सरायपाली / आयुष ग्राम के रूप में विकसित किया जा रहा हैं इस गाँव को आयुष ग्राम के माध्यम से ग्रामीण जनों को मिलेगा आयुर्वेद चिकित्सा का लाभ

सरायपाली / आयुष ग्राम के रूप में विकसित किया जा रहा हैं इस गाँव को आयुष ग्राम के माध्यम से ग्रामीण जनों को मिलेगा आयुर्वेद चिकित्सा का लाभ

राज्य शासन के आयुष संचालनालय विभाग द्वारा राष्ट्रीय आयुष मिशन के अंतर्गत प्रदेश में आयुष ग्राम विकसित करने रायपुर में एक दिवसीय कार्यशाला-सह-प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। सिविल लाइन स्थित नवीन विश्राम भवन में आयोजित कार्यशाला में जिला आयुष अधिकारियों और सभी विकासखंडों के आयुष ग्राम के चिकित्सकों को आयुष ग्राम में क्रियान्वित की जाने वाली विभिन्न गतिविधियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।

 

कार्यशाला में जिला आयुष अधिकारी डॉ प्रवीण चन्द्राकार, जिला महासमुंद के सभी विकासखंड के आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी डॉ देवेन्द्र कुमार नायक, डॉ शिवशंकर माझी, डॉ देवेन्द्र सिंह कुंजाम, डॉ रमाकांत वैश्य, डॉ साधना सिंह शामिल हुए। जिला आयुष अधिकारी डॉ प्रवीण चन्द्राकर ने बताया कि उक्त कार्यशाला में आयुर्वेद जीवन शैली के सिद्धांतों और प्रथाओं को अपनाने तथा स्वास्थ्य सुविधाओं, स्वास्थ्य देखभाल व उपचारों पर आधारित आयुष ग्राम की परिकल्पना को साकार करने छत्तीसगढ़ के 146 विकासखंडों में आयुष ग्राम का चिन्हांकन किया गया है। जिसके तहत सरायपाली विकासखंड के ग्राम तोषगांव को आयुष ग्राम के रूप में विकसित किया जा रहा हैं। आयुष ग्राम के माध्यम से ग्रामीणों के स्वास्थ्य की रक्षा और आजीवन स्वस्थ रखने आयुर्वेद, योग तथा आयुष पद्धतियों के अनुसार उन्हें शिक्षित किया जाएगा। आयुष ग्रामों में जनभागीदारी के माध्यम से विभिन्न गतिविधियां संचालित की जाएगी। आयुष ग्राम में लोगों को पेड़-पौधों के औषधीय गुणों के बारे में जागरुक कर इनके पौधरोपण और संरक्षण को बढ़ावा देना है। राष्ट्रीय आयुष मिशन के तहत गांवों का चिन्हांकन कर स्थानीय लोगों को आयुर्वेद के सिद्धांतों के अनुरूप स्वस्थ जीवन शैली, उचित आहार-विहार, सामान्य रोगों के उपचार के लिए आसपास पाए जाने वाले औषधीय पौधों की पहचान एवं उपयोग के लिए प्रेरित करना है। सरायपाली विकासखंड के आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी डॉ देवेन्द्र कुमार नायक ने बताया की कार्यशाला में राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रम आयुर्विद्या के बारे में बताया गया। जिसके माध्यम से स्कूलों में शिक्षकों और विद्यार्थियों को आयुर्वेद के बारे में जागरुक करना है। स्कूलों में बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण करना है। स्थानीय स्तर पर कार्यशालाओं का आयोजन कर लोगों को आयुर्वेद की उपयोगिता के बारे में जानकारी प्रदान कर इस क्षेत्र में उनके कौशल का उन्नयन करना है।

 

एक वर्ष में चार बार बड़ा शिविर लगाकर आसपास के गांव के लोगो का स्वास्थ्य परिक्षण कर उन्हें योग की जानकारी, खान-पान की जानकारी के साथ साथ दवाइयॉ उपलब्ध कराई जाएगी। औषधीय पौधों के बारे में ग्रामीणों को जानकारी भी दी जाएगी जिसके बाद इच्छुक ग्रामीणों को वन विभाग की तरफ से औषधीय गुणों से भरपूर स्टीविया, शतावरी, कालमेघ, लेमन-ग्रास, केऊकंद, अश्वगंधा, सर्पगंधा जैसे 20 पौधों को उपलब्ध करा इनके रोपण के लिए उपयुक्त मौसम और खेती के बारे में बताया जायेगा। डॉ नायक ने बताया की आयुर्वेद औषधालय के संचालन समिति के अध्यक्ष सम्बंधित ग्राम पंचायत के सरपंच, संयोजक विकासखंड आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी, सम्बंधित ग्राम पंचायत के सरपंच एवं स्थानीय विद्यालयों के प्राचार्य सदस्य होंगे एवं मितानिनों व स्व सहायता समूह की महिलाओ की भी महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी।

महासमुंद सरायपाली / स्कूल के सामने और घरो मे घुस रहा पानी गंदे पानी से बिमारी फैलने का खतरा मंडरा रहा है! गाँव मे नाली का निकासी द्वारा को बंद करने का आरोप

महासमुंद जिले के सरायपाली ब्लॉक अंतर्गत ग्राम भूथीया मे गांव के मुख्य गली के नाली के निकासी द्वार को पाट कर बंद कर देने की खबर है ग्रामीण टिके लाल प्रधान ने इसकी शिकायत सरायपाली SDM एसडीएम से कर दिया जून मे ही कर दिया था मामले मे sdm ने शिकायत कर्ता को जल्द ही कार्यवाही कर बंद नाली के निकासी द्वारा को खोलने की बात कही गई थी लेकिन आज तक नहीं खोला गया है जिसके कारण स्कूल से शिकायत कर्ता के घर तक मुख्य मार्ग मे जल भराव की स्थिति पैदा हो रही है शिकायत कर्ता टिके लाल प्रधान के अनुसार बरसात आते ही

 

नाली के निकासी द्वारा को पाट दिया गया है यहां जल भराव चालू हो गया और आस पास मलेरिया टाईफाइट जैसे बिमारी फैलने की आसंका है टिके लाल प्रधान ने बताया की स्कूल की सभी बच्चे जल भराव के कारण परेशान है यहां पहुंचते ही बच्चों की परेशानी बढ़ जाती है साथ पानी भराव के कारण स्कूल मे भी मच्छड पनप रहे है और बिमारी फैलने की आसंका है!

महासमुंद बसना / लोगो को आस्था के साथ खिलवाड फर्जी अनाथ आश्रम संचालन करने वाले के खिलाप कलेक्टर ने जाँच तो करवा दी अब बाल संरक्षण विभाग आखिर कब करेगी कार्यवाही!

महासमुंद जिले के बसना थाना अंतर्गत ग्राम नर्सिंगपुर और जगदीशपुर मे कथित तौर पर एक अनाथ आश्रम चलाया जा रहा था और सायद अभी तक चल भी रहा हो इस मामले मे महाजनपद न्यूज़ ने खबर को प्राथमिक ता के साथ खबर प्रकाशन किया गया था जिसके बाद महासमुंद जिले के तत्कालीन कलेक्टर प्रभात मलिक ने मामले को संज्ञान लेकर महासमुंद जिले के बाल संरक्षण विभाग को जाँच कार्यवाही के लिए आदेश किया था जिसके बाद महिला बाल विकास से बाल संरक्षण के टीम ने यहां जाँच की तो जो मामले सामने आया ओ लोगो के आस्था के साथ खिलवाड़ था फर्जी अनाथ आश्रम का संचालक पिछले कई सालो से महासमुंद जिले के लोगो बच्चों को अनाथ बताकर सहयोग लेता रहा लोग जगदीशपुर नर्सिंगपुर मे अनाथ बच्चे है कहकर कोई ना कोई धार्मिक व्यक्ति अपने सवेच्छा अनुसार दान करते थे कोई रकम तो खाने पिने की समान लेकिन जाँच मे जो खुलासा हुवा वह आपसे भावनाओ को ठेस पंहुचा सकता है बाल संरक्षण की टीम ने ज़ब यहां जाँच किया तो जाँच मे आश्चर्य जनक बातें सामने आई अनाथ आश्रम का ना कोई पंजीयन मिला और ना ही अनाथ बच्चे बाल संरक्षण की टीम के अनुसार ज़ब फर्जी अनाथ आश्रम के बारे संचालक कन्हई पास्टर से जानकारी लेने पर कहा की यह अनाथ आश्रम नहीं है यह तो छात्रवास है और यहां एक भी बच्चा अनाथ नहीं है सबके माता पिता है मतलब कन्हई पास्टर बसना पिथौरा और जिले के लोगो को मुर्ख बना रहा था जिन बच्चे के माता पिता है उनको अनाथ बताता रहा और लोगो से दान लेता रहा वही बाल संरक्षण टीम को छात्र वास बता भी गुमराह किया गया लेकिन जाँच मे सभी बातें स्पष्ट थी की जगदीशपुर नरसिंगपुर मे कोई बच्चे अनाथ नहीं लोगो को गुमराह कर पैसे कमाने का तरीका था वही बाल संरक्षण विभाग अब जाँच कर कार्यवाही के लिए बचते नजर आ रही है इस संबंध मे ज़ब सुचना के अधिकार के तहत जाँच कार्यवाही की कॉपी मांगने पर नाबालिक बच्चों के गोपनीयता को लेकर कुछ भी जानकारी देने से इनकार कर रही है वही जल्द ही कार्यवाही की बात करती है लेकिन महीनों बीत जाने के बाद भी फर्जी अनाथ आश्रम के संचालक के खिलाप कोई कार्यवही नहीं हो पाया है जिसको लेकर कई सारे सवाल उठ रहे है ना ही जानकारी दिया जा रहा है और नाही कार्यवाही आखिर फर्जी अनाथ आश्रम के संचालक को बाल संरक्षण विभाग कार्यवाही करने से क्यों डर रही है या किसी का संरक्षण तो नहीं!

सरायपाली / PWD के जिम्मेदार अधिकारी नए नंबरों को रखे है ब्लेक लिस्ट मे क्षेत्र की नए पुराने मार्ग जर्जर क्या कहते है विस्तार न्यूज़ के रिपोर्टर कही भ्र्ष्टाचार उजागर ना हो कही इसलिए?

 

महासमुंद जिले के सरायपाली ब्लॉक अंतर्गत PWD के जिम्मेदार अधिकारियों को फोन लगाने पर बीजी आता है अभी वर्तमान मे बरसात का सीजन है जहाँ जहाँ pwd के देख रेख मे कार्य हुए वहां जमकर भ्र्ष्टाचार हुवा है सरायपाली से भंवरपुर मार्ग किनारे मुरुम धंसने लगे है घटिया निर्माण की कई जगह मार्ग गवाही दे रहा है वही, भंवरपुर से बड़े साजापाली मे पहली बरसात मे ही कई जगह कटाव चालु हो गया है किसी भी अखबार मिडिया का काम लोगो की परेशानी को सरकार और अधिकारियों तक पहुँचाना रहता है लेकिन pwd के जिम्मेदार अधिकारी रिपोर्टर एवं अन्य सामाजिक कार्य कर्ताओ द्वारा जो फोन किया जा रहा है फोन करते है बीजी बताता है पिछले कई दिनों से महाजनपद न्यूज़ के संचालक और महासमुंद विस्तार न्यूज़ से झसांक नायक, समय दर्शन beuro chip संकर लहरे द्वारा इंजिनियर और प्रभारी अरविन्द देवांगन के नंबर पर दूरभाष के माध्यम से सम्पर्क कर भ्र्ष्टाचार हुए मार्गो के बारे मे जानकारी लेने के प्रयास किया जा रहा है लेकिन कई दिनों से उनका नंबर बीजी ही आता है अब ऐसे मे करोडो के मार्ग करप्शन के भेट चढ़ रहा है लेकिन जिम्मेदार अधिकारी अपने मौज मे है vistar news के संवाददाता झसांक नायक ने बताया की पिछले कई दिनों से खबर की बाइट के लिए कार्यलय का चककर भी काट रहे है लेकिन अधिकारी नहीं मिलते वहां पदस्थ कर्मचारी कहते है की दौरा पर गए और इस तरह मिडिया से दुरी बनाए रखना चाहते ताकी भ्र्ष्टाचार की पोल ना खुल जाए वही ग्रामीण क्षेत्र के खराब सड़को को लेकर परेशान है अब आम जनता और संवाददाता क्या ही करेंगे ऐसे अधिकारियों को झेलना जो है pwd के कर्मचारी अरविन्द देवांगन सरायपाली क्षेत्र के व्हाट्सप्प ग्रुपो मे भी ad है वे कुछ समाचार भेजनें पर रीड भी करते है लेकिन फोन लगाने पर मौन धारण कर लेते है!

सरायपाली / शिशुपाल पर्वत जा रहे सावधान नियम तोड़ने पर 15 हजार जुर्माना और एक साल तक की जेल हो सकता है ट्रैकिंग के लिए भी लगेंगे शुल्क!

छत्तीसगढ़ के महासमुंद जीले के सरायपाली विधानसभा अंतर्गत आने वाले ( बूढ़ा डोंगर ) सिसुपाल पर्वत को आज पिकनिक स्पॉट और ट्रैकिंग पॉइंट के बारे में तो सब जानते है लेकिन बहुत ही कम ही लोग है जो उस सिसुपाल पर्वत की गौरवशैली इतिहास को जानते है अब शिशुपाल पर्वत पर दूर दूर व अन्य जिलों से सिसुपाल पर्वत पिकनिक स्पॉट और ट्रैकिंग पॉइंट के लिए जगह बन चूका है काफी दिनों से सरकार की अनदेखी की वजह से शिशुपाल पर कोई देख रेख नहीं होने से यहां की पर्यवारण कूड़े कचड़े से भर रहा था ऊपर पिकनिक की तौर पर जगह जगह डिस्पोलजल और दोना पत्तल फेके जा रहे थे लेकिन अब वहां वैसा नहीं होगा वन विभाग द्वारा शिशु पाल पर्वत सैर करने वालो के लिए कुछ नियम शर्ते बना दिया गया है आवश्यक सूचना

शिशुपाल पर्वत के प्रमुख द्वार पर पर वन विभाग के आदेशानुसार गठित समिती द्वारा बेरियर बनाकर ,पर्वत मे चढ़ने वाले प्रति व्यक्ति पर 20 रु शुल्क लिये जाने का प्रावधान किया गया है।
जिसके लिये आज सुबह से समिती के सुरक्षा गार्ड मौजूद हैं। इसके अलावा,
शिशुपाल पर्वत की निचे या ऊपर प्लास्टिक का उपयोग करना पूर्ण रूप से प्रतिबंधित है, शिशुपाल पर्वत पर मदिरा पान करना पूर्ण वर्जित कर दिया गया है इसके पहले ऊपर मे ही शराब सेवन करते नजर आते थे बिना अनुमति के पर्वत के ऊपर टेंट लगाना वर्जित है वन विभाग ने शिशुलाप पर्वत पर आग लगाने से लेकर पेड़ काटने और कूड़ा कचड़ा फ़ैलाने से लेकर पूर्ण प्रतिबंध कर दिया गया है वन विभाग का मानना है की यहां जैव विविधता से पूर्ण एक दर्शनीय स्थल है!

 

शिशुपाल पर्वत जा रहे है सावधान नियम तोड़ने पर 15 हजार जुर्माना और एक साल की जेल

शिशुपाल पर्वत के प्रमुख द्वार पर पर वन विभाग के आदेशानुसार गठित समिती द्वारा बेरियर बनाकर ,पर्वत मे चढ़ने वाले प्रति व्यक्ति पर 20 रु शुल्क लिये जाने का प्रावधान किया गया है। तथा नियम तोड़ने पर 15 हजार तक की जुर्माना और एक साल तक की जेल हो सकता है वन विभाग ने पहली बार ऐसे कड़ा नियम बनाया है जिसमे पर्वत और वन संरक्षण को लेकर बनाए गए है
जिसके लिये आज सुबह से समिती के सुरक्षा गार्ड मौजूद हैं। इसके अलावा,
शिशुपाल पर्वत की निचे या ऊपर प्लास्टिक का उपयोग करना पूर्ण रूप से प्रतिबंधित है, शिशुपाल पर्वत पर मदिरा पान करना पूर्ण वर्जित कर दिया गया है इसके पहले ऊपर मे ही शराब सेवन करते नजर आते थे बिना अनुमति के पर्वत के ऊपर टेंट लगाना वर्जित है वन विभाग ने शिशुलाप पर्वत पर आग लगाने से लेकर पेड़ काटने और कूड़ा कचड़ा फ़ैलाने से लेकर पूर्ण प्रतिबंध कर दिया गया है वन विभाग का मानना है की यहां जैव विविधता से पूर्ण एक दर्शनीय स्थल है तथा नियम तोड़ने वालो को भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 26 (1) क ( ख ) ( ग ) (घ ) ( ड )( च )( छ ) के तहत राज्य सरकार द्वारा इस निर्मित बनाए गए किसी नियम के उल्लंघन पर एक वर्ष तक की कारावास और 15 हजार जुर्माना से दण्डित किया जाएगा

 

भैना राजाओं का इतिहास

सिसुपाल पर्वत की ऊंचाई तल से हजारो फिट ऊपर है जहां तक आज पिकनिक स्पॉट है लेकिन उसके ऊपर और कई किलोमीटर क्षेत्र में शिशु पाल पर्वत फैला जो राजाओं और सैनिकों के लिए एक अभेद किला था और किले में सस्त्र और सैनिक और इस पर्वत में भी गुप्त सुरंगे और रास्ते बताया जाता है की अंग्रेजी सल्तनत द्वारा आक्रमण के बाद जब अंतिम राजा और सैनिकों द्वारा अंग्रेजो के मध्य भयंकर लड़ाई लड़ा गया था युद्ध मे अंतिम राजा के मारे जाने के बाद ही 7 रानियों ने मर्यादा की रक्षा के लिए 1 हजार फीट की चोटी से घोड़ो पर पट्टी बांधकर छलांग लगा दिए और इसी का नाम घोड़ा धार पड़ा ।

यहाँ एक प्राचीन शिव मंदिर हैं। भगवान शिव को समर्पित इस मंदिर के बाहर आज भी मकर संक्रांति के अवसर पर विशाल मेला लगता है। हज़ारों की संख्या में श्रृद्धालु यहां आते हैं। कहते हैं इस सूर्यमुखी मंदिर में पहले हनुमान सिक्का जड़ा हुआ था। जिसे बहुत शक्तिशाली और प्रभावशाली माना जाता था। लेकिन अब यह सिक्का यहां से गायब है।

यहाँ एक बहुत लंबी सुरंग है। नदी की रेत ने अब इस सुरंग का मार्ग अवरुद्ध कर दिया है लेकिन स्थानीय निवासी बताते हैं कि सुरंग के भीतर अब भी राजा के अस्त्र-शस्त्र पड़े हुए हैं।

 

इस पर्वत के इर्द-गिर्द बहुत सी आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियाँ देखी जा सकती हैं। शतावर और अश्वगंधा खासकर यहां बहुत अच्छी मात्रा में हैंं। शिशुपाल पर्वत को पर्यटक स्थल के रूप में विकसित किए जाने की तैयारियां शुरू हो ही चुकी हैं हालांकि पहले से भी यहां पर्यटक आते रहे हैं। लेकिन आगे सुविधाएं और बेहतर होंगी। यदि आप भी शिशुपाल पर्वत की ट्रिप प्लान करते हैं तो आप छत्तीसगढ़ के महासमुंद रेलवे स्टेशन पर उतर सकते हैं। या फिर विवेकानंद हवाई अड्डे, रायपुर तक आने के बाद कैब से आगे का सफ़र कर सकते हैं।

सरायपाली / गाड़ी मे दब गए थे मासूम चीख पुकार सुन ग्रामीणों ने बचाई जान, स्कूल वाहन ड्रायवर निकला लापरवाह बच्चों को छोड़ भागा, ओड़िशा के कंडम बस से बच्चों को ढोया जा रहा था! ऐसे लापरवाह स्कूलो मे भर्ती के पहले सोचे पालक आपके बच्चे संचालक के लिए कोई मायने नहीं रखता!

सरायपाली / गाड़ी मे दब गए थे मासूम चीख पुकार सुन ग्रामीणों ने बचाई जान, स्कूल वाहन ड्रायवर निकला लापरवाह बच्चों को छोड़ भागा, ओड़िशा के कंडम बस से बच्चों को ढोया जा रहा था! ऐसे लापरवाह स्कूलो मे भर्ती के पहले सोचे पालक आपके बच्चे संचालक के लिए कोई मायने नहीं रखता!

महासमुंद जिले के सरायपाली क्षेत्र अंतर्गत सेमलिया गांव में कल एक बड़ा हादसा होते-होते टला. स्कूली विद्यार्थियों से भरी एक टाटा मैजिक वाहन रास्ते से अचानक पलटकर खेत में जा गिरा. और वहां से ड्रायवर बच्चों और वाहन को छोड़ फरार होने की खबर वही ज़ब आस पास के ग्रामीणों से चर्चा करने पर बड़ा ही बेदुका जवाब मिला कुछ लोग बोले की कुछ हुवा तो नहीं ना मतलब कोई बच्चा मर जाता तब ही इनके लिए बड़ी बात थी वही निजी स्कूल के संचालक इतना गरीब व्यक्ति है की एक बाहर से कंडम वाहन लाकर बच्चों को लाने लें जाने का कार्य करवा रही है

 

क्या बच्चों को कोई परवाह नहीं 2 पैसे बचाने बच्चों के जान से खिलवाड़ किया जा रहा है और सबसे बड़ी दुख की बात यह है की पालक निजी स्कूलो मे पढ़ाते है लेकिन ऐसी खटारा स्कूली वाहनों का विरोध भी नहीं कर पाते है सायद स्कूल तो छोडीए बच्चों के पालको का भी ध्यान नहीं है वही ओड़िसा से कंडम और खटारा वाहनों को लाकर

 

कई स्कूलो मे बच्चों को लाते जाते दिखाई देते है मिडिया रिपोर्ट के अनुसार वाहन को पुलिस ने जप्त कर लिया है वही ड्रायवर फरार है, बताया जा रहा है की बच्चे वाहन मे दब गए थे चीख पुकार के बाद ग्रामीण ज़ब घटना स्थल पर पहुचे तो ड्रायवर भाग रहा था कुछ ग्रामीणों ने उसको पकड़ने की भी कोसिस की लेकिन लापरवाह ड्रायवर बच्चों को ऐसे छोड़ भाग निकला ऐसे स्कूलो मे बच्चों को पढ़ाने पालको को सोचना चाहिए!

बसना / 5 महीने मे स्वस्थ बच्चे का दावा, ,क्या मेडिकल साइंस मे ऐसा संभव है,लग रही है निशांतानो की हजारों की संख्या मे भीड़,! एक संस्था ने फर्जी बताकर शिकायत कर दिया है?

 

छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले अंतर्गत बसना ब्लाक के बूटी पाली गाँव मे एक बैगा या बाबा जी द्वारा निसंतानो को 5 महीने 5 ही स्वस्थ बच्चा होने की दावा सोशल मिडिया मे खूब सुर्खिया बटोर रही है बूटी पाली मे एक बाबा जी या स्थानीय बैगा द्वारा जड़ी बूटी और माता रानी के आशीर्वाद से ऐसे नुस्खा कर रहे है और महासमुंद सहित आस पास के कई जिलों से सैकड़ो की संख्या मे लोग आस्था लेकर पहुँच रहे है लेकिन कुछ यु ट्युबरो ने इसको और हवा दे दिए है और बूटी पाली मे बागेश्वर धाम जैसे भीड़ और 5 महीने मे स्वस्थ बच्चा की दावा सहित यू ट्युब मे कई वीडियो उपलोड किए जा रहे है जिसमे दावा किया जा रहा है की महिलाओं को 5 महीने मे ही स्वस्थ बच्चा होगा

बता दें जबकी ऐसा मेडिकल साइंस मे तो संभव ही नहीं बेबी टेस्ट ट्युब के द्वारा भी 8 से 9 माह मे ही बच्चे होता है उसमे भी लाखों खर्च और उसके बाद भी टेस्ट ट्युब सेंटर मे भी सफलता मिलेगी इसकी गारंटी नहीं है पहली बार मे ही टेस्ट ट्युब मे भी सफलता नहीं मिलती कई केश मे दोबारा करना पड़ता है और इसका खर्च लाखों मे है किसी मध्यम या गरीब परिवार के लिए टेस्ट ट्युब बहुत ही महँगा होगा कई लोग इस खर्च का वहन नहीं कर पाते और फिर स्थानिय इलाजो की और रुख करते है लेकिन इन स्थानीय बाबाओ और बैगाओ मे भी यह बैगा बाबा जी पहले ऐसा बाबा है जो 5 महीने मे ही गर्भ धारण कर स्वस्थ बच्चा पैदा होगा होगा ऐसा बाबा जी ने कई सोसल मिडिया मे बयान दिए है और बाबा जी को प्रेरणा कहा से मिली यह सब बताया गया है बसना बूटीपाली मे हर मंगलवार और शनिवार को लोग बाबा जी के पास पहुँच रहे है ऐसे कई वीडियो उपलोड है बूटीपाली मे इलाज के बाद सोनोग्राफी अन्य जगह नहीं करा सकते इलाज बता दें की आने के बाद अन्य जगह सोनोग्राफी नहीं करवा सकते है!

वही इस संबंध मे प्रेस विज्ञप्ति जारी कर निसंतान को चमत्कारिक उपचार से संतान देने का दावा करने वाले बूटीपाली के बाबा पर कार्यवाही हो. डॉ. दिनेश मिश्र
@ग्रामीण अंधविश्वास में न पड़ें डॉ. दिनेश मिश्र

अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति के अध्यक्ष डॉ दिनेश मिश्र ने कहा महासमुन्द जिले के ग्राम बूटीपाली में निसंतान दंपत्ति को संतान दिलाने के नाम पर गुमराह करने, भ्रम में डालने, अंधविश्वास फैलाने का मामला सामने आया है.जो प्राकृतिक एवम चिकित्सा विज्ञान के भी पूर्णत विपरीत एवम ग्रामीण जनों को धोखे में डालने वाला है. ऐसे व्यक्ति की जॉच कर सख्त कार्यवाही होनी चाहिए. डॉ मिश्र ने जिलाधीश एवम अन्य प्रशासनिक अधिकारियों को पत्र लिख कर कार्यवाही की मांग की है.
डॉ. दिनेश मिश्र ने कहा ग्राम बूटी पाली महासमुंद में पीतांबर जगत नामक व्यक्ति,उम्र करीब 40 वर्ष शिक्षा पांचवी, कुछ दिनों से अपना दरबार लगा रहा है और लोगों को नीबू खिलाकर झाड़ फूंक कर निसंतान दंपत्ति को संतान दिलाने,बीमारियों को ठीक करने के दावे कर रहा है,
उक्त व्यक्ति पीताम्बर जगत के जो दावे हैं जो चिकित्सा विज्ञान की दृष्टि से अप्रामाणिक एवं झूठे हैं, बताते हुए जिला कलेक्टर से कार्यवाही की मांग की है!

बसना / 5 महीने मे स्वस्थ बच्चे का दावा,विज्ञान ,क्या मेडिकल साइंस मे ऐसा संभव है,लग रही है निशांतानो की हजारों की संख्या मे भीड़,! एक संस्था ने फर्जी बताकर शिकायत कर दिया है?

 

छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले अंतर्गत बसना ब्लाक के बूटी पाली गाँव मे एक बैगा या बाबा जी द्वारा निसंतानो को 5 महीने 5 ही स्वस्थ बच्चा होने की दावा सोशल मिडिया मे खूब सुर्खिया बटोर रही है बूटी पाली मे एक बाबा जी या स्थानीय बैगा द्वारा जड़ी बूटी और माता रानी के आशीर्वाद से ऐसे नुस्खा कर रहे है और महासमुंद सहित आस पास के कई जिलों से सैकड़ो की संख्या मे लोग आस्था लेकर पहुँच रहे है लेकिन कुछ यु ट्युबरो ने इसको और हवा दे दिए है और बूटी पाली मे बागेश्वर धाम जैसे भीड़ और 5 महीने मे स्वस्थ बच्चा की दावा सहित यू ट्युब मे कई वीडियो उपलोड किए जा रहे है जिसमे दावा किया जा रहा है की महिलाओं को 5 महीने मे ही स्वस्थ बच्चा होगा

बता दें जबकी ऐसा मेडिकल साइंस मे तो संभव ही नहीं बेबी टेस्ट ट्युब के द्वारा भी 8 से 9 माह मे ही बच्चे होता है उसमे भी लाखों खर्च और उसके बाद भी टेस्ट ट्युब सेंटर मे भी सफलता मिलेगी इसकी गारंटी नहीं है पहली बार मे ही टेस्ट ट्युब मे भी सफलता नहीं मिलती कई केश मे दोबारा करना पड़ता है और इसका खर्च लाखों मे है किसी मध्यम या गरीब परिवार के लिए टेस्ट ट्युब बहुत ही महँगा होगा कई लोग इस खर्च का वहन नहीं कर पाते और फिर स्थानिय इलाजो की और रुख करते है लेकिन इन स्थानीय बाबाओ और बैगाओ मे भी यह बैगा बाबा जी पहले ऐसा बाबा है जो 5 महीने मे ही गर्भ धारण कर स्वस्थ बच्चा पैदा होगा होगा ऐसा बाबा जी ने कई सोसल मिडिया मे बयान दिए है और बाबा जी को प्रेरणा कहा से मिली यह सब बताया गया है बसना बूटीपाली मे हर मंगलवार और शनिवार को लोग बाबा जी के पास पहुँच रहे है ऐसे कई वीडियो उपलोड है बूटीपाली मे इलाज के बाद सोनोग्राफी अन्य जगह नहीं करा सकते इलाज बता दें की आने के बाद अन्य जगह सोनोग्राफी नहीं करवा सकते है!

वही इस संबंध मे प्रेस विज्ञप्ति जारी कर निसंतान को चमत्कारिक उपचार से संतान देने का दावा करने वाले बूटीपाली के बाबा पर कार्यवाही हो. डॉ. दिनेश मिश्र
@ग्रामीण अंधविश्वास में न पड़ें डॉ. दिनेश मिश्र

अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति के अध्यक्ष डॉ दिनेश मिश्र ने कहा महासमुन्द जिले के ग्राम बूटीपाली में निसंतान दंपत्ति को संतान दिलाने के नाम पर गुमराह करने, भ्रम में डालने, अंधविश्वास फैलाने का मामला सामने आया है.जो प्राकृतिक एवम चिकित्सा विज्ञान के भी पूर्णत विपरीत एवम ग्रामीण जनों को धोखे में डालने वाला है. ऐसे व्यक्ति की जॉच कर सख्त कार्यवाही होनी चाहिए. डॉ मिश्र ने जिलाधीश एवम अन्य प्रशासनिक अधिकारियों को पत्र लिख कर कार्यवाही की मांग की है.

डॉ. दिनेश मिश्र ने कहा ग्राम बूटी पाली महासमुंद में पीतांबर जगत नामक व्यक्ति,उम्र करीब 40 वर्ष शिक्षा पांचवी, कुछ दिनों से अपना दरबार लगा रहा है और लोगों को नीबू खिलाकर झाड़ फूंक कर निसंतान दंपत्ति को संतान दिलाने,बीमारियों को ठीक करने के दावे कर रहा है,
उक्त व्यक्ति पीताम्बर जगत के जो दावे हैं जो चिकित्सा विज्ञान की दृष्टि से अप्रामाणिक एवं झूठे हैं, बताते हुए जिला कलेक्टर से कार्यवाही की मांग की है!

महासमुंद / नदी-नाले एवं पुराने पुल-पुलिया को पार करते समय एहतियात बरतें कलेक्टर ने जिले के सभी एसडीएम और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे जलभराव वाले क्षेत्रों का निरीक्षण करें!

महासमुंद / नदी-नाले एवं पुराने पुल-पुलिया को पार करते समय एहतियात बरतें कलेक्टर ने जिले के सभी एसडीएम और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे जलभराव वाले क्षेत्रों का निरीक्षण करें!

महासमुंद 26 जुलाई 2024/ मानसून के चलते जिले में चार पांच दिन से भारी बारिश हो रही है, जिससे नदी-नालों और पुराने पुल-पुलियों में जलस्तर बढ़ गया है। कलेक्टर श्री प्रभात मलिक ने जनता के नाम जारी संदेश में कहा कि वे किसी भी हालत में जान जोखिम में डालकर उफनते नदी-नाले पार न करें।

कलेक्टर श्री मलिक ने कहा कि भारी बारिश के कारण जिले के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है। विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में पुराने पुल-पुलियों पर पानी का बहाव तेज है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। उन्होंने जनता से अपील की है कि वे इस मौसम में अत्यंत सावधानी बरतें और सुरक्षित स्थानों पर रहें।

कलेक्टर ने बताया कि प्रशासन ने सभी आवश्यक उपाय किए हैं और आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा, “हमारी प्राथमिकता जनता की सुरक्षा है। इसलिए, किसी भी स्थिति में जोखिम न लें और प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करें।“ उन्होंने विशेष रूप से वाहन चालकों से कहा है कि वे भारी बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें और जलमग्न सड़कों पर ड्राइविंग न करें। साथ ही, पैदल यात्रियों को भी सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

इसके अतिरिक्त, कलेक्टर ने जिले के सभी एसडीएम और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे जलभराव वाले क्षेत्रों में नियमित निरीक्षण करें और आवश्यकतानुसार राहत कार्यों को सुनिश्चित करें। आपातकालीन सेवाओं को सक्रिय कर दिया गया है और हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए हैं ताकि किसी भी जरूरतमंद को त्वरित सहायता मिल सके। आपदा नियंत्रण कक्ष का दूरभाष क्रमांक 07723-223305 तथा ई-मेल msamund.cg@nic.in है।
कलेक्टर श्री प्रभात मलिक ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और सुरक्षित रहें। उन्होंने कहा, “आपकी सुरक्षा हमारे लिए सर्वोपरि है। इसलिए, सावधानी बरतें और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सहायता मांगें।“

पिथौरा / क्या यहां भी रकबा बढाकर धान खरीदी मे घोटाला ?

 

महासमुंद जिले के पिथौरा ब्लॉक अंतर्गत धान खरीदी केन्द्र सिरको मे भी जाड़ा मुड़ा जैसे रकबा बढाकार धान खरीदी की जानकारी मिल रहा है छत्तीसगढ़ के एक तबला टीवी न्यूज़ वेबसाईट मे इस मामले का खुलासा किया गया था तबला टीवी न्यूज़ ने पिथौरा ब्लाक के सिरको धान खरीदी केन्द्र मे 2022/ 23 / और 2024 मे भी रकबा बढाकर नियम विरुद्ध धान खरीदी का मामला सामने आया है हालांकि इस खुलासा होने के संबंध मे एक लिखित शिकायत आसंका के आधार पर जिला सहकारी बैंक के प्रबंधक को दिया गया और निष्पक्ष जाँच करने की मांग की गई है वही इस संबंध मे सांकरा ब्राच मैनेजर ने कहा की 2023 मे सिरको मे ऐसा हुवा था अब वहां के धान खरीदी प्रभारी बदल चुके है वही 2024 मे ऐसे करप्सन होने से इनकार कर दिया कहा की जो भी है नियमानुसार हुवा है कोई गलत काम नहीं हुवा है!