शिक्षक की विदाई पर सभी बच्चे रो पड़े * बिजातीपाली*

शिक्षक की विदाई पर सभी बच्चे रो पड़े * बिजातीपाली*

शासकीय प्राथमिक शाला बिजातीपाली के शिक्षक सुशील कुमार नायक जी का विदाई ,एवं जन्मदिवस कार्यक्रम का आयोजन किया गया।सर्वप्रथम जैसे सुशील कुमार नायक जी विद्यालय में आए तो सभी बच्चों ने फूल गुलदस्ता और तालियों के द्वारा जोरदार स्वागत किया । कार्यक्रम का शुभारंभ मा सरस्वती के पूजन अर्चन के साथ किया गया ,उसके पश्चात सभी बच्चों ,शिक्षकों और उपस्थित ग्राम वासियों साथ केक काटकर सुशील कुमार नायक जी का जन्मदिन मनाया गया।एवं नायक सर जी ने सभी बच्चों को मीठा व केला वितरण किया गया। उसके बाद विदाई कार्यक्रम का आयोजन किया गया ,जिसमें शास प्राथमिक शाला बिजातीपाली के शिक्षकों के द्वारा सप्रेम भेंट दिया गया , ग्रामपंचायत द्वारा, एवं ग्रामवासियों, और बच्चों के द्वारा सप्रेम भेंट दिया गया। शाला के शिक्षक निर्मल कुमार मेहेर द्वारा नायक सर के बारे में बताया गया कि सुशील सर 7 जनवरी 2009 से 3 जून 3025 तक साढ़े 15 साल शाला में सेवा दिए और शासन के निर्देशानुसार युक्तियुक्त के तहत शासकीय प्राथमिक शाला मोहनमुंडा में पदस्थापना हुई, सुशील नायक जी एक बहुत ही होनहार,योग्य, सहज सरल स्वभाव के नवाचारी शिक्षक थे, बच्चों एवं गांव वासियों के बहुत प्यारे शिक्षक थे । *जैसे उनका नाम सुशील वैसे उनका काम सुशील*विदाई कार्यक्रम में जब सुशील सर जी द्वारा जैसे ही बोलने लगे उनके साथी शिक्षक निर्मल मेहेर, और प्रधान पाठक प्रेमशीला पटेल जी रोने लगे, स्कूल के सभी बच्चे, रसोइया , और ग्राम वासी रोने लगे । इस प्रकार के आत्मीयता और प्रेमभाव को देखते हुए नायक सर भी रोते हुए बोल नहीं पाए।अंतमें स्कूल और ग्राम बिजातीपालीसे मान ,सम्मान,प्रेम मिला है उसे कभी भूल नहीं पाऊंगा,आज मेरे जन्मदिन को यादगार बना दिए उसके लिए धन्यवाद।विदाई सह जन्मदिवस कार्यक्रम में ग्राम के सरपंच हेतकुमारी, सचिव नमिता सीदार,उप सरपंच संतराम , पंच गण, ग्राम के विजयशंकर पटेल,कोमल नायक ,राजेश पटेल ,नरेश पटेल, छविलाल चौधरी, नीलांबर सोनी,रसोइया,स्वीपर, संकुल समन्वयक घनश्याम दास,नोडल प्राचार्य अरुण भोई ,प्रेमशीला पटेल ,निर्मल मेहेर, व समस्त ग्रामवासी उपस्थित थे।

बसना/बहुड़ा रथयात्रा में आस्था की गूंज, विधायक डॉ. संपत अग्रवाल ने निभाया भक्तिभाव

बसना/बहुड़ा रथयात्रा में आस्था की गूंज, विधायक डॉ. संपत अग्रवाल ने निभाया भक्तिभाव

विधायक डॉ संपत अग्रवाल रथ की रस्सी थाम कर जगन्नाथ की वापसी यात्रा में हुए शामिल, प्रदेशवासियों की खुशहाली की करी कामना

बसना की गलियों में गूंजा भक्तिभाव, विधायक डॉ. संपत अग्रवाल ने रथ की रस्सी खींच कर निभाई सनातन संस्कृति की सेवा

 

बहुड़ा रथयात्रा में शामिल हुए विधायक डॉ. संपत अग्रवाल, बोले-बसना में जगन्नाथ पुरी की दिव्यता का हुआ साक्षात अनुभव

रथ की रस्सी थामते हुए बोले विधायक डॉ संपत अग्रवाल-जगन्नाथ पुरी की अनुभूति आज बसना की धरती पर जीवंत हो उठी

बहुड़ा रथयात्रा में शामिल हुए विधायक डॉ. संपत अग्रवाल,बोले-धार्मिक ऊर्जा ने मन को भावविभोर कर दिया

बसना के थाना परिसर से बहुड़ा रथयात्रा में श्रद्धा का सैलाब उमड़ पड़ा। रथयात्रा ने पूरा नगर भ्रमण किया। यह आयोजन न केवल धार्मिक महत्त्व रखता है बल्कि क्षेत्रीय सांस्कृतिक चेतना को भी जीवंत करता है। रथयात्रा में श्री राम जानकी मंदिर अध्यक्ष एवं क्षेत्रीय विधायक डॉ. संपत अग्रवाल ने विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की। विधायक डॉ. संपत अग्रवाल ने भगवान श्री जगन्नाथ, भाई बलभद्र और माता सुभद्रा की रथयात्रा में भाग लेकर रथ की रस्सी खींची। रथयात्रा के साथ मृदंग, मंजीरा, घंटा एवं शंख की सुमधुर ध्वनि से वातावरण भक्तिमय हो उठा। जयघोषों के बीच श्रद्धालुओं की सहभागिता ने यात्रा को दिव्यता से भर दिया।

विधायक डॉ अग्रवाल ने कहा कि बसना की बहुड़ा यात्रा को देखकर पुरी की रथयात्रा का आभास होता है।उन्होंने कहा बहुड़ा यात्रा दरअसल भगवान जगन्नाथ की “वापसी यात्रा” का पर्व है, जब वे नौ दिन के प्रवास के बाद गुंडिचा मंदिर से अपने मूल मंदिर लौटते हैं। यह धार्मिक अनुष्ठान भक्तों के लिए आत्मशुद्धि और सेवा का विशेष अवसर होता है।

विधायक डॉ. अग्रवाल ने कहा यह पर्व सनातन संस्कृति और भगवान राम व श्रीकृष्ण के सार्वभौमिक संदेश को जन-जन तक पहुंचाता है। गुंडिचा मंदिर भगवान की मौसी का घर माना जाता है, जहाँ उन्हें विशेष पकवान अर्पित किए जाते हैं। यह वापसी यात्रा भावनात्मक पुनर्मिलन का प्रतीक है, जो भक्तों में एक अलग ऊर्जा का संचार करता है।

इस पावन अवसर पर भाजपा मंडल अध्यक्ष नरेंद्र यादव, महामंत्री दीपक शर्मा,उर्मिला सरोज पटेल समेत बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। इस आयोजन ने धर्म, संस्कृति और जनभावना का अद्भुत समन्वय प्रस्तुत किया।

सम्पूर्ण यात्रा एक सांस्कृतिक उत्सव बन गई जहां आस्था, परंपरा और सामाजिक एकता ने मिलकर भक्तिभाव का उत्सव रचा।

महासमुंद/स्कूल शिक्षा विभाग समग्र शिक्षा के द्वारा जिला महासमुंद में 4.15 लाख नि: शुल्क पुस्तक वितरित

महासमुंद/स्कूल शिक्षा विभाग समग्र शिक्षा के द्वारा जिला महासमुंद में 4.15 लाख नि: शुल्क पुस्तक वितरित

 

पुस्तक पाकर बच्चे खुशी से झूम उठे

महासमुन्द कलेक्टर श्री विनय लंगेह के मार्गदर्शन में जिले के 1.44 लाख छात्र छात्राओं को 4.15 लाख पुस्तक वितरण किया गया है।जिला शिक्षा अधिकारी श्री विजय लहरे एवं जिला मिशन समन्वयक समग्र शिक्षा श्री रेखराज शर्मा ने बताया कि नि: शुल्क पाठ्य पुस्तक कक्षा पहली से दसवीं के सभी छात्रों प्रदाय किया जा रहा है जिसमें अशासकीय विद्यालयों के छात्रों को भी नि: शुल्क पाठ्य पुस्तक दिया जाएगा ।संकुल समन्वयक आरिफ बेग संकुल केंद्र अंकोरी विकासखण्ड बसना द्वारा पुस्तक वितरण का अवलोकन किया गया। विद्यालय शासकीय प्राथमिक शाला परगला की कुल दर्ज संख्या 51 हैं शाला मे 2 शिक्षक पदस्थ हैं प्रधान पाठक के रूप मे श्री सदाशिव चौहान (भूतपूर्व सैनिक )पदस्थ हैं शाला को युक्तियुक्तकरण मे वर्तमान मे एक और शिक्षक श्री खीरसागर भोई प्राप्त हुआ है।शासकीय प्राथमिक शाला परगला छत्तीसगढ़ की अंतिम सीमा मे बसा हुआ ग्राम पंचायत पलसा पाली का आश्रित ग्राम हैं इसके पश्चात उड़ीसा राज्य की सीमा प्रारम्भ हो जाती हैं वहां कक्षा 2 री के बच्चों को पुस्तक मिला तो छात्र गजेन्द्र नायक सहित सभी छात्र खुशी से झूम उठे।

महासमुंद / 10 पदो के भर्ती के लिए आवेदन 21 जुलाई तक / गुमशुदा बच्चों और बच्चों के खिलाफ होने वाले अन्य अपराधों के लिए रिक्त आरक्षी केन्द्रों तथा लीगल एड क्लिीनिकों में एक-एक पैरालिगल वॉलिटिंयर की नियुक्ति की जाएगी।

महासमुंद / 10 पदो के भर्ती के लिए आवेदन 21 जुलाई तक / गुमशुदा बच्चों और बच्चों के खिलाफ होने वाले अन्य अपराधों के लिए रिक्त आरक्षी केन्द्रों तथा लीगल एड क्लिीनिकों में एक-एक पैरालिगल वॉलिटिंयर की नियुक्ति की जाएगी।

महासमुंद 05 जुलाई 2025/ नालसा एवं छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, बिलासपुर एवं गुमशुदा बच्चों और बच्चों के खिलाफ होने वाले अन्य अपराधों के लिए रिक्त आरक्षी केन्द्रों तथा लीगल एड क्लिीनिकों में एक-एक पैरालिगल वॉलिटिंयर की नियुक्ति की जाएगी। जिसके लिए इच्छुक अभ्यर्थियों से 21 जुलाई 2025 तक आवेदन मंगाए गए है। पैरालिगल वंालिटिंयर का कार्यदिवस एवं मानदेय के संबंध में नालसा एवं छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, बिलासपुर द्वारा निर्धारण के अनुसार मानदेय का भुगतान किया जाएगा। पैरालिगल वॉलेटियर की नियुक्ति हेतु आवश्यक

योग्यता कक्षा 12वीं उत्तीर्ण, कम्प्युटर, मोबाईल एवं इंटरनेट का पर्याप्त ज्ञान होना एवं विधिक सेवा का कार्य करने की इच्छुक होना आवश्यक है। आरक्षी केन्द्रो से संबंधित एवं उनके नजदीक के युवक युवतियों, समाज सेवी, सेवा निवृत्त शासकीय कर्मचारी एवं विधि छात्रों को प्राथमिकता दी जाएगी। पैरालिगल वॉलिटिंयर के रिक्त 10 पदों के भर्ती के संबंध में विस्तृत जानकारी एवं आवेदन का प्रारूप जिला न्यायालय महासमुंद के शासकीय वेबसाईट

https:/mahasamundund.dcourts.gov.in से प्राप्त किया जा सकता है। अतः इच्छुक व्यक्ति जो उपरोक्त योग्यता रखता है वह दिनांक 21 जुलाई 2025 के साय 5 बजे तक अपना आवेदन रजिस्टार्ड डाक, कोरियर तथा व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर जिला न्यायालय परिसर, एडीआर भवन विधिक सेवा प्राधिकरण महासमुंद के कार्यालय में प्रस्तुत कर सकता है।

टोल की कीमतों में 50% तक की कटौती का ऐलान, सरकार ने जारी की अधिसूचना, चेक करें डिटेल्स

टोल की कीमतों में 50% तक की कटौती का ऐलान, सरकार ने जारी की अधिसूचना, चेक करें डिटेल्स

केंद्र सरकार ने उन नेशनल हाईवे पर टोल टैक्स में 50% तक की कटौती की है, जहां 50% से ज्यादा हिस्सा ब्रिज, टनल या फ्लाईओवर से बना है. इससे रोजाना यात्रा करने वाले यात्रियों और कमर्शियल वाहनों को बड़ी राहत मिलेगी.

नेशनल हाईवे पर सफर करने वाले लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर है. दरअसल केंद्र सरकार ने उन हाईवे हिस्सों पर टोल टैक्स में 50% तक की कटौती की है जहां रास्ते का बड़ा हिस्सा पुल (ब्रिज), सुरंग (टनल), फ्लाईओवर या एलिवेटेड स्ट्रक्चर से बना है. यह नया नियम लागू हो चुका है और इसका असर जल्द ही दिखने लगेगा.

अब अगर आप ऐसे हाईवे पर सफर कर रहे हैं जहां 50% से ज्यादा हिस्सा किसी विशेष संरचना से बना है, तो आपको पहले के मुकाबले आधा टोल देना होगा. इसका सबसे बड़ा फायदा आम यात्रियों और कमर्शियल वाहनों को मिलेगा जो इन रास्तों पर रोजाना सफर करते हैं.

क्या बदला है नियम में?
नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) के एक सीनियर अफसर के मानें तो पुराने नियमों के कारण हर किलोमीटर में किसी स्पेशल इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए सामान्य टोल फीस का 10 गुना चार्ज देना पड़ता था. यह तरीका उस इंफ्रास्ट्रक्चर की लागत पूरा करने के लिए बनाया गया था. लेकिन अब सरकार जो नया नियम लेकर आई है उसमें यह टोल टैक्स करीब 50% तक घट जाएगा.

टोल टैक्स कम करने का फॉर्मूला क्या है?
नए नियम में दो फॉर्मूले अपनाये गए हैं. इसमें पहला है पुल, सुरंग या फ्लाईओवर जैसी संरचना की वास्तविक लंबाई को 10 गुना करके सामान्य सड़क की लंबाई में जोड़ना और दूसरा फॉर्मूला है उस पूरे हिस्से की लंबाई को 5 गुना करके टोल तय करना. इनमें से जो फॉर्मूला कम टोल निकालेगा, उसे ही लागू किया जाएगा.

किसे मिलेगा सबसे ज्यादा फायदा?
इस बदलाव से उन लोगों को फायदा मिलेगा जो ऐसे रूट पर सफर करते हैं जहां एलिवेटेड हिस्से या फ्लाईओवर की संख्या ज्यादा है. उदाहरण के तौर पर द्वारका एक्सप्रेसवे की बात करें तो वहां पहले ₹317 तक टोल लगता था, जो अब घटकर लगभग ₹153 हो सकता है.

सरकार ने क्यों लिया यह फैसला?
इस फैसले के पीछे सरकार का मकसद हाईवे पर यात्रा करने वालों को राहत देना है. विशेष निर्माण वाले हिस्सों पर अब तक भारी टोल वसूला जाता था, जो यात्रियों की जेब पर सीधा असर डालता था। सरकार चाहती है कि शहरों के आसपास बने हाई-स्पीड कॉरिडोर और बाइपास पर सफर सस्ता और सुविधाजनक हो.

क्या यह हर हाईवे पर लागू होगा?
नहीं, यह नया नियम केवल उन्हीं हाईवे पर लागू होगा जहां ढांचागत निर्माण (जैसे ब्रिज, टनल आदि) 50% से ज्यादा हो। सामान्य राजमार्गों पर टोल टैक्स की दरें पहले की तरह ही रहेंगी.

कब से दिखेगा असर?
नया नियम लागू किया जा चुका है और इसका असर जल्द ही दिखाई देगा. जिन हाईवे पर ज्यादा टोल वसूला जा रहा था, वहां टोल स्लैब में कटौती शुरू हो चुकी है. सरकार के इस फैसले से देशभर में लाखों यात्रियों को सीधी राहत मिलेगी. खासकर मेट्रो शहरों के आस-पास बनाए गए एलिवेटेड कॉरिडोर और हाईटेक एक्सप्रेसवे पर सफर करने वालों की जेब अब कुछ हल्की होगी. आने वाले दिनों में और भी हाईवे इस दायरे में आ सकते हैं…..इस आर्टिकल का सार दो लाइन में बतायें

बसना/ बेटी दामाद कर रहे थे बस का इंतजार रायपुर की तरफ से आ रहा होण्डई कार ने मारी ठोकर रायपुर रिफर

बसना/ बेटी दामाद कर रहे थे बस का इंतजार रायपुर की तरफ से आ रहा होण्डई कार ने मारी ठोकर रायपुर रिफर

थाना बसना ग्राम रेमडा का निवासी हूं खेती किसानी का काम करता हूं कि दिनांक 30/06/2025 को मेरी बेटी एवं दामाद मेरे घर आये थे जिन्हे बस से रायपुर जाना था जो दोपहर करीबन 02/00 बजे मेरे दामाद शीशराम यादव मेरे मोटर सायकल होण्डा ड्रीम नियो क्र CG06GM1228 से उनके सामान को NH53 रोड के पास जहां से बस चढना था छोडने गया था वापस आने के लिए अपने मोटर सायकल को मोड रहा था तभी उसी समय रायपुर की ओर से आ रही होण्डई वेन्यु कार क्रमांक CG06GT7825 का चालक अपने वाहन को उपेक्षापूर्ण एवं लापरवाही पूर्वक चलाते हुये ठोकर मारकर एक्सीडेंट कर दिया जिससे मेरा दामाद मोटर सायकल सहित गिर गया।

जिससे उसके सिर, चेहरा, कंधा एवं पैर के पास चोंट आया एवं मोटर सायकल क्षतिग्रस्त हो गया मेरे दामाद को ईलाज कराने हेतु प्राईवेट वाहन से सरकारी अस्पताल बसना लाये डांक्टर द्वारा प्रारंभिक ईलाज करने बाद रिफर करने से ईलाज हेतु शंकरा अस्पताल रायुपर ले गये बाद ईलाज के आज दिनांक को थाना आकर रिपोर्ट करता हूं कार्यवाही चाहता हूं रिपोर्ट धारा थाना ने 184-MOT, 125(a)-BNS, 281-BNS के तहत् मामला दर्ज किया गया है

छत्तीसगढ़ में लगातार बारिश के बाद खतरों को देखते हुए बिजली विभाग ने जारी की एडवाइजरी,

 

सीएसपीडीसीएल के कार्यपालक निदेशक जेएस नेताम ने मार्गदर्शिका जारी करते हुए कहा है कि असावधानी की वजह से करंट बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकता है, इसलिए विद्युत लाइनों, ट्रांसफार्मर व उपकरणों के साथ किसी भी तरह की छेड़छाड़ न करें और सुरक्षित दूरी बनाकर रखें। यदि आंधी-तूफान में खंबे, तार आदि टूटे हों, तो इसकी सूचना तत्काल कंपनी के टोल फ्री नं. 1912 पर, मोर बिजली ऐप और समीप के वितरण केंद्र या जोन कार्यालय में दें।

बरसात के मौसम की शुरुआत से पहले से विभाग द्वारा सभी फीडरों, ट्रांसफॉर्मरों और तारों की जांच की जा चुकी है। लेकिन, नागरिकों की सतर्कता भी उतनी ही जरूरी है। बाड़ी-खेतों की बाढ़ कंटीले तार आदि में विद्युत प्रवाहित न करें। यह अनाधिकृत है, विभाग द्वारा खेत या बाड़ी के मालिक पर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

आम लोग बरतें यह सावधानी
करंट लगने की आशंका होने पर तुरंत बिजली विभाग को सूचित करें

जहां बिजली के तार या उपकरण हो वहां बारिश के पानी में करंट फैल सकता है, इसलिए पानी में न चलें या न तैरें।

बिजली के उपकरणों का उपयोग करते समय, सुनिश्चित करें कि आपके पैर सूखे हों और आप रबर या प्लास्टिक के जूते पहने हों।

घरों-खेतों आदि में बिजली के गुणवत्तापूर्ण उपकरणों का उपयोग करें।

विद्युत लाइनों, उपकरणों, ट्रांसफॉर्मर आदि में खराबी आने पर उनको सुधारने का प्रयास न करें और विभाग के संबंधित कर्मचारी-अधिकारी को सूचित करें।

बिजली की लाइनों के नीचे और उनके समीप बिलकुल स्थायी या अस्थायी निर्माण ना करें। विद्युत लाइनों से सुरक्षित दूरी बनाए रखें।

बिजली का तार टूटकर जमीन पर गिरा पाया जाता है, तो उससे दूर रहे और तत्काल संबंधित लाइनमैन-कनिष्ठ अभियंता को सूचना देकर विद्युत प्रवाह बंद कराएं।

नदी, नालों, तालाबों आदि में बिजली का तार टूटकर गिरा पाए जाने पर उनके अंदर न जाए और पर्याप्त दूरी बनाए रखें।

विद्युत लाइनों से सीधे हुकिंग कर बिजली का अनाधिकृत उपयोग न करें, यह खतरनाक हो सकता है।

कपड़े सुखाने के लिए बिजली के खंभे और स्टे तार आदि का उपयोग ना करें। कपड़े सुखाने वाले तार की विद्युत उपकरणों-लाइनों से पर्याप्त दूरी रखें।

विद्युत लाइनों से छेड़छाड़ न करें व कटी-फटी सर्विस लाइनों का उपयोग न करें।

बच्चों को विद्युत उपकरणों-लाइनों के आसपास न खेलने दें।

प्रारंभिक तौर पर खतरा दिखाई पड़े, तो पॉवर स्विच से विद्युत प्रवाह तुरंत बंद कर दें। यदि स्विच बंद न कर सकें तो दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति को सूखी रस्सी, सूखा कपड़ा या सूखी लकड़ी की सहायता से तारों से अलग करें।

दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति को सूखी जमीन या सूखे फर्श पर लिटाए और कृत्रिम सांस देकर उसका प्रथम उपचार करें व अस्पताल पहुंचाने की शीघ्र व्यवस्था करें।

 

छत्तीसगढ़ में मानसून ने पूरी तरह दस्तक दे दी है और प्रदेश के कई हिस्सों में लगातार बारिश हो रही है, जिससे आम जनजीवन पर असर पड़ा है। खासकर उत्तर छत्तीसगढ़ और सरगुजा संभाग में भारी बारिश के चलते नदियों का जलस्तर बढ़ गया है और बाढ़ जैसी स्थिति बन रही है।

बस्तर और बिलासपुर संभाग के कई जिलों में भी दक्षिण-पश्चिम मानसून के प्रभाव से बुधवार को अच्छी बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग ने अगले पांच दिनों के लिए भारी बारिश की चेतावनी जारी की है, विशेषकर उत्तर छत्तीसगढ़ में। प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने की अपील की है।

CG Weather Alert: लोगों को सतर्क रहने की अपील
मौसम के ताजा आंकड़ों के अनुसार, बुधवार को अंबिकापुर में अधिकतम तापमान 30.6 डिग्री सेल्सियस और पेंड्रारोड में न्यूनतम तापमान 21.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बीते 24 घंटों में सबसे ज्यादा बारिश मनकिया में 11 मिमी हुई है।

इसके अलावा तमनार में 9 मिमी, मानपुर में 8 मिमी, अकलतरा, कटघोरा और पखांजूर में 7-7 मिमी, जबकि राजनांदगांव, पत्थलगांव, लोरमी, बालोदाबाजार, कांकेर, गुंडरदेही, डौंडीलोहारा में भी अच्छी बारिश दर्ज की गई है। लोगों से अपील की गई है कि वे मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करें और सावधानी बरतें, खासकर नदी-नालों और जलजमाव वाले इलाकों में।

रायपुर : जिला अस्पताल का एनआरसी बना कुपोषित बच्चों के लिए जीवनदाता

रायपुर : जिला अस्पताल का एनआरसी बना कुपोषित बच्चों के लिए जीवनदाता

 1953 बच्चों को मिला सुपोषण, स्वस्थ जीवन की ओर बढ़ाया कदम

स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल के मार्गदर्शन में पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) एक सशक्त सामाजिक पहल बनकर उभरा है। बेमेतरा जिले में एनआरसी के द्वारा अब तक 1953 कुपोषित बच्चों को स्वस्थ जीवन की ओर अग्रसर किया है। जिला अस्पताल बेमेतरा के एमसीएच बिल्डिंग में  1 माह से 5 वर्ष तक के गंभीर रूप से कुपोषित बच्चों को विशेष देखभाल और पोषक आहार के साथ निरूशुल्क उपचार प्रदान किया जाता है।

एनआरसी में बच्चों को 15 दिनों तक विशेष पोषण आहार जैसे थेराप्यूटिक फूड (एफ 75, एफ 100), फार्मूला मिल्क के साथ-साथ दलिया, खिचड़ी, हलवा, इडली आदि भी दिया जाता है। माताओं को दो समय का भोजन और 15 दिन बाद 2,250 रुपये की आर्थिक सहायता भी दी जाती है। यहां  बच्चों के भर्ती की प्रक्रिया सरल है, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मितानिन, एएनएम और चिरायु टीम की सिफारिश या पालकों की पहल पर सीधे बच्चों को भर्ती किया जाता है।

इस उपलब्धि के पीछे  स्वास्थ्य विभाग की समर्पित टीम और जिला प्रशासन की सजगता का योगदान है। एनआरसी न केवल बच्चों के शरीर को पोषण देता है, बल्कि उनके परिवारों को भी पोषण और स्वास्थ्य के महत्व के प्रति जागरूक करता है। यह पहल बेमेतरा को कुपोषण मुक्त जिला बनाने की दिशा में मील का पत्थर सिद्ध हो रही है।

रायपुर : मिनी प्लग टाइप सीडलिंग यूनिट: किसानों के लिए गुणवत्तायुक्त पौधों का नया समाधान

रायपुर : मिनी प्लग टाइप सीडलिंग यूनिट: किसानों के लिए गुणवत्तायुक्त पौधों का नया समाधान

सालाना 20 लाख पौधों का उत्पादन, समय और लागत दोनों में लाभ

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सरकार कृषि क्षेत्र में ऐसे तकनीकी समाधानों को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है, जिनका सीधा लाभ किसानों को मिले और उनकी आय में वृद्धि हो। यह पहल मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के समृद्ध किसान – सशक्त छत्तीसगढ़ के विजन को साकार करने की दिशा में एक अहम कदम है।

सूरजपुर जिले में स्थापित मिनी प्लग टाइप सीडलिंग यूनिटें किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण नवाचार साबित हो रही हैं। ये यूनिटें, जिनमें से एक शासकीय उद्यान दतिमा में और दूसरी शासकीय उद्यान खोरमा में स्थित है, किसानों को गुणवत्तायुक्त और स्वस्थ पौधे उपलब्ध कराकर पारंपरिक बुवाई की चुनौतियों से मुक्ति दिला रही हैं। दोनों यूनिटों की संयुक्त वार्षिक उत्पादन क्षमता 20 लाख पौधों की है, जहाँ करेला, टमाटर, बैंगन, गेंदा, मिर्च, फूलगोभी, पत्तागोभी, खीरा और तरबूज जैसी विभिन्न प्रकार की सब्जियां, मसाले और फूलों के पौधे तैयार किए जाते हैं।

इन यूनिटों में तैयार किए गए पौधे कीट-व्याधि से मुक्त, स्वस्थ और उच्च गुणवत्ता वाले होते हैं, जिससे किसानों को बेहतर उत्पादन प्राप्त करने में मदद मिलती है। यदि किसान अपने बीज उपलब्ध कराते हैं, तो उन्हें मात्र 1.00 रुपये प्रति पौधा की दर से पौधे मिलते हैं, जबकि विभागीय बीज से तैयार पौधे 1.50 रुपये प्रति पौधा की दर से उपलब्ध कराए जाते हैं। किसानों की मांग पर, ये यूनिटें टमाटर और बैंगन के ग्राफ्टेड पौधे भी तैयार करती हैं, जो अधिक उपज देने में सहायक होते हैं। बीज से पौधे तैयार होने में सामान्यतः 25 से 30 दिन का समय लगता है, जिससे किसानों को समय पर रोपण के लिए उन्नत किस्म के पौधे मिल जाते हैं। यह सुविधा किसानों को पारंपरिक बीज बुवाई की समय लेने वाली और श्रमसाध्य प्रक्रिया से बचाती है, साथ ही उन्हें आधुनिक, तेज और विश्वसनीय विकल्प प्रदान करती है। जो सीधे तौर पर विष्णु देव साय के नेतृत्व वाली सरकार के किसान-हितैषी नीतियों का परिणाम है।

 

रायपुर : विधानसभा की कार्यवाही से आमजनों को अवगत कराने में संसदीय पत्रकार निभाते हैं बड़ी भूमिका : मुख्यमंत्री श्री साय

रायपुर : विधानसभा की कार्यवाही से आमजनों को अवगत कराने में संसदीय पत्रकार निभाते हैं बड़ी भूमिका : मुख्यमंत्री श्री साय

छत्तीसगढ़ के 25 वर्षों की स्वर्णिम यात्रा में संसदीय पत्रकारों का योगदान अतुलनीय : विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह

मुख्यमंत्री श्री साय संसदीय पत्रकारिता विषय पर आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला में हुए शामिल

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज विधानसभा परिसर के प्रेक्षागृह में संसदीय रिपोर्टिंग विषय पर आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला को संबोधित करते हुए छत्तीसगढ़ राज्य और विधानसभा के रजत जयंती वर्ष की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि प्रदेश विधानसभा ने भी 25 वर्षों की गौरवमयी यात्रा पूरी की है और लोकतांत्रिक मूल्यों को सुदृढ़ किया है। मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि हाल ही में विधायकों के लिए भी कार्यशालाओं का आयोजन किया गया था, जिसका लाभ हमारे सदस्यों को मिला है। उन्होंने कहा कि विधानसभा में अनेक नवनिर्वाचित विधायक भी हैं, जिनकी यह जिम्मेदारी है कि वे अपने क्षेत्र की समस्याओं को सदन में उठाएं। इसी तरह पत्रकारों की भी अहम भूमिका है, जो विधानसभा की गतिविधियों को जनता तक पहुंचाते हैं। उन्होंने कहा कि आप सभी पत्रकार बंधु बड़ी मेहनत से विधानसभा की कार्यवाही को कवर करते हैं, जिससे आमजन यह जान पाते हैं कि विधायकों द्वारा उनके मुद्दों को गंभीरता से उठाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ विधानसभा द्वारा उत्कृष्ट पत्रकारों को सम्मानित करने की परंपरा को भी सराहा और कहा कि इससे पत्रकारों का मनोबल बढ़ता है तथा संसदीय रिपोर्टिंग को प्रोत्साहन मिलता है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह कार्यशाला पत्रकारों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी और इसके माध्यम से विधानसभा की गतिविधियां और अधिक प्रभावी रूप से जनता तक पहुंचेंगी।

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने अपने संबोधन में संसदीय पत्रकारिता की महत्ता बताते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की 25 वर्षों की स्वर्णिम यात्रा में पत्रकारों का योगदान अतुलनीय रहा है। उन्होंने कहा कि संसदीय पत्रकारिता अत्यंत संवेदनशील दायित्व है, जो सदन की गोपनीयता, अनुशासन और गरिमा को बनाए रखते हुए जनता तक सटीक एवं निष्पक्ष जानकारी पहुंचाने का कार्य करती है। डॉ. सिंह ने कहा कि पत्रकार जब पक्ष–विपक्ष से परे रहकर निष्पक्ष रूप से विधानसभा की कार्यवाही का अवलोकन करते हैं और उसे प्रस्तुत करते हैं, तब लोकतंत्र मजबूत होता है। उन्होंने कहा कि संसदीय प्रणाली की गहरी समझ से ही पत्रकार बेहतर ढंग से जनता को विधानसभा की गतिविधियों से अवगत करा सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि संसदीय पत्रकारिता में विशेष रूप से विधानसभा की प्रक्रिया से जुड़े समाचारों को सरल भाषा में प्रस्तुत करना आवश्यक है, ताकि आमजन तक वे प्रभावी ढंग से पहुंच सकें। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सिंह ने इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ एवं दिवंगत पत्रकारों का पुण्य स्मरण करते हुए कहा कि प्रदेश की पत्रकारिता परंपरा ने सदैव विधानसभा की गरिमा बनाए रखने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

कार्यशाला में नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने पत्रकारों की भूमिका को नारद मुनि की परंपरा से जोड़ते हुए कहा कि पत्रकार समयबद्धता और सजगता के साथ लोकतंत्र के संवाहक होते हैं। डॉ. महंत ने कहा कि इस कार्यशाला के माध्यम से सभी को कुछ नया सीखने का अवसर मिलेगा और संसदीय पत्रकारिता को समझने का दायरा और व्यापक होगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह आयोजन उपयोगी सिद्ध होगा और पत्रकारों के कार्य को नई दिशा देगा। उन्होंने अपनी लंबी संसदीय यात्रा का स्मरण करते हुए कहा कि इस दौरान पत्रकारों के साथ बिताए गए समय और अनुभव अत्यंत मूल्यवान रहे हैं। उन्होंने पत्रकारों की सजगता, सटीकता और संवेदनशीलता की सराहना की, जो वर्षों से संसदीय गतिविधियों को जनता तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।

इस अवसर पर संसदीय कार्य मंत्री श्री केदार कश्यप, विधानसभा के सचिव श्री दिनेश शर्मा, आईआईएमसी के पूर्व महानिदेशक श्री संजय द्विवेदी सहित बड़ी संख्या में पत्रकार उपस्थित थे।