रायपुर : राज्यपाल श्री डेका ने राजीव लोचन का किया दर्शन

रायपुर : राज्यपाल श्री डेका ने राजीव लोचन का किया दर्शन

राज्यपाल श्री रमेन डेका ने गरियाबंद जिले के प्रवास के दौरान  आज राजिम में भगवान श्री राजीव लोचन एवं कुलेश्वर महादेव मंदिर में दर्शन एवं पूजा अर्चना कर देश एवं प्रदेश की सुख समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। उन्होंने लोमष ऋषि आश्रम का भी  अवलोकन किया।

 

रायपुर : छत्तीसगढ़ में शालाओं और शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण से शिक्षा में नया संतुलन 

रायपुर : छत्तीसगढ़ में शालाओं और शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण से शिक्षा में नया संतुलन

दूरस्थ अंचल के स्कूलों के बच्चों को मिलेगी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा

छत्तीसगढ़ में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और प्रत्येक विद्यार्थी को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के अंतर्गत शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण की एक व्यापक और प्रभावशाली प्रक्रिया शुरू की है। इस पहल से दूरस्थ, आदिवासी व ग्रामीण क्षेत्रों में लंबे समय से शिक्षकों की कमी से जूझ रहे स्कूलों में शिक्षकों की उपलब्धता और शिक्षा की गुणवत्ता का नया संतुलन कायम होगा।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का कहना है कि युक्तियुक्तकरण का उद्देश्य शहरी एवं ग्रामीण इलाकों में शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाना है। इसको ध्यान में रखकर शालाओं और शिक्षकों का तर्कसंगत समायोजन किया जा रहा है। जहां जरूरत ज्यादा है, वहां शिक्षकों का बेहतर ढंग से उपयोग सुनिश्चित हो। उन स्कूलों को, जो कम छात्रों के कारण समुचित शिक्षा नहीं दे पा रहे हैं, उन्हें नजदीक के अच्छे स्कूलों के साथ समायोजित किया जा रहा है, ताकि बच्चों को बेहतर माहौल, संसाधन और पढ़ाई का समान अवसर मिल सके। युक्तियुक्तकरण से शिक्षा का स्तर सुधरेगा और हर बच्चे को अच्छी और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलेगी। यह पहल राज्य की शिक्षा व्यवस्था को ज्यादा सशक्त और संतुलित बनाएगी।

कोरबा जिले के सभी प्राथमिक और मिडिल स्कूलों में अब न्यूनतम दो व तीन शिक्षक पदस्थ किए गए हैं। 287 सहायक शिक्षक, 147 माध्यमिक शिक्षक और 75 व्याख्याताओं को काउंसलिंग के माध्यम से ऐसी शालाओं में पदस्थ किया गया है, जहां शिक्षक की जरूरत थी। इससे पोड़ी उपरोड़ा, पाली, करतला, कटघोरा जैसे दूरस्थ क्षेत्रों में वर्षों से शिक्षकविहीन रहे विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा। गणित, विज्ञान जैसे विषयों के विशेषज्ञों शिक्षक स्कूलों में उपलब्ध होंगे।

रायपुर के धरसीवां विकासखंड में कई स्कूलों में छात्रों की संख्या के मान से शिक्षक अधिक पदस्थ हैं। नयापारा कन्या स्कूल में 33 छात्राओं पर 7 शिक्षक तथा रविग्राम में 82 विद्यार्थियों पर 8 शिक्षक पदस्थ हैं। युक्तियुक्तकरण के माध्यम से इन शिक्षकों को आवश्यकता वाली शालाओं में पदस्थ किया जाएगा, जिससे शिक्षक और छात्र के अनुपात का संतुलन कायम होने के साथ ही दूरस्थ इलाकों के बच्चों को भी अध्यापन के लिए शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित होगी।

इसी तरह शिक्षकों की पदस्थापना में असंतुलन के चलते राजनांदगांव और दुर्ग जिले के ग्रामीण स्कूलों के परीक्षा परिणामों में गिरावट आई है। राजनांदगांव के घोटिया स्कूल में 103 छात्रों पर मात्र 3 व्याख्याता हैं, वहीं दुर्ग के मुरमुदा, सिलितरा और बिरेझर जैसे स्कूलों में पर्याप्त संख्या में व्याख्याता न होने के कारण इन स्कूलों का परीक्षा परिणाम प्रभावित हो रहा है। इसके उलट शहरी स्कूलों में शिक्षक आवश्यकता से अधिक पदस्थ हैं। युक्तियुक्तकरण से अब इस असमानता को दूर किया जा रहा है।

बस्तर संभाग के सात जिलों बस्तर, बीजापुर, कोंडागांव, नारायणपुर, दंतेवाड़ा, कांकेर और सुकमा में कुल 1611 स्कूलों का युक्तियुक्तकरण किया जा रहा है। इससे शैक्षणिक संसाधनों का समुचित वितरण, पुस्तकालय, प्रयोगशाला, कंप्यूटर, खेल सामग्री जैसी सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित होगी। साथ ही, एक ही परिसर में संचालित शालाओं का एकीकरण कर प्रशासनिक खर्च में भी बचत होगी। कमोवेश यह स्थिति कोरिया जिले में मिली, जिसके कारण जिले में 81 सहायक शिक्षक, 33 शिक्षक व 7 व्याख्याताओं को ऐसी शालाओं में पदस्थ किया गया, जहां शिक्षकों की जरूरत रही है। जिलों में युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी ढंग से संचालित की जा रही है और अतिशेष शिक्षकों को काउंसलिंग के माध्यम से उनकी पसंद की शालाओं में पदस्थ किया जा रहा है।

सरगुजा जिले में भी युक्तियुक्तकरण के माध्यम से 283 सहायक शिक्षकों को उन शालाओं में भेजा गया है, जहां शिक्षकों की जरूरत थी। जांजगीर जिले में 18 प्रधान पाठक, 196 शिक्षक और 436 सहायक शिक्षकों की काउंसलिंग प्रक्रिया पारदर्शी व वरिष्ठता प्रणाली के आधार पर पूर्ण की गई। चयनित शिक्षकों को तत्काल पदस्थापना आदेश भी दे दिए गए हैं। छत्तीसगढ़ में शिक्षक युक्तियुक्तकरण की यह नीति न केवल शैक्षणिक असमानताओं को दूर कर रही है, बल्कि प्रत्येक विद्यार्थी को समान, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में एक सशक्त और दूरदर्शी कदम है।

 

कुंभकार महासंघ फुलझर अंचल के केंद्रीय कार्यकारिणी का निर्वाचन 2025 सफलतापूर्वक संपन्न अध्यक्ष बने धर्मेन्द्र नाथ राणा एक नई टीम, एक नया संकल्प, समाज के उत्थान की नई दिशा —

कुंभकार महासंघ फुलझर अंचल के केंद्रीय कार्यकारिणी का निर्वाचन 2025 सफलतापूर्वक संपन्न
अध्यक्ष बने धर्मेन्द्र नाथ राणा
एक नई टीम, एक नया संकल्प, समाज के उत्थान की नई दिशा —

कुंभकार महासंघ फुलझर अंचल की केंद्रीय कार्यकारिणी का बहुप्रतीक्षित निर्वाचन दिनांक *03 जून 2025* को पूर्ण गरिमा और पारदर्शिता के साथ संपन्न हुआ। इस ऐतिहासिक प्रक्रिया का सफल संचालन चुनाव अधिकारियों बाबूलाल राणा एवं लक्ष्मीनारायण पाण्डे के दिशा-निर्देशन में हुआ, जिनके कुशल मार्गदर्शन और समर्पण ने लोकतांत्रिक मूल्यों की मिसाल प्रस्तुत की।

इस अवसर पर निम्नलिखित पदाधिकारियों का निर्वाचन हुआ —

🔹 *सम्मानित सदस्य* : श्री सुभाष चंद्र राणा
🔹 *संरक्षक* : श्री लक्ष्मीनारायण पाण्डे, श्री बाबूलाल राणा
🔹 *अध्यक्ष* : श्री धर्मेन्द्र नाथ राणा
🔹 *वरिष्ठ उपाध्यक्ष* : श्री श्रवण कुमार राणा
🔹 *कनिष्ठ उपाध्यक्ष* : श्री पुरूषोत्तम पांडे
🔹 *महासचिव* : श्री केदारनाथ राणा
🔹 *कोषाध्यक्ष* : श्री जगन्नाथ प्रसाद राणा
🔹 *सहसचिव* : श्री खीरसागर राणा
🔹 *सांस्कृतिक गतिविधि संयोजक* : श्री मनोज राणा
🔹 *मीडिया प्रभारी* : श्री अशोक कुमार राणा
🔹 *आईटी प्रभारी* : श्री हिरत राणा
🔹 *कार्यकारिणी सदस्यगण* :
श्री संजय राणा, श्री अभिमन्यु राणा, श्री धर्मप्रसाद राणा,
श्री भीमसेन राणा, श्री राजेन्द्र राणा, श्री रेशमलाल राणा,
श्री गजानंद पाण्डे

नवगठित टीम को समाजहित में कार्य करने का दायित्व सौंपा गया है। सभी नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को समाज के विभिन्न वर्गों से शुभकामनाएं और समर्थन प्राप्त हो रहा है। इस नवीन कार्यकारिणी से समाज में नवचेतना, एकता और रचनात्मक ऊर्जा का संचार होगा — यही सभी की आशा है।

“मिट्टी से जीवन गढ़ने वाला यह समाज,
अब संगठन से नवयुग रचने को तत्पर है।”

मीडिया प्रभारी *श्री अशोक कुमार राणा* ने समस्त नवनिर्वाचित सदस्यों को हृदय से बधाई एवं शुभकामनाएं दीं तथा आगामी कार्यकाल हेतु विश्वास व्यक्त किया कि यह कार्यकारिणी समाज को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाएगी।

रायपुर : कर्नाटक के चिन्नास्वामी स्टेडियम में भगदड़ की घटना में अनेक लोगों की मृत्यु पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने जताया गहरा शोक

रायपुर : कर्नाटक के चिन्नास्वामी स्टेडियम में भगदड़ की घटना में अनेक लोगों की मृत्यु पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने जताया गहरा शोक

कर्नाटक के चिन्नास्वामी स्टेडियम में हुए भगदड़ में कई लोगों की असामयिक मृत्यु एवं घायल होने की घटना पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने गहरा शोक व्यक्त किया है।

उन्होंने कहा कि यह घटना अत्यंत दुखद है। विपदा की इस घड़ी में हम अपेक्षा करते हैं कि कर्नाटक सरकार इस घटना की गंभीरता को देखते हुए राहत और बचाव के सभी आवश्यक कदम शीघ्रता से उठाएगी, ताकि पीड़ितों को हरसंभव सहायता मिल सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

मुख्यमंत्री श्री साय ने शोकाकुल परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्माओं की शांति तथा घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की प्रार्थना की है।

 

रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों को विश्व पर्यावरण दिवस की शुभकामनाएं दीं

रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों को विश्व पर्यावरण दिवस की शुभकामनाएं दीं

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों को विश्व पर्यावरण दिवस की बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री श्री साय ने पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि हम प्रतिवर्ष 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस मनाते हैं। उन्होंने कहा कि यह दिन मानव और प्रकृति के बीच प्रेम और सामंजस्य बढ़ाने के लिए प्रेरित करता है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा  कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा पर्यावरण संरक्षण के लिए चलाया गया ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान एक व्यापक जन अभियान बन गया है। वृक्षों को कटने से बचाने के साथ-साथ अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने के लिए लोगों को आगे आना चाहिए और दूसरों को भी वृक्षारोपण के लिए जागरूक करना चाहिए, जिससे हम प्रदूषण रहित, स्वस्थ छत्तीसगढ़ और स्वस्थ भारत के निर्माण में योगदान दे सकें।

पिथौरा -/ सीएम हाउस के सामने आत्मदाह की चेतावनी : विधवा महिला ने शिक्षिका पर लगाया मकान हड़पने का आरोप, कलेक्टर से लगाई गुहार, कहा – न्याय नहीं मिला तो करुंगी आत्मदाह

पिथौरा -/ सीएम हाउस के सामने आत्मदाह की चेतावनी : विधवा महिला ने शिक्षिका पर लगाया मकान हड़पने का आरोप, कलेक्टर से लगाई गुहार, कहा – न्याय नहीं मिला तो करुंगी आत्मदाह

महासमुंद जिले के पिथौरा विकासखंड के लहरौद गांव की रहने वाली 70 वर्षीय विधवा महिला ने एक शासकीय शिक्षिका पर मकान हड़पने और धमकाने का आरोप लगाया है। प्रतिभा मसीह ने कलेक्टर जनदर्शन में पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई. उन्होंने न्याय नहीं मिलने पर 10 जून को रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास के सामने आत्मदाह करने की चेतावनी दी.

प्रतिभा मसीह का आरोप है कि उन्होंने 2017 में लहरौद गांव के वार्ड क्रमांक 6 में स्थित मकान खरीदा था, लेकिन आर्थिक तंगी के चलते 2019 में उन्होंने गांव की ही शासकीय शिक्षिका गंगादेवी ध्रुव से 73 हजार रुपए उधार लिए और ये तय हुआ था कि छह माह में राशि लौटाकर मकान वापस ले लेगी, लेकिन तय समय से पहले ही जब उन्होंने पैसा लौटाने की कोशिश की तो शिक्षिका ने रकम लेने से इनकार कर दिया और दावा किया कि मकान अब उन्हीं का है.

पीड़िता का आरोप- सरकारी भूमि पर भी शिक्षिका ने किया है अवैध कब्जा
प्रतिभा मसीह अब एक जर्जर टीनशेड मकान में अपनी मानसिक रूप से कमजोर बेटी और नाती के साथ रह रही हैं. प्रतिभा मसीह ने यह भी आरोप लगाया है कि शिक्षिका गंगादेवी ध्रुव ने गांव की शासकीय बड़ेझाड़ मद की भूमि पर भी अवैध कब्जा किया है और निर्माण करा रही है.

पटवारी को भेजकर मामले की जांच कराएंगे : एसडीएम
इस मामले में पिथौरा एसडीएम का कहना है कि थाना प्रभारी एवं जनदर्शन के माध्यम से मामला मेरे संज्ञान में आया है. प्रथम दृष्टिया पैसे का लेनदेन का मामला लग रहा है. किसी स्टांप पेपर के आधार पर पैसा का लेनदेन किया गया है. पटवारी को भेज कर वस्तु स्थिति की जांच की जाएगी. इसके बाद यथासंभव आवश्यक कार्रवाई की जाएगी.

महासमुंद : प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम बना राजेंद्र के सपनों का आधार

महासमुंद : प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम बना राजेंद्र के सपनों का आधार

शुरू किया सेंटरिंग प्लेट व्यवसाय

09.5 लाख की ऋण सहायता से शुरू किया व्यवसाय, अब अर्जित कर रहे नियमित आय

प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम केंद्र सरकार की एक महत्वाकांक्षी और प्रमुख योजना है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में रहने वाले बेरोजगार युवाओं को स्वरोजगार के अवसर प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। इस योजना के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों को स्वयं का उद्यम स्थापित करने हेतु बैंकों के माध्यम से ऋण सहायता उपलब्ध कराई जाती है, जिसमें एक निश्चित प्रतिशत तक अनुदान (सब्सिडी) भी प्रदान किया जाता है।

इसी योजना के तहत महासमुंद विकासखंड के ग्राम खरोरा निवासी श्री राजेंद्र चंद्राकर ने लाभ प्राप्त किया। श्री चंद्राकर ने स्नातक स्तर तक शिक्षा प्राप्त की है। शिक्षा पूर्ण करने के पश्चात् उन्होंने नौकरी की बजाय स्वयं का व्यवसाय प्रारंभ करने का निश्चय किया, ताकि वे स्वावलंबी बन सकें। हालांकि, व्यवसाय की शुरुआत के लिए उनके पास आवश्यक पूंजी की कमी थी, जिससे उनका सपना साकार नहीं हो पा रहा था। इसी दौरान उन्हें प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के बारे में जानकारी प्राप्त हुई, जिसने उनके लिए एक नई राह खोल दी।

इसी योजना का लाभ उठाने के उद्देश्य से श्री चंद्राकर ने खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग, जिला पंचायत महासमुंद से संपर्क किया। उन्होंने विभाग से योजना की विस्तृत जानकारी प्राप्त की, जिसमें उन्हें योजना के अंतर्गत पात्रता, आवेदन प्रक्रिया, अनुदान की सीमा, ऋण की शर्तें, एवं व्यावसायिक गतिविधियों की सूची जैसी महत्वपूर्ण जानकारियाँ दी गईं। विभाग की मार्गदर्शन एवं दिशा-निर्देशों के अनुसार श्री चंद्राकर ने निर्धारित प्रारूप में अपना ऋण प्रकरण तैयार कर आवेदन जमा किया।

उनका ऋण आवेदन खादी ग्रामोद्योग विभाग द्वारा औपचारिक रूप से पंजाब नेशनल बैंक, महासमुंद शाखा को अग्रेषित किया गया। बैंक द्वारा श्री राजेंद्र के ऋण प्रकरण की विधिवत समीक्षा एवं मूल्यांकन के पश्चात उन्हें 9,50,000 की ऋण सहायता स्वीकृत की गई।

इस आर्थिक सहायता का उपयोग करते हुए श्री राजेंद्र ने निर्माण कार्यों में उपयोग आने वाली लकड़ी की सेंट्रिंग प्लेटों की खरीदारी की। उन्होंने इन प्लेटों को स्थानीय शासकीय निर्माण कार्यों तथा निजी ठेकेदारों को किराये पर देना प्रारंभ किया। वर्तमान में वे प्रति फीट 05 रुपए की दर से सेंट्रिंग प्लेटों को किराए पर उपलब्ध कराते हैं। इनका उपयोग शासकीय भवन निर्माण तथा निजी निर्माण कार्यों में किया जाता है। सस्ती और सुलभ दरों के कारण इनकी मांग लगातार बनी हुई है, जिससे राजेंद्र को नियमित आय प्राप्त हो रही है और उनका व्यवसाय धीरे-धीरे सफलतापूर्वक विस्तार की ओर अग्रसर है। वर्तमान में श्री चंद्राकर इस केंद्र के माध्यम से प्रतिमाह लगभग 30 से 35 हजार की आय अर्जित कर रहे हैं। साथ ही वे ऋण की मासिक किश्तों का समय पर और नियमित रूप से भुगतान कर रहे हैं। जिससे उनकी वित्तीय साख भी मजबूत हुई है। प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के माध्यम से श्री चंद्राकर न केवल अपनी आजीविका चला रहे हैं, बल्कि समाज में सम्मानजनक जीवन भी व्यतीत कर रहे हैं।

महासमुंद : जिले में धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान 15 जून से

महासमुंद : जिले में धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान 15 जून से

308 ग्रामों में विशेष शिविरों का आयोजन

3 हजार से अधिक कमार जनजातियों को मिलेगा सीधा लाभ

केंद्र सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय द्वारा आदिवासी क्षेत्रों के सर्वांगीण विकास के उद्देश्य से प्रधानमंत्री जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान ’धरती आबा’ की शुरुआत की गई है। इसी क्रम में महासमुंद जिले में कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह के नेतृत्व में इस अभियान के सफल संचालन और आम नागरिकों के बीच व्यापक जागरूकता सुनिश्चित करने के लिए 15 जून से 30 जून तक विशेष अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य जनजातीय समुदायों की सामाजिक और आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ बनाना तथा उन्हें सरकारी योजनाओं की मुख्यधारा से जोड़ते हुए समावेशी विकास को बढ़ावा देना है।

इस अभियान में कमार जनजाति पर विशेष ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। जिले के तीन विकासखंडों के 77 चिन्हांकित ग्रामों में निवासरत लगभग 3271 कमार जनजाति के लोगों को विभिन्न सरकारी योजनाओं से जोड़ने का कार्य प्राथमिकता से किया जाएगा। अभियान की पारदर्शिता एवं सफलता सुनिश्चित करने हेतु जिला एवं विकासखंड स्तर पर विशेष निगरानी समितियाँ गठित की गई हैं, जिनकी सतत निगरानी कलेक्टर स्वयं कर रहे हैं। आदिवासी विकास विभाग को इस अभियान का नोडल विभाग नियुक्त किया गया है, जो अन्य सभी विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर कार्य का संचालन कर रहा है।

जिले के पांचों विकासखंडों के 308 चयनित ग्रामों में शिविरों का आयोजन किया जाएगा, जिनके माध्यम से केंद्र सरकार के 18 मंत्रालयों की 25 जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ सीधे ग्रामीणों तक पहुँचाया जाएगा। महासमुंद के 25, बागबाहरा के 33, पिथौरा के 210, बसना के 24 और सरायपाली के 16 ग्रामों में लगने वाले इन शिविरों के माध्यम से हितग्राहियों के आधार कार्ड, राशन कार्ड, जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, आयुष्मान कार्ड, प्रधानमंत्री किसान क्रेडिट कार्ड, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना, जनधन योजना, सामाजिक सुरक्षा अंतर्गत वृद्धा पेंशन योजना, विधवा पेंशन, दिव्यांग पेंशन, नरेगा जॉब कार्ड, प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना, मुद्रा लोन, मातृ एवं शिशु कल्याण लाभ से आच्छादित किया जाएगा। धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान का उद्देश्य जनजातीय बहुल गांवों और आकांक्षी जिलों में जनजातीय परिवारों के लिए परिपूर्णता कवरेज अपनाकर जनजातीय समुदायों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति में सुधार करना और उन्हें केन्द्र व राज्य सरकार की विभिन्न लोक कल्याणकारी योजनाओं से जोड़कर उनका लाभ दिलवाना है।

रायपुर : राज्यपाल श्री डेका ने पहलगाम आतंकी हमले में जान गंवाने वाले स्वर्गीय श्री अग्रवाल के परिजनों को दी सहायता राशि

रायपुर : राज्यपाल श्री डेका ने पहलगाम आतंकी हमले में जान गंवाने वाले स्वर्गीय श्री अग्रवाल के परिजनों को दी सहायता राशि

राज्यपाल श्री रमेन डेका ने संवेदनशीलता का परिचय देते हुए जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में जान गंवाने वाले रायपुर निवासी स्वर्गीय श्री दिनेश अग्रवाल की पत्नी श्रीमती नेहा अग्रवाल को स्वेच्छानुदान मद से गत दिवस 2 लाख रूपए की सहायता राशि संबंधी चेक प्रदान किया।

 

 

रायपुर : प्रधानमंत्री आवास योजना बनी ग्रामीण महिला समूहों की आजीविका का आधार

रायपुर : प्रधानमंत्री आवास योजना बनी ग्रामीण महिला समूहों की आजीविका का आधार

सेंटरिंग सामग्री किराए पर देकर शुरू किया स्वरोजगार प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) अब सिर्फ आवास प्रदान करने तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि यह ग्रामीण महिलाओं के लिए आर्थिक सशक्तिकरण का सशक्त माध्यम बन रही है। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के पुसौर विकासखंड अंतर्गत बड़े हल्दी और मिड़मिड़ा की महिलाओं ने इस योजना को स्वरोजगार का जरिया बना लिया है।

यहां की सुधा महिला ग्राम संगठन और चंद्रहासिनी महिला संकुल ने महिला स्व-सहायता समूहों के सहयोग से निर्माण कार्यों में उपयोग होने वाले सेंटरिंग सामान की खरीदी कर, उसे प्रधानमंत्री आवास निर्माण स्थलों में किराए पर उपलब्ध कराना शुरू किया है। इससे उन्हें नियमित आय प्राप्त हो रही है और उनके जीवनस्तर में भी उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला है।

संगठन की शुरुआत वर्ष 2019 में केवल 10 समूहों के साथ हुई थी, जो अब बढ़कर 18 समूहों तक पहुंच गई है। इनसे लगभग 200 महिलाएं प्रत्यक्ष रूप से जुड़ चुकी हैं। संगठन ने 4 लाख 20 हजार रुपये का लोन लेकर सेंटरिंग सामग्री की खरीदी की है, जिसे पीएम आवास निर्माण में उपयोग किया जा रहा है।

महिलाओं का कहना है कि बिहान योजना के अंतर्गत मिली सहायता और पीएम आवास की बढ़ती संख्या के कारण उन्हें रोजगार के स्थायी अवसर मिल रहे हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का आभार प्रकट करते हुए कहा कि शासन की योजनाओं ने उन्हें आत्मनिर्भर बनने की राह दिखाई है।