महासमुंद/ रेलवे पटरी के पास भाई को छुड़ाने गए था आरोपियों ने घर आकर की मारपीट!
वार्ड नंबर 01 शंकर नगर तिवारी बिल्डिंग के पीछे महासमुंद का रहने वाला हूं कक्षा 08 वीं तक की पढाई किया हूं रोजी मजदूरी का काम करता हूं मैं पुराना हास्पीटल के पास भूषण होटल से काम करके रात्रि करीब 09.30 बजे अपने घर आ रहा था उसी समय देखा तो कुछ लोग मेरा भाई गुलजार खान को महासमुंद रेल्वे पटरी के पास मां बहन की गंदी गंदी गाली गलौज मारपीट कर रहे थे फिर मैं दौडते हुये गया पास जाकर देखा तो पंकज यादव जिसे मैं पहले से जानता पहचानता हूं, चीकु यादव व अन्य उसके दोस्ते मेरे भाई को गाली गलौज कर मारपीट कर रहे थे फिर मैं बोला कि क्या बात हो गया है मेरे भाई गुलजार को तुम लोग क्यों मारपीट कर रहे हो, तब मैं झगडा को शांत कराकर वापस अपने भाई गुलजार को लेकर घर आ रहा था उसी समय पंकज यादव, चीकु यादव व अन्य उसके दोस्त फिर से हमारे घर के पास आये और सभी एक राय होकर मुझे तथा मेरे भाई सद्दाम खान एवं गुलजार को पंकज यादव, चीकु यादव व अन्यस उसके दोस्तों ने मां बहन की गंदी गंदी गाली गलौज कर जान से मारने की धमकी देते हुये हाथ, मुक्का , लात एवं पास में पडे लकडी के डण्डाे से मारपीट किये हैं मारपीट करने से मेरे बायें हाथ, पीठ एवं पैर चोंट आया है एवं भाई सद्दाम खान, गुलजार को चोंट नही आया है। घटना को मेरी मां आमीन बेगम एवं मोनू चंद्राकर देखें सुने एवं बीच बचाव किये हैं, घटना की रिपोर्ट करता हूं कार्यवाही चाहता हूं रिपोर्ट पढकर देखा मेरे बताये अनुसार लिखा गया है।



