सरायपाली थाना : बैदपाली रोड़ ताजनगर झिलमिला मे गाली गलौज और मार पीट पर मामला दर्ज
मैं तपश्विनी महापात्र वार्ड नंबर 07 बैदपाली रोड़ ताजनगर झिलमिला सरायपाली में रहती हूं । साक्षर हूं आज दिनांक 15.03.24 के दोपहर को मैं अपने घर पर अपने बेटी रूचिका महापात्र के साथ थी । मेरा घर तथा मेरी मंझली बहन तिलोतमा मिश्रा का घर आपस में लगा हुआ है। मेरे बहन के लड़का गणेश ऊर्फ राहुल मिश्रा अपने पारिवारिक बातों को लेकर अपने मां से बहस कर रहा था उसी समय मैं भी जाकर दरवाजा के पास खड़ी होकर समझाइस दे रही थी। किंतु गणेश ने कोई बात नहीं सुना और गंदी गंदी गाली देने लगा उसका मैं उच्चारण नहीं कर सकती तथा मैं किसी को नहीं छोड़ूंगा बोलकर धमकी देकर गणेश अपने हाथ में कांच का बाटल पकड़कर घर से भाग रहा था और मेरे पास आकर मेरे दाहीने पैर के टखने को कांच के टूटे बाटल से मार दिया। रिपोर्ट करती हूं कार्यवाही चाहती हूं । रिपोर्ट पढवाकर सुनी मेरे बताये अनुसार लिखा गया है। बताये अनुसार धारा 294-IPC, 323-IPC, 506(B)-IPC पर मामला दर्ज किया गया।
सरायपाली थाना : बैदपाली रोड़ ताजनगर झिलमिला मे गाली गलौज और मार पीट पर मामला दर्ज
थाना बसना : ग्राम साल्हेझरिया के पास में एक व्यक्ति रोड किनारे आम लोगो को शराब पीने पिलाने की सुविधा उपलब्ध करा रहा है की सूचना पर हुई कार्यवाही
थाना बसना : ग्राम साल्हेझरिया के पास में एक व्यक्ति रोड किनारे आम लोगो को शराब पीने पिलाने की सुविधा उपलब्ध करा रहा है की सूचना पर हुई कार्यवाही
थाना बसना में प्रधान आरक्षक के अनुसार दिनांक 15/03/2024 को हमराह स्टाफ आरक्षक 442, 775 के साथ स्वयं के वाहन मोटर सायकल में जुर्म जरायम पतासाजी व टाउन / देहात रवाना हुआ था कि जरिये मुखबीर से सूचना मिला की हाड़ापथरा से साल्हेझरिया रोड किनारे ग्राम साल्हेझरिया के पास में एक व्यक्ति रोड किनारे चखना ठेले के आड में आम लोगो को शराब पीने पिलाने की सुविधा उपलब्ध करा रहा है कि सूचना पर हमराह स्टाफ एवं गवाह हबीब खान एवं खेमराज महंती को साथ में लेकर मुखबीर के बताये स्थान पर रेड कार्यवाही किया जहां शराब पीने वाले पुलिस को देखकर भाग गये शराब पीने का साधन उपलब्ध कराते एक व्यक्ति को पकडे जिसका नाम पता पूछने पर अपना नाम बिरंची भोई पिता मनीराम भोई उम्र 52 साल साकिन साल्हेझरिया थाना बसना जिला महासमुंद छ0ग0 का निवासी होना बताया एवं लोगों को शराब पीने पीलाने का साधन उपलब्ध कराना स्वीकार किया जिसे धारा 91 जा0फौ0 का नोटिस दिया जो साधन उपलब्ध कराने के संबंध में कोई कागजात नहीं होना बताये कि गवाहों के समक्ष 02 पौवा देशी प्लेन शराब का खाली शीशी एवं 02 नग डिस्पोजल गिलास जिसमें शराब की गंध आ रही है को जप्त किया गया कि आरोपी का कृत्य धारा 36(C) आबकारी एक्ट का पाये जाने से दिनांक 15/03/2024 के 17-00 बजे गिरफ्तार किया गया मामला जमानतीय होने से जमानत मुचलका पर रिहा किया गया। आरोपी के विरूद्ध अपराध कायम कर विवेचना में लिया गया।
महासमुंद -: ट्रेक्टर से उत्तर प्रदेश ले जाकर खपाने की थी योजना ट्राली के नीचे बने चेम्बर में होता रहा था अवैध परिवहन
महासमुंद -: ट्रेक्टर से उत्तर प्रदेश ले जाकर खपाने की थी योजना ट्राली के नीचे बने चेम्बर में होता था अवैध परिवहनम माहासमुंद पुलिस द्वारा गांजे के अवैध परिवहन के विरुद्ध लगातार की जा रही बड़ी कार्यवाही तुमगांव पुलिस ने उत्तरप्रदेश के 01 आरोपी के कब्जे से 12,97,600 रूपये की 64.880 किलो ग्राम गांजा जप्त उडीसा से उत्तर प्रदेश ले जाकर खपाने की थी योजना
ट्रेक्टर ट्राली के नीचे बने चेम्बर में छिपाकर कर रहा था गांजे की तस्करी
थाना तुमगांव मे आरोपी के विरूध्द एनडीपीएस एक्ट के तहत अपराध दर्ज पुलिस अधीक्षक महोदय महासमुंद एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक द्वारा समस्त थाना चौकी प्रभारियो को जिले मे अवैध गांजा परिवहन पर प्रभावी कार्यवाही करने हेतु निर्देशित किया गया था जिस पर श्रीमान अनुविभागीय अधिकारी पुलिस महासमुंद के मार्गदर्शन मे थाना तुमगांव द्वारा दिनांक 16/03/2024 को मुखबिर सूचना पर से एक व्यक्ति एक बिना नंबर का नीला रंग का स्वराज ट्रेक्टर के ट्राली के नीचे गुप्त रूप से चेंबर बनाकर अवैध रूप से मादक पदार्थ गांजा झलप की ओर से रायपुर की तरफ जा रहा था जिसे तुमगांव पुलिस द्वारा ओवरब्रिज बाईपास NH 53 में पकडा गया। ट्रैक्टर चालक का नाम पता पूछने पर अपना नाम अरविंद कुमार त्रिवेदी पिता दुर्गा प्रसाद त्रिवेदी उम्र 30 साल साकिन वार्ड नं0 02 माधवपुर सितला मोहनी स्वामी इंटर कालेज गोविंद के पास थाना गदागंज जिला रायबरेली उत्तरप्रदेश का होना बताया। ट्रेक्टर की ट्राली का बारीकी से निरीक्षण करने पर ट्राली के अंदर गुप्त चैंबर बना हुआ मिला। कडाई से पूछताछ करने पर आरोपी द्वारा गांजा तस्करी किया जाना स्वीकार किया गया।
एवम ट्राली की तलाशी लेने पर चेम्बर के अंदर भुरे रंग के टेप से लिपटा हुआ छोटे बडे 28 पैकेट में मादक पदार्थ गांजा कुल वजन 64.880 किलो ग्राम किमती 12,97,600 रूपये जुमला एवम परिवहन में प्रयुक्त ट्रैक्टर मय ट्राली कीमती 3,50,000 रूपये जुमला किमती 16,52,600 रूपये मिलने पर विधिवत जप्त किया गया एवम आरोपी के विरूद्ध थाना तुमगांव मे एनडीपीएस एक्ट की धारा 20 ख के प्रावधानो के तहत अपराध क्रमांक 54/2024 पंजीबद्ध किया गया व आरोपी को न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया है।।नाम आरोपी अरविंद कुमार त्रिवेदी पिता दुर्गा प्रसाद त्रिवेदी उम्र 30 साल साकिन वार्ड नं0 02 माधवपुर सितला मोहनी स्वामी इंटर कालेज गोविंद के पास थाना गदागंज जिला रायबरेली उत्तरप्रदेश
(आरोपी के विरूध्द पूर्व में भी थाना फरसगांव जिला कोण्डागांव से मादक पदार्थ की तस्करी मामले में जा चुका है जेल ) जप्त संपत्ति 01- 28 पैकेट नमीयुक्त मनोत्तेजक अवैध मादक पदार्थ गांजा वजनी 64.880 किलोग्राम कीमती 1297600 रूपये,
02- घटना मे प्रयुक्त एक बिना नंबर नीला रंग का स्वराज ट्रेक्टर एवं एक दो चक्का बिना नंबर ट्राली कीमती करीब 3,50,000 रूपये
03- 01 नग रेडमी कंपनी का मोबाईल कीमती 5000 रूपये, कुल जूमला कीमती 16,52,600 रूपये।
बागबाहरा थाना : जवाहर चौक केनरा बैक के पास अपने घर के सामने गली में खडी स्कुटी की चोरी पर मामला दर्ज
बागबाहरा थाना : जवाहर चौक केनरा बैक के पास अपने घर के सामने गली में खडी स्कुटी की चोरी पर मामला दर्ज मैं अरूणा बगानी वार्ड नं 08 जवाहर चौक केनरा बैक के पासबागबाहरा की रहने वाली हूं। हाई सेकण्डरी स्कुल लमकेनी में शिक्षिका के पद पर कार्यरत हूं। आज दिनांक 15/03/2024 के 10.00 बजे मेरी हीरो मेस्ट्रो स्कुटी क्र CG 06 GD 6466 जिसका इं नं. JF32AAFGA40060 चेचिस नम्बर MBLJF32ADFGA27341 इस्तेमाली कीमती करीब 40,000 रूपये है को अपने घर के सामने गली में खडी कर हेण्डल लाक कर रखकर डियुटी पर हाई सेकण्डरी स्कुल लमकेनी चली गयी थी। डियुटी से वापस 05:00 बजे आकर देखी तो खडी किये जगह पर मेरी स्कुटी वहा पर नही थी जिसकी पता तलाश आसपास किया जो पता नही चला। कोई अज्ञात चोर द्वारा चोरी कर ले गया है। रिपोर्ट करती हूं कार्यवाही चाहती हूं। कि रिपोर्ट पर अपराध 379-IPC पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।
छत्तीसगढ़ में 10 महीने में 1.21 लाख को मिला मोतियाबिंद से छुटकारा, नौ जिलों में नहीं मिले एक भी दृष्टिहीन
छत्तीसगढ़ में 10 महीने में 1.21 लाख को मिला मोतियाबिंद से छुटकारा, नौ जिलों में नहीं मिले एक भी दृष्टिहीन राष्ट्रीय नेत्र ज्योति अभियान के अंतर्गत प्रदेश को वर्ष-2025 तक मोतियाबिंद दृष्टिहीनता मुक्त राज्य बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से लक्ष्य प्राप्ति के लिए पूरजोर प्रयास भी किया जा रहा है। अभियान के तहत नौ जिले कैटरेक्ट ब्लाइंडनेस बैकलाग फ्री हो चुके हैं। 10वें के लिए कांकेर जिले ने दावा प्रस्तुत कर दिया है।प्रदेश में दस माह में 1,21,513 लोगों के मोतियाबिंद का आपरेशन किया गया है। केंद्र सरकार ने वर्ष-2022 में राष्ट्रीय नेत्र ज्योति अभियान की शुरुआत की थी। इसी के साथ लक्ष्य रखा गया था कि तीन साल के अंदर यानी 2025 तक देश में अंधेपन की दर को 0.25% तक कम किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कैटरेक्ट ब्लाइंडनेस बैकलाग फ्री का तात्पर्य यह है कि इन जिलों में मोतियाबिंद के कारण दृष्टिहीन हो चुके चिन्हित सभी लोगों के आंखों की रोशनी लौटाई जा चुकी है। कबीरधाम यह स्टेटस हासिल करने वाला प्रदेश का पहला जिला था। इसके बाद बलौदा बाजार, राजनांदगांव, रायगढ़, रायपुर, बलौदा, धमतरी, दुर्ग और कोरबा को कैटरेक्ट ब्लाइंडनेस बैकलाग फ्री हो चुके हैं। लेकिन, अंतिम निर्णय केंद्र सरकार की ओर किया जाना है। दस्तावेजों का वेरीफिकेशन कर केंद्र सरकार को भेज दिया गया है। प्रदेश के 14 जिलों में मोतियाबिंद के इलाज की अत्याधुनिक फेको तकनीक के माध्यम से पीड़ितों का इलाज किया जा रहा है। आपरेशन की इस विधि में आंख में महज एक बारिक छेद किया जाता है,
जिसके माध्यम से मोतियाबिंद को आंख के अंदर ही घोल दिया जाता है। इस छेद के जरिए ही फोल्डेबल लेंस को आंख के अंदर प्रत्यारोपित किया जाता है। फेको तकनीक की शुरूआत जिला अस्पताल बीजापुर, सूरजपुर, बलौदाबाजार, बैकुंठपुर (कोरिया), कोंडागांव, धमतरी, मुंगेली, सरगुजा, बस्तर, रायगढ़, राजनांदगांव, रायपुर और बिलासपुर से की गई थी। इसमें अब कोरबा भी शामिल हो गया है। आंखों की जांच और आपरेशन के लिए 100 बिस्तरों वाले माना सिविल अस्पताल में छह सर्जन सहित 35 कर्मचारियों की टीम काम कर रही है। सोमवार को ग्लाकोमा, गुरूवार को रेटिना और शनिवार को बच्चों में आंख की बीमारी की विशेष जांच की जाती है। रेटिना संबंधी विकारों के लिए ग्रीन लेजर की सुविधा भी अस्पताल में उपलब्ध है। माना में रायपुर समेत अन्य जिलों के नेत्र रोगियों के आपरेशन किए जा रहे हैं। मरीजों को लाने व ले जाने की निश्शुल्क सुविधा भी अस्पताल की ओर से उपलब्ध कराई जाती है। आपरेशन के बाद मरीजों के नियमित फालोअप के लिए बुलाया जाता है। प्रदेश के स्कूली बच्चों में बढ़ रहे दृष्टिदोष का मुकाबल स्वास्थ्य विभाग व्यायाम से करेगा। इसके लिए पूरी योजना तैयार कर ली गई गई है। स्कूल शिक्षा विभाग की मदद से पहले शासकीय और उसके बाद निजी स्कूलों में इसे लागू किया जाएगा। राष्ट्रीय अंधत्व नियंत्रण कार्यक्रम के तहत स्कूलों में चलाए गए अभियान में पाया गया है कि विगत पांच वर्षों में दृष्टिदोष वालों विद्यार्थियों में 30 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। इसकी मुख्य वजह पढ़ाई के अत्याधिक दबाव, मोबाइल और टेलीविजन के ज्यादा उपयोग को माना गया। वर्ष 2018-19 में 11,258,20 विद्यार्थियों की जांच में 30,897 में दृष्टिदोष की समस्या पाई गई थी। वर्ष 2022-23 में 10,909,91 की जांच में 37302 विद्यार्थियों में दृष्टिदोष पाया गया है।
इस चुनौती से निटपने के लिए राष्ट्रीय अंधत्व नियंत्रण कार्यक्रम के तहत प्रदेश के सभी जिलों से एक-एक सहायक नेत्र चिकित्सक और पांच-पांच शिक्षकों को आंखों के व्यायाम का प्रशिक्षण के लिए पुडुचेरी भेजा जाएगा। प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद सहायक नेत्र चिकित्सक और शिक्षक अन्य शासकीय स्कूलों में जाकर प्रशिक्षण देंगे। अंधत्व नियंत्रण कार्यक्रम राज्य नोडल अधिकारी डा. निधि ग्वालरे ने कहा, प्रदेश के नौ जिले कैटरेक्ट ब्लाइंडनेस बैकलाग फ्री हो चुके हैं। कांकेर ने भी दावा किया है, जल्द ही टीम निरीक्षण के लिए जाएगी। कोरबा में फेको तकनीकी से इलाज शुरू किया गया है। प्रदेश के अन्य जिलों में भी शुरू किया जाएगा। व्यायाम प्रशिक्षण प्रक्रियाधीन है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के प्रशिक्षण दिया जाना है। फैक्ट फाइल
14 जिलों में फेको तकनीकी से इलाज
10वें जिले के लिए कांकेर किया दावा
35 कर्मचारियों की टीम माना में कर रही काम
34,849 लोगों का सबसे अधिक रायपुर में सर्जरी
5 लोगों का सबसे कम सक्ती जिले में आपरेशन
सरायपाली -: शास.प्राथ. शाला खपरीड़ीह एवं कुर्मीपाली में न्योता भोज का आयोजन
सरायपाली -: शास.प्राथ. शाला खपरीड़ीह एवं कुर्मीपाली में न्योता भोज का आयोजन
शासकीय प्राथमिक शाला खपरीड़ीह एवं कुर्मीपाली, विकासखंड- सरायपाली, जिला -महासमुंद के सहायक शिक्षक गीतांजलि भोई की सुपुत्री आकांक्षा भोई के जन्मदिन के अवसर पर एवं कुर्मीपाली में पूर्व जनपद सदस्य सुंदर लाल
चौहान के द्वारा प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना के तहत छत्तीसगढ़ शासन के महत्वपूर्ण योजना न्योता भोज को नियम अनुसार शाला में नाश्ता में मिक्सर, चॉकलेट, बिस्कुट के साथ मध्यान्य भोजन में चावल, दाल, सब्जी, पूरी,चटनी,
पापड़ का भोज दिया गया पौष्टिक और स्वादिष्ट भोजन ग्रहण कर बच्चे गदगद हो गए इस भोज का उद्देश्य स्कूल के प्रति अपनेपन की भावना विकसित करना है और स्थानीय समुदाय के बीच
आपसी तालमेल विकसित करना बच्चों में समानता की भावना पैदा करना बच्चों की रोक प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करना दानदाताओं को प्रोत्साहित करना मुख्य उद्देश्य है इस अवसर पर प्रधान पाठक निर्मल कुमार पुरोहित, सहायक शिक्षक चरण सिंह साहू ,गीतांजलि भोई, इसी क्रम में प्रधान पाठक देव प्रसाद चौहान, सहायक शिक्षक जगबंधु सोना,शाला प्रबंधन विकास समिति के अध्यक्ष उपेंद्र बरिहा, समिति के सदस्य, रसोईया एवं सभी बच्चों द्वारा बधाई एवं शुभकामनाएं दी गई।
वीरेंद्रनगर सरायपाली के प्रधान पाठक सिंधु प्रधान ने कराया बच्चों को न्योता भोज
वीरेंद्रनगर सरायपाली के प्रधान पाठक सिंधु प्रधान ने कराया बच्चों को न्योता भोज प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना के तहत संकुल केंद्र मंदिर सरायपाली के वीरेंद्रनगर शासकीय प्राथमिक हिन्दी एवम् अंग्रेजी माध्यम के सभी बच्चों को प्रधान पाठक सिंधु प्रधान ने अपने जन्मदिन पर न्योता भोज का आयोजन कराया।न्योता भोज में पुलाव,मिक्स
सब्जी,भजिया,जलेबी,और चॉकलेट सभी बच्चों को दिया गया।उनके जन्म दिवस के उपलक्ष्य में हिंदी माध्यम और अंग्रेजी माध्यम के बच्चों ने जन्मदिन धूमधाम से बच्चों के
साथ मनाया, जिसमे शाला के सभी शिक्षक शिक्षिका रिंकी नंदे प्रधान पाठक अंग्रेजी माध्यम वीरेंद्र नगर,माधुरी पटेल,पुष्पा पारेश्वर,संध्या चौधरी,प्रकाश तांडी,खिरोद्र साहू,रीवा राम वर्मा के साथ ही साथ शाला के सभी रसोइया जुगमोती,रुक्मणि,पार्वती,विमला एवं लक्ष्मी उपस्थित रहे।
शासन की अच्छी पहल की शुरुवात सरायपाली विकासखंड के कई स्कूलों में प्रारंभ हो चुकी है।इसी तारतम्य में मंदिर सरायपाली संकुल में भी स्कूल के प्रधान पाठक सिंधु प्रधान के जन्मदिन पर उनके द्वारा इस पहल की शुरुआत की गई।न्योता भोज के लिए शाला विकास प्रबंधन समिति सदस्यों ने सिंधु प्रधान को धन्यवाद दिया।आभार व्यक्त करते हुए प्रकाश तांडी ने बताया कि प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना के तहत आप अपने जन्मदिन,विवाह या किसी खास उत्सव को बच्चों के साथ मिलकर मना सकते हैं।इस योजना से समुदाय के बीच अपनेपन की भावना विकसित करने में मदद करेगा साथ ही इसके तहत पोषक तत्वयुक्त भोजन से बच्चों के विकास में वृद्धि होगा।
छत्तीसगढ़ के इन पांच शहरों में जल्द दौड़ेंगी 240 इलेक्ट्रिक बसें, केंद्र सरकार ने दी मंजूरी
छत्तीसगढ़ के इन पांच शहरों में जल्द दौड़ेंगी 240 इलेक्ट्रिक बसें, केंद्र सरकार ने दी मंजूरी
केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ के पांच प्रमुख शहरों रायपुर, दुर्ग-भिलाई, बिलासपुर और कोरबा को पीएम ई-बस सेवा योजना के तहत इलेक्ट्रिक बसों के संचालन की मंजूरी दे दी है। इसके लिए काफी दिनों से प्रयास किया जा रहा था। योजना के तहत रायपुर को 100, दुर्ग-भिलाई को 50, बिलासपुर को 50 और कोरबा को 40 ई-बसों की स्वीकृति मिली है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस पर हर्ष जताया है। उप मुख्यमंत्री व नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव ने कहा कि डबल इंजन की सरकार के कारण नवाचार और स्थिरता की नई ऊंचाइयों को छू रहे हैं। यह योजना एक उपहार है, जो न केवल पर्यावरण को बचाएगी बल्कि हमारे जीवन को भी सुगम बनाएगी। ई-बसों का आगमन प्रदेश के लिए एक नई और स्वच्छ परिवहन सेवा का द्वार खोलेगी। इससे पर्यावरणीय प्रदूषण में कमी आएगी और शहरों की वायु गुणवत्ता में सुधार होगा। साथ ही ऊर्जा की बचत भी होगी। उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार की यह योजना राज्यों को मिलने वाली केंद्रीय मदद को पारदर्शिता और उनके प्रदर्शन से जोड़ने की कोशिश का हिस्सा है।
केंद्र सरकार की मंशा है कि यह योजना शहरों में मेट्रो के विकल्प या उसके सहयोगी साधन के रूप में विकसित हो ताकि लोगों को किफायती, भरोसेमंद और सुगम परिवहन की सुविधा उपलब्ध हो।केंद्र सरकार शहरों को बसों की खरीद तथा उनके संचालन के लिए वित्तीय सहायता देगी, जिसमें एक बड़ा हिस्सा बस डिपो जैसे इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास के लिए भी खर्च किया जाएगा। पारदर्शिता रखने योजना की सामान्य शर्तों में प्रोजेक्ट के तहत दिए जाने वाले पैसे का थर्ड पार्टी आडिट अनिवार्य करने को शामिल किया गया है। शहरों को हर तीन महीनें में बसों के संचालन का हिसाब-किताब देना होगा। योजना के तहत तीन तरह की बसें स्टैंडर्ड, मीडियम और मिनी चलाई जाएंगी। शहरों को जनसंख्या के आधार पर चार श्रेणियों में बांटा गया है। बीस से चालीस लाख तक की आबादी वाले शहरों को 150, दस से बीस लाख तथा पांच से दस लाख तक की आबादी वाले शहरों को 100-100 तथा पांच लाख से कम आबादी वाले शहरों को 50 ई-बसों की पात्रता थी। इसी आधार पर रायपुर को 100 मीडियम, दुर्ग-भिलाई को 50 मीडियम, बिलासपुर को 35 मीडियम तथा 15 मिनी और कोरबा को 20 मीडियम तथा 20 मिनी ई-बसों की स्वीकृति मिली है। योजना के दिशा-निर्देशों के अनुसार बसों की खरीदी तथा संचालन एजेंसी का चयन केंद्र सरकार करेगी।
केंद्रीय सहायता सुनिश्चित किलोमीटर संचालन के हिसाब से दी जाएगी। यदि बसें निर्धारित किलोमीटर से कम चलती हैं तो केंद्रीय सहायता उसी के अनुपात में कम हो जाएगी। केंद्र सरकार शहरों के प्रदर्शन के आधार पर राशि देगी। देश के समस्त राज्यों से राष्ट्रीय चैलेंज अंतर्गत प्राप्त शहरों के प्रतिस्पर्धात्मक के विश्लेषण उपरांत केंद्र सकरकार की केंद्रीय स्वीकृति तथा संचालन कमेटी (सीएसएससी) की छठवीं बैठक एक मार्च को हुई थी, जिसमें रायपुर को स्वीकृति मिली थी। 14 मार्च को 7वीं बैठक में प्रदेश के और तीन शहरों के प्रस्तावों को मंजूरी मिली। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा, इलेक्ट्रिक बसों की शुरुआत से शहरी परिवहन में क्रांति आएगी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की यह पहल पर्यावरणीय संरक्षण के साथ लोगों को बेहतर परिवहन सुविधाएं प्रदान करने की दिशा में एक कदम आगे ले जाती है। नगरीय प्रशासन विभाग के अधिकारियों को अन्य शहरों को भी इस योजना में शामिल कराने प्रयास करना चाहिए। फैक्ट फाइल
100 मीडियम ई-बसें रायपुर को
50 मीडियम ई-बसें दुर्ग-भिलाई को
35 मीडियम व 15 मिनी ई-बसें बिलासपुर को
20 मीडियम तथा 20 मिनी ई-बसें कोरबा को
छत्तीसगढ़ -: लोकसभा चुनाव की तारीखों का एलान, जानें आपके क्षेत्र में कब होगी वोटिंग
छत्तीसगढ़ -: लोकसभा चुनाव की तारीखों का एलान, जानें आपके क्षेत्र में कब होगी वोटिंग
देश में सबसे बड़े चुनाव का बिगुल बज गया है. मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने चुनाव आयोग की प्रेस कॉन्फ्रेंस में चुनाव कार्यक्रम का ऐलान कर दिया है. 543 लोकसभा सीटों के लिए सात चरणों में मतदान होगा. चुनाव नतीजे 4 जून को आएंगे.
पहले चरण में 21 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की कुल 102 लोकसभा सीटों के लिए 19 अप्रैल को वोटिंग होगी. इस चरण में 10 राज्य और केंद्र शासित प्रदेश ऐसे हैं जिनकी सभी लोकसभा सीटों पर वोटिंग की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी. दूसरे चरण में 13 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की 89 लोकसभा सीटों के लिए 26 अप्रैल को मतदान होगा. इस चरण में चार राज्य और केंद्र शासित प्रदेश ऐसे हैं जहां की सभी सीटों पर वोटिंग होनी है.
पांचवे चरण में 20 मई को तीन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की सभी सीटों के साथ ही कुल आठ राज्यों की 49 लोकसभा सीटों पर वोटिंग होगी.छठे चरण में दो राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की सभी सीटों पर वोटिंग होनी है. इस चरण में सात राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की कुल 57 सीटों पर वोटिंग होगी. सातवें और अंतिम चरण में आठ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की 57 लोकसभा सीटों पर 1 जून को वोटिंग होगी.
2019 में सात चरणों में हुआ था मतदान
पिछले यानि 2019 के आम चुनाव में सात चरणों में मतदान हुआ था. तब पहले राउंड में 20 राज्यों की 91 लोकसभा सीटों के लिए वोटिंग हुई थी. दूसरे राउंड में 13 राज्यों की 97, तीसरे चरण में 14 राज्यों की 115, चौथे चरण में नौ राज्यों की 71, पांचवे चरण में सात राज्यों की 51, छठे चरण में सात राज्यों की 59 और अंतिम चरण में आठ राज्यों की 59 सीटों पर मतदान हुआ था. लोकसभा सीटों के लिहाज से सबसे बड़े सूबे उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल में सभी सात चरणों में वोटिंग हुई थी. यूपी में 80, बिहार में 40 और पश्चिम बंगाल में 42 लोकसभा सीटें हैं.
इन राज्यों में एक चरण में हुई थी वोटिंग
पिछले आम चुनाव में देश के कुल 22 राज्य और केंद्र शासित प्रदेश ऐसे थे, जहां एक ही चरण में वोटिंग हुई थी. ऐसे राज्यों की लिस्ट में अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, मिजोरम, नगालैंड, सिक्किम, आंध्र प्रदेश, गोवा, गुजरात, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, केरल, पंजाब, तेलंगाना, तमिलनाडु, उत्तराखंड शामिल हैं.
इन राज्यों के साथ ही केंद्र शासित प्रदेश दिल्ली, अंडमान निकोबार, दादरा नागर हवेली, पुडुचेरी और चंडीगढ़ में भी एक ही चरण में वोटिंग हुई थी. दिल्ली की सभी सात सीटों के लिए छठे चरण में वोटिंग हुई थी.
2004 से अब तक कब कितने चरणों में हुई वोटिंग
पिछले आम चुनाव में सात चरणों में मतदान हुआ था लेकिन इससे ठीक पहले यानी 2014 के चुनाव में वोटिंग नौ चरणों में हुई थी. 2014 के चुनाव में पहले दौर का मतदान 7 अप्रैल और अंतिम चरण का मतदान 12 मई को हुआ था. यूपी की 80 सीटों के लिए सबसे अधिक छह चरणों में वोट डाले गए थे. इससे पहले 2009 में छह और 2004 में चार चरणों में मतदान हुआ
लोकसभा चुनाव की तारीखों का एलान, जानें आपके क्षेत्र में कब होगी वोटिंग
Chhattisgarh Lok Sabha Election 2024 चुनाव आयोग ने लोकसभा चुनाव 2024 की तारीखों का एलान कर दिया है। 18वीं लोकसभा चुनाव का आयोजन 7 चरणों में किया जाएगा। पहले चरण का चुनाव 19 अप्रैल को आयोजित किया जाएगा। बता दें कि छत्तीसगढ़ में 11 लोकसभा सीटों पर मतदान होंगे। इनमें बस्तर राजनांदगांव महासमुंद कांकेर सरगुजा रायगढ़ जांजगीर-चंपा कोरबा बिलासपुर दुर्ग और रायपुर लोकसभा सीट शामिल है।
पहले चरण का चुनाव 19 अप्रैल, दूसरे चरण का मतदान 26 अप्रैल, तीसरे चरण का चुनाव 07 मई, चौथे चरण का मतदान 13 मई, पांचवें चरण का मतदान 20 मई, छठे चरण का मतदान 25 मई और आखिरी चरण का मतदान 1 जून को किया जाएगा।
इन 11 सीटों पर होगी वोटिंग
बता दें कि छत्तीसगढ़ में चुनाव का आयोजन एक ही चरण में किया जाएगा। राज्य में 11 लोकसभा सीटों 7 मई को यानी तीसरे चरण में मतदान होंगे। इनमें बस्तर, राजनांदगांव, महासमुंद, कांकेर, सरगुजा, रायगढ़, जांजगीर-चंपा, कोरबा, बिलासपुर, दुर्ग और रायपुर लोकसभा सीट शामिल है।
छत्तीसगढ़ में तीन चरणों में चुनाव
पहला चरण – बस्तर, कांकेर 19 अप्रैल
दूसरा चरण – रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, *महासमुंद 26 अप्रैल*
तीसरा चरण – बिलासपुर, कोरबा, जांजगीर – चांपा रायगढ़ और सरगुजा 7 मई
क्या कहता है विज्ञान, बिजली के नंगे तार पर बैठते हैं पक्षी फिर भी क्यों नहीं लगता करंट?
क्या कहता है विज्ञान, बिजली के नंगे तार पर बैठते हैं पक्षी फिर भी क्यों नहीं लगता करंट?
आखिर बिजली के तार पर बैठने के बावजूद पक्षियों को इलेक्ट्रिक शॉक या करंट क्यों नहीं लगता? कैसे मजे से इलेक्ट्रिक वायर पर उछल-कूद कर लेती हैं? जानिये इसके पीछे का विज्ञान क्या है… 
आपने अक्सर पक्षियों को बिजली के तार पर बैठे देखा होगा! क्या कभी आपके दिमाग में ख्याल आया है कि आखिर बिजली के तार पर बैठने के बावजूद पक्षियों को इलेक्ट्रिक शॉक या करंट क्यों नहीं लगता? कैसे मजे से इलेक्ट्रिक वायर पर उछल-कूद कर लेती हैं? आइये आपको बताते हैं इसके पीछे का विज्ञान क्या है. 
पहले हम बिजली प्रवाह (Flow of Electricity) के नियम को समझ लेते हैं. बिजली का करंट एक तरह से इलेक्ट्रान का आगे बढ़ना होता है. इलेक्ट्रान्स, तार के सहारे आगे बढ़ते हैं और हमारे घरों में बिजली के रूप में पहुंचते हैं और सर्किट के द्वारा जमीन में चले जाते हैं. इस तरह से एक सर्किट पूरा हो जाता है. बिजली दो सिद्धांतों पर कार्य करती है. 
पहला- इलेक्ट्रान हमेशा आगे की ओर बढ़ते हैं. इनके फ्लो के लिए एक सर्किट का पूरा होना जरूरी है. अगर सर्किट पूरा नहीं होता है तो करंट नहीं लगता है. दूसरा- इलेक्ट्रान हमेशा कम बाधा या रेसिस्टेंस वाला रास्ता चुनते हैं. अगर रास्ते में कोई रुकावट आती है तो इलेक्ट्रॉन धातु से होते हुए आगे बढ़ जाते हैं. धातु, बिजली की बहुत अच्छी सुचालक होती है. धातु से बिजली आसानी से एक जगह से दूसरी जगह चली जाती है. 
तो पक्षियों को करंट क्यों नहीं लगता? इसका कारण यह है कि जब चिड़िया खुले तार पर बैठी होती तो उसका संपर्क उस तार के अलावा किसी और वस्तु से नहीं होता है. जिस कारण इलेक्ट्रॉन अपना सर्किट पूरा नहीं कर पाते और वह बिना बाधा वाले रास्ते से होते हुए आगे बढ़ जाते हैं. पर अगर चिड़िया बिजली के तार पर बैठी हो और उसका शरीर किसी तार अथवा जमीन से छू जाए तो उसे जोरदार करंट लगेगा. 
आसान भाषा में कहें तो बिजली का करंट तब तक नहीं लगता जब तक कि सर्किट पूरा ना हो जाए और बिजली को अर्थिंग ना मिल जाए. अगर बिजली को अर्थिंग मिल जाती है तो करंट लगना तय है. चाहे वह पक्षी हों या मनुष्य या कोई और.
