बसना सरायपाली : गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन परिवार हेतु अग्रवाल नर्सिंग होम बसना में उपलब्ध बहुत ही कम दरों में डिलीवरी की सुविधा एवं निशुल्क, नवजात शिशु के इलाज की सुविधा।
बसना ,सरायपाली अंचल के लिए एक और बड़ी उपलब्धि।अग्रवाल नर्सिंग होम बना, अंचल का सर्वश्रेष्ठ अंतरराष्ट्रीय मापदंडों में खड़ा उतरा,NABH की उपलब्धि से हुआ सम्मानित
इसी की शुभकामनाओं और आप लोग के भरोसे को कायम रखते हुए ,अग्रवाल नर्सिंग होम की एक नई पहल क्षेत्र की जनता ,गरीबी एवं स्त्री प्रसूती व शिशु रोग विशेषज्ञ की कमी को जूझते हुए, अनेक परेशानियों का सामना करते हुए ,जो दंपत्ति इलाज से वंचित अथवा परेशान है, उनके लिए अब
अग्रवाल नर्सिंग होम बसना में उपलब्ध
बहुत ही कम दरों में डिलीवरी की सुविधा एवं निशुल्क, नवजात शिशु के इलाज की सुविधा। गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन परिवार हेतू
नॉर्मल डिलीवरी मात्र :
2100 रूपय
सिजेरियन डिलीवरी मात्र 7100 रुपए।
अग्रिम पंजीयन अनिवार्य_सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक
अतिरिक्त शुल्क लागू
जैसे खून की कमी, बीपी बढ़ना, प्रीमेच्योर डिलीवरी, सिल्किंग बीमारी एवं एक से अधिक सिजेरियन प्रसव।
आपातकालीन प्रसव हेतु 5000 का अतिरिक्त शुल्क रखा गया है ।समय सुबह 9 बजे से पहले एवम शाम 5 बजे आपातकालीन
केवल जनरल वार्ड की उपलब्धता, 3 दिन के लिए रहना, दवाइयां, ऑपरेशन चार्ज सभी कुछ इसी पैकेज में समिलित।
आप सभी से अनुरोध है, इस मैसेज को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाएं, एवं जरूरतमंदों की मदद के लिए हाथ बढ़ाएं। धन्यवाद।
संचालक : अग्रवाल नर्सिंग होम बसना

विधानसभा से विधायक देवेन्द्र बहादुर सिंह के नाम टिकट पर मुहर लगा चुकी है लेकिन दूसरी सूची में भी महासमुन्द और सरायपाली विधानसभा पर अभी प्रत्याशी तय नही किए गए है बता दें की सरायपाली में लगभग 47 कांग्रेस समर्थित कार्यकर्ताओ ने सरायपाली विधानसभा के लिए टिकट मांगे थे जिनमें सरायपाली से विधायक किस्मत लाल नंद का नाम सम्भावित सूची में चल रहा है लेकिन सरायपाली में किस्मत लाल नंद के ख़िलाप भी पार्टी के कार्यकर्ता विरोध जता रहे है उनके समर्थक तो सम्भावित सूची में नाम आने पर 2 बार फटाका भी फोड़ चुके है सरायपाली में सोशल मीडिया पर सरायपाली में किस्मत ही भरोसा का भी समर्थन में पोस्ट डाले जा रहे है बता दें कि भाजपा ने महासमुन्द जिले 4 चारो विधानसभा सीट पर अपना प्रत्यासी उतार चुकी है उसमें 2 महिलाओं को टिकट दिया है जिसमे सरायपाली से सरला कोसरिया वही खल्लारी विधानसभा सीट से अल्का चंद्राकर को मैदान में उतरी है वही कांग्रेस ने महासमुन्द जिले में 1 भी महिलाओं को टिकट नही दिया अब महासमुन्द और सरायपाली टिकट पर महिलाओं के नाम मुहर लगेगा या किसी पुरुष प्रत्यासी का यह भी देखना है चुकी अभी महिला आरक्षण का मुद्दा भारी जोरो से चला था


शहर जाने के लिए 20 से 25 किलोमीटर दूर घूम कर जाना पड़ रहा है इस क्षेत्र के छात्र छत्राओ भी इसी मार्ग से जा रहे है और रोज जान से खेल रहे है बचा हुवा पुलिया कब धंस जाए इस बात का भी बिना अंदाजा लगाए ग्रामीण टूटी पुलिया से गुजर रहे है वहा पुलिया मार्च से कई फिट नीचे हो गया है गांव वालों ने वहां पुलिया से मार्ग चढ़ने के लिए ढलान बनाया गया है उसी चढ़ान में कल बाइक सवारों का मोटर सायकल बंद हो गया और पुलिया के नीचे आ गिरे जहां बड़े बड़े पत्थर है

