डेस्क। गोरखपुर से अजब-गजब मामला सामने आया है। जहां दो महिलाओं ने अपने शराबी पतियों से तंग आकर घर छोड़ दिया और आपस में ही शादी रचा दी। दोनों महिलाएं सोशल मीडिया के माध्यम से एक-दूसरे से जुड़ी थी और एक जैसा दर्द उन्हें एक-दूसरे के करीब ले आया। जिसके बाद दोनों ने साथ जीवन बिताने का फैसला किया। शिव मंदिर में लिए सात फेरे गोरखपुर में गुरुवार शाम छोटी काशी कहे जाने वाले शिव मंदिर में कविता और गुंजा उर्फ बबलू नाम की दो महिलाओं ने एक-दूसरे से विवाह किया।मंदिर में गुंजा ने दूल्हे की भूमिका निभाई, कविता को सिंदूर लगाया और उन्होंने सात फेरे पूरे किए। महिलाओं ने जीवन भर एक-दूसरे का साथ निभाने की कसम खाई। उन्होंने बताया कि वे दोनों पहली बार इंस्टाग्राम पर मिली थी। दोनों को अपने शराबी जीवनसाथियों के हाथों घरेलू हिंसा सहनी पड़ी। समान परिस्थितियों के कारण वे एक-दूसरे के करीब आ गईं। गुंजा ने कहा, “हम अपने पतियों के शराब पीने और उनके द्वारा दुर्व्यवहार किए जाने से परेशान थे। इसने हमें शांति और प्रेम का जीवन चुनने के लिए मजबूर किया। हमने गोरखपुर में एक जोड़े के रूप में रहने और जीवनयापन के लिए काम करने का फैसला किया है।” मंदिर के पुजारी उमा शंकर पांडे ने कहा कि महिलाओं ने माला और सिंदूर खरीदा, अनुष्ठान किया।

डेस्क। गोरखपुर से अजब-गजब मामला सामने आया है। जहां दो महिलाओं ने अपने शराबी पतियों से तंग आकर घर छोड़ दिया और आपस में ही शादी रचा दी। दोनों महिलाएं सोशल मीडिया के माध्यम से एक-दूसरे से जुड़ी थी और एक जैसा दर्द उन्हें एक-दूसरे के करीब ले आया। जिसके बाद दोनों ने साथ जीवन बिताने का फैसला किया।

शिव मंदिर में लिए सात फेरे

गोरखपुर में गुरुवार शाम छोटी काशी कहे जाने वाले शिव मंदिर में कविता और गुंजा उर्फ बबलू नाम की दो महिलाओं ने एक-दूसरे से विवाह किया।मंदिर में गुंजा ने दूल्हे की भूमिका निभाई, कविता को सिंदूर लगाया और उन्होंने सात फेरे पूरे किए। महिलाओं ने जीवन भर एक-दूसरे का साथ निभाने की कसम खाई। उन्होंने बताया कि वे दोनों पहली बार इंस्टाग्राम पर मिली थी। दोनों को अपने शराबी जीवनसाथियों के हाथों घरेलू हिंसा सहनी पड़ी। समान परिस्थितियों के कारण वे एक-दूसरे के करीब आ गईं।

गुंजा ने कहा, “हम अपने पतियों के शराब पीने और उनके द्वारा दुर्व्यवहार किए जाने से परेशान थे। इसने हमें शांति और प्रेम का जीवन चुनने के लिए मजबूर किया। हमने गोरखपुर में एक जोड़े के रूप में रहने और जीवनयापन के लिए काम करने का फैसला किया है।” मंदिर के पुजारी उमा शंकर पांडे ने कहा कि महिलाओं ने माला और सिंदूर खरीदा, अनुष्ठान किया।डेस्क। गोरखपुर से अजब-गजब मामला सामने आया है। जहां दो महिलाओं ने अपने शराबी पतियों से तंग आकर घर छोड़ दिया और आपस में ही शादी रचा दी। दोनों महिलाएं सोशल मीडिया के माध्यम से एक-दूसरे से जुड़ी थी और एक जैसा दर्द उन्हें एक-दूसरे के करीब ले आया। जिसके बाद दोनों ने साथ जीवन बिताने का फैसला किया।

शिव मंदिर में लिए सात फेरे

गोरखपुर में गुरुवार शाम छोटी काशी कहे जाने वाले शिव मंदिर में कविता और गुंजा उर्फ बबलू नाम की दो महिलाओं ने एक-दूसरे से विवाह किया।मंदिर में गुंजा ने दूल्हे की भूमिका निभाई, कविता को सिंदूर लगाया और उन्होंने सात फेरे पूरे किए। महिलाओं ने जीवन भर एक-दूसरे का साथ निभाने की कसम खाई। उन्होंने बताया कि वे दोनों पहली बार इंस्टाग्राम पर मिली थी। दोनों को अपने शराबी जीवनसाथियों के हाथों घरेलू हिंसा सहनी पड़ी। समान परिस्थितियों के कारण वे एक-दूसरे के करीब आ गईं।

गुंजा ने कहा, “हम अपने पतियों के शराब पीने और उनके द्वारा दुर्व्यवहार किए जाने से परेशान थे। इसने हमें शांति और प्रेम का जीवन चुनने के लिए मजबूर किया। हमने गोरखपुर में एक जोड़े के रूप में रहने और जीवनयापन के लिए काम करने का फैसला किया है।” मंदिर के पुजारी उमा शंकर पांडे ने कहा कि महिलाओं ने माला और सिंदूर खरीदा, अनुष्ठान किया।

किसान PM-KISAN पोर्टल पर जाकर “Beneficiary Status” सेक्शन में अपना आधार नंबर, मोबाइल नंबर या बैंक खाता नंबर दर्ज कर सकते हैं. कृषकों को सलाह दी जाती है कि वे ई-केवाईसी और अन्य जरूरी प्रक्रियाएं जल्द से जल्द पूरी करें ताकि 19वीं किस्त का लाभ समय पर मिल सके.

किसान PM-KISAN पोर्टल पर जाकर “Beneficiary Status” सेक्शन में अपना आधार नंबर, मोबाइल नंबर या बैंक खाता नंबर दर्ज कर सकते हैं.

कृषकों को सलाह दी जाती है कि वे ई-केवाईसी और अन्य जरूरी प्रक्रियाएं जल्द से जल्द पूरी करें ताकि 19वीं किस्त का लाभ समय पर मिल सके.किसान PM-KISAN पोर्टल पर जाकर “Beneficiary Status” सेक्शन में अपना आधार नंबर, मोबाइल नंबर या बैंक खाता नंबर दर्ज कर सकते हैं.

कृषकों को सलाह दी जाती है कि वे ई-केवाईसी और अन्य जरूरी प्रक्रियाएं जल्द से जल्द पूरी करें ताकि 19वीं किस्त का लाभ समय पर मिल सके.

CG: धान खाली कर वापस जा रही ट्रैक्टर नदी में गिरी, पूर्व सरपंच के बेटे की मौत

सरपंच रामलाल धुर्वे का पुत्र था, की मौके पर ही मौत हो गई। घटना से क्षेत्र में दहशत फैल गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत बेलगहना पुलिस चौकी को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है।

 

मिली जानकारी के अनुसार, पुल के दोनों किनारों पर बैरिकेड न होने के कारण यह हादसा हुआ। स्थानीय लोग इस समस्या की ओर पहले भी ध्यान आकर्षित कर चुके थे, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। यह घटना पुल की खामियों और सुरक्षा उपायों की कमी को उजागर करती है।सरपंच रामलाल धुर्वे का पुत्र था, की मौके पर ही मौत हो गई। घटना से क्षेत्र में दहशत फैल गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत बेलगहना पुलिस चौकी को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है।

मिली जानकारी के अनुसार, पुल के दोनों किनारों पर बैरिकेड न होने के कारण यह हादसा हुआ। स्थानीय लोग इस समस्या की ओर पहले भी ध्यान आकर्षित कर चुके थे, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। यह घटना पुल की खामियों और सुरक्षा उपायों की कमी को उजागर करती है।

5,000 से 7,000 रुपये प्रति लीटर तक बिकता है गधी का दूध, जाने क्या है खासियत

दूध से पैसा कमाने के लिए लोग गाय, भैंस, और बकरियां पालते हैं, लेकिन गधी का दूध एक अनोखा विकल्प है, जिसकी कीमत 5,000 से 7,000 रुपये प्रति लीटर तक होती है. गधी का दूध अपने पोषक तत्वों और ब्यूटी प्रोडक्ट्स में उपयोग के लिए जाना जाता है.

गधी के दूध का बिजनेस एक अनोखा और लाभकारी विकल्प है. इसकी उच्च कीमत और बढ़ती मांग के कारण यह व्यापारिक दृष्टिकोण से बेहद फायदेमंद हो सकता है. अगर आप एक नया और प्रभावशाली बिजनेस आइडिया खोज रहे हैं, तो यह आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है.

गधी के दूध की खासियत

गधी का दूध कम मात्रा में मिलता है, लेकिन इसमें कई एंटीऑक्सीडेंट और पोषक तत्व पाए जाते हैं. यह एंटी-एजिंग के लिए बेहद उपयोगी है और लंबे समय तक सुरक्षित रहता है.

इसके फायदे:

स्किन केयर में उपयोग.

ब्लड शुगर और ब्लड सर्कुलेशन में सुधार.

स्वास्थ्य और ब्यूटी प्रोडक्ट्स में उपयोगी.

गुजरात के धीरेन की Business Idea की कहानी

गुजरात के पाटन में धीरेन ने नौकरी की असफलता के बाद गधी के दूध का बिजनेस शुरू किया. उन्होंने एक डंकी फर्म खोली और शुरुआत 20 गधों से की. अब उनके पास 42 से अधिक गधे हैं, जिनमें मादा गधों की संख्या ज्यादा है.
धीरेन कर्नाटक और केरल में गधी के दूध की आपूर्ति करते हैं. उनके ग्राहक कॉस्मेटिक कंपनियां हैं, जो इसे अपने उत्पादों में इस्तेमाल करती हैं.

गधी के दूध की बढ़ती डिमांड

गधी के दूध की मांग दक्षिण भारत और कॉस्मेटिक उद्योग में काफी अधिक है. राजस्थान और गुजरात जैसे राज्यों में गधी के दूध का बड़ा कारोबार हो रहा है.

राजस्थान: यहां खरानी नस्ल की गधी का दूध लोकप्रिय है.

गुजरात: हलारी गधी के दूध की मांग सबसे अधिक है.

कैसे शुरू करें गधी के दूध का Business?

गधों की नस्ल चुनें: स्थानीय नस्लें, जैसे हलारी या खरानी गधी, बेहतर विकल्प हो सकती हैं.

डंकी फॉर्म kholna : शुरुआत में 10-20 गधों से शुरू करें.

ग्राहक खोजें: ब्यूटी प्रोडक्ट्स कंपनियां और दक्षिण भारत में संभावित बाजार की पहचान करें.

देखभाल और रखरखाव: गधों की सही देखभाल और उनके स्वास्थ्य पर ध्यान दें.

गधी के दूध में कौन से पोषक तत्व होते हैं?

गधी के दूध में प्रोटीन, एंटी-माइक्रोबियल गुण, इम्युनोग्लोबुलिन, लैक्टिक एसिड, विटामिन ई, और लेक्टोफ़ेरिन (एंटीऑक्सीडेंट) होते हैं, जो स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होते हैं.

गधी के दूध के क्या स्वास्थ्य लाभ हैं?

गधी का दूध पेट संबंधी समस्याओं, सांस संबंधी रोगों और काली खांसी में मदद करता है. यह त्वचा के लिए भी फायदेमंद है, क्योंकि इसमें एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं.

गधी के दूध का इस्तेमाल किसके लिए किया जाता है?

गधी के दूध का उपयोग सौंदर्य प्रसाधनों (जैसे साबुन और मॉइस्चराइज़र) और दवाओं के निर्माण में किया जाता है. इसके अलावा, इसका इस्तेमाल पनीर बनाने में भी किया जाता है.

गधी के दूध के स्वास्थ्य लाभ त्वचा के लिए कैसे हैं?

गधी के दूध में मौजूद लेक्टोफ़ेरिन नामक एंटीऑक्सीडेंट त्वचा को नमी प्रदान करता है और उसे स्वस्थ बनाए रखने में मदद करता है.

गधी के दूध का प्रयोग किस प्रकार की दवाओं में किया जाता है?

गधी के दूध से बनी दवाएं काली खांसी जैसे श्वसन संबंधी रोगों के इलाज में इस्तेमाल होती हैं.

गधी के दूध की मांग कहां ज्यादा है?

गधी के दूध की मांग विशेष रूप से दक्षिण भारतीय राज्यों में अधिक है.दूध से पैसा कमाने के लिए लोग गाय, भैंस, और बकरियां पालते हैं, लेकिन गधी का दूध एक अनोखा विकल्प है, जिसकी कीमत 5,000 से 7,000 रुपये प्रति लीटर तक होती है. गधी का दूध अपने पोषक तत्वों और ब्यूटी प्रोडक्ट्स में उपयोग के लिए जाना जाता है.

गधी के दूध का बिजनेस एक अनोखा और लाभकारी विकल्प है. इसकी उच्च कीमत और बढ़ती मांग के कारण यह व्यापारिक दृष्टिकोण से बेहद फायदेमंद हो सकता है. अगर आप एक नया और प्रभावशाली बिजनेस आइडिया खोज रहे हैं, तो यह आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है.


गधी के दूध की खासियत

गधी का दूध कम मात्रा में मिलता है, लेकिन इसमें कई एंटीऑक्सीडेंट और पोषक तत्व पाए जाते हैं. यह एंटी-एजिंग के लिए बेहद उपयोगी है और लंबे समय तक सुरक्षित रहता है.

इसके फायदे:

स्किन केयर में उपयोग.

ब्लड शुगर और ब्लड सर्कुलेशन में सुधार.

स्वास्थ्य और ब्यूटी प्रोडक्ट्स में उपयोगी.


गुजरात के धीरेन की Business Idea की कहानी

गुजरात के पाटन में धीरेन ने नौकरी की असफलता के बाद गधी के दूध का बिजनेस शुरू किया. उन्होंने एक डंकी फर्म खोली और शुरुआत 20 गधों से की. अब उनके पास 42 से अधिक गधे हैं, जिनमें मादा गधों की संख्या ज्यादा है.
धीरेन कर्नाटक और केरल में गधी के दूध की आपूर्ति करते हैं. उनके ग्राहक कॉस्मेटिक कंपनियां हैं, जो इसे अपने उत्पादों में इस्तेमाल करती हैं.


गधी के दूध की बढ़ती डिमांड

गधी के दूध की मांग दक्षिण भारत और कॉस्मेटिक उद्योग में काफी अधिक है. राजस्थान और गुजरात जैसे राज्यों में गधी के दूध का बड़ा कारोबार हो रहा है.

राजस्थान: यहां खरानी नस्ल की गधी का दूध लोकप्रिय है.

गुजरात: हलारी गधी के दूध की मांग सबसे अधिक है.


कैसे शुरू करें गधी के दूध का Business?

गधों की नस्ल चुनें: स्थानीय नस्लें, जैसे हलारी या खरानी गधी, बेहतर विकल्प हो सकती हैं.

डंकी फॉर्म kholna : शुरुआत में 10-20 गधों से शुरू करें.

ग्राहक खोजें: ब्यूटी प्रोडक्ट्स कंपनियां और दक्षिण भारत में संभावित बाजार की पहचान करें.

देखभाल और रखरखाव: गधों की सही देखभाल और उनके स्वास्थ्य पर ध्यान दें.

गधी के दूध में कौन से पोषक तत्व होते हैं?

गधी के दूध में प्रोटीन, एंटी-माइक्रोबियल गुण, इम्युनोग्लोबुलिन, लैक्टिक एसिड, विटामिन ई, और लेक्टोफ़ेरिन (एंटीऑक्सीडेंट) होते हैं, जो स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होते हैं.

गधी के दूध के क्या स्वास्थ्य लाभ हैं?

गधी का दूध पेट संबंधी समस्याओं, सांस संबंधी रोगों और काली खांसी में मदद करता है. यह त्वचा के लिए भी फायदेमंद है, क्योंकि इसमें एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं.

गधी के दूध का इस्तेमाल किसके लिए किया जाता है?

गधी के दूध का उपयोग सौंदर्य प्रसाधनों (जैसे साबुन और मॉइस्चराइज़र) और दवाओं के निर्माण में किया जाता है. इसके अलावा, इसका इस्तेमाल पनीर बनाने में भी किया जाता है.

गधी के दूध के स्वास्थ्य लाभ त्वचा के लिए कैसे हैं?

गधी के दूध में मौजूद लेक्टोफ़ेरिन नामक एंटीऑक्सीडेंट त्वचा को नमी प्रदान करता है और उसे स्वस्थ बनाए रखने में मदद करता है.

गधी के दूध का प्रयोग किस प्रकार की दवाओं में किया जाता है?

गधी के दूध से बनी दवाएं काली खांसी जैसे श्वसन संबंधी रोगों के इलाज में इस्तेमाल होती हैं.

गधी के दूध की मांग कहां ज्यादा है?

गधी के दूध की मांग विशेष रूप से दक्षिण भारतीय राज्यों में अधिक है.

रायपुर में मेयर पद के लिए दिग्गजों ने भी ठोंकी दावेदारी, 26 तक नाम घोषित करने की तैयारी

महापौर पद के लिए कुछ दिग्गज नेता दिल्ली तक दौड़ शुरू कर चुके हैं। चर्चा है कि प्रदेश कमेटी के पास जब उनकी गोटी फिट होते दिखाई नहीं दी तो उन्होंने दिल्ली से टिकट लेकर आने की ठान ली है।

महापौर के पद पर चुनाव लड़ने के लिए पार्टियों की दिग्गज नेत्रियों ने भी दावेदारी ठोंक दी है। इसके बाद अब कमेटियों के शीर्ष नेतृत्व के लिए नाम फाइनल करना चुनौती पूर्ण हो गया है।

अंदर ही अंदर खबर है कि कांग्रेस से जहां दिग्गज नेता की पत्नी को टिकट दिया जा सकता है। वहीं, बीजेपी में दो की लड़ाई का फायदा तीसरे वर्ग को मिल सकता है। हालांकि, किसकी दावेदारी चयनकर्ताओं को प्रभावित करती है, इसका राजफाश 26 तक होने की संभावना है।

वहीं, पार्षद के दावेदार प्रत्याशियों ने दोहरी दावेदारी शुरू कर दी है। वार्ड के आरक्षित होने के कारण वे स्वयं दूसरे वार्ड से दावेदारी कर रहे हैं। जहां वार्ड महिला आरक्षित हुआ है वहां घर की महिला सदस्य के लिए टिकट मांग रहे हैं। कुछ ने तो मेयर के लिए भी अपनी पत्नी का नाम आगे बढ़ा दिया है।

दिल्ली तक दौड़ लगा रहे हैं नेता

महापौर पद के लिए कुछ दिग्गज नेता दिल्ली तक दौड़ शुरू कर चुके हैं। चर्चा है कि प्रदेश कमेटी के पास जब उनकी गोटी फिट होते दिखाई नहीं दी तो उन्होंने दिल्ली से टिकट लेकर आने की ठान ली है।

नगर निगम के 70 वार्डों में पहचान के साथ नाम स्थापित करने वाले व्यक्ति को टिकट देने के पक्ष में कमेटी के वरिष्ठ सदस्य सुझाव दे रहे हैं। मगर, पहुंच लगाकर टिकट लेने की पूरी कोशिश की जा रही है।

वहीं, जिन्हें टिकट मिलने की पूरी उम्मीद है, वे भी दक्षिण के उपचुनाव में हुए फैसले के बाद कुछ भी होने की संभावना जता रहे हैं।

निर्दलियों ने शुरू किया प्रचार

निर्दलीय चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों ने अपना प्रचार-प्रसार शुरू कर दिया है। प्रत्याशियों की माने तो उनके लिए टिकट मिलने व संगठन का सहयोग मिलने वाला ऐसा कोई सीन तो है या नहीं। इसलिए उन्होंने अपने स्तर पर प्रचार-प्रसार शुरू कर दिया है।

इन दिनों घर-घर जाकर जनसंपर्क किया जा रहा है। फरवरी से बैनर पोस्टर और गाड़ियों के माध्यम से प्रचार प्रसार किया जाएगा। बड़ी बात तो यह है कि निर्दलीय महापौर की जगह पार्षद पद से लड़ने में ज्यादा रुचि दिखा रहे हैं।

मेयर के दिग्गज दावेदार भी उतरेंगे निर्दलीय

शहर में अपनी ग्राउंड तैयार करने वाले दिग्गजों की माने तो निर्दलीय वे मैदान में उतर सकते हैं। क्योंकि कांग्रेस और बीजेपी से टिकट दो ही प्रत्याशियों को मिलने वाला है। वहीं, दावेदार 25 से ऊपर हैं। ऐसे में कुछ दिग्गजों का कहना है कि हमें टिकट मिलना तो शत-प्रतशित तय है।

मगर, यदि कहीं गुणा गणित बिगड़ा तो वे निर्दलीय मैदान पर उतरेंगे। उनका कहना है कि पार्टी के लिए उन्होंने पांच साल तक काम किया है। उन्हें फिर अगला मौका पांच साल के बाद ही मिलेगा। इसलिए अपनी किस्मत आजमाने से वे पीछे नहीं हटेंगे।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने स्वामित्व योजना के तहत वर्चुअली 50 हजार गांवों के 65 लाख लोगों को प्रॉपर्टी कार्ड की दी सौगात

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने जिले के 10 हजार से अधिक लाभार्थियों को स्वामित्व कार्ड का वितरण किया*

*स्वामित्व योजना न केवल एक ऐतिहासिक पहल है,
बल्कि ग्रामीण भारत को सशक्त बनाने का माध्यम भी है – मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय*

मुख्यमंत्री ने राज्यवासियों को महाकुंभ में शामिल होने दिया न्योता

महासमुन्द 18 जनवरी 2025/ स्वामित्व योजना के तहत प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा आज दिल्ली से वर्चुअली देशभर के 50 हजार गांवों में 65 लाख प्रॉपर्टी कार्ड का वितरण किया गया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने योजना के लाभार्थियों को संबोधित किया एवं लाभार्थी कार्ड धारकों के साथ संवाद भी किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज शासकीय महाप्रभु वल्लभाचार्य स्नातकोत्तर महाविद्यालय मचेवा में आयोजित जिला स्तरीय स्वामित्व कार्ड वितरण कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री द्वारा ग्रामीणों को उनकी संपत्ति का अधिकारिक स्वामित्व कार्ड प्रदान किया गया। कार्यक्रम में राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा, सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी, महासमुंद विधायक श्री योगेश्वर राजू सिन्हा, बसना विधायक श्री सम्पत अग्रवाल, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती उषा पटेल, महिला आयोग की सदस्य श्रीमती सरला कोसरिया, श्रीमती संयुक्ता सिंह, पूर्व सांसद श्री चुन्नीलाल साहू, पूर्व संसदीय सचिव श्री पूनम चंद्राकर, पूर्व विधायक परेश बागबाहरा, श्री येतराम साहू, कमिश्नर श्री महोदव कांवरे, कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह, पुलिस अधीक्षक श्री आशुतोष सिंह एवं अन्य जनप्रतिनिधि भी मौजूद थे।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने सभी स्वामित्व कार्ड के लाभार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि आज जिले के 128 गांवों के 10850 लाभार्थियों को स्वामित्व कार्ड वितरण किया जा रहा है। प्रधानमंत्री गांव के गरीब और किसान के लिए काम कर रहे हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की मंशा और दूरदर्शी सोच के अनुरूप सरकार ने स्वामित्व योजना को प्रभावी रूप से लागू करने के लिए मजबूती से कदम उठाए हैं। यह योजना न केवल एक ऐतिहासिक पहल है, बल्कि ग्रामीण भारत को सशक्त बनाने का माध्यम भी है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि संपत्ति के अधिकार केवल भूमि और अन्य संसाधनों के कानूनी स्वामित्व तक सीमित नहीं हैं, ये व्यक्तियों और समुदायों को आत्मनिर्भरता, स्थिरता और सम्मानित जीवन का आधार प्रदान करते हैं। विशेष रूप से, हमारे समाज के कमजोर और वंचित वर्गों के लिए यह अधिकार उनकी आर्थिक, सामाजिक और व्यक्तिगत स्वतंत्रता सुनिश्चित करता है। भूमि प्रशासन को पारदर्शी और प्रभावी बनाना हमारी प्राथमिकता है। भूमि की सीमाओं का स्पष्ट सीमांकन न केवल विवादों को रोकने में सहायक है, बल्कि सामाजिक स्थिरता और न्याय प्रणाली को सुदृढ़ करता है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हम इस दिशा में अत्याधुनिक डिजिटल तकनीकों का उपयोग कर रहे हैं, जिससे ग्राम पंचायतों को उच्च-रिज़ॉल्यूशन डिजिटल मानचित्र उपलब्ध कराए जा सकें। यह बेहतर सड़कें, स्वास्थ्य केंद्र, स्कूल और अन्य बुनियादी ढांचे के निर्माण में मदद करेगा, जिससे विकास की गति तेज होगी। आर्थिक समृद्धि के लिए हमारी सरकार संपत्ति के अधिकारों को एक मजबूत आर्थिक साधन बनाने पर काम कर रही है। संपत्ति को संपार्श्विक के रूप में उपयोग करने की क्षमता से हर नागरिक को वित्तीय संसाधनों तक पहुंच मिलेगी। साथ ही, संपत्ति कर में सुधार से राजस्व संग्रहण और निवेश में वृद्धि होगी, जिससे व्यापार को और सरल बनाया जा सकेगा। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने रजिस्ट्री प्रक्रियाओं को पारदर्शी बनाने के लिए “सुगम एप“ विकसित किया है और दस्तावेजों के डिजिटलीकरण पर काम किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा 3 लाख 88 हजार नवीन प्रधानमंत्री आवास की स्वीकृति अभी और मिली है तथा 4 लाख आवास की स्वीकृति और मिलेगा। हमारी सरकार बनते ही रूके हुए 18 लाख आवास को सबसे पहले स्वीकृत किया गया है। अभी आवास प्लस 2024 में सर्वे का कार्य प्रारम्भ हो गया है। उन्होंने कहा कि मुझे बताते हुए खुशी हो रही है कि अब ढाई एकड़ सिंचित या 5 एकड़ असिंचित जमीन तथा जिनके पास टू व्हीलर होगा उन्हें भी इसका लाभ मिलेगा। इसके लिए एक एप्प तैयार किया गया है जिसके माध्यम से हितग्राही भी स्वयं सर्वे कर सकता है। मुख्यमंत्री ने राज्यवासियों को महाकुंभ में भाग लेने का निमंत्रण दिया है। उन्होंने आमंत्रण देते हुए कहा कि एक बार महाकुंभ में जाकर पुण्य लाभ जरूर लेवें। राज्य सरकार द्वारा वहां सेक्टर 6 अंतर्गत साढ़े 4 एकड़ क्षेत्र में भव्य पंडाल छत्तीसगढ़ वासियों के लिए लगाया गया है। यहां उनके ठहरने और भोजन की उत्तम और निःशुल्क व्यवस्था की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष 31 जनवरी तक धान खरीदी चलेगा। अभी तक 132 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान खरीदी हो चुकी है तथा 23 लाख से अधिक किसान धान बेच चुके है। उन्होंने कहा कि धान खरीदी के पश्चात शीघ्र ही अंतर की राशि प्रदान की जाएगी।
इस अवसर पर राजस्व एवं युवा कल्याण मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने सभी लाभार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की प्रेरणा से शुरू की गई स्वामित्व योजना के अंतर्गत आज जिले के नागरिकों को स्वामित्व कार्ड प्रदान कर रहे हैं यह जिले के लिए ऐतिहासिक दिन है। उन्होंने कहा कि डबल इंजन की सरकार पूरी ईमानदारी और निष्ठा के साथ आगे बढ़ रही है। सबका साथ और सबका विकास एक नारा ही नहीं एक भाव है, सरकार इसी उद्देश्य के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में जमीन रजिस्ट्री के साथ नामांतरण भी होगा। इससे नागरिकों को बेवजह असुविधा से मुक्ति मिलेगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सुशासन में राज्य सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है कि इस योजना का लाभ हर गाँव, हर घर और हर नागरिक तक पहुँचे। यह न केवल एक दस्तावेज़ है, बल्कि आपके अधिकार, आत्मनिर्भरता और सशक्तिकरण का प्रतीक है।
कार्यक्रम में सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी ने केंद्र सरकार की योजनाओं की प्रशंसा करते हुए कहा कि ये योजनाएँ छत्तीसगढ़ में पूरी तरह से लागू हो रही हैं, जिससे लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन हो रहा है। स्वामित्व योजना लोगों को मालिकाना हक दिलाने में सहायक होगी। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार जनता की भलाई के लिए ईमानदारी से काम कर रही है और इन योजनाओं से लोगों के जीवन स्तर में सुधार हो रहा है। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार के समन्वय की सराहना की और कहा कि ये सरकारें नई योजनाओं के माध्यम से जनता की समस्याओं का निरंतर समाधान कर रही हैं।
महासमुंद विधायक श्री योगेश्वर राजू सिन्हा ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी द्वारा प्रारंभ की गई स्वामित्व योजना ने आज हमारे जिले में एक नई पहचान बनाई है। इस योजना के तहत 10,850 लाभार्थियों को स्वामित्व कार्ड का वितरण किया गया है। यह आपकी संपत्ति पर आपके अधिकार का प्रमाण है और आपके सशक्तिकरण का प्रतीक है। हमारी डबल इंजन की सरकार समान रूप से छत्तीसगढ़ के प्रत्येक वर्ग के विकास और कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। इस योजना के माध्यम से हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि गाँवों के लोग भी आत्मनिर्भर बनें और आर्थिक उन्नति की ओर अग्रसर हों। हमारी सरकार, मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के कुशल नेतृत्व में, छत्तीसगढ़ के विकास और सुशासन की ओर निरंतर अग्रसर है। विकास कार्यों में किसी प्रकार की कमी नहीं आने दी जाएगी। चाहे वह शिक्षा हो, स्वास्थ्य, सड़कें, या रोजगार, सरकार हर क्षेत्र में आपकी जरूरतों को प्राथमिकता देती है।
बसना विधायक श्री सम्पत अग्रवाल ने कहा कि यह हम सभी के लिए सौभाग्य की बात है कि मुख्यमंत्री जी हमारी हर मांग को पूरा करने का प्रयास करते हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में क्षेत्र के विकास कार्यों को प्राथमिकता मिल रही है। केन्द्र सरकार और राज्य सरकार द्वारा शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क निर्माण, और किसानों की बेहतरी के लिए जो प्रयास किए गए हैं, उसके लिए प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री को विशेष धन्यवाद दिया। उन्होंने जनता से अपील की कि वे सरकार की योजनाओं का लाभ उठाएं और राज्य के विकास में सहभागी बनें।
कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने अपने प्रतिवेदन में बताया कि ड्रोन सर्वे के माध्यम से 1073 गांव में सर्वे पूर्ण कर लिया गया है। जिसके माध्यम से 128 गांवों के 10850 लाभार्थियों का स्वामित्व कार्ड तैयार कर लिया गया है। इस अवसर पर श्री चन्द्रहास चंद्राकर, श्री संदीप दीवान, श्री महेन्द्र सिक्का, श्री प्रशांत श्रीवास्तव, श्री प्रकाश शर्मा, श्रीमती सुधा साहू, पार्षदगण एवं अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधिगण मंच पर मौजूद थे। कार्यक्रम में महिला, किसान एवं बड़ी संख्या में आम नागरिक तथा अधिकारी-कर्मचारी मौजूद थे।
बतादें कि स्वामित्व योजना के तहत महासमुंद जिले के 128 गांवों के 10850 लाभार्थियों को स्वामित्व कार्ड प्रदान किया गया है। जिसमें महासमुंद तहसील अंतर्गत 47 गांवों के 4609, बागबाहरा के 9 गांव के 475, कोमाखान के 12 गांव के 1226, पिथौरा के 31 गांवों के 2819, बसना के 5 गांव के 302 एवं सरायपाली तहसील अंतर्गत 24 गांवों के 1419 लाभार्थी शामिल है। भारत सरकार द्वारा स्वामित्व योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में आबादी भूमि पर निवासरत संपत्ति मालिक को अधिकार अभिलेख प्रदान किया गया है। स्वामित्व योजना अंतर्गत ड्रोन सर्वेक्षण तकनीक के माध्यम से तैयार किए गए मालिकाना दस्तावेज ग्रामीण नागरिकों को उनकी संपत्ति पर स्वामित्व का स्पष्ट प्रमाण प्रदान करते हैं। स्वामित्व दस्तावेज़ मिलने के बाद ग्रामीण नागरिक अपनी संपत्ति को वित्तीय संपत्ति के रूप में उपयोग कर सकते हैं। इससे उन्हें ऋण प्राप्त करने और आर्थिक स्थिरता हासिल करने में मदद मिलेगी।

पिथौरा / धान खरीदी केंद्र में रिश्वतखोरी : किसान ने लगाया समिति प्रभारी पर टोकन के नाम से 20 हजार रिश्वत मांगने का आरोप

पिथौरा / धान खरीदी केंद्र में रिश्वतखोरी : किसान ने लगाया समिति प्रभारी पर टोकन के नाम से 20 हजार रिश्वत मांगने का आरोप

महासमुंद : जिले के सेवा सहकारी समिति सलडीह में धान बेचने के लिए किसान को टोकने के नाम से समिति प्रभारी के द्वारा 20 हजार रूपये रिश्वत मांगने की आरोप लगाकर किसान ने कलेक्टर से शिकायत कि है । इधर विष्णुदेव सरकार सजग प्रहरी के रूप में किसानों की सरकार मानी जाती है । किसानों की दाने दाने को खरीदने के लिए विष्णुदेव सरकार प्रतिबद्ध है । उसके बावजुद एक आदिवासी किसान को टोकन के नाम से प्रताडित किया जा रहा है ।

मिली जानकारी अनुसार पिथौरा तहसील अंतर्गत ग्राम शंकरपुर में स्थित भूमि खसरा नम्बर 464 रकबा 1.61 हे. भूमि सुभाष , लाला, चंद्रहास एवं सुष्मिता के नाम पर भूमि स्वामी हक में दर्ज है । जिनका किसान किताब भी उनके पास मौजुद है । उक्त भूमि शासन से भूमि स्वामी हक में पट्टे पर कमाने-खाने हेतु प्राप्त भूमि है ।

उपरोक्त भूमि के धान विक्रय पंजीयन सुभाष के नाम से धान खरीदी केंद्र सलडीह में पंजीयन हुआ है जिसका पंजीयन न. FC 5800470100534 है । जिसमें सुभाष के पुत्र कमल सिदार धान विक्रय करना चाहता है ।

धान विक्रय टोकन कटाने के लिए कमल सिदार कई बार धान खरीदी केंद्र सलडीह का चक्कर काट चुका है किन्तु समिति प्रभारी गजानंद पटेल के द्वारा उक्त भूमि को विवादित भूमि है कहकर धान का टोकन काटने से मना किया जा रहा है और 20 हजार रूपये देने पर ही टोकन काटने की बात कही जा रही है ।

लेकिन कमल सिदार रिश्वत देना नहीं चाहता है और अपने खेत की धान को बेचना चाहता है इसलिए धान खरीदी केंद्र सलडीह के समिति प्रभारी गजानंद पटेल के खिलाफ कमल सिदार ने शपथ पत्र के साथ कलेक्टर से शिकायत कर कार्यवाही की मांग की है ।

सरायपाली / ओम हॉस्पिटल सरायपाली ने दी जीवनदान आयुष्मान भारत योजना के तहत इलाज हुआ मुफ्त

सरायपाली / ओम हॉस्पिटल सरायपाली ने दी जीवनदान आयुष्मान भारत योजना के तहत इलाज हुआ मुफ्त

सरायपाली ओम हॉस्पिटल में एक गंभीर मरीज संत कुमार उम्र-47 वर्ष ग्राम- डुडुमचुआ जिनका एक्सीडेंट से सिर में चोट लगा था सर में चोट लगने के कारण कोमा में चला गया था जो कि लंबे समय तक कृत्रिम श्वास की मशीन (वेंटीलेटर )में रखा गया था ओम हॉस्पिटल के डॉक्टरों की टीम ने अपने सूझबूझ से इलाज कर उसे पूरी तरह से स्वस्थ कर घर भेजा गया अस्पताल ने इस मरीज का इलाज पूरी  तरह से आयुष्मान भारत योजना के तहत किया 
मरीज गंभीर स्थिति में अस्पताल में लाया गया था और डॉक्टरों की टीम ने मरीज की जान बचाने के लिए दिन-रात मेहनत की लंबे इलाज और देखभाल के बाद मरीज को अब स्थिर हालत में अस्पताल से छुट्टी कर दी गई मरिज के परिजनों ने अस्पताल के डॉक्टरों की टीम व आयुष्मान भारत योजना को धन्यवाद व्यक्त करते हुए कहा सरायपाली में ओम हॉस्पिटल मैं संपूर्ण इलाज की सुविधा उपलब्ध है जो सरायपाली अंचल वासियों के लिए वरदान है

पिथौरा – पत्रकार कल्याण महासंघ छत्तीसगढ़ की जिला स्तरीय बैठक संपन्न,ताराचंद पटेल बने जिलाध्यक्ष.

प्रकाश पटेल महासमुंद 

पिथौरा। स्थानीय विश्राम गृह में पत्रकार कल्याण महासंघ छत्तीसगढ़ का जिला स्तरीय बैठक प्रदेश अध्यक्ष सेवक दास दीवान की अध्यक्षता में बड़े उत्साह के साथ संपन्न हुई। इस बैठक का आयोजन संघ के प्रदेश अध्यक्ष सेवकदास दीवान, प्रदेश सहसचिव ऋषिकेशन दास और कार्यकारी जिला अध्यक्ष गेंदलाल मानिकपुरी के नेतृत्व में किया गया।

बैठक का शुभारंभ भगवान नारद मुनि की पूजा-अर्चना से हुई। इसके बाद महत्वपूर्ण निर्णयों पर चर्चा की गई, जिसमें सर्वसम्मति से ताराचंद पटेल को संघ का जिलाध्यक्ष नियुक्त किया गया। प्रदेश अध्यक्ष सेवकदास दीवान ने कहा कि संघ को मजबूत बनाने के लिए सभी पत्रकारों को एकजुट होकर काम करना होगा। पत्रकार साथियों के हित संवर्धन व सुरक्षा के हम कृत संकल्पित हैं। संघ के द्वारा पत्रकार कल्याण कोष की स्थापना का शुभारंभ हो चुका है। विषम परिस्थितियों में पत्रकारों के हितार्थ यह राशि नि: शुल्क प्रदान किया जायेगा।ताराचंद पटेल जैसे कर्मठ और ईमानदार पत्रकार को जिलाध्यक्ष बनाकर पत्रकार कल्याण महासंघ को मजबूती मिलेगी । हमें विश्वास है कि वे अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा और पारदर्शिता के साथ करेंगे।

नवनियुक्त जिलाध्यक्ष ताराचंद पटेल ने अपने संबोधन में कहा कि उन्हें जो जिम्मेदारी सौंपी गई है, उसे पूरी निष्ठा और ईमानदारी से निभाएंगे।
प्रदेश कार्यसमिति सदस्य प्रकाश सिन्हा ने कहा कि पत्रकारिता समाज का दर्पण है और इसे निष्पक्ष बनाये रखना हम सबकी जिम्मेदारी है। जिला महासचिव अभय धृतलहरे ने कहा कि पत्रकारों के हक और अधिकारों की रक्षा के लिए संघ हमेशा तत्पर रहेगा। पिथौरा ब्लॉक अध्यक्ष लोचन चौहान ने सभी नये सदस्यों का स्वागत करते हुए संगठन की मजबूती पर जोर दिया।

इस बैठक में ललित मुखर्जी, सुभाष पटेल, देव पटेल, चंद्रशेखर प्रभाकर, डिगेश चेलक, नरेश कोसरिया और तिलक पटेल ने पत्रकार कल्याण महासंघ की सदस्यता ग्रहण की।

उक्त बैठक में उत्तर कुमार कौशिक प्रदेश कार्यसमिति सदस्य, देवेंद्र काले जिला उपाध्यक्ष, महासमुंद ब्लॉक अध्यक्ष सोहेल अकरम, अरुण कुमार साहू, देव प्रधान, देवराज साहू, जीवन ध्रुव, संतन दास मानिकपुरी, लीलेश्वर निषाद, देशराज दास, अशोक प्रधान, विजय बरिहा समेत कई वरिष्ठ पत्रकार उपस्थित रहे।

इस बैठक ने संघ की एकजुटता और पत्रकारों के अधिकारों की रक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को मजबूत किया।

महासमुंद / बसना क्षेत्र में 2 नए पुलिस थाना खोलने की प्रस्ताव

बसना क्षेत्र में 2 नए पुलिस थाने की प्रस्ताव

महासमुंद जिले बसना क्षेत्र गढ़फुलझर और बड़ेसाजापाली क्षेत्र मे नविन थाना खोलने प्रस्ताव मिलने की खबर सामने आई है विभाग ने इस संबंध मे मूल थानाओं क़े घटित अपराध क़े बारे मे जानकारी मँगाई गई है आने वाले दिनों मे गढ़फुलझर और बड़ेसजापाली क्षेत्र मे नए थाना खुल सकते है