बसना : विश्व स्वास्थ्य दिवस 7 अप्रैल 2024 के उपलक्ष्य में अग्रवाल मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल लाया है सभी प्रकार की जाँच, परामर्श, भर्ती एवं ऑपरेशन में 30% की विशेष छूट

बसना : विश्व स्वास्थ्य दिवस 7 अप्रैल 2024 के उपलक्ष्य में अग्रवाल मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल लाया है सभी प्रकार की जाँच, परामर्श, भर्ती एवं ऑपरेशन में 30% की विशेष छूट
शिशु रोग विभाग हड्डी रोग विभाग दंत रोग विभाग)
जनरल मेडिसिन
पेन मैनेजमेंट क्लिनिक
स्त्री रोग विभाग शल्य चिकित्सा विभाग
समय: सुबह 10 बजे से 01 बजे तक
रजिस्ट्रेशन के लिए कॉल या जानकारी व्हाट्सप्प करें :
84618-11000 पूर्व पंजीयन अनिवार्य है
77730-86100
अग्रवाल मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल
बसना, जिला – महासमुंद (छ.ग.)

बसना : मस्तिष्क, मानसिक रोग, सेक्स रोग एवं नशा मुक्ति विशेषज्ञ अब बसना अग्रवाल नर्सिंग हॉस्पिटल में 07 अप्रैल 2024 सुबह 10 से 1 बजे तक

बसना : मस्तिष्क, मानसिक रोग, सेक्स रोग एवं नशा मुक्ति विशेषज्ञ अब बसना अग्रवाल नर्सिंग हॉस्पिटल में 07 अप्रैल 2024 सुबह 10 से 1 बजे तक
उपलब्ध इलाज :
डिप्रेशन, OCD (बार-बार काम करना), आत्महत्या विचार आना
सिजोफ्रेनिया, याददाश्त कमजोर होना, हिस्टीरिया,
दौरे आना।
मिर्गी, सिरदर्द, नींद न आना, शक करना, सेक्स सम्बन्धित समस्याऐं ।
चिन्ता, टेंशन, घबराहट, डर लगना, उल-जलूल बातें करना
• बच्चों का जिद्दी या ज्यादा चंचल होना, बिस्तर में पेशाब करना, पढ़ाई में कमजोर। • मानसिक रोग उदासी / मानसिक तनाव, घबराहट, स्वभाव में तेजी, नींद की समस्या,
गुस्सा / चिड़चिड़ापन, डर लगना, अवाजे सुनाई देना, कोई काम बार-बार करना ।
डॉ. राहुल राजीव
एम.बी.बी.एस., एम.डी. ( मनोरोग ) मनोरोग, नशा मुक्ति, सेक्स रोग विशेषज्ञ एवं काउन्सलर
• सभी प्रकार के नशों का इलाज शराब, स्मैक, हैरोइन, अफीम, भांग, चरस, गांजा, गोलिया, सिगरेट, बीड़ी, तम्बाकू आदि
• बच्चो के मानसिक रोग मंदबुद्धि होना, अधिक चंचल होना, पढ़ाई में ध्यान न लगना ।
काउन्सलिंग सेवायें : फेमिली काउंसिलिंग, मैरिज काउंसिलिंग, चाईल्ड एवं
: गाइडेन्स काउंसिलिंग, एजुकेशनल मोटिवेशनल काउंसिलिंग ।
उपलब्ध : 07 अप्रैल 2024 सुबह 10 से 1 बजे तक
अग्रवाल नर्सिंग होम मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल
o बसना, जिला-महासमुंद (छ.ग.)
84618-11000, 77708-68473, 77730-86100

बसना : अंचल का एकमात्र अस्पताल जहाँ उपलब्ध है सबसे बड़ी विशेषज्ञ चिकित्सक एवं सर्जन की टीम अग्रवाल नर्सिंग हॉस्पिटल बसना में प्रतिदिन उपलब्ध हैं

बसना : अंचल का एकमात्र अस्पताल जहाँ उपलब्ध है सबसे बड़ी विशेषज्ञ चिकित्सक एवं सर्जन की टीम अग्रवाल नर्सिंग हॉस्पिटल बसना में प्रतिदिन उपलब्ध हैं
जीवन के हर कठिन समय में हमारे विशेषज्ञ डॉक्टर की टीम रखती है आपके स्वास्थ्य का विशेष ख्याल
AGRAWAL NURSING HOME MULTISPECIALITY HOSPITAL
डॉ. एन. के. अग्रवाल
डॉ. रीता अग्रवाल
वरिष्ठ सर्जन एवं चेयरमैन
वरिष्ठ निश्चेतना विशेषज्ञ
एवं डायरेक्टर
डॉ. अभिषेक अग्रवाल रूट केनाल एवं इंप्लांट विशेषज्ञ
डॉ. खुशबू अग्रवाल
डॉ. अमित अग्रवाल
डॉ. भारती अग्रवाल
डेंटल एवं कॉस्मेटिक सर्जन
वरिष्ठ शिशु रोग विशेषज्ञ
स्त्री, प्रसूति रोग विशेषज्ञ
एवं लैप्रोस्कोपिक सर्जन
डॉ. संदीप सराफ
अग्रवाल फ्रैक्चर, हड्डी एवं जोड़ प्रत्यारोपण विशेषज्ञ
डॉ. कृष्णा अग्रवाल
MD
माइक्रोबायोलॉजी
डॉ. अजय पटेल मेडिसिन एवं इंटेसिविस्ट
डॉ. तुषार नायक
जनरल एवं लैप्रोस्कोपिक सर्जन
डॉ. मुकेश ठाकर बाल्य रोग विशेषज्ञ
डॉ. विलास नलावडे निश्चेतना, दर्द निवारण
डॉ. अश्विन कुमार
डॉ. प्रदीप नाग
और क्रिटिकल केयर
क्रिटिकल केयर स्पेशलिस्ट
फ़िज़ियोथेरेपिस्ट
बीमारी या दर्द में परामर्श और इलाज के लिए अब लंबे इंतजार की जरूरत नहीं
आपके अपने क्षेत्र में, आपके अपने विशेषज्ञ डॉक्टर, आपके लिए प्रतिदिन उपलब्ध हैं
बीजू कार्ड / आयुष्मान कार्ड द्वारा निःशुल्क इलाज की सुविधा अग्रवाल नर्सिंग होम मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल
बसना, जिला-महासमुंद (छ.ग.)84618-11000, 77708-68473, 77730-86100

संकरा थाना : ग्राम बरनईदादर में एक व्यक्ति को पुरानी रंजिस को लेकर दो व्यक्तियों ने पीछे से धारधर हथियार से सिर में वार कर गली गलौच करने पर मामला दर्ज

संकरा थाना : ग्राम बरनईदादर में एक व्यक्ति को पुरानी रंजिस को लेकर दो व्यक्तियों ने पीछे से धारधर हथियार से सिर में वार कर गली गलौच करने पर मामला दर्ज
मैं पुरुषोत्तम साहू ग्राम बरनईदादर का निवासी हूं । कक्षा 08 वी तक पढा हूं । खेती किसानी का काम करता हूं । दिनांक 03.04.2024 के रात्रि करीब 08.00 बजे मै गावं के केशबो के किराना दुकान में समान लेने गया था

समान लेकर वापस अपने घर आ रहा था रमेश प्रधान के घर के सामने पहूंचा था कि गावं के बंसत बरिहा व गोकुल दास पीछे से आकर मेरे सिर में पुरानी रंजिस को लेकर किसी धारधर हथियार से मेरे सिर में वार कर दिये एवं मां बहन की गंदी गंदी गाली गलौच कर रहे थे तथा जान से मार देने की धमकी दे रहे थे। मारपीट करने से मेरे सिर में चोट आकर खुन बहने लगा।

तब मै जोर जोर से चिल्लाया तो मेरे परिवार एवं गावं के अन्य लोग मौके पर आये तब तक बंसत बरिहा एवं गोकुल दास मौका से भाग गये थे घटना को गांव के धनेश्वर साव, भुवनेश्वर साहू देखे व सुने है । रिपोर्ट करता हूं । कार्यवाही चाहता हूं । थाना में धारा 294-IPC, 323-IPC, 34-IPC, 506-IPC पर मामला दर्ज किया गया।

Elections 2024: छत्तीसगढ़ की 11 सीटों पर कौन करेगा राज? सियासी समीकरण ने दिया जवाब, इनका जीतना तय

Elections 2024: छत्तीसगढ़ की 11 सीटों पर कौन करेगा राज? सियासी समीकरण ने दिया जवाब, इनका जीतना तय Chhattisgarh Lok Sabha Election 2024: इस बार छत्तीसगढ़ के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस-भाजपा दोनों इतिहास बदलने के मूड से चुनावी समर में कूद गए हैं। भाजपा इस बार जहां 11-11 लोकसभा सीट जीतने का लक्ष्य लेकर चुनाव लड़ रही है, तो वहीं कांग्रेस अपने दिग्गज नेताओं के भरोसे चुनावी समीकरण बदलने की तैयारी में चुनाव लड़ रही है।
इस बार माना जा रहा है कि नतीजे अप्रत्याशित हो सकते हैं। इस चुनाव में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की प्रतिष्ठा सीधे तौर पर दांव पर लगी है। (BJP party) इसके अलावा भाजपा के कद्दावर नेता बृजमोहन अग्रवाल, सरोज पाण्डेय, कांग्रेस के पूर्व मंत्री ताम्रध्वज साहू, डॉ. शिवकुमार डहरिया और पूर्व मंत्री कवासी लखमा के राजनीतिक जीवन का फैसला भी इस चुनाव से तय होगा। दुर्ग में विजय बघेल VS राजेन्द्र साहू
वर्तमान में दुर्ग लोकसभा की सीट भाजपा के खाते में है। यहां से पार्टी ने अपने वर्तमान सांसद विजय बघेल को दोबारा मौका दिया है। बघेल ने विधानसभा चुनाव में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के खिलाफ चुनाव लड़ा था। हालांकि वो चुनाव हार गए थे। (chhattisgarh BJP Party) उनका मुकाबला कांग्रेस के राजेन्द्र साहू से है। इस सीट पर ओबीसी वर्ग का दबदबा रहता है। इस वजह से सामान्य सीट से कांग्रेस-भाजपा दोनों ने ओबीसी वर्ग को मौका दिया है। साहू पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के करीबी माने जाते हैं।

राजनांदगाव में भूपेश बघेल VS संतोष पाण्डेय
लोकसभा की सीट पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के चुनाव लड़ने से चर्चा में आ गई है। यहां उनका सीधा मुकाबला भाजपा प्रत्याशी व सांसद संतोष पाण्डेय से है। कांग्रेस में आपसी बगावत की वजह से यहां भूपेश की मुश्किलें थोड़ी बढ़ी हुई है। हालांकि भूपेश पिछड़ा वर्ग से आते हैं। (BJP Party) चुनाव में इसका फायदा मिल सकता है। वहीं पाण्डेय का चेहरा हिंदूवादी है। इसी वजह से पार्टी ने उन्हें दोबारा मौका दिया है। वे आरएसएस पृष्ठभूमि से आते हैं। भाजपा संगठन में भी बड़ी जिम्मेदारी निभाई हैं। वे पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के करीबी है। रायपुर में बृजमोहन अग्रवाल VS विकास उपाध्याय
लोकसभा की सीट भाजपा का गढ़ रही है। पिछले आठ चुनाव से यह सीट भाजपा के पास है। इस बार पार्टी ने अपने कद्दावर मंत्री बृजमोहन अग्रवाल को चुनाव मैदान में उतरा है। वे लगातार आठ बार विधानसभा का चुनाव जीत चुके हैं। (congress party) उनका सीधा मुकाबला कांग्रेस के युवा चेहरे विकास उपाध्याय के साथ होगा। इस बार बृजमोहन सबसे अधिक वोटों से लोकसभा चुनाव जीतने का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं।
वहीं उपाध्याय अपने मैनेजमेंट सिस्टम को आगे रखकर चुनाव लड़ रहे हैं। नारी न्याय गारंटी को लेकर महिलाओं के बीच जा रहे हैं। बता दें कि लंबे समय बाद रायपुर लोकसभा सीट से कोई सामान्य वर्ग का उम्मीदवार सांसद चुना जाएगा। इसके पहले पिछले सात चुनाव से रमेश बैस और पिछला चुनाव सुनील सोनी ने जीता था। दोनों पिछड़ा वर्ग से आते हैं।

कोरबा में सरोज पाण्डेय VS ज्योत्सना महंत
यह सीट 2008 के बाद अस्तित्व में आई थीं। यहां से भाजपा ने राज्यसभा सांसद और महाराष्ट्र की पूर्व प्रभारी सरोज पाण्डेय को चुनाव मैदान में उतारा है। उनका सीधा मुकाबला सांसद ज्योत्सना महंत से है। वो नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत की धर्मपत्नी है। (cg congress party) क्षेत्र में दोनों प्रत्याशियों को लेकर थोड़ी नाराजगी है। पाण्डेय पर बाहरी प्रत्याशी का लेबल लगा है। उनकी कर्मभूमि दुर्ग लोकसभा क्षेत्र रहा है। जबकि महंत के खिलाफ एंटी इनकम्बेंसी का माहौल है। बस्तर में कवासी लखमा VS महेश कश्यप
लोकसभा सीट में नक्सल समस्या गंभीर है। इसलिए पहले चरण में सुरक्षा के लिहाज से सिर्फ बस्तर में मतदान होगा। यहां कांग्रेस ने अपने वर्तमान सांसद दीपक बैज की टिकट काटकर पूर्व आबकारी मंत्री व विधायक कवासी लखमा को मौका दिया है। कवासी कभी अपना चुनाव नहीं हारे हैं। वे कोंटा विधानसभा सीट से विधायक रहते आए हैं। उनका मुकाबला भाजपा के महेश कश्यप से होगा। यहां विकास के कामों के अलावा धर्मांतरण भी बड़ा मुद्दा है। कांकेर में भोजराज नाग VS बीरेश ठाकुर
इस लोकसभा सीट पर धर्मांतरण बड़ा मुद्दा है। इस वजह से भाजपा ने अपने पूर्व विधायक भोजराज नाग को प्रत्याशी बनाया है। उनका मुकाबला कांगेस के बीरेश ठाकुर से होगा। पिछला लोकसभा चुनाव में ठाकुर का प्रदर्शन ठीक था। वो लगभग छह हजार वोटों से हार गए थे। प्रदेश में भाजपा की यह सबसे कम वोटों से जीत थी। ठाकुर के प्रदर्शन को देखते हुए पार्टी ने उन्हें दोबारा मौका दिया है। यहां भाजपा चुनाव जीतने के लिए पूरा जोर लगा रही है।

महासमुंद में रूपकुमारी चौधरी VS ताम्रध्वज साहू
लोकसभा सीट में जातिगत समीकरण हमेशा से हावी रहा है। कई चुनाव से कांग्रेस-भाजपा दोनों यहां से साहू समाज के प्रत्याशी को मौका देते आए है। इस बार भाजपा ने पूर्व विधायक रूप कुमारी चौधरी को प्रत्याशी बनाया है। कांग्रेस ने जातिगत समीकरण साधने के लिए पूर्व मंत्री ताम्रध्वज साहू को मौका दिया है। साहू दुर्ग ग्रामीण से विधानसभा चुनाव हार गए थे। बाहरी प्रत्याशी को मौका देने पर थोड़ी नाराजगी है। हालांकि साहू समाज एकजुट हो रहा है। सरगुजा में चिंतामणि महाराज VS शशि सिंह
लोकसभा सीट में भाजपा ने हर चुनाव में अपना उम्मीदवार बदला और सीट जीतने में कामयाबी हासिल की है। इस बार इस सीट से पूर्व विधायक चिंतामणि महाराज को टिकट मिला है। कांग्रेस ने अपनी युवा नेता एवं राज्य के पूर्व मंत्री तुलेश्वर सिंह की बेटी शशि सिंह को मैदान में उतारा है। चिंतामणि महाराज पहले कांग्रेस विधायक रहे हैं। पिछले विधानसभा चुनाव में भाजपा में शामिल हुए थे।

रायगढ़ में राधेश्याम राठिया VS मेनका देवी सिंह
भाजपा ने नये चेहरे राधेश्याम राठिया, जबकि कांग्रेस ने मेनका देवी सिंह पर भरोसा दिखाया है। सिंह राजनीतिक रूप से प्रभावशाली पूर्व सारंगढ़ शाही परिवार से हैं। इस सीट पर भी सभी की नजर है। यहां से वर्तमान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय भी सांसद रहे हैं। मुख्यमंत्री बनने के बाद यहां भाजपा की पकड़ मजबूत हुई है। जांजगीर-चांपा में कमलेश जांगड़े VS शिवकुमार डहरिया
अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित इस सीट पर भाजपा ने गुहाराम अजगले की टिकट काट कर नए चेहरे कमलेश जांगड़े पर दांव खेला है। यहां भी कांग्रेस ने जातिगत समीकरण को ध्यान में रखते हुए पूर्व मंत्री डॉ.शिवकुमार डहरिया को प्रत्याशी बनाया है। डहरिया भी बाहरी प्रत्याशी है। इस वजह से क्षेत्र में थोड़ी नाराजगी है। बिलासपुर में तोखन साहू VS देवेन्द्र यादव
लोकसभा सीट ओबीसी बाहुल्य सीट है। यहां के सांसद रहे अरुण साव अब डिप्टी सीएम है। उनकी जगह भाजपा ने तोखन साहू को मौका दिया है। यहां उनका मुकाबला कांग्रेस के युवा चेहरे देवेन्द्र यादव से है। यादव भिलाई के विधायक हैं। वो स्थानीय नहीं है, इस वजह से क्षेत्र में असंतोष है। टिकट वितरण के बाद कांग्रेस के एक नेता आमरण अनशन पर बैठ गए थे। हालांकि उनकी टीम मजबूत है। भिलाई में देवेन्द्र ने भाजपा के दिग्गज नेता प्रेमप्रकाश पाण्डेय को हराया था। वे पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेहद करीबी है। साथ ही ईडी के निशाने पर भी है।

बसना : निःशुल्क यूरोलॉजी कैंप, मूत्र एवं पथरी जांच, परामर्श एवं ऑपरेशन 6 अप्रैल 2024 सुबह 10 से 01 तक अग्रवाल नर्सिंग होम मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल बसना में 

बसना : निःशुल्क यूरोलॉजी कैंप, मूत्र एवं पथरी जांच, परामर्श एवं ऑपरेशन 6 अप्रैल 2024 सुबह 10 से 01 तक अग्रवाल नर्सिंग होम मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल बसना में
निःशुल्क यूरोलॉजी कैंप
मूत्र एवं पथरी जांच, परामर्श एवं ऑपरेशन
• किडनी की पथरी का समुचित इलाज एवं सर्जरी • प्रोस्टेट का इलाज एवं सर्जरी
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कोषका संक्रमण एवं मूत्र नली का सिकुडन
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पीडियाट्रिक यूरोलॉजी की सेवाएं
शुक्रवार 6 अप्रैल 2024
सुबह 10 से 01 तक
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बसना : प्रसिद्ध न्यूरोसर्जन द्वारा ब्रेन और स्पाइन संबंधित सभी ऑपरेशन अब अग्रवाल नर्सिंग होम बसना में 

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Cement Saria Price: घर बनाना हुआ महंगा, सरिया के दाम 2500 रुपये टन बढ़े, आज से सीमेंट भी हो सकता है महंगा, जानें लेटेस्‍ट रेट

Cement Saria Price: घर बनाना हुआ महंगा, सरिया के दाम 2500 रुपये टन बढ़े, आज से सीमेंट भी हो सकता है महंगा, जानें लेटेस्‍ट रेट
रायपुर : बीते कई महीनों से लगातार गिर रहे सरिया के दाम अब बढ़ने शुरू हो गए हैं। सरिया की कीमतों में 2500 रुपये प्रति टन की तेजी आ गई। अब फैक्ट्रियों में सरिया 52 हजार 500 रुपये प्रति टन और रिटेल में 55 हजार 500 रुपये प्रति टन बिक रहा है। क्षेत्र से जुड़े कारोबारियों का कहना है कि स्थानीय बाजार में तो मांग सुस्त है, लेकिन बाहरी मांग थोड़ी तेज हुई है।

लोहा बाजार में सटोरिए हावी हो गए हैं और कीमतों में तेजी-मंदी ला रहे हैं। करीब तीन से चार महीने बाद सरिया की कीमत में तेजी देखने को मिली है। उद्योगपतियों का कहना है कि लौह अयस्कों की कीमतों में हुई बढ़ोतरी का असर भी सरिया की कीमतों पर पड़ा है। दूसरी ओर सीमेंट कंपनियों द्वारा पांच अप्रैल से सीमेंट की कीमत 20 रुपये प्रति बैग बढ़ाने की तैयारी है।

अगर सीमेंट के दाम बढ़ते हैं तो रिटेल में सीमेंट 320 रुपये प्रति बैग तक पहुंच जाएगा। वर्तमान में सीमेंट 280 से 300 रुपये प्रति बैग है। भवन निर्माण सामग्री के कारोबार से जुड़े लोगों का कहना है कि अभी बाजार में मांग बिल्कुल नहीं है, इसके बावजूद सीमेंट कंपनियों दाम बढ़ाने की तैयारी है। इस तेजी को बाजार किसी भी प्रकार से सपोर्ट नहीं कर रहा है।

आचार संहिता उल्लंघन पर चुनाव आयोग का एक्शन, चार लाख से अधिक बैनर पोस्टरों को हटाया; यहां आप भी दे सकते हैं शिकायत

आचार संहिता उल्लंघन पर चुनाव आयोग का एक्शन, चार लाख से अधिक बैनर पोस्टरों को हटाया; यहां आप भी दे सकते हैं शिकायत
छत्तीसगढ़ में आचार संहिता उल्लंघन के खिलाफ चुनाव आयोग ने कार्रवाई तेज कर दी है। अंतरराज्यीय सीमाओं पर चौकी बना निगरानी की जा रही है। खास बात यह है कि अंतरराज्यीय सीमाओं पर स्थित चौकियों पर सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से भी नजर रखी जा रही है। आयोग 30 करोड़ से अधिक की संपत्ति, नकदी और अन्य सामान जब्त कर चुका है।

यह आंकड़ा 16 मार्च से एक अप्रैल तक का है। छत्तीसगढ़ में अब तक आचार संहिता की कुल 217 शिकायतें मिल चुकी हैं। सी-विजिल एप के माध्यम से ये शिकायतें की गई हैं। चुनाव आयोग ने 149 शिकायतों पर एक्शन लिया है। इस बीच आयोग ने चार लाख से ज्यादा बैनर-पोस्टरों को हटाया है। वहीं कोई भी व्यक्ति सी-विजिल एप के माध्यम से आचार संहिता उल्लघंन की शिकायत दे सकता है।

चुनाव आयोग द्वारा की गई कार्रवाई
प्रकरण
कुल कार्रवाई
बैनर 68,533
पोस्टर 1,10,465
वाल राइटिंग 1,34,698
अन्य 86,908
कुल 4,00,604
जब्त किया गया सामान
प्रकरण कीमत
नकदी 9.11 करोड़
शराब 0.56 करोड़
मादक पदार्थ 1.6 करोड़
कीमत धातु 1.64 करोड़
अन्य सामान 17.58 करोड़
जब्त सामान की कीमत 30.47 करोड़

CG -/ अगर ऐसा हुवा तो EVM के बजाय मतपत्र से करानी पड़ेगी वोटिंग

 

छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव में एक ही दिन में 210 ने लिया फार्म, बघेल ने बैलेट से चुनाव के लिए 384 प्रत्याशियों के नामांकन की कही थी बात कहा था लोकसभा चुनाव के लिए नामांकन फार्म खरीदने बुधवार को अचानक कलेक्ट्रेट में भीड़ उमड़ पड़ी। संसदीय क्षेत्र के चारों जिलो के सभी ब्लाकों से आए कांग्रेस समर्थित ग्रामीण लाइन में लगकर फार्म जारी करवाते रहे। तय समय तक 210 लोगों के नाम फार्म जारी किए गए। इनमें महिलाओं की संख्या अधिक रही।

अचानक फार्म खरीदने ग्रामीणों की भीड़ देख प्रशासन भी हड़बड़ा गया। अतिरिक्त टेबल लगाकर लोगों को फार्म जारी किए गए। गुरुवार को नामांकन का अंतिम दिन है। अब तक कुल 241 के नाम फार्म जारी किेए गए हैं। इनमें से 19 जमा किए जा चुके हैं। ऐसे में देखना होगा कि इनमें से कितने लोग नामांकन फार्म जमा करते हैं।

384 अभ्यर्थी होने पर EVM के बजाय मतपत्र से करानी पड़ेगी वोटिंग
नामांकन को लेकर थोक में पहुंची भीड़ को कांग्रेस प्रत्याशी भूपेश बघेल के ईवीएम के खिलाफ उस आह्वान से जोड़कर देखा जा रहा है जिसमें उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा था कि अधिक से अधिक फार्म भरा जाए। 384 अभ्यर्थी होने पर चुनाव आयोग को ईवीएम के बजाय मतपत्र से वोटिंग करानी पड़ेगी।

बताया गया कि कांग्रेस के ग्रामीण क्षेत्र के कार्यकर्ताओं से सप्ताहभर से फार्म भरने की तैयारी कराई जा रही थी। बैंक खाता खोलने से लेकर अन्य दस्तावेज भी अधिकांश नेे तैयार कर रखा है। बुधवार को जैसे ही फार्म वाला कांउटर खुला, लोग धड़धड़ाकर पहुंचने लगे। कलेक्ट्रेट के अंदर और बाहर भारी भीड़ जुट गई। मोहला, मानपुर, छुरिया, खुज्जी, कवर्ध, पंडरिया, खैरागढ़, डोंगरगढ़ सभी तरफ के लोग अलग-अलग साधन से पहुंचे थे। उन्हें कांग्रेस के कई पदाधिकारी लाइन-अप करते दिखे। हालांकि इस बारे में न तो कांग्रेस के नेता खुलकर बता रहे थे और न ही फार्म लेने वाले कुछ कह रहे थे। दिनभर में कुल 11 नामांकन पत्र जमा हुए और कुल 210 अभ्यर्थियों ने नाम निर्देशन पत्र लिया। कुल 13 अभ्यर्थियों के 19 नामांकन मिले और कुल 241 पत्र जारी किए गए हैं।

तो कराना पड़ेगा मतपत्र से मतदान
इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन यानी ईवीएम के माध्यम से 384 प्रत्याशियों का चुनाव कराया जा सकता है। इससे अधिक होने पर मतपत्र का ही उपयोग करना होगा। चुंकि एक वोटिंग मशीन में नोटा को मिलाकर सिर्फ 16 नाम ही आ सकते हैं। इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन दो यूनिट से बनी होती हैं, जिसमें एक कंट्रोल यूनिट है और दूसरा बैलेटिंग यूनिट।

अगर 16 से अधिक (नोटा मिलाकर) उम्मीदवार हैं तो एक बैलेट मशीन से दूसरी वोटिंग मशीन जोड़ दी जाएगी। यानी दो वोटिंग मशीन से चुनाव होगा। इस तरह से उम्मीदवारों की संख्या के अनुसार उसमें वोटिंग मशीन जोड़ दी जाती हैं। एम-2 ईवीएम में नोटा सहित अधिकतम 64 अभ्यर्थियों के चुनाव कराए जा सकते हैंं। यानी चार वोटिंग मशीन तक जोड़ी जा सकती है।

इस तरह चार बैलेटिंग यूनिटों को जोड़कर अधिक से अधिक 64 अभ्यर्थियों के लिए चुनाव कराया जा सकता है। अगर 64 से भी अधिक उम्मीदवार हो तो एम-3 ईवीएम का सहारा लिया जाता है। जिस ईवीएम से 24 बैलटिंग इकाइयों को जोड़कर नोटा सहित अधिकतम 384 अभ्यर्थियों के लिए निर्वाचन कराया जा सकता है।

यानी एक सीट पर 384 तक उम्मीदवार खड़े हो जाए तो अतिरिक्त वोटिंग मशीन लगाकर चुनाव करवाए जा सकते हैं। इससे भी अधिक उम्मीदवार खड़े हो जाए तो मतदान पत्र का इस्तेमाल करना होगा। ईवीएम पर लगातार सवाल खड़े करने वाली कांग्रेस ने इसी मुहिम के तहत कार्यकर्ताओं से फार्म भरने का आह्वान कर रखा है।

करनी होगी अतिरिक्त व्यवस्था
भीड़ बढ़ने पर नामांकन फार्म जारी करने के लिए प्रशासन ने टेबल लगाकर काउंटर तो बढ़ा दिया, लेकिन फार्म जमा करने के लिए कलेक्टर न्यायालय के कक्ष में ही एकमात्र व्यवस्था है। अगर जितने लोगों ने फार्म उठाया है, वे जमा करने पहुंचते हैं तो एक कक्ष में एक ही अधिकारी (जिला निर्वाचन अधिकारी) के लिए इतने फार्म जमा ले पाना संभव नहीं होगा। सभी से अमानत राशि भी लेनी है और उसकी रसीद देनी है।

ऐसे में वैकल्पिक रूप से अतिरिक्त व्यवस्था बनानी पड़ सकती है। इसके लिए विधानसभा क्षेत्रवार नियुक्त निर्वाचन अधिकारियों को बुलवाकर विधानसभावार नामांकन फार्म जमा लेने की व्यवस्था भी करनी पड़ सकती है। जिला निर्वाचन अधिकारी व कलेक्टर संजय अग्रवाल ने बताया कि अभी फार्म जारी हुए हैं। जमा होनेे के बाद उसकी संख्या अधिक होने पर निर्वाचन आयोग से मार्गदर्शन लिया जाएगा।