रायपुर : विधानसभा सचिवालय प्राप्त सभी प्रश्नों का समय – सीमा में सारगर्भित एवं स्पष्ट जबाव दिया जाए: श्री सोनमणि बोरा

रायपुर : विधानसभा सचिवालय प्राप्त सभी प्रश्नों का समय – सीमा में सारगर्भित एवं स्पष्ट जबाव दिया जाए: श्री सोनमणि बोरा

जनजातीय गौरव दिवस के उपलक्ष्य में 01 से 15 01नवंबर तक व्यापक कार्ययोजना बनाने के दिए निर्देश

निर्माणाधीन शहीद वीर नारायण सिंह संग्रहालय का  किया निरीक्षण

प्रमुख सचिव श्री  बोरा ने की विभागीय काम- काज की  गई समीक्षा

आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने विभागीय अधिकारियों की बैठक लेकर काम काज की प्रगति की समीक्षा की । बैठक नवा रायपुर टीआरटीआई स्थित सभाकक्ष में  सम्पन्न हुई।  प्रमुख सचिव श्री बोरा ने आगामी विधानसभा सत्र के मददे्नजर समीक्षा बैठक लेकर अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। बैठक में उन्होंने निर्देशित किया कि विधानसभा सचिवालय से प्राप्त सभी प्रश्नों का समय – सीमा में जबाव दिया जाए। प्रश्नों का जवाब सारगर्भित एवं स्पष्ट होना चाहिए। जिले से संबंधित प्रश्नों पर तत्काल संबंधित जिले के सहायक आयुक्त से संपर्क कर निर्धारित समयसीमा में जानकारी प्राप्त कर इसे सर्वाेच्च प्राथमिकता के साथ विधानसभा सचिवालय भेजना सुनिश्चित किया जाए। श्री बोरा ने कहा कि विधानसभा सचिवालय से प्राप्त सभी प्रश्नों के जवाब 07 जुलाई तक अनिवार्य रूप से तैयार किए जाने के निर्देश दिए। बैठक में आयुक्त डॉ. सारांश मित्तर, संचालक, टीआरटीआई श्री जगदीश कुमार सोनकर, उपसचिव श्री बी.के.राजपूत एवं अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

प्रमुख सचिव श्री बोरा द्वारा प्रयास एवं एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों के निर्माण कार्यों की भी समीक्षा की गई। साथ ही नवीन शि़क्षण सत्र 2025-26 में प्रवेश की स्थिति एवं अन्य आवश्क व्यवस्थाओं की जानकारी ली गई। उन्होंने प्रयास, एकलव्य के साथ-साथ अन्य सभी विभागीय छात्रावास-आश्रमों में अच्छी कम्प्यूटर लैब की आवश्यकता पर बल दिया। साथ ही संवेदनशील छात्रावास-आश्रमों में तत्काल सीसीटीवी कैमरा लगाए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने नवंबर माह में राज्य स्थापना के 25 वर्ष पूर्ण होने एवं जनजातीय गौरव दिवस के उपलक्ष्य में 01 नवंबर से 15 नवंबर तक के लिए एक व्यापक कार्ययोजना बनाए जाने के निर्देश दिए। इनमें आदिवासी साहित्य उत्सव, जनजातीय बुक फेयर, जनजातीय सांस्कृतिक उत्सव, जनजातीय चित्रकला, जनजातीय फिल्म फेस्टिवल, जनजातीय रामायण इत्यादि कार्यक्रम कराए जाने हेतु निर्देशित किया गया।

प्रमुख सचिव  श्री बोरा ने टीआरटीआई परिसर में निर्माणाधीन शहीद वीर नारायण सिंह आदिवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय की भी डिजिटली समीक्षा करने के पश्चात मौके पर जाकर सभी 14 गैलरियों का निरीक्षण किया एवं मौके पर उपस्थित अधिकारियों, इंजीनियर्स, क्यूरेटर एवं निर्माण एजेंसी के अधिकारियों को आवश्यक निर्देश देते हुए 30 सितंबर तक सभी निर्माण कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए । उन्होंने संग्रहालय में निर्माणाधीन गिफ्ट शॉप एवं ऑडियो-विजुअल के संबंध में भी आवश्यक व्यवस्था करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अब उनके द्वारा प्रत्येक  गुरूवार को संग्रहालय का निरीक्षण किया जाएगा।

 

महासमुंद / अवैध रेत परिवहन पर कड़ी कार्रवाई, 05 हाइवा वाहन जप्त

महासमुंद / अवैध रेत परिवहन पर कड़ी कार्रवाई, 05 हाइवा वाहन जप्त
महासमुंद, 5 जुलाई 2025/ कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह के निर्देशानुसार अवैध खनिज उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण पर रोक लगाने हेतु खनिज विभाग द्वारा सतत कार्रवाई जारी है। इसी क्रम में आज संयुक्त टीम द्वारा महासमुंद विकासखंड अंतर्गत ग्राम मोहकम में रेत का अवैध परिवहन करते हुए 05 हाइवा वाहन को जप्त किया गया। सभी वाहनों को जब्त कर सुरक्षार्थ तुमगांव थाना में खड़ा किया गया है।
खनिज अधिकारी श्री योगेन्द्र सिंह ने बताया कि उक्त वाहनों पर खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम 1957 की धारा 21 के अंतर्गत कठोर दंडात्मक कार्यवाही की जाएगी। इस प्रकरण में 2 से 5 वर्षों की सजा का प्रावधान है और संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध एफ आई आर दर्ज कर न्यायालय में परिवाद प्रस्तुत किया जाएगा। पूर्व में भी खनिज पट्टेदारों एवं खनिज परिवहनकर्ताओं को स्पष्ट निर्देश दिए जा चुके हैं कि
बिना वैध अभिवहन पास के खनिज का उत्खनन, परिवहन या भंडारण करना कानूनन अपराध है। कलेक्टर के निर्देशानुसार जिले में अवैध खनिज गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण हेतु खनिज विभाग का विशेष अभियान सतत जारी रहेगा और दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी

रायपुर : समन्वित पोषण प्रबंधन से बदलती खेती का चेहरा बेमेतरा की सहज क्रांति

रायपुर : समन्वित पोषण प्रबंधन से बदलती खेती का चेहरा बेमेतरा की सहज क्रांति

जब मानसूनी बादल आसमान में उमड़-घुमड़ रहे थे, तब नवलपुर (विकासखंड बेमेतरा) की श्रीमती बेदनबाई पति श्री सोपन ने अपने 2.42 एकड़ खेत में हल चलाते हुए एक सधे हुए कदम के साथ समन्वित पोषण प्रबंधन (प्छड) की नई राह पकड़ी। यह राह केवल उनकी खेती का भविष्य ही नहीं, बल्कि जिले के हज़ारों कृषकों के लिए भी उम्मीद की इबारत लिख रही हैकृऔर इसके केंद्र में है राज्य सरकार की “मिट्टी सेहतदृफसल उपज” अभियान श्रृंखला।

फसलों की स्वस्थ वृद्धि और अधिक उत्पादन के लिए कुल 17 प्रकार के पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है, जिनमें नाइट्रोजन, फास्फोरस और पोटाश प्रमुख हैं। नाइट्रोजन पौधों में प्रकाश संश्लेषण की क्रिया को तीव्र करता है तथा तनों और पत्तियों की वृद्धि में सहायक होता है। फास्फोरस जड़ों की मजबूती और विकास के लिए अनिवार्य है। पोटाश पौधों की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के साथ-साथ जल अवशोषण में भी मदद करता है।

इन पोषक तत्वों की पूर्ति के लिए किसान यूरिया, डीएपी, एनपीके, सुपर फास्फेट, पोटाश जैसे विभिन्न उर्वरकों का उपयोग करते हैं। अब किसान सिर्फ एक ही प्रकार के उर्वरक पर निर्भर न रहकर मिश्रित और संतुलित उर्वरक रणनीति अपना रहे हैं, ताकि मिट्टी की उर्वरता बनी रहे और फसल की गुणवत्ता भी बेहतर हो।

इस दिशा में जिले के नवलपुर ग्राम (विकासखंड बेमेतरा) की कृषक श्रीमती बेदनबाई पति श्री सोपन एक उदाहरण बनकर सामने आई हैं। उन्होंने अपने 2.42 एकड़ खेत में समन्वित पोषण प्रबंधन अपनाते हुए सेवा सहकारी समिति लोलेसरा से 10 बोरी यूरिया, 01 बोरी सुपरफास्फेट, 03 बोरी डीएपी और 01 बोरी पोटाश का उठाव किया है।

कृषक श्रीमती बेदनबाई ने बताया कि वे अपने खेत में हमेशा संतुलित मात्रा में और आवश्यकतानुसार उर्वरकों का ही उपयोग करती हैं। उनका मानना है कि एक ही प्रकार की खाद पर निर्भरता से फसल को पूर्ण पोषण नहीं मिल पाता। इसलिए वे अलग-अलग स्रोतों से आवश्यक पोषक तत्वों की पूर्ति करती हैं, जिससे भूमि की उर्वरा शक्ति भी बनी रहती है और उत्पादन भी संतोषजनक होता है। जिला कृषि विभाग द्वारा भी किसानों को नियमित रूप से जागरूक किया जा रहा है कि वे वैज्ञानिक सलाह के अनुरूप उर्वरकों का संतुलित उपयोग करें, ताकि मृदा की सेहत बनी रहे और दीर्घकालीन लाभ प्राप्त किया जा सके।

 

शिक्षक की विदाई पर सभी बच्चे रो पड़े * बिजातीपाली*

शिक्षक की विदाई पर सभी बच्चे रो पड़े * बिजातीपाली*

शासकीय प्राथमिक शाला बिजातीपाली के शिक्षक सुशील कुमार नायक जी का विदाई ,एवं जन्मदिवस कार्यक्रम का आयोजन किया गया।सर्वप्रथम जैसे सुशील कुमार नायक जी विद्यालय में आए तो सभी बच्चों ने फूल गुलदस्ता और तालियों के द्वारा जोरदार स्वागत किया । कार्यक्रम का शुभारंभ मा सरस्वती के पूजन अर्चन के साथ किया गया ,उसके पश्चात सभी बच्चों ,शिक्षकों और उपस्थित ग्राम वासियों साथ केक काटकर सुशील कुमार नायक जी का जन्मदिन मनाया गया।एवं नायक सर जी ने सभी बच्चों को मीठा व केला वितरण किया गया। उसके बाद विदाई कार्यक्रम का आयोजन किया गया ,जिसमें शास प्राथमिक शाला बिजातीपाली के शिक्षकों के द्वारा सप्रेम भेंट दिया गया , ग्रामपंचायत द्वारा, एवं ग्रामवासियों, और बच्चों के द्वारा सप्रेम भेंट दिया गया। शाला के शिक्षक निर्मल कुमार मेहेर द्वारा नायक सर के बारे में बताया गया कि सुशील सर 7 जनवरी 2009 से 3 जून 3025 तक साढ़े 15 साल शाला में सेवा दिए और शासन के निर्देशानुसार युक्तियुक्त के तहत शासकीय प्राथमिक शाला मोहनमुंडा में पदस्थापना हुई, सुशील नायक जी एक बहुत ही होनहार,योग्य, सहज सरल स्वभाव के नवाचारी शिक्षक थे, बच्चों एवं गांव वासियों के बहुत प्यारे शिक्षक थे । *जैसे उनका नाम सुशील वैसे उनका काम सुशील*विदाई कार्यक्रम में जब सुशील सर जी द्वारा जैसे ही बोलने लगे उनके साथी शिक्षक निर्मल मेहेर, और प्रधान पाठक प्रेमशीला पटेल जी रोने लगे, स्कूल के सभी बच्चे, रसोइया , और ग्राम वासी रोने लगे । इस प्रकार के आत्मीयता और प्रेमभाव को देखते हुए नायक सर भी रोते हुए बोल नहीं पाए।अंतमें स्कूल और ग्राम बिजातीपालीसे मान ,सम्मान,प्रेम मिला है उसे कभी भूल नहीं पाऊंगा,आज मेरे जन्मदिन को यादगार बना दिए उसके लिए धन्यवाद।विदाई सह जन्मदिवस कार्यक्रम में ग्राम के सरपंच हेतकुमारी, सचिव नमिता सीदार,उप सरपंच संतराम , पंच गण, ग्राम के विजयशंकर पटेल,कोमल नायक ,राजेश पटेल ,नरेश पटेल, छविलाल चौधरी, नीलांबर सोनी,रसोइया,स्वीपर, संकुल समन्वयक घनश्याम दास,नोडल प्राचार्य अरुण भोई ,प्रेमशीला पटेल ,निर्मल मेहेर, व समस्त ग्रामवासी उपस्थित थे।

बसना/बहुड़ा रथयात्रा में आस्था की गूंज, विधायक डॉ. संपत अग्रवाल ने निभाया भक्तिभाव

बसना/बहुड़ा रथयात्रा में आस्था की गूंज, विधायक डॉ. संपत अग्रवाल ने निभाया भक्तिभाव

विधायक डॉ संपत अग्रवाल रथ की रस्सी थाम कर जगन्नाथ की वापसी यात्रा में हुए शामिल, प्रदेशवासियों की खुशहाली की करी कामना

बसना की गलियों में गूंजा भक्तिभाव, विधायक डॉ. संपत अग्रवाल ने रथ की रस्सी खींच कर निभाई सनातन संस्कृति की सेवा

 

बहुड़ा रथयात्रा में शामिल हुए विधायक डॉ. संपत अग्रवाल, बोले-बसना में जगन्नाथ पुरी की दिव्यता का हुआ साक्षात अनुभव

रथ की रस्सी थामते हुए बोले विधायक डॉ संपत अग्रवाल-जगन्नाथ पुरी की अनुभूति आज बसना की धरती पर जीवंत हो उठी

बहुड़ा रथयात्रा में शामिल हुए विधायक डॉ. संपत अग्रवाल,बोले-धार्मिक ऊर्जा ने मन को भावविभोर कर दिया

बसना के थाना परिसर से बहुड़ा रथयात्रा में श्रद्धा का सैलाब उमड़ पड़ा। रथयात्रा ने पूरा नगर भ्रमण किया। यह आयोजन न केवल धार्मिक महत्त्व रखता है बल्कि क्षेत्रीय सांस्कृतिक चेतना को भी जीवंत करता है। रथयात्रा में श्री राम जानकी मंदिर अध्यक्ष एवं क्षेत्रीय विधायक डॉ. संपत अग्रवाल ने विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की। विधायक डॉ. संपत अग्रवाल ने भगवान श्री जगन्नाथ, भाई बलभद्र और माता सुभद्रा की रथयात्रा में भाग लेकर रथ की रस्सी खींची। रथयात्रा के साथ मृदंग, मंजीरा, घंटा एवं शंख की सुमधुर ध्वनि से वातावरण भक्तिमय हो उठा। जयघोषों के बीच श्रद्धालुओं की सहभागिता ने यात्रा को दिव्यता से भर दिया।

विधायक डॉ अग्रवाल ने कहा कि बसना की बहुड़ा यात्रा को देखकर पुरी की रथयात्रा का आभास होता है।उन्होंने कहा बहुड़ा यात्रा दरअसल भगवान जगन्नाथ की “वापसी यात्रा” का पर्व है, जब वे नौ दिन के प्रवास के बाद गुंडिचा मंदिर से अपने मूल मंदिर लौटते हैं। यह धार्मिक अनुष्ठान भक्तों के लिए आत्मशुद्धि और सेवा का विशेष अवसर होता है।

विधायक डॉ. अग्रवाल ने कहा यह पर्व सनातन संस्कृति और भगवान राम व श्रीकृष्ण के सार्वभौमिक संदेश को जन-जन तक पहुंचाता है। गुंडिचा मंदिर भगवान की मौसी का घर माना जाता है, जहाँ उन्हें विशेष पकवान अर्पित किए जाते हैं। यह वापसी यात्रा भावनात्मक पुनर्मिलन का प्रतीक है, जो भक्तों में एक अलग ऊर्जा का संचार करता है।

इस पावन अवसर पर भाजपा मंडल अध्यक्ष नरेंद्र यादव, महामंत्री दीपक शर्मा,उर्मिला सरोज पटेल समेत बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। इस आयोजन ने धर्म, संस्कृति और जनभावना का अद्भुत समन्वय प्रस्तुत किया।

सम्पूर्ण यात्रा एक सांस्कृतिक उत्सव बन गई जहां आस्था, परंपरा और सामाजिक एकता ने मिलकर भक्तिभाव का उत्सव रचा।

महासमुंद/स्कूल शिक्षा विभाग समग्र शिक्षा के द्वारा जिला महासमुंद में 4.15 लाख नि: शुल्क पुस्तक वितरित

महासमुंद/स्कूल शिक्षा विभाग समग्र शिक्षा के द्वारा जिला महासमुंद में 4.15 लाख नि: शुल्क पुस्तक वितरित

 

पुस्तक पाकर बच्चे खुशी से झूम उठे

महासमुन्द कलेक्टर श्री विनय लंगेह के मार्गदर्शन में जिले के 1.44 लाख छात्र छात्राओं को 4.15 लाख पुस्तक वितरण किया गया है।जिला शिक्षा अधिकारी श्री विजय लहरे एवं जिला मिशन समन्वयक समग्र शिक्षा श्री रेखराज शर्मा ने बताया कि नि: शुल्क पाठ्य पुस्तक कक्षा पहली से दसवीं के सभी छात्रों प्रदाय किया जा रहा है जिसमें अशासकीय विद्यालयों के छात्रों को भी नि: शुल्क पाठ्य पुस्तक दिया जाएगा ।संकुल समन्वयक आरिफ बेग संकुल केंद्र अंकोरी विकासखण्ड बसना द्वारा पुस्तक वितरण का अवलोकन किया गया। विद्यालय शासकीय प्राथमिक शाला परगला की कुल दर्ज संख्या 51 हैं शाला मे 2 शिक्षक पदस्थ हैं प्रधान पाठक के रूप मे श्री सदाशिव चौहान (भूतपूर्व सैनिक )पदस्थ हैं शाला को युक्तियुक्तकरण मे वर्तमान मे एक और शिक्षक श्री खीरसागर भोई प्राप्त हुआ है।शासकीय प्राथमिक शाला परगला छत्तीसगढ़ की अंतिम सीमा मे बसा हुआ ग्राम पंचायत पलसा पाली का आश्रित ग्राम हैं इसके पश्चात उड़ीसा राज्य की सीमा प्रारम्भ हो जाती हैं वहां कक्षा 2 री के बच्चों को पुस्तक मिला तो छात्र गजेन्द्र नायक सहित सभी छात्र खुशी से झूम उठे।

महासमुंद / 10 पदो के भर्ती के लिए आवेदन 21 जुलाई तक / गुमशुदा बच्चों और बच्चों के खिलाफ होने वाले अन्य अपराधों के लिए रिक्त आरक्षी केन्द्रों तथा लीगल एड क्लिीनिकों में एक-एक पैरालिगल वॉलिटिंयर की नियुक्ति की जाएगी।

महासमुंद / 10 पदो के भर्ती के लिए आवेदन 21 जुलाई तक / गुमशुदा बच्चों और बच्चों के खिलाफ होने वाले अन्य अपराधों के लिए रिक्त आरक्षी केन्द्रों तथा लीगल एड क्लिीनिकों में एक-एक पैरालिगल वॉलिटिंयर की नियुक्ति की जाएगी।

महासमुंद 05 जुलाई 2025/ नालसा एवं छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, बिलासपुर एवं गुमशुदा बच्चों और बच्चों के खिलाफ होने वाले अन्य अपराधों के लिए रिक्त आरक्षी केन्द्रों तथा लीगल एड क्लिीनिकों में एक-एक पैरालिगल वॉलिटिंयर की नियुक्ति की जाएगी। जिसके लिए इच्छुक अभ्यर्थियों से 21 जुलाई 2025 तक आवेदन मंगाए गए है। पैरालिगल वंालिटिंयर का कार्यदिवस एवं मानदेय के संबंध में नालसा एवं छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, बिलासपुर द्वारा निर्धारण के अनुसार मानदेय का भुगतान किया जाएगा। पैरालिगल वॉलेटियर की नियुक्ति हेतु आवश्यक

योग्यता कक्षा 12वीं उत्तीर्ण, कम्प्युटर, मोबाईल एवं इंटरनेट का पर्याप्त ज्ञान होना एवं विधिक सेवा का कार्य करने की इच्छुक होना आवश्यक है। आरक्षी केन्द्रो से संबंधित एवं उनके नजदीक के युवक युवतियों, समाज सेवी, सेवा निवृत्त शासकीय कर्मचारी एवं विधि छात्रों को प्राथमिकता दी जाएगी। पैरालिगल वॉलिटिंयर के रिक्त 10 पदों के भर्ती के संबंध में विस्तृत जानकारी एवं आवेदन का प्रारूप जिला न्यायालय महासमुंद के शासकीय वेबसाईट

https:/mahasamundund.dcourts.gov.in से प्राप्त किया जा सकता है। अतः इच्छुक व्यक्ति जो उपरोक्त योग्यता रखता है वह दिनांक 21 जुलाई 2025 के साय 5 बजे तक अपना आवेदन रजिस्टार्ड डाक, कोरियर तथा व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर जिला न्यायालय परिसर, एडीआर भवन विधिक सेवा प्राधिकरण महासमुंद के कार्यालय में प्रस्तुत कर सकता है।

टोल की कीमतों में 50% तक की कटौती का ऐलान, सरकार ने जारी की अधिसूचना, चेक करें डिटेल्स

टोल की कीमतों में 50% तक की कटौती का ऐलान, सरकार ने जारी की अधिसूचना, चेक करें डिटेल्स

केंद्र सरकार ने उन नेशनल हाईवे पर टोल टैक्स में 50% तक की कटौती की है, जहां 50% से ज्यादा हिस्सा ब्रिज, टनल या फ्लाईओवर से बना है. इससे रोजाना यात्रा करने वाले यात्रियों और कमर्शियल वाहनों को बड़ी राहत मिलेगी.

नेशनल हाईवे पर सफर करने वाले लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर है. दरअसल केंद्र सरकार ने उन हाईवे हिस्सों पर टोल टैक्स में 50% तक की कटौती की है जहां रास्ते का बड़ा हिस्सा पुल (ब्रिज), सुरंग (टनल), फ्लाईओवर या एलिवेटेड स्ट्रक्चर से बना है. यह नया नियम लागू हो चुका है और इसका असर जल्द ही दिखने लगेगा.

अब अगर आप ऐसे हाईवे पर सफर कर रहे हैं जहां 50% से ज्यादा हिस्सा किसी विशेष संरचना से बना है, तो आपको पहले के मुकाबले आधा टोल देना होगा. इसका सबसे बड़ा फायदा आम यात्रियों और कमर्शियल वाहनों को मिलेगा जो इन रास्तों पर रोजाना सफर करते हैं.

क्या बदला है नियम में?
नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) के एक सीनियर अफसर के मानें तो पुराने नियमों के कारण हर किलोमीटर में किसी स्पेशल इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए सामान्य टोल फीस का 10 गुना चार्ज देना पड़ता था. यह तरीका उस इंफ्रास्ट्रक्चर की लागत पूरा करने के लिए बनाया गया था. लेकिन अब सरकार जो नया नियम लेकर आई है उसमें यह टोल टैक्स करीब 50% तक घट जाएगा.

टोल टैक्स कम करने का फॉर्मूला क्या है?
नए नियम में दो फॉर्मूले अपनाये गए हैं. इसमें पहला है पुल, सुरंग या फ्लाईओवर जैसी संरचना की वास्तविक लंबाई को 10 गुना करके सामान्य सड़क की लंबाई में जोड़ना और दूसरा फॉर्मूला है उस पूरे हिस्से की लंबाई को 5 गुना करके टोल तय करना. इनमें से जो फॉर्मूला कम टोल निकालेगा, उसे ही लागू किया जाएगा.

किसे मिलेगा सबसे ज्यादा फायदा?
इस बदलाव से उन लोगों को फायदा मिलेगा जो ऐसे रूट पर सफर करते हैं जहां एलिवेटेड हिस्से या फ्लाईओवर की संख्या ज्यादा है. उदाहरण के तौर पर द्वारका एक्सप्रेसवे की बात करें तो वहां पहले ₹317 तक टोल लगता था, जो अब घटकर लगभग ₹153 हो सकता है.

सरकार ने क्यों लिया यह फैसला?
इस फैसले के पीछे सरकार का मकसद हाईवे पर यात्रा करने वालों को राहत देना है. विशेष निर्माण वाले हिस्सों पर अब तक भारी टोल वसूला जाता था, जो यात्रियों की जेब पर सीधा असर डालता था। सरकार चाहती है कि शहरों के आसपास बने हाई-स्पीड कॉरिडोर और बाइपास पर सफर सस्ता और सुविधाजनक हो.

क्या यह हर हाईवे पर लागू होगा?
नहीं, यह नया नियम केवल उन्हीं हाईवे पर लागू होगा जहां ढांचागत निर्माण (जैसे ब्रिज, टनल आदि) 50% से ज्यादा हो। सामान्य राजमार्गों पर टोल टैक्स की दरें पहले की तरह ही रहेंगी.

कब से दिखेगा असर?
नया नियम लागू किया जा चुका है और इसका असर जल्द ही दिखाई देगा. जिन हाईवे पर ज्यादा टोल वसूला जा रहा था, वहां टोल स्लैब में कटौती शुरू हो चुकी है. सरकार के इस फैसले से देशभर में लाखों यात्रियों को सीधी राहत मिलेगी. खासकर मेट्रो शहरों के आस-पास बनाए गए एलिवेटेड कॉरिडोर और हाईटेक एक्सप्रेसवे पर सफर करने वालों की जेब अब कुछ हल्की होगी. आने वाले दिनों में और भी हाईवे इस दायरे में आ सकते हैं…..इस आर्टिकल का सार दो लाइन में बतायें

बसना/ बेटी दामाद कर रहे थे बस का इंतजार रायपुर की तरफ से आ रहा होण्डई कार ने मारी ठोकर रायपुर रिफर

बसना/ बेटी दामाद कर रहे थे बस का इंतजार रायपुर की तरफ से आ रहा होण्डई कार ने मारी ठोकर रायपुर रिफर

थाना बसना ग्राम रेमडा का निवासी हूं खेती किसानी का काम करता हूं कि दिनांक 30/06/2025 को मेरी बेटी एवं दामाद मेरे घर आये थे जिन्हे बस से रायपुर जाना था जो दोपहर करीबन 02/00 बजे मेरे दामाद शीशराम यादव मेरे मोटर सायकल होण्डा ड्रीम नियो क्र CG06GM1228 से उनके सामान को NH53 रोड के पास जहां से बस चढना था छोडने गया था वापस आने के लिए अपने मोटर सायकल को मोड रहा था तभी उसी समय रायपुर की ओर से आ रही होण्डई वेन्यु कार क्रमांक CG06GT7825 का चालक अपने वाहन को उपेक्षापूर्ण एवं लापरवाही पूर्वक चलाते हुये ठोकर मारकर एक्सीडेंट कर दिया जिससे मेरा दामाद मोटर सायकल सहित गिर गया।

जिससे उसके सिर, चेहरा, कंधा एवं पैर के पास चोंट आया एवं मोटर सायकल क्षतिग्रस्त हो गया मेरे दामाद को ईलाज कराने हेतु प्राईवेट वाहन से सरकारी अस्पताल बसना लाये डांक्टर द्वारा प्रारंभिक ईलाज करने बाद रिफर करने से ईलाज हेतु शंकरा अस्पताल रायुपर ले गये बाद ईलाज के आज दिनांक को थाना आकर रिपोर्ट करता हूं कार्यवाही चाहता हूं रिपोर्ट धारा थाना ने 184-MOT, 125(a)-BNS, 281-BNS के तहत् मामला दर्ज किया गया है

छत्तीसगढ़ में लगातार बारिश के बाद खतरों को देखते हुए बिजली विभाग ने जारी की एडवाइजरी,

 

सीएसपीडीसीएल के कार्यपालक निदेशक जेएस नेताम ने मार्गदर्शिका जारी करते हुए कहा है कि असावधानी की वजह से करंट बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकता है, इसलिए विद्युत लाइनों, ट्रांसफार्मर व उपकरणों के साथ किसी भी तरह की छेड़छाड़ न करें और सुरक्षित दूरी बनाकर रखें। यदि आंधी-तूफान में खंबे, तार आदि टूटे हों, तो इसकी सूचना तत्काल कंपनी के टोल फ्री नं. 1912 पर, मोर बिजली ऐप और समीप के वितरण केंद्र या जोन कार्यालय में दें।

बरसात के मौसम की शुरुआत से पहले से विभाग द्वारा सभी फीडरों, ट्रांसफॉर्मरों और तारों की जांच की जा चुकी है। लेकिन, नागरिकों की सतर्कता भी उतनी ही जरूरी है। बाड़ी-खेतों की बाढ़ कंटीले तार आदि में विद्युत प्रवाहित न करें। यह अनाधिकृत है, विभाग द्वारा खेत या बाड़ी के मालिक पर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

आम लोग बरतें यह सावधानी
करंट लगने की आशंका होने पर तुरंत बिजली विभाग को सूचित करें

जहां बिजली के तार या उपकरण हो वहां बारिश के पानी में करंट फैल सकता है, इसलिए पानी में न चलें या न तैरें।

बिजली के उपकरणों का उपयोग करते समय, सुनिश्चित करें कि आपके पैर सूखे हों और आप रबर या प्लास्टिक के जूते पहने हों।

घरों-खेतों आदि में बिजली के गुणवत्तापूर्ण उपकरणों का उपयोग करें।

विद्युत लाइनों, उपकरणों, ट्रांसफॉर्मर आदि में खराबी आने पर उनको सुधारने का प्रयास न करें और विभाग के संबंधित कर्मचारी-अधिकारी को सूचित करें।

बिजली की लाइनों के नीचे और उनके समीप बिलकुल स्थायी या अस्थायी निर्माण ना करें। विद्युत लाइनों से सुरक्षित दूरी बनाए रखें।

बिजली का तार टूटकर जमीन पर गिरा पाया जाता है, तो उससे दूर रहे और तत्काल संबंधित लाइनमैन-कनिष्ठ अभियंता को सूचना देकर विद्युत प्रवाह बंद कराएं।

नदी, नालों, तालाबों आदि में बिजली का तार टूटकर गिरा पाए जाने पर उनके अंदर न जाए और पर्याप्त दूरी बनाए रखें।

विद्युत लाइनों से सीधे हुकिंग कर बिजली का अनाधिकृत उपयोग न करें, यह खतरनाक हो सकता है।

कपड़े सुखाने के लिए बिजली के खंभे और स्टे तार आदि का उपयोग ना करें। कपड़े सुखाने वाले तार की विद्युत उपकरणों-लाइनों से पर्याप्त दूरी रखें।

विद्युत लाइनों से छेड़छाड़ न करें व कटी-फटी सर्विस लाइनों का उपयोग न करें।

बच्चों को विद्युत उपकरणों-लाइनों के आसपास न खेलने दें।

प्रारंभिक तौर पर खतरा दिखाई पड़े, तो पॉवर स्विच से विद्युत प्रवाह तुरंत बंद कर दें। यदि स्विच बंद न कर सकें तो दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति को सूखी रस्सी, सूखा कपड़ा या सूखी लकड़ी की सहायता से तारों से अलग करें।

दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति को सूखी जमीन या सूखे फर्श पर लिटाए और कृत्रिम सांस देकर उसका प्रथम उपचार करें व अस्पताल पहुंचाने की शीघ्र व्यवस्था करें।

 

छत्तीसगढ़ में मानसून ने पूरी तरह दस्तक दे दी है और प्रदेश के कई हिस्सों में लगातार बारिश हो रही है, जिससे आम जनजीवन पर असर पड़ा है। खासकर उत्तर छत्तीसगढ़ और सरगुजा संभाग में भारी बारिश के चलते नदियों का जलस्तर बढ़ गया है और बाढ़ जैसी स्थिति बन रही है।

बस्तर और बिलासपुर संभाग के कई जिलों में भी दक्षिण-पश्चिम मानसून के प्रभाव से बुधवार को अच्छी बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग ने अगले पांच दिनों के लिए भारी बारिश की चेतावनी जारी की है, विशेषकर उत्तर छत्तीसगढ़ में। प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने की अपील की है।

CG Weather Alert: लोगों को सतर्क रहने की अपील
मौसम के ताजा आंकड़ों के अनुसार, बुधवार को अंबिकापुर में अधिकतम तापमान 30.6 डिग्री सेल्सियस और पेंड्रारोड में न्यूनतम तापमान 21.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बीते 24 घंटों में सबसे ज्यादा बारिश मनकिया में 11 मिमी हुई है।

इसके अलावा तमनार में 9 मिमी, मानपुर में 8 मिमी, अकलतरा, कटघोरा और पखांजूर में 7-7 मिमी, जबकि राजनांदगांव, पत्थलगांव, लोरमी, बालोदाबाजार, कांकेर, गुंडरदेही, डौंडीलोहारा में भी अच्छी बारिश दर्ज की गई है। लोगों से अपील की गई है कि वे मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करें और सावधानी बरतें, खासकर नदी-नालों और जलजमाव वाले इलाकों में।