सरायपाली ब्रांच में 22.66 लाख का बड़ा गबन, भारत फायनेशियल इंक्लुजन लिमिटेड के 4 कर्मचारियों पर FIR
सरायपाली |
भारत फायनेशियल इंक्लुजन लिमिटेड की सरायपाली शाखा में 22 लाख 66 हजार 645 रुपये के गबन का गंभीर मामला सामने आया है। शाखा में पदस्थ चार कर्मचारियों द्वारा हितग्राहियों से वसूली गई राशि को कंपनी में जमा न कर आपसी मिलीभगत से गबन किए जाने का आरोप है। इस संबंध में कंपनी के क्षेत्रीय प्रबंधक द्वारा थाना सरायपाली, जिला महासमुंद में लिखित आवेदन प्रस्तुत कर प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) दर्ज करने की मांग की गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, आवेदनकर्ता हेमेन्द्र राजाराम जनबन्धु (52 वर्ष) निवासी गोंदिया (महाराष्ट्र) वर्तमान में भारत फायनेशियल इंक्लुजन लिमिटेड की सरायपाली शाखा में क्षेत्रीय प्रबंधक के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने अपने आवेदन में उल्लेख किया है कि भारत फायनेशियल इंक्लुजन लिमिटेड, कंपनी अधिनियम 2013 के अंतर्गत पंजीकृत संस्था है, जिसका पंजीकृत कार्यालय मुंबई में स्थित है।
यह कंपनी इंडसइंड बैंक की पूर्ण स्वामित्व वाली इकाई है तथा भारतीय रिजर्व बैंक की अनुमति से देशभर में बैंकिंग एवं वित्तीय सेवाएं प्रदान करती है।
चार कर्मचारियों पर गबन का आरोप
आवेदन में बताया गया है कि कंपनी की सरायपाली शाखा में कार्यरत निम्न कर्मचारियों द्वारा हितग्राहियों से ऋण की किश्तों के रूप में वसूली गई राशि बैंक में जमा नहीं की गई—
शुभम पाणीग्राही (ब्रांच मैनेजर)
दिनांक 13.12.2024 से 23.12.2024 के बीच 16 हितग्राहियों से वसूले गए ₹5,35,869 का गबन।
दीपक कुमार चौहान (फील्ड मैनेजर)
दिनांक 13.06.2023 से 08.11.2023 के बीच 16 हितग्राहियों से वसूले गए ₹1,58,961 का गबन।
रोहन प्रधान (फील्ड मैनेजर)
दिनांक 27.02.2022 से 24.11.2023 के बीच 55 हितग्राहियों से वसूले गए ₹5,54,583 का गबन।
प्रमोद महंत (ब्रांच क्रेडिट मैनेजर)
दिनांक 04.01.2024 से 13.08.2024 के बीच 16 हितग्राहियों से वसूले गए ₹10,17,232 का गबन।
चारों कर्मचारियों द्वारा कुल मिलाकर ₹22,66,645 की राशि कंपनी में जमा न कर गबन किया गया है।
जमा करने के निर्देश के बावजूद नहीं की राशि जमा
आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि कंपनी द्वारा संबंधित कर्मचारियों को कई बार हितग्राहियों से वसूली गई राशि को बैंक में जमा करने के निर्देश दिए गए, लेकिन आज दिनांक तक किसी भी कर्मचारी ने राशि जमा नहीं की। इस प्रकरण से कंपनी की साख को गंभीर क्षति पहुंची है।
कानूनी कार्रवाई की मांग
मामले में कंपनी की ओर से जांच रिपोर्ट, कंपनी के वैधानिक दस्तावेज एवं कर्मचारियों के नियुक्ति पत्र संलग्न कर थाना सरायपाली में प्रस्तुत किए गए हैं। प्रार्थी ने आरोपियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 3(5) एवं 316(5) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर कठोर कार्रवाई किए जाने की मांग की है।
पुलिस द्वारा आवेदन के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच के बाद FIR दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई किए जाने की संभावना है।



