महासमुंद “तहसील कार्यालय में रात की रहस्यमयी हरकत! आधार केंद्र का सरकारी लैपटॉप तोड़कर गायब… CCTV में कौन आया नज़र?”
महासमुन्द। तहसील कार्यालय महासमुन्द में संचालित आधार पंजीयन केंद्र में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ शासकीय उपयोग वाला लैपटॉप रात्रि में गुप्त रूप से क्षतिग्रस्त कर दिया गया। घटना का खुलासा तब हुआ जब ऑपरेटर विकास कुमार साहू ने 10 नवंबर की सुबह अपना लैपटॉप चालू करने की कोशिश की, परंतु वह स्टार्ट नहीं हुआ। तकनीकी जांच में पाया गया कि लैपटॉप को जोर से पटककर उसका मदरबोर्ड पूरी तरह तोड़ दिया गया था, जिसके बाद यह संदेह गहराया कि घटना किसी अंदरूनी व्यक्ति की करतूत हो सकती है।
शिकायत के अनुसार, 08 नवंबर की शाम कार्य समाप्त कर विकास साहू ने आधार किट को लकड़ी के बॉक्स में रखकर ताला बंद किया था तथा चाबी टेबल के दराज में सुरक्षित रखी थी। अगले दिन रविवार होने से कार्यालय बंद रहा। 10 नवंबर को पहुँचने पर लैपटॉप क्षतिग्रस्त मिला, लेकिन बॉक्स या ताले पर किसी प्रकार का तोड़फोड़ का निशान नहीं था।
इसी बीच CCTV फुटेज में शाम 7.45 से 8.10 बजे के मध्य सहकर्मी राकेश कुमार साहू, निवासी गुड़रू पारा, को कार्यालय खिड़की के पास संदिग्ध अवस्था में आते-जाते देखा गया। चूँकि ताला टूटा नहीं था और कार्यालय में प्रवेश की सीधी संभावना सीमित थी, इससे संदेह और गहरा गया।
विकास साहू ने यह आरोप लगाया कि व्यक्तिगत रंजिश के कारण उनके शासकीय लैपटॉप—जो आधार पंजीयन स्टेशन आईडी 59047 से जुड़ा है—को जानबूझकर क्षतिग्रस्त किया गया है, जिससे न केवल सरकारी धरोहर को नुकसान पहुंचा बल्कि उनके रोजगार पर भी गहरा आघात हुआ है।
शिकायत की जांच में पुलिस ने पाया कि आरोपी द्वारा 08 नवंबर 19.45 से 20.10 बजे के बीच कार्यालय में घुसकर लैपटॉप से छेड़छाड़ कर उसे क्षति पहुंचाई गई। इस आधार पर आरोपी राकेश कुमार साहू के विरुद्ध धारा 331(4), 324(4) BNS के तहत अपराध दर्ज किया गया है।
मामले की प्रति कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, अनुविभागीय अधिकारी, तहसीलदार व जिला ई-गवर्नेन्स सोसायटी को भी भेजी गई है।घटना के बाद पूरे तहसील कार्यालय में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं, वहीं मामला अब पुलिस जांच के अधीन है।



