छत्तीसगढ़ -: जहां मां सीता ने की थी रेत के शिविलिंग की पूजा, वहीं खड़ा है 8 वीं सदी का मंदिर

छत्तीसगढ़ -: जहां मां सीता ने की थी रेत के शिविलिंग की पूजा, वहीं खड़ा है 8 वीं सदी का मंदिर छत्तीसगढ़ को भगवान राम के वनवास काल के पथगमन मार्ग के रूप में चिह्नित किया गया है और इस तथ्य को प्रमाणित करते     हुए कई अवशेष यहां मौजूद हैं। इन्हीं में से एक प्रतीक है राजिम का कुलेश्वर महादेव मंदिर। महानदी, पैरी और सोंढूर नदियों के त्रिवेणी संगम पर स्थित इस मंदिर के बारे में कहा जाता है कि जिस जगह मंदिर स्थित है, वहां कभी वनवास काल के दौरान मां सीता ने देवों के देव महादेव के प्रतीक रेत का शिवलिंग बनाकर उसकी पूजा की थी। आज जो मंदिर यहां मौजूद है उसका निर्मांण आठवीं शताब्दी में हुआ था।कहा जाता है कि नदियों के संगम पर मौजूद इस मंदिर के अंदर एक गुप्त गुफा मौजूद है जो नजदीक ही स्थित लोमस ऋषि के आश्रम तक जाती है। कल से सावन शुरू हो रहा है अब इस ऐतिहासिक मंदिर में भगवान कुलेश्वर   महादेव के दर्शन के लिए भक्तों का तांता लगेगा। बारिश के बाद तीनों नदियों का जलस्तर काफी ऊपर है और मंदिर पानी से घिरा हुआ है, लेकिन महादेव पर आस्था रखने वाले भक्त नाव के सहारे उनके दर्शन के लिए मंदिर तक जाएंगे। स्थापत्य कला का बेजोड़ नमूना, हैरान कर देती है नींव की मजबूती

राजिम के त्रिवेणी संगम के बीच में वर्षों से टिका कुलेश्वर महादेव मंदिर स्थापत्य का बेजोड़ नमूना है। करीब 1200 साल पहले बना यह मंदिर प्राचीन भवन निर्माण तकनीक का अनोखा उदाहरण है। तीन नदियों के संगम पर स्थित होने के कारण यहां बारिश के दिनों में नदियां पूरी तरह आवेग में   होती हैं। इसके बीच अपनी मजबूत नींव के साथ मंदिर सदियों से टिका हुआ है। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से मात्र 45 किलोमीटर दूर स्थित राजिम में नदी पर बना पुल 40 साल भी नहीं टिक पाया, जबकि वहां आठवीं सदी का कुलेश्वर महादेव मंदिर आज भी खड़ा है। जैसे ही शिवलिंग को छूता है बाढ़ का पानी… मंदिर का दर्शन करने देशभर से लोग यहां पहुंचते हैं। राजिम में नदी के एक किनारे पर भगवान राजीवलोचन का मंदिर है और बीच में कुलेश्वर महादेव का मंदिर। किनारे पर एक और महादेव मंदिर है, जिसे मामा का मंदिर कहा जाता है। कुलेश्वर महादेव मंदिर को भांजे का मंदिर कहते हैं।    किंवदंती है कि बाढ़ में जब कुलेश्वर महादेव का मंदिर डूबता था तो वहां से मामा बचाओ आवाज आती है। इसी मान्यता के कारण यहां आज भी नाव पर मामा-भांजे को एक साथ सवार नहीं होने दिया जाता है। नदी किनारे बने मामा के मंदिर के शिवलिंग को जैसे ही नदी का जल छूता है उसके बाद बाढ़ उतरनी शुरू हो जाती है।  तराशे गए पत्थरों से बना है विशाल मंदिर मंदिर का आकार 37.75 गुना 37.30 मीटर है। इसकी ऊंचाई 4.8 मीटर है मंदिर का अधिष्ठान भाग तराशे हुए पत्थरों से बना है। रेत एवं चूने के गारे से चिनाई की गई है। इसके विशाल चबूतरे पर तीन तरफ से सीढ़ियां बनी हैं। इसी चबूतरे पर पीपल     का एक विशाल पेड़ भी है। चबूतरा अष्टकोणीय होने के साथ ऊपर की ओर पतला होता गया है। मंदिर निर्माण के लिए लगभग 2 किलोमीटर चौड़ी नदी में उस समय निर्माताओं ने ठोस चट्टानों का भूतल ढूंढ निकाला था। यह मंदिर और राजिम अब कुंभ के रूप में प्रसिद्ध हो चला है। अब यहां देशभर के साधु-संत इकठ्ठा होते हैं।

महासमुंद -:इंजीनीयर ने की खुदखुशी, सुसाइड नोट मे कई सूधखोरो के नाम होने की खबर है रायपुर प्रोफेसर कालोनी निवासी

महासमुंद -: विधायक निवास से लगे महावीर कालोनी में एक इंजीनियर ने सूदखोरों के दबाव से परेशान होकर फांसी लगा ली। इंजीनियर ने आत्महत्या से पहले एक सुसाइड नोट छोड़ा है, जिसमें सूदखोर सहित लोगों का नाम शामिल है, जिनका भवन या मकान बनाने का काम उन्होंने लिया था। पुलिस मर्ग कायम कर विवेचना कर रही है।

रायपुर प्रोफेसर कालोनी निवासी अनिमेष सिंह रघुवंशी (37) ने सोमवार की सुबह लगभग 10 बजे महासमुंद स्थित महावीर कालोनी के किराए के मकान में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव नीचे उतारा। शव को पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कालेज भेजा और इसकी सूचना मृतक के स्वजनों को दी

पुलिस को एक सुसाइड नोट मिला है। अनिमेष ने मौत से पहले सुसाइड नोट में शहर के कई सूदखोरों का जिक्र किया है। साथ ही ऐसे लोगों का भी नाम लिखा है, जिनका मकान या भवन उन्होंने बनाया था, जिनसे उसे रकम लेनी है।

सुसाइड नोट में सूदखोरों का विशेष तौर पर नाम इसलिए लिखा है जो उन पर ब्याज के लिए जरूरत से ज्यादा दबाव बना रहे थे, इसी से वह परेशान था। मृतक के पिता प्रकाश सिंह रघुवंशी और भाई पियूष शर्मा महासमुंद पहुंचे। पुलिस ने बरामद सुसाइड नोट स्वजनों को पढ़ने को दिया। बाद इसे जब्ती बनाकर राइटिंग एक्सपर्ट को भेजा गया।

चार साल से था महासमुंद में
अनिमेष इंजीनियर था। चार साल से महासमुंद स्थित महावीर पार्क के किराए के मकान में रहता था। इंजीनियर होने के कारण महासमुंद में बहुत से साइड में निर्माण कार्य कर रहा था, इसमे उसका पैसा लगा था।

ब्याज पर रकम लेकर करता था काम
अनिमेष भवनों के लिए व्यापारियों से निर्माण सामग्री लेता था, जिनका भुगतान धीरे-धीरे किया करता था। इसके अलावा सूदखोरों से भी ब्याज पर रकम लेता था। जिसे भवन में लगाता था।

बसना : प्रदेश के प्रख्यात नेत्र चिकित्सक एवं उनकी टीम डॉ. मोनीष सक्सेना MBBS,MS, FMRF (Chennai) अरबिंदो नेत्रालय, रायपुर 16 मार्च 2024 को अग्रवाल नर्सिंग होम बसना में

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रायपुर : सरपंच गांव के विकास की चाबी, बड़ी उम्मीद से आप पर भरोसा कर ग्रामीणों ने सौंपी है जिम्मेदारी- केंद्रीय राज्यमंत्री श्री कपिल मोरेश्वर पाटिल

रायपुर : सरपंच गांव के विकास की चाबी, बड़ी उम्मीद से आप पर भरोसा कर ग्रामीणों ने सौंपी है जिम्मेदारी- केंद्रीय राज्यमंत्री श्री कपिल मोरेश्वर पाटिल सरपंच गांव के विकास की चाबी हैं। ग्रामीणों ने बड़ी उम्मीद से भरोसा कर गांव के विकास की चाबी सरपंचों को सौंपी है। छत्तीसगढ़ सरकार पंचायत प्रतिनिधियों को मुख्यधारा में शामिल कर प्रोत्साहित कर रही है। यह बात राजधानी रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में आयोजित राज्य स्तरीय महापंचायत कार्यक्रम में केंद्रीय राज्यमंत्री पंचायतीराज श्री कपिल मोरेश्वर पाटिल ने कही। इस मौके पर उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, खाद्य मंत्री श्री दयालदास बघेल, स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा, विधायक श्री अनुज शर्मा ने भी राज्य स्तरीय महापंचायत को संबोधित किया। राज्य स्तरीय महापंचायत कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के हितग्राहियों, ज्ञानोदय वाचनालय एवं अनुसूचित क्षेत्रों की ग्राम पंचायतों में कम्प्यूटर प्रदाय हेतु राशि अंतरण किया गया। सतत विकास लक्ष्यों के स्थानीयकरण के विशिष्ट कार्य करने वाले ग्राम पंचायतों को 9 थीम पर, नियद नेल्लानार के परिकल्पना को साकार करने वाले ग्राम पंचायतों के सरपंचों, लखपति दीदी तथा ड्रोन दीदी को सम्मानित किया गया।

केन्द्रीय पंचायतीराज राज्य मंत्री श्री कपिल मोरेश्वर पाटिल ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प में गांवों का विकास पीछे नहीं रहेगा। प्रधानमंत्री का पूरा ध्यान और जोर गांवों के विकास पर है। विकसित भारत यात्रा के दौरान सरकार की योजनाओं को गांव-गांव पहुंचाकर लोगों को लाभान्वित किया गया है। केन्द्रीय पंचायतीराज राज्य मंत्री श्री पाटिल ने राज्य के कोने-कोने से आए पंचायत प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए कहा कि श्री नरेन्द्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद वित्त आयोग के माध्यम से स्थानीय सरकारों को दिए जाने वाली राशि में अभूतपूर्व बढ़ोतरी हुई है। वर्ष 2014 तक 13वें वित्त आयोग के कार्यकाल में देशभर की पंचायतों और नगरीय निकायों के लिए 60 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान था। प्रधानमंत्री की पहल पर 15वें वित्त आयोग आते-आते अब यह राशि दो लाख 36 हजार करोड़ रुपए तक पहुंच चुकी है। श्री पाटिल ने पंचायत प्रतिनिधियों को राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान के तहत आयोजित होने वाले प्रशिक्षणों का पूरा लाभ लेने को कहा। उन्होंने कहा कि भारत सरकार ग्राम पंचायतों के डिजिटलीकरण पर जोर दे रही है। कई पंचायतें अपना बहुत सा काम ऑनलाइन कर रही हैं। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों को मेरी पंचायत एप डाउनलोड कर इसका उपयोग करने को कहा।

राज्य स्तरीय महापंचायत कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में मोदी जी की गारंटी के अंतर्गत राज्य सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों के विकास में अपनी प्रतिबद्धता दर्शाते हुए विभिन्न शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की है। लोकतांत्रिक विकेंद्रीकरण की अवधारणा के अंतर्गत सत्ता की सबसे मूल इकाई पंचायत राज संस्थाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए आवश्यक सुझाव और सहयोग प्राप्त करने के आकांक्षा के साथ इस महापंचायत का आयोजन किया जा रहा है। उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने विस्तार से सरकार द्वारा पंचायत विभाग में लिये गये निर्णयों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सरकार गठन के तुरंत बाद पहली केबिनेट बैठक में 18 लाख ग्रामीण परिवारों को पक्के आवास दिये जाने का निर्णय लिया गया। योजना अंतर्गत कुल 65,615 आवास पूर्ण किये गये हैं एवं 457 करोड़ रूपये की राशि जारी की गयी है। निर्माणाधीन आवासों को पूर्ण किये जाने के लिये 711 करोड़ रुपए की राशि शासन द्वारा जारी की गई है। प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान अंतर्गत 26,357 विशेष पिछड़ी जनजाति समूह परिवारों का पंजीयन, 15,154 परिवारों को स्वीकृति एवं 13,254 परिवारों को राशि रूपये 55 करोड़ 41 लाख रुपए जारी किया गया है। शासन द्वारा पीएम जनमन योजना में 81.73 करोड़ रूपए की राशि उपलब्ध करायी गयी हैं।

पीएम जनमन योजना के तहत 467 विशेष पिछड़ी जनजाति समूह बसाहटों को जोड़ने हेतु भारत सरकार के लक्ष्य के अनुरूप वर्ष 2023-24 में राशि 847 करोड़ रुपए की लागत की 1180 किमी. लंबाई की 333 सड़कों की स्वीकृति प्रदान की गयी, इन सड़कों से 366 विशेष पिछड़ी जनजाति समूह बसाहटें लाभान्वित होगी। शेष 82 विशेष पिछड़ी जनजाति समूह बसाहटों के लिए सरकार लगातार प्रयासरत है। उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना अंतर्गत 256 सड़कें घोर नक्सली क्षेत्र में आने के कारण 4-5 वर्षों से अपूर्ण थी, इन अपूर्ण सड़कों को पूर्ण करने कार्य-योजना तैयार की गयी। जिनमें वर्तमान में पुलिस प्रशासन के सहयोग से 23 सड़कों में निर्माण कार्य प्रारंभ किया जा चुका है। वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना अंतर्गत सुदृढ़ीकरण कार्य हेतु 1419 किमी लंबाई की 346 सड़कों हेतु राशि 349 करोड़ रूपए का बजट प्रावधान किया गया है।

उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि जब हम गांव जाते थे तब माताएं बताती थीं कि गांव में हमारे बैठने के लिए कार्य करने के लिये जगह नहीं होती। हम सभी ग्राम पंचायतों में महतारी सदन बनाएंगे। फिलहाल उनकी मांगों के अनुरूप हमने 3000 से अधिक जनसंख्या वाले लगभग 700 ग्राम पंचायतों में वर्ष 2024-25 में महतारी सदन का निर्माण किया जायेगा, महतारी सदन की लागत राशि 20.00 लाख होगी जिसे महतारी सदन योजना, महात्मा गांधी नरेगा एवं स्वच्छ भारत मिशन के अभिसरण से बनाया जायेगा। ई-गवर्नेस के तहत पंचायतों को शत-प्रतिशत डिजिटल करने के उद्देश्य से राज्य के 1000 ग्राम पंचायतों को वाईफाई सुविधा युक्त बनाया जाएगा। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि लोकसभा में 33 प्रतिशत का आरक्षण प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने दिलाया है। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि गांव गांव से आये सरपंचगणों ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के कार्य से प्रभावित होकर आभार व्यक्त करके पंचायत प्रस्ताव पास करके पोस्ट के माध्यम से माननीय श्री नरेन्द्र मोदी को आभार पत्र प्रेषित किया गया। पंचायत प्रतिनिधियों से सुझाव प्राप्त करने, आने वाले दिनों में पंचायतों में क्या क्या कार्य हो इसके लिए हमने सुझाव पेटी रखी है। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि पंचायत विभाग पंचायत प्रतिनिधियों के सुझाव से चलेगा।

कार्यक्रम में लोकसभा सांसद श्री सुनील सोनी, राज्यसभा सांसद श्री देवेन्द्र प्रताप सिंह, विधायकगण सर्वश्री मोतीलाल साहू, पुरंदर मिश्रा, और गुरू खुशवंत साहेब के अलावा स्थानीय जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।सतत विकास लक्ष्यों के स्थानीयकरण के विशिष्ट कार्य करने वाले ग्राम पंचायतों को 9 थीम पर किया गया सम्मानित सतत विकास लक्ष्यों के स्थानीयकरण के विशिष्ट कार्य करने वाले ग्राम पंचायतों को 9 थीम पर सम्मानित किया गया। पंचायती राज मंत्रालय ने व्यापक दृष्टिकोण अपनाते हुए सतत विकास लक्ष्यों को स्थानीयकरण करते हुए 9 संकल्पों के रूप में अपनाया, जिससे सभी समुदायों की भागीदारी सुनिश्चित हो और ग्राम पंचायतों का समग्र रूप से विकास हो।

थीम-1 के अंतर्गत गरीबी मुक्त और आजीविका उन्नत ग्राम पंचायत हेतु ग्राम पंचायत नागम को सम्मानित किया गया। थीम-1 अंतर्गत गरीबी मुक्त और आजीविका उन्नत ग्राम पंचायत हेतु ग्राम पंचायत नागम, जनपद पंचायत लुण्ड्रा, जिला-सरगुजा को सम्मानित किया गया। ग्राम पंचायत नागम ने मनरेगा के अंतर्गत रोजगार, स्व-सहायता समूह के माध्यम से महिलाओं का सशक्तिकरण जैसे अथक प्रयासों से सभी के लिए आजीविका तथा स्थायी रोजगार के अवसर सुनिश्चित किये और गरीबी मिटाने में अच्छा काम किया। थीम-2 के अंतर्गत स्वस्थ ग्राम पंचायत हेतु ग्राम पंचायत सांकरा को किया गया सम्मानित थीम-2 के अंतर्गत स्वस्थ ग्राम पंचायत हेतु ग्राम पंचायत सांकरा जनपद पंचायत नगरी, जिला-धमतरी द्वारा गुणवत्ता पूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त बनाते हुए सभी के लिए उत्तम स्वास्थ्य और कल्याण सुनिश्चित किया। थीम-3 के अंतर्गत बाल हितैषी ग्राम पंचायत हेतु ग्राम पंचायत निलजा को किया गया सम्मानित ग्राम पंचायत निलजा, जनपद पंचायत-धरसींवा, जिला-रायपुर को अपने ग्राम पंचायत क्षेत्र में बच्चों से जुड़े सभी प्रमुख मुद्दों को स्पष्टता के साथ समझने और इनका निवारण करते हुए एक बाल हितैषी ग्राम पंचायत बनाने में अग्रसर रही है। अतः ग्राम पंचायत को थीम-03 बाल हितैषी ग्राम पंचायत हेतु सम्मानित किया जाता है।थीम-4 के अंतर्गत जल की प्रचुरता ग्राम पंचायत हेतु ग्राम पंचायत बाघनदी को किया गया सम्मानित ग्राम पंचायत बाघनदी, जनपद पंचायत डोंगरगढ़, जिला राजनांदगांव द्वारा जल आपूर्ति और संरक्षण में विशिष्ट कार्य करते हुए अपने पंचायत को जल युक्त ग्राम पंचायत बनाया है। अतः ग्राम पंचायत को थीम-04 जल की प्रचुरता ग्राम पंचायत हेतु सम्मानित किया जाता है।

थीम-5 के अंतर्गत स्वच्छ एवं हरित ग्राम पंचायत हेतु ग्राम पंचायत जोंकबाला को किया गया सम्मानित
कचरा, और गन्दगी न हो, गलियों में साफ सफाई रहे, जहाँ हमारे बच्चे खुशहाली से खेले – कूदे, ऐसा ही एक ग्राम पंचायत है जोंकबाला, जनपद पंचायत-कुनकुरी, जिला – जशपुर, इसने अपने अथक प्रयासों से ग्राम पंचायत को स्वच्छ एवं हरित गाँव बनाया है। अतः ग्राम पंचायत को थीम -05 स्वच्छ एवं हरित ग्राम पंचायत हेतु सम्मानित किया जाता है। थीम-6 के अंतर्गत आत्मनिर्भर बुनियादी ढांचा ग्राम पंचायत हेतु ग्राम पंचायत आड़ावाल को किया गया सम्मानित ग्राम पंचायत आड़ावाल, जनपद पंचायत- जगदलपुर, जिला-बस्तर, ने बुनियादी ढांचे को शहर जैसा विकसित करने का प्रयास किया है अतः ग्राम पंचायत को थीम-06 आत्मनिर्भर बुनियादी ढांचा ग्राम पंचायत हेतु सम्मानित किया जाता है। थीम-7 के अंतर्गत सामाजिक रूप से सुरक्षित ग्राम पंचायत हेतु ग्राम पंचायत पिकरीपारा को किया गया सम्मानित बेरोजगार, सामाजिक बहिष्कार, बीमारी, विकलांगता और वृद्धावस्था जैसे आर्थिक एवं सामाजिक समस्याओं को प्रबंधित करते हुए लोगों का क्षमतावर्धन कर गरीबी और असमानता से बाहर आने हेतु सहयोग प्रदान करता है। ग्राम पंचायत पिकरीपारा, जनपद पंचायत- गुरुर, जिला बालोद, समाज के सभी वर्गों को साथ लेते हुए आगे बढ़ रही है। अतः ग्राम पंचायत को थीम-07 सामाजिक रूप से सुरक्षित ग्राम पंचायत हेतु सम्मानित किया जाता है। थीम-8 के अंतर्गत सुशासन ग्राम पंचायत हेतु ग्राम पंचायत खडगवांकला को किया गया सम्मानितसुशासन में ग्राम पंचायत के समस्त नागरिकों को विभिन्न शासकीय योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ सुनिश्चित करना एवं पारदर्शिता, जवाबदेही, सहानुभूतिपूर्ण उत्तरदायित्व एवं नागरिकों का अधिकतम सहयोग, भागीदारी सम्मिलित है। ग्राम पंचायत खडगवांकला, जनपद पंचायत-प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर ने पूर्व प्रधानमंत्री स्व.श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी के सुशासन के दृष्टिकोण को चरितार्थ करते हुए अपने ग्राम पंचायतों को समस्त उत्तरदायित्व के निर्वहन में सक्षम बनाने हेतु सुशासन का उदहारण प्रस्तुत किया है, अतः ग्राम पंचायत को थीम-08 सुशासन ग्राम

अग्रवाल नर्सिंग होम बसना में पेट, लिवर, पैंक्रियास एवं आंत जैसे रोगों का इलाज प्रदेश के प्रख्यात पेट, लिवर, पैंक्रियास विशेषज्ञ अब बसना में

अग्रवाल नर्सिंग होम बसना में पेट, लिवर, पैंक्रियास एवं आंत जैसे रोगों का इलाज प्रदेश के प्रख्यात पेट, लिवर, पैंक्रियास विशेषज्ञ अब बसना में
जैसे : • पीलिया
• वजन न बढ़ना
• पेट दर्द
सिरोसिस
• अपचन
• उलटी
• गैस्ट्रिक, कब्ज
• बार बार दस्त होना
• खून आना
• पेट में पानी भरना
• पेट के छाले
• पैंक्रियाटाइटिस
• हेपेटाइटिस
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Bowel Disease (IBD)
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नोट: कृपया पुरानी रिपोर्ट साथ में लायें

छत्तीसगढ़ समाचार: दंतेवाड़ा में पुलिस-नक्सलियों की मुठभेड़, एक माओवादी ढेर, भारी मात्रा में मिला गोला-बारूद

छत्तीसगढ़ समाचार: दंतेवाड़ा में पुलिस-नक्सलियों की मुठभेड़, एक माओवादी ढेर, भारी मात्रा में मिला गोला-बारूद छत्तीसगढ़ से बड़ी खबर है. यहां दंतेवाड़ा-बीजापुर के सीमावर्ती इलाके में पुलिस की नक्सलियों से मुठभेड़ हुई. इस मुठभेड़ में एक नक्सली के ढेर होने की सूचना है. यह एनकाउंटर थाना किरंदुल क्षेत्र के पुरंगेल तथा बीजापुर के पीडिया के जंगल में हुई पुलिस एनकाउंटर में मारे गए पुरुष माओवादी के शव की पहचान कर रही है. मुठभेड़ में कई नक्सलियों के घायल होने की संभावना है. इस दौरान पुलिस ने भारी मात्रा में गोला बारूद और रोजाना इस्तेमाल की चीजें बरामद की है. इलाके में पुलिस का सर्चिंग अभियान जारी है. गौरतलब है कि राज्य में नक्सली लगातार वारदातें कर रहे हैं.

जानकारी के मुताबिक, दस मार्च को पुलिस को सूचना मिली थी कि दंतेवाड़ा और बीजापुर के सीमावर्ती क्षेत्र में नक्सली छुपे हुए हैं. ये नक्सली किरंदुल थाना इलाके के पुरंगेल और बीजापुर के पीडिया के जंगल में हैं. उनके पास काफी हथियार हैं. इस सुचना पर डीआरजी, बस्तर फाइटर्स दंतेवाड़ा, बीजापुर-सुकमा स्पेशल टास्क फोर्स और सीआरपीएफ की कोबरा बटालियन ने एक साथ नक्सल विरोधी अभियान शुरू किया. इस सर्चिंग के बीच 11 मार्च को इस टीम का नक्सलियों से सामना हो गया. इस एनकाउंटर में सुरक्षाबलों ने एक नक्सलवादी को ढेर कर दिया. पुलिस उसकी पहचान करने की कोशिश कर रही है. इस मुठभेड़ के बाद पुलिस ने सर्चिंग अभियान तेज कर दिया है.

राज्य में लगातार बढ़ रहीं नक्सली घटनाएं
गौरतलब है कि, 21 फरवरी को भी दंतेवाड़ा बीजापुर के सरहदी क्षेत्र में पुलिस और नक्सलियों के बीच बड़ी मुठभेड़ हुई थी. यहां करीब एक घंटे तक गोलीबारी हुई थी. यह एनकाउंटर पीडिया और हितावर के जंगलों में हुई थी. यह गोलीबारी भी उस वक्त हुई थी, जब जवान गंगालूर थाना इलाके में सर्चिंग कर रहे थे. गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ में नक्सली घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं. दरअसल, नक्सलियों को हटाने के लिए सुरक्षाबल लगातार उनके इलाकों में कैंप स्थापित कर रहे हैं. इससे नक्सली बौखला गए हैं.

फिर शांति प्रस्ताव का क्या होगा
बता दें, नक्सलियों की इस हरकत से सरकार के शांति प्रस्ताव को झटका लग सकता है. हाल ही में सरकार ने नक्सलियों से शांति वार्ता की बात कही थी. इस पर उनके लीडर ने भी शांति वार्ता के लिए तैयार रहने की बात की है. इसके लिए भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के दण्डकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी के प्रवक्ता विकल्प ने हाल ही में बाकायदा पत्र जारी किया है. ये पत्र बीजापुर के पत्रकारों को दिया गया था. इसमें विकल्प ने कहा कि शांति वार्ता के हमारी कुछ शर्ते हैं. इन शर्तों के मुताबिक, मुठभेड़ों और क्रॉस फायरिंग के नाम पर आदिवासियों की जघन्य हत्याएं बंद हों.

बसना : अग्रवाल नर्सिंग होम बसना में छाती, श्वास एवं टीबी रोग से जुडी समस्याओं का इलाज बसना मे

बसना : अग्रवाल नर्सिंग होम बसना में छाती, श्वास एवं टीबी रोग से जुडी समस्याओं का इलाज बसना मे AGRAWAL NURSING HOME
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14 मार्च 2024
छाती, श्वास एवं टीबी रोग विभाग
> नई पुरानी खांसी
→ छाती में मवाद या पानी भरना
डॉ. दीपेश मस्के
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छत्तीसगढ़ : पीएम गरीब कल्याण अन्न योजना से राहत: छत्‍तीसगढ़ की 48 लाख परिवारों को हर माह मिल रहा 22.50 लाख क्विंटल निश्शुल्क चावल

छत्तीसगढ़ : पीएम गरीब कल्याण अन्न योजना से राहत: छत्‍तीसगढ़ की 48 लाख परिवारों को हर माह मिल रहा 22.50 लाख क्विंटल निश्शुल्क चावल। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना का लाभ देश सहित प्रदेशभर के लोगों को मिल रहा है। इस योजना के तहत प्रदेश के लगभग 48 लाख परिवारों को हर माह लगभग 22.50 लाख क्विंटल चावल का वितरण किया जा रहा है। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना का लाभ देश सहित प्रदेशभर के लोगों को मिल रहा है। इस योजना के तहत प्रदेश के लगभग 48 लाख परिवारों को हर माह लगभग 22.50 लाख क्विंटल चावल का वितरण किया जा रहा है। इसका 2023 में किया गया, जो कि अगले पांच वर्षों तक चलेगा और वर्ष 2028 तक इस योजना का लाभ गरीब परिवारों को दिया जाएगा। इन गरीब परिवारों में बीपीएल, अंत्योदय, निराश्रित व नि:शक्तजन कार्डधारक शामिल हैं। वहीं, राज्य सरकार ने भी इस बजट में इनके लिए विशेष प्रविधान करते हुए बजट में भी इसे शामिल किया और अगले पांच वर्षों तक केंद्र सरकार के साथ मिलकर निश्शुल्क राशन वितरण में अपनी भी भागीदारी सुनिश्चित की है। इसके अलावा गरीबों के पोषण का ध्यान रखते हुए शासन की ओर से फोर्टीफाइड राशन का वितरण किया जा रहा है, ताकि कुपोषण के अलावा एनीमिया से भी लोगों को बचाया जा सके। इसके अलावा इस राशन का आवंटन मध्याह्न भोजन में तो किया ही जा रहा है। साथ ही दालभात केंद्रों में भी इसी राशन के वितरण की योजना बनाई जा रही है, ताकि मजदूरों को सस्ते दाम में भोजन की उपलब्धता कराई जा सके। इसके अलावा आयोडाइज्ड नमक भी निश्शुल्क रूप से वितरित किया जा रहा है, जबकि केरोसिन सहित शक्कर के लिए निर्धारित कीमत हितग्राहियों को चुकानी होगी। कुपोषण की जंग जीतने के लिए फाेर्टीफाइड राशन देने की योजना बनाई गई है।

इसके तहत प्रत्येक 100 दाने चावल में एक दाना फोर्टीफाइड चावल का मिलाया जाता है, जिसमें सभी प्रकार के पोषक तत्वों सहित अन्य स्वास्थ्यवर्धक गुण इसमें पहले से ही एड किए जाते हैं। इसे पिछले एक वर्ष से लोगों को दिया जा रहा है। वन नेशन-वन कार्ड भी कारगर वन नेशन-वन कार्ड योजना भी उन गरीब परिवारों के लिए काफी कारगर साबित हो रही है जो मूल स्थान छोड़कर अन्यत्र रह रहे हैं। क्षेत्र के कई परिवार ऐसे हैं जो रोजी-मजदूरी के लिए गुजरात, महाराष्ट्र, जम्मू-कश्मीर, तेलंगाना व आंध्रप्रदेश के बड़े शहरों में रह रहे हैं। उन्हें वहीं पर निर्धारित मात्रा में चावल व गेंहू मिल जा रहा है। इतना ही नहीं यहां के सीमावर्ती राज्यों मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र के लोग भी रूचिनुसार पीडीएस का चावल आसानी से उठा रहे हैं। छत्‍तीसगढ़ खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम के संचालक जितेंद्र शुक्ला ने कहा, शासकीय आदेश के तहत प्रधानमंत्री गरीब अन्न कल्याण योजना और राज्य सरकार की ओर से गरीबों के लिए चलाई जा रही अन्न योजनाओं में आने वाले पांच वर्षों तक मुफ्त राशन देने की व्यवस्था प्रदेश में लागू हो चुकी है। इसे सुचारू रूप से संपन्न कराया जा रहा है। साथ ही पात्र हितग्राहियों को इसका लाभ दिया जा रहा है। साथ ही इसकी सतत मानीटरिंग भी की जा रही है।

जिलेवार कुल कार्डधारक जिला-ग्रामीण कार्डधारक-शहरी कार्डधारक। बस्तर-1,72,279-33,748 बीजापुर-64,034-7,507 दंतेवाड़ा-63,173-17,722 कांकेर-1,70,489-17,948 कोंडगांव-1,32,943-14,643, नारायणपुर-30,229-6,088 सुकमा-71,741-7,358 बिलासपुर-3,54,649-1,84,066 जीपीएम-1,01,346-10,015 जांजगीर चांपा-2,75,231-48,139 काेरबा-2,30,276-1,06,267 मुंगेली-2,15,589-18,578 रायगढ़-2,67,757-63,933, बालोद-1,94,337-27,445 बेमेतरा-2,44,331-23,972 दुर्ग-1,89,615-2,85,546 कवर्धा-2,53,686-27,663 राजनांदगांव-1,75,113-63,669 बलौदा बाजार-3,14,152-38,754 धमतरी-2,03,004-39,355, गरियाबंद-1,93,420-12,433 महासमुंद-3,00,680-32,252 रायपुर-2,74,452-3,27,731 बलरामपुर-2,13,289-9,629 जशपुर-2,28,978-19,120 कोरिया-70,740-11,42 सरगुजा-2,33,127-48,388, सूरजपुर-2,19,760-16,237 सक्ती-2,11,231-18,466 एमसीबी-72,413-35,290 सारंगढ़-बिलाईगढ़-1,98,008-17,406 खैरागढ़-छुईखदान-गंडई-94,003-13,235 मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी-69,423-2,826

प्रदेश में कार्डधारकों की स्थिति। 77,10,352 प्रदेश में कुल कार्डधारक 14,97,789 प्रदेश में कुल अंत्योदय कार्डधारक 37,194 प्रदेश में कुल निराश्रित कार्डधारक
52,83,880 प्रदेश में कुल प्राथमिकता कार्डधारक
15,489 प्रदेश में कुल नि:शक्तजन कार्डधारक
8,76,000 प्रदेश में कुल एपीएल कार्डधारक
फरवरी माह में चावल आवंटन की रिपोर्ट। 24,99,928 क्विंटल चावल फरवरी में प्रदेश में कुल आवंटन
17,15,408 क्विंटल चावल फरवरी में बीपीएल उपभोक्ताओं के लिए आवंटन 5,22,695 क्विंटल चावल फरवरी में अंत्योदय उपभोक्ताओं के लिए आवंटन
3769 क्विंटल चावल फरवरी में निराश्रित उपभोक्ताओं के लिए आवंटन 1,535 क्विंटल चावल फरवरी में नि:शक्तजन उपभोक्ताओं के लिए आवंटन

रायपुर : राज्य स्तरीय पंचायत प्रतिनिधियो के महापंचायत में प्रचार सामग्री का निःशुल्क वितरण

रायपुर : राज्य स्तरीय पंचायत प्रतिनिधियो के महापंचायत में प्रचार सामग्री का निःशुल्क वितरण
जनसंपर्क संचालनालय द्वारा प्रकाशित सामग्री का निःशुल्क वितरण राजधानी रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में आज पंचायत प्रतिनिधियो के राज्य स्तरीय महापंचायत में प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं एवं कार्यक्रमो पर आधारित जनसंपर्क संचालनालय द्वारा प्रकाशित सामग्री का निःशुल्क वितरण किया जा रहा है। इनमें मोदी की गारन्टी पॉकेट बुक, विष्णु देव के त्वरित निर्णयों से हो रहा है सुशासन का सूर्याेदय, रामलला का सचित्र केलेण्डर सुशासन के दो माह पुस्तक सहित मासिक पत्रिका छत्तीसगढ़ जनमन के फरवरी अंक का वितरण किया जा रहा है।

प्रचार सामग्री प्राप्त करने के लिए त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थाओं जिसमे जिला ,जनपद एवं ग्राम पंचायत के प्रतिनिधियो का जनसमूह उमड़ पड़ा। बड़ी तादात में आये जनसमुदाय ने पुस्तको का अवलोकन करने के पश्चात कहा कि विष्णु देव सरकार ने अल्प समय मे ही जनहित कारी फैसले लेकर उनका क्रियान्वयन भी शुरू कर दिया है। इससे आम लोगो के जीवन मे बदलाव आ रहा है। राज्य सरकार ने शपथ के दूसरे दिन ही प्रदेश के 18 लाख गरीबो के लिए प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किये है। अटल जी के जन्मदिवस सुशासन दिवस के मौके पर प्रदेश के 13 लाख किसानों को धान उपार्जन के 2 साल के अन्तर की राशि 3716 करोड़ रूपए किसानों के खाते में अंतरित की है। महतारी वन्दन योजना प्रति हजार एक हजार के मान से साल में 12 हजार रूपए, रामलला दर्शन योजना हर साल हजारो प्रदेश वासी अयोध्या की निःशुल्क तीर्थ यात्रा पर जाएंगे 3100 प्रति क्विंटल की दर से किसानों से 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान का उपार्जन तेंदूपत्ता संग्रहण के बढ़े दाम अब 4 हजार के स्थान पर 5500 रु प्रति मानक बोरा छ ग पी एस सी भर्ती परीक्षा 2021 में अनियमितता की शिकायतो की सी बी आई जांच का फैसला शामिल है।