास में तीव्र वृद्धि करना है। हम इन सभी मानदंडों को पूरा करेंगे।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ के समग्र विकास के लिए हमने बड़े सपने देखे हैं और उन्हें पूरा करने की रणनीति भी तैयार कर ली है। इन्हें पूरा करने के लिए हमारी ट्रिपल इंजन की सरकार पूरी रफ्तार से काम करेगी।

    इस मौके पर मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माता पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी का स्मरण भी किया। उन्होंने कहा कि उनके जन्म शताब्दी वर्ष  को हम अटल निर्माण वर्ष के रूप में मना रहे हैं। उन्होंने कहा कि अटल जी छत्तीसगढ़ को विकसित राज्यों की श्रेणी में देखना चाहते थे, उनके सपनों को पूरा करने की ठोस नींव हमने रख दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में ऐसी अधोसंरचना की जरूरत होगी जो एक विकसित औद्योगिक राज्य की जरूरतों को पूरी करती हो। इसके लिए हमने बजट में विशेष प्रावधान किये हैं। रायपुर-दुर्ग मेट्रो सेवा का सर्वे होगा। नये औद्योगिक पार्क स्थापित कर रहे हैं। इसके लिए 700 करोड़ रुपए का बजट रखा गया है। महानदी- इंद्रावती तथा कोडार-सिकासर जैसी नदियों को जोड़ेंगे, खेती में निवेश करेंगे। नई सिंचाई परियोजनाओं के लिए 1500 करोड़ का बजट प्रावधान किया गया है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने बजट में मानव संसाधन को सहेजने के लिए नये अस्पतालों, आधुनिक स्कूलों और इनमें पर्याप्त स्टाफ के संबंध में व्यवस्था की है। राज्य की नई औद्योगिक नीति की जरूरतों को पूरा करने 12 नए इंजीनियरिंग कालेज और 12 पालिटेक्निक कालेज आरंभ करेंगे। नये बिजनेस और स्टार्टअप के लिए 700 करोड़ रुपए का इंडस्ट्रियल सब्सिडी सपोर्ट रखा गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बार पूंजीगत व्यय 26 हजार करोड़ रुपए से अधिक रखा गया है जो पिछले वर्ष की तुलना में 18 प्रतिशत है। पूंजीगत व्यय में किये गये निवेश का कई गुना रिटर्न मिलता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट समावेशी है और सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास के हमारे ध्येय के मुताबिक तैयार किया गया है।

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    मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बजट के साथ हमारा प्रदेश नये संकल्पों के साथ अपने सपनों को पूरा करने एक नई उड़ान भरेगा।

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महासमुंद जिला आगामी आदेश तक जल अभावग्रस्त क्षेत्र घोषित

नलकूप खनन हेतु प्राधिकृत अधिकारी करेंगे अनुमति प्रदान

 

महासमुंद 3 मार्च 2025/ महासमुन्द जिले में आगामी ग्रीष्म ऋतु को ध्यान में रखते हुए पेयजल उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री विनय कुमार लंगेह द्वारा छत्तीसगढ़ पेयजल परिरक्षण अधिनियम 1986 (कमांक-3) 1987 की धारा 03 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों के तहत जिले को आगामी आदेश तक जलाभाव ग्रस्त क्षेत्र घोषित किया गया है। यह आदेश तत्काल प्रभावशील हो गया है।

उक्त अधिनियम की धारा 06 के अंतर्गत महासमुन्द जिले में आगामी आदेश तक सक्षम अधिकारी की पूर्वानुमति के बिना कोई नया नलकूप पेयजल व्यवस्था, पेयजल के अलावा किसी अन्य प्रयोजन के लिए खनन नहीं किया जा सकेगा, लेकिन शासकीय/अर्द्धशासकीय / नगरीय निकायों को पेयजल हेतु अपने क्षेत्राधिकारी सीमा के अंतर्गत आने वाले क्षेत्र में नलकूप खनन हेतु अनुमति की आवश्यकता नहीं होगी। परन्तु निर्धारित नियमों का पालन वे सुनिश्चित करेगें।

जन सुविधा को ध्यान में रखते हुए उक्त अधिनियम की धारा 06 के अंतर्गत नलकूप खनन हेतु अनुमति प्रदान करने के लिए अधिकारियों को प्राधिकृत अधिकारी नियुक्त किया गया है। वे संबंधित क्षेत्र में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी/नगरीय निकाय/तहसील से रिपोर्ट प्राप्त कर नियमानुसार अनुमति प्रदान करेगें। जिसमें महासमुंद शहर (नगर पालिका क्षेत्र) के लिए अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी, महासमुंद, अनुविभाग महासमुंद के लिए (महासमुंद शहर को छोड़कर) अनुविभागीय अधिकारी, (रा.) महासमुंद प्राधिकृत अधिकारी होंगे। इसी तरह अनुविभाग बागबाहरा के लिए अनुविभागीय अधिकारी, (रा.) बागबाहरा, अनुविभाग पिथौरा के लिए अनुविभागीय अधिकारी, (रा.) पिथौरा, अनुविभाग बसना के लिए अनुविभागीय अधिकारी, (रा.) बसना एवं अनुविभाग सरायपाली के लिए अनुविभागीय अधिकारी, (रा.) सरायपाली को प्राधिकृत अधिकारी नियुक्त किया गया है। उक्त प्राधिकृत अधिकारी, अपने-अपने क्षेत्र के छत्तीसगढ़ पेयजल परिरक्षण अधिनियमों का उल्लेखित प्रावधानों के अनुसार नलकूप खनन की आवश्यकता होने पर अनुमति प्रदान करने की कार्यवाही करेगें। बोरवेल खनन अथवा बोर वेल मरम्मत का कार्य पंजीकृत बोरवेल एजेंसी द्वारा ही की जाएगी। कोई भी व्यक्ति या एजेंसी द्वारा उक्त अधिनियम के उल्लंघन में नलकूप खनन करना पाया जाता है तो उसके विरूद्ध नियमानुसार कार्यवाही सुनिश्चित करेंगे।

नलकूप खनन हेतु प्राधिकृत अधिकारी करेंगे अनुमति प्रदान

महासमुंद 3 मार्च 2025/ महासमुन्द जिले में आगामी ग्रीष्म ऋतु को ध्यान में रखते हुए पेयजल उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री विनय कुमार लंगेह द्वारा छत्तीसगढ़ पेयजल परिरक्षण अधिनियम 1986 (कमांक-3) 1987 की धारा 03 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों के तहत जिले को आगामी आदेश तक जलाभाव ग्रस्त क्षेत्र घोषित किया गया है। यह आदेश तत्काल प्रभावशील हो गया है।
उक्त अधिनियम की धारा 06 के अंतर्गत महासमुन्द जिले में आगामी आदेश तक सक्षम अधिकारी की पूर्वानुमति के बिना कोई नया नलकूप पेयजल व्यवस्था, पेयजल के अलावा किसी अन्य प्रयोजन के लिए खनन नहीं किया जा सकेगा, लेकिन शासकीय/अर्द्धशासकीय / नगरीय निकायों को पेयजल हेतु अपने क्षेत्राधिकारी सीमा के अंतर्गत आने वाले क्षेत्र में नलकूप खनन हेतु अनुमति की आवश्यकता नहीं होगी। परन्तु निर्धारित नियमों का पालन वे सुनिश्चित करेगें।
जन सुविधा को ध्यान में रखते हुए उक्त अधिनियम की धारा 06 के अंतर्गत नलकूप खनन हेतु अनुमति प्रदान करने के लिए अधिकारियों को प्राधिकृत अधिकारी नियुक्त किया गया है। वे संबंधित क्षेत्र में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी/नगरीय निकाय/तहसील से रिपोर्ट प्राप्त कर नियमानुसार अनुमति प्रदान करेगें। जिसमें महासमुंद शहर (नगर पालिका क्षेत्र) के लिए अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी, महासमुंद, अनुविभाग महासमुंद के लिए (महासमुंद शहर को छोड़कर) अनुविभागीय अधिकारी, (रा.) महासमुंद प्राधिकृत अधिकारी होंगे। इसी तरह अनुविभाग बागबाहरा के लिए अनुविभागीय अधिकारी, (रा.) बागबाहरा, अनुविभाग पिथौरा के लिए अनुविभागीय अधिकारी, (रा.) पिथौरा, अनुविभाग बसना के लिए अनुविभागीय अधिकारी, (रा.) बसना एवं अनुविभाग सरायपाली के लिए अनुविभागीय अधिकारी, (रा.) सरायपाली को प्राधिकृत अधिकारी नियुक्त किया गया है। उक्त प्राधिकृत अधिकारी, अपने-अपने क्षेत्र के छत्तीसगढ़ पेयजल परिरक्षण अधिनियमों का उल्लेखित प्रावधानों के अनुसार नलकूप खनन की आवश्यकता होने पर अनुमति प्रदान करने की कार्यवाही करेगें। बोरवेल खनन अथवा बोर वेल मरम्मत का कार्य पंजीकृत बोरवेल एजेंसी द्वारा ही की जाएगी। कोई भी व्यक्ति या एजेंसी द्वारा उक्त अधिनियम के उल्लंघन में नलकूप खनन करना पाया जाता है तो उसके विरूद्ध नियमानुसार कार्यवाही सुनिश्चित करेंगे।

कोल्दा उपकेंद्र में पावर ट्रांसफार्मर की क्षमता 3.15MVA से 5MVA में वृद्धि

उच्च दाब उपकेंद्र सुनसुनिया में नया 33KV फीडर का लोड बाईफरकेशन का कार्य जारी

 

कोमाखान,  मुनगाशेर एवं कोल्दा क्षेत्र के किसानों को मिलेगा लाभ

 

 महासमुंद 2 मार्च 2025/ विगत दिनों बागबाहरा ब्लॉक के दूरस्थ अंचल के किसानों द्वारा लो वोल्टेज की शिकायत प्राप्त हुई थी। इस संबंध में स्थानीय अधिकारियों को लो वोल्टेज की समस्या को शीघ्र दूर करने हेतु ज्ञापन सौपा गया था। किसानों से बातचीत के दौरान विद्युत विभाग के अधिकारी ने बताया कि अति उच्च दाब उपकेंद्र राजिम को 132KV से 220KV में उन्नत किया गया है एवं इसकी आपूर्ति 220KV परसवानी से अलग कर 400KV कुरूद उपकेंद्र से जोड़ने का कार्य युद्ध स्तर पर किया जा रहा है उक्त कार्य पूर्ण होने पर लगभग 100 मेगावाट भार परसवानी उपकेंद्र में कम होगा जिससे वोल्टेज में बढ़ोतरी होगी। यह कार्य दिनांक 25 फरवरी 2025 को पूर्ण कर लिया गया है। उक्त तिथि से आज तक विभाग को लो वोल्टेज की शिकायत प्राप्त नहीं हुई है एवं किसानों से भी वोल्टेज बढ़ने की खबरें प्राप्त हो रही है। कोल्दा उपकेंद्र में पावर ट्रांसफार्मर की क्षमता 3.15MVA से 5MVA में वृद्धि की गई है। जिससे उस क्षेत्र के किसानों को इसका लाभ मिल रहा है। उच्च दाब उपकेंद्र सुनसुनिया में एक नया 33KV फीडर का लोड बाईफरकेशन का कार्य युद्ध स्तर पर किया जा रहा है। मार्च 2025 माह के प्रथम सप्ताह के अंत तक यह कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा इस कार्य से कोमाखान  मुनगाशेर एवं कोल्दा क्षेत्र के किसानों को इसका लाभ प्राप्त होगा। विद्युत विभाग किसानो की विद्युत संबंधी शिकायतों को दूर करने हेतु सतत प्रयासरत है। वर्तमान में महासमुंद संभाग में लो वोल्टेज की समस्या नही है। किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान ना दें। यह जानकारी कार्यपालन अभियंता श्री पी आर वर्मा ने दी। विद्युत संबंधित शिकायतो के लिए विद्युत कार्यालय में लिखित एवं टोल फ्री नंबर 1912 में दर्ज करवाने अपील की गई है।

उच्च दाब उपकेंद्र सुनसुनिया में नया 33KV फीडर का लोड बाईफरकेशन का कार्य जारी

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महासमुंद 2 मार्च 2025/ विगत दिनों बागबाहरा ब्लॉक के दूरस्थ अंचल के किसानों द्वारा लो वोल्टेज की शिकायत प्राप्त हुई थी। इस संबंध में स्थानीय अधिकारियों को लो वोल्टेज की समस्या को शीघ्र दूर करने हेतु ज्ञापन सौपा गया था। किसानों से बातचीत के दौरान विद्युत विभाग के अधिकारी ने बताया कि अति उच्च दाब उपकेंद्र राजिम को 132KV से 220KV में उन्नत किया गया है एवं इसकी आपूर्ति 220KV परसवानी से अलग कर 400KV कुरूद उपकेंद्र से जोड़ने का कार्य युद्ध स्तर पर किया जा रहा है उक्त कार्य पूर्ण होने पर लगभग 100 मेगावाट भार परसवानी उपकेंद्र में कम होगा जिससे वोल्टेज में बढ़ोतरी होगी। यह कार्य दिनांक 25 फरवरी 2025 को पूर्ण कर लिया गया है। उक्त तिथि से आज तक विभाग को लो वोल्टेज की शिकायत प्राप्त नहीं हुई है एवं किसानों से भी वोल्टेज बढ़ने की खबरें प्राप्त हो रही है। कोल्दा उपकेंद्र में पावर ट्रांसफार्मर की क्षमता 3.15MVA से 5MVA में वृद्धि की गई है। जिससे उस क्षेत्र के किसानों को इसका लाभ मिल रहा है। उच्च दाब उपकेंद्र सुनसुनिया में एक नया 33KV फीडर का लोड बाईफरकेशन का कार्य युद्ध स्तर पर किया जा रहा है। मार्च 2025 माह के प्रथम सप्ताह के अंत तक यह कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा इस कार्य से कोमाखान मुनगाशेर एवं कोल्दा क्षेत्र के किसानों को इसका लाभ प्राप्त होगा। विद्युत विभाग किसानो की विद्युत संबंधी शिकायतों को दूर करने हेतु सतत प्रयासरत है। वर्तमान में महासमुंद संभाग में लो वोल्टेज की समस्या नही है। किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान ना दें। यह जानकारी कार्यपालन अभियंता श्री पी आर वर्मा ने दी। विद्युत संबंधित शिकायतो के लिए विद्युत कार्यालय में लिखित एवं टोल फ्री नंबर 1912 में दर्ज करवाने अपील की गई है।