महासमुंद/सिंघोड़ा शराब पीकर लकड़ी से मारपीट एवं गाली गलौज कर जान से मारने की धमकी रिपोर्ट दर्ज 

महासमुंद/सिंघोड़ा शराब पीकर लकड़ी से मारपीट एवं गाली गलौज कर जान से मारने की धमकी रिपोर्ट दर्ज

 

थाना सिंघोडा मे सउनि के पद पर पदस्थ हूं आज दिनांक 02/07/2025 को प्रार्थीया लता कुलदीप पति हेमसागर कुलदीप उम्र 40 साल जाति गांडा साकिन मानपाली थाना सिंघोडा जिला महासमुंद छत्तीसगढ थाना उपस्थित आकर तहसील कुलदीप के द्वारा अश्लील गाली गलौच करते हुए लकडी से मारपीट करने एवं जान से मारने की धमकी देने के संबंध मे एक लिखित आवेदन प्रस्तुत किया है आवेदन के अवलोकन पर प्रथम दृष्टया मे अपराध धारा 296, 115(2), 351(2), भारतीय न्याय संहिता का अपराध घटित होना पाये जाने से अपराध कायम कर विवेचना मे लिया गया आवेदन

नकल जैल है- प्रतिश्रीमान थाना प्रभारी थाना सिंघोडा विषय – तहसील कुलदीप के द्वारा अश्लील गाली गलौच करते हुए लकडी से मारपीट करने एवं जान से मारने की धमकी देने के संबंध मे रिपोर्ट बाबत् महोदय निवेदन है कि मै लता कुलदीप पति हेमसागर कुलदीप उम्र 40 साल जाति गांडा साकिन

मानपाली थाना सिंघोडा जिला महासमुंद की निवासी हू घरेलु कार्य करती हूं आ‍ज दिनांक 02/07/2025 के दोपहर 02:30 बजे मेरा देवर तहसील कुलदीप पिता गौतम कुलदीप उम्र 38 साल साकिन मानपाली थाना सिंघोडा जिला महासमुंद शराब पीकर मुझे गाली गलौच कर रहा था मना करने पर लकडी से मारपीट कर चोट पहूंचाया है एवं जान से मारने की धमकी दिया है, मारपीट करने से मेरे बांये हाथ के अंगुठे के उपर एवं दाहिने हाथ के कोहनी मे चोट लगा है खून निकल रहा है दर्द हो रहा है घटना को मेरे पुत्र संजय दीप एवं टेकलाल तांडी देखे सुने एवं बीच बचाव किये है। तहसील कुलदीप के द्वारा मां बहन की अश्लील गाली गलौच कर लकडी से मारपीट कर चोट पहूंचाकर जाने से मारने की धमकी दिया है जिसकी रिपोर्ट दर्ज कार्यवाही की मांग।

CG बलौदा बाजार / रामायण के अनुसार जब भगवान श्रीराम ने माता-सीता का परित्याग किया तो लक्ष्मण उन्हें महर्षि वाल्मिकी के इसी आश्रम में लेकर आए थे। तुरतुरिया आश्रम में ही सीता माता ने लव और कुश का जन्म दिया था।

छत्तीसगढ़ के तुरतुरिया से भगवान श्रीराम का खास संबंध है। यहां त्रेतायुग में महर्षि वाल्मिकी का आश्रम था। वाल्मीकि रामायण के अनुसार जब भगवान श्रीराम ने माता-सीता का परित्याग किया तो लक्ष्मण उन्हें महर्षि वाल्मिकी के इसी आश्रम में लेकर आए थे। तुरतुरिया आश्रम में ही सीता माता ने लव और कुश का जन्म दिया था।

बुलबुले से निकलती है तुरतुर की ध्वनि

इस मंदिर का नाम तुरतुरिया होने का मुख्य कारण यह है कि बलभद्र नाले का चट्टानों से होकर गुजरना और उसके नीचे गिरने के बाद उससे निकलने वाली बुलबुले से तुरतुर की ध्वनि निकालती है। इसी तुरतुर ध्वनि के कारण से इसे तुरतुरिया धाम के नाम से जाना जाता है। इसके साथ ही इसे सुरसुरी गंगा भी कहा जाता है।

तुरतुरिया में मौजूद है बालम दही नदी

तुरतुरिया में बालम दही नदी मौजूद है। कहा जाता है कि सीता मैया ने राम जी के लिए वाल्मीकि के कहने पर यहां तपस्या की थी। जिसके बहुत से आलेख यहां मिलते हैं, हालांकि श्रीराम वनगमन पथ के दौरान इस जगह को कुछ संवारने का प्रयास किया गया है जो तुरतुरिया को प्रसिद्ध भी बनाता है।

तुरतुरिया – बाल्मीकि आश्रम एवं लव-कुश की जन्मस्थली
वर्ग ऐतिहासिक, धार्मिक
तुरतुरिया एक प्राकृतिक एवं धार्मिक स्थल है जो रायपुर जिले से 84 किमी. एवं बलौदाबाजार जिले से 29 किमी., कसडोल तहसील से 12 किमी., बोरोई से 5 किमी. एवं सिरपुर से 23 किमी. दूर स्थित है, जिसे तुरतुरिया के नाम से जाना जाता है। उक्त स्थल को सुरसुरी गंगा के नाम से भी जाना जाता है। यह स्थान प्राकृतिक दृश्यों से परिपूर्ण एक मनोरम स्थल है जो चारों ओर पहाड़ियों से घिरा हुआ है। इसके आसपास बारनवापारा वन्य जीव अभ्यारण्य भी स्थित है। तुरतुरिया बहरिया नामक गांव के पास बलभद्री नाले पर स्थित है। कहा जाता है कि त्रेतायुग में महर्षि वाल्मीकि का आश्रम यहीं पर था और यही लव-कुश की जन्मस्थली थी।

 

 

 

इस स्थान का नाम तुरतुरिया इसलिए पड़ा क्योंकि बलभद्री नाले का जल प्रवाह चट्टान से होकर गुजरता है, तब उसमें से उठने वाली तरंगों के कारण तुर इसका जल प्रवाह एक लम्बी संकरी सुरंग से होकर एक कुंड में गिरता है जिसका निर्माण प्राचीन ईंटों से किया गया है। जिस स्थान पर यह जल कुंड में गिरता है, वहां एक गाय का मुख बना हुआ है, जिसके कारण उसके मुख से जल निकलता हुआ दिखाई देता है। गोमुख के दोनों ओर दो प्राचीन पाषाण प्रतिमाएं स्थापित हैं, जो विष्णु जी की हैं, इनमें से एक खड़ी मुद्रा में है तथा दूसरी प्रतिमा में विष्णु जी को शेषनाग पर बैठे हुए दिखाया गया है। कुंड के पास दो वीर व्यक्तियों की प्राचीन पाषाण प्रतिमाएं

बनी हुई हैं, जिनमें क्रमश: एक वीर सिंह को तलवार के साथ प्रदर्शित किया गया है, तथा दूसरी प्रतिमा में एक अन्य वीर व्यक्ति को पशु की गर्दन पहनाते हुए दिखाया गया है। इस स्थान पर शिवलिंग तो मिले ही हैं, इसके अतिरिक्त प्राचीन पाषाण स्तम्भ भी काफी मात्रा में बिखरे पड़े हैं, जिनमें कलात्मक उत्खनन किया गया है। इसके अतिरिक्त यहां कुछ शिलालेख भी स्थापित हैं। कुछ प्राचीन बुद्ध की प्रतिमाएं भी यहां स्थापित हैं। कुछ भग्न तीर्थों के अवशेष भी यहां मौजूद हैं।

इस स्थान पर बौद्ध, वैष्णव और शैव धर्म से संबंधित मूर्तियों का पाया जाना इस बात की पुष्टि भी करता है कि यहां इन तीनों संस्कृतियों की मिश्रित संस्कृति रही होगी। ऐसा माना जाता है कि यहां बौद्ध मठ थे, जिनमें बौद्ध भिक्षु निवास करते थे। सिरपुर के निकट होने के कारण इस बात को और बल मिलता है कि यह स्थान कभी बौद्ध संस्कृति का केंद्र रहा होगा। यहां प्राप्त शिलालेखों से यह अनुमान लगाया जाता है कि यहां प्राप्त मूर्ति का समय 8-9वीं शताब्दी है। आज भी यहां महिला पुजारियों की नियुक्ति होती है जो प्राचीन परंपरा है। अप्रैल माह में यहां तीन दिवसीय मेला लगता है और बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां आते हैं। धार्मिक और पुरातात्विक स्थल होने के साथ-साथ यह अपनी प्राकृतिक सुंदरता के कारण भी पर्यटकों को आकर्षित करता है।

सरायपाली/ भाग कर गया जंगल/ जंगली जानवरों को मारने के लिए लगाए गए बिजली तार से एक व्यक्ति की मौत मामले में एफआईआर दर्ज!

सरायपाली/ भाग कर गया जंगल/ जंगली जानवरों को मारने के लिए लगाए गए बिजली तार से एक व्यक्ति की मौत मामले में एफआईआर दर्ज!

थाना सरायपाली में सउनि के पद पर पदस्थ हूं थाना सरायपाली के मर्ग क्रमांक 48/2025 धारा 194 बीएनएसएस के मृतक चैतन सिंह पिता चमरू सिंह उम्र 47 साल साकिन डोंगरीपाली थाना सरायपाली जिला महासमुंद छ0ग0 के मृत्यु के संबंध में मृतक के परिजन एवं पंचानों से पुछताछ करने पर बताया कि दो दिन पूर्व चैतन सिंह का स्वास्थ्य खराब था जिसका ईलाज हेतु दिनांक 08/06/2025 को शाम के समय लंबर ले जाते समय लंबर के पहले पूर्व सरपंच निर्मल जाटवर का ब्रिक्स का फैक्ट्री है जहां पैसा मांगने के लिए उतरना एवं वहीं से जंगल की ओर अंधेरे का फायदा उठाकर भागना बताये आसपास पता तलाश करने कोई पता नही चला दूसरे दिन दिनांक 09/06/2025 को परिजन एवं गांव के लोगों के द्वारा लंबर के पास धनराज जंगल में खोजने पर मृतक का शव छाती के बल पर पड़ा

मिला मृतक के दाहिना पैर के टखना के पास जलना तथा बायें पैर के घुटना के नीचे का हड्डी जलना पाया गया । अज्ञात व्यक्तियों के द्वारा धनराज जंगल में जंगली जानवरों की शिकार के लिए बिछाये गये करेंट युक्त तार के चपेट में आने से मृतक चैतन सिंह की मृत्यु होना बताया गया तथा पीएम रिपोर्ट में डाक्टर के द्वारा मृतक की मृत्यु बिजली करेंट से होना लेख किया गया है । परिजनों एवं पंचानों के कथन पीएम रिपोर्ट के आधर पर अज्ञात व्यक्तियों का कृत्य अपराध धारा 106 (1) BNS का घटित करना पाये जाने से अपराध कायम कर विवेचना में लिया गया । मर्ग इंटीमेशन नकल जैल है- अकाल एवं आकस्मिक मृत्यु की सूचना पंजी (धारा 174 द.प्र.सं.)

थाना सरायपाली जिला-महासमुंद छ.ग.) मर्ग क्रमांक 48/2025 मृत्यु का कारण- बिजली करंट से मृतक का नाम व पता- चैतन सिंह पिता चमरू उम्र 47 वर्ष ग्राम डोंगरीपाली थाना सरायपाली जिला महासमुंद दिनांक समय घटना- 08/06/25 के 18/00 बजे से 09/06/25 के 15:00 बजे के मध्य घटनास्थल- धनराज जंगल दिनांक समय सूचना 09/06/25 के 18:56 बजे सूचनाकर्ता का नाम- सोहन सिंह पिता पृथ्वीराज सिंह उम्र 37 वर्ष ग्राम डोंगरीपाली थाना सरायपाली जिला महासमुंद विवरण- इस प्रकार है कि सूचक आज दिनांक 09/06/25 को हमराह टिकश्वर सिंह के थाना हाजिर आकर जबानी रिपोर्ट दर्ज कराया कि इसका मामा चैतन सिंह जो मानसिक रूप से अस्वस्थ् था मानसिक स्थिति खराब होने के कारण दिनांक 08/06/25 को लगभग 18/00 बजे घर स बिना बताये कहीं चला गया था जिसका आसपास पता तलाश किये जो पता नही चला आज दिनांक 09/06/25 को ग्रामीणों के द्वारा आसपास एवं गांव से लगे जंगल तरफ ढूढने गये तो धनराज जंगल में चैतन सिंह औधे

मुंह चेहरे के बल पर पड़ा हुआ था दाहिना पैर तखना के पास करंट से जल गया था किसी अज्ञात व्यक्तियों के द्वारा जंगली जानवर की शिकार के लिए बिछाये गये विद्युत तार की चपेट में आने से चेतन सिंह की मृत्यु हो गया है कि रिपोर्ट पर थाना सरायपाली में मर्ग इंटीमेशन चाक कर शव पंचनामा कार्यवाही में लिया गया !

सरायपाली बलौदा / लोन दिलाने के नाम पर लाखों रूपये की ठगी थाना मे 420 के तहत अपराध दर्ज!

सरायपाली बलौदा / लोन दिलाने के नाम पर लाखों रूपये की ठगी थाना मे 420 के तहत अपराध दर्ज!

 

मैं निरीक्षक उत्तम कुमार तिवारी थाना बलौदा में थाना प्रभारी के अनुसार
आवेदक लोचन सिंह दिवान पिता नन्कीराम दिवान उम्र 45 साल साकिन कालीदरहा थाना बलौदा जिला महासमुन्द छ0ग0 द्वारा दिये गये शिकायत पत्र के संबंध में जांच प्रतिवेदन । संदर्भ क्रमांक/पुअ/महा/शिशा/बलौदा-11/एम-9421/2024 दिनांक 18.11.2024, क्र/ अअपु/पिथौरा/सरा0/लोकल-शिकायत/(92)/2024 दिनांक 25.11.2024 । विषयांकित लेख है कि आवेदक लोचन सिंह दिवान पिता नन्कीराम दिवान उम्र 45 साल साकिन कालीदरहा थाना बलौदा जिला महासमुन्द छ0ग0 द्वारा अनावेदक 1. पुरन सिंह ठाकुर पिता गंगाधर ठाकुर ग्राम कोटद्वारी थाना बलौदा महासमुन्द छ0ग0, 2. संजय रथ पिता हेमसागर ग्राम कोटद्वारी थाना बलौदा महासमुन्द छ0ग0 के द्वारा UPI के माध्यम से एक्सीस बैंक से दिनांक 05.07.2021 से दिनांक 30.07.2021 तक कुल 06 लाख रूपये एवं रि फायनेंस के नाम पर बैंक आफ इंडिया से

एवं पुरन सिंह द्वारा 170000 रूपये को निकाल कर धोखाधडी करने बावत् शिकायत आवेदन जांच हेतु प्राप्त हुआ था उपरोक्त आवेदन में आवेदक एवं अनावेदक का विस्तृत कथन लिया गया आवेदन जांच पर पाया गया कि अनावेदक पुरन सिंह ठाकुर आवेदक लोचन दिवान को पहले से जानता था पुरन सिंह ठाकुर का ग्राम कोटद्वारी में हालर मील है वहां धान मिसाई कराने जाता था । लोचन दिवान को मकान बनाने के लिए पैसे की जरूरत पडने पर अनावेदक संजय रथ के पास ले गया जो कि लोन दिलाने का काम करता था इसके बाद संजय रथ और पुरन सिंह द्वारा लोचन दिवान से केसीसी लोन के लिए आवश्यक दस्तावेज आधार कार्ड, खेत का किसान किताब, फोटोग्राफ और मतदाता परिचय पत्र को आदि को लेकर बैंक के फार्मों में हस्ताक्षर कराकर केसीसी लोन के लिए आवेदन करा लिये। आवेदन कराते समय एक्सीस बैंक शाखा सरायपाली में

आवेदक के नाम का खाता खुलवा लिये ताकि लोन का पैसा इस खाते में जमा हो सके । खाता खोलवाते समय आवेदक के बिना सहमति एवं जानकारी के खाता में अनावेदक द्वारा अपना मोबाईल नंबर ********** को लिंक करा लिये और एक्सीस बैंक शाखा सरायपाली से दिनांक 05.07.2021 को लगभग 7,19,497 रूपये केसीसी लोन पास होने पर अपने उस नंबर पर UPI ट्रान्जेक्शन चालू कर संजय रथ द्वारा UPI के माध्यम से लोचन दिवान के एक्सीस बैंक सरायपाली के खाता क्रमांक 9210********** अपने बैंक आफ इंडिया के खाता क्रमांक बैंक सरायपाली 93711********** कुल 1,16,100 रूपये को एवं अलग अलग एकाउण्ट में 2,54,800 कुल रूपये 3,70,900 रूपये को बैंक से निकाल कर दिनांक 05.07.2021 से दिनांक 12.05.2022 तक धोखाधडी किया मामले मे आरोपी के खिलाप 420 का अपराध दर्ज कर मामला विवेचना मे लिया गया है!

रायपुर : हर आंगन में हरियाली : एक पेड़ माँ के नाम 2.0’

रायपुर : हर आंगन में हरियाली : एक पेड़ माँ के नाम 2.0’

50 हजार आवास हितग्राहियों के परिसरों में लगाए गए एक लाख से अधिक पौधे

गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में किया गया दर्ज

वृक्षारोपण पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी और प्रकृति से भावनात्मक जुड़ाव का प्रतीक : श्री अरुण साव

लोहड़िया और रामपुर में वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम में शामिल हुए उप मुख्यमंत्री

पौधरोपण कर जल व पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश

रामपुर में सी.सी. रोड के लिए 20 लाख रुपए की घोषणा की

हर आंगन में हरियाली लाने ‘‘एक पेड़ मां के नाम 2.0’’ वृक्षारोपण महाअभियान के तहत मुंगेली जिले के ग्राम लोहड़िया और रामपुर में पर्यावरण संरक्षण को नई दिशा देने अभिनव पहल की गई। वहां प्रधानमंत्री आवास योजना के 50 हजार हितग्राहियों के निवास परिसरों में एक लाख से अधिक पौधे रोपे गए। यह अनूठा और भावनात्मक अभियान न केवल हरियाली बढ़ाने की पहल है, बल्कि माताओं के प्रति गहरा सम्मान भी है।

इस अभिनव पहल को गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज किया गया। इस महाअभियान का जिला स्तरीय भव्य कार्यक्रम मुंगेली विकासखंड के ग्राम लोहड़िया और रामपुर स्थित महात्मा गांधी आक्सीजोन परिसर में आयोजित हुआ, जिसमें छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने आम के पौधे का रोपण कर जल और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इस दौरान मुंगेली विधायक श्री पुन्नूलाल मोहले, जिला पंचायत के अध्यक्ष श्री श्रीकांत पाण्डेय, कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार, पुलिस अधीक्षक श्री भोजराम पटेल, वनमंडलाधिकारी श्री अभिनव कुमार और जिला पंचायत के सीईओ श्री प्रभाकर पाण्डेय ने भी आम के पौधे का रोपण कर पर्यावरण के संरक्षण का संदेश दिया।

उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि वृक्षारोपण न केवल पर्यावरण के प्रति हमारी जिम्मेदारी को व्यक्त करता है, बल्कि प्रकृति से भावनात्मक जुड़ाव का भी प्रतीक है। जिले में इस वृक्षारोपण अभियान के तहत एक लाख से ज्यादा पौधे का रोपण कर वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया गया है, जिससे यह गिनीज़ बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में शामिल हो गया है, इसके लिए आप सभी बधाई के पात्र हैं। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ियों का जीवन स्वस्थ और सुखद हो, इसके लिए पौधे लगाना अति आवश्यक है। वृक्षारोपण का यह क्रम टूटना नहीं चाहिए, पर्यावरण संरक्षण हम सबकी जिम्मेदारी है।

उप मुख्यमंत्री श्री साव ने घटते जलस्तर पर चिंता व्यक्त करते हुए जल संरक्षण के लिए ज्यादा से ज्यादा पेड़ लगाने और वर्षा जल संरक्षण के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने रामपुर में सी.सी. रोड निर्माण के लिए 20 लाख रुपए की घोषणा की।

विधायक श्री पुन्नू लाल मोहले ने वृक्षारोपण अभियान के लिए मुंगेली जिला प्रशासन को धन्यवाद दिया। उन्होंने पर्यावरण के संरक्षण और इसे हरा-भरा बनाए रखने के लिए पेड़ लगाने को प्रोत्साहित किया। साथ ही गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज होने के लिए जिला प्रशासन की पूरी टीम को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

मुंगेली जिला पंचायत की उपाध्यक्ष श्रीमती शांति देवचरण भास्कर, जिला पंचायत सदस्य श्री उमाशंकर साहू, श्री पवन पाण्डेय और जनद पंचायत की उपाध्यक्ष श्रीमती पुष्पलता पदमिनी मोहले सहित अनेक जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक और ग्रामीण बड़ी संख्या में कार्यक्रम में मौजूद थेl

रायपुर : ग्रामीण विकास की रीढ़ की हड्डी हैं पंचायती राज संस्थाएं – मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

रायपुर : ग्रामीण विकास की रीढ़ की हड्डी हैं पंचायती राज संस्थाएं – मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

मुख्यमंत्री नवनिर्वाचित जिला पंचायत अध्यक्षों एवं उपाध्यक्षों के 03 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के शुभारंभ में हुए शामिल

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय  राजधानी रायपुर के निमोरा स्थित ठाकुर प्यारेलाल राज्य पंचायत एवं ग्रामीण विकास संस्थान में आयोजित नवनिर्वाचित जिला पंचायत अध्यक्षों एवं उपाध्यक्षों के लिए तीन दिवसीय आधारभूत/उन्मुखीकरण प्रशिक्षण कार्यक्रम के शुभारंभ में शामिल हुए।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पंचायती राज संस्थाएं ग्रामीण विकास की रीढ़ की हड्डी हैं। नवनिर्वाचित जिला पंचायत अध्यक्षों एवं उपाध्यक्षों के रूप में आप सभी के पास बहुत बड़ा अवसर और बड़ी जिम्मेदारी है। यदि दृढ़ इच्छाशक्ति हो तो एक व्यक्ति भी पूरे जिले की तस्वीर बदल सकता है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि लोक कल्याण की भावना से जनता की सेवा करने वालों को जनता स्वयं आगे बढ़ाती है। अपने राजनीतिक जीवन के अनुभव साझा करते हुए उन्होंने कहा कि मैंने भी अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत पंच के रूप में की थी। मैंने कभी नहीं सोचा था कि राजनीति में आऊंगा। 10 वर्ष की आयु में पिताजी के स्वर्गवास के बाद मेरे कंधों पर पूरे परिवार की जिम्मेदारी आ गई। मेरा पूरा जीवन संघर्ष में बीता। मैं सरपंच भी बनूंगा, यह मैंने कभी कल्पना नहीं की थी, लेकिन जनता का आशीर्वाद मिला, जिससे विधायक, सांसद और मुख्यमंत्री के रूप में सेवा का अवसर प्राप्त हुआ।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि कुछ कर गुजरने के लिए संसाधनों से अधिक महत्वपूर्ण इच्छाशक्ति होती है। जनहित में कार्य करने की सोच से अकेला व्यक्ति भी बहुत बड़ी उपलब्धि हासिल कर सकता है। उन्होंने कहा कि मुझे जिन प्रेरणादायी लोगों के जनसेवा के कार्यों को निकट से देखने का अवसर मिला, उनमें ओडिशा के डॉ. अच्युत सामंत और नानाजी देशमुख का उल्लेख करना चाहूंगा। अभावों में पले-बढ़े डॉ. अच्युत सामंत ने आजीवन जनता की सेवा का संकल्प लिया और भुवनेश्वर में एक बड़ा शिक्षण संस्थान स्थापित किया। इस संस्थान में वे लगभग 25 हजार जनजातीय बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा प्रदान कर रहे हैं। इसी तरह, चित्रकूट में नानाजी देशमुख ने दीनदयाल उपाध्याय शोध संस्थान के माध्यम से 500 गांवों को गोद लेकर उनके सर्वांगीण विकास का कार्य किया। वर्ष 2006-07 में जब मैं वहां गया, तब मुझे पता चला कि अब तक 80 गांवों को उन्होंने आत्मनिर्भर बना दिया है। इन गांवों में हर परिवार को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए कार्य किया गया। ये उदाहरण हमें यह बताते हैं कि एक व्यक्ति भी कितना बड़ा परिवर्तन ला सकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ हर दृष्टि से एक समृद्ध राज्य है। यहां 44 प्रतिशत भूभाग पर वन हैं। यहां की मिट्टी उर्वरा है और किसान मेहनतकश हैं। छत्तीसगढ़ के विकास में नक्सलवाद एक बड़ी बाधा था, जिसे हम समाप्त कर रहे हैं। जो नक्सली आत्मसमर्पण कर रहे हैं, उनके लिए हमने एक उत्कृष्ट पुनर्वास नीति बनाई है। जल्द ही राज्य नक्सलमुक्त होगा और बस्तर में सड़क, बिजली, पानी सहित सभी सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने बस्तर संभाग के मुलेर ग्राम का अपना अनुभव साझा करते हुए कहा कि इस क्षेत्र के आदिवासियों को राशन के लिए 25 किलोमीटर का पैदल सफर करना पड़ता था, जिसमें तीन दिन लगते थे। कल्पना की जा सकती है कि यह इलाका विकास में कितना पीछे था। हमने मुलेर को अलग पंचायत बनाने का निर्णय लिया और वहां राशन दुकान खोली। जब मैं वहां गया, तो लोगों की खुशी उनके चेहरों पर साफ दिखाई दे रही थी।

मुख्यमंत्री ने नवनिर्वाचित जिला पंचायत अध्यक्षों एवं उपाध्यक्षों से कहा कि गांवों का विकास किए बिना हम विकसित छत्तीसगढ़ नहीं बना सकते। प्रशिक्षण के इस समय का पूरा लाभ उठाएं। यह सदैव ध्यान रखें कि विकास कार्यों की गुणवत्ता से कोई समझौता न हो। नियमित रूप से अपने क्षेत्रों का दौरा करें। प्रवास और निरीक्षण से प्रशासनिक कसावट आती है और विकास कार्यों को गति मिलती है।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि जिला पंचायत के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के रूप में बेहतर कार्य करने के लिए स्वयं को पूरी तरह तैयार करें। पंचायती राज से जुड़े कानूनी प्रावधानों की गहन जानकारी रखें। गांव की उन्नति के लिए केवल निर्माण कार्य ही नहीं, बल्कि अन्य संभावनाओं पर भी सतत विचार करें। दुग्ध उत्पादन जैसे कार्यों से गांव की आर्थिक उन्नति सुनिश्चित होती है। गांव में आर्थिक समृद्धि आने से युवाओं को नई दिशा मिलती है और वे व्यसनों से दूर रहते हैं। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान आप ग्राम पंचायत के कार्य स्वरूप पर भी चिंतन करें। पंचायती राज संस्था से जुड़ी सभी प्रक्रियाओं को भलीभांति समझें, ताकि आप जनता के हित में बेहतर कार्य कर सकें। पंचायती राज संस्थाओं से जुड़े सभी स्तर के एक लाख सत्तर हजार लोगों को यहां प्रशिक्षित किया जाएगा। आज आप सभी से इसकी शुरुआत हो रही है।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने पेसा : पंचायत उपबंध एवं छत्तीसगढ़ पंचायत उपबंध मार्गदर्शिका, पंचमन पत्रिका तथा जनपद पंचायत अध्यक्ष, उपाध्यक्ष एवं सदस्यों हेतु पठन सामग्री का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने ठाकुर प्यारेलाल राज्य पंचायत एवं ग्रामीण विकास संस्थान के प्रांगण में मौलश्री पौधे का रोपण भी किया।

इस अवसर पर पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारीक सिंह, सचिव श्री भीम सिंह, संचालक श्रीमती प्रियंका ऋषि महोबिया तथा ठाकुर प्यारेलाल राज्य पंचायत एवं ग्रामीण विकास संस्थान के संचालक श्री पी. सी. मिश्रा उपस्थित थे।

 

महासमुंद : राज्यपाल श्री रमेन डेका से रेड क्रॉस जिला शाखा महासमुंद के प्रतिनिधियों ने की भेंट, गतिविधियों की दी जानकारी

महासमुंद : राज्यपाल श्री रमेन डेका से रेड क्रॉस जिला शाखा महासमुंद के प्रतिनिधियों ने की भेंट, गतिविधियों की दी जानकारी

राज्यपाल एवं पदेन अध्यक्ष इंडियन रेडक्रॉस सोसाइटी (राज्य शाखा, रायपुर) श्री रमेन डेका गत दिवस पिथौरा आगमन पर कलेक्टर एवं इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी जिला शाखा महासमुंद के अध्यक्ष श्री विनय कुमार लंगेह के मार्गदर्शन में रेड क्रॉस जिला शाखा महासमुंद के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर जिला शाखा के सभापति श्री संदीप दीवान, रेड क्रॉस जिला प्रबंध समिति के सदस्य श्री राजेश्वर खरे, जिला संगठक एवं राज्य प्रतिनिधि डॉ. अशोक गिरि गोस्वामी एवं प्रतिनिधि मंडल  ने राज्यपाल  से मुलाकात कर जिले में रेड क्रॉस द्वारा संचालित विभिन्न मानवीय और सामाजिक सेवा गतिविधियों की विस्तार से जानकारी दी।

राज्यपाल श्री डेका ने रेड क्रॉस सोसाइटी की सेवाओं की सराहना करते हुए कहा कि समाज में मानवीय सहायता एवं आपातकालीन सेवा कार्यों में रेड क्रॉस की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने जिले में चल रही गतिविधियों को विस्तार देने और अधिक से अधिक जरूरतमंदों तक सहायता पहुंचाने के लिए आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किए।

प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि रेड क्रॉस सोसाइटी का प्रमुख उद्देश्य आपदा प्रबंधन, रक्तदान प्रोत्साहन, प्राथमिक उपचार, स्वास्थ्य जागरूकता, गरीबों एवं जरूरतमंदों की सहायता और मानवीय सेवा के कार्यों को प्रभावी रूप से क्रियान्वित करना है। जिले में इन कार्यों को सतत रूप से संचालित किया जा रहा है।

इस अवसर पर श्री तेजलाल देवांगन, दिनेश कुमार साहू (रेडक्रॉस प्रशिक्षक एवं जू.रे.क्रॉ. सचिव, पिथौरा), शासकीय कन्या शाला, पिथौरा से रेडक्रॉस काउंसलर्स ज्योति पटेल एवं विमला नायक, वालेंटियर्स मोनिका निषाद, प्रिया साहू, मुस्कान यादव, कसिस सिन्हा, तथा शासकीय आर.के. स्कूल, पिथौरा से वालेंटियर्स ओम मिर्धा, दिवाकर निषाद, मुस्कान यादव, सुजल बाग शामिल थे।

 

रायपुर : विधानसभा सचिवालय प्राप्त सभी प्रश्नों का समय – सीमा में सारगर्भित एवं स्पष्ट जबाव दिया जाए: श्री सोनमणि बोरा

रायपुर : विधानसभा सचिवालय प्राप्त सभी प्रश्नों का समय – सीमा में सारगर्भित एवं स्पष्ट जबाव दिया जाए: श्री सोनमणि बोरा

जनजातीय गौरव दिवस के उपलक्ष्य में 01 से 15 01नवंबर तक व्यापक कार्ययोजना बनाने के दिए निर्देश

निर्माणाधीन शहीद वीर नारायण सिंह संग्रहालय का  किया निरीक्षण

प्रमुख सचिव श्री  बोरा ने की विभागीय काम- काज की  गई समीक्षा

आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने विभागीय अधिकारियों की बैठक लेकर काम काज की प्रगति की समीक्षा की । बैठक नवा रायपुर टीआरटीआई स्थित सभाकक्ष में  सम्पन्न हुई।  प्रमुख सचिव श्री बोरा ने आगामी विधानसभा सत्र के मददे्नजर समीक्षा बैठक लेकर अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। बैठक में उन्होंने निर्देशित किया कि विधानसभा सचिवालय से प्राप्त सभी प्रश्नों का समय – सीमा में जबाव दिया जाए। प्रश्नों का जवाब सारगर्भित एवं स्पष्ट होना चाहिए। जिले से संबंधित प्रश्नों पर तत्काल संबंधित जिले के सहायक आयुक्त से संपर्क कर निर्धारित समयसीमा में जानकारी प्राप्त कर इसे सर्वाेच्च प्राथमिकता के साथ विधानसभा सचिवालय भेजना सुनिश्चित किया जाए। श्री बोरा ने कहा कि विधानसभा सचिवालय से प्राप्त सभी प्रश्नों के जवाब 07 जुलाई तक अनिवार्य रूप से तैयार किए जाने के निर्देश दिए। बैठक में आयुक्त डॉ. सारांश मित्तर, संचालक, टीआरटीआई श्री जगदीश कुमार सोनकर, उपसचिव श्री बी.के.राजपूत एवं अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

प्रमुख सचिव श्री बोरा द्वारा प्रयास एवं एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों के निर्माण कार्यों की भी समीक्षा की गई। साथ ही नवीन शि़क्षण सत्र 2025-26 में प्रवेश की स्थिति एवं अन्य आवश्क व्यवस्थाओं की जानकारी ली गई। उन्होंने प्रयास, एकलव्य के साथ-साथ अन्य सभी विभागीय छात्रावास-आश्रमों में अच्छी कम्प्यूटर लैब की आवश्यकता पर बल दिया। साथ ही संवेदनशील छात्रावास-आश्रमों में तत्काल सीसीटीवी कैमरा लगाए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने नवंबर माह में राज्य स्थापना के 25 वर्ष पूर्ण होने एवं जनजातीय गौरव दिवस के उपलक्ष्य में 01 नवंबर से 15 नवंबर तक के लिए एक व्यापक कार्ययोजना बनाए जाने के निर्देश दिए। इनमें आदिवासी साहित्य उत्सव, जनजातीय बुक फेयर, जनजातीय सांस्कृतिक उत्सव, जनजातीय चित्रकला, जनजातीय फिल्म फेस्टिवल, जनजातीय रामायण इत्यादि कार्यक्रम कराए जाने हेतु निर्देशित किया गया।

प्रमुख सचिव  श्री बोरा ने टीआरटीआई परिसर में निर्माणाधीन शहीद वीर नारायण सिंह आदिवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय की भी डिजिटली समीक्षा करने के पश्चात मौके पर जाकर सभी 14 गैलरियों का निरीक्षण किया एवं मौके पर उपस्थित अधिकारियों, इंजीनियर्स, क्यूरेटर एवं निर्माण एजेंसी के अधिकारियों को आवश्यक निर्देश देते हुए 30 सितंबर तक सभी निर्माण कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए । उन्होंने संग्रहालय में निर्माणाधीन गिफ्ट शॉप एवं ऑडियो-विजुअल के संबंध में भी आवश्यक व्यवस्था करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अब उनके द्वारा प्रत्येक  गुरूवार को संग्रहालय का निरीक्षण किया जाएगा।

 

महासमुंद / अवैध रेत परिवहन पर कड़ी कार्रवाई, 05 हाइवा वाहन जप्त

महासमुंद / अवैध रेत परिवहन पर कड़ी कार्रवाई, 05 हाइवा वाहन जप्त
महासमुंद, 5 जुलाई 2025/ कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह के निर्देशानुसार अवैध खनिज उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण पर रोक लगाने हेतु खनिज विभाग द्वारा सतत कार्रवाई जारी है। इसी क्रम में आज संयुक्त टीम द्वारा महासमुंद विकासखंड अंतर्गत ग्राम मोहकम में रेत का अवैध परिवहन करते हुए 05 हाइवा वाहन को जप्त किया गया। सभी वाहनों को जब्त कर सुरक्षार्थ तुमगांव थाना में खड़ा किया गया है।
खनिज अधिकारी श्री योगेन्द्र सिंह ने बताया कि उक्त वाहनों पर खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम 1957 की धारा 21 के अंतर्गत कठोर दंडात्मक कार्यवाही की जाएगी। इस प्रकरण में 2 से 5 वर्षों की सजा का प्रावधान है और संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध एफ आई आर दर्ज कर न्यायालय में परिवाद प्रस्तुत किया जाएगा। पूर्व में भी खनिज पट्टेदारों एवं खनिज परिवहनकर्ताओं को स्पष्ट निर्देश दिए जा चुके हैं कि
बिना वैध अभिवहन पास के खनिज का उत्खनन, परिवहन या भंडारण करना कानूनन अपराध है। कलेक्टर के निर्देशानुसार जिले में अवैध खनिज गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण हेतु खनिज विभाग का विशेष अभियान सतत जारी रहेगा और दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी

रायपुर : समन्वित पोषण प्रबंधन से बदलती खेती का चेहरा बेमेतरा की सहज क्रांति

रायपुर : समन्वित पोषण प्रबंधन से बदलती खेती का चेहरा बेमेतरा की सहज क्रांति

जब मानसूनी बादल आसमान में उमड़-घुमड़ रहे थे, तब नवलपुर (विकासखंड बेमेतरा) की श्रीमती बेदनबाई पति श्री सोपन ने अपने 2.42 एकड़ खेत में हल चलाते हुए एक सधे हुए कदम के साथ समन्वित पोषण प्रबंधन (प्छड) की नई राह पकड़ी। यह राह केवल उनकी खेती का भविष्य ही नहीं, बल्कि जिले के हज़ारों कृषकों के लिए भी उम्मीद की इबारत लिख रही हैकृऔर इसके केंद्र में है राज्य सरकार की “मिट्टी सेहतदृफसल उपज” अभियान श्रृंखला।

फसलों की स्वस्थ वृद्धि और अधिक उत्पादन के लिए कुल 17 प्रकार के पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है, जिनमें नाइट्रोजन, फास्फोरस और पोटाश प्रमुख हैं। नाइट्रोजन पौधों में प्रकाश संश्लेषण की क्रिया को तीव्र करता है तथा तनों और पत्तियों की वृद्धि में सहायक होता है। फास्फोरस जड़ों की मजबूती और विकास के लिए अनिवार्य है। पोटाश पौधों की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के साथ-साथ जल अवशोषण में भी मदद करता है।

इन पोषक तत्वों की पूर्ति के लिए किसान यूरिया, डीएपी, एनपीके, सुपर फास्फेट, पोटाश जैसे विभिन्न उर्वरकों का उपयोग करते हैं। अब किसान सिर्फ एक ही प्रकार के उर्वरक पर निर्भर न रहकर मिश्रित और संतुलित उर्वरक रणनीति अपना रहे हैं, ताकि मिट्टी की उर्वरता बनी रहे और फसल की गुणवत्ता भी बेहतर हो।

इस दिशा में जिले के नवलपुर ग्राम (विकासखंड बेमेतरा) की कृषक श्रीमती बेदनबाई पति श्री सोपन एक उदाहरण बनकर सामने आई हैं। उन्होंने अपने 2.42 एकड़ खेत में समन्वित पोषण प्रबंधन अपनाते हुए सेवा सहकारी समिति लोलेसरा से 10 बोरी यूरिया, 01 बोरी सुपरफास्फेट, 03 बोरी डीएपी और 01 बोरी पोटाश का उठाव किया है।

कृषक श्रीमती बेदनबाई ने बताया कि वे अपने खेत में हमेशा संतुलित मात्रा में और आवश्यकतानुसार उर्वरकों का ही उपयोग करती हैं। उनका मानना है कि एक ही प्रकार की खाद पर निर्भरता से फसल को पूर्ण पोषण नहीं मिल पाता। इसलिए वे अलग-अलग स्रोतों से आवश्यक पोषक तत्वों की पूर्ति करती हैं, जिससे भूमि की उर्वरा शक्ति भी बनी रहती है और उत्पादन भी संतोषजनक होता है। जिला कृषि विभाग द्वारा भी किसानों को नियमित रूप से जागरूक किया जा रहा है कि वे वैज्ञानिक सलाह के अनुरूप उर्वरकों का संतुलित उपयोग करें, ताकि मृदा की सेहत बनी रहे और दीर्घकालीन लाभ प्राप्त किया जा सके।