महासमुंद/ राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम की समीक्षा बैठक संपन्न

महासमुंद/ राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम की समीक्षा बैठक संपन्न

महासमुंद/ मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आई नागेश्वर राव के निर्देशानुसार आज मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय के सभाकक्ष में राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम अंतर्गत जिले के सभी विकासखंड के कुष्ठ नोडल अधिकारियों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिला नोडल अधिकारी कुष्ठ कार्यक्रम डॉ. वी. पी. सिंह द्वारा की गई। बैठक में जिले में कुष्ठ रोग नियंत्रण एवं उन्मूलन कार्यक्रम की प्रगति की समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

डॉ. सिंह ने बताया कि नए मरीजों के लिए यूनिफॉर्म लाइन लिस्ट (यू.एल.पी.-4) प्रपत्र अनिवार्य रूप से भरकर समय पर जमा किया जाए। साथ ही संपर्क रोगनिरोधक दवा कवरेज (पी.ई.पी.) को वर्तमान 82 प्रतिशत से बढ़ाकर 100 प्रतिशत तक करने हेतु प्रभावी कार्ययोजना बनाकर कार्य करने के निर्देश दिए गए। शासन के निर्देशानुसार सभी आयुष्मान आरोग्य मंदिर को 10 कुष्ठ संभावित मरीज निकालने के लक्ष्य दिया गया। सभी उपचाररत मरीजो को फॉलो अप करते हुए सभी मरीजो को (यु एल एफ -04 फॉर्मेट ) डिसेबिलिटी एंड नर्व फंक्शन जांच अनिवार्य से करने का निर्देश दिया गया। बैठक में मधुराज फिजियोथेरेपिस्ट द्वारा कुष्ठ रोग से संबंधित देखभाल, व्यायाम तथा विकृति रोकथाम के विषय में लाइव डेमो के माध्यम से उपयोगी जानकारी प्रदान की गई।

डॉ. सिंह ने बताया कि कुष्ठ रोगियों को शासन द्वारा पोषण सहायता के रूप में 750 रुपए प्रति माह की राशि सीधे उनके बैंक खाते में प्रदान की जा रही है। इस हेतु सभी मरीजों के बैंक खाते एवं आधार विवरण अद्यतन कर भुगतान प्रक्रिया सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही विकृति के मामलों में रोगियों को आवश्यक जानकारी, परामर्श एवं सहयोग उपलब्ध कराने तथा समय पर उपचार एवं संदर्भ (रेफरल) सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में एकेश्वर शुक्ला एवं बी एल साहू जिला सलाहकार द्वारा जिले की वर्तमान स्थिति की जानकारी देते हुए बताया गया कि वर्तमान में महासमुंद जिले में कुल 511 प्रकरण, 19 बच्चे के प्रकरण, तथा ग्रेड-2 विकृति के 21 प्रकरण दर्ज हैं।

छत्तीसगढ़: किसान की हत्या, एसडीएम समेत 4 गिरफ्तार, आखिर क्या है पूरा मामला

छत्तीसगढ़: किसान की हत्या, एसडीएम समेत 4 गिरफ्तार, आखिर क्या है पूरा मामला

छत्तीसगढ़ के बलरामपुर में किसान की हत्या, एसडीएम समेत 4 गिरफ्तार, आखिर क्या है पूरा मामला एसडीएम करुण डहरिया और उनके निजी सहयोगियों ने अवैध बॉक्साइट खनन का आरोप लगाते हुए तीन ग्रामीणों को पकड़ा था. आरोप है कि पूछताछ और कार्रवाई के नाम पर एसडीएम और उनके साथियों ने ग्रामीणों के साथ जमकर मारपीट की.

 

छग के बलरामपुर जिले के कुसमी थाना क्षेत्र में अवैध उत्खनन के आरोप में मारपीट कर एक ग्रामीण की हत्या हुई हैपुलिस ने कुसमी SDM करुण डहरिया सहित चार लोगों को नामजद हत्या के आरोप में गिरफ्तार कर लिया हैमृतक की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच तेज़ कर दी है

बलरामपुर:
छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है. करोंधा थाना क्षेत्र के हंसपुर में अवैध उत्खनन के नाम पर ग्रामीणों के साथ बेरहमी से मारपीट और एक ग्रामीण की हत्या के आरोप में पुलिस ने कुसमी SDM करुण डहरिया सहित चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया है. प्रशासन के एक बड़े अधिकारी पर हत्या का मुकदमा दर्ज होने से पूरे प्रदेश में हड़कंप मच गया है.

क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, एसडीएम करुण डहरिया और उनके निजी सहयोगियों ने अवैध बॉक्साइट खनन का आरोप लगाते हुए तीन ग्रामीणों को पकड़ा था. आरोप है कि पूछताछ और कार्रवाई के नाम पर एसडीएम और उनके साथियों ने ग्रामीणों के साथ जमकर मारपीट की. इस बर्बरता के कारण एक ग्रामीण की मौके पर ही मौत हो गई.

इस घटना को लेकर कुसमी इलाके में आज दिन भर भारी तनाव और बवाल का माहौल रहा. NDTV ने इस खबर को प्रमुखता से दिखाया, जिसके बाद प्रशासन हरकत में आया. दोपहर तक पुलिस की टीम मृतक की शॉर्ट पीएम (Post-Mortem) रिपोर्ट का इंतजार कर रही थी. दोपहर 3:30 बजे जैसे ही रिपोर्ट सामने आई, पुलिस ने एफआईआर (FIR) की प्रक्रिया शुरू की. करीब डेढ़ घंटे तक चली जांच और गवाहों के बयानों के आधार पर पुलिस ने साक्ष्य जुटाए.

नामजद आरोपी और कार्रवाई
बलरामपुर पुलिस अधीक्षक (SP) वैभव बैंकर रमनलाल ने देर शाम प्रेस नोट जारी कर मामले की पुष्टि की. पुलिस ने कुल चार लोगों के खिलाफ नामजद हत्या का अपराध दर्ज किया है. करुण डहरिया (SDM, कुसमी – मुख्य आरोपी), विक्की सिंह, मंजीत यादव और सुदीप यादव को अरेस्ट किया है.

एसपी का बयान: “कुसमी एसडीएम और उनके सहयोगियों ने अवैध खनन का आरोप लगाकर ग्रामीणों के साथ मारपीट की थी, जिसमें एक व्यक्ति की जान चली गई. एसडीएम सहित सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजने की प्रक्रिया की जा रही है.”

महासमुंद/कलेक्टर ने ली समय-सीमा की बैठक जप्त धान का भी भौतिक सत्यापन सुनिश्चित करें 

महासमुंद/कलेक्टर ने ली समय-सीमा की बैठक जप्त धान का भी भौतिक सत्यापन सुनिश्चित करें

महासमुंद/ कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने आज सुबह 10ः30 बजे से कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में समय-सीमा की बैठक आयोजित कर जिले में संचालित शासकीय योजनाओं, कार्यक्रमों एवं आगामी आयोजनों की विस्तृत समीक्षा की। इस अवसर पर अपर कलेक्टर श्री सचिन भूतड़ा, श्री रवि कुमार साहू, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), विभागीय जिलाधिकारी, जनपद सीईओ, नगरीय निकायों के सीएमओ तथा वीसी के माध्यम से ब्लॉक स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

कलेक्टर श्री लंगेह ने धान उठाव की समीक्षा करते हुए कहा कि जिन उपार्जन केंद्रों में डीईओ के विरुद्ध धान का उठाव लंबित है, वहाँ प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र उठाव सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्टॉक का भौतिक सत्यापन करने तथा धान खरीदी पूर्णतः प्रमाण पत्र जारी करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि जप्त किए गए धान स्टॉक का भौतिक सत्यापन में किसी तरह की लापरवाही न बरती जाए। जप्ती के अनुरूप धान का मिलान करें। इसमें किसी तरह की गड़बड़ी पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि इसी तरह समितियों में स्टेक का भी सत्यापन सुनिश्चित करें। जिला खाद्य अधिकारी ने बताया कि जिले में इस वर्ष समर्थन मूल्य पर कुल 10 लाख 19 हजार 568 मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई है। 17 फरवरी की स्थिति में कुल 7 लाख 57 हजार 411 मीट्रिक टन धान के लिए डीओ जारी किया गया है। जिसके विरूद्ध अब तक 5 लाख 11 हजार 538 मीट्रिक टन धान का उठाव कर लिया गया है।

बैठक में कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए स्वास्थ्य अधिकारियों को निर्देशित किया कि डीईसी एवं एल्बेंडाजोल दवा का वितरण एवं सेवन निर्धारित समय-सारणी एवं दिशा-निर्देशों के अनुरूप किया जाए तथा दवा सेवन स्वास्थ्य कर्मियों की निगरानी में कराया जाए। उन्होंने कहा कि केवल वितरण ही पर्याप्त नहीं बल्कि उसका सेवन भी आवश्यक है। कलेक्टर ने वजन त्यौहार की समीक्षा करते हुए कहा कि वजन त्यौहार में प्राप्त आंकड़ों का सही एंट्री कराना सुनिश्चित करें। इससे 0 से 5 वर्ष के बच्चों के पोषण का सही आंकलन करने में मदद मिलती है।

बैठक में आधार बेस्ड उपस्थिति प्रणाली को अनिवार्य रूप से पालन करने कलेक्टर ने निर्देश दिए कि सभी अधिकारी-कर्मचारी प्रतिदिन सुबह 10 बजे कार्यालय में उपस्थित रहें। उपस्थिति में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी अधिकारियों को मंगलवार और बुधवार को कार्यालय में रहने के निर्देश दिए है। ई-ऑफिस प्रणाली को लेकर कलेक्टर ने निर्देश दिए कि सभी फाइलों का मूवमेंट ई-फाइल के माध्यम से ही किया जाए, यह अनिवार्य है। इससे कार्यों में पारदर्शिता एवं समयबद्धता सुनिश्चित होगी।

कलेक्टर ने मुख्यमंत्री द्वारा गढ़पुलझर, झलप, खल्लारी, सलखण्ड एवं दुर्गापाली में की गई घोषणाओं के समय-सीमा में तथा गुणवत्ता पूर्ण क्रियान्वयन को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने मुख्य सचिव द्वारा किए गए समीक्षा के अनुरूप विभिन्न विभागों के व्यापक समीक्षा की और शासन से प्राप्त निर्देशानुसार क्रियान्वयन करने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने कहा कि शासन की महत्वाकांक्षी योजनाओं को ध्यान में रखते हुए जिले को विकास क्रम में अग्रणी बनाए रखना है।

कलेक्टर ने नियुक्त नोडल अधिकारियों को पीएमश्री का नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप जनहित के कार्यों में तेजी, गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए, तथा समय-सीमा के भीतर कार्य पूर्ण करना सभी विभागों की जिम्मेदारी है। उन्होंने खनिज परिवहन पर सतत निगरानी रखते हुए कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इसके अतिरिक्त बैठक में अन्य शासकीय योजनाओं एवं कार्यक्रमों की भी विस्तृत समीक्षा की गई। साथ ही उन्होंने पीएम जनमन, मुख्यमंत्री जनदर्शन, कलेक्टर जन चौपाल, समय-सीमा पत्रक और राजस्व प्रकरणों, लोक सेवा गारंटी की समीक्षा करते हुए गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

पिथौरा में अवैध महुआ शराब के खिलाफ कार्रवाई, 76 लीटर मदिरा जब्त

पिथौरा में अवैध महुआ शराब के खिलाफ कार्रवाई, 76 लीटर मदिरा जब्त

महासमुंद/ कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह के निर्देश पर जिले में अवैध शराब निर्माण एवं विक्रय पर आबकारी विभाग द्वारा सतत कार्रवाई जारी है। इसी क्रम में आबकारी विभाग द्वारा पिथौरा विकासखण्ड अंतर्गत खैरखूंटा क्षेत्र में छापेमारी कर 76 लीटर हाथ भट्टी महुआ मदिरा जब्त की गई, जिसकी अनुमानित कीमत 15,200 है।

आबकारी विभाग ने आरोपी रघुनाथ सेठ के विरुद्ध आबकारी अधिनियम की धारा 34(1), 34(2) एवं 59(क) के तहत प्रकरण क्रमांक 01 कायम किया है। कार्रवाई के दौरान मौके से एक वाहन भी जब्त किया गया, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 20,000 है। यह कार्रवाई थाना पिथौरा क्षेत्र अंतर्गत की गई। इस पूरे प्रकरण की विवेचना आबकारी उपनिरीक्षक नीरज कुमार साहू द्वारा की जा रही है।

बसना : होनहार विद्यार्थियों के भविष्य के लिए सभापति की बड़ी पहल: टॉप करते ही मिलेगा 3 माह का मानदेय

शिक्षा को नई दिशा देने की पहल : मेधावी विद्यार्थियों को 3 माह का मानदेय देंगे सभापति प्रकाश सिन्हा फुलझर अंचल में प्रतिभाओं को मिलेगा विशेष प्रोत्साहन

बसना। जनपद पंचायत बसना के सभापति एवं क्षेत्र क्रमांक 21 अंकोरी के जनपद सदस्य प्रकाश सिन्हा ने शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में एक सराहनीय एवं प्रेरक पहल की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि जनपद क्षेत्र सहित पूरे फुलझर अंचल के किसी भी विद्यालय के छात्र-छात्राएं यदि कक्षा 10वीं या 12वीं की बोर्ड परीक्षा में प्रावीण्य सूची (मेरिट लिस्ट) में स्थान प्राप्त करते हैं, तो उन्हें व्यक्तिगत रूप से 3 माह का मानदेय प्रदान किया जाएगा।

प्रकाश सिन्हा ने कहा, “ग्रामीण अंचल में प्रतिभाओं की कमी नहीं है, आवश्यकता है उन्हें सही प्रोत्साहन और उचित मंच देने की। शिक्षा ही समाज और क्षेत्र के विकास की सबसे मजबूत नींव है।” उन्होंने इसे केवल सम्मान की घोषणा नहीं, बल्कि शिक्षा के प्रति सकारात्मक और प्रतिस्पर्धात्मक वातावरण तैयार करने की पहल बताया। साथ ही अभिभावकों से अपील की कि वे बच्चों को भावनात्मक सहयोग, अनुशासन और अध्ययन के लिए अनुकूल वातावरण प्रदान करें, ताकि वे अपने लक्ष्य को प्राप्त कर सकें।

इस पहल से प्रेरित होकर अंकोरी विद्यालय के प्राचार्य यज्ञ राम सिदार ने भी घोषणा की कि विद्यालय के कक्षा 10वीं एवं 12वीं के छात्र-छात्राएं यदि मेरिट सूची में स्थान प्राप्त करते हैं, तो उन्हें प्राचार्य की ओर से ₹10,000 की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी।

उन्होंने कहा कि यह कदम विद्यार्थियों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना को बढ़ाएगा तथा विद्यालय के शैक्षणिक परिणामों को नई ऊँचाई प्रदान करेगा।

CG बसना: शादी बनी साजिश हरियाणा के नाम पर दिल्ली में बेसहारा छोड़ने का आरोप थाना में महिला ने की कार्यवाही की मांग

CG बसना: शादी बनी साजिश हरियाणा के नाम पर दिल्ली में बेसहारा छोड़ने का आरोप थाना में महिला ने की कार्यवाही की मांग

शादी के नाम पर छल: दहेज की मांग, मारपीट के बाद दिल्ली स्टेशन पर छोड़ने का आरोप
बसना (महासमुंद)। थाना बसना क्षेत्र के ग्राम गोरेटक की रहने वाली एक महिला ने अपने पति और ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। महिला का आरोप है कि विवाह के बाद उससे दो लाख रुपये की मांग की गई, मारपीट की गई और बाद में उसे दिल्ली रेलवे स्टेशन पर छोड़ दिया गया।

पीड़िता भागवती सागर (उम्र लगभग 30 वर्ष) ने थाना बसना में दिए आवेदन में बताया कि वह मजदूरी का कार्य करती है। जुलाई 2025 में मजदूरी के सिलसिले में ग्राम संकरी गई थी, जहां हरियाणा निवासी मुंशी प्रेम शर्मा के माध्यम से उसकी पहचान प्रदीप कुमार से हुई। बातचीत के बाद दोनों का मंदिर में विवाह हुआ, जिसमें कुछ परिचित लोग मौजूद थे।

महिला के अनुसार विवाह के बाद पति उसे अपने घर ले गया, जहां दो दिन तक सब कुछ सामान्य रहा। इसके बाद सास और जेठानी ने उससे मायके से दो लाख रुपये लाने की मांग की। पैसे नहीं होने की बात कहने पर पति, जेठानी और सास ने उसके साथ गाली-गलौज और मारपीट की। पीड़िता का आरोप है कि उस पर झूठे आरोप भी लगाए गए और जबरन एक खाली कागज पर हस्ताक्षर कराए गए।

आवेदन में यह भी कहा गया है कि मारपीट के बाद उसे दिल्ली रेलवे स्टेशन ले जाकर छोड़ दिया गया। वहां एक अज्ञात व्यक्ति की मदद से वह रायपुर पहुंची और फिर अपने घर लौटी, जिसके बाद उसने परिजनों को पूरी घटना बताई।
पीड़िता ने पुलिस से आरोपियों के खिलाफ उचित कार्रवाई कर न्याय दिलाने की मांग की है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।

महासमुंद: ओडिशा से आया ‘फर्जी क्राइम ब्रांच अफसर’ नकली पिस्टल से धमका रहा था सांकरा पुलिस ने की कार्यवाही

महासमुंद: ओडिशा से आया ‘फर्जी क्राइम ब्रांच अफसर’ नकली पिस्टल से धमका रहा था सांकरा पुलिस ने की कार्यवाही

 

ओडिसा से महासमुंद आकर क्राइम ब्रांच का झांसा देकर नकली पिस्टल से धमकाने वाला गिरफ्तार, शराब दुकान में मचाया था हड़कंप
थाना सांकरा क्षेत्र स्थित शासकीय शराब दुकान में खुद को क्राइम ब्रांच पुलिस अधिकारी बताकर नकली पिस्टल दिखाते हुए मैनेजर को धमकाने वाले आरोपी को पुलिस ने तत्परता से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार दिनांक 15 फरवरी 2026 की दोपहर एक व्यक्ति, जिसका नाम हिमांशु साहू बताया गया, शराब दुकान पर ग्राहक बनकर पहुंचा। उसने मैनेजर नेपाल से बियर खरीदी और उसे कागज में लपेटकर देने को कहा। मैनेजर द्वारा कागज उपलब्ध न होने की बात कहने पर आरोपी ने अपने पास रखी पिस्टल निकालकर दिखाते हुए खुद को क्राइम ब्रांच का पुलिस अधिकारी बताया और धमकी दी — “पेपर देते हो या मार दूं।”

घटना से भयभीत शॉप मैनेजर ने तुरंत थाना सांकरा पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस ने बताए गए हुलिए के आधार पर आरोपी की तलाश शुरू की और उसी दिन उसे पकड़ लिया। थाने लाकर पूछताछ एवं जांच के दौरान आरोपी के पास से धमकी देने में उपयोग की गई नकली पिस्टल बरामद की गई।

मैनेजर की रिपोर्ट पर थाना सांकरा में अपराध क्रमांक 31/26 धारा 25 (1)(ख) आर्म्स एक्ट एवं धारा 204 बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर विवेचना में लिया गया है। आरोपी को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
जप्त सामग्री —
एक नग लाइटर जैसा दिखने वाला नकली पिस्टल
एक वीवो मोबाइल फोन
एक बुलेट मोटरसाइकिल (क्र. OD 17 ASR 9480), कीमत लगभग ₹1,60,000
गिरफ्तार आरोपी —
हिमांशु साहू, पिता जीतेन्द्र साहू, निवासी कूड़ाखाई, थाना मेच्छामुंडा, जिला बरगढ़ (ओडिशा)
पुलिस ने बताया कि मामले की आगे जांच जारी है।

सरायपाली बसना: अरहर 8000, मूंग 8768 और उड़द 7800 रुपये प्रति क्विंटल किसानों का एकीकृत किसान पोर्टल में पंजीयन 01 दिसंबर 2025 से 28 फरवरी 2026 तक मान्य होगा।

सरायपाली बसना: अरहर 8000, मूंग 8768 और उड़द 7800 रुपये प्रति क्विंटल किसानों का एकीकृत किसान पोर्टल में पंजीयन 01 दिसंबर 2025 से 28 फरवरी 2026 तक मान्य होगा।

महासमुंद, 14 फरवरी 2026/ प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान (PM-AASHA) के अंतर्गत प्राइस सपोर्ट स्कीम (PSS) के तहत जिले में रबी दलहनी एवं तिलहनी फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर उपार्जन किया जाएगा। उपसंचालक कृषि श्री एफ आर कश्यप कृषि ने बताया कि उपार्जन हेतु किसानों का एकीकृत किसान पोर्टल में पंजीयन 01 दिसंबर 2025 से 28 फरवरी 2026 तक मान्य होगा।

इस योजना के अंतर्गत कुल 8 फसलों का जिसमें अरहर (8000), मूंग (8768), उड़द (7800), मूंगफली (7263), सोयाबीन (5328), चना (5875), मसूर (7000) और सरसों (6200) रुपये प्रति क्विंटल के न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदी की जाएगी।
उपार्जन की अवधि फसलवार निर्धारित की गई है। अरहर एवं सरसों का उपार्जन 15 फरवरी 2026 से 15 मई 2026 तक किया जाएगा। वहीं मूंग, उड़द, मूंगफली एवं सोयाबीन का उपार्जन 24 अप्रैल 2026 तक तथा चना और मसूर का उपार्जन 01 मार्च 2026 से 30 मई 2026 तक किया जाएगा।

जिले में उपार्जन केंद्र कृषि उपज मंडी महासमुंद, प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति सिर्री पठारी मुड़ा,कोमाखान (बागबाहरा) पिथौरा, बसना एवं कृषि उपज मंडी सरायपाली विकासखंडों में निर्धारित किए गए हैं। किसानों से अपील की गई है कि वे समय-सीमा के भीतर पंजीयन कराकर योजना का लाभ लें। पंजीयन हेतु किसान का मोबाइल नंबर, आधार कार्ड एवं ऋण पुस्तिका आवश्यक होगी। संपर्क हेतु किसान ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी/वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी अथवा अधिसूचित प्राथमिक सहकारी समिति के समिति प्रबंधक से जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

महासमुंद/मुख्यमंत्री बाल संदर्भ योजना के तहत नयापारा शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में शिविर आयोजित 

महासमुंद/मुख्यमंत्री बाल संदर्भ योजना के तहत नयापारा शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में शिविर आयोजित

महासमुंद/ नयापारा शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र महासमुंद में आज मुख्यमंत्री बाल संदर्भ योजना अंतर्गत विशेष स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का उद्देश्य 0 से 5 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों की नियमित स्वास्थ्य जांच कर कुपोषण की पहचान करना, समय पर उपचार उपलब्ध कराना रहा।

शिविर में शहरी परियोजना अंतर्गत आंगनबाड़ी केंद्रों में अध्ययनरत 0 से 5 वर्ष के कुल 80 बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें लाभान्वित किया गया। जांच के दौरान कुल 29 बच्चे कुपोषित एवं अति कुपोषित पाए गए, जिन्हें तत्काल आवश्यक दवाइयां एवं पोषण संबंधी उपचार उपलब्ध कराया गया।

डॉक्टरों ने दी पोषण और देखभाल संबंधी सलाह

शिविर में मौजूद डॉक्टरों की टीम द्वारा पालकों को बच्चों के संतुलित आहार, समय पर टीकाकरण, नियमित वजन एवं ऊंचाई माप, स्वच्छता, दस्त-उल्टी जैसी स्थिति में तुरंत उपचार, तथा आयरन-फोलिक एसिड, कैल्शियम एवं विटामिन की नियमितता को लेकर आवश्यक सलाह दी गई। साथ ही गंभीर कुपोषित बच्चों के नियमित फॉलोअप एवं आवश्यकता पड़ने पर पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती की जानकारी भी दी गई।

पालकों को किया गया जागरूक

शिविर के दौरान पालकों को समझाइश दी गई कि बच्चों के भोजन में दाल, हरी सब्जियां, दूध, अंडा, फल, मौसमी खाद्य पदार्थ शामिल करें। बच्चों को समय-समय पर कृमिनाशक दवा दिलाने, साफ पानी पिलाने और भोजन से पहले हाथ धोने जैसी आदतों को अपनाने पर विशेष जोर दिया गया।शिविर में डॉ. आकृति पटेल सहित विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम, सेक्टर सुपरवाइजर शीला प्रधान, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अंजू चंद्राकर सहित पालक एवं बच्चे उपस्थित रहे।

ज्ञात है कि मुख्यमंत्री बाल संदर्भ योजना के तहत कुपोषित एवं अति कुपोषित बच्चों की पहचान कर उनका समुचित उपचार सुनिश्चित किया जाता है। योजना के माध्यम से आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चों की स्वास्थ्य जांच, पोषण स्तर का मूल्यांकन, आवश्यक दवा वितरण, परामर्श तथा गंभीर मामलों को उच्च स्वास्थ्य केंद्र में रेफर कर इलाज की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है।

महासमुंद/जिला स्तरीय स्वास्थ्य विभाग की पांच टीम ने लिया मैराथन समीक्षा बैठक मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी की अगुवाई में सेक्टर बैठक मे शामिल

महासमुंद/जिला स्तरीय स्वास्थ्य विभाग की पांच टीम ने लिया मैराथन समीक्षा बैठक मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी की अगुवाई में सेक्टर बैठक मे शामिल

महासमुंद/ जिले में आज सेक्टर बैठक एवं फील्ड भ्रमण हेतु गठित जिला स्तरीय 05 टीमों द्वारा तुमगांव, बागबाहरा, पिथौरा, सरायपाली, बसना सेक्टर बैठक में पहुंचकर समस्त राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की मैराथन समीक्षा की गई।
टीमों द्वारा प्रमुख रूप से आरसीएच 2.0, शत-प्रतिशत गर्भवती पंजीयन, संस्थागत प्रसव, उच्च जोखिम गर्भवती (HRP) की पहचान एवं फॉलोअप, एएनसी/पीएनसी सेवाएं, टीकाकरण सत्र, मातृत्व एवं शिशु स्वास्थ्य कार्यक्रम, शिशु मृत्यु दर एवं मातृ मृत्यु दर में कमी, परिवार नियोजन, पोषण अभियान, एनीमिया मुक्त भारत, एनसीडी (बीपी-शुगर स्क्रीनिंग), आयुष्मान भारत-हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर , कायाकल्प फाइलेरिया दवा सेवन (एमडीए), टीबी/एनटीईपी, कुष्ठ/एनएलईपी, , आधार बेस्ड अटेंडेंस, रिपोर्टिंग एवं डेटा गुणवत्ता, स्वास्थ्यांक सहित अन्य सभी बिंदुओं पर विस्तृत समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आई. नागेश्वर राव ने निर्देशित किया कि सभी राष्ट्रीय कार्यक्रमों में लक्ष्य के अनुरूप प्रगति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने गर्भवती पंजीयन शत प्रतिशत , संस्थागत प्रसव में वृद्धि, टीकाकरण कवरेज, मातृ-शिशु मृत्यु दर में कमी, फाइलेरिया दवा सेवन अभियान में शत-प्रतिशत कवरेज, टीबी एवं कुष्ठ कार्यक्रम में सक्रिय खोज, बीपी-शुगर स्क्रीनिंग, पोषण एवं एनीमिया नियंत्रण, कायाकल्प के तहत स्वच्छता एवं गुणवत्ता सुधार, तथा आधार बेस्ड अटेंडेंस एवं रिपोर्टिंग व्यवस्था को नियमित व सही ढंग से अपडेट करने के निर्देश दिए। साथ ही स्वास्थ्य संकेतकों पर बेहतर प्रगति लाने हेतु सतत कार्य करने पर विशेष जोर दिया गया।
टीम-01 डॉ. आई. नागेश्वर राव (सीएमएचओ) एवं श्री संदीप चंद्राकर (आरएमएनसीएचए कंसल्टेंट) द्वारा सीएचसी पिथौरा, पीएचसी संकरा एवं पीएचसी पिरदा का भ्रमण किया गया।
टीम-02 श्रीमती नीलू घृतलहरे (डीपीएम) एवं श्री अनुपम शर्मा (आरएमएनसीएचए कंसल्टेंट) द्वारा सीएचसी बागबाहरा, पीएचसी कोमाखान एवं पीएचसी
हाथीबाहरा का भ्रमण किया गया। टीम-03 डॉ. वी. पी. सिंह (डीएचओ), श्री एकेश्वर शुक्ला (एनएलईपी कंसल्टेंट) एवं श्री राहुल ठाकुर (सीपीएम) द्वारा पीएचसी भिथिडीह एवं पीएचसी भुरकोनी का निरीक्षण किया गया।
टीम-04 डॉ. छत्रपाल चंद्राकर (नोडल ऑफिसर), श्री आजु राम वर्मा (एचआर/डीटीसी) एवं श्री विजय ठाकुर (डाटा मैनेजर) द्वारा पीएचसी झलप, पीएचसी पटेवा एवं पीएचसी सिरपुर का भ्रमण किया गया। टीम-05 डॉ. विकाश चंद्राकर (नोडल ऑफिसर) एवं श्री उत्तम श्रीवाश (डीटीसी-एनटीईपी) द्वारा सीएचसी सरायपाली, पीएचसी सिंघोड़ा एवं पीएचसी पाटसेन्द्री का निरीक्षण कर आवश्यक निर्देश दिए गए। यह जानकारी हरिशंकर साहू, प्रभारी जिला विस्तार एवं माध्यम अधिकारी, महासमुंद द्वारा दी गई।