CG news सात साल की बच्ची की हत्या घर से आधा किमी दूर बाड़ी में बच्ची की लाश मिली है। पुलिस को आशंका है कि रेप के बाद बच्ची की हत्या की गई होगी।

CG news सात साल की बच्ची की हत्या घर से आधा किमी दूर बाड़ी में बच्ची की लाश मिली है। पुलिस को आशंका है कि रेप के बाद बच्ची की हत्या की गई होगी।

छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले में आपराधिक घटनाएं कम होने का नाम नहीं ले रही है। महज महीनेभर में 8 लोगों की हत्या होने से कानून व्यवस्था पर भी अब सवालिया निशान उठने लगे हैं। गुरुवार को काटा मारी इलाके में खून से लथपथ 7 साल की बच्ची की लाश मिली है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और लाश को पोस्टमार्टम के लिए दिया गया है और पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।

मिली जानकारी के अनुसार, यह घटना टाटीवाह गांव की है, मृत बच्ची कक्षा पहली की छात्रा थी। जिसकी लाश घर से कुछ ही दूर बाड़ी में मिली है। पुलिस मौके पर मौजूद है और लाश को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। बताया जा रहा है कि, मृतिका सुबह 9 बजे घर से भोजन करने के बाद खेलने गांव के तरफ गई हुई थी और घर नहीं पहुंची तो परिजनों और ग्रामीणों ने तलाश शुरू की। इस दौरान 7 वर्षीय कविता की लाश गांव के बाड़ी में खून से सने हालत मिली है. वहीं ग्रामीणों ने हत्या की आशंका जताई है।

बीते दिनों हुई तीन बैगा आदिवासियों की हत्या

बीते दिनों कवर्धा के नागाडबरा में 15 जनवरी को तीन बैगा आदिवासियों की हत्या हुई थी। पुलिस ने इस मामले में 14 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें एक नाबालिग और दो महिला भी शामिल हैं। आरोपियों ने जमीन विवाद के चलते वारदात को अंजाम दिया था। आरोपियों ने हत्या के बाद इसे हादसे का रूप देने के लिए घर में आग लगाई थी। जांच के दौरान पुलिस को घटनास्थल पर खून के छीटे मिले थे और जब मामले की गहनता से जांच की तो हत्या के सुराग मिले. फिर धीरे-धीरे सभी राज खुलते गए और एक-एक कर पूरे मामला का खुलासा हो गया।

गौ सेवक साधराम की हुई हत्या

20 जनवरी को कवर्धा सिटी कोतवाली अंतर्गत लालपुर नर्सरी के पास साधराम यादव की धारदार हथियार से गला रेतकर हत्या कर दी गई थी। हत्याकांड के 5 आरोपियों को 21 जनवरी की शाम पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। इस मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इनमें सुफियान, ईदरिस, अयाज व महताब खान शामिल हैं और आरोपियों में एक नाबालिग भी शामिल है।

रायपुर : राजिम कुंभ कल्प में वैष्णव नागाओं ने की निशान पूजा अस्त्र-शस्त्र के साथ किया शौर्य प्रदर्श

रायपुर : राजिम कुंभ कल्प में वैष्णव नागाओं ने की निशान पूजा अस्त्र-शस्त्र के साथ किया शौर्य प्रदर्श
राजिम कुंभ कल्प-2024 के 12वें दिन संत समागम स्थल में वैष्णव नागाओं ने अपनी पंथ परंपरा के अनुसार महंत नरेंद्र दास जी महाराज महासचिव श्री अखिल भारतीय मंच रामानंदी अखाड़ा के नेतृत्व में निशान पूजा कर अपनी परम्परा का निर्वहन किया। प्राप्त जानकारी के अनुसार भारत देश में कुल तेरह अखाड़े है जिसमें तीन अखाड़े वैष्णव संप्रदाय के है, ये तीनो अखाड़ो ने राजिम कुंभ में प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। इनमें श्रीपंच निर्माेही अखाड़ा, श्रीपंच दिगंबर अनी अखाड़ा, श्रीपंच निर्वाणी अनी अखाड़़ा के महंत नागा शामिल है। गौरतलब है कि कालांतर में जब देश में सनातन धर्म पर हमला हुआ, तब संतो की एक लड़ाकू फौज का गठन किया गया जिन्हें अस्त्र-शस्त्र की विद्या से रण कौशल की दीक्षा देकर इन्हें धर्म की रक्षा का दायित्व सौंपा गया। इन दलों के पास एक विशाल छड़ी में ध्वज होता था, जिसे निशान कहते है। यह निशान अखाड़ो की मान्यता के अनुसार यह हनुमान जी का प्रतिनिधित्व करते हैं और इस निशान को हनुमान जी का आशीर्वाद मानकर उनके दिशा-निर्देश अनुसार सनातन धर्म की रक्षा के लिए युद्ध करते थे। इन अखाड़ों की सदियों पुरानी यह परंपरा आज भी बादस्तुर जारी है और इस परंपरा का निर्वहन कुंभ में पूजा अर्चना कर तथा संतो द्वारा शौर्य प्रदर्शन कर किया जाता है।

नागा साधुओं ने इसी परंपरा का निर्वहन पूरे भव्यता और विधि-विधान के साथ राजिम कल्प कुंभ में कर रहे हैं। निशान पूजा के अवसर पर महंत नरेंद्र दास जी, महंत राधा मोहन दास जी, मंडलेश्वर राधेश्याम दास जी, महंत रामदास जी महाराज, महंत पवन दास जी, महंत श्यामबिहारी जी, महंत देवनाथ जी, महंत छबिराम जी, महंत संतदास, राजेश्वरानंद जी महाराज, महामंडलेश्वर सर्वेश्वर दास जी सहित बड़ी संख्या में अखाड़ों के महंत, साधु-संत और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।

रायपुर : खाद्य मंत्री श्री बघेल ने मरीजों के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के दिए निर्देश

रायपुर : खाद्य मंत्री श्री बघेल ने मरीजों के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के दिए निर्देश
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का किया औचक निरीक्षण
खाद्य मंत्री श्री दयाल दास बघेल ने बेमेतरा जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नवागढ़ का औचक निरीक्षण किया और स्वास्थ्य व्यवस्था की जानकारी ली। डॉक्टरों को समय पर अस्पताल में उपस्थित रहकर मरीजों का बेहतर ईलाज करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि रात में भी गंभीर मरीज आते है तो तत्काल उनका ईलाज करें। मरीजो को ईलाज में किसी भी प्रकार की समस्या नहंी आनी चाहिए। उनके लिए पर्याप्त मात्रा में दवाई की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए है। खाद्य मंत्री ने निरीक्षण के दौरान इलाज कराने आए मरीज़ों से बातचीत करके स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी ली। इसके साथ ही मरीजों के लिए ज़रूरी सुविधाएं एवं संसाधनों की जानकारी ली। सामुदायिक स्वास्थय केन्द्र की साफ़-सफ़ाई पर विशेष ध्यान रखने के लिए कहा।

खाद्य मंत्री ने मरीजों के वार्ड, दवाई वितरण कक्ष, इंजेक्शन कक्ष आदि का निरीक्षण किया। मरीजों के लिए दी जाने वाली भोजन एवं नाश्ता आदि के गुणवत्ता की संबंध में जानकारी ली और मरीजों को पौष्टिक भोजन प्रदान करने के निर्देश दिए। मंत्री श्री बघेल ने चिकित्सकों को गर्मी के मौसम को देखते हुए मरीजों के लिए पेयजल और कूलर की व्यवस्था करने के निर्देश दिए है।’इस दौरान अध्यक्ष नगर पंचायत श्रीमती मंजू लता रात्रे, एस. डी. एम. श्री मुकेश गोड़, सीएमओ नगर पंचायत श्री टी.आर.चौहान साथ थे।

रायपुर : युवा देशहित में समर्पण के साथ कार्य करें – राज्यपाल श्री हरिचंदन राजभवन में मध्यप्रदेश एवं छत्तीसगढ़ एन.सी.सी. संचालनालय के कैडेट्स का ‘एट होम‘ कार्यक्रम संपन्न

रायपुर : युवा देशहित में समर्पण के साथ कार्य करें – राज्यपाल श्री हरिचंदन राजभवन में मध्यप्रदेश एवं छत्तीसगढ़ एन.सी.सी. संचालनालय के कैडेट्स का ‘एट होम‘ कार्यक्रम संपन्न राज्यपाल श्री विश्वभूषण हरिचंदन के मुख्य आतिथ्य में आज यहां राजभवन में मध्यप्रदेश एवं छत्तीसगढ़ एन.सी.सी. संचालनालय के कैडेट्स का ‘एट होम‘ कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ बटालियन के वे एन.सी.सी. कैडेट्स शामिल हुए, जिन्होंने नई दिल्ली में इस वर्ष गणतंत्र दिवस परेड में भाग लिया था। कार्यक्रम में राज्यपाल के सचिव श्री यशवंत कुमार, ब्रिगेडियर श्री विक्रम सिंह चौहान वाई.एस.एम, विंग कमाण्डर श्री विवेक कुमार, कर्नल श्री प्रदीप सहित कैडेट्स के परिजन उपस्थित थे। राज्यपाल श्री विश्वभूषण हरिचंदन ने कैडेट्स को गणतंत्र दिवस परेड में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने और पूरे देश में 6 वां स्थान प्राप्त करने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उन्होंने सैन्य अधिकारियों को भी बधाई दी, जिन्होंने कड़ी मेहनत और समर्पण से कैडेटों को प्रशिक्षण देकर आगे बढ़ने का मार्ग प्रशस्त किया और उन्हें इस स्तर तक पहुंचाया।

श्री हरिचंदन ने एन.सी.सी. कैैडेट्स का आव्हान किया कि वे देशहित के लिए निष्ठा और समर्पण के साथ कार्य करें और देश पर हमेशा गर्व करें। उन्होंने कहा कि वंचित वर्गो की सहायता के लिए हमेशा तत्पर रहें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में न केवल, भारत विश्व में अपना महत्व साबित कर रहा है बल्कि देश के अंदर भी सभी क्षेत्रों में प्रगति हो रही है। प्रधानमंत्री ने विकसित भारत 2047 की संकल्पना के लिए युवाओं को बढ़-चढ़ कर भाग लेने की अपील की है जिससे देश के सभी युवा उत्साहित हैं। उन्होंने कहा कि एनसीसी एक ऐसा माध्यम है जो युवाओं को सैन्य प्रशिक्षण देकर उन्हें सैन्य गतिविधियों से अवगत कराता है और अनुशासन बनाए रखते हुए एकता की भावना विकसित करता है। एनसीसी संगठन द्वारा आयोजित शिविरों और कार्यक्रमों के माध्यम से देश के विभिन्न हिस्सों से आए कैडेट न केवल एक-दूसरे की सांस्कृतिक विरासत के बारे में जानते हैं बल्कि विदेशों में जाकर भारतीय संस्कृति का परिचय भी देते हैं, जो बेहद सराहनीय है। उन्होंने विशेष रूप से एन.सी.सी. गर्ल्स बटालियन की सराहना की और कहा कि इसी प्रकार लड़कियों को परिजन द्वारा प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। उन्होंने एन.सी.सी. द्वारा विभिन्न साहसिक गतिविधियों, प्राकृतिक आपदाओं और दुर्घटनाओं में सहायता करने एवं सामाजिक कार्यों में भाग लिए जाने पर प्रसन्नता जाहिर की। उन्होंने आशा व्यक्त की कि कैडेट्स भविष्य में भी इसी उत्साह के साथ नई उपलब्धियां हासिल करेंगे और देश व प्रदेश का नाम रोशन करेंगे।

ब्रिगेडियर श्री विक्रम सिंह चौहान वाई.एस.एम ने मध्यप्रदेश एवं छत्तीसगढ़ एन.सी.सी. संचालनालय की गतिविधियों की जानकारी देते हुए बता कि राज्य में इसकी 16 यूनिट कार्यरत है जिसमे 2 यूनिट गर्ल्स कैडेट्स की है। राज्य में विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों में 23000 से अधिक कैडेट्स जुडे़ हुए हैं। जिसे बढ़ाने की कार्यवाही चल रही है। उन्हांेने कहा कि ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत‘ योजना के तहत कैडेट्स दूसरे राज्यों में जाकर वहां की संस्कृति से परिचित होते हैं, जिससे राष्ट्रीय एकता मजबूत होती है। कार्यक्रम में कैडेट्स द्वारा मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गई। राज्यपाल श्री हरिचंदन को मिराज 2000 का एरो मॉडल, भारतीय नौसेना का आईएनएस शिवालिक का मॉडल और एन.सी.सी. के ध्येय वाक्य को दर्शाता हुआ प्रतीक चिन्ह भेंट किया गया। राज्यपाल ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के लिए कैडेट्स को पुरस्कृत किया।

बसना -: रामयण क़ी वह घटना  ज़ब रावण शिवलिंग को अपने घर ले जाने क़ी जिद पर था वही घटना मान्यताओ के अनुसार भंवरपुर शिव लिंग निकलने के समय भी हुवा ज़ब किसान शिव लिंग घर ले जाने विफल हो गया जिसका बढ़ते जा रहा लम्बाई और आकार 

बसना -: रामयण क़ी वह घटना  ज़ब रावण शिवलिंग को अपने घर ले जाने क़ी जिद पर था वही घटना मान्यताओ के अनुसार भंवरपुर शिव लिंग निकलने के समय भी हुवा ज़ब किसान शिव लिंग घर ले जाने विफल हो गया जिसका बढ़ते जा रहा लम्बाई और आकार रामायण क़ी वह घटना तो आपको याद ही होगा ज़ब रावण महादेव के दिए हुए शिव लिंग को घर ले जाने क़ी

जिद पर अड़ जाता है और फिर कैसे दैवीय शक्ति से रावण को शिव लिंग उसके घर नहीं लेने दिया जाता और वही शिव लिंग को रखना पड़ता है
भगवान शिव की महिमा से कोई अछूता नहीं है. पुराणों के अनुसार, शिव मंदिरों में दर्शन करने से सभी इच्छाएं पूरी हो जाती है. छत्तीसगढ़ में शिव को समर्पित ऐसे कई मंदिर हैं जो खूबसूरती और रहस्यों से भरे हुए हैं. महासमुंद जिले के ग्राम भंवरपुर स्थित शिव मंदिर की दूर-दूर तक प्रसिद्धि है. यहां मौजूद शिवलिंग स्वंभू है. दावा किया जाता है कि ये जमीन से अपने आप निकला है. इसके अंतिम छोर का आज तक पता नहीं लगाया जा सका है. लोगों में ऐसी मान्यता  है कि यहां सच्चे मन से की गई मनोकामना स्वयंभू भोलेनाथ जरूर पूरी करते हैं. जिसके कई उदाहरण आज भी इस क्षेत्र में मौजूद है. महाशिवरात्रि और सावन के पूरे माह यहां भक्तों का तांता लगा रहता है.

भंवरपुर के देव तालाब रानीसागर के किनारे स्थित इस पूर्व मुखी शिव मंदिर का इतिहास जितना पुराना है, उतना ही रोचक भी है. गांव के बड़े बुजुर्ग बताते हैं कि वर्षों पहले इस मंदिर की जगह पर एक खेत था. जहां खेत के मालिक किसान ने एक कुआं बनाने के उद्देश्य से जमीन की खोदाई शुरू की. कुछ दूर खोदाई करने के बाद किसान को उस जगह पर एक गोल पत्थर मिला जो खोदाई को आगे बढने नहीं दे रहा था. किसान ने उस पत्थर को निकालने के लिए बहुत जतन किया. उसने पहले उस गोल पत्थर की गोलाई में खोदाई की फिर वहां पानी डालकर उसे हिला डुला कर निकालने की कोशिश की. लेकिन उसे वह नहीं निकाल पाया. तब उसने पत्थर को तोडऩे के लिए कुदाल से जोरदार प्रहार किया, लेकिन पत्थर पर इसका कोई असर नहीं हुआ.

भगवान शिव ने दिए स्वप्न में दर्शन
गांव वाले दावा करते हैं कि पत्थर पर कुदाल का निशान हो गया, जो आज भी शिवलिंग पर मौजूद है, उसे स्पर्श करके महसूस किया जा सकता है. दिनभर की मेहनत के बाद भी जब किसान सफल नहीं हुआ तो दूसरे दिन किसी भी तरह उस पत्थर को निकालने का संकल्प लेकर घर आ गया और आराम करने लगा. तब उसे स्वप्न में भगवान शिवजी ने दर्शन देकर कहा कि तुम जिस पत्थर को निकालना चाहते हो वो कोई साधारण पत्थर नहीं है, एक शिवलिंग है. मैं स्वयं वहां शिवलिंग के रूप में प्रकट हो रहा हूं. मेरे विचार से तुम्हें उस जगह की खोदाई बंद करके किसी और जगह खुदाई करनी चाहिए.

जमीन से बाहर आ गया था शिवलिंग
कहा जाता है कि सुबह जब किसान उस जगह पर फिर खोदाई करने पहुंचा तो उसने देखा कि वह पत्थर पहले दिन से बाहर आ गया था, धीरे-धीरे यह शिवलिंग बाहर निकल आया. शिवलिंग की पूजा-अर्चना प्रारंभ कर दी और गांव वालों के सहयोग से एक छोटा सा मंदिर उस जगह  पर बनाकर कुएं को अन्यत्र जगह पर खोदा गया. जो आज भी मौजूद है. वह पुराना छोटा सा शिव मंदिर आज जन सहयोग से बड़ा और भव्य हो गया है. शिवलिंग आज जमीन से लगभग 3 फीट से ज्यादा ऊपर आ गया है और दावा किया जाता है कि इसकी ऊंचाई दिनों दिन बढ़ती ही जा रही है.

शिवलिंग का नहीं है कोई ओर छोर
मंदिर के पुजारी बताते हैं कि आज से तकरीबन 35 वर्ष पूर्व 1986 में जब पुराने मंदिर का जीर्णोद्धार करने पुराने मंदिर को तोड़ा गया, तब कुछ भक्तों द्वारा शिवलिंग को भूतल से ऊपर उठाकर स्थापना करने के विचार से शिवलिंग  को उखाडने के लिए उसके चारों ओर खोदाई की गई. बहुत गहराई तक खोदने पर भी जब उन्हें शिवलिंग का कोई ओर छोर नजर नहीं आया, तब उन्होंने भगवान शिव से अपने कृत्य पर क्षमा याचना कर शिवलिंग को उखाड़ने का विचार त्याग दिया.

 छत्‍तीसगढ़ के बीजापुर में पोटाकेबिन बालिका छात्रावास में भीषण आग, बच्‍ची की मौत, हास्‍टल में फंसी 304 छात्राओं को किया रेस्क्यू

छत्‍तीसगढ़ के बीजापुर में पोटाकेबिन बालिका छात्रावास में भीषण आग, बच्‍ची की मौत, हास्‍टल में फंसी 304 छात्राओं को किया रेस्क्यू

छत्‍तीसगढ़ के बीजापुर जिले से बड़ी खबर आ रही है। यहां बुधवार की देर रात आवासीय पोटाकेबिन छात्रावास में भीषण आग लग गई। इस आग की चपेट में आने से एक बच्‍ची झुलस गई, जिसकी इलाज के दौरान मौत हो गई। छात्रावास में आग लगने के बाद अफरा-तफरी मच गई। वहीं छात्रावास में करीब 300 से अधिक बच्‍चों और कर्मचारियों सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।

घटना की जानकारी मिलते ही फायर ब्रिगेड की गाड़ी मौके पर पहुंची। फायर ब्रिगेड के कर्मचारी आग पर काबू पाने में जुटे हुए हैं। हालांकि छात्रावास में आग लगने का शार्ट सर्किट होना बताया जा रहा है। मौके पर पहुंची स्‍थानीय थाना की पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।

304 छात्राओं को उठाकर सु‍रक्षित बाहर निकाला गया
जानकारी के अनुसार बीजापुर जिले के चिंताकोंटा आवासीय बालिका पोटा केबिन में बुधवार देर रात आग लग गई। आग लगने से छात्रावास में अफरा-तफरी मच गई। छात्रावास में जब आग लगी उस वक्‍त छात्राएं सो रहीं थीं। नींद में सो रहे 304 छात्राओं को उठाकर सु‍रक्षित बाहर निकाला गया।

वहीं आग में झुलसने की वजह से एक बच्ची की दर्दनाक मौत हो गई है। बच्ची का नाम लिपाक्षी बताया गया है। पोटा केबिन के स्टाफ और स्‍थानीय लोगोंं की मदद से आग बुझाने की कोशिश की गई। पोटा केबिन में आग लगने के कारण शार्ट सर्किट होना बताया जा रहा है।

जानकारी मिलते ही विभाग के अधिकारी घटनास्थल पहुंचे है‌। आवापल्ली थानाक्षेत्र के अंतर्गत चिंताकोंटा बालिका पोटा केबिन की घटना‌ है। बीजापुर कलेक्टर अनुराग पांडे भी घटना की जानकारी मिलते ही चिंताकोंटा बालिका पोटा केबिन पहुंचे है।

कलेक्टर संग जिले के अधिकारियों का दल भी घटनास्थल पहुंचा है। बालिका पोटा केबिन में आग लगने के कारणों तथा विभागीय अधिकारियों का कोई बयान नहीं आया है। विभाग के अधिकारी इस मामले पर कोई स्पष्ट जानकारी नही दे रहे है।

बसना : अग्रवाल नर्सिंग होम बसना में यूरोलॉजी कैंप मूत्र एवं पथरी जांच, परामर्श एवं ऑपरेशन

बसना : अग्रवाल नर्सिंग होम बसना में यूरोलॉजी कैंप मूत्र एवं पथरी जांच, परामर्श एवं ऑपरेशन AGRAWAL NURSING HOME MULTISPECIALITY HOSPITAL यूरोलॉजी कैंप
मूत्र एवं पथरी जांच, परामर्श एवं ऑपरेशन
• किडनी की पथरी का समुचित इलाज एवं सर्जरी • प्रोस्टेट का इलाज एवं सर्जरी • किडनी में सूजन एवं सिकुडन का इलाज • पुरुषों में बाँझपन एवं नपुंसकता का उपचार कोषका संक्रमण एवं मूत्र नली का सिकुडन
• किडनी, प्रोस्टेट और टेस्टिस के कैंसर का इलाज
• पेशाब का रुक रुक कर आना, लीक करना या खून आने का उपचार पीडियाट्रिक यूरोलॉजी की सेवाएं इमरजेंसी यूरोलॉजी की सेवाएं, ट्रामा से लेकर
किडनी में यूरिन ब्लॉकेज तक
शनिवार 09 मार्च 2024
शाम 5 बजे से
डॉ. योगेश बारापात्रे
MBBS, MS, MCh
यूरो सर्जन
जांच फीस मात्र ₹700
सिटी स्कैन द्वारा पथरी की सटीक जांच किडनी, प्रोस्टेट एवं पथरी इत्यादि सभी ऑपरेशन
ऑपरेशन के इच्छुक मरीज अपनी सभी जांच रिपोर्ट के साथ 08 मार्च भर्ती हो जाएं
तक अग्रिम पंजीयन अनिवार्य
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बसना, जिला महासमुंद (छ.ग.)
प्रतिदिन निःशुल्क
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अधिक जानकारी और रजिस्ट्रेशन के लिए संपर्क करें
84618-11000, 77708-68473, 77730-86100

महाशिवरात्रि की कथा : हिरणी की सत्यनिष्ठा की यह कहानी आपको रुला देगी

महाशिवरात्रि की कथा : हिरणी की सत्यनिष्ठा की यह कहानी आपको रुला देगी एक बार पार्वती ने भगवान शिवशंकर से पूछा, ‘ऐसा कौन सा श्रेष्ठ तथा सरल व्रत-पूजन है, जिससे मृत्यु लोक के प्राणी आपकी कृपा सहज ही प्राप्त कर लेते हैं?’ उत्तर में शिवजी ने पार्वती को ‘शिवरात्रि’ के व्रत का विधान बताकर यह कथा सुनाई- ‘एक गाँव में एक शिकारी रहता था।  पशुओं की हत्या करके वह अपने कुटुम्ब को पालता था। वह एक साहूकार का ऋणी था, लेकिन उसका ऋण समय पर न चुका सका। क्रोधवश साहूकार ने शिकारी को शिवमठ में बंदी बना लिया। संयोग से उस दिन शिवरात्रि थी।

शिकारी ध्यानमग्न होकर शिव संबंधी धार्मिक बातें सुनता रहा। चतुर्दशी को उसने शिवरात्रि की कथा भी सुनी। संध्या होते ही साहूकार ने उसे अपने पास बुलाया और ऋण चुकाने के विषय में बात की। शिकारी अगले दिन सारा ऋण लौटा देने का वचन देकर बंधन से छूट गया।

अपनी दिनचर्या की भाँति वह जंगल में शिकार के लिए निकला, लेकिन दिनभर बंदीगृह में रहने के कारण भूख-प्यास से व्याकुल था। शिकार करने के लिए वह एक तालाब के किनारे बेल वृक्ष पर पड़ाव बनाने लगा। बेल-वृक्ष के नीचे शिवलिंग था जो बिल्वपत्रों से ढँका हुआ था। शिकारी को उसका पता न चला।

पड़ाव बनाते समय उसने जो टहनियाँ तोड़ीं, वे संयोग से शिवलिंग पर गिरीं। इस प्रकार दिनभर भूखे-प्यासे शिकारी का व्रत भी हो गया और शिवलिंग पर बेलपत्र भी चढ़ गए।एक पहर रात्रि बीत जाने पर एक गर्भिणी मृगी तालाब पर पानी पीने पहुँची। शिकारी ने धनुष पर तीर चढ़ाकर ज्यों ही प्रत्यंचा खींची, मृगी बोली, ‘मैं गर्भिणी हूँ। शीघ्र ही प्रसव करूँगी। तुम एक साथ दो जीवों की हत्या करोगे, जो ठीक नहीं है।  मैं अपने बच्चे को जन्म देकर शीघ्र ही तुम्हारे सामने प्रस्तुत हो जाऊँगी, तब तुम मुझे मार लेना।’ शिकारी ने प्रत्यंचा ढीली कर दी और मृगी झाड़ियों में लुप्त हो गई।

कुछ ही देर बाद एक और मृगी उधर से निकली। शिकारी की प्रसन्नता का ठिकाना न रहा। समीप आने पर उसने धनुष पर बाण चढ़ाया। तब उसे देख मृगी ने विनम्रतापूर्वक निवेदन किया, ‘हे पारधी ! मैं थोड़ी देर पहले ही ऋतु से निवृत्त हुई हूँ। कामातुर विरहिणी हूँ। अपने प्रिय की खोज में भटक रही हूँ। मैं अपने पति से मिलकर शीघ्र ही तुम्हारे पास आ जाऊँगी।’

शिकारी ने उसे भी जाने दिया। दो बार शिकार को खोकर उसका माथा ठनका। वह चिंता में पड़ गया। रात्रि का आखिरी पहर बीत रहा था। तभी एक अन्य मृगी अपने बच्चों के साथ उधर से निकली शिकारी के लिए यह स्वर्णिम अवसर था। उसने धनुष पर तीर चढ़ाने में देर न लगाई, वह तीर छोड़ने ही वाला था कि मृगी बोली, ‘हे पारधी! मैं इन बच्चों को पिता के हवाले करके लौट आऊँगी। इस समय मुझे मत मार।’

शिकारी हँसा और बोला, ‘सामने आए शिकार को छोड़ दूँ, मैं ऐसा मूर्ख नहीं। इससे पहले मैं दो बार अपना शिकार खो चुका हूँ। मेरे बच्चे भूख-प्यास से तड़प रहे होंगे।’

उत्तर में मृगी ने फिर कहा, ‘जैसे तुम्हें अपने बच्चों की ममता सता रही है, ठीक वैसे ही मुझे भी, इसलिए सिर्फ बच्चों के नाम पर मैं थोड़ी देर के लिए जीवनदान माँग रही हूँ। हे पारधी! मेरा विश्वास कर मैं इन्हें इनके पिता के पास छोड़कर तुरंत लौटने की प्रतिज्ञा करती हूँ।’

मृगी का दीन स्वर सुनकर शिकारी को उस पर दया आ गई। उसने उस मृगी को भी जाने दिया। शिकार के आभाव में बेलवृक्ष पर बैठा शिकारी बेलपत्र तोड़-तोड़कर नीचे फेंकता जा रहा था। पौ फटने को हुई तो एक हष्ट-पुष्ट मृग उसी रास्ते पर आया। शिकारी ने सोच लिया कि इसका शिकार वह अवश्व करेगा।

शिकारी की तनी प्रत्यंचा देखकर मृग विनीत स्वर में बोला,’ हे पारधी भाई! यदि तुमने मुझसे पूर्व आने वाली तीन मृगियों तथा छोटे-छोटे बच्चों को मार डाला है तो मुझे भी  मारने में विलंब न करो, ताकि उनके वियोग में मुझे एक क्षण भी दुःख न सहना पड़े। मैं उन मृगियों का पति हूँ। यदि तुमने उन्हें जीवनदान दिया है तो मुझे भी कुछ क्षण जीवनदान देने की कृपा करो। मैं उनसे मिलकर तुम्हारे सामने उपस्थित हो जाऊँगा।’

मृग की बात सुनते ही शिकारी के सामने पूरी रात का घटना-चक्र घूम गया। उसने सारी कथा मृग को सुना दी। तब मृग ने कहा, ‘मेरी तीनों पत्नियाँ जिस प्रकार प्रतिज्ञाबद्ध होकर गई हैं, मेरी मृत्यु से अपने धर्म का पालन नहीं कर पाएँगी। अतः जैसे तुमने उन्हें विश्वासपात्र मानकर छोड़ा है, वैसे ही मुझे भी जाने दो। मैं उन सबके साथ तुम्हारे सामने शीघ्र ही उपस्थित होता हूँ।’

उपवास, रात्रि जागरण तथा शिवलिंग पर बेलपत्र चढ़ाने से शिकारी का हिंसक हृदय निर्मल हो गया था। उसमें भगवद् शक्ति का वास हो गया था। धनुष तथा बाण उसके हाथ से सहज ही छूट गए। भगवान शिव की अनुकम्पा से उसका हिंसक हृदय कारुणिक भावों से भर गया। वह अपने अतीत के कर्मों को याद करके पश्चाताप की ज्वाला में जलने लगा।

थोड़ी ही देर बाद मृग सपरिवार शिकारी के समक्ष उपस्थित हो गया, ताकि वह उनका शिकार कर सके, किंतु जंगली पशुओं की ऐसी सत्यता, सात्विकता एवं सामूहिक प्रेमभावना देखकर शिकारी को बड़ी ग्लानि हुई। उसके नेत्रों से आँसुओं की झड़ी लग गई। उस मृग परिवार को न मारकर शिकारी ने अपने कठोर हृदय को जीव हिंसा से हटा सदा के लिए कोमल एवं दयालु बना लिया।

देव लोक से समस्त देव समाज भी इस घटना को देख रहा था। घटना की परिणति होते ही देवी-देवताओं ने पुष्प वर्षा की। तब शिकारी तथा मृग परिवार मोक्ष को प्राप्त हुए।’

छत्तीसगढ़ : पीएम उज्ज्वला योजना से छत्‍तीसगढ़ की महिलाओं के जीवन में आया बड़ा बदलाव, 36.76 लाख को चूल्हा फूंकने से मिली मुक्ति

छत्तीसगढ़ : पीएम उज्ज्वला योजना से छत्‍तीसगढ़ की महिलाओं के जीवन में आया बड़ा बदलाव, 36.76 लाख को चूल्हा फूंकने से मिली मुक्ति  केंद्रीय योजना प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना से घरेलू महिलाओं के जीवन में बड़ा बदलाव आया है। छत्‍तीसगढ़ में अब तक 36,76,260 महिलाओं के चेहरे खिले हैं और रसोई के काले धुएं से छुटकारा मिला है। Chhattisgarh: केंद्रीय योजना प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना से घरेलू महिलाओं के जीवन में बड़ा बदलाव आया है। प्रदेश में अब तक 36,76,260 महिलाओं के चेहरे खिले हैं और रसोई के काले धुएं से छुटकारा मिला है। महिलाएं अब चूल्हा नहीं फूंकती है। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत महिलाओं को मुफ्त रसोई गैस सिलेंडर और गैस चूल्हा वितरित किया गया है। वर्तमान में प्रदेश में योजना के तहत महिलाओं को महज 976 रुपये में रसोई गैस का सिलेंडर उपलब्ध कराया जाता है।

प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना लांच होने से पहले लाखों महिलाएं जलाऊ लकड़ी, कोयला और गाय के गोबर के उपलों जैसे खाना पकाने के पारंपरिक ईंधन का उपयोग करने मजबूर थीं। धुएं से भरी रसोई में भोजन पकाने की वजह से दिनभर खांसना और सांस लेने में परेशानी होना सामान्य बात थी। यही नहीं महिलाओं का स्वास्थ्य खराब होने के साथ-साथ पर्यावरण संबंधी चुनौतियां भी पैदा हो रही थी। ऐसे में महिलाओं ने इन समस्याओं से निजात पाने की उम्मीद ही छोड़ दी थी, लेकिन, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना ने महिलाओं की जिंदगी बदल दी। ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को इसका काफी लाभ मिला है। प्रधानमंत्री उज्ज्वल योजना के पहले चरण में प्रदेश की 34,92,221 महिलाएं लाभान्वित हुई हैं, इसमें सबसे अधिक बिलासपुर की 2,80,345 शामिल है। दूसरे चरण में 1,84,039 महिलाएं लाभान्वित हो चुकी हैं। दूसरे चरण में सिलेंडर के लिए 2,49,533 का केवाइसी हो चुका है। बता दें कि प्रधानमंत्री उज्ज्वल योजना 1 मई, 2016 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुरू किया था। इसके तहत देश में पांच करोड़ गरीब परिवारों की महिलाओं को गैस कनेक्शन बांटने का लक्ष्य रखा गया था। इसके बाद वर्ष-2018 में इस योजना को आगे बढ़ाते हुए सात और श्रेणियों की महिलाओं को इसका लाभ दिया गया।

इसमें अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अंत्योदय अन्न योजना, अति पिछड़ा वर्ग, चाय बागान श्रमिक, वनवासी और द्वीपों में रहने वाले लोग भी शामिल थे। योजना के पहले चरण के सफल होने के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 10 अगस्त 2021 को प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना 2.0 यानी दूसरे चरण की शुरुआत किया था। प्रधानमंत्री उज्ज्वल योजना के पहले चरण के दौरान गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, मोहलामानपुर- अंबागढ़ चौकी, सक्ती, और सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले अस्तित्व में नहीं आए थे। दूसरे चरण में इन जिलों को भी योजना का लाभ मिल रहा है। इन जिलों में सक्ती के सबसे अधिक 7,160 परिवार अब तक लाभान्वित हुए हैं।
विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा ने घोषणा पत्र जारी किया था। इसके तहत लोगों से 20 वादे किए गए थे। इसमें से गरीब परिवार की महिलाओं को 500 रुपये में गैस सिलेंडर देना भी शामिल है। प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने के बाद मोदी की गारंटी के 12 वादे पूरे कर लिए गए हैं। रसोई गैस सब्सिडी को लेकर महिलाओं को इंतजार है।

खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के संयुक्त संचालक विक्रम राम भगत ने कहा, प्रदेश में प्रधानमंत्री उज्ज्वल योजना के पहले चरण के बाद दूसरा चरण जारी है। हितग्राहियों को सस्ते दाम पर सिलेंडर उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके लिए आनलाइन आवेदन किया जा सकता है। प्रधानमंत्री उज्ज्वल योजना-एक और दो के कुल लाभान्वित हितग्राही
बालोद- 97,745 -7394  बलौदाबाजार-2,09,337-17,795। बलरामपुर- 1,14,720-1,866। बस्तर- 1,31,889- 1,666। बेमेतरा- 1,22,399-10,978, बीजापुर- 15,726- 585। बिलासपुर- 2,80,345-13,789। दंतेवाड़ा- 30,706- 769। धमतरी- 1,15,406- 13,237। दुर्ग- 90,585- 8,333 गरियाबंद- 1,15,750- 2,501 गौरेला-पेंड्रा-मरवाही- 0- 164, जांजगीर-चांपा- 2,74,650- 9,839 जशपुर- 1,42,185- 12,254 कांकेर- 92,654- 2,672 कबीरधाम- 1,20,895- 8,718 खरागढ़-छुईखदान-गंडई- 0- 2,114 कोंडगांव- 86,435- 1,540 कोरबा- 1,55,683- 5431, कोरिया- 92,955- 3354 महासमुंद- 1,93,464- 6,892 मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर- 0- 2,570 मोहला मानपुर- अंबागढ़ चौकी-0- 225 मुंगेली- 1,19,549- 4,117 नारायणपुर- 19,696- 1,007 रायगढ़- 2,30,101- 7,794, रायपुर- 1,56,593- 9,325 राजनांदगांव- 2,17,651- 7,296 सक्ती- 0- 7,160 सारंगढ़-बिलाईगढ़- 0- 813 सुकमा- 24,682- 405 सुरजपुर- 1,15,659- 5,261 सरगुजा- 1,24,761- 6,175,

फैक्ट फाइल – 1 मई, 2016 को योजना के पहले चरण की शुरूआत – 36,76,260-महिलाएं पहले चरण में लाभान्वित – 2,80,345-महिलाएं बिलासपुर की सबसे अधिक लाभान्वित – 15,726-महिलाओं को बीजापुर की सबसे कम लाभान्वित – 2,49,533- का दूसरे चरण के लिए हो चुका है केवाइसी – 1,84,039-महिलाओं को दूसरे चरण में मिल चुका है सिलेंडर – 976 रुपये में वर्तमान में उपलब्ध कराया जा रहा सिलेंडर – 500 रुपये में गैस सिलेंडर की उम्मीद

CG news शेयर मार्केट में निवेश का लालच देकर लाखों की ठगी करने का मामला सामने आया है.

CG news शेयर मार्केट में निवेश का लालच देकर लाखों की ठगी करने का मामला सामने आया है.भिलाई  मे शेयर मार्केट में निवेश का लालच देकर लाखों की ठगी करने का मामला सामने आया है.आरोपियों ने ठगी के लिए फर्जी वाट्सअप ग्रुप बनाया.इसमें जुड़ने वाले लोगों को ठगों ने थोड़ा निवेश करने के बाद लाखों रुपए अर्जित करने का सपना दिखाया.ठगों के इस जाल में भिलाई निवासी एक युवक आ गया.युवक ने ठगों पर भरोसा करके 35 लाख 70 हजार रुपए गंवा दिए.

वाट्सअप ग्रुप बनाकर पैसे करवाएं निवेश : पुलिस के मुताबिक भिलाई सेक्टर 5 निवासी श्याम कुमार को ब्लैकरॉक कैपिटल वीआईपी 8 नाम के ग्रुप में जोड़ा गया.इस ग्रुप में शेयर मार्केट में निवेश करने के टिप्स बताए जाते थे.इसी को देखकर श्याम कुमार ने एक लाख रुपए निवेश किए. ठग ने निवेश के बाद श्याम कुमार को एक लाख का रिटर्न दिया.रिटर्न पाने के बाद श्याम कुमार को भरोसा हो गया कि पैसे लगाने पर बढ़ेंगे.

अच्छा रिटर्न देकर पीड़ित का जीता भरोसा : ठग ने इसके बाद एक हफ्ते का ले आउट प्रोग्राम का आयोजन भी किया.जिसमें श्याम कुमार ने अलग-अलग खातों में निवेश किया.इस दौरान श्याम कुमार को ठग ने भरोसा दिया कि उसे 30 फीसदी का अच्छा रिटर्न मिलेगा. ट्रेड करने के बाद जब श्याम कुमार ने पैसे मांगे तो ठग ने पैसे वापस नहीं किए.इसके बाद श्याम कुमार को लगा कि उसके साथ ठगी हुई है.जिस ग्रुप से श्याम कुमार जुड़ा था,उसके एडमिन से भी श्याम कुमार ने ट्रांजेक्शन करने की अनुमति मांगी.लेकिन किसी ने भी श्याम कुमार को रकम निकालने की अनुमति नहीं दी.जिस नंबर से ग्रुप बनाया गया था वो विदेशी निकला. इस ठगी की शिकायत श्याम कुमार ने पुलिस से की है.

”श्याम कुमार को एक फर्जी व्हाट्सएप ग्रुप के नाम पर शेयर मार्केट में निवेश के नाम पर लाभ का झांसा दिया गया. निवेश करने के लालच में ऑनलाइन ट्रांजेक्शन से 35 लाख 70 हजार रुपये जमा करवाकर ठगी की गई. व्हाट्सएप ग्रुप, टेलीग्राम और फर्जी डीमेट खाते का उपयोग करके शेयर ट्रेडिंग के नाम पर साइबर ठगी पीड़ित के साथ हुई है.” राजकुमार लहरे, टीआई भिलाई नगर श्याम कुमार की शिकायत के बाद पुलिस ने 420 का मामला दर्ज किया है.साथ ही पुलिस ने अपील की है कि किसी भी तरह के वाट्सअप ग्रुप,फोन या मैसेज में रकम दोगुनी करने या निवेश के बाद लाखों कमाने के झांसे में ना आएं.