बसना संघर्ष, संस्कार और परिश्रम से बनती है पहचान –अंकोरी में विदाई समारोह एवं वार्षिक उत्सव में शामिल हुए जनपद सभापति प्रकाश सिन्हा
बसना। शासकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय अंकोरी में विदाई समारोह एवं वार्षिक उत्सव का आयोजन हर्षोल्लास एवं गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में जनपद पंचायत बसना के सभापति एवं क्षेत्र क्रमांक 21 अंकोरी के जनपद सदस्य प्रकाश सिन्हा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय के प्राचार्य यज्ञ राम सिदार ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में शाला प्रबंधन समिति अध्यक्ष विनोद विशाल एवं भाजपा मंडल कोषाध्यक्ष हीरा लाल साव की उपस्थिति रही। कार्यक्रम का शुभारंभ भारत माता एवं सरस्वती माता के तैलचित्र पर पूजा-अर्चना व दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इसके पश्चात विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने सभी का मन मोह लिया।
मुख्य अतिथि प्रकाश सिन्हा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि सफलता केवल अंकों से नहीं, बल्कि संघर्ष, अनुशासन, संस्कार और निरंतर परिश्रम से प्राप्त होती है। उन्होंने नशामुक्त जीवन, लक्ष्य के प्रति समर्पण तथा माता-पिता व गुरुजनों के सम्मान पर विशेष जोर देते हुए विद्यार्थियों से क्षेत्र व विद्यालय का नाम रोशन करने का आह्वान किया। वार्षिक गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को शील्ड, मेडल एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। विद्यालय परिवार द्वारा अतिथियों का आत्मीय स्वागत किया गया।
कार्यक्रम में संकुल समन्वयक आरिफ बेग, शिक्षकगण संतलाल डडसेना, लालता प्रसाद डडसेना, हीराधर राणा, मधुमंगल बारीक, उमाशंकर भोई, जगतारण जांगड़े, विजय कुमार कोशिक, जयंत कुमार वर्मा, नीलिमा साहू, चंद्रहास बांक, रविन्द्र मांझी, मगन नायक, अम्बिका सिंह, आकाश डडसेना, आशीष त्रिपाठी, दयालु नंद, जनपद सदस्य प्रतिनिधि परमीत सिंह सहित अभिभावकगण एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में अध्यक्षीय उद्बोधन में प्राचार्य यज्ञ राम सिदार ने सभी अतिथियों एवं उपस्थितजनों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए विद्यालय के विकास हेतु निरंतर सहयोग की अपेक्षा की।
विद्यालय की समस्याओं से कराया अवगत
कार्यक्रम के दौरान प्राचार्य ने विद्यालय की आवश्यकताओं की जानकारी देते हुए नवीन भवन में शौचालय निर्माण, सेट निर्माण एवं साइकिल स्टैंड की मांग रखी। उन्होंने बताया कि इन मूलभूत सुविधाओं के अभाव में विद्यार्थियों को असुविधा होती है तथा विद्यालय के समग्र विकास हेतु शीघ्र स्वीकृति एवं सहयोग अपेक्षित



