यूरिया घोटाले की गूंज महासमुंद तक! एक साथ 10 कृषि केंद्रों पर बड़ी कार्रवाई, 21 दिन के लिए लाइसेंस निलंबित
महासमुंद जिले में यूरिया उर्वरक के अनियमित वितरण को लेकर कृषि विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 10 कृषि सेवा केंद्रों के लाइसेंस 21 दिनों के लिए निलंबित कर दिए हैं। यह कार्रवाई भारत सरकार के उर्वरक मंत्रालय के निर्देश पर 16 मार्च से 29 मार्च 2026 के बीच पॉस मशीन से हुए वितरण की जांच के बाद की गई।
उप संचालक कृषि श्री एफ.आर. कश्यप ने बताया कि इन केंद्रों द्वारा पॉस मशीन के माध्यम से यूरिया वितरण में अनियमितता पाई गई, जिसके चलते सख्त कदम उठाया गया है।
जिन गांवों के कृषि केंद्रों पर गिरी गाज: झलप के अग्रवाल राइस इंडस्ट्रीज, सिरपुर के हलधर कृषि सेवा केंद्र, कोसरंगी के महालक्ष्मी कृषि सेवा केंद्र, पासिद के शिव कृषि केंद्र, तुमगांव के मोनू कृषि सेवा केंद्र, अछरीडीह के सुखराम कृषि सेवा केंद्र, सरायपाली के प्रधान कृषि सेवा केंद्र, सांकरा के राजा बीज भंडार तथा भगत देवरी के राज कृषि सेवा केंद्र और विवेक खाद भंडार शामिल हैं।
कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे सहकारी समितियों से परमिट जारी कराकर ही उर्वरक प्राप्त करें और पॉस मशीन के माध्यम से ही वितरण सुनिश्चित करें। इससे गोदामों का स्टॉक खाली होगा और जिले को पुनः उर्वरकों की आपूर्ति मिल सकेगी।
इस कार्रवाई से जिले में हड़कंप मच गया है और अन्य कृषि केंद्रों के लिए भी यह कड़ा संदेश माना जा रहा है।



